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खाटू श्याम भक्तों के लिए ख़ास सूचना! इस दिन बंद रहेंगे मंदिर के कपाट, दर्शन से पहले यहाँ चेक करें टाइमिंग…

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राजस्थान की मशहूर धार्मिक जगह खाटू के श्याम मंदिर में रोज़ाना भक्तों की भारी भीड़ लगती है। अगर आप खाटू श्याम मंदिर जाने का प्लान बना रहे हैं, तो प्लीज़ रुककर नया शेड्यूल देख लें।

मंदिर कमिटी ने नए नियमों की एक लिस्ट जारी की है, जिसके मुताबिक 18 से 19 फरवरी, 2026 के बीच मंदिर 7 घंटे के लिए बंद रहेगा।

मंदिर कमिटी की तरफ से जारी अपील में कहा गया है कि गुरुवार, 19 फरवरी, 2026 को श्री श्याम प्रभु की खास पूजा और तिलक-श्रृंगार की वजह से, 18 फरवरी, 2026 को रात 10 बजे से 19 फरवरी, 2026 को शाम 5 बजे तक श्री श्याम प्रभु के दर्शन आम लोगों के लिए बंद रहेंगे। इसलिए, इस समय के बाद ही दर्शन के लिए आएं। प्लीज़ इंतज़ाम में मदद करें।

खाटू श्याम मंदिर 18 से 19 फरवरी, 2026 तक बंद रहेगा

तिलक श्रृंगार और खास सेवा पूजा की वजह से, श्री श्याम मंदिर, खाटू श्याम जी के दरवाज़े आम भक्तों के लिए 18 फरवरी, 2026 को रात 10:00 बजे से 19 फरवरी, 2026 को सुबह 5:00 बजे तक बंद रहेंगे। खाटू श्याम बाबा का पुराना तिलक हटाया जाता है, उसके बाद नया तिलक श्रृंगार और खास पूजा होती है। तिलक श्रृंगार की प्रक्रिया गोपनीय और बहुत पवित्र होती है, इसलिए इस दौरान आम लोगों के दर्शन पूरी तरह मना हैं।

बाबा खाटू श्याम, हारे हुए लोगों का सहारा

खाटू श्याम को कलियुग में भगवान कृष्ण का अवतार माना जाता है। कहानी के अनुसार, भीम के पोते, बर्बरीक ने महाभारत युद्ध के दौरान कृष्ण को अपना सिर दान कर दिया था। बर्बरीक की भक्ति से खुश होकर भगवान कृष्ण ने उन्हें वरदान दिया कि कलियुग में उन्हें श्याम नाम से पूजा जाएगा और उन्हें “हारे हुए का सहारा” के नाम से जाना जाएगा। इसलिए, कलियुग में खाटू धाम को हारे हुए की शरणस्थली कहा जाता है। देश भर में बाबा खाटू श्याम को समर्पित कई मंदिर हैं, जिनमें से सबसे प्रसिद्ध राजस्थान के सीकर में स्थित मंदिर है।

चांदी का भाव धड़ाम! 4.20 लाख से 2.50 लाख/किलो पर पहुंचा, जाने आने वाले दिनों के लिए क्या है एक्सपर्ट्स की राय…

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रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद, चांदी की कीमतों में अब बड़ी गिरावट आ रही है, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज ऑफ इंडिया (MCX) पर चांदी लगभग ₹2.5 लाख प्रति kg तक गिर गई है।

इससे पहले, यह ₹4.20 लाख प्रति kg के ऐतिहासिक ऊंचे स्तर पर पहुंच गई थी। उस रिकॉर्ड ऊंचाई के बाद से, प्रॉफिट-बुकिंग और ग्लोबल दबाव के कारण कीमतों में गिरावट जारी है। फिलहाल, यह ₹2.30 लाख से ₹2.70 लाख प्रति kg की रेंज में ट्रेड कर रही है।

निवेशक क्यों चिंतित हैं?

निवेशकों के मन में सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या चांदी की कीमतें और गिरेंगी या वे वापस ऊपर जा सकती हैं। हालिया गिरावट के पीछे कई बड़े कारण हैं: US के मजबूत आर्थिक डेटा ने जल्द ही ब्याज दर में कटौती की संभावना कम कर दी है। जब दर में कटौती की उम्मीद कम होती है, तो डॉलर मजबूत होता है।

डॉलर के मजबूत होने से इंटरनेशनल मार्केट में चांदी और महंगी हो जाती है, क्योंकि इसकी कीमत डॉलर में होती है। इससे ग्लोबल डिमांड पर असर पड़ता है और कीमतों पर दबाव पड़ता है। रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद, बड़े इन्वेस्टर्स और ट्रेडर्स ने प्रॉफिट बुक करना शुरू कर दिया। जब बड़े पैमाने पर बिकवाली होती है, तो कीमतें तेज़ी से गिरती हैं। इंटरनेशनल मार्केट में $121 के रिकॉर्ड हाई पर पहुंचने के बाद COMEX सिल्वर की कीमतें तेज़ी से गिरीं। इसका सीधा असर इंडियन मार्केट के सेंटिमेंट पर पड़ा।

आगे क्या हो सकता है?

मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना ​​है कि मज़बूत डॉलर और ग्लोबल अनिश्चितताओं के कारण शॉर्ट टर्म में सिल्वर पर दबाव रह सकता है। लॉन्ग टर्म में, सिल्वर की इंडस्ट्रियल डिमांड (खासकर सोलर और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में) मज़बूत रहने की उम्मीद है, जिससे कीमतों को सपोर्ट मिल सकता है। हालांकि, हाल की गिरावट एवरेज से ज़्यादा रही है, जिससे पता चलता है कि मार्केट में अभी उतार-चढ़ाव का दौर चल रहा है। यह इन्वेस्टर्स के लिए सावधान रहने और लॉन्ग टर्म स्ट्रैटेजी के साथ आगे बढ़ने का समय हो सकता है।

ट्रेड डील के बाद भारत की इकोनॉमी पर बड़ी रिपोर्ट, विशेषज्ञों का कहना- चीन और जापान भी अब रह जाएंगे पीछे…

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भारत ने पिछले छह सालों में नौ ट्रेड डील साइन की हैं, जिनमें पांच FTA शामिल हैं। इन दो बड़ी डील के बाद, रेटिंग एजेंसियों ने भारत की इकॉनमी के लिए अपने अनुमानों में बदलाव किया है। इंडिया-EU ट्रेड डील और इंडिया-US ट्रेड डील, दोनों ने भारत की इकॉनमी के लिए अपने अनुमान बढ़ाए हैं।

ग्लोबल रेटिंग एजेंसी फिच रेटिंग्स ने भारत की इकॉनमी और GDP ग्रोथ के लिए अच्छे अनुमान दिए हैं। फिच ने अपनी रिपोर्ट में भारत की GDP, इंटरेस्ट रेट, कर्ज और टैक्स कलेक्शन को शामिल किया है।

भारत की इकॉनमी पर फिच का अनुमान

ग्लोबल रेटिंग एजेंसी फिच के मुताबिक, भारत की इकॉनमी तेजी से बढ़ने वाली है। फिच ने अनुमान लगाया है कि 2026 तक भारत एशिया में सबसे तेजी से बढ़ने वाली इकॉनमी होगी। भारत की GDP ग्रोथ 6.4 परसेंट होगी। यह ग्रोथ रेट इसे फिलीपींस, इंडोनेशिया और मलेशिया जैसे कई देशों से आगे रखती है। यूरोपियन यूनियन और यूनाइटेड स्टेट्स के साथ ट्रेड डील जियोपॉलिटिकल टेंशन, इंटरनेशनल उथल-पुथल और ट्रेड संकट के बीच भारत की इकॉनमी को सुरक्षित रखेंगी। एशिया में भारत के बढ़ते असर की वजह से, यह ट्रेड वॉर और ग्लोबल मंदी के बीच अपनी इकॉनमी को बचा सकता है। इन डील्स की वजह से, भारत इस मुश्किल समय में भी एक अच्छा इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन बना हुआ है। जहाँ चीन और जापान जैसे देश मंदी और सुस्त इकॉनमी से जूझ रहे हैं, वहीं भारत तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। चीन और जापान धीमी GDP ग्रोथ, बिगड़ते रियल एस्टेट, बैंकिंग सिस्टम के लिए खतरे और बढ़ती उम्र की वर्कफोर्स का सामना कर रहे हैं, ये सभी बड़ी चिंताएँ हैं। इस बीच, भारत का सबसे बड़ा कंज्यूमर मार्केट, तेज़ी से बढ़ती इकॉनमी और युवा आबादी इसकी ताकत हैं।

