बच्चे जब देखो कुछ नया खाने की डिमांड करते हैं। तो क्यों न इस हफ्ते अपने बच्चों को क्रिस्पी चीज बॉल्स बनाकर सरप्राइज दिया जाए। एक बार इसे खाने के बाद आप और आपके बच्चे पकोड़े खाना भूल जाएंगे। साथ ही इसे बनाने में समय भी बहुत कम लगता है।
सामग्री :
-मोजरेला चीज- 1 कप -उबले और मैश किए हुए आलू- 1-2 आलू -स्वीट कॉर्न- आधा कप -अरारोट- 1 चम्मच -काली मिर्च पाउडर- व् छोटा चम्मच -चाट मसाला- आधा छोटा चम्मच -नमक- स्वादानुसार -मैदा पेस्ट- 3 बड़ा चम्मच -ब्रेड क्रम्ब्स- 1 कप -तेल
क्रिस्पी चीज बॉल्स बनाने की विधि
-सबसे पहले एक कटोरे में मोजरेला चीज, स्वीच कॉर्न, एक चम्मच अरारोट, आलू, चाट मसाला, काली मीर्च और नमक को डाल कर अच्छी तरह मिलाएं। -अब इस मिश्रण में से कुछ हिस्सा लेकर नींबू के आकार में गोल कर लें और फिर इसकी अरारोट के साथ कोटिंग करें। -इसके बाद इसे मैदे के पेस्ट में डिप करके ब्रेड क्रम्ब्स से कोटिंग करें। -इस प्रक्रिया को सारे मिश्रण के साथ दोहराएं और तैयार हुई बॉल्स को 30 मिनट के लिए फ्रिज में रखें। -अब कढ़ाई में तेल गर्म करने रख दें। तेल के गर्म होने के बाद उसमें बॉल्स डालें और इसे धीमी आंच में सुनहरी भूरे रंग के होने तक फ्राई करें। -एक प्लेट में टिशू पेपर लगा लें, जिसमें आप ये बॉल्स निकाले। टिशू पेपर बॉल्स का एक्सट्रा तेल सोख लेगा। अब अपने बच्चों को गर्मागर्म कॉर्न चीज बॉल्स सर्व करें।
स्ट्रॉबेरी एक ऐसा फल है, जिसका ना तो छिलका उतारने और ना ही बीज का निकालने का झंझट होता है। हर मौसम में आसानी से मिल जाने वाली स्ट्रॉबेरी कैलोरी, फाइबर, विटामिन्स और मिनरल्स से भरपूर होती है। यह खाने में जितनी स्वादिष्ट होती है उतनी ही सेहत के लिए भी फायदेमंद होती है। इतना ही नहीं, स्ट्रॉबेरी का इस्तेमाल आप ब्यूटी से जुड़ी परेशानियों को दूर करने के लिए भी कर सकते हैं। चलिए आप स्ट्रॉबेरी के कुछ ऐसे फायदे बताते हैं, जिसके बाद से आप भी इसका सेवन शुरू कर देंगे।
स्ट्रॉबेरी के गुण
1 कप फ्रैश स्ट्रॉबेरी में 53 कैलोरी, 1.11g प्रोटीन, 12.75g कार्बोहाइड्रेट, 3.3g डायटरी फाइबर, 27mg कैल्शियम, 0.68mg आयरन, 22mg मैग्नीशियम, 40mg फास्फोरस, 254 mg पोटेशियम, 97.6 mg विटामिन सी, 40 माइक्रोग्राम फोलेट और 20 IU विटामिन ए होता है। इसके अलावा इसमें एंटीऑक्सीडेंट और इंफ्लामेंट्री गुण भी होते हैं, जो आपको बीमारियों से बचाने में मदद करते हैं।
स्ट्रॉबेरी के फायदे वजन घटाने में मददगार
