रायपुर। पहले चरण का मतदान 18 राज्यों और 02 केन्द्र शासित प्रदेशों के साथ 91 लोकसभा सीटों के लिए शुरू हो गया है। इसमें छत्तीसगढ़ की एक, बस्तर लोकसभा सीट भी शामिल है। नक्सल प्रभावित क्षेत्र होने के चलते सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। वहीं पीएम मोदी ने अपने ट्वीटर अकाउंट से ट्वीट किया है कि सभी देशवासी मतदान अवश्य करें।
रायपुर। पहले चरण का मतदान 18 राज्यों और 02 केन्द्र शासित प्रदेशों के साथ 91 लोकसभा सीटों के लिए मतदान शुरू हो गया है। इसमें छत्तीसगढ़ की एक, बस्तर लोकसभा सीट भी शामिल है। नक्सल प्रभावित क्षेत्र होने के चलते सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। बस्तर में चुनाव को लेकर 18789 मतदान केंद्र बनाए गए हैं जिसमें 1332 नक्सल प्रभावित हैं। वहीं 13, 72, 127 कुल मतदाता बताए गए हैं, जिसमें पुरुष मतदाता 6,59,824 और महिला मतदाता-7,12,261 हैं।
रायपुर। रायपुर कलेक्टर डॉ. बसवराजु एस. मंगलवार को रायपुर रेलवे स्टेशन पहुंचे और मजदूर और कुलियों को निवार्चन बेल्ट बांधकर मतदान करने के लिए जागरुक किया। बता दें कि रायपुर कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. बसवराजु एस. और जिला पंचायत के सीईओ एवं स्वीप के नोडल अधिकारी डॉ. गौरव कुमार सिंह समेत स्टेशन डॉयरेक्टर बीवीटी राव ने रायपुर के रेलवे स्टेशन में मोर रायपुर-वोट रायपुर के तहत हावड़ा-अहमदाबाद एक्सप्रेस के यात्रियों को लोकसभा निर्वाचन में अनिवार्य मतदान के लिए प्रेरित किया। रेल स्टेशन के यात्रियों और वहां काम करने वाले कुली, महिलाओं को निर्वाचन बैंड बांधकर उन्हें अनिवार्य मतदान करने के लिए शपथ दिलाई। महिला बाल विकास विभाग द्वारा रेलवे स्टेशन में मानव श्रृखंला एवं नुक्कड़ नाटक आयोजित कर यात्रियों को मतदान करने के लिए प्रेरित किया गया। हावड़ा-अहमदाबाद के यात्रियों के हाथों में कलेक्टर डॉ. बसवराजु एस. और स्वीप के नोडल अधिकारी ने मतदान बैंड बांधकर, स्वीप लोगों और टी-शर्ट यात्रियों को भेंटकर मतदान के लिए जागरुक किया गया।
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को ससुराल से पीड़ित महिलाओं के पक्ष में फैसला दिया है। इसमें ससुराल से जबरदस्ती निकाली गई महिला अपने पति और ससुरालीजनों के खिलाफ शिकायत उस थाना क्षेत्र में भी दर्ज करा सकती है जहां वह ससुराल से निकाले जाने के बाद रह रही होती है। सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि जिस महिला पर अत्याचार कर उसे उसकी ससुराल से निकाल दिया जाता है तो वह महिला अपने वर्तमान निवास स्थल से आईपीसी की धारा 498ए के तहत शिकायत दर्ज करा सकती है, चाहे वह घर पीड़िता का अस्थाई निवास स्थल हो या उसके माता-पिता का घर। सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय ने उपरोक्त धारा के अंतरगत मामला दर्ज करने के लिए स्थान संबंधी मुद्दे पर होने वाली बहस को खत्म कर दिया है।मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि ससुराल से जबरन निकाली गई महिला को अपने वर्तमान आश्रय स्थल से ही धारा 498ए के अंतरगत मामला दर्ज कराने का अधिकार है।
नई दिल्ली। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक बार फिर बहस करने की चुनौती दी है। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री से यह सवाल भी किया है कि क्या उन्हें उनसे बहस करने में डर लगता है? राहुल गांधी ने ट्वीट कर प्रधानमंत्री मोदी को चुनौती देते हुए राफेल, अनिल अंबानी, नीरव मोदी, अमित शाह और नोटबंदी जैसे मुद्दों पर बहस करने के लिए आमंत्रित किया है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राफेल, नोटबंदी और नीरव मोदी के मामलों पर सीधी बहस की चुनौती देते हुए मंगलवार को कहा कि वह इन विषयों पर पूर्ण तैयारी करके मेरे साथ बहस करने आएं। इससे पहले कई बार प्रधानमंत्री को सीधी बहस की चुनौती दे चुके गांधी ने यह सवाल भी किया कि क्या मोदी उनके साथ बहस को लेकर डरे हुए हैं? राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा, ‘प्रिय प्रधानमंत्री, क्या आप भ्रष्टाचार पर मेरे साथ बहस करने से डरे हुए हैं?
