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बड़ी खबर : दिल्ली में राजघाट पर पूर्व पीएम राजीव गांधी को सोनिया, राहुल और प्रियंका गांधी ने दी श्रद्धांजलि

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पूर्व पीएम राजीव गांधी की पुण्यतिथि पर राजघाट पहुंचकर इन नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

फोटो: प्रमोद पुष्करणा

दिल्ली: राजघाट पर पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को सोनिया, राहुल और प्रियंका गांधी ने दी श्रद्धांजलि

देश के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की आज 28वीं पुण्यतिथि है। दिल्‍ली के राजघाट स्थित पूर्व पीएम राजीव गांधी के समाधि-स्‍थल ‘वीर भूमि’ पर श्रद्धांजलि देने के लिए कांग्रेस के बड़े नेता पहुंच रहे हैं। राजघाट पहुंचकर पूर्व पीएम राजीव गांधी की समाधि पर यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने श्रद्धासुमन अर्पित किए। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भी श्रद्धांजलि दी।

अमूल का दूध हुआ इतने रुपये तक महंगा! नई कीमतें 21 मई से लागू

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देश की बड़ी और जानी-मानी कंपनी अमूल (Amul) ने दूध की कीमतें बढ़ाने का फैसला किया है.कंपनी की ओर से जारी बयान में कहा गया है 21 मई से दूध की कीमतें 2 रुपये तक बढ़ा दी है. आपको बता दें कि हाल में कंपनी किसानों के लिए भी बड़ा फैसला करते हुए दूध का खरीद मूल्य बढ़ा दिया है. इस फैसले के बाद अब भैंस के दूध के एक किलो बसा (फैट) के खरीद दाम 10 रुपए बढ़ गए है. जबकि गाय के दूध में एक किलो बसा का मूल्य 4.5 रुपए बढ़ा दिया है. इससे अमूल डेयरी से जुड़े 1,200 दूध एसोसिएशनों के सात लाख पशुपालकों को इसका लाभ मिलेगा. किसानों को बढ़े हुए दाम 11 मई से मिलेंगे.

तो क्या संकट में है कमलनाथ सरकार? ये है एमपी विधानसभा का गणित

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लोकसभा चुनाव 2019 के एग्जिट पोल के नतीजों ने नरेंद्र मोदी के एक बार फिर प्रधानमंत्री बनने की भविष्यवाणी की है. इस बीच बीजेपी ने मध्य प्रदेश में कमलनाथ सरकार के अल्पमत में होने के आरोप लगाए हैं. नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने राज्यपाल को चिट्ठी लिखकर सत्र बुलाने की मांग की है. इसके बाद मध्य प्रदेश की राजनीति में हड़कंप मच गया है.

दरअसल, लोकसभा चुनावों से पहले भी बीजेपी नेताओं द्वारा लगातार यह बयान दिया जा रहा था कि अगर बीजेपी की सरकार दोबारा बनती है तो मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार संकट में आ जाएगी. इसी बीच समझते हैं कि मध्य प्रदेश विधानसभा का गणित दरअसल क्या है और इस विधानसभा चुनाव में कांग्रेस बीजेपी को कितनी सीटें मिली थीं.

कुल 230 विधानसभा सीटों वाले मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2018 में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी, उसे 114 सीटें मिली थीं, हालांकि बहुमत के आंकड़े से वो दो सीटें दूर रह गई थी. बहुमत के लिए 116 सीटें चाहिए थीं, वहीं बीजेपी को 109 सीटें मिली थीं. इसके अलावा निर्दलीय को चार, बसपा को दो सीटें और सपा को एक सीट मिली थी.

चुनाव परिणाम के दिन ही सपा और बसपा ने कांग्रेस को समर्थन देने का ऐलान कर दिया था और निर्दलीय विधायक भी कांग्रेस के पक्ष में थे, इस प्रकार कांग्रेस ने अपने बहुमत का आंकड़ा साबित कर दिया था और कमलनाथ मध्य प्रदेश के नए मुख्यमंत्री बने थे.