एक कप स्ट्रॉबेरी में 53 कैलोरी और भरपूर फाइबर होता है। इससे पेट दिनभर भरा रहता है, जिससे आप अनहैल्दी खाने से बच जाते हैं और वजन कंट्रोल में रहता है। साथ ही यह मेटाबॉलिज्म को तेज करने और फैट बर्न करने में भी मददगार है।
डायबिटीज को करें कंट्रोल
डायबिटीज मरीजों को मीठे फलों का सेवन करते समय काफी सोचना पड़ता है लेकिन इसे आप बेफ्रिक होकर खा सकते हैं। इसमें ऐसे घटक होते हैं जो ग्लूकोज का इंडेक्स सही रखते हैं। साथ ही इससे टाइप-2 डायबिटीज का खतरा भी कम होता है।
दिल को रखे स्वस्थ
इसमें मौजूद फ्लेवोनॉयड्स और एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर का बैड कॉलेस्ट्रॉल से बचाव करता है, जिससे धमनियां ब्लॉक होने से बच जाती हैं। इस दिल की बीमारियों का खतरा कम हो जाता है। साथ ही इससे ब्लड प्रैशर लेवल भी कंट्रोल में रहता है।
कैंसर से बचाव
एंटीऑक्सीडेंट, फ्लेवोनॉयड, और विटामिन सी से भरपूर स्ट्रॉबेरी शरीर में कैंसर सेल्स को बढ़ने नहीं देती है। इससे आप कई तरह के कैंसर से बचे रहते हैं।
इम्यून सिस्टम
विटामिन बी और सी के गुणों से भरपूर स्ट्रॉबेरी का सेवन इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाता है, जिससे आप छोटी-मोटी समस्याओं से बचे रहते हैं। इसके अलावा यह शरीर को पूरा दिन एनर्जी भी देता है।
कब्ज से राहत
रोज इसे खाने से पाचन क्रिया ठीक रहती है। स्ट्रॉबेरी में मौजूद फाइबर का सेवन पाचन क्रिया को दरुस्त रखता है, जिससे कब्ज, एसिडिटी, अपच और गैस जैसी प्रॉब्लम दूर रहती है।
आंखों की रोशनी
इसमें मौजूद एंजाइम आंखों की रोशनी बढ़ाने में मदद करते हैं। इसके अलावा इसमें एंटीऑक्सीडेंट तत्व होता है, जोकि आंखों को मोतियाबिंद से बचाता है। इसलिए रोजाना 1 स्ट्रॉबेरी का सेवन जरूर करें।
अस्थमा
स्ट्रॉबेरी में ऐसे कई तत्व होते हैं, जिससे अस्थमा जैसी बीमारी को ठीक करने में मदद मिलती है। अगर आपको अस्थमा की प्रॉब्लम है तो आपको स्ट्रॉबेरी जरूर खानी चाहिए। इतना ही नहीं, इसका सेवन शरीर में ऐंठन और दर्द की समस्या को दूर करता है।
माइग्रेन और डिप्रैशन
इसका सेवन आपके मूड को सही बनाएं रखता है। इससे आपको सकारात्मक ऊर्जा मिलती है और आप अच्छा महसूस करते हैं। दिमाग ठंडा और फ्रैश रहने से आप तनाव या डिप्रैशन की समस्या से बचे रहते हैं। साथ ही इसका सेवन माइग्रेन दर्द से भी राहत दिलाता है।
स्ट्रॉबेरी के ब्यूटी बेनिफिट्स एंटी-एजिंग