लोकसभा चुनाव 2019 के लिए छत्तीसगढ़ बिल्कुल तैयार है. राज्य में पिछले साल ही विधानसभा चुनाव हुए थे. विधानसभा चुनाव के कुछ ही महीनों के भीतर राज्य की जनता एक बार फिर अपने सांसद चुनने जा रही है. छत्तीसगढ़ में तीन चरणों में चुनाव होना है. यहां पर 11, 18 और 23 अप्रैल को मतदान होगा और 23 मई को मतगणना होगी.
राज्य में इस बार कांग्रेस और बीजेपी के बीच जोरदार मुकाबला होने वाला है. 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने राज्य की 11 सीटों में से 10 पर जीत हासिल की थी. लेकिन इस बार हालात 2014 जैसे नहीं हैं. उस समय राज्य में बीजेपी की रमन सिंह सरकार सत्ता में थी.
दिसंबर, 2018 में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने शानदार वापसी की और 15 साल से सरकार चला रही बीजेपी को सत्ता से बाहर कर दिया था. विधानसभा चुनावों में मिली शानदार सफलता के बाद कांग्रेस को उम्मीद है कि उसे लोकसभा चुनाव में भी सफलता मिलेगी.
भारत निर्वाचन आयोग ने तकनीक पसंद युवाओं और आम नागरिकों की निर्वाचन में भागीदारी सुनिश्चित करने, निर्वाचन संबंधी कार्यों को सरल बनाने, बदलते समय के साथ बेहतर कार्य संपादन और नए तरीके अपनाने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में कई पहल किए हैं। इन नवीन पहलों में कई मतदाता-फ्रेण्डली मोबाईल एप्स और वेबसाइट के साथ ही हेल्पलाइन भी शामिल हैं। अभ्यर्थियों और राजनीतिक दलों द्वारा जरूरी दस्तावेजों को अपलोड करने और अनुमति के लिए आवेदन प्रस्तुत करने के साथ ही यह नागरिकों के लिए भी अत्यंत उपयोगी है। राजनीतिक दलों और नागरिकों की सुविधा के लिए भारत निर्वाचन आयोग के कई मोबाइल एप्स लांच किए हैं। सुविधा एप, सी-विजिल एप और वोटर हेल्पलाइन एप जैसे मोबाइल एप्स खासे लोकप्रिय भी हो रहे हैं।
भारत निर्वाचन आयोग का सुविधा एप अभ्यर्थियों और राजनीतिक दलों के लिए बैठक, रैलियां आदि आयोजित करने के लिए अनुमति हेतु आवेदन के लिए एकल खिड़की प्रणाली है। अब बैठक एवं रैलियों के आयोजन की अनुमति के लिए आवेदन इस एंड्राइड एप के माध्यम से भी किया जा सकता है। भारत निर्वाचन आयोग ने उम्मीदवारों या दलों द्वारा आवेदन देने के 24 घंटों के भीतर ही अनुमति देने के निर्देश जारी किए हैं।
आयोग का एक अन्य महत्वपूर्ण एप सी-विजिल है। इस एप के द्वारा लोकेशन से ही डेटा के साथ लाइव फोटो या वीडियो सहित आचार संहिता या निर्वाचन व्यय उल्लंघन का समयांकित साक्ष्य भेजा जा सकता है। कोई भी नागरिक इस मोबाइल एप के माध्यम से शिकायत दर्ज कर सकता है। शिकायत दर्ज होने के बाद उड़नदस्ता दल मामले की जांच करते हैं और जांच के बाद रिटर्निंग ऑफिसर इसका निराकरण करते हैं। सी-विजिल पर की गई शिकायत पर हुई कार्यवाही की जानकारी शिकायतकर्ता को एक निर्दिष्ट समय सीमा में साझा भी की जाती है।
एक अन्य एंड्रॅाइड आधारित नया मोबाइल एप वोटर हेल्पलाईन भी लांच किया गया है। यह एप सभी नागरिकों को मतदाता सूची में अपना नाम ढूंढने, ऑनलाइन फॉर्म भरने, आवेदन की स्थिति का पता लगाने, शिकायत दर्ज कराने एवं एप पर ही जवाब प्राप्त करने की सुविधा प्रदान करता है। साथ ही यह एप संबंधित बूथ लेवल ऑफिसर (BLO), मतदाता पंजीयन अधिकारी (ERO) और जिला निर्वाचन अधिकारी का संपर्क नंबर भी उपलब्ध कराता है। वोटर हेल्पलाईन मोबाइल या www.nvsp.in पोर्टल या हेल्पलाइन नंबर 1950 पर फोन लगाकर मतदाता सूची से संबंधित जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
राष्ट्रीय ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण नई दिल्ली के निरीक्षण कार्यक्रम के तहत प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत निर्माणाधीन कार्यो के गुणवत्ता परीक्षण हेतु राष्ट्रीय गुणवत्ता समीक्षकों का माह अप्रैल दौरा कार्यक्रम निर्धारित किया गया है। राष्ट्रीय गुणवत्ता समीक्षक छत्तीसगढ़ राज्य के विभिन्न जिलों के दौरे पर आ रहे हैं। जारी कार्यक्रम के मुताबिक कांकेर एवं राजनांदगांव जिले के लिए श्री अनुग्रह प्रकाश एवं श्री राकेश कुमार अग्रवाल को नियुक्त किया गया है। दोनों अधिकारी माह अप्रैल जिलों का भ्रमण कर सड़कों की गुणवत्ता का परीक्षण करेंगे।
शरीर को स्वस्थ रखने के लिए इम्यून सिस्टम का मजबूत होना बेहद जरुरी होता है। अगर इम्यूम सिस्टम मजबूत नहीं होता है तो आप बहुत जल्दी बीमार पड़ जाते हैं साथ ही आपका शरीर बीमारियों से खुद को बचा नहीं पाता है। इम्यून सिस्टम शरीर को हानिकारक वायरस, बुखार, जुकाम से बचाने में मदद करता है। इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाना बेहद जरुरी होता है। इसके लिए आप कुछ ड्रिंक्स का सेवन कर सकते हैं। यह ड्रिंक्स इम्यून सिस्टम को बूस्ट करने में मदद करते हैं। तो आइए आपको इनके बारे में बताते हैं।
ग्रीन टी:
ग्रीन टी में एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो शरीर को फ्री रेडिकल्स से लड़ने में में मदद करते हैं। जिसकी वजह से आपका शरीर स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से ग्रसित होने से बच जाता है। इम्यूनिटी को बढ़ाने के लिए ग्रीन टी का सेवन फायदेमंद होता है।
शहद और पानी: शहद में प्रोबायोटिक होते हैं जो इम्यून सिस्टम को बूस्ट करने में मदद करते हैं। इसके साथ ही इसमें फाइटोन्यूट्रिएंट होते हैं जो इम्यून सिस्टम को उत्तेजित करते हैं।
लेमन टी: लेमन और जिंजर टी में एंटीऑक्सीडेंट के साथ विटामिन और मिनरल होते हैं। रोजाना एक कप जिंजर और लेमन टी का सेवन इम्यूनिटी को बेहतर बनाने में मदद करता है।
ऑरेंज जूस: संतरे में विटामिन सी होता है जो खून में वाइट ब्लड सेल्स को बढ़ाने में मदद करते हैं। वाइट ब्लड सेल्स के बढ़ने से शरीर की इम्यूनिटी बूस्ट होती है। इसके लिए रोजाना एक गिलास संतरे का जूस पीना चाहिए।
आयोडीन इंसान के जीवन के लिए आवश्यक है, क्योंकि यह थायराइड हार्मोन के उत्पादन के लिए आवश्यक प्रमुख घटक है। शरीर अपने आप इस हार्मोन का उत्पादन करने में सक्षम नहीं है, इसलिए इंसान को इस तत्व से भरपूर खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए। आयोडीन की कमी से आपको और भी कई समस्याएं हो सकती हैं। अगर इन समस्याओं का सही इलाज न कराया जाए, तो आपको कैंसर या हार्ट अटैक सहित कई गंभीर बीमारियों हो सकती हैं। दिल्ली के मशहूर जरनल फिजिशियन डॉक्टर अजय लेखी आपको कुछ ऐसे लक्षण बता रहे हैं जिन्हें देख आप पहचान सकते हैं कि आप आयोडीन की कमी का शिकार हो गए हैं।
1) बालों का झड़ना, खुजली बालों का झड़ना और हर समय त्वचा में खुजली होना इस बात संकेत हो सकता है कि आपको आयोडीन की आवश्यकता है। यह त्वचा की नमी बनाए रखता है। इतना है नहीं यह चेहरे को झुर्रियों से बचाता है। यह तत्व लंबे और चमकदार बालों के लिए एक जाना जाता है। यह हेयर फॉलिकल को संक्रमण से बचाता है।
2) लगातार वजन बढ़ना मेटाबोलिज्म धीमा होना आयोडीन की कमी का लक्षण है। अगर तमाम कोशिशों के बावजूद आपका वजन लगातार बढ़ता जा रहा है, तो आपको सतर्क हो जाना चाहिए। इसका कारण यह है कि मेटाबोलिज्म धीमा होने से खाना सही तरह नहीं पचता है जिससे आपका मोटापा बढ़ने लगता है।
3) थकान और कमजोरी अध्ययनों से पता चला है कि कम थायराइड हार्मोन वाले लगभग 88% लोगों में यह समस्या है। अगर आपको लगता है कि पहले आप जो काम करते थे, अब उसे करने में आपको ज्यादा थकान या कमजोरी महसूस हो रही है, तो आप सतर्क हो जायें क्योंकि यह आयोडीन की कमी के कारण हो सकता है।
4) याददाश्त कमजोर होना 2014 में किए गए एक अध्ययन के अनुसार, थायराइड हार्मोन के निम्न स्तर वाले लोगों में एक हिप्पोकैम्पस होता है। यह मस्तिष्क का हिस्सा है जो दीर्घकालिक स्मृति को नियंत्रित करता है। यही कारण है कि आयोडीन की कमी से सीखने और याद रखने की क्षमता प्रभावित होती है। इसके अलावा, मेटाबोलिज्म धीमा होने से मस्तिष्क की क्षमता प्रभावित होती है।
5) गण्डमाला या घेंघा रोग गर्दन पर सूजन को आमतौर पर एक गण्डमाला कहा जाता है और तब होता है, जब थायरॉयड ग्रंथि असामान्य रूप से बड़ी हो जाती है। जब शरीर में पर्याप्त आयोडीन नहीं होता है, तो थायराइड पर्याप्त हार्मोन का उत्पादन करने में सक्षम नहीं होता है और रक्त से तत्व को अवशोषित करने के लिए कड़ी मेहनत करता है। यह प्रक्रिया इसकी कोशिकाओं को सामान्य से अधिक गुणा और बढ़ने का कारण बनती है, जिससे हमारी गर्दन सूजन आ जाती है।
6) कब्ज हाइपोथायरायडिज्म आपके पाचन तंत्र को भी प्रभावित कर सकता है। थायरॉयड से आपका पेट और आंतों के कामकाज को प्रभावित करता है। यही कारण है कि कुछ लोगों को पर्याप्त आयोडीन नहीं मिलने पर कब्ज का अनुभव होता है।