हालांकि सरकार बनने के बाद ही सपा और बसपा के विधायक कांग्रेस से नाराज नजर आ रहे थे, लेकिन उन्हें बार-बार कमलनाथ द्वारा शांत करवाया जा रहा था. इसी दौरान बीजेपी के बड़े नेता भी आए दिन कमलनाथ सरकार को गिराने का दावा करते नजर आ रहे थे. कैलाश विजयवर्गीय ने लोकसभा चुनाव से पहले तो यहां तक कह दिया था कि जिस दिन ऊपर से आदेश होगा उसी दिन सरकार गिरा देंगे.

और अब नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव की चिट्ठी से राजनीति फिर गर्म है. गोपाल भार्गव ने कहा कि जिस तरह से केंद्र और राज्य में बीजेपी को अपार जनसमर्थन मिल रहा है. कई कांग्रेस के विधायक कमलनाथ सरकार से परेशान हो चुके हैं और बीजेपी के साथ आना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि बीजेपी खरीद-फरोख्त नहीं करेगी, लेकिन कांग्रेस के ही विधायक अब उनकी सरकार के साथ नहीं हैं.

स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव का दावा : छत्तीसगढ़ में 6 से 7 सीटें जीत सकती है कांग्रेस

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एग्जिट पोल के नतीजे भाजपा के पक्ष में आ जाने के बाद प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव का एक बड़ा बयान सामने आया है। टीएस सिंहदेव ने कोरबा, रायगढ़ सहित पहले चरण के 4 सीटों पर जीत का दावा किया है वहीं अपने गृहक्षेत्र सरगुजा लोकसभा सीट को उन्होंने डाउटफुल पर रखा है। हालांकि एग्जिट पोल के आंकड़े कुछ और बयां कर रहे हैं पर टीएस सिंहदेव का मानना है कि 6 से 7 सीटें कांग्रेस के पाले में आने वाले हैं।

सरगुजा लोकसभा सीट के संबंध में कहा जा रहा है कि टीएस सिंहदेव को मुख्यमंत्री न बनाना और ग्रामीण क्षेत्रों में चना, नमक, राशन दुकानों में न मिल पाने का भाजपा का प्रचार कहीं न कहीं कांग्रेस को एक बड़े नुकसान की ओर धकेल सकता है। यही वजह कांग्रेस की हार बन सकती है। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह सहित रामविचार नेताम व अन्य नेताओं ने भी इन मुद्दों को जमकर लोकसभा चुनाव में उठाया था।

रायपुर एम्स मामला : एक्सपायरी इंजेक्शन लगाने वाले दो नर्सो को नोटिस

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रायपुर। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में इलाज करा रहे एक मरीज को नर्सो ने एक्सपायरी इंजेक्शन लगा दी है। इसे लेकर एम्स के डायरेक्टर नितिन एम नागरकर ने दोनों नर्सो को नोटिस दी है। बता दें कि एम्स प्रशासन ने एक्सपायरी दवा देने के मामले की जांच कर रिपोर्ट डायरेक्टर को सौंप दिया है। रिपोर्ट के बाद एम्स प्रशासन ने एक्सपायरी दवा लगाने वाले दो नर्सों को नोटिस देकर जवाब मांगा है। उनके जवाब आने के बाद कार्रवाई तय की जाएगी। वहीं अमृत केंद्र सरकार से संचालित है। इसलिए इस पर कार्रवाई के लिए केंद्र को पत्र लिखा गया है। एम्स में लापरवाही का यह पहला मामला नहीं है। पिछले साल मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद पांच मरीजों की आखों में संक्रमण की जांच के लिए बनी कमेटी ने नेत्र सर्जन डॉ. लिपि चक्रवर्ती को जिम्मेदार ठहराया था।

डायरेक्टर डॉ. नितिन एम. नागरकर ने कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से नेत्र सर्जन पर कार्रवाई की अनुशंसा भी कर दी थी। हालांकि केंद्रीय मंत्रालय की कार्रवाई संबंधी आदेश आने के पहले डॉ. लिपि ने एम्स की नौकरी छोड़ दी थी। डॉ. नागरकर का कहना था कि ऑपरेशन के दौरान सर्जन ने तय प्रोटोकाल का पालन नहीं किया, इसलिए लोगों की आंखों में संक्रमण फैला। ओटी में कोई बैक्टीरिया नहीं मिला। हालांकि दवा में कुछ बैक्टीरिया मिला था। डॉ. लिपि के ऑपरेशन करने पर भी रोक लगा दी गई थी। डॉ. लिपि ने आरोप लगाया था कि ऑपरेशन थियेटर में कई खामियां हैं। इससे ऑपरेशन के दौरान संक्रमण की आशंका बनी रहती है। उन्होंने एचओडी से लेकर यूनिट हेड को इस बारे में जानकारी दे दी थी। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर ओटी सही है तो अभी तक सील क्यों किया गया है? उन्होंने कहा जूनियर होने के कारण उन पर कार्रवाई की गई।