विटामिन सी और एंटी-ऑक्सीडेंट गुण होने के कारण इसका सेवन एंटी-एजिंग के लक्षणों को कम करता है। आप चाहे तो इसका पेस्ट बनाकर भी चेहरे पर लगा सकते हैं। इसके लिए आप स्ट्रॉबेरी को पीसकर उसमें दूध मिक्स करके 10-15 मिनट लगाएं और फिर ताजे पानी से धो लें।
रंगत निखारने में मददगार
स्ट्रॉबेरी में कई तरह के ऐसे मिनरल्स होते हैं, जो त्वचा की रंगत को निखारने में मददगार होते हैं। स्ट्रॉबेरी का जूस 20 मिनट तक चेहरे पर लगाएं। इसके बाद इसे पानी से साफ कर लें। इससे आपको कुछ समय में ही फर्क दिखने लगेगा।
कील-मुंहासों से निजात
स्ट्रॉबेरी से पोर्स खुल जाते हैं, जिससे त्वचा की भीतरी परत में मौजूद विषाक्त पदार्थ बाहर निकल जाते हैं। इससे चेहरे की गंदगी साफ हो जाती है और कील-मुंहासों की समस्या भी दूर हो जाती है।
काले होंठों को बनाएं गुलाबी
स्ट्रॉबेरी को स्क्रब के तरह होंठों पर रगड़े और फिर कुछ समय बाद पानी से साफ कर लें। रोजाना ऐसा करने से होंठों का कालपन दूर हो जाएगा। इसके अलावा इससे दांतों की सफाई करने पर वो भी सफेद हो जाएंगे।
स्ट्रॉबेरी हेयर मास्क
डैंड्रफ, खुजली, बालों का झड़ना और चिपचिपाहट जैसी हेयर परेशानियों को दूर करने के लिए आप स्ट्रॉबेरी मास्क लगा सकते हैं। इसके लिए थोड़ी-सी स्ट्रॉबेरी को पीसकर उसमें शहद, दूध और नींबू का रस मिक्स करें। इसे बालों पर 15 मिनट के बाद शैंपू से धो लें। हफ्ते में कम सेकम 1 बार इसका इस्तेमाल करें आपको खुद फर्क देखने को मिलेगा।
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) ग्राहकों के लिए एक शानदार ऑफर लेकर आया है। एसबीआई ने ट्वीट कर जानकारी दी है कि अगर ग्राहक एसबीआई के YONO एप से हुंडई VENUE को बुक करते हैं तो उन्हें हुंडई Santro कार जीतने का मौका मिल सकता है।यही नहीं इसके साथ बैंक आपको आकर्षक ऑटो लोन भी बेहद ही किफायती ब्याज दर में उपलब्ध करवाएगा। यह ऑफ 30 जून 2019 तक के लिए ही अप्लाई होगा। बता दें कि YONO एसबीआई का डिजिटल एप है। इसके जरिए ग्राहकों को विभिन्न तरह की सेवाएं उपलब्ध करवाई जाती है।
कैसे करें अप्लाई?
यूजर्स को सबसे YONO एप को डाउनलोड करना होगा उसके बाद इस पर रजिस्ट्रेशन करना होगा। रजिस्ट्रेशन के बाद अगर आप एसबीआई की इंटरनेट बैंकिंग से जुड़े पासवर्ड और रिफरल कोड डालना होगा। इसके बाद आप हुंडई VENUE को बुक कर सकते हैं। वहीं अगर आपके पास इंटरनेट बैंकिंग से जुड़ी डिटेल नहीं है तो भी आप इस ऑफर के लिए अप्लाई कर सकते हैं। इसके लिए आपको एप डाउनलोड करने के बाद अपने एटीएम कार्ड की डिटेल्स एप में फीड करना पड़ेगा। इसके बाद कार बुक करने पर आपको हुंडई Santro जीतने का मौक मिल सकता है।
रायपुर। फोन टैपिंग मामले में आज निलंबित आईपीएस रजनेश सिंह साढ़े 11 बजे ईओडब्ल्यू दफ्तर पहुंचे। बता दें कि नान घोटाला और फोन टेपिंग मामले में आज आईपीएस रजनेश सिंह ईओडब्ल्यू के समक्ष पेश हुए है। ईओडब्ल्यू के चार सदस्यीय टीम रजनेश सिंह से पूछताछ कर रही है। वहीं निलंबित मुकेश गुप्ता से ईओडब्ल्यू कल पूछताछ करेगी। विदित हो कि फोन टैपिंग मामले में डीजी मुकेश गुप्ता को निलंबित कर दिया गया था। वहीं मामले में नारायणपुर एसपी राजनेश सिंह को भी निलंबित किया गया था।
नारियल का पानी पीने से स्वास्थ्य को कई सारे फायदे होते हैं. नारियल का पानी ना केवल ब्लड सर्कुलेशन ठीक रहता है बल्कि कई अन्य बीमारियां होने का खतरा भी कम हो जाता है. नारियल का पानी पीने से आप ना केवल फिट रहते हैं बल्कि खूबसूरत और आकर्षक दिखने में भी यह लाभदायक है. आइए जानते हैं नारियल का पानी पीने के कितने फायदे होते हैं…
1-वजन घटाने में मदद करता है-अगर वजन घटाने के मिशन पर है तो आपकी डाइट चार्ट में नारियल का पानी जरूर होना चाहिए. कम फैट वाला नारियल पानी पीने से भूख कम लगती है और इससे वजन घटाने में मदद मिलती है.
2-प्रतिरक्षा तंत्र (इम्यून सिस्टम) मजबूत करता है-नारियल के पानी में कई सारे पोषक तत्व व विटामिन्स जैसे राइबोफ्लेविन, थायमीन, पायरीॉक्सीन और फोलेट मौजूद होते हैं. नारियल पानी में एंटी बैक्टीरियल गुण होते हैं जो शरीर के प्रतिरक्षा तंत्र को मजबूत करता है व फ्लू जैसी बीमारियों से बचाता है.
3-प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए लाभदायक-डॉक्टर्स गर्भावस्था के दौरान नारियल पानी पीने की सलाह देते हैं क्योंकि इससे कब्ज, हार्ट बर्न, और धीमे पाचन से लड़ता है.
4-किडनी के लिए-इसमें मौजूद मिनरल्स, पोटैशियम, मैग्नीशियम की वजह से किडनी से होने वाली बीमारियों में राहत मिलती है. यह यूरीन के उत्पादन और प्रवाह को दुरुस्त रखता है.
5-त्वचा के लिए-अगर आपको पिंपल या दाग-धब्बे या त्वचा संबंधी परेशानियां है तो नारियल के पानी से मदद मिल सकती है. अपने चेहरे पर नारियल का पानी लगाएं. हाथ औऱ नाखून पर भी इसे लगाने से फायदा होता है.
6-कोलेस्ट्रॉल और फैट-फ्री होने की वजह से ये दिल के लिए बहुत अच्छा होता है. इसके साथ ही इसका एंटी-ऑक्सीडेंट गुण भी सर्कुलेशन पर सकारात्मक प्रभाव डालता है.
हम सभी का जीवन पानी के बगैर कुछ भी नहीं है, पानी ही जीवन का आधार है। ऐसे में हम सभी सुबह की शुरूआत से लेकर रात सोने तक पानी का नजाने कितनी बार इस्तेमाल करता है। लेकिन फिर में हम में से कई लोग पानी के महत्व को समझते नहीं है। इसके साथ ही घर में रखा पानी हमारे जीवन पर प्रभाव डालता है।
ऐसे में वास्तु में पानी को लेकर भी कुछ नियम बनाए गये हैं, ऐसे में वास्तु में घर में पानी को स्टोर करने के कुछ नियम बने हैं जिन नियमों को ध्यान में रख कर घर में पानी का संचय करने से लाभ मिलता है व सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है। आज हम इस लेख में वास्तु के अनुसार घर में पानी को लेकर बने नियमों के बारे में बता रहें हैं।
वास्तु में माना जाता है कि घर के किचन में पीने के पानी को स्टोर किया जाता है तो किचन में पानी से भरा बर्तन उत्तर-पूर्व या पूर्व दिशा में रखें।
घर में पानी का भंडार करने से पहले दिशा का विशेष ध्यान रखा जाता है क्योंकि पानी का स्थान ईशान कोण है जिस कारण से पानी का भण्डार या घर में भूमिगत टैंक या बोरिंग को पूर्व, उत्तर या पूर्वोत्तर दिशा में करें।
पानी को खीचने के लिए घर में अगर मशीन लगा है तो उसे भी इसी दिशा में लगाए। वहीं ओवर हेड टैंक उत्तर और वायव्य कोण के बीच होना चाहिए। टैंक का ऊपरी भाग गोल होना चाहिए।
किचन या बाथरूम के नल से पानी टपकता है तो उसे जल्द से जल्द सही करवालें वास्तु में इसे उचित नहीं माना जाता। ऐसा होने से घर में धन की हानि होती है और घर में गरीबी आती है।
स्कूली बच्चों व उनके अभिभावकों को आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र बनवाने के लिए कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। बच्चों के विभिन्न प्रमाण पत्र बनाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। रायपुर संभाग के आयुक्त जीआर चुरेन्द्र ने संभाग के सभी जिला कलेक्टरों को स्कूली बच्चों के आय, जाति व निवास प्रमाण पत्र बनाने के लिए विशेष शिविरों का आयोजन करने के निर्देश जारी किए हैं। नए शिक्षा सत्र प्रारंभ होने के साथ ही स्कूली बच्चों और उनके अभिभावकों को आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र बनवाने के लिए काफी परेशान होना पड़ता है। कई बच्चे साल भर इन प्रमाण पत्रों के लिए भटकते रहते हैं। यदि आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र विशेष शिविरों का आयोजन कर बना दिया जाए तो इससे न केवल बच्चों और उनके अभिभावकों को राहत मिलेगी, बल्कि विभागीय अधिकारियों को भी इस काम में काफी सहूलियत के साथ शासन में पारदर्शिता और सुशासन की दिशा में यह कदम कारगर कदम साबित होगा। विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को गांवों में मुनादी कर सूचना दी जाएगी कि आय, जाति और निवास प्रमाण बनाने के लिए आवेदन भरने और अन्य औपचारिकताएं पूर्ण कराने के लिए विद्यालयों में कार्यवाही की जा रही है। अधिकारियों ने कहा है कि यह कार्यवाही स्कूलों में 2 से 3 दिनों में कर ली जाए। इस दौरान सभी शिक्षकों के साथ ही ग्राम के सरपंच, ग्राम पंचायत सचिव, पटवारी और संबंधित नगरीय क्षेत्र में निकाय के कर्मचारी अभिलेखों सहित अनिवार्य रूप से उपस्थित रहकर औपचारिकताएं पूर्ण करने में अपने दायित्व का निर्वहन करेंगे। तहसीलों में 50 हजार से अधिक प्रकरण लंबित हैं। ऐसे में बच्चों को राहत मिलेगी
