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छत्तीसगढ़ के भाजपा प्रत्याशियों के नामों की घोषणा आज !

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रायपुर। नई दिल्ली से लौटे पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने रविवार की दोपहर एयरपोर्ट पर पत्रकारों से चर्चा के दौरान कहा है कि दिल्ली में हुई बैठक में छत्तीसगढ़ की शेष 6 सीटों पर प्रत्याशियों के नाम पर रायशुमारी हुई है। आज शाम तक भाजपा के बाकी प्रत्याशियों की सूची आ सकती है। बता दें कि लोकसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा होते ही कांग्रेस और भाजपा सहित अन्य पार्टियों ने अपने-अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है। कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ के दुर्ग और कोरबा को छोड़कर बाकी पर अपने उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं। भाजपा अब तक सिर्फ 5 सीटों पर अपने प्रत्याशी घोषित कर पाई है।

इसे लेकर कल दिल्ली में भाजपा चुनाव कार्यसमिति की बैठक हुई। इसमें अटकलें लगाई जा रही थीं कि शनिवार शाम तक बाकी प्रत्याशियों की घोषणा कर दी जाएगी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अब बताया जा रहा है कि रविवार की शाम तक शेष प्रत्याशियों के नामों की घोषणा की जा सकती है।

chhattisgarh : नवजातों की तस्करी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, 5 गिरफ्तार

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रायपुर। राजधानी में नवजातों की तस्करी करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। इस मामले में पुलिस ने बच्चा बेचने वाली मां, 2 दलाल और 2 खरीददारों को गिरफ्तार किया है।

बलौदाबाजार की रहने वाली ईश्वरी चेलक दो माह पहले अंबेडकर अस्पताल गर्भपात कराने पहुंची थी। जहां उसकी मुलाकात बच्चों की तस्करी कर बेचने वाले गिरोह की एक सदस्य ममता गोस्वामी से हुई।

ममता गोस्वामी ने ईश्वरी चेलक को अपने झांसे में लेते हुए उसे अबॉर्शन न कराने की सलाह देते हुए कहा कि इसके उसे अच्छे खासे पैसे भी मिल जाएंगे।

इसके बाद वह पुरानी बस्ती में रहने वाली रुपा राठौर नाम की एक महिला के घर ले गई जहां दोनों महिलाओं के झांसे में आकर वह 2 महीने तक उसी घर में रहने लगी और फिर 9 मार्च को अंबेडकर अस्पताल में उसने एक बच्ची को जन्म दिया। जन्म के बाद महिला ने सरायपाली निवासी भूपेश मखीजा को नवजात को बेच दिया.।

पुलिस ने अभिषेक यादव को उठाया था, सवाल उठने पर किया चालान

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लखनऊ। रिहाई मंच के एक प्रतिनिधिमंडल ने सरायमीर पुलिस द्वारा अवैध हिरासत में रखकर हिंसा का शिकार बनाए गए अभिषेक यादव पुत्र लोरिक यादव, निवासी पवई लाडपुर, सरायमीर, आज़मगढ़ से जिला अस्पताल आज़मगढ़ में मुलाकात की।

अभिषेक यादव ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि उसे शनिवार, 16 मार्च की शाम 5 बजे के करीब गांव से ही पुलिस वालों ने उठा लिया था। परिजनों द्वारा सूचना दिए जाने और किसी अनहोनी की आशंका जताए जाने को लेकर रिहाई मंच महासचिव राजीव यादव ने डीजीपी उत्तर प्रदेश समेत विभिन्न अधिकारियों और मानवाधिकार आयोग को पत्र लिखकर हस्तक्षेप का अनुरोध किया था।

पुलिस की पिटाई से घायल अभिषेक यादव को सरायमीर पुलिस ने अंत में धारा 151 में चालान कर दिया जिनका ज़िला अस्पताल में उपचार चल रहा है। उत्तर प्रदेश में इनकाउंटर के नाम पर राह चलते नवजवानों को उठाकर उन्हें मुठभेड़ में मार गिराने या घायल कर देने के सैकड़ों मामले सामने आ चुके हैं. जिससे आमजनों में भय का माहौल है. जबकि बड़े अपराधी खुले आम आतंक मचाते फिर रहे हैं और प्रदेश में अपराध का ग्राफ बढ़ता जा रहा है।

अभिषेक यादव ने बताया कि मादक पदार्थों के अवैध कारोबार को लेकर उसने कई बार आपत्ति की थी जिसके चलते पुलिस वालों से मिलकर उसे फंसाने और उसकी आवाज़ बंद करने का प्रयास किया गया। उसके पिता लोरिक यादव ने भी कहा कि इससे पहले भी थाने की मिलीभगत से इस तरह की साजिश की जा चुकी है, जिससे उच्च अधिकारियों को अवगत भी कराया गया था।

chhattisgarh : शराब दुकान से ओवर-रेट पर विभाग सख्त : 505 दुकानों की आकस्मिक जॉच: 38 प्रकरण कायम

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रायपुर

लोकसभा चुनाव की आदर्श आचार संहिता एवं होली त्यौहार के दौरान प्राप्त हुई ओवर-रेट की शिकायतों पर आबकारी विभाग द्वारा सख्त रूख अपनाया गया है। उल्लेखनीय है कि होली पर्व पर भीड़ का फायदा उठाकर मदिरा दुकानों से अधिक दर पर मदिरा विक्रय की शिकायतें प्राप्त हो रही थी। शिकायतों पर सख्त रूख अपनाते हुए आबकारी आयुक्त श्री के.पी.सिंह ने सभी उडनदस्तांे तथा जिले के आबकारी अधिकारियों को कड़ी कार्यवाही करने के निर्देश दिये हैं। इसके तहत राज्य स्तरीय उडनदस्ता के साथ-साथ संभागीय उड़नदस्ता रायपुर, बिलासपुर एवं बस्तर की टीमों और विभिन्न जिलों द्वारा आकस्मिक रूप से 505 दुकानों की जॉच की गई। जांच के दौरान अधिक दर पर मदिरा बिक्री के 38 प्रकरण कायम किये गये।
जिन मदिरा दुकानों में अनियमितताएॅ एवं अधिक दर पर मदिरा विक्रय के प्रकरण कायम किए गए है, उन दुकानों पर कार्यरत प्लेसमेन्ट एजेंसी के कार्मचारियों पर सख्त कार्यवाही की गई है। इसके अलावा कार्यरत प्लेसमेंट एजेंसी पर भी कार्यवाही की जाएगी। संबंधित मदिरा दुकानें जिन अधिकारियों के प्रभार या प्रभार क्षेत्र में स्थित है, उन पर भी कार्यवाही किये जाने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। दुकानों पर कार्यरत कर्मचारियों को तत्काल निष्कासित किये जाने निर्देश दिये गये हैं। उल्लेखनीय है कि मदिरा दुकानों पर बायोमेट्रिक तकनीक लागू करने की कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई है ताकि एक बार मदिरा दुकान से निष्कासित व्यक्ति पूरे प्रदेश की किसी भी मदिरा दुकान पर कार्य नहीं कर सकेगा।
राज्य के आबकारी आयुक्त ने लोकसभा निर्वाचन को दृष्टि में रखते हुए मदिरा दुकानों की सतत् निगरानी करने एवं अवैध मदिरा के निर्माण, परिवहन, धारण एवं विक्रय पर नियंत्रण स्थापित करने के सख्त निर्देश दिये हैं।

मोदी सरकार पर राहुल का तंज ‘अल्पविद्या भयंकरी’

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नयी दिल्ली-कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज करते हुए रविवार को कहा कि सरकार के मंत्री बुद्धिजीवियों को काम करना सिखा रहे हैं।

श्री गांधी ने अपने फेसबुक पेज पर एक पोस्ट में लिखा, “अब महाज्ञानी प्रधानमंत्री के स्व प्रमाणित बुद्धिमान मंत्री देश के बुद्धिजीवियों को बताएंगे कि उन्हें अपना काम कैसे करना है। बिल्कुल सही कहा गया है ‘अल्पविद्या भयंकरी’।” इसके साथ पोस्ट में अंग्रेजी में ‘ ए लिटिल नॉलेज इज ए डेंजर्स थिंग’ भी लिखा गया है।

श्री गांधी ने अपनी पोस्ट के साथ मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर का एक फोटो भी लगाया है।

chhattisgarh : मालवाहक वाहन ने बाइक को मारी टक्कर, तीन की मौत

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भिलाई। रविवार की सुबह दुर्ग-बालोद रोड़ पर दर्दनाक हादसा हुआ। मालवाहक डीआई वाहन व बाइक आपस में भिड़ गए। भिडंत इतनी जबरदस्त थी कि बाइक सवार दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और तीसरे ने जिला अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। बाइक सवार चिंगरी गांव से दुर्ग की ओर जा रहे थे, इस दौरान दुर्ग-बालोद स्टेट हाइवे पर हादसा हो गया। सड़क दुर्घटना के बाद डीआई के ड्राइवर को लोगों की मदद से पुलगांव पुलिस ने भागने से पहले ही पकड़ लिया।

पुलगांव पुलिस ने बताया कि मालवाहक गाड़ी दुर्ग से कुथरेल जा रही थी। कोलिहापुरी पेट्रोल पंप के पास बाइक सवार और मालवाहक में आमने-सामने की जोरदार टक्कर हुई। हादसा इतना भयानक था कि मौके पर ही दो ने दम तोड़ दिया। वहीं तीसरे घायल की जिला अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई।

मरने वाले तीनों बाइक सवार की पहचान चिंगरी निवासी सुभाषदास मानिकपुरी (40) साल, भनपुरी निवासी प्यारीलाल देवांगन (67), चिंगरी निवासी धासराम साहू (50) के रूप में की गई है। पुलिस ने दुर्घटना के बाद डीआई के चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। गाड़ी को भी जब्त कर लिया है।

chhattisgarh : लोकसभा चुनाव की तैयारी को लेकर कांग्रेस की मैराथन बैठक शुरू

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रायपुर। लोकसभा चुनाव की तैयारी को लेकर कांग्रेस की मैराथन बैठक गांधी चौक स्थित कांग्रेस भवन में शुरू हो गई है। बैठक में प्रमुख रूप से प्रभारी मंत्री शिव डहरिया, सत्यनारायण शर्मा, कुलदीप जुनेजा, विकास उपाध्याय, छाया वर्मा, किरणमयी नायक, महापौर प्रमोद दुबे सहित कांग्रेस के नेता व कार्यकर्ता मौजूद है। बताया जाता है कि आज के बैठक में कांग्रेस द्वारा लोकसभा चुनाव में किस तरह से जीत हासिल करें इस विषय पर चर्चा की जा रही है।

छत्तीसगढ़ : खारून नदी किनारे मिली लाश को पुलिस ने भिजवाया स्पेशल निरीक्षण के लिए

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रायपुर। धरसींवा थाना क्षेत्र के ग्राम परसतराई स्थित खारून नदी के किनारे मिली युवक की अधजली लाश को पुलिस ने स्पेशल निरीक्षण के लिए भिजवा दिया है। धरसींवा थाना प्रभारी नरेन्द्र बंछोर ने बताया कि अधजली लाश की शिनाख्ती करने के बाद उसे स्पेशल निरीक्षण के लिए भेजा गया है, जिससे निरीक्षण के बाद ही मामले का खुलासा हो पाएगा।

गौरतलब हो कि 14 मार्च की सुबह पुलिस को सूचना मिली की खारून नदी के किनारे एक युवक की अधजली लाश पड़ी है। सूचना पर मौके में पहुंची पुलिस ने मृतक की शिनाख्ती सांकरा निवासी 35 वर्षीय प्रदीप कुमार निर्मलकर के रूप में की। मृतक खेती किसानी के साथ प्रापर्टी डीलिंग का भी काम करता था। जिससे पुलिस ने युवक की हत्या की आशंका व्यक्त करते हुए लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। जिसके बाद लाश जली हुई के कारण स्पेशल निरीक्षण के लिए भेजा गया है।

chhattisgarh : टीआई के सामने जवान ने खुद को लगाई आग, बचाने में दूसरा भी झुलसा

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रायपुर। बलौदाबाजार जिले में खुद को आग लगाने वाले पुलिसकर्मी और उसे बचाने में झुलसे जवान को इलाज के लिए कालड़ा अस्पताल लाया गया है। जानकारी के मुताबिक गीतपुरी थाने के टीआई से विवाद के बाद आरक्षक यज्ञ कुमार साहू ने उनके सामने ही खुद को आग लगा ली थी।

उसे बचाने की कोशिश में दूसरा जवान भी झुलस गया। साहू को 75 प्रतिशत जल गया है और उसे दूसरे जवान के साथ रायपुर रेफर किया गया। आरक्षक ने टीआई पर भेदभाव करने का आरोप लगाया था, उसके आग लगाने के बाद थाने में मौजूद सभी पुलिसकर्मी घबरा गए थे।

लोकसभा चुनाव 2019: कन्हैया बिना महागठबंधन के गिरिराज के लिए कितनी बड़ी चुनौती

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बिहार में सीपीआई (माले) ने बेगूसराय सीट पर सीपीआई के संभावित उम्मीदवार कन्हैया कुमार को अपना समर्थन देने की घोषणा की है.

इससे पहले बेगूसराय में शनिवार को सीपीआई के स्टेट कैबिनेट की बैठक हुई, जिसमें प्रदेश सचिव सत्यनारायण सिंह सहित बड़े अधिकारी मौजूद थे.

यह बैठक क़रीब पाँच घंटों तक चली, जिसमें यह तय किया गया कि कन्हैया कुमार को ही सीपीआई अपना उम्मीदवार बनाएगी. वहीं अन्य लेफ्ट पार्टियां सीपीआई (माले) और सीपीएम भी उन्हें अपना समर्थन देगी.

इन बैठकों के बाद अब यह स्पष्ट हो गया है कि यहां एनडीए के उम्मीदवार गिरिराज सिंह के सामने कन्हैया कुमार और महागठबंधन से राजद उम्मीदवार होंगे.

गिरिराज सिंह जहां ‘कट्टर मोदी समर्थक’ हैं तो दूसरी तरफ कन्हैया कुमार ‘घोर मोदी विरोधी’.

एक हिंदू राष्ट्रवाद की बात करते हैं और विरोधियों को पाकिस्तान भेजने की सलाह देते हैं तो दूसरी तरफ़ दूसरे पक्ष पर देशद्रोह के आरोप लग चुके हैं और वो सत्ता पक्ष को फांसीवादी ताक़त क़रार देते हैं.

इन दोनों के बीच की लड़ाई की संभावना के बाद बेगूसराय सीट अब लोकसभा चुनावों की ‘हॉट सीट’ बन चुकी है, जिस पर देश भर की नज़रें होंगी.

रामधारी सिंह दिनकर की यह भूमि वामपंथ का गढ़ रहा है, जहां यह न सिर्फ़ जन्मा, बल्कि इसका विकास हुआ और वो चरम पर भी पहुंचा.

बिहार विधानसभा के पहले कम्युनिस्ट विधायक यहीं से हुए हैं. उनका नाम चंद्रशेखर सिंह था. यह मुख्य रूप से सीपीआई का गढ़ रहा है.

यह भी सच है कि बेगूसराय में वामपंथ का विकास भूमिहारों के नेतृत्व में हुआ और वही इनके कर्ताधर्ता भी रहे हैं, लेकिन पिछले कुछ दशकों में वामपंथ की पकड़ यहां कमज़ोर हुई है.

भूमिहारों का एक वर्ग अब भी सीपीआई के साथ है लेकिन इसका बड़ा वर्ग अब बीजेपी की तरफ़ रुख़ कर चुका है.

राजनीतिक नज़रिए से भूमिहार समाज यहां निर्णायक भूमिका में होता है. कन्हैया कुमार और गिरिराज सिंह, दोनों इसी समाज से आते हैं.

हालांकि दूसरी जातियों की भी स्थितियां बहुत बुरी नहीं हैं. महागठबंधन ने जिस तरह का समीकरण तैयार किया है, उसमें अगर मुस्लिम और हिंदुओं की अन्य जातियां एक साथ आती हैं तो मुक़ाबले की तस्वीर बदल सकती है.

जाति आधारित जनसंख्या क्या है, इससे जुड़ा कोई आधिकारिक आंकड़ा तो नहीं है, लेकिन पार्टियां जिस अनुमानित आंकड़ों का इस्तेमाल करती हैं, उसके मुताबिक बेगूसराय लोकसभा सीट में भूमिहारों की संख्या क़रीब 4.75 लाख है.

वहीं मुसलमानों की जनसंख्या 2.5 लाख, कुर्मी-कुशवाहा की दो लाख और यादवों की संख्या करीब 1.5 लाख है.

बेगूसराय से किन-किन जातियों के रहे हैं सांसद

जाति आधारित ये आंकड़े दर्शाते हैं कि यहां की राजनीति भूमिहार समाज के इर्द-गिर्द घूमती रही है. पिछले दस लोकसभा चुनावों में से नौ के विजयी उम्मीदवार इसी समाज से रहे हैं. हालांकि उनकी पार्टियां ज़रूर अलग-अलग रही हैं.

1980 से 2014 के बीच बेगूसराय सीट पर दस बार लोकसभा चुनाव हो चुके हैं. सिर्फ़ 2009 के चुनावों में ऐसा मौक़ा आया जब बेगूसराय को एक मुस्लिम सांसद मिला. ये सांसद थे नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड से डॉ. मुनाजिर हसन.

2014 के लोकसभा चुनावों में बेगूसराय की सीट भाजपा के खाते में गई थी. भाजपा के भोला सिंह को क़रीब 4.28 लाख वोट मिले थे, वहीं राजद के तनवीर हसन को 3.70 लाख वोट मिले थे. दोनों में क़रीब 58 हज़ार वोटों का अंतर था.

वहीं सीपीआई के राजेंद्र प्रसाद सिंह को करीब 1.92 लाख वोट ही मिले थे.

कन्हैया का रास्ता आसान होगा?

इन राजनीतिक और जातिगत समीकरण के बीच बेगूसराय का मुक़ाबला कैसा होगा?

इस सवाल के जवाब मे बेगूसराय के वरिष्ठ पत्रकार कुमार भावेश कहते हैं, “वाम पार्टियों के साथ आने से बहुत फ़र्क तो नहीं पड़ेगा क्योंकि सीपीआई के अलावा अन्य दो पार्टियों का यहां बहुत मज़बूत आधार नहीं है.”

“दूसरी बात यह है कि यहां जाति आधारित मतदान का चलन रहा है. ऐसे में राजद और सीपीआई का वोट बैंक बिल्कुल अलग-अलग हैं.”

वहीं राजनीतिक विश्लेषक प्रोफेसर नवल किशोर चौधरी का भी मानना है कि वामपंथी पार्टियों का साथ आना वामपंथ समर्थकों के लिए अच्छी ख़बर तो ज़रूर है, लेकिन यह बेगूसराय सीट पर बहुत कमाल नहीं दिखा पाएगा.

वो कहते हैं, “बेगूसराय में सीपीआई (माले) और सीपीएम का बहुत आधार नहीं है. वहां मुख्य रूप से सीपीआई की ही पैठ है.”

गिरिराज बनाम कन्हैया से बंटेगा भूमिहार वोट बैंक

क्या गिरिराज और कन्हैया के आमने-सामने होने से भूमिहार समाज का वोट बंटेगा और इसका फ़