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कर्जमाफी पर किसानों के खाते में राशि आना असल मुद्दा : कमलनाथ

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भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आज कहा कि कर्जमाफी पर असल मुद्दा किसानों के खातों में राशि आना है और वो कांग्रेस सरकार ने किया है। कमलनाथ ने अपने ट्वीट में कहा कि भले सारे प्रमाण हमने सामने ला दिये है, लेकिन असली मुद्दा कर्ज़माफी ही है। किसानों के खाते में राशि आना है। जो हमने किया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने 21 लाख किसानों के खाते में राशि पहुंचाई है, जिसे खुद पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी स्वीकारा है कि उनके भाई का कर्ज़ माफ हुआ है।

आयोग आचार संहिता के उल्लंघन से जुड़ी शिकायतों का निपटारा करते समय निष्पक्ष रहे : राहुल गांधी

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नई दिल्ली। आदर्श आचार संहिता उल्लंघन के नोटिस पर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने चुनाव आयोग को अपना जवाब भेज दिया है। राहुल गांधी ने कहा है कि जब शहडोल में उन्होंने कहा था कि मोदी सरकार ने ऐसा कानून बनाया है जिसमें आदिवासियों को गोली मारने की अनुमति दी गई है तो उन्होंने आचार संहिता का उल्लंघन नहीं किया था। राहुल ने चुनाव आयोग से यह भी कहा है कि वह आचार संहिता के उल्लंघन से जुड़ी शिकायतों का निपटारा करते समय निष्पक्ष रहे और कांग्रेस के खिलाफ भेदभावपूर्ण रवैया न अपनाए।

आचार संहिता उल्लंघन के आरोपों पर राहुल गांधी ने कहा है कि उन्होंने भारतीय वन कानून में प्रस्तावित संशोधन को अपने एक भाषण में सरल ढंग से समझाने की कोशिश कर रहे थे। राहुल गांधी की दलील है कि वन कानून 1927 की धारा 66 में संशोधन के सरकारी प्रस्ताव पर अपने भाषण की रौ में बोल रहे थे। राहुल गांधी ने कहा कि उनकी मंशा अपुष्ट तथ्यों का बयान कर लोगों को बहकाने की नहीं थी।

पीएम मोदी के ‘मेकअप पर हर महीने 80 लाख रुपये ख़र्च’ होने का सच

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भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर इस दावे के साथ शेयर किया जा रहा है कि उनके मेकअप पर हर महीने 80 लाख रुपये ख़र्च होते हैं.

क़रीब 45 सेकेंड के इस वायरल वीडियो में कुछ ब्यूटीशियन और स्टाइलिस्ट पीएम नरेंद्र मोदी के इर्द-गिर्द दिखाई देते हैं.

फ़ेसबुक और ट्विटर पर यह वीडियो हज़ारों बार देखा जा चुका है और सैकड़ों बार इस वीडियो को शेयर किया गया है.

अधिकांश लोगों ने सोशल मीडिया पर इस वीडियो के साथ लिखा है, “ये है ग़रीब का बेटा, मेकअप करा रहा है. आरटीआई के ज़रिए ख़ुलासा हुआ है कि इसके श्रृंगार के लिए ब्यूटीशियन को 80 लाख रुपये प्रतिमाह भुगतान किया जाता है.”

गुरुग्राम कांग्रेस के आधिकारिक फ़ेसबुक पेज पर भी यह वीडियो इसी दावे के साथ पोस्ट किया गया है जिसे क़रीब 95 हज़ार बार देखा गया है.

लेकिन अपनी पड़ताल में हमने पाया कि ये वीडियो तो सही है, पर इसे ग़लत संदर्भ के साथ शेयर किया जा रहा है.

साथ ही वायरल वीडियो में पीएम मोदी के साथ दिख रहे लोग उनके पर्सनल मेकअप आर्टिस्ट नहीं हैं.

वीडियो की सच्चाई

जिस वीडियो को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मेकअप करने का वीडियो बताया जा रहा है, वो दरअसल मार्च 2016 का है.

ये वीडियो लंदन स्थित मशहूर मैडम तुसाद म्यूज़ियम ने जारी किया था.

16 मार्च 2016 को मैडम तुसाद म्यूज़ियम ने अपने आधिकारिक यू-ट्यूब पेज पर इस वीडियो को पोस्ट किया था.

मैडम तुसाद म्यूज़ियम के अनुसार ये वीडियो भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मोम के पुतले का माप लेते समय शूट किया गया था.

मैडम तुसाद म्यूज़ियम से क़रीब 20 कारीगरों की एक टीम दिल्ली स्थित प्रधानमंत्री आवास पर पहुँची थी जिन्होंने चार महीने का समय लेकर पीएम मोदी के पुतले को तैयार किया था.

यानी वायरल वीडियो में जो लोग नरेंद्र मोदी के साथ दिखाई देते हैं, वो मैडम तुसाद म्यूज़ियम के कारीगर हैं, किसी के पर्सनल मेकअप आर्टिस्ट नहीं हैं.

मैडम तुसाद म्यूज़ियम के मुताबिक़ पीएम मोदी का पुतला लंदन के म्यूज़ियम में 28 अप्रैल 2016 को स्थापित किया गया था.

आरटीआई की सच्चाई क्या?

सोशल मीडिया पर पीएम मोदी से संबंधित जिस कथित आरटीआई को आधार बनाकर ये वीडियो शेयर किया जा रहा है, वैसी कोई आरटीआई पीएम इंडिया की आधिकारिक वेबसाइट पर मौजूद नहीं है.

पीएम इंडिया की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार नरेंद्र मोदी की शैक्षणिक योग्यता, उनकी छुट्टियों, दफ़्तर की वाई-फ़ाई स्पीड और रोज़ के शिड्यूल से जुड़े सवाल लोगों ने आरटीआई के ज़रिये पूछे हैं.

लेकिन वेबसाइट पर दी गई लिस्ट में पीएम मोदी के मेकअप और उनके कपड़ों पर होने वाले ख़र्च का सवाल शामिल नहीं है.

2018 में छपीं कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार एक आरटीआई एक्टिविस्ट ने पिछले साल यह पूछा था कि 1988 से लेकर अब तक जो लोग भारत के प्रधानमंत्री रहे, उनके कपड़ों पर कितना सरकारी ख़र्च हुआ?

इसके जवाब में प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने कहा था कि मांगी गई जानकारी निजी जानकारी की श्रेणी में आती है और इसका कोई आधिकारिक रिकॉर्ड मौजूद नहीं है.

पीएमओ ने अपने इस जवाब में यह नोट भी लिखा था कि प्रधानमंत्री के कपड़ों का ख़र्च सरकार नहीं उठाती है.

भगवा गमछा पहन ‘द ग्रेट खली’ कर रहे हैं बीजेपी का प्रचार

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चुनाव के दौरान जनता के बीच पार्टियां प्रचार के लिए स्टार प्रचारकों को उतार रही है। इसी कड़ी में WWE में कई पहलवानों को धूल चटाने वाले रेसलर द ग्रेट खली भी प्रचार के जंग में कूद गए है। शुक्रवार को खली ने कैथल पहुंचकर भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार के पक्ष में चुनाव प्रचार किया। ग्रेट खली ने कैथल के पेहवा हलके से बीजेपी प्रत्याशी नायब सैनी के रोश शो में शिरकत की और लोगों से सैनी के पक्ष में वोट देने की अपील की।

गुहला चीका में पहुंचने पर ग्रेट खली को देखने के लिए लोगों का हुजूम उमड़ गया था। लोग ग्रेट खली के साथ सेल्फी लेते नजर आए। रोड शो के दौरान ग्रेट खली ने अपने समर्थकों और चाहने वाले लोगों से बीजेपी प्रत्याशी नायब सिंह सैनी को वोट देकर जीताने की अपील की। उन्होंने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि अगर नायब सिंह सैनी को आप यहां से बहुमत से जिताकर देश की सबसे बड़ी पंचायत में भेजें। सैनी संसद में आपकी समस्याओं को मजबूती के साथ उठाएंगे और उनका निदान करेंगे।

रोड शो में ग्रेट खली के साथ फूलों से सजी गाड़ी में बीजेपी प्रत्याशी नायब सैनी भी मौजूद थे।उन्होंने लोगों से अपनी जीत की अपील करते हुए कहा कि आज देश में नरेंद्र मोदी की लहर चल रही है और देश की जनता एक बार फिर उन्हें प्रधानमंत्री के रूप में देखना चाहती है।

कॉकपिट में महिला को-पायलट से भिड़ गया सीनियर पायलट, प्‍लेन की करा दी नाले में लैंडिंग

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प्‍लेन को टेक ऑफ कराना हो या फिर लैंडिंग करानी हो, पायलट और को-पायलट के आपसी सहमति से निर्णय लेते हैं। लेकिन एक ऐसा मामले सामने आया है कि जब एक पालयट ने दूसरे पायलट की चेतावनी मानने से इंकार कर दिया और हवाई जहाज की लैंडिंग नाले में हो गई। इस जहाज में 102 लोग सवार थे। इस हादसे में 3 यात्रियों को गंभीर चोटें आई और जहाज पूरी तरह क्षतिग्रस्‍त हो गया था। मामला 18 महीने पुराना है। यह वाकया अबू धाबी से कोच्चि जाने वाली एयर इंडिया एक्सप्रेस IX 452 फ्लाइट में हुआ था।

उस वक्त शुरूआती जांच में खराब मौसम को हादसे की वजह बताया गया था। लेकिन अधिकारियों के होश तब उड़ गए जब आगे की जांच में आज यह सामने आया कि प्लेन उतारने को लेकर पायलट और महिला को-पायलट के बीच झगड़ा हुआ था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इंडिया एक्सप्रेस IX 452 की फ्लाइट जब लैंड हो रही थी उस वक्त पुरुष पायलट को उनसे 30 साल छोटी महिला को-पायलट ने सुझाव और चेतावनी दी। लेकिन यह बात पुरुष पायलट को रास नहीं आई। उन्होंने कहा कि अब तुम मुझे सिखाओगी और उन्होंने को-पायलट की बात मानने से इनकार कर दिया।

पायलट और को-पायलट के बीच हुई बहस का नतीजा यह निकला कि प्लेन रनवे छोड़कर नाली में जा घुसा। इस घटना के बाद सभी यात्रियों को आपातकालीन गेट से बाहर निकाला गया था। इस घटना को देखने के बाद एयर इंडिया एक्सप्रेस में उम्र में कम अंतर वाले पायलट्स की ड्यूटी लगाने के आदेश जारी किये गये।

पीएम मोदी उस दुल्हन की तरह, जो रोटी कम बेलती है और चूड़ियां ज्यादा खनकाती है: सिद्धू

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लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Elections 2019) के प्रचार में पंजाब सरकार में मंत्री और कांग्रेस नेता नवजोत सिद्धू (Navjot Singh Sidhu) पूरी ताकत लगा रहे हैं। इस दौरान, इंदौर पहुंचे कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने एक बार फिर पीएम मोदी (Narendra Modi) पर जमकर हमला बोला। इंदौर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए सिद्धू ने पीएम मोदी पर विभाजनकारी राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने जीएसटी, नोटबंदी और रोजगार के मुद्दे पर पीएम मोदी पर जमकर निशाना साधा।

इंदौर
इंदौर में सिद्धू का पीएम मोदी पर हमला

इंदौर में सिद्धू ने चुनावी सभा के दौरान कहा, ‘नरेंद्र मोदी में दम है तो वह रोजगार, नोटबंदी और जीएसटी जैसे मुद्दों पर चुनाव लड़कर दिखाएं, लेकिन वह लोगों को धर्म और जाति के नाम पर बांटकर चुनाव लड़ रहे हैं।’ सिद्धू ने कहा कि मोदी सरकार गंगा नदी को साफ करने, दो करोड़ नौकरियां देने और काला धन भारत लाने में नाकाम रही है। इस दौरान सिद्धू ने पीएम मोदी पर झूठ बोलते का आरोप लगाया। सिद्धू ने कहा, ‘मैं उन्हें लायर-इन-चीफ, डिवाइडर-इन-चीफ और अंबानी-अडानी का बिजनेस मैनेजर कहता हूं।’

पीएम मोदी
पीएम मोदी और उनका पूरा कुनबा ही झूठा

सिद्धू ने कहा, ‘पीएम मोदी और उनका पूरा कुनबा झूठा है। मैंने हीरो नंबर वन, कुली नंबर वन और बीवी नंबर वन जैसी फिल्में देखी थी, लेकिन इन दिनों मोदी की नई फिल्म आ रही है- फेंकू नंबर वन।’ सिद्धू ने मोदी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा, ‘ना राम मिला, ना रोजगार मिला, हर गली में मोबाइल चलाता हुआ एक बेरोजगार मिला।’ सिद्धू ने कहा, ‘पीएम मोदी उस दुल्हन की तरह हैं जो रोटी कम बेलती है और चूड़ियां ज्यादा खनकाती है ताकि मोहल्ले वालों को ये पता चले कि वो काम कर रही है। बस यही हुआ है मोदी सरकार में।’

दो दशक तक ITC के चीफ रहे वाई सी देवेश्वर का निधन

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लगभग दो दशक तक दिग्गज कंपनी ITC के चीफ रहे वाई सी देवेश्वर का शनिवार की सुबह निधन हो गया. वह 72 साल के थे. उनके परिवार में पत्नी और एक बेटा हैं.उनके निधन की वजह का पता नहीं चल सका है.

दो दशक तक कॉरपोरेट चीफ रहने वाले गिने-चुने शख्स में से एक

वाई सी देवेश्वर देश में दो दशकों तक कॉरपोरेट चीफ रहने वाले गिने-चुने शख्स में से एक थे. वह 4 फरवरी, 2017 तक ITC के चेयरमैन और सीईओ रहे. जून, 2018 में ITC ने नॉन एक्जीक्यूटिव चेयरमैन का उनका कार्यकाल 2020 से बढ़ा कर 2022 तक कर दिया ताकि कंपनी को उनकी सलाह का फायदा मिलता रहे.

ITC को सफल FMCG कंपनी में तब्दील करने का श्रेय

देवेश्वर ने 1968 में ITC ज्वाइन की थी. वह 1996 में कंपनी के एग्जीक्यूटिव सीईओ बन गए थे. BAT ने जब ITC के अधिग्रहण कोशिश की थी तो थे देवेश्वर की अगुआई में इसे नाकाम कर दिया गया था.

ITC को FMCG कंपनी में बदलने में उनका बड़ा योगदान रहा. सिगरेट और तंबाकू का कारोबार करने वाली कंपनी ITC अब पैकेटबंद फूड से लेकर स्टेशनरी, आटा और कैंडी तक बेचती है.

पद्म भूषण से सम्मानित थे देवेश्वर

2011 मे देवेश्वर को पद्म भूषण से नवाजा गया था. वाई सी देवेश्वर ने आईआईटी दिल्ली और फिर हावर्ड बिजनेस स्कूल से पढ़ाई की. वह 1984 में आईटीसी के डायरेक्टर बने. फिर 1996 में उन्हें आईटीसी के सीईओ और चेयरमैन बनाया गया. हावर्ड बिजनेस रिव्यू ने उन्हें भारत के बेस्ट सीईओ की लिस्ट में रखा था. देवेश्वर को 2012 में एआईएमए बिजनेस लीडर अवार्ड से सम्मानित किया गया था.

देवेश्वर 1991 से 1994 के बीच एयर इंडिया के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर भी रहे. वह भारतीय रिजर्व बैंक के सेंट्रल बोर्ड में डायरेक्टर रहे थे.

एयर इंडिया का धमाकेदार ऑफर, लास्ट मिनट बुकिंग पर मिलेगी भारी छूट

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सरकारी एयरलाइन एयर इंडिया ने डोमेस्टिक फ्लाइट्स पर शानदार ऑफर देने का ऐलान किया है। इसके तहत यात्रियों को टिकट पर भारी छूट मिलेगी। दरअसल आमतौर पर इमर्जेंसी में यात्रा करने वालों को एयर टिकट की बड़ी कीमत चुकानी पड़ती है। लेकिन एयरलाइन ने जो ऑफर दिया है वह इसका बिलकुल उलट है। यानी लास्ट मिनट टिकट पर डिस्काउंट दिया जाएगा।