शिविरों के लिए समय-सीमा तय
एक मई से 15 जून तक स्कूलों में अवकाश रहता है। इस दौरान विशेष अभियान आयोजित कर सेक्टर मुख्यालयों और केन्द्रीय लोकेशनों के हायर सेकंडरी या हाई स्कूलों में विशेष शिविरों का आयोजन किया जाएगा। सबसे पहले 25 मई से 29 मई के बीच जिला कलेक्टरों द्वारा राजस्व, शिक्षा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा नगरीय प्रशासन के जिला और मैदानी अधिकारियों की समन्वय बैठक आयोजित कर कार्ययोजना तैयार कर ली जाएगी। जिन विद्यार्थियों के पास आय, जाति व निवास प्रमाण पत्र नहीं है उनका आकलन करके कक्षावार आकलित विद्यार्थियों की संख्या के अनुरूप आय, जाति व निवास प्रमाण पत्र के लिए लगने वाले आवेदन व अन्य प्रपत्र प्रिंट कराकर विद्यालय को उपलब्ध करा दिए जाएंगे।
शिविर का पहला चरण 4 जून से 25 जून तक
सभी औपचारिकताएं पूर्ण होने के बाद 4 जून से 15 जून के बीच तहसील व जनपद क्षेत्र के सेक्टर मुख्यालय या केन्द्रीय लोकेशन के हायर सेकंडरी या हाई स्कूलों में विशेष शिविर आयोजित कर प्रमाण पत्र जारी करने की कार्यवाही की जाए। शिविरों में छूटे बच्चों का विवरण तैयार कर कामन सर्विस सेंटरों के माध्यम से उनका आय, जाति व निवास प्रमाण बनवाया जाए। इसी तरह इस अभियान का अगला चरण 25 जून से 7 जुलाई के मध्य आयोजित कर छूटे बच्चों का प्रमाण पत्र बनाने की कार्यवाही की जाए।
संभागायुक्त ने कहा कि शिविरों में राजस्व, शिक्षा, पंचायत और ग्रामीण विकास तथा नगरीय निकाय के अधिकारी-कर्मचारी अपने सभी संबंधित अभिलेखों के साथ अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेंगे। शिविरों की तिथियों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि कोई छूटने न पाए।
स्कूली शिक्षा सत्र 16 जून से शुरू होने वाला है। पहली बार सभी सरकारी स्कूलों के लिए गणवेश और किताबें लगभग पहुंच चुकी हैं। शासकीय स्कूलों के लगभग 32 लाख बच्चों को मुफ्त ड्रेस बांटी जाएगी। इसके लिए हथकरघा विभाग को शिक्षा विभाग ने पहले ही समय पर आदेश दे दिया था, लिहाजा इन बच्चों को सत्र शुरू होते ही ड्रेस वितरित की जाएगी। इस बार 56 लाख से ज्यादा मुफ्त पाठ्य पुस्तकों के वितरण की व्यवस्था कर ली गई है। पहली बार पाठ्यपुस्तक निगम से सीधे हाईस्कूलों को किताबें भेजी जाएंगी। नौवीं-दसवीं के बच्चों को स्कूल स्तर पर ही किताबें मिलेंगी। 11वीं-12वीं के बच्चों के लिए निगम ने छापकर रखा है। इनका शुल्क देना होगा, ये किताबें जिलों में डिपो के जरिए बांटी जाएंगी। पहली से लेकर आठवीं तक की किताबें संकुल स्तर पर पहली बार भेजी गई हैं। यहां से स्कूलों के प्रधानपाठक या शिक्षक किताबें रिसीव करेंगे। ड्रेस 30 लाख बच्चों को दी जाएगी। किताबें लगभग 50 लाख बच्चों के हिसाब से बांटी जाएंगी।
साइकिल मिलेगी दो महीने बाद
शिक्षा विभाग सरस्वती साइकिल योजना के तहत हाई स्कूल की एक लाख 95 हजार बालिकाओं को मुफ्त साइकिल देने की तैयारी कर रहा है। हालांकि साइकिल मिलने में दो महीने का समय लग सकता है। निजी स्कूलों को किताबें बांटने की व्यवस्था में बदलाव कर दिया गया है। पहली बार जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) की अनुशंसा पर किताबें बांटी जाएंगी। निजी स्कूलों को मान्यता की प्रति डीईओ को दिखानी पड़ेगी।
– किताबें स्कूलों तक पहुंच गईं हैं। हथकरघा विभाग यूनिफार्म की सप्लाई कर रहा है। शिक्षा सत्र शुरू होते ही सभी को यूनिफार्म मिल जाएगी। – एस प्रकाश, संचालक, लोक शिक्षण संचालनालय
छत्तीसगढ़ में मंदिरों की व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए प्रदेश के सभी मंदिरों का डाटा तैयार किया जा रहा है। धर्मस्व मंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा कि संस्कृति एवं धर्मस्व विभाग का कामकाज जल्द ही अलग किया जाएगा। धर्मस्व विभाग के कामकाज को अलग करने के साथ प्रदेश में मंदिर और धार्मिक स्थलों की गणना के आदेश कलेक्टर और सीईओ को दे दिए गए हैं।
आने वाले दिनों में सैकड़ों मंदिर पंजीबद्ध होंगे। सभी धार्मिक स्थलों में मेले और अनुष्ठान का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस संबंध में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से चर्चा की गई थी, जिसमें उन्होंने अपनी सहमति जताई है। आचार संहिता के बाद इस संबंध में तेजी आएगी।
ताम्रध्वज ने कहा कि पिछली सरकार ने संस्कृति एवं धर्मस्व को लेकर कोई काम नहीं किया। वर्तमान में हमारी शिक्षा प्रणाली में जो शिक्षा दी जा रही है, वो सिर्फ नौकरी के लायक मनुष्य को बना रहा। लेकिन मनुष्य में मानवता एक अच्छे व्यक्तित्व का निर्माण धर्मस्व से संभव है। मंदिरों के पुजारियों, मंहतों और वरिष्ठजनों से रायशुमारी कर आगे की नीति बनाई जाएगी।
बैंक की तरह डाक विभाग भी इन दिनों अपने ग्राहकों के लिए आकर्षक बचत योजना लेकर आया हुआ है और विभिन्न ब्याज दरों के साथ बचत योजना पेश कर रहा है। इनमें तिमाही आधार पर बदलाव किया जाता है। इंडिया पोस्ट की तरफ से पेश की जाने वाली एक बचत योजना टाइम डिपॉजिट या फिक्स्ड डिपॉजिट अकाउंट है।
टाइम डिपॉजिट अकाउंट में ब्याज दर सालाना देय है, लेकिन इसकी गणना तिमाही आधार पर की जाती है। डाक विभाग की यह फिक्सड डिपॉजिट स्कीम काफी फायदेमंद है। फिक्स्ड डिपॉजिट अकाउंट के बारे में जानने लायक ये पांच प्रमुख बातें
अकाउंट ओपनिंग
पोस्ट ऑफिस फिक्स्ड डिपॉजिट अकाउंट कोई भी व्यक्ति चेक या नकद के जरिए खोल सकता है। सरकारी अकाउंट में जब चेक की प्राप्ति की तारीख होगी, वही अकाउंट खोलने की तारीख होगी।
अमाउंट
अकाउंट खोलने के लिए आवश्यक न्यूनतम राशि 200 रुपये है, जो कि इसी की गुणकों में होनी चाहिए। भारतीय डाक के अनुसार इसकी कोई भी अधिकतम सीमा नहीं है।
ब्याज दर और अवधि
पोस्ट ऑफिस फिक्स्ड डिपॉजिट अकाउंट की अवधि एक से पांच वर्षों की है। इस अकाउंट में सात फीसद से 7.8 फीसद के बीच ब्याज दर से ग्रोथ मिलती है। इंडिया पोस्ट की वेबसाइट के अनुसार ब्याज दरें अवधि के हिसाब से इस प्रकार हैं।
इनकम टैक्स बेनिफिट
पांच साल की अवधि वाले फिक्स्ड डिपॉजिट अकाउंट में जमा करने पर आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 80 सी के तहत इनकम टैक्स में छूट के लिए दावा किया जा सकता है।
अन्य सुविधाएं
अकाउंट को एक नाबालिग के नाम से खोला जा सकता है। दो वयस्कों की तरफ से ज्वाइंट अकाउंट को तौर पर खोला जा सकता है। इसी के साथ इस अकाउंट में खाता खोलते समय और उसके बाद में नॉमिनेशन की सुविधा भी मिलती है।