तो साजिश थी सीजी, एमपी और राजस्थान में कांग्रेस की जीत…

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लोकसभा चुनाव के नतीजों से पहले एग्जिट पोल के जो नतीजे सामने आए हैं उसको लेकर समूचे विपक्ष में खलबली मच गई है। कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने इस पर बड़ा बयान दिया है कि अगर एग्जिट पोल के नतीजे सही साबित होते हैं तो इसका मतलब साफ है कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों में धांधली हुई है। उन्होंने कहा कि सभी एग्जिट पोल एकतरफा नतीजे दिखा रहे हैं, इसलिए हम उसपर भरोसा नहीं कर रहे हैं। एक इंटरव्यू में राशिद अल्वी ने कहा कि अगर एग्जिट पोल जैसे रिजल्ट आते हैं तो हमारा मानना है कि पिछले दिनों तीन राज्यों छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और राजस्थान के चुनाव में कांग्रेस जीती है वह एक साजिश थी।

उन्होंने कहा कि तीन राज्यों में कांग्रेस की जीत के साथ ये भरोसा दिलाया गया कि ईवीएम सही है। इससे उन्होंने यह भी साबित करने की कोशिश की कि चुनाव आयोग पर सरकार का कोई दखल नहीं है। इसी के साथ राशिद अल्वी ने एग्जिट पोल करने वाली कंपनियों पर भी सवाल खड़ा किया है। कांग्रेस नेता ने कहा कि पिछले दिनों इनमें से कई कंपनियों पर स्टिंग ऑपरेशन हुए थे जिससे यह साबित हुआ कि यह न्यूट्रल नहीं हैं। बता दें कि अभी तक जितने भी एग्जिट पोल सामने आए हैं, उनमें एक तरफा एनडीए को बहुमत मिलता दिख रहा है। कुछ एग्जिट पोल में तो भाजपा का गठबंधन 300 के आंकड़े को भी छू सकता है।

छत्तीसगढ़ : ‘बायोफ्यूल उत्पादन‘ विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का हुआ शुभांरभ

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छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण, ऊर्जा विभाग द्वारा ‘कृषि उत्पादन से बायोफ्यूल उत्पादन‘ विषय पर आज न्यू-सर्किट हाउस में एक दिवसीय कार्यशाला का शुभांरभ किया गया। इस अवसर पर कृषि उत्पादन आयुक्त एवं अपर मुख्य सचिव श्री के.डी.पी. राव ने कहा कि बायोफ्यूल उत्पादन को एक आंदोलन के रूप में शुरू करने की आवश्यकता है। वर्तमान में प्रदेश सरकार द्वारा नरवा, गरूवा, घुरूवा और बाड़ी अवधारणा पर कार्य किया जा रहा है, जिसके निश्चित ही सुखद परिणाम प्राप्त होंगे। उन्होंने बायोफ्यूल उत्पादन के लिए बायोमॉस की उपलब्धता और रॉ-मटेरियल को किस रूप में उपयोग किया जाए, पर मंथन करने की जरूरत हैं। इस समय ऊर्जा के वैकल्पिक साधन सौर ऊर्जा का सफलतम उपयोग हो रहा है। उन्होंने कहा कि बायोफ्यूल के महत्व के संबंध में जनता को जागरूक करने की आवश्यकता है। 

    इस कार्यशाला के प्रथम सत्र को सम्बोधित करते हुए भारत सरकार की अतिरिक्त सचिव श्रीमती अलका भार्गव ने कहा कि बायोफ्यूल के विकास के लिए देश-प्रदेश में कृषि वानिकी मॉडल पर कार्य करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हमें सर्कुलर इकोनॉमी की ओर ध्यान देना चाहिए जिसमें किसान अपने उत्पाद सीधा विक्रय कर सकें। इसके लिए छोटे-छोटे समूह में किसान उत्पादक संस्था (FPO) बनाया जाना चाहिए। जिसमें किसान ऑयल कम्पनियां और सरकार साथ मिलकर कार्य कर सकें। 
    
    वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन ने कहा कि जैव ईंधन के उत्पादन में वित्त की भूमिका पर्यावर्णीय प्रभाव और रॉ-मटेरियल की सतत् उपलब्धता पर विचार किया जाना चाहिए। ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव श्री गौरव द्विवेदी ने कहा कि इस आयोजन का उद्ेश्य राज्य में खाद्यान्न की पैदावार आपूर्ति से अधिक होने की दशा में बायो रिफायनरी की स्थापना कर इस अतिरिक्त खाद्यान्न की मात्रा को बायोईथानॉल में परिवर्तित करने की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया जाना है। इस कार्यशाला में विभिन्न विशेषज्ञों से संबंधित उप समूह ऊर्जा, तकनीकी, बायोफ्यूल में निवेश की संभावना तथा अन्य विषयों पर मंथन किया जाएगा।

    इस सत्र में इंडियन ऑयल के मुख्य महाप्रबंधक श्री शांतनू गुप्ता, भारत पेट्रोलियम लिमिटेड के कार्यपालक निदेशक श्री एम.एस. पाटके ने बायोफ्यूल की संभावनाओं से संबंधित अपना प्रस्तुतिकरण दिया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री प्रदीप शर्मा, ऊर्जा विभाग के विशेष सचिव श्री मोहम्मद कैसर अब्दुल हक, खाद्य विभाग के सचिव श्री कमलप्रीत सिंह तथा अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे। 

सतही जल स्त्रोतों, जमीन की नमी बढ़ाने और भू-जल स्तर ऊंचा उठाने की जरूरत- श्री भूपेश बघेल : मुख्यमंत्री द्वारा ‘नरवा, गरुवा, घुरवा अउ बारी‘ की समीक्षा

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मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज यहां मुख्यमंत्री निवास स्थित अपने कार्यालय में राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ राज्य की महत्वाकांक्षी योजना ‘नरवा, गरुवा, घुरवा अउ बारी‘ के प्रस्तावित कार्याें पर विचार मंथन किया और इस योजना के तहत अभी तक किए गए कार्याे की समीक्षा की।

बैठक में प्रदेश के मुख्य सचिव श्री सुनील कुजूर, अपर मुख्य सचिव गण सर्व श्री आर पी मंडल, के डी पी राव, सी के खेतान, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री गौरव द्विवेदी, मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री प्रदीप शर्मा सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री बघेल ने अधिकारियों से कहा कि ‘नरवा, गरुवा, घुरवा अउ बारी‘ एक दीर्घकालिक और खेती किसानी तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने की योजना है। इस कारण जरूरी है कि इस कार्य में जहां इसरो के माध्यम से किए जाए वैज्ञानिक मेपिंग आदि का उपयोग किया जाए, वहीं इसकी सभी कार्याे को गुणवत्तापूर्ण और योजनाबद्व तरीके से जन सहभागिता से लागू किया जाए। उन्होेंने कहा कि यही कारण है कि योजना के तहत कार्य करने की समय सीमा में उदारता बरती गई है।

मुख्यमंत्री ने बिलासपुर जिले की अरपा नदी के कैचमेंट एरिया के नालों को पुनर्जीवित करने के लिए इनका ट्रीटमेंट प्रारंभ करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि नदी-नालों को रिजार्च करने के कार्य में अलग-अलग स्थानों की भू-संरचना का विशेष रूप से ध्यान रखा जाए। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि बेमेतरा जिले की बेरला तहसील में जहां शिवनाथ नदी में पानी रहता है वहीं इसके तालाबों आदि का पानी सूख जाता है। उन्होंने पूछा कि बरसात या अन्य समय में सौर ऊर्जा या अन्य साधनों से समीपवर्ती नालों एवं तालाबों को पानी से भरा जा सकता है। मुख्यमंत्री ने भू-जल स्तर में खारे पानी की बढ़ने की शिकायतों पर चिंता व्यक्त की और कहा कि जहां एक ओर जरूरत है कि वर्षा के माध्यम से मिलने वाले पानी को सतह पर ही तालाब नालें आदि के माध्यम से रोके वहीं जमीन की नमी को बढ़ाये और भू-जल स्तर को ऊंचा उठाए। उन्होंने राज्य के आर्सेनिक, फ्लोराइड और आयरन प्रभावित क्षेत्रों में विशेष रूप से सतही जल स्त्रोतो एवं तालाबों को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने महानदी के रेतीले क्षेत्रों में डाईक वाल बनाने के निर्देश भी दिए।  

बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री आर.पी.मण्डल ने बताया कि प्रदेश के 27 जिलों में 1866 गौठान स्वीकृत किए गए हैं। प्रत्येक गौठान के लिए 5-6 एकड़ के मान से कुल 9 हजार 999 एकड़ जमीन आवंटित की गई है। हर विकासखण्ड में दो-दो मॉडल गौठान स्वीकृत किए गए है। गौठानों के विकास के लिए महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के अंतर्गत लगभग 305 करोड़ रूपए की राशि स्वीकृत की गई है। इसी तरह 27 जिलों में 847 चारागाहों के विकास के लिए लगभग 59 करोड़ रूपए की राशि स्वीकृत की गई है। चारागाहों के लिए 13 हजार 382 एकड़ जमीन आवंटित की गई है।

उन्होंने बताया कि जिन गौठानों में ट्यूब वेल के माध्यम से सौर ऊर्जा के द्वारा पानी की व्यवस्था हो रही और कोटना बन गए है, वहां किसानों और पशुपालकों में उत्साह देखा जा रहा है। ऐसे अनेक गौठानों में 40 से 50 प्रतिशत पशु आने प्रारम्भ हो गए है। जन सहभागिता से चारे की व्यवस्था भी की जा रही है। गौठानों और चारागाहों में फलदार पौधे लगाने के लिए गड्ढ़े तैयार किए गए हैं। गौठानों में वर्मी कम्पोस्ट तैयार करने के लिए वर्मी बेड तैयार किए गए हैं।

अपर मुख्य सचिव श्री के.डी.पी. राव ने ‘नरवा, गरुवा, घुरवा अउ बारी‘ योजना के तहत कार्यकारी स्ट्रक्चर की जानकारी दी और बताया कि राज्य और जिला स्तर पर चार -चार समितियों का गठन किया गया है। पारम्परिक घुरूवा का उन्नयन स्मार्ट घुरूवा के रूप में करने तथा नाडेप एवं वर्मी कम्पोस्ट के माध्यम से जैविक खाद बनाने और बॉयो गैस का निर्माण करने का कार्य किया जा रहा है। बलरामपुर जिले के रामानुजगंज विकासखण्ड में स्व-सहायता समूह की 96 हजार महिला कृषक  एक-एक घुरूवे के उन्नयन करने में भागीदारी निभा रही है। इसी तरह जशपुर जिले में स्व-सहायता समूह, कोण्डागांव एवं मुंगेली जिले में गौठान निर्माण, कांकेर जिले में बाडी निर्माण के क्षेत्र में किए जा रहे अच्छे कार्य सामने आ रहे है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में नरवा योजना के अंतर्गत 1385 कार्य स्वीकृत किए गए है जिसमें 313 कार्य प्रारंभ हो चुके हैं। राज्य में 1 लाख 7 हजार घुरूवे का निर्माण किया गया है और 69 हजार 274 बाडी का लक्ष्य हैं जिसमें से 7262 बाडी में पौध रोपण का कार्य प्रगति पर है। घर के आगे, पीछे तथा समीप के स्थलों में बाडी को बढ़ावा देकर साग- सब्जी, फल उत्पादन को बढ़ाने का प्रयास है, जिससे किसानों को अतिरिक्त आमदनी तथा नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण पोषण आहार मिले।

अपर मुख्य सचिव श्री सी.के खेतान ने बताया कि नरवा के अंतर्गत छोटे नालों का पानी प्राकृतिक स्थल के अनुरूप जगह-जगह रोक कर वाटर रिचार्जिंग को बढ़ावा देना है। इसके अंतर्गत अनेक नालों का डीपीआर तैयार किया गया है। हर विकासखण्ड मे नालों का चिन्हांकन किया गया है।

