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राहुल गांधी बोले : पेटेंट कानूनों की मजबूती के लिये काम करेगी कांग्रेस

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कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि उनकी पार्टी देश में पेटेंट कानूनों को मजबूत बनाने की दिशा में काम करेगी और एक पेटेंट बैंक भी बनाएगी जिसके जरिये कारोबारियों को आसानी से कम कीमत में प्रौद्योगिकी मिल जाएगी।

गांधी ने एक फेसबुक पोस्ट में कहा, कांग्रेस पेटेंट कानूनों की मजबूती के लिये काम करेगी। हम अंतरराष्ट्रीय पेटेंट संरक्षण प्राप्त करने में भारतीय शोधकर्ताओं और अविष्कारकों की मदद करेंगे।

उन्होंने कहा, हम एक पेटेंट बैंक भी बनाएंगे जिसके जरिये कारोबारियों को कम कीमत पर पेटेंट प्रौद्योगिकी मिल सकेगी।

खाद्य एवं पेय पदार्थों की दिग्गज कंपनी पेप्सिको इंडिया ने गुरुवार को कहा था कि वह गुजरात के चार आलू किसानों के खिलाफ पेटेंट के उल्लंघन के आरोपों को लेकर दायर अपना मुकदमा वापस लेगी। भारतीय उद्योग निकाय नैस्कॉम की 26 अप्रैल की एक रिपोर्ट में कहा गया कि भारत में पंजीकृत कंपनियों ने 2015 से 2018 के बीच अमेरिका में 4600 से ज्यादा पेटेंट आवेदन दिये जिनमें से अधिकतर तकनीकी क्षेत्र से संबंधित थे।

एक अन्य फेसबुक पोस्ट में गांधी ने कहा कि उनका मानना है कि एक ‘स्वस्थ, पारदर्शी और प्रभावी लोकतंत्र’ के लिये मीडिया को ‘स्वतंत्र और निष्पक्ष’ होना चाहिए।उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी सरकारी हस्तक्षेप से संवादाताओं के संरक्षण, उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने और संपादकीय स्वतंत्रता सुनिश्चित करने का वादा करती है।

पीएम मोदी में हिम्मत नहीं है प्रेस कांफ्रेंस करने की: राहुल गांधी

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कांग्रेस के अध्यक्ष राहुल गांधी ने दिल्ली के प्रेस कॉन्फ्रेंस करके दावा किया है कि ये चुनाव बीजेपी हार रही है.

उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी को कांग्रेस पार्टी ने ध्वस्त कर दिया है. अब जो मोदी खड़ा है वो एक खोखला ढांचा है जो दस पंद्रह दिनों में ढह जाएगा.पत्रकार भी मेरे कान में आकर कहते हैं कि चौकीदार ही चोर है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पूरे पांच साल के कार्यकाल में एक भी प्रेस कॉन्फ्रेंस ना करने पर तंज कसते हुए राहुल गांधी ने पत्रकारों से कहा कि ” मोदी जी में भारतीय मीडिया के सामने खड़े होने की हिम्मत ही नहीं है. आप प्रधानमंत्री से भी कहें कि हो सके तो ऐसी कोई प्रेस कॉन्फ्रेंस कर लें. भारतीय प्रधानमंत्री में अंतरराष्ट्रीय मीडिया तो क्या भारतीय मीडिया के सामने खड़े होने होने की हिम्मत नहीं है. उनसे कहिए प्रेस से वार्ता करें, उनकी अंतराष्ट्रीय स्तर पर बहुत बेइज़्ज़ती हो रही है.”

मौजूदा आम चुनाव के चार चरण हो चुके हैं, जबकि तीन चरण बाकी हैं.

राहुल गांधी ने अपने प्रेस कांफ्रेंस में संवाददाताओं के कई सवालों के जवाब दिए. उनके दिए गए जवाब की अहम बातें निम्न हैं-

चुनाव आधे से ज़्यादा ख़त्म हो गया है और ये स्पष्ट फीलिंग है कि नरेंद्र मोदी जी हार रहे हैं. हमारा अपना आकलन और जो मतदान हो रहा है वो बता रहा है कि भाजपा चुनाव हार रही है.

इस चुनाव के दौरान मुख्य मुद्दे रोजगार, किसान, प्रधानमंत्री का भ्रष्टाचार और संस्थानों पर आक्रामण उभर कर सामने आए हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रोज़गार के बारे में एक भी शब्द नहीं बोल रहे हैं क्योंकि वो बोल ही नहीं सकते हैं. यही हाल किसानों का है. वो किसानों पर भी कुछ बोलने लायक नहीं है.

नरेंद्र मोदी का पूरा सिस्टम ध्यान भटकाने का है. जैसे ही उन्हें लगता है कि वो जीत नहीं रहे हैं वो ध्यान भटकाने के लिए कुछ न कुछ नया करने लगते हैं. जैसे गुजरात में सी-प्लेन किया था वैसे ही कुछ न कुछ नया लाते रहते हैं.

सेना मोदी की संपत्ति नहीं है. जब वो कहते हैं कि सेना ने कांग्रेस के शासनकाल में स्ट्राइक नहीं की थीं तब वो भारतीय सेना का अपमान कर रहे होते हैं.

ये सेना ने काम किया है. हम सेना के काम पर राजनीति नहीं करते हैं. सेना हिंदुस्तान की सेना है, किसी एक व्यक्ति की सेना नहीं है. प्रधानमंत्री में इतनी रेस्पेक्ट होनी चाहिए कि वो सेना का अपमान न करें.

न्याय योजना का एक ही लक्ष्य है, ग़रीबों के खाते में सीधे पैसा भेजना. इसका दूसरा लक्ष्य हिंदुस्तान की अर्थव्यवस्था को फिर से चालू करना है.

नोटबंदी यानी गब्बर सिंह टैक्स ने व्यपारियों का जीना मुहाल कर दिया है. नोटबंदी और गब्बर सिंह टैक्स से अर्थव्यवस्था को जो नुक़सान हुआ है उससे निबटने का तरीका न्याय योजना है.

भारत के मध्यम वर्ग का कोई भी युवा अगर व्यापार करना चाहता है तो उसे हिंदुस्तान में किसी से भी किसी प्रकार की अनुमति लेने की ज़रूरत नहीं है.

तीन साल तक कारोबार चलने के बाद उन्हें अनुमति लेनी होगी. हम हर साल 22 लाख लोगों को सरकारी नौकरी देंगे. हम एक साल के अंदर ये नौकरी दे देंगे.

दस लाख युवाओं को हम पंचायतों में नौकरी दे देंगे. मध्यम वर्ग ही भारत का भविष्य है. हम उसे ध्यान में रखकर योजनाएं ला रहे हैं.

मैं आपको बता रहा हूं कि रोजगार के बारे में हम क्या कर रहे हैं. आप बीजेपी से पूछिए वो रोज़गार के लिए क्या कर रहे हैं?

हम किसानों के लिए अलग से बजट लेकर आएंगे. किसान को क़र्ज़ लेकर जेल नहीं जाना पड़ेगा.

कांग्रेस का मेनिफ़ेस्टो कांग्रेस की आवाज़ नहीं है बल्कि ये भारत के युवाओं, महिलाओं और किसानों की आवाज़ है, उनका दस्तावेज़ है.

वो कहते हैं कि हम नेशनल सिक्यूरिटी में बहुत मज़बूत है. नेशनल सिक्यूरिटी के लिए वो क्या कर रहे हैं. सुरक्षा से नरेंद्र मोदी का क्या लेना देना, ये तो सेना का काम है, भारतीय सेना हमेशा से ये करती रही है.

भारतीय सेना ने हर युद्ध जीता है, ये नरेंद्र मोदी का शौर्य नहीं है, सेना का शौर्य है.

नरेंद्र मोदी इधर-उधर भाग रहे हैं. उनके पास रोज़गार या किसानों पर बात करने के लिए कुछ नहीं है.

आप लोग सवाल उठाते हैं कि मैंने सुप्रीम कोर्ट से माफ़ी क्यों मांगी. मैंने सुप्रीम कोर्ट से माफ़ी इसलिए मांगी क्योंकि सुप्रीम कोर्ट में एक प्रक्रिया चल रही है. मैं उस प्रक्रिया के बीच में नहीं आना चाहता. मुझसे ग़लती हुई मैंने सुप्रीम कोर्ट से माफ़ी मांगी.

लेकिन मैं अब भी कह रहा हूं कि चौकीदार चोर है. चौकीदार ही चोर है, तीस हज़ार करोड़ का घोटाला किया है.

देश की सबसे बड़ी समस्या बेरोज़गारी की है, उसके बारे में भी बोलना चाहिए. लेकिन सच ये है कि प्रधानमंत्री इस बारे में बात कर ही नहीं सकते, क्योंकि ये उनकी विशेषज्ञता नहीं है और जो विशेषज्ञ हैं उनकी वो सुनते नहीं है.

मैं प्रधानमंत्री को बेरोज़गारी और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सीधी बहस की चुनौती देता हूं. वो अनिल अंबानी के घर के अलावा कहीं भी मुझसे इस मुद्दे पर बहस कर सकते हैं.

हमारा पहला उद्देश्य नरेंद्र मोदी को हराना है. चुनाव से पहले हम गठबंधन को लेकर कोई बात नहीं करेंगे. चुनाव के बाद इस बारे में हम बात करेंगे. अभी बात करेंगे तो इससे ध्यान ही भटकेगा.

मुझे एक डरा हुआ प्रधानमंत्री दिख रहा है जो जानता है कि वो हार जाएगा. लोग पूछ रहे हैं कि पैंतालीस सालों में बेरोज़गारी सबसे ऊपर क्यों हैं और उनके पास कोई जबाव नहीं है. जब उनसे ये पूछा जाता है तो वो भूतकाल में जाकर बहाने तलाशते हैं.

हम जो कर रहे हैं वो एक देश की आवाज़ है, वो एक व्यक्ति की आवाज़ है. एक व्यक्ति देश से बड़ा हो ही नहीं सकता है. देश की इस आवाज़ के सामने नरेंद्र मोदी खड़ा हो ही नहीं सकता है.

मैं आप सबका शुक्रिया अदा करता हूं क्योंकि बीते पांच सालों में आपने भारी दबाव में काम किया है. लेकिन दबाव के बावजूद आपने शानदार काम किया है.

तेज हवाओं के साथ बारिश, मध्य छत्तीसगढ़ में भी Fani का असर

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फणि चक्रवात का असर मध्य छत्तीसगढ़ में भी शाम के वक्त दिखाई देने लगा। अचानक मौसम में बदलवाद आया।

तेज हवाओं के साथ घने काले बादल छा गए और बारिश होने लगी। इसके कुछ समय बाद सूरज भी नजर आने लगा। करीब 80 से 90 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। राजधानी रायपुर सहित आस-पास के क्षेत्रों में इसका असर दिखा, जबकि उत्तर और दक्षिण छत्तीसगढ़ में मौसम सामान्य रहा।

पश्चिम की ओर से आ रही गर्म हवाओं के चलते छत्तीसगढ़ पहुंचते तक फणि का असर कमजोर पड़ गया। चक्रवात को गर्म हवाओं ने उत्तर की ओर धकेल दिया। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक कुछ इलाकों में आगामी 24 घंटे के दौरान गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है।

तेज हवा पानी से बचने के लिए सरस्वती नगर बस डिपो के पास खड़े एक युवक पर लोहे का होर्डिंग्स गिर गया। इससे युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। युवक की पहचान हगनु निषाद 24 वर्ष कोटा मस्जिद के पास का निवासी है उसकी कमर और सर पर गंभीर चोटें हैं। सरस्वती नगर थाना इलाके का मामला है।

फणि चक्रवात के असर से शुक्रवार को दिन भर बदली छाई रही। शाम को रायपुर, बिलासपुर और कई शहरों में तेज हवाएं चलीं, जिसकी रफ्तार 40-45 किमी प्रतिघंटा तक रही। हवा के प्रभाव से शहर में दर्जन भर से अधिक पेड़ गिरे। कई क्षेत्र ब्लैकआउट हो गए। पुलिस, होमगार्ड, 108 संजीवनी की टीमों ने मोर्चा संभाला और सड़क पर गिरे पेड़ों को हटाकर यातायात की बहाली की।

मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि शनिवार की शाम भी प्रदेश का मौसम बदलेगा। तेज हवा, आंधी-तूफान और बारिश भी हो सकती है। खासकर उत्तर-पूर्वी छत्तीसगढ़ में। तूफान गुजरने के बाद पांच मई से पारा एक बार फिर बढ़ना शुरू होगा।

OP चौधरी ने पूछे पांच सवाल, CM भूपेश में प्रशासनिक कमजोरी

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 मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से पूर्व कलेक्टर और भाजपा नेता ओपी चौधरी ने सोशल मीडिया पर पांच सवाल पूछे हैं। इसमें चौधरी ने पीईटी परीक्षा से पहले सर्वर डाउन, चालू डीजीपी की नियुक्ति, विधानसभा में सिंहदेव के विभाग का प्रतिवेदन तैयार नहीं होने पर चर्चा नहीं होने का मुद्दा उठाया है।

इसके साथ ही चौधरी ने पूछा है कि तीन महीने में एक जिले में तीन-तीन एसपी और कलेक्टर तैनात करना क्या प्रशासनिक कसावट है। दरअसल, विपक्ष में रहने के दौरान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल प्रशासनिक आतंकवाद का आरोप लगाते थे, अब विपक्ष उनसे यही सवाल पूछ रहा है।

कलेक्टर की नौकरी छोड़कर भाजपा की टिकट पर चुनाव लड़ने के कारण कांग्रेस के निशाने पर रहे चौधरी ने अब सरकार से सवाल पूछना शुरू किया है। चौधरी ने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि मैसेंजर महत्वपूर्ण नहीं है, मैसेज महत्वपूर्ण है, इसलिए मुझपर ध्यान न देकर मुद्दों पर ध्यान दीजिए। आज के सवाल राजनीति करने के लिए नहीं,बल्कि इसलिए हैं, ताकि व्यवस्था दुरुस्त हो सके।

यह है चौधरी के पांच सवाल

1. परीक्षा से एक दिन पहले व्यापमं की परीक्षा निरस्त करना क्या बढ़ती प्रशासनिक अव्यवस्था का परिचायक नहीं है? हमारे युवा साथियों को ऐसी स्थिति का सामना क्यों करना पड़ रहा है?

2. छत्तीसगढ़ विधानसभा के 19 वर्ष के इतिहास में पहली बार इस वर्ष अनुदान मांगों पर चर्चा इसलिये नहीं हो पायी, क्योंकि प्रशासकीय प्रतिवेदन प्रस्तुत नहीं कर पाये थे। क्या यह प्रशासनिक अव्यवस्था नहीं है?

3. डीजीपी की तुलना में डीजी नक्सल आपरेशन तीन साल सीनियर हैं। इससे पुलिस प्रशासन में कंफ्यूजन की स्थिति निर्मित नहीं हो रही है?

4. क्या डीजीपी की नियुक्ति में सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना नहीं हुई थी, जिसके कारण सरकार ने सर्वोधा न्यायालय के सामने किरकिरी हुई।

5. कई जिलों ने तीन महीनों में तीन-तीन एसपी और कलेक्टर नहीं देख लिया?

कांग्रेस का तंज, 15 साल में विवादित परीक्षाओं पर भी बोलें चौधरी

कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने तंज कसते हुए कहा कि पिछले 15 साल में भाजपा राज में हुई विवादित परीक्षाओं पर भी ओपी चौधरी कुछ बोलते तो अच्छा रहता। शुक्ला ने कहा कि यह स्तरहीन गैरजिम्मेदार बयानबाजी है।

भाजपा भूल रही है कि उनके शासनकाल में व्यापमं द्वारा एक वर्ष में तीन-तीन बार पीएमटी परीक्षा को स्थगित करना पड़ा था। उस समय पर्चा लीक, सामूहिक नकल और रिजल्ट में गड़बड़ियों के कारण परीक्षा निरस्त की गई। छत्तीसगढ़ पीएससी एक वर्ष भी विवादहीन परीक्षा आयोजित नहीं कर पाया।

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने ओड़िशा के मुख्यमंत्री से की दूरभाष पर चर्चा : चक्रवाती तूफान फोनी से उत्पन्न विपदा में हर संभव मदद देने का दिया आश्वासन

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छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज ओड़िशा के मुख्यमंत्री श्री नवीन पटनायक से दूरभाष पर चर्चा कर ओड़िशा में आये चक्रवाती तूफान फोनी के संबंध में चर्चा की।

मुख्यमंत्री श्री बघेल ने श्री नवीन पटनायक से इस समुद्री तूफान से ओड़िशा राज्य में उत्पन्न कठिन परिस्थिति और विपदा में राहत देने हेतु हरसंभव मदद देने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि ओड़िशा मेें आए भीषण तूफान से जिन परिवारों को जान माल का नुकसान हुआ है, उनके प्रति छत्तीसगढ़ सरकार सहानुभूति रखती है। हमने सरकार की ओर से ओड़िशा सरकार को सहायता का प्रस्ताव दिया है। हम संकट की इस घड़ी में उनके साथ हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे संकट की घड़ी में छत्तीसगढ़ राज्य की जनता ओड़िशा राज्य की जनता के साथ खड़ी है और हरसम्भव मदद करने के लिए तैयार है।

जशपुर जिले में 5 मई से शुरू हो जाएगा तेन्दूपत्ता संग्रहण का काम : 39 हजार मानक बोरा तेन्दूपत्ता संग्रहण का लक्ष्य

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जशपुर जिले में 5 मई से तेन्दूपत्ता की तुड़ाई का काम शुरू हो जाएगा। जिले में इस वर्ष 39 हजार मानक बोरा तेन्दूपत्ता संग्रहण का लक्ष्य निर्धारित है। तेन्दूपत्ता  संग्रहण का कार्य 24 लघु वनोपज सहकारी समिति के माध्यम से किया जाएगा। तेन्दूपत्ता संग्राहकों को प्रति मानक बोरा के मान से 4 हजार रुपया पारिश्रमिक दिया जाएगा।
वनमडलाधिकारी श्री कृष्ण जाधव ने बताया कि छत्तीसगढ़ में तेन्दूपत्ता संग्रहण दर 4000 रुपए प्रति मानक बोरा है जो अन्य राज्यों की तुलना में बहुत अधिक है। अन्य राज्यों से तेन्दूपत्ता जिले में विक्रय हेतु अवैध रूप से न आ सके, इसको ध्यान में रखते हुए सहकारी समितियों एवं फड़ों में विशेष निगरानी रखी जाएगी। उन्होंने बताया कि तेन्दूपत्ता का अवैध परिवहन न हो सके इसकी धर-पकड ़केे लिए उड़नदस्ता दल गठित किए गए है। तेन्दूपत्ता संग्रहण कार्य की देख-रेख के लिए पोषक अधिकारी, फडमुंशी और फड अभिरक्षक तैनात किए गए है। तेन्दूपत्ता के अवैध परिवहन एवं अन्य राज्यों से इसकी आवक की रोकथाम के लिए तीन उड़नदस्ता दल तथा तीन जोनल अधिकारी तैनात किए गए हैं। तेन्दूपत्ता की गुणवत्ता की जांच के लिए 8 अधिकारी नियुक्त किए गए हैं, जो सीजन के दौरान लगातार दौरा कर संग्रहण कार्य एवं गुणवत्ता पर निगरानी रखेंगे। जशपुर जिले में तेन्दूपत्ता संग्रहण के लिए कुल 305 फड हैं। जिले के तपकरा, पत्थलगांव, कांसाबेल, कुनकुरी इलाके में अच्छी गुणवत्ता का तेन्दूपत्ता बहुतायत रूप से होता हैं जिले के 42000 तेन्दूपत्ता संग्राहकों को लगभग 16 करोड़ रूपए का पारिश्रमिक मिलेगा।

कुदरत ने ढहाया मासूम बच्ची पर कहर, बिना खोपड़ी के हुई पैदा

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दोस्तों, भगवान चाहे जो कुछ कर सकता है मगर फिर भी हम उसकी पूजा करते हैं और उसको मानते हैं । आज हम आपको कुदरत के कहर का ऐसा ही वाक्या बताने जा रहे हैं जो कि एक मासूम पर बरपा है । बताया जा रहा है कि एक बच्ची का जन्म आधी खोपड़ी के साथ हुआ, इस बच्ची का नाम नीथ है ।

आपको जानकर हैरानी होगी कि बच्ची के माता-पिता श्रे और हेंग ने उसका इलाज कराने के लिए अपना घर तक बेच दिया है। मगर डॉक्टरर्स ने इस बच्ची का इलाज करने में असमर्थता जताई । दक्षिणी पूर्वी एशियाई देशों जैसे थाईलैंड और वियतनाम के मेडिकल विशेषज्ञों का मानना है उसकी खोपड़ी के हिस्से का गुम होना अनेंसफली के कारण हो सकता है । इसके आगे विशेषज्ञों ने बताया कि ऐसा तब होता है जब भ्रूण का विकास नहीं हो सकता ।

कारण हैरान करने वाला, आखिर क्यों यहाँ इंसानों की जगह मुर्गों को किया जा रहा है जेल में बंद

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हर देश में अपना—अपना कानून होता है और उस कानून को वहां पर रहने वाले को मानना भी पड़ता है । आपको बता दें कि, देश की सुरक्षा का जिम्मा वहां की पुलिस की होती है क्योंकि वो ही देश में सुरक्षा और शांति बनाए रखती है । मगर आज हम आपको एक ऐसी जगह के बारे में बताने जा रहे हैं जहां पर पर पुलिस मुजरिम के स्थान पर मुर्गो को जेल में बंद कर रही है । सुनकर चौंक गए ना आप, मगर ये सच है ।

दरअसल, यह पूरा मामला हरियाणा का है, जहां पुलिस ने जुआरियो की सजा बेचारे 6 मुर्गो को भुगतनी पड़ी । सूत्रों के अनुसार बताया जा रहा है कि, करीब 18 जुआरियो के द्वारा मुर्गो की लडाई करवाई जा रही थी मगर वहां पर अचानक पुलिस गई, जिसके बाद पुलिस को आता हुआ देखकर जुआरियों को वहां से भागना पड़ा मगर मुर्गे वहीं पर रह गए और पुलिस ने उन मुर्गो को जेल में बंद कर दिया ।

फिलहाल पुलिस अभी तक उन मुर्गो के असली मालिक को खोज रही हैं ।

जोरदार मांग से रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचा इलायची का भाव

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छोटी इलायची की घरेलू मांग में जोरदार तेजी आने से शुक्रवार को वायदा बाजार में इसकी कीमत रिकॉर्ड ऊंचाई पर चली गई। एमसीएक्स पर इलायची के मई अनुबंध में पिछले सत्र के मुकाबले चार फीसदी की तेजी दर्ज की गई। वायदा बाजार में इलायची में 23 अप्रैल के बाद से लगातार तेजी बनी हुई है।

घरेलू वायदा बाजार मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर इलायची के मई अनुबंध का भाव पिछले सत्र के मुकाबले 81.50 रुपये यानी चार फीसदी की तेजी के साथ 2,120.60 रुपये प्रतिकिलोग्राम तक चला गया।

एमसीएक्स पर इलायची के अन्य सौदों में भी तेजी दर्ज की गई। इलायची के जून अनुबंध का भाव 76.70 रुपये यानी चार फीसदी की तेजी के साथ 1,996.30 रुपये प्रति किलोग्राम तक चला गया।

कारोबारी सूत्रों के अनुसार, इन दिनों इलायची की हाजिर मांग जोरदार है जबकि आपूर्ति कमजोर है इसलिए कीमतों में तेजी देखी जा रही है।

भारत में इलायजी का सबसे ज्यादा उत्पादन केरल में होता है, उसके बाद कर्नाटक और तमिलनाडु में इलायची का उत्पादन होता है।

51 सीटों के लिए आज थमेगा प्रचार, 6 मई को होगा सोनिया, राहुल से लेकर राजनाथ के भाग्य का फैसला

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लोकसभा चुनाव के पांचवे चरण के लिए आज शाम को प्रचार थम जाएगा। इस चरण में 7 राज्यों की 51 सीटों पर 6 मई को वोट डाले जाएंगे। इसमें यूपी की सबसे ज्यादा 14 सीटों पर चुनाव हो रहा है। इन चरण में यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह, स्मृति ईरानी, जयंत सिन्हा, राजीव प्रताप रूडी, राज्यवर्धन सिंह राठौड़, अर्जुनराम मेघवाल, पूनम सिन्हा समेत कई दिग्गजों के भाग्य का फैसला होगा।

इस चरण में 6 मई को मतदाता जिन उम्मीदवारों का फैसला करेंगे उनमें अहम सीट है अमेठी की, जहां कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के सामने भाजपा उम्मीदवार और केन्द्रीय मंत्री स्मृति ईरानी हैं। वहीं, रायबरेली सीट पर यूपीए की चेयरपर्सन सोनिया गांधी के सामने भाजपा के दिनेश प्रताप सिंह मैदान में हैं। इसके साथ ही यूपी की लखनऊ की सीट पर भाजपा नेता और केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह का मुकाबला कांग्रेस के आचार्य प्रमोद कृष्णम और सपा-बसपा गठबंधन की उम्मीदवार पूनम सिन्हा से है।

मधुबनी सीट पर शकील अहमद निर्दलीय

बिहार में मधुबनी सीट पर महागठबंधन के बद्री कुमार के सामने भाजपा के अशोक यादव और पूर्व कांग्रेस नेता शकील अहमद हैं, जो निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। हाजीपुर से लोकजनशक्ति पार्टी के पशुपति कुमार पारस का मुकाबला राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के शिव चंदर राम से है। सारण सीट पर राजद के चंद्रिका राय का मुकाबला भाजपा के राजीव प्रताप रूडी से है।

हजारीबाग सीट से जयंत सिन्हा मैदान में

झारखंड में हजारीबाग सीट से भाजपा नेता और केन्द्रीय मंत्री जयंत सिन्हा के सामने कांग्रेस नेता गोपाल साहू हैं। खूंटी में भाजपा के अर्जुन मुंडा का मुकाबला कांग्रेस के कालीचरण मुंडा से है। रांची से भाजपा के संजय सेठ के सामने कांग्रेस नेता सुबोधकांत सहाय मैदान में हैं।

राज्यवर्धन राठौड़ के सामने कृष्णा पूनिया

राजस्थान के बीकानेर से भाजपा नेता और केन्द्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल के सामने कांग्रेस नेता मदनगोपाल मेघवाल हैं तो जयपुर ग्रामीण से केन्द्रीय मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ को कांग्रेस की कृष्णा पूनिया टक्कर दे रही हैं।

लोकसभा चुनाव 7 चरणों में होने हैं जिनमें अब तक चार चरण के लिए मतदान हो चुका है। राजस्थान और मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार है और इस चरण में इन राज्यों की प्रमुख सीटों पर मतदान होगा।

इन सीटों पर होगा चुनाव

उत्तर प्रदेश (14)- धौरहरा, सीतापुर, मोहनलाल गंज, लखनऊ, रायबरेली, अमेठी, बांदा, फतेहपुर, कौशाम्बी, बाराबंकी, फैजाबाद, बहराइच, कैसरगंज और गोंडा

बिहार (5)- सीतामढ़ी, मधुबनी, मुजफ्फरपुर, सारण और हाजीपुर

झारखंड (4)- कोडरमा, रांची, खूंटी और हजारीबाग

राजस्थान (12)- श्रीगंगानगर, बीकानेर, चूरू, झुन्झुनू, सीकर, जयपुर (ग्रामीण), जयपुर, अलवर, भरतपुर, करौली-धौलपुर, दौसा, नागौर

मध्य प्रदेश (7)- टीकमगढ़, दमोह, खजुराहो, सतना, रीवा, होशंगाबाद और बेतूल

पश्चिम बंगाल (7)- बंगांव, बैरकपुर, हावड़ा, उलुबेरिया, श्रीरामपुर, हुगली, आरामबाग

जम्मू (2)- लद्दाख, अनंतनाग