उड़ान से 3 घंटे पहले टिकट लिया तो मिलेगी छूट

एयर इंडिया के इस ऑफर के तहत यदी फ्लाइट में सीट खाली रह जाती है और उड़ान से तीन घंटे पहले कोई टिकट कराकर उन सीटों को भर देता है तो उसे टिकट के दाम में भारी छूट मिल सकती है। यानी अब अर्जेंट टिकट कराने पर हद से ज्यादा कीमत चुकाने का तनाव नहीं लेना होगा। बता दें कि पहले लास्ट मिनट बुकिंग के लिए लोगों को सामान्य किराए से 40 प्रतिशत से भी अधिक का भुगतान करना पड़ता था।

 

टिकट कहीं से भी खरीदा जाए, छूट मिलेगी

एयर इंडिया ने शुक्रवार को इसको लेकर एक बयान जारी कर कहा है कि ‘इमर्जेंसी में सफर करने वाले यात्रियों को अकसर मुश्किल का सामना करना पड़ता है और टिकट के लिए ज्यादा पैसे देने होते हैं। सभी लोग ऐसे इमर्जेंसी में टिकट लेने में सक्षम नहीं होते हैं।’ यहां बताया गया कि एयरलाइन ने कमर्शियल रिव्यू मीटिंग में ये फैसला लिया है। इसके तहत तय किया गया है कि टिकट कहीं से भी खरीदा जाए, लास्ट मिनट बुकिंग पर छूट मिलना तय है।

 

लास्ट मिनट बुकिंग पर यात्री को होता है भारी नुकसान

एयर इंडिया का ये ऑफर अनोखा और खास है क्योंकि बाकी एयर लाइन में लास्ट मिनट बुकिंग आज भी महंगी होती जाती है। एयर इंडिया का ये ऑफर काउंटर, मोबाइल ऐप, वेबसाइट या ट्रैवल एजेंट से भी बुकिंग कराने पर लागू रहेगा।

लोकसभा निर्वाचन – 2019 : छत्तीसगढ़ ने दोबारा रचा कीर्तिमान : प्रदेश के किसी भी मतदान केन्द्र में पुनर्मतदान नहीं

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लोकसभा निर्वाचन – 2019 के अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य में किसी भी मतदान केन्द्र में पुनर्मतदान नहीं होगा। यह गौरवशाली उपलब्धि छत्तीसगढ़ राज्य के लिए कीर्तिमान है। निर्वाचन के लिए प्रदेश में तीन चरणों 11, 18 तथा 23 अप्रैल 2019 को हुए मतदान के दौरान 23 हजार 732 मतदान केन्द्रों में किसी भी मतदान केन्द्र में पुनर्मतदान नहीं हुआ। बताया गया है कि भारत निर्वाचन आयोग छत्तीसगढ़ राज्य के किसी भी लोकसभा क्षेत्र के किसी भी  मतदान केंद्र में पुनर्मतदान नहीं कराए जाने के बारे में सहमत है।

सीईओ ने कहा कि मतदान प्रक्रिया को लेकर कोई शिकायत नहीं होना प्रदेश के लिए सम्मान की बात है। सीईओ श्री सुब्रत साहू ने इसके लिए प्रदेश के सभी मतदाताओं, राजनीतिक दलों, निर्वाचन कार्य में लगे सभी अधिकारियों-कर्मचारियों, सुरक्षा जवानों तथा अर्धसैनिक बल के जवानों को धन्यवाद ज्ञापित किया है। उन्होंने इस उपलब्धि को प्रदेश के लिए कीर्तिमान स्थापित करने वाला निरूपित करते हुए गौरवपूर्ण बताया।

उल्लेखनीय है कि विगत विधानसभा निर्वाचन -2018 में दो चरणों में 12 नवम्बर और 20 नवम्बर  2018 को 90 विधानसभा क्षेत्रों के लिए हुए मतदान के बाद किसी भी मतदान केन्द्र में पुनर्मतदान की स्थिति निर्मित नहीं हुई थी।

छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद यह पहली बार ही ऐसा हुआ है कि विधानसभा निर्वाचन 2018 और लोक सभा आम निर्वाचन 2019, दोनों निर्वाचन में पुनर्मतदान की स्थिति नहीं बनी। विधानसभा और लोकसभा निर्वाचन में पुनर्मतदान नहीं होना यह ऐतिहासिक दूसरा कीर्तिमान है।

छत्तीसगढ़ : सरकारी कामकाज पर नजर के लिए सीएम ने संगठन को उतारा

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 प्रदेश की नई सरकार को प्रशासनिक कामों में गड़बड़ी के कारण दो-तीन बड़े झटके लगे, तो मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का पुरानी प्रशासनिक व्यवस्था से भरोसा उठ गया है। इस कारण उन्होंने सरकारी कामकाज की निगहबानी के लिए संगठन को मैदान में उतार दिया है।

दूसरी तरफ, मुख्यमंत्री ने आचार संहिता हटने से पहले ही पुरानी प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव भी शुरू कर दिया है। आचार संहिता हटने के बाद न केवल मंत्रालय के कई अधिकारियों के विभाग बदले जाएंगे, बल्कि जिला स्तर पर कलेक्टर व एसपी से लेकर दूसरे विभागों के अधिकारियों को भी इधर से उधर किया जाएगा।

सरकारी कामकाज में दिक्कतों के कारण अक्सर देखा जाता है कि सत्ता और संगठन में टकराव की स्थिति पैदा हो जाती है। प्रदेश की पूर्ववर्ती भाजपा सरकार में ऐसा कई बार हुआ, जब संगठन की नाराजगी अपनी ही सरकार के खिलाफ दिखी।

अभी कांग्रेस और उसकी सरकार के लिए एक बात यह अच्छी है कि संगठन का मुखिया और मुख्यमंत्री एक ही व्यक्ति है। इस कारण बघेल के लिए सत्ता और संगठन के बीच समन्वय बनाकर चलना कोई कठिन काम नहीं है। सत्ता संभालने के बाद बघेल को प्रशासनिक कामकाज में कुछ ऐसी दिक्कतों का सामना करना पड़ा है कि उनके लिए अब सत्ता के साथ संगठन को जोड़कर चलना जरूरी हो गया है।

मुख्यमंत्री बघेल ने पीसीसी अध्यक्ष होने के नाते संगठन को निर्देश दिया है कि अभी खरीफ फसल के मौसम में जिला और ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी व कार्यकर्ता गांवों का दौरा करें। किसानों से मिलें, यह जानकारी लें कि उन्हें अच्छे किस्म का खाद और बीज उपलब्ध कराया गया है या नहीं? कृषि ऋण को लेकर कोई दिक्कत तो नहीं है? पार्टी के पदाधिकारियों-कार्यकर्ताओं को यह निर्देश दिया गया है कि उन्हें कहीं भी किसानों के साथ कोई परेशानी दिखती है, तो उसकी सूचना तत्काल प्रदेश कार्यालय को दें। प्रदेश कमेटी सीधे मुख्यमंत्री और विभागीय मंत्री को रिपोर्ट देगी।

संगठन की सक्रियता से प्रशासन पर बनेगा दबाव

कांग्रेस संगठन की निगरानी से प्रशासन पर दबाव बनेगा, क्योंकि अधिकारियों को पता होगा कि सत्ताधारी दल के नेता किसानों से सीधे मिलकर उनको मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी ले रहे हैं, तो प्रशासनिक अमले की कोशिश रहेगी कि कोई नकारात्मक रिपोर्ट ऊपर न जाए।

ऐसे झटके लगे सरकार को

– ट्रेजरी का सर्वर बंद होने के कारण सरकारी अधिकारियों-कर्मचारियों को वेतन देने में देर हुई।

– चिप्स के सर्वर में तकनीकी खराबी आने के कारण पीईटी व पीपीएटी को स्थगित करना पड़ा।

– बिजली के मामले में सरप्लस स्टेट होने के बावजूद पॉवरकट होने के कारण विपक्ष ने घेरा।

सीएम सुनियोजित साजिश की जता चुके हैं आशंका

मुख्यमंत्री बघेल ने अब तक हुई प्रशासिनक कार्यों में हुई गड़बड़ियों के पीछे सुनियोजित साजिश की आशंका जता चुके हैं। उनका इशारा उन अधिकारियों की तरफ है, जो पूर्ववर्ती सरकार के करीबी माने जाते थे। सत्ता में आने से पहले बघेल ने कहा भी था कि कमल फूल छाप अधिकारी सुधर जाएं, वरना खुद तय कर लें, उन्हें कहां जाना है।