     बैठक में गौठान में छायादार एवं फलदार पौधों जैसे आम, कटहल, जाम, पीपल, बरगद, गुलमोहर, सूबबूल आदि के रोपण पर बल दिया गया।

दक्षिण में भी छत्तीसगढ़ का कोसा बना आकर्षण का केंद्र, तिरुपति बालाजी मंदिर में लगी एग्जिबिशन

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दक्षिण भारत के लोगों ने भी छत्तीसगढ़ के कोसा सिल्क को हाथों-हाथ लिया है। आंध्रप्रदेश के तिरुमला स्थित तिरुपति बालाजी मंदिर और दिल्ली तथा देश के अन्य शहरों में स्थित उसके केंद्रों में 11 दिन का ब्रह्मोत्सव बुधवार से शुरू हुआ। दिल्ली के तिरुपति बालाजी मंदिर में छत्तीसगढ़ के हस्तशिल्प और हाथकरघा उत्पादों की प्रर्दशनी भी लगाई गई है, जो श्रद्धालुओं के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र है। 1.2 एकड़ में फैला भगवान तिरुपति बालाजी का दिल्ली मंदिर, बिरला मंदिर के पास नई दिल्ली के केंद्र में स्थित है।

अनंदिता ने बताया कि छत्तीसगढ़ के कोसा सिल्क की साड़ी वह अपनी बेटी को उसकी शादी में उसे गिफ्ट करेंगी। उन्होंने बताया कि जून में बेटी की शादी है, छत्तीसगढ़ का सिल्क और उसकी डिजाइन अपने में कुछ खास है। आरती ने कहा कि छत्तीसगढ़ के कोसा सिल्क का कपड़ा नेचुरल डाई से बना है, इस प्रकार का सिल्क देश के दूसरे राज्यों में नहीं बनता है।

प्राकृतिक रंग से तैयार होता है कपड़ा

छत्तीसगढ़ के हाथकरघा और हस्तशिल्प प्रदर्शनी में सिल्क के कपड़े प्राकतिक रंग से तैयार किए गये है। जैसे पीला रंग गेंदे के फूल से बनाया गया है। काला रंग मशरूम और प्याज के रंग से तैयार किया गया है। इस प्रकार कोसे के कपड़े जो थान में यहां उपलब्ध हैं, उन पर वेजीटेबल कलर किया गया है। तिरुपति मंदिर में आए होटल व्यवसायी अशोक ने कहा कि, छत्तीसगढ़ के ढोकरा आर्ट को वे अपने होटल को सजाने के लिए लेंगे।

राहुल गांधी का उपहास देश को रास नहीं आया : विष्णुदेव साय

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केन्द्रीय मंत्री विष्णुदेव साय ने आज कहा कि लोकसभा चुनाव में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के महत्वपूर्ण फैसलों का उपहास उड़ा कर सर्वोच्च न्यायालय में माफी मांग लेना देश की जनता को रास नहीं आया। साय ने आज अपने गृहग्राम बगिया में संवाददाताओं से चर्चा के दौरान कहा कि एग्जिट पोल में भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबधंन को भारी बहुमत के साथ केन्द्र की सत्ता में वापसी का संकेत दिए जाने का स्पष्ट अर्थ है कि प्रधानमंत्री पीएम मोदी के सभी बड़े फैसलों को देश की जनता ने सही ठहराया है।

उन्होंने एक्जिट पोल को सही ठहराते हुए कहा कि केंद्र सरकार के महत्वपूर्ण फैसलों को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष अपनी चुनावी सभाओं में उपहास उड़ाते थे। इसके बाद सर्वोच्च न्यायालय के सामने उन्होंने माफी मांगी। कांग्रेस अध्यक्ष की ये बातें देश के मतदाताओं को काफी नागवार गुजरी। इसी वजह से गैर भाजपा सरकार वाले राज्य छत्तीसगढ़, ओड़िशा, पश्चिम बंगाल, मध्यप्रदेश व अन्य राज्यों के मतदाताओं ने भी कांग्रेस पार्टी को नकार दिया है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा को इन सर्वेक्षणों से भी अधिक सीटें मिलेंगी और देश में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनेगी।