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छत्तीसगढ़ : बूथों पर दिव्यांग भी संभालेंगे मतदान कराने की कमान

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11 लोकसभा सीटों पर एक करोड़ 89 लाख 16 हजार 285 मतदाता कुल 23 हजार 727 बूथों पर ईवीएम के बटन दबाकर वोट देंगे। इस बार प्रदेश में पांच हजार 625 क्रिटिकल बूथ चिन्हित किए गए हैं। इसके साथ ही 406 संगवारी मतदान, 464 आदर्श मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इस बार दिव्यांगजनों की सहूलियत के लिहाज से इनके लिए अलग से बूथ स्थापित किए गए हैं। इसकी कमान 56 दिव्यांग कर्मियों के हवाले होगी। यह अभिनव पहल आयोग की तरफ से पहली बार की जा रही है।

उक्त जानकारी मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुब्रत साहू ने मंगलवार को कार्यालय में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में दी। उन्होंने बताया कि सभी मतदान केंद्रों को मूलभूत सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। इनमें बिजली, पानी, रैम्प आदि की व्यवस्था होगी। राज्य के मतदाताओं को जागरूक करने के लिए स्वीप कार्यक्रम संचालित है।

—दृष्टिबाधित को मिलेगी अलग वोटर स्लिप

इस बार दृष्टिबाधित वोटरों को अलग से ब्रेल वोटर स्लिप दी जाएगी, ताकि उन्हें अपने नाम और बूथ संख्या की जानकारी मिल सके। इसके लिए ब्रेल लिपि में उभरे हुए शब्द होंगे।

–100 वर्ष के ऊपर के 2323 वोटर

सभी लोकसभा क्षेत्रों को मिलाकर कुल 2323 मतदाता सौ वर्ष के ऊपर के हैं। वहीं 75 से 100 वर्ष के बीच वाले तीन लाख 57 हजार 949 वोटर हैं। 18 से 19 वर्ष के बीच वाले मतदाताओं की संक्या पांच लाख 12 हजार 660 है।

–विधानसभा चुनाव में इतने जारी हुए थे डाक मतपत्र

विधानसभा चुनाव के दौरान एक लाख दो हजार 270 डाक मतपत्र जारी किए गए थे। मतगणना के प्रारंभ होने के नियत समय से पूर्व प्राप्त डाक मतपत्र 79 हजार 458 प्राप्त हुए थे। मतगणना के बाद विधि मान्य डाक मतपत्र 66 हजार 100 मिले। इसके अलावा 12 हजार 167 अविधि मान्य डाक मतपत्र है। जारी ईडीसी की संख्या चार हजार 338 डाकमत थे।

–आठ कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई

लोकसभा निर्वाचन के दौरान अधिकारी और कर्मचारियों द्वारा लापरवाही किए जाने पर आयोग ने कार्रवाई की। सीईओ सुब्रत साहू ने बताया कि कुल 11 प्रकरण सामने आए थे। इसमें आठ को कारण बताओ सूचना जारी की गई है। इसके अलावा तीन प्रकरण पर कार्रवाई हुई।

–सरकारी भवनों से हटाई गई एक लाख प्रचार समाग्री

सरकारी भवनों पर पार्टी को जिताने की अपील और दीवारों पर 42 हजार 64 लेखन मिटाए गए। इसके अलावा 45 हजार 515 पोस्टर, 23 हजार 219 बैनर और अन्य सामग्री 21 हजार 885 चुनाव प्रचार सामग्री हटाई गई। कुल एक लाख 32 हजार 678 प्रचार सामग्री हटाई गई। निजी भवनों से 26 हजार 551 दीवार लेखन, 11 हजार 968 पोस्टर, छह हजार 665 बैनर सहित अन्य 11 हजार 146 यानी कुल 56 हजार 329 प्रचार सामग्री हटाई गई।

फैक्ट फाइल

1-इलेक्ट्रॉनिक ट्रांसफर ऑफ पोस्टल बैलेट सेवा मतदाताओं को जारी किए जाएंगे।

2-सी-विजिल, सुविधा, समाधान, सुगम सभी एप आदर्श आचार संहिता के बाद से सक्रिय।

3-मतदाताओं की सुविधा के लिए टोल फ्री नंबर 1950 पर वोटर लिस्ट आदि की जानकारी मिलेगी।

4-सभी 27 जिलों में ईवीएम और वीवीपैट के संग्रहण के लिए स्ट्रांग रूम का चयन किया जा चुका है।

छत्तीसगढ़ : भूपेश बघेल और रमन सिंह प्रत्याशी नहीं, लेकिन मुकाबला दोनों के बीच

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रायपुर। लोकसभा चुनाव मोदी सरकार के कामकाज और राहुल के चुनावी वादों पर लड़ा जाएगा। दोनों तरफ से आरोप-प्रत्यारोप भी जारी हैं, लेकिन छत्तीसगढ़ में यह चुनाव मुख्यमंत्री भूपेश बघेल बनाम पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह भी रहेगा।

वजह यह कि प्रदेश में कांग्रेस का चेहरा भूपेश हैं, तो भाजपा का चेहरा रमन हैं। विधानसभा चुनाव में इन्हीं दोनों के बीच मुकाबला था। इन्हीं दो नेताओं के नेतृत्व और रणनीति पर कांग्रेस-भाजपा ने चुनाव लड़ा। अब लोकसभा चुनाव में यही दोनों चेहरे आमने-सामने हैं, भले ही ये प्रत्याशी नहीं हैं। दोनों नेताओं पर दबाव है कि वे अपने दल को अधिक से अधिक लोकसभा सीटों पर जीत दिलाएं।

डॉ. रमन सिंह लगातार 15 वर्षों तक छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रहे। इस कारण प्रदेश में भाजपा का वही चेहरा थे। पार्टी ने 2018 का विधानसभा चुनाव भी उन्हीं के चेहरे पर लड़ा। रमन और उनके सूबे के 12 मंत्री चुनाव लड़े थे। रमन के अलावा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल, पुन्नूलाल मोहले और अजय चंद्राकर अपनी सीट बचाने में सफल रहे, लेकिन आठ मंत्री चुनाव हार गए।

राजनीतिक विश्लेषकों की मानें, तो जनता में रमन के खिलाफ नहीं, बल्कि मंत्रियों और भाजपा के विधायकों की खिलाफ नाराजगी थी। उसके बाद भी रमन ने हार की जिम्मेदारी ली। उन्हें पार्टी ने राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बना दिया, लेकिन प्रदेश भाजपा में अब भी रमन का ही कद बड़ा है।

भाजपा लोकसभा चुनाव में केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के काम को ही नहीं, बल्कि भूपेश सरकार से तुलना करते हुए रमन सरकार के कामों की भी जनता के बीच ब्रांडिंग कर रही है। संगठनात्मक रूप से प्रचार से लेकर चुनाव की सभी रणनीति बनाने में भी रमन की ही महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी।

वहीं, अब मुख्यमंत्री व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बघेल की बात करें, तो कांग्रेस का 15 साल का वनवास खत्म करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। बघेल पूर्ववर्ती भाजपा सरकार के खिलाफ आक्रामक रहे। उन्हें कानूनी मामलों में फंसाकर दबाव बनाने की भी कोशिश हुई। बघेल जेल भी गए, लेकिन उन्होंने आक्रामकता नहीं छोड़ी।

बघेल ने पहली बार प्रदेश में बूथ स्तर तक कांग्रेस को संगठनात्मक रूप से खड़े किया। कार्यकर्ताओं को महत्व देकर उनका उत्साह बढ़ाया। बघेल सरकार के 60 दिन में किए कामों पर कांग्रेस लोकसभा चुनाव लड़ रही है। कांग्रेस ने नारा दिया है, 60 माह बनाम 60 दिन।

भूपेश पर दबाव

15 साल बाद कांग्रेस ने सत्ता में जोरदार तरीके से वापसी की। 90 में से 68 विधानसभा सीटों पर कब्जा किया। अब बघेल पर दबाव है कि वे लोकसभा चुनाव में भी कांग्रेस को बम्पर जीत दिलाएं।

रमन पर दबाव

भाजपा पिछले तीन लोकसभा चुनाव में 10-10 सीटें जीतती रही हैं। विधानसभा चुनाव में महज 15 सीटों पर सिमट गई, ऐसे में रमन के लिए फिर से 10 लोकसभा सीटों पर भाजपा को जिताने की चुनौती है।

छत्तीसगढ़ : आरके मॉल में दुकान बेचने के नाम पर बिल्डर से सवा करोड़ ठगने वाला आशीष जैन गिरफ्तार

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रायपुर।

आरके मॉल में दुकान दिलाने का झांसा देकर बिल्डर सुबोध सिंघानिया से करीब सवा करोड़ रुपये ठगने के मामले में मॉल के फरार संचालक आशीष जैन को मंगलवार को आमानाका पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। वह धोखाधड़ी के दूसरे प्रकरण में जमानत पर रिहा होने के बाद से गायब था।

आमानाका थाना प्रभारी रामाकांत साहू ने बताया कि चौबे कालोनी निवासी बिल्डर सुबोध सिंघानिया (48) ने 27 जून 2014 को आरके जैन करन इंडिया प्रालि के डायरेक्टर आशीष जैन निवासी जलविहार कॉलोनी से महोबा बाजार स्थित आरके मॉल में द्वितीय तल पर स्थित दुकान नंबर 211, 212, 212 ए तथा 203, 204 को खरीदने का सौदा 1 करोड़ 35 लाख 85 हजार रुपये में किया था। बयाना के तौर पर 1 करोड़ 12 लाख 59 हजार रुपये दे दिया। पैसे लेने के बाद आशीष जैन दुकान की रजिस्ट्री करने में आनाकानी करने लगा। परेशान होकर सुबोध सिंघानिया ने आमानाका थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले में 28 दिसंबर 2018 को आशीष जैन व उसके भाई विकास जैन के खिलाफ चार सौ बीसी का केस दर्ज कर जांच शुरू की। इस बीच आशीष पुलिस की गिरफ्त से बचने के लिए भाग निकला था। मंगलवार को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने घड़ी चौक के पास से उसे गिरफ्तार कर लिया। जबकि विकास जैन की तलाश की जा रही है। गौरतलब है कि आरके मॉल के संचालक आरके जैन समेत उसके बेटे आशीष जैन, विकास जैन समेत अन्य के खिलाफ शहर के अलग-अलग पुलिस थाने में करोड़ों की धोखाधड़ी के दस से अधिक केस दर्ज हैं। कुछ प्रकरणों में पिता-पुत्र की गिरफ्तारी हो चुकी है। फिलहाल दोनों भाई जमानत पर बाहर है।



chhattisgarh : विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार से कट गए सांसदों के टिकट

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस और भाजपा के उम्मीदवारों की घोषणा के साथ ही चुनावी बिसात बिछ गई है। भाजपा की पिछले 15 साल की सत्ता हाथ से जाने के बाद केंद्रीय नेतृत्व में न सिर्फ स्थानीय नेताओं की साख कमजोर हुई, बल्कि उनकी पसंद को भी दरकिनार करके नए नेताओं को लोकसभा चुनाव में उम्मीदवार बनाया गया। हालांकि पार्टी ने जातिगत समीकरण को देखते हुए उम्मीदवार बनाए, लेकिन स्थानीय नेताओं की पसंद को दरकिनार कर दिया गया।

भाजपा के उच्च पदस्थ सूत्रों की मानें तो केंद्रीय संगठन ने विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार को बड़ी गंभीरता से लिया। केंद्र में मोदी सरकार आने के बाद छत्तीसगढ़ ऐसा पहला राज्य है, जहां भाजपा को सबसे बुरी हार का सामना करना पड़ा।

केंद्रीय नेतृत्व ने छत्तीसगढ़ के लिए तय किया कि विधानसभा चुनाव में हारे हुए प्रत्याशियों को, जीते हुए विधायकों व मौजूदा सांसदों को टिकट नहीं दिया जाएगा। सांसदों के टिकट काटने के पीछे सबसे बड़ा कारण यह था कि वे अपने प्रभाव वाली सीट पर विधानसभा चुनाव नहीं जिता पाए। ऐसे में यह तय हो गया कि सांसदों का ग्राउंड लेवल पर परफार्मेंस कमजोर था।

केंद्र की महत्वाकांक्षी योजनाओं को जनता तक पहुंचाने में सफल नहीं हो पाए। नए चेहरों को सामने लाने से मतदाताओं की नाराजगी दूर हो जाएगी और बेहतर नतीजे मिलेंगे। चौंकाने वाली बात यह है कि देश के किसी भी राज्य में नहीं हुआ कि सभी वर्तमान सांसदों का टिकट काट दिया गया हो। ।

दरअसल, विधानसभा चुनाव में भी कई मंत्रियों का टिकट काटने की तैयारी की गई थी, लेकिन केंद्रीय नेतृत्व तैयार नहीं हुआ और सिर्फ एक मंत्री रमशीला साहू का टिकट कटा। इसका परिणाम यह हुआ कि डॉ रमन सरकार के आठ मंत्रियों को करारी हार का सामना करना पड़ा

आंतरिक सर्वे में पांच को पाया गया था कमजोर

भाजपा के आंतरिक सर्वे में पांच सांसदों के परफार्मेंस को कमजोर माना गया था और उनके स्थान पर नए उम्मीदवारों को उतारने की सलाह दी गई थी। पार्टी के तीन सांसद रमेश बैस, विष्णुदेव साय और विक्रम उसेंडी को टिकट मिलने की उम्मीद की जा रही थी।

इसके पीछे तर्क यह दिया जा रहा था कि बैस कुर्मी समाज के बड़े नेता हैं और सात बार के सांसद हैं। विक्रम उसेंडी को प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई थी। विष्णुदेव साय चार बार के सांसद, मोदी सरकार में मंत्री हैं और सरकार का चेहरा भी हैं।

आदिवासी होने के साथ वे भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भी रहे। ऐसे में इन तीनों नेताओं का टिकट काटकर भाजपा ने विपक्ष को मोदी सरकार पर हमला बोलने का मौका भी दे दिया। अब कांग्रेस वोटरों के बीच यह कहकर पहुंच रही है कि सांसदों ने काम नहीं किया, यही कारण है कि भाजपा ने उनको टिकट ही नहीं दिया, फिर ऐसी पार्टी के उम्मीदवारों का चयन क्यों किया जाए।

संगठन के नेताओं पर भाजपा का बड़ा दांव

भाजपा ने राजनांदगांव से प्रदेश महामंत्री संतोष पांडेय, रायपुर से प्रदेश उपाध्यक्ष सुनील सोनी जैसे संगठन के नेताओं को मौका देकर बड़ा दांव खेला है। संतोष पांडेय संघ पृष्ठभूमि से आते हैं और एक बार 2003 में विधानसभा चुनाव लड़े हैं। सुनील सोनी रायपुर के महापौर रहे हैं।

राजनांदगांव में साहू वोटर और रायपुर में कुर्मी वोटर प्रभावी भूमिका में हैं। कांग्रेस ने राजनांदगांव से भोलाराम साहू को मैदान में उतारकर साहू वोटरों को पाले में करने की कोशिश की है, लेकिन राजनांदगांव के परिणाम में कभी भी जाति का असर देखने को नहीं मिला।

यहां मोतीलाल वोरा, डॉ रमन सिंह, देवव्रत सिंह, मधुसूदन यादव और अभिषेक सिंह सांसद चुने गये। रायपुर में कांग्रेस ने प्रमेाद दुबे को उम्मीदवार बनाकर जातिगत फार्मूले को तोड़ने की कोशिश भी की है। ऐसे में राजनांदगांव और रायपुर में मुकाबला दिलचस्प होने के आसार हैं।



छत्‍तीसगढ़ में PM मोदी की चार चुनावी सभाएं करवाने की तैयारी

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रायपुर। छत्तीसगढ़ की लोकसभा की 11 सीट पर फतह करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चार सभाएं कराने की तैयारी है। भाजपा प्रदेश संगठन ने रायपुर, रायगढ़, सरगुजा और राजनांदगांव में मोदी की सभा का प्रस्ताव भेजा है। वहीं, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की छह सभाएं हो सकती हैं।

इस बीच, भाजपा ने स्टार प्रचारकों की सूची जारी की है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, राजनाथ सिंह सहित 11 केंद्रीय मंत्री और दो राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल हैं। लोकसभा चुनाव में टिकट कटने के बाद भी पार्टी ने वरिष्ठ सांसदों रमेश बैस, विष्णुदेव साय और दिनेश कश्यप को स्टार प्रचारक की सूची में शामिल किया है। 

उत्तर भारतीयों के बीच योगी, तिवारी तो ओडिशा मूल के बीच होंगे धमेंद्र-रघुवर

भाजपा ने वोटर के मिजाज के आधार पर स्टार प्रचारकों का चयन किया है। उत्तर भारतीय वोटर के लिए योगी आदित्यनाथ, मुख्तार अब्बास नकवी, मनोज तिवारी, डॉ अनिल जैन, पड़ोसी राज्य ओडिशा मूल के वोटरों के लिए धर्मेंद्र प्रधान, झारखंड मूल के लिए रघुवर दास, महाराष्ट्र के लिए नितिन गड़करी, मध्यप्रदेश के लिए शिवराज सिंह चौहान को मैदान में उतारा है। भाजपा के आला नेताओं की मानें तो केंद्र सरकार की सबसे अच्छी योजनाओं का मंत्रालय संभाल रहे केंद्रीय मंत्रियों को प्रचार मैदान में उतारा गया है।

इसके लिए राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी, अरुण जेटली, सुषमा स्वराज, थावरचंद गहलोत, जगत प्रकाश नड्डा, निर्मला सीतारमण, उमा भारती, स्मृति इरानी, मुख्तार अब्बास नकवी को प्रचार का जिम्मा सौंपा गया है। संगठन के नेताओं को भी स्टार प्रचारक बनाया गया है। इसमें राष्ट्रीय संगठन महामंत्री रामलाल प्रमुख हैं।

रमन-सरोज पर भरोसा

छत्तीसगढ़ के स्टार प्रचारकों में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ रमन सिंह, राष्ट्रीय महामंत्री सरोज पांडेय पर पार्टी ने भरोसा जताया है। इसके साथ ही राष्ट्रीय सहसंगठन महामंत्री सौदान सिंह, अनुसूचित जाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामविचार नेताम, प्रदेश अध्यक्ष विक्रम उसेंडी, नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक भी स्टार प्रचारक हैं।

पार्टी ने सांसद विष्णुदेव साय, रमेश बैस, दिनेश कश्यप, विधायक बृजमोहन अग्रवाल, राजेश मूणत, कृष्णमूर्ति बांधी, भीमा मंडावी, पिछले चुनाव में हारे राजेश मूणत, महेश गागड़ा, अमर अग्रवाल, लता उसेंडी को भी प्रचार का जिम्मा सौंपा है। वहीं, संगठन के नेता पवन साय, सुभाष राव, कमलचंद भंजदेव को भी स्टार प्रचारक बनाया गया है।

MP : आग से झुलसी महिला को जिला अस्पताल कराया भर्ती

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टीकमगढ़

मोहनगढ़ थाना अंतर्गत ग्राम रानीपुरा में कचरा जलाते समय महिला जल गई। महिला को गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती करया गया । मोहनगढ़ थाना अंतर्गत ग्राम रानीपुरा निवासी सोना केवट 26 साल जब अपने घर के पास कचरा में आग लगा रही थी। तभी अचानक आग महिला के कपड़ों में लग गई जिससे महिला आग से झुलस गई। तत्काल परिजनों ने महिला को मोहनगढ़ समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। प्राथमिक उपचार के बाद महिला को जिला अस्पताल रेफर किया गया। जहां डाक्टरों द्वारा महिला का इलाज जारी है। वहीं डॉक्टर अनुज रावत का कहना है कि महिला आग से 90 प्रतिशत झुलस चुकी है। पुलिस ने जांच पड़ताल शुरू कर दी है।

chhattisgarh : भाजपा से डरी कांग्रेस फिर भी वंशवाद से मुक्त नहीं हुई: विक्रम उसेंडी

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रायपुर। कांग्रेस की ओर से घोषित महिला प्रत्याशियों पर प्रतिक्रिया में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विक्रम उसेंडी ने कहा कि कांग्रेस महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी के लिए स्पष्ट दृष्टिकोण के अभाव से जूझती नजर आई है। भाजपा का महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी के प्रति सुस्पष्ट दृष्टिकोण रहा और हमारी पार्टी ने प्रदेश की पहली ही सूची में जनाधार रखने वाली महिलाओं को अपना प्रत्याशी घोषित कर उनका सम्मान किया और नारी सशक्तिकरण को लेकर अपनी प्रतिबध्दता व्यक्त की। इसके उलट भाजपा के दबाव में आकर कांग्रेस ने महिलाओं को अवसर तो दिया, लेकिन इसमें भी कांग्रेस अपनी पार्टी की समर्पित व जनाधार वाली कार्यकर्ताओं को अवसर देने से चूक गई और वंशवादी तथा परिवारवादी राजनीतिक चरित्र का ही परिचय कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ में भी दिया। श्री उसेंडी ने कहा कि वंशवाद की राजनीति के कारण कांग्रेस इस बार 44 से 4 सीट पर सिमट कर रह जाएगी।

Kanchipuram Accident: कांचीपुरम में सैप्टिक टैंक साफ करने के दौरान छह लोगों की मौत

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कांचीपुरम। तमिलनाडु के कांचीपुरम जिले एक हादसे में छह लोगों की मौत हो गई। हादसा उस वक्त हुआ जब ये सभी लोग एक अपार्टमेंट के सैप्टिक टैंक की सफाई के लिए उसमें उतरे हुए थे। श्रमिकों की मौत का ये हादसा कांचीपुरम के नेमीली इलाके में हुआ।

Madhya Pradesh : भोपाल में महानगर बैंक में तैनात गार्ड ने खुद को मारी गोली

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भोपाल। बैरागढ थाना महानगर बैंक में उस समय अफरातफरी मच गई जब वहां तैनात गार्ड ने खुद को गोली मार ली।

हालांकि अभी यह पता नहीं चला है कि गार्ड ने खुद को गाेली मारकर आत्‍महत्‍या की अथवा उसकी बंदूक से अचानक गोली चल गई।

जानकारी के अनुसार गोली चलने से गार्ड की मौके पर ही मौत हो गई। घटना दोपहर साढ़े तीन बजे की बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार यह आत्‍महत्‍या का मामला हो सकता है। पुलिस ने मामले की जांच आरंभ कर दी है। एफएसएल टीम के अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए हैं। बताया जाता है कि गार्ड पारिवारिक तनाव में था।

Chhattisgarh : एससी-एसटी और ओबीसी की स्कॉलरशिप के लिए आय सीमा समाप्त करने की सीएम ने की मांग

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अनुसूचित जाति-जनजाति पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति की ढ़ाई लाख रुपए की आय सीमा को बढ़ाए जाने या फिर समाप्त करने की मांग एक बार फिर किया है। उन्होंने इस संबंध में सामाजिक न्याय एवं सशक्तिकरण मंत्री थावरचंद गहलोत को पत्र लिखा है। भूपेश ने जो पत्र लिखा है उसमें उन्होंने कहा है कि पिछले 6 वर्षों में किसी भी प्रकार की कोई वृद्धि नहीं की है।

इस वजह से एससी-एसटी वर्ग के छात्रों को स्कॉलरशिप का लाभ नहीं मिल पा रहा है। वहीं उन्होंने पत्र में लिखा है कि ओबीसी वर्ग को दी जाने वाली छात्रवृत्ति की आय सीमा डेढ़ लाख रुपए है जबकि शासकीय सेवा में आरक्षण के लिए क्रिमीलेयर की आय सीमा 8 लाख रुपए निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा है कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों के लिए सरकार द्वारा आरक्षण का प्रावधान केन्द्र सरकार द्वारा किया गया है। ऐसी स्थिति में अनुसूचित जाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आय सीमा का बंधन औचित्यपूर्ण है।

एससी-एसटी और ओबीसी की स्कॉलरशिप के लिए आय सीमा समाप्त करने की सीएम ने की मांग