भारत की मज़बूत इकॉनमी

फिच के मुताबिक, भारत ने अपने बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और फिस्कल मैनेजमेंट की वजह से खुद को एक स्टेबल इकॉनमी के तौर पर बनाया है। सरकार लगातार ट्रेड डील्स पर बातचीत कर रही है, जिससे वह 2026 में मज़बूत ग्रोथ के लिए तैयार होगा। भारत ने अपनी इकॉनमी में जो स्टेबिलिटी बनाए रखी है, वह ग्लोबल ट्रेड बदलावों के असर को कम करेगी। भारत के घरेलू मार्केट की मज़बूती उसे बाहरी जोखिमों से खुद को सफलतापूर्वक बचाने में मदद करती है।

ब्याज दरों पर फिच का अनुमान क्या है?

फिच के मुताबिक, आने वाले दिनों में रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया के इंटरेस्ट रेट में कटौती करने की उम्मीद कम है। महंगाई और ग्रोथ को बैलेंस करने के लिए रिज़र्व बैंक अभी इंटरेस्ट रेट को 5.25% पर स्टेबल रख सकता है। फिच ने GST और टैक्स कलेक्शन में सरकार के परफॉर्मेंस की भी तारीफ़ की। हालांकि, रिपोर्ट में कर्ज़ को लेकर भी चिंता जताई गई है। ज़्यादा कर्ज़-से-GDP रेश्यो अभी भी चिंता की बात है।

स्टालिन सरकार महिलाओं को देगी हर साल पांच हजार रुपए, भाजपा ने उठाए सवाल…

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तमिलनाडु की राजनीति में महिला अधिकार और आर्थिक सहायता को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने राज्य की महिलाओं से बड़ा वादा करते हुए कहा कि उनकी सरकार अधिकारों के बंटवारे से पीछे नहीं हटेगी, चाहे कोई भी रुकावट क्यों न डाले।

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि फरवरी, मार्च और अप्रैल महीनों के लिए अग्रिम तौर पर 3,000 रुपए और गर्मियों के विशेष बंटवारे के तहत 2,000 रुपए दिए जा रहे हैं। इस तरह कुल 5,000 रुपए की राशि शुक्रवार को 1.31 करोड़ रुपए की राशि कलैगनार महिला अधिकार योजना की लाभार्थी महिलाओं के खातों में जमा कर दी गई है।

उन्होंने भरोसा जताया कि तमिल महिलाओं के समर्थन से उनकी सरकार दोबारा सत्ता में लौटेगी। साथ ही उन्होंने “द्रविड़ मॉडल 2.0” के तहत 1,000 रुपए की सहायता राशि बढ़ाकर 2,000 रुपए करने का वादा भी किया। स्टालिन ने इसे अपनी “बहनों से किया गया व्यक्तिगत वादा” बताया।

उन्होंने कहा कि चुनाव का बहाना बनाकर तीन महीनों के लिए अधिकारों के बंटवारे को रोकने की कोशिश की जा रही है, लेकिन उनकी द्रविड़ मॉडल सरकार अपने वादे पर कायम है।

वहीं, भाजपा की वरिष्ठ नेता तमिलिसाई सुंदरराजन ने मुख्यमंत्री के दावों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह कहना गलत है कि केंद्र सरकार इस योजना को रोकने की कोशिश कर रही है।

तमिलिसाई सुंदरराजन ने कहा कि डीएमके सरकार चुनाव को ध्यान में रखकर योजनाओं की घोषणा करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि योजना की घोषणा के बाद दो साल तक राशि नहीं दी गई और अब चुनाव से पहले एक साथ भुगतान किया जा रहा है।

सौंदराजन ने राज्य सरकार की शराब नीति और टीएएसएमएसी से होने वाली आय पर भी निशाना साधा। उनका दावा है कि सरकार को शराब बिक्री से भारी राजस्व मिलता है, जबकि परिवारों को आर्थिक रूप से नुकसान उठाना पड़ता है।

उन्होंने केंद्र सरकार की मुद्रा योजना और डिजिटल इंडिया पहल का हवाला देते हुए कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए दीर्घकालिक योजनाएं अधिक प्रभावी हैं।

उन्होंने कहा कि सभी महिला उद्यमी और बिजनेस ओनर बनाने के लिए ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुद्रा स्कीम लाए, जिससे तमिलनाडु में करीब एक करोड़ लोगों को फायदा हुआ है। इतना ही नहीं, सड़क किनारे सामान बेचने वालों, खासकर महिलाओं को तुरंत लोन दिया जाता है ताकि वे अपना बिजनेस तुरंत बढ़ा सकें।

2014 के बाद किसानों की बदली तस्वीर, ‘किसान सम्मान निधि’ गेमचेंजर योजना : रामेश्वर तेली…

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भाजपा राज्यसभा सदस्य रामेश्वर तेली ने कांग्रेस और उसके नेताओं पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब यूपीए सरकार सत्ता में थी, तब बड़ी संख्या में किसानों ने आत्महत्या की और उनके लिए कोई प्रभावी योजना नहीं थी।

इसके विपरीत, 2014 के बाद केंद्र की सरकार ने किसानों के लिए कई योजनाएं शुरू कीं।

रामेश्वर तेली ने आईएएनएस से कहा, “हमारी सरकार ने किसानों के हित में अनेक योजनाएं लागू की हैं। इनमें सबसे बड़ी योजना किसान सम्मान निधि है, जिसके तहत एक बड़ा फंड बनाया गया है ताकि हर किसान को इसका सीधा लाभ मिल सके।” उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार ने किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए ठोस कदम उठाए हैं।

इसी दौरान उन्होंने कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई पर भी गंभीर आरोप लगाए। तेली ने कहा, “गौरव गोगोई के पाकिस्तान से संबंध हैं और यह साबित हो चुका है। उनकी पत्नी पाकिस्तान में एक एनजीओ के साथ काम करती हैं और पाकिस्तान सरकार से वेतन भी लेती हैं।”

उन्होंने आगे कहा कि गोगोई की पत्नी की शादी को काफी समय हो चुका है, लेकिन अब तक उनकी पत्नी ने भारत की नागरिकता नहीं ली है। आज सोनिया गांधी भी भारतीय नागरिकता ले चुकी हैं। पता नहीं कि गौरव गोगोई की पत्नी ने अभी तक भारतीय नागरिकता क्यों नहीं ली, इसका रहस्य क्या है, यह समझ में नहीं आता।

राज्यसभा सदस्य ने यह भी कहा कि असम के मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया है कि अगर गोगोई पाकिस्तान नहीं गए, तो जो फोटो और वीडियो सामने आए हैं, वे कहां के हैं। तेली ने मांग की कि पूरे मामले की जांच होनी चाहिए।

फिलहाल रामेश्वर तेली के इन बयानों पर कांग्रेस की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

बता दें कि रामेश्वर तेली असम से भारतीय जनता पार्टी के सदस्य हैं और वे वर्तमान में असम का प्रतिनिधित्व करने वाले राज्यसभा में सांसद हैं।

नरवणे की किताब पर भाजपा सांसद बोले, देश में भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं राहुल गांधी…

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संसद के बजट सत्र में भारत के पूर्व थल सेनाध्यक्ष जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की एक किताब ‘फोर स्टार्स ऑफ़ डेस्टिनी’ को लेकर बड़ा बवाल मचा है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी संसद में इस किताब को पढ़ना चाहते थे, जिसे रक्षा मंत्री ने नियम का हवाला देते हुए रोक दिया।

इसके बाद भाजपा के सांसदों ने राहुल गांधी पर देश में भ्रम फैलाने का आरोप लगाया है।

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि राहुल गांधी किसानों के मुद्दे पर भी देश को भ्रमित कर रहे हैं। झूठ और लोगों में भ्रम फैलाना ही इनका काम रह गया है।

गिरिराज सिंह ने कहा कि कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल पहले ही कह चुके हैं कि किसानों के हितों के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ नहीं होगा। उनके अनुसार विपक्ष देश में अनावश्यक तनाव और भ्रम की स्थिति पैदा करना चाहता है।

भाजपा सांसद संजय जायसवाल ने कहा कि राहुल गांधी ने किताब को लेकर संसद में जो बयान दिया था, उसके साथ ही भाषण में कुछ बातों को प्रमाणित करने की बात कही थी, लेकिन पूरे दिन इंतजार के बावजूद वे ऐसा नहीं कर सके।

संजय जायसवाल ने कहा, “या तो राहुल गांधी अपने आरोपों को प्रमाणित करें या देश से माफी मांगें। हम उनका पीछा नहीं छोड़ने वाले हैं। बजट पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने इंडिया-यूएस एग्रीमेंट का जिक्र किया और वहां भी तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया था।

संजय जायसवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि 2014 में शपथ लेने के बाद उन्होंने खुद को ‘पब्लिक सर्वेंट’ बताया और शासन की कार्यशैली में व्यापक बदलाव लाया। उनके अनुसार, मोदी सरकार ने प्रशासनिक तंत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाई है।

भाजपा सांसद और उत्तर प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि जिनके पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है। वे हंगामा कर सुर्खियां बटोरने की कोशिश करते हैं।

उन्होंने दावा किया कि एनडीए सरकार ने विकास के क्षेत्र में कोई कसर नहीं छोड़ी है और विपक्ष के पास भ्रष्टाचार या विकास से जुड़ा कोई ठोस आरोप नहीं है।

वहीं, भाजपा सांसद कमलजीत सहरावत ने आरोप लगाया कि विपक्ष हर सत्र में नए मुद्दे उठाकर सदन की कार्यवाही बाधित करने की कोशिश करता है। जांच में अक्सर विपक्ष के आरोपों में तथ्य नहीं मिलते, जो उनकी विफलता को दर्शाता है।

दरअसल राहुल गांधी ने कहा था कि नरवणे की अप्रकाशित किताब के बारे में कहा था कि पूर्व थल सेनाध्यक्ष ने अपनी किताब में सरकार और प्रधानमंत्री के लिए कुछ असहज बातें लिखी हैं। इसके साथ ही कांग्रेस सांसद ने नरवणे के 2023 को किए एक एक्स पोस्ट का जिक्र करते हुए कहा कि पूर्व थल सेनाध्यक्ष ने लिखा- “हैलो दोस्तों. मेरी किताब अब उपलब्ध है. बस लिंक को फॉलो कीजिए. हैपी रीडिंग. जय हिंद।”

संसद के बाहर विपक्ष के सांसदों का हंगामा, हरदीप सिंह पुरी के इस्तीफे की मांग…

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संसद परिसर में शुक्रवार को कांग्रेस सांसदों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन उस समय हुआ, जब लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा तथाकथित ‘एपस्टीन फाइल्स’ मामले में लगाए गए आरोपों के बाद केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के इस्तीफे की मांग तेज हो गई।

कांग्रेस सांसदों ने सरकार पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि इस पूरे मामले में जवाबदेही तय होनी चाहिए और संबंधित मंत्री को पद छोड़ना चाहिए।

कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ला ने राहुल गांधी के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि वे किसानों के हितों की लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्होंने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, “राहुल गांधी सही बोल रहे हैं। किसानों के खिलाफ समझौता किया जा रहा है और वे इस नई डील के खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं। हम यह लड़ाई जारी रखेंगे, चाहे हमें सदस्यता से ही क्यों न हटा दिया जाए।”

राजीव शुक्ला ने बांग्लादेश के चुनावों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वहां बांग्लादेश राष्ट्रवादी पार्टी (बीएनपी) की नई सरकार बनने जा रही है, जिसका नेतृत्व तारिक रहमान करेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि नई सरकार भारत के साथ सहयोग और प्रगति के रास्ते पर आगे बढ़ेगी।

कांग्रेस सांसद मल्लू रवि ने भी राहुल गांधी का समर्थन किया। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा, “सदन में कुछ बयान सिर्फ चर्चा और कार्यवाही से ध्यान भटकाने के लिए दिए जाते हैं। वरना कुछ नहीं है, ये बयान सिर्फ मीडिया के लिए होते हैं। इनमें कोई असली गंभीरता नहीं होती।”

कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने चंडीगढ़ की एक पुनर्वास कॉलोनी में गंदे पानी की समस्या को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि दूषित पानी पीने से कई लोग बीमार पड़ गए हैं और कुछ बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। उन्होंने इसे बेहद दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि चंडीगढ़ एक केंद्र शासित प्रदेश है, ऐसे में वहां इस तरह की अव्यवस्था गंभीर सवाल खड़े करती है।

लोकसभा सांसद चंद्रशेखर आजाद ने भाजपा से सदन में शांति और सार्थक चर्चा की अपील की। उन्होंने कहा कि हंगामा नहीं होना चाहिए, बल्कि सरकार को जवाब देना चाहिए और विपक्ष को शांतिपूर्ण तरीके से मुद्दे उठाने चाहिए। उन्होंने रोटी, कपड़ा, मकान, शिक्षा, चिकित्सा, रोजगार और महंगाई जैसे बुनियादी मुद्दों पर चर्चा की मांग की। साथ ही उत्तर प्रदेश के रामपुर में एक वकील की हत्या का मुद्दा उठाते हुए अधिवक्ता संरक्षण अधिनियम लागू करने की मांग दोहराई।

नए इनकम टैक्स ड्राफ्ट नियमों से बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे और अहमदाबाद में रहने वाले लोगों को होगा फायदा, मिलेगी ज्यादा टैक्स छूट…

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केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) की ओर से इनकम टैक्स के नियम, 2026 का ड्राफ्ट जारी कर दिया गया है। इसमें बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे और अहमदाबाद में रहने वाले लोगों के लिए टैक्स छूट में इजाफा किया गया है।

दरअसल, नए इनकम टैक्स नियम 2026 के तहत पुरानी कर प्रणाली (ओल्ड टैक्स रिजीम)चुनने वाले वेतनभोगी व्यक्ति के लिए 50 प्रतिशत हाउस रेंट अलाउंस (एचआरए) छूट वाले शहरों की संख्या को बढ़ा दिया गया है।

मौजूदा समय में 50 प्रतिशत एचआरए छूट का फायदा केवल दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई में काम करने वाले कर्मचारियों को ही मिलता है, जबकि अन्य जगह के लिए यह सीमा 40 प्रतिशत है। ड्राफ्ट में इन शहरों के साथ बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे और अहमदाबाद का नाम जोड़ने का प्रस्ताव रखा गया है।

ऐसे में इन शहरों में भी ओल्ड टैक्स रिजीम चुनने वाले वेतनभोगी व्यक्ति भी 50 प्रतिशत एचआरए छूट का फायदा ले पाएंगे।

इसके अलावा, इनकम टैक्स के नियम 2026 के ड्राफ्ट में नियोक्ता द्वारा आंशिक रूप से निजी उपयोग के लिए उपलब्ध कराई जाने वाली कारों का काल्पनिक कर योग्य मूल्य बढ़ाने का प्रस्ताव दिया गया है। इसके तहत अब 1.6 लीटर इंजन क्षमता वाली कार के लिए 8,000 रुपए प्रति माह और इससे ऊपर की कारों के लिए 10,000 रुपए तक प्रति माह काल्पनिक कर योग्य मूल्य निर्धारित किया गया है। मौजूदा यह सीमा 2,700 रुपए प्रति माह और उच्च क्षमता वाली कारों के लिए 3,300 रुपए प्रति माह है।

इसके अलावा, ड्राफ्ट में नियोक्ताओं द्वारा प्रदान किए जाने वाले भोजन की कर-मुक्त सीमा चार गुना बढ़ाकर 200 रुपए प्रति भोजन करने का प्रस्ताव है। इसी प्रकार, नियोक्ता उपहारों पर वार्षिक छूट 5,000 रुपए से बढ़ाकर 15,000 रुपए करने का प्रस्ताव दिया गया है।

वहीं, ड्राफ्ट नियमों में कर-मुक्त कर्मचारी ऋण के दायरे को भी बढ़ाया गया है और छूट की सीमा 20,000 रुपए से बढ़ाकर 2 लाख रुपए करने का प्रस्ताव दिया गया है।

CG: सरकारी कर्मचारियों की सैलरी अकाउंट देगा करोड़ों की सुरक्षा, बीमा–शिक्षा-शादी सब एक पैकेज…

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समझौते के अंतर्गत बैंक ऑफ महाराष्ट्र में वेतन खाता संचालित करने वाले सभी नियमित शासकीय कर्मचारियों को ‘गवर्नमेंट प्राइड सैलरी सेविंग स्कीम’ से जोड़ा जाएगा. इस योजना के तहत कर्मचारियों को उन्नत, निःशुल्क और व्यापक बैंकिंग सुविधाएं प्रदान की जाएगी, जिससे उनकी आर्थिक सुरक्षा और भविष्य की योजनाएं और मजबूत होंगी.

छत्तीसगढ़ सरकार के नियमित कर्मचारियों के लिए एक बड़ी राहत और सुविधा की घोषणा की गई है. दरअसल, राज्य सरकार और बैंक ऑफ महाराष्ट्र के बीच उन्नत वेतन पैकेज को लेकर महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) हुआ है. इस एमओयू के तहत राज्य सरकार के नियमित कर्मचारियों को अब न केवल बेहतर बैंकिंग सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि करोड़ों रुपये तक का बीमा सुरक्षा कवच भी प्राप्त होगा.

इस समझौते के अंतर्गत बैंक ऑफ महाराष्ट्र में वेतन खाता संचालित करने वाले सभी नियमित शासकीय कर्मचारियों को ‘गवर्नमेंट प्राइड सैलरी सेविंग स्कीम’ से जोड़ा जाएगा. इस योजना के तहत कर्मचारियों को उन्नत, निःशुल्क और व्यापक बैंकिंग सुविधाएं प्रदान की जाएगी, जिससे उनकी आर्थिक सुरक्षा और भविष्य की योजनाएं और मजबूत होंगी.

दुर्घटना बीमा में मिलेगा करोड़ों का सुरक्षा कवच

एमओयू के अनुसार, खाताधारक कर्मचारियों को व्यक्तिगत दुर्घटना की स्थिति में 1.25 करोड़ रुपये तक का बीमा कवर मिलेगा. वहीं, हवाई दुर्घटना की स्थिति में 1 करोड़ रुपये तक का बीमा सुरक्षा कवर प्रदान किया जाएगा. इसके अलावा स्थायी पूर्ण विकलांगता की स्थिति में भी 1.25 करोड़ रुपये तक का कवर और 10 लाख रुपये का टर्म इंश्योरेंस दिया जाएगा.

गोल्डन आवर इलाज और परिवार के लिए खास लाभ

इस वेतन पैकेज में स्वास्थ्य सुविधाओं का भी विशेष ध्यान रखा गया है. कर्मचारियों को गोल्डन आवर के अंतर्गत 1 लाख रुपये तक की कैशलेस उपचार सुविधा मिलेगी. इसके साथ ही सामाजिक और पारिवारिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बिटिया की शादी के लिए 10 लाख रुपये तक और बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए भी 10 लाख रुपये तक का लाभ प्रदान किया जाएगा.

इसके अलावा खाताधारक कर्मचारियों को अन्य आकर्षक बैंकिंग लाभ, वैकल्पिक स्वास्थ्य बीमा पर टॉप अप जैसी सुविधाएं भी रियायती दरों पर उपलब्ध कराई जाएंगी. यह समझौता 10 फरवरी 2026 को वित्त विभाग, छत्तीसगढ़ शासन की विशेष सचिव शीतल शाश्वत वर्मा और बैंक ऑफ महाराष्ट्र, रायपुर अंचल के अंचल प्रबंधक वी. वेंकटेश की उपस्थिति में संपन्न हुआ.

CG: राज्यसभा में गूंजा छत्तीसगढ़ के किसानों की जान देने का मुद्दा, फूलोदेवी नेताम की सरकार से कर्जमाफी और मुआवजा देने की मांग…

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सांसद ने मांग करते हुए कहा, लाइन में खड़े आखिरी किसान को भी धान बेचने का टोकन मिलना चाहिए. एक – एक दाना खरीदना चाहिए.

कर्जमाफी और मुआवजा देने की मांग’

छत्तीसगढ़ में किसानों की जान देने की बढ़ती घटनाओं को लेकर राज्यसभा सांसद फूलोदेवी नेताम ने संसद में सरकार को कठघरे में खड़ा किया. कांग्रेस सांसद ने विशेष उल्लेख के माध्यम से कहा कि कृषि प्रधान देश में किसान जान देने को मजबूर है, जो व्यवस्था की गंभीर विफलता को दर्शाता है. फूलोदेवी नेताम ने आत्महत्या करने वाले किसानों का पूरा कर्ज माफ करने, पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने और अंतिम किसान तक टोकन वितरण और उपज खरीदी सुनिश्चित करने की मांग की है.

संसद में फूलोदेवी नेताम ने उठाया छत्तीसगढ़ के किसानों का मुद्दा

कांग्रेस सांसद फूलोदेवी नेताम ने कहा कि किसान बैंकों और साहूकारों से कर्ज लेकर खेती करता है. फसल खराब होने या उपज का सही दाम नहीं मिलने पर वह कर्ज नहीं चुका पाता और मानसिक और आर्थिक दबाव में आकर जान देने जैसा कदम उठा लेता है. यह केवल व्यक्तिगत त्रासदी नहीं, बल्कि नीतिगत असफलता का नतीजा है.

राज्यसभा में गूंजा छत्तीसगढ़ के किसानों का मुद्दा; टोकन व्यवस्था बनी किसानों की सबसे बड़ी परेशानी

कांग्रेस सांसद फूलोदेवी नेताम ने धान खरीदी में आने वाली सबसे बड़ी दिक्कत टोकन वितरण की अव्यवस्था को बड़ा कारण बताया. उन्होंने कहा कि किसान जब अपनी उपज लेकर खरीद केंद्रों में पहुंचते हैं, तो कई दिनों तक टोकन नहीं मिलता. बाद में जब सरकारी खरीदी बंद हो जाती है तो मजबूरी में किसान अपनी उपज औने-पौने दामों पर बाजार में बेच देता है, जिससे वह और ज्यादा कर्ज में डूब जाता है.

धान खरीदी नहीं होने से कई जिलों में किसानों ने दी जान: सांसद

फूलोदेवी नेताम ने कहा, ”टोकन नहीं मिलने और धान खरीदी नहीं होने के कारण छत्तीसगढ़ के महासमुंद, कोरबा, मोहला-मानपुर और जांजगीर-चांपा जैसे जिलों में कई किसानों ने जान दी है. यह स्थिति बेहद चिंताजनक है और तत्काल हस्तक्षेप की मांग करती है.”

कर्जमाफी और मुआवजे की मांग

राज्यसभा सांसद फूलोदेवी नेताम ने मांग की कि टोकन नहीं मिलने और खरीदी नहीं होने के कारण जान देने वाले किसानों का पूरा कर्ज माफ किया जाए. साथ ही पीड़ित परिवारों को पर्याप्त मुआवजा दिया जाए. अंतिम किसान तक टोकन वितरण व उनकी उपज की खरीदी सुनिश्चित करने के लिए ठोस व्यवस्था बनाई जाए