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CG: फिल ग्रुप पर IT रेड, ऑफिस-घर में सर्वे जारी, कई ठिकानों पर एक्शन से बिलासपुर में मचा हड़कंप…

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बिलासपुर में आयकर विभाग ने कोयला कारोबार से जुड़े फिल ग्रुप पर बड़ी कार्रवाई की है. टीम ने ग्रुप के ऑफिस, फैक्ट्री और आवास सहित अलग-अलग ठिकानों पर दबिश दी है. बताया जा रहा है कि अधिकारी SIR की सर्वे टीम के रूप में पहुंचे और गाड़ियों पर SIR के स्टीकर लगे थे.

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में आज सुबह उस समय हलचल मच गई जब आयकर विभाग की टीम ने कोयला कारोबार से जुड़े एक बड़े उद्योग समूह पर बड़ी कार्रवाई की है. जानकारी के अनुसार, फिल ग्रुप के अलग-अलग ठिकानों पर आयकर विभाग ने एक साथ दबिश दी है. टीम ने समूह के कार्यालय, फैक्ट्री और आवास सहित अलग-अलग स्थानों पर पहुंचकर जांच शुरू की है. सूत्रों के मुताबिक, आयकर विभाग की टीम सर्वे की कार्रवाई के तहत पहुंची है. बताया जा रहा है कि अधिकारी एसआईआर (SIR) की सर्वे टीम के रूप में पहुंचे और जिन वाहनों से टीम आई, उन पर एसआईआर के स्टीकर भी लगे हुए हैं. इस अचानक हुई कार्रवाई से कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप की स्थिति बन गई है.

दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच
फिल ग्रुप के मालिक प्रवीण झा हैं. उनके श्रीकांत वर्मा मार्ग स्थित दफ्तर में आयकर अधिकारियों की टीम दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड की गहन जांच कर रही है. इसके अलावा रामा वर्ल्ड स्थित उनके आवास पर भी जांच की कार्रवाई जारी है. अधिकारियों द्वारा जरूरी दस्तावेजों, कंप्यूटर डेटा और लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड की पड़ताल की जा रही है. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, कार्रवाई का मकसद वित्तीय अनियमितताओं और आय से संबंधित मामलों की जांच करना है, हालांकि, विभाग की ओर से अभी तक आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है.

इस कार्रवाई को लेकर शहर में चर्चाओं का दौर जारी है. स्थानीय कारोबारियों और उद्योग जगत की नजर अब इस जांच के परिणाम पर टिकी हुई है. फिलहाल, आयकर विभाग की टीम संबंधित ठिकानों पर जांच में जुटी हुई है और आगे की जानकारी आधिकारिक पुष्टि के बाद ही सामने आ सकेगी.

CG: सर्दी की विदाई के संकेत, दिन गरम-रातें नरम; पश्चिमी विक्षोभों से बदलेगा मौसम…

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छत्तीसगढ़ में मौसम का मिज़ाज बदलने लगा है। कड़ाके की सर्दी का असर कम पड़ते ही न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, जबकि शहरी इलाकों में दिन का पारा 30 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच रहा है।

छत्तीसगढ़ में मौसम का मिज़ाज बदलने लगा है। कड़ाके की सर्दी का असर कम पड़ते ही न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, जबकि शहरी इलाकों में दिन का पारा 30 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच रहा है। फिलहाल प्रदेश में मौसम शुष्क बना हुआ है और शुक्रवार को भी बारिश के आसार नहीं हैं।

मौसम वैज्ञानिक एच.पी. चंद्रा के मुताबिक 13 फरवरी और 16 फरवरी को दो पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर सकते हैं। हालांकि इनका सीधा असर छत्तीसगढ़ पर सीमित रहने की संभावना है। 13 और 14 फरवरी को न्यूनतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी हो सकती है, जबकि उसके बाद पारे में क्रमिक वृद्धि का अनुमान है।

मौसम वैज्ञानिक एच.पी. चंद्रा के मुताबिक 13 फरवरी और 16 फरवरी को दो पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर सकते हैं। हालांकि इनका सीधा असर छत्तीसगढ़ पर सीमित रहने की संभावना है। 13 और 14 फरवरी को न्यूनतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी हो सकती है, जबकि उसके बाद पारे में क्रमिक वृद्धि का अनुमान है।

राजधानी रायपुर में आज हल्की धुंध देखी जा सकती है। दिन के समय गर्मी का अहसास रहेगा, जबकि रात में हल्की ठंड बनी रह सकती है। अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य से थोड़ा ऊपर रहने की संभावना है। प्रदेश में सर्दी का दौर ढलान पर है और आने वाले दिनों में तापमान धीरे-धीरे बढ़ने के संकेत हैं।

बीते एक दिन में सबसे अधिक तापमान जगदलपुर में 32.7°C दर्ज किया गया, वहीं न्यूनतम तापमान अंबिकापुर में 9.7°C रहा। इस दौरान प्रदेश के किसी भी हिस्से में वर्षा नहीं हुई और आसमान साफ बना रहा।

CG: वैवाहिक विवादों में WhatsApp चैट और कॉल रिकॉर्डिंग होंगे मान्य साक्ष्य…

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छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने वैवाहिक विवादों में इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य पर महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा कि पारिवारिक न्यायालय पत्नी के WhatsApp चै …और पढ़ें

वैवाहिक विवादों में WhatsApp चैट और कॉल रिकॉर्डिंग होंगे मान्य साक्ष्य।

छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने वैवाहिक विवादों में इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य को स्वीकार करने के संबंध में एक महत्वपूर्ण निर्णय दिया है। हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि पत्नी के WhatsApp चैट और काल रिकॉर्डिंग को पारिवारिक न्यायालय पुख्ता साक्ष्य के रूप में मान सकता है। यह भी कहा कि यदि निजता के नाम पर साक्ष्यों को रोका गया, तो पारिवारिक न्यायालय का उद्देश्य ही समाप्त हो जाएगा।

रायपुर निवासी एक व्यक्ति ने पत्नी से विवाह विच्छेद के लिए पारिवारिक न्यायालय में आवेदन दिया था। पति ने पत्नी की अन्य व्यक्तियों के साथ हुई WhatsApp चैट और काल रिकॉर्डिंग को रिकॉर्ड पर लेने के लिए आवेदन दिया था। पत्नी ने इसका विरोध करते हुए आरोप लगाया कि पति ने उसका मोबाइल हैक कर अवैध रूप से ये साक्ष्य जुटाए हैं, जो उसकी निजता के अधिकार का उल्लंघन है।

परिवार न्यायालय ने पति की अर्जी को स्वीकार कर लिया, जिसे पत्नी ने हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। पत्नी की याचिका को खारिज करते हुए जस्टिस सचिन सिंह राजपूत की एकल पीठ ने कहा कि पारिवारिक न्यायालय के पास विशेष अधिकार है कि वह मामले के प्रभावी निपटारे के लिए किसी भी दस्तावेज या जानकारी को साक्ष्य के रूप में स्वीकार कर सकता है, भले ही वह सामान्यत: एविडेंस एक्ट के तहत स्वीकार्य न हो।

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व के निर्णयों का हवाला देते हुए हाई कोर्ट ने कहा कि यदि साक्ष्य प्रासंगिक है, तो यह महत्वपूर्ण नहीं है कि उसे किस प्रकार से प्राप्त किया गया है। अदालतों को दोनों पक्षों के हितों के बीच संतुलन बनाना होता है। पति को अपनी बात साबित करने के लिए प्रासंगिक साक्ष्य पेश करने का अवसर मिलना चाहिए।

हाई कोर्ट ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत निजता का अधिकार पूर्ण नहीं है। निष्पक्ष सुनवाई का अधिकार सार्वजनिक न्याय से जुड़ा है और यह निजता के व्यक्तिगत अधिकार से ऊपर है। यदि निजता के नाम पर साक्ष्यों को रोका गया, तो पारिवारिक न्यायालय का उद्देश्य ही समाप्त हो जाएगा।

अपनी गलती का लाभ उठाकर पति नहीं ले सकता तलाक

छत्तीसगढ़ में पारिवारिक न्यायालय बालोद जिले के एक वैवाहिक प्रकरण में निर्णय सुनाते हुए कहा कि कोई भी पक्षकार अपने दोषपूर्ण आचरण का लाभ उठाकर तलाक का हकदार नहीं हो सकता। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि केवल लंबे समय तक अलग रहना तलाक का स्वत: आधार नहीं बनता, जब तक वैधानिक क्रूरता सिद्ध न हो।

इस मामले में पति ने तलाक की याचिका दायर की थी, यह कहते हुए कि उसकी पत्नी पिछले आठ वर्षों से उससे अलग रह रही है। पत्नी ने न्यायालय में बताया कि उसके अलग रहने का मुख्य कारण पति का एक महिला पुलिसकर्मी के साथ विवाहेतर संबंध है, जिससे उनकी 10 वर्षीय पुत्री भी है। इस स्थिति के कारण उसे गंभीर मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा और वह अलग रहने को मजबूर हुई। न्यायालय ने इन तर्कों को स्वीकार करते हुए पति की याचिका को खारिज कर दिया।

छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल का 22वां स्थापना दिवस: योजनाओं की समीक्षा, गुणवत्ता और समयबद्धता पर विशेष जोर…

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छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल ने आज अपना 22वां स्थापना दिवस उत्साहपूर्वक मनाया। राज्य गठन के बाद 12 फरवरी 2004 को मंडल का पुनर्गठन किया गया था। पुनर्गठन के पश्चात अब तक मंडल द्वारा निर्मित लगभग एक लाख आवासों एवं संपत्तियों में से करीब 75 प्रतिशत आवास कमजोर एवं निम्न आय वर्ग के हितग्राहियों के लिए तैयार किए गए हैं।

स्थापना दिवस के अवसर पर मंडल अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव और आयुक्त श्री अवनीश शरण  ने सभी शाखाओं के अधिकारियों और कर्मचारियों की समीक्षा बैठक ली। अध्यक्ष श्री सिंह देव ने हाउसिंग बोर्ड परिवार को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए बेहतर कार्य संस्कृति और हितग्राहियों को किफायती दरों पर गुणवत्तापूर्ण आवास उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने सभी संचालित योजनाओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए उनके प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश दिए।  बैठक में उन्होंने “रिव्यू, रिफॉर्म और रिवोल्यूशन” की कार्यसंस्कृति अपनाने पर बल दिया।

अध्यक्ष ने बताया कि वर्षों से रिक्त पड़ी संपत्तियों में से 70 प्रतिशत का विक्रय किया जा चुका है। शेष 30 प्रतिशत संपत्तियों के शीघ्र विक्रय के लिए नई नीति तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं, जिसमें मरम्मत एवं आवश्यक सुधार कार्य भी शामिल होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि विकसित कॉलोनियों में ऐसे भूखंड, जो मंडल के उपयोग में नहीं हैं या अतिरिक्त रूप में आबंटित किए जा सकते हैं, उनका त्वरित निराकरण किया जाए।

नई आवासीय योजनाओं के तहत विक्रय हो रहे मकानों की साइट पर एक टिन शेड कार्यालय स्थापित करने के निर्देश भी दिए गए, जहां परियोजना से संबंधित सभी जानकारी और ब्रोशर उपलब्ध कराए जाएं।

मंडल द्वारा हाल ही में 2060 करोड़ रुपये की नई आवासीय योजनाओं का शुभारंभ किया गया है। वर्ष 2025 में 1023.70 करोड़ रुपये की संपत्तियों का विक्रय कर नया कीर्तिमान स्थापित किया गया, वहीं चालू वर्ष के मात्र 40 दिनों में ही लगभग 200 करोड़ रुपये की संपत्तियों का विक्रय किया जा चुका है।

आयुक्त श्री अवनीश शरण ने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने और समयबद्ध प्रगति बनाए रखने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने सभी शाखाओं को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए, ताकि योजनाओं का लाभ शीघ्रता से आम जनता तक पहुंच सके।

आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने स्थापना दिवस के अवसर पर मंडल द्वारा कार्यों की समीक्षा को सकारात्मक पहल बताते हुए अध्यक्ष, आयुक्त और पूरी टीम को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

समीक्षा बैठक में तकनीकी, विद्युत, लेखा, प्रशासन, संपदा, वास्तु, मार्केटिंग और आईटी शाखाओं के कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक में अपर आयुक्त श्री हर्ष कुमार जोशी, श्री अजीत सिंह पटेल, श्री एम.डी. पनारिया, श्री आर.के. राठौर, श्री एस.के. भगत, श्री एच.के. वर्मा, मुख्य संपदा अधिकारी श्री सुनील कुमार सिंह सहित समस्त अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

CG: बैंक ऑफ महाराष्ट्र एवं छत्तीसगढ़ शासन के मध्य उन्नत वेतन पैकेज के लिए हुआ एमओयू…

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व्यक्तिगत दुर्घटना पर 1.25 करोड़ रूपए का बीमा कवर

हवाई दुर्घटना बीमा एक करोड़ रूपए

बिटिया की शादी और बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए भी लाभ

छत्तीसगढ़ सरकार के नियमित कर्मचारियों को आकर्षक एवं व्यापक बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बैंक ऑफ महाराष्ट्र एवं छत्तीसगढ़ शासन के मध्य एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते के तहत बैंक में वेतन खाता संचालित करने वाले राज्य सरकार के सभी नियमित कर्मचारियों को ‘गवर्नमेंट प्राइड सैलरी सेविंग स्कीम’ के अंतर्गत उन्नत निःशुल्क सुविधाएं एवं बीमा कवर प्रदान किए जाएंगे।

समझौते के अनुसार बैंक ऑफ महाराष्ट्र द्वारा खाताधारक कर्मचारियों को व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा एक करोड़ 25 लाख रूपए तक, हवाई दुर्घटना बीमा एक करोड़ रूपए  तक, स्थायी पूर्ण विकलांगता कवर एक करोड़ 25 लाख रूपए तक तथा टर्म इंश्योरेंस 10 लाख रूपए प्रदान किया जाएगा। इसके साथ ही गोल्डन आवर के अंतर्गत 1 लाख रूपए तक कैशलेस उपचार सुविधा उपलब्ध होगी। कर्मचारियों को बालिका विवाह लाभ 10 लाख रूपए तक एवं बच्चों की उच्च शिक्षा हेतु 10 लाख रूपए तक का लाभ भी प्रदान किया जाएगा।

इसके अतिरिक्त खाताधारकों को अन्य आकर्षक बैंकिंग लाभ उपलब्ध कराए जाएंगे तथा स्वास्थ्य बीमा पर टॉप-अप जैसी वैकल्पिक सुविधाएं रियायती दरों पर प्रदान की जाएंगी। यह समझौता ज्ञापन 10 फरवरी 2026 को श्रीमती शीतल शाश्वत वर्मा, विशेष सचिव, वित्त विभाग, छत्तीसगढ़ शासन तथा श्री वी. वेंकटेश, अंचल प्रबंधक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, रायपुर अंचल की उपस्थिति में संपन्न हुआ। यह पहल राज्य सरकार के नियमित कर्मचारियों को अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक एवं लाभप्रद बैंकिंग सुविधा प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

कलेक्टर की अध्यक्षता में प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना की बैठक, सोलर पैनल लगाने का आव्हान

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राजनांदगांव। कलेक्टर जितेन्द्र यादव की अध्यक्षता में कलेक्टोरेट सभाकक्ष में प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के क्रियान्वयन को लेकर चेंबर ऑफ कॉमर्स, समाजसेवी, व्यापारी संघ, बिल्डर्स, कॉलोनाइजर्स और कॉलोनियों के प्रतिनिधियों की बैठक आयोजित की गई। इस अवसर पर महापौर मधुसूदन यादव भी उपस्थित रहे।

बैठक में प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के संबंध में प्रजेंटेशन और वीडियो के माध्यम से विस्तृत जानकारी दी गई। कलेक्टर ने कहा कि इस योजना के तहत नागरिक अपने घरों की छत पर रूफटॉप सोलर पैनल लगाकर बिजली बिल से मुक्त होकर ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन सकते हैं। उन्होंने बताया कि नेट मीटर और स्मार्ट मीटर के माध्यम से उपभोक्ताओं को बिजली के उपयोग और उत्पादन की सही जानकारी मिलेगी।

कलेक्टर ने बताया कि योजना में आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन है और आवेदक स्वयं वेंडर का चयन कर सकते हैं। योजना के तहत एक किलोवाट सोलर प्लांट पर 45 हजार, दो किलोवाट पर 90 हजार और तीन किलोवाट पर 1 लाख 8 हजार रुपये का अनुदान दिया जा रहा है। इसके अलावा, अतिरिक्त बिजली का उत्पादन होने पर इसे बेचकर अतिरिक्त आय भी अर्जित की जा सकती है।

महापौर मधुसूदन यादव ने कहा कि सोलर पैनल लगाने से न केवल बिजली का बिल शून्य हो जाएगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक लाभ भी सुनिश्चित होगा। उन्होंने सभी नागरिकों, सोसायटी और कॉलोनियों से अपील की कि वे प्राकृतिक ऊर्जा के अधिकतम उपयोग के लिए इस योजना का लाभ उठाएं।

बैठक में योजना से लाभान्वित नागरिकों ने अपने अनुभव साझा किए और सोलर पैनल लगाने के लिए अन्य लोगों को प्रोत्साहित किया। इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह, नगर निगम आयुक्त अतुल विश्वकर्मा, चेम्बर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष कमलेश बैद, कॉलोनियों के प्रतिनिधि, समाजसेवी, व्यापारी संघ और बिल्डर्स उपस्थित थे।

सुकुलदैहान बुनकर केन्द्र में 3 दिन की ट्रेनिंग, सभी बुनकरों का हुआ मुफ्त उद्यम पंजीयन

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राजनांदगांव। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय की रैंप योजना के तहत सीएसआईडीसी रायपुर के मार्गदर्शन में सुकुलदैहान बुनकर केन्द्र में तीन दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें शामिल सभी बुनकरों का नि:शुल्क उद्यम पंजीयन किया गया।

डिजिटल उद्यम पंजीयन के जरिए अब बुनकर शासकीय योजनाओं और बैंक ऋण सुविधाओं का लाभ ले सकेंगे। अधिकारियों ने बताया कि पंजीयन से स्वरोजगार को बढ़ावा मिलेगा और व्यवसाय विस्तार में मदद मिलेगी।

पहले दिन मास्टर ट्रेनर ने बुनकर संघ की गतिविधियों के विस्तार और एक साधारण बुनकर से सफल उद्यमी बनने तक की प्रक्रिया पर मार्गदर्शन दिया। दूसरे दिन मुद्रा योजना, ऋण प्रक्रिया और वित्तीय प्रबंधन की जानकारी दी गई। तीसरे दिन बाजार की मांग के अनुसार रेडीमेड वस्त्र निर्माण और विपणन के तरीकों पर प्रशिक्षण दिया गया।

प्रशिक्षकों ने बताया कि जिले के अन्य क्षेत्रों में भी अलग-अलग विषयों पर ऐसी कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। इच्छुक बुनकर, आयरन-स्टील सेक्टर के उद्यमी, प्लास्टिक इकाई संचालक और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोग जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र राजनांदगांव में संपर्क कर पंजीयन करा सकते हैं।

कार्यक्रम में मास्टर ट्रेनर प्रकृति गौतम और जिला समन्वयक भव्यजीत गौतम की अहम भूमिका रही।

पीएम से संवाद कर लौटीं छात्राओं ने महापौर-कलेक्टर से की मुलाकात, किया सम्मान

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राजनांदगांव। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम के 9वें संस्करण में शामिल पीएमश्री राजा सर्वेश्वरदास उत्कृष्ट विद्यालय की छात्रा पूनम साहू और नम्रता रजक ने बुधवार को महापौर मधुसूदन यादव और कलेक्टर जितेन्द्र यादव से कलेक्टोरेट में मुलाकात की। इस दौरान दोनों छात्राओं का सम्मान किया गया।

कार्यक्रम में छात्राओं को प्रधानमंत्री से सीधे संवाद का अवसर मिला। उन्होंने परीक्षा के तनाव को कम करने और बेहतर तैयारी के तरीकों पर सवाल पूछे, जिस पर प्रधानमंत्री ने सहज अंदाज में मार्गदर्शन दिया। प्रधानमंत्री ने विद्यार्थियों से बातचीत करते हुए शिक्षा के महत्व और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की बात कही।

महापौर और कलेक्टर ने कहा कि यह जिले के लिए गर्व की बात है कि यहां की छात्राओं को राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम में शामिल होने और प्रधानमंत्री से संवाद का अवसर मिला। उन्होंने छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

छात्राओं ने बताया कि प्रधानमंत्री से मिला मार्गदर्शन और सानिध्य उनके लिए अविस्मरणीय अनुभव रहेगा। इस अवसर पर जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुश्री सुरूचि सिंह, प्रशिक्षु आईपीएस आदित्य कुमार, एसएमडीसी अध्यक्ष कमलेश सूर्यवंशी, प्राचार्य डॉ. अमित घोष और शिक्षक आकाश त्रिपाठी भी मौजूद रहे।

उद्योगों की मांग के अनुसार युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देंगे : कलेक्टर

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राजनांदगांव। जिले के युवाओं को उद्योगों की जरूरतों के मुताबिक कौशल विकास से जोड़ने और उनकी क्षमता को बढ़ाने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में एक अहम बैठक ली। इस बैठक में विभिन्न औद्योगिक प्रतिष्ठानों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।

कलेक्टर ने कहा कि, ‘‘हमारे युवाओं को उद्योगों की जरूरत के अनुसार प्रशिक्षित किया जाएगा ताकि वे न केवल रोजगार पा सकें, बल्कि आत्मनिर्भर भी बन सकें।’’ उन्होंने यह भी कहा कि कौशल विकास से जुड़ी यह प्रक्रिया जिले के युवाओं को प्रतिस्पर्धात्मक बनाएगी और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करेगी।

बैठक के दौरान विभिन्न क्षेत्रों के उद्योगों के प्रतिनिधियों से चर्चा की गई, जिसमें फैब्रिकेशन, टेक्नीशियन, इलेक्ट्रीशियन, मैकेनिकल, सिविल इंजीनियरिंग, सॉफ्ट स्किल्स, मैन्युफैक्चरिंग, फूड प्रोसेसिंग, फार्मा, टेक्सटाइल्स, गारमेंट्स, इलेक्टॉनिक्स, आईटी, डाटा सेंटर, बीपीओ जैसे क्षेत्रों में कौशल आधारित प्रशिक्षण की संभावना पर विस्तार से विचार किया गया।

कलेक्टर ने उद्योगों से अपील की कि वे अपनी आवश्यकताओं की जानकारी जल्द से जल्द दें, ताकि अगले महीने से युवाओं को इन आवश्यकताओं के अनुसार प्रशिक्षित किया जा सके। उन्होंने कहा कि अगले पांच वर्षों में उद्योगों के मानव संसाधन की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कौशल विकास विभाग एक ठोस योजना तैयार करेगा।

इसके अलावा, प्रधानमंत्री सेतु योजना के तहत उद्योगों से सहयोग लेकर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि दोनों पक्ष—उद्योग और समाज—का फायदा हो। बैठक में वनमंडलाधिकारी श्री आयुष जैन, प्रशिक्षु आईपीएस श्री आदित्य कुमार, महाप्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र श्री सानू व्ही वर्गीस, और अन्य उद्योगों के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।

कलेक्टर ने उद्योगों को शीघ्र अपनी आवश्यकताओं की जानकारी देने के निर्देश दिए, ताकि युवाओं के लिए जल्दी ही प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया जा सके।

मां पाताल भैरवी सिद्धपीठ में महाशिवरात्रि पर्व पर द्वादश ज्योर्तिलिंगों का रुद्राभिषेक 15 फरवरी को

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राजनांदगांव। मानव सेवा एवं जनकल्याण के लिए अंचल सहित देशभर में पहचान बना चुकी बर्फानी सेवाश्रम समिति द्वारा हिन्दू पंचांग के अनुसार 15 फरवरी रविवार को भगवान भोलेनाथ की महाशिवरात्रि पर्व के अवसर पर मां पाताल भैरवी सिद्धपीठ स्थित विश्व के सबसे बड़े ज्योर्तिलिंग में विराजमान द्वादश ज्योर्तिलिंगों के साथ विशाल स्फटिक के पातालेश्वर महादेव व पारे के भव्य पारेशवर ज्योतिर्लिंग का महारुद्रा अभिषेक रात्रि 10 बजे से आयोजित किया गया है। जिसमें श्रद्धालुगण भी हिस्सा ले सकते हैं।
संस्था के सचिव गणेश प्रसाद शर्मा गन्नू ने बताया कि अखिल भारतीय चर्तुः सम्प्रदाय के पूर्व श्रीमहंत श्रीश्री 1011 योगाधिराज ब्रम्हर्षि बर्फानी दादा जी के आशीर्वाद व मार्गदर्शन से नगर में बर्फानी आश्रम स्थित मां पाताल भैरवी राज राजेश्वरी त्रिपुर सुंदरी दस महाविद्या द्वादश ज्योर्तिलिंग शिव शक्ति सिद्धपीठ स्थापित किया गया है, जिसमें वर्षभर जनकल्याण व मानस सेवा के साथ ही समय-समय पर विभिन्न पर्वों पर धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किया जाता है। इसी कड़ी पर इस वर्ष भी 15 फरवरी, रविवार को पड़ने वाली महाशिवरात्रि के अवसर पर रात्रि 10 बजे से विश्व शांति व जनकल्याण के लिए सिद्धपीठ स्थित विशाल 108 फीट ऊंचे शिवलिंग के प्रथम तल पर विराजमान दुर्लभ स्फटिक के आकर्षक पातालेश्वर महादेव व तृतीय तल पर विशालकाय भोलेनाथ शिवशंकर के साथ विराजमान द्वादश ज्योर्तिलिंगों देश के अद्वितीय पारे के पारेशवर महादेव का महारुद्रा अभिषेक आयोजित है। भगवान भोलेनाथ का यह रुद्राभिषेक दूध, दही, पंचामृत, शुद्ध घी, अष्टगंध, शहद, गंगाजल, सुगंधित इत्र एवं शुद्ध जल से विद्वान पंडितों के मंत्रोच्चार के मध्य किया जाएगा। जिसमें भगवान भोलेनाथ के द्वादश ज्योर्तिलिंगों के विशेष श्रृंगार, हवन एवं महा आरती भी आयोजित की जाएगी। इसके अलावा सिद्धपीठ प्रातः ब्रम्हमुहूर्त से अंचल सहित देशभर से आनेवाले शिवभक्तों के लिए खोल दिया जाएगा। जिसमें भगवान भोलेनाथ के भक्त पूजा-अर्चना, अभिषेक कर सकेंगे। संस्था द्वारा चौथे पहर रात्रि में अपने सदस्यों व श्रद्धालुओं के लिए महारुद्राभिषेक का आयोजन करेगी।
संस्था ने इसकी तैयारियों को लेकर पिछले दिनों संस्था के अध्यक्ष राजेश मारु, उपाध्यक्ष दीपक जोशी, सचिव गणेश प्रसाद शर्मा गन्नू, कोषाध्यक्ष नीलम जैन, महंत गोविंद दास, महेन्द्र लुनिया, सूरज जोशी, आलोक जोशी, कुलबीर सिंह छाबड़ा, योगेन्द्र पांडे, बलविंदर सिंह भाटिया, मनीष परमार, संजय खंडेलवाल, दामोदर अग्रवाल के अलावा अन्य सदस्यगण लगे हुए हैं। संस्था द्वारा आम श्रद्धालुओं व गुरु परिवार के सदस्यों से भगवान भोलेनाथ के महारुद्राभिषेक व अनुष्ठान में सम्मिलित होने की अपेक्षा की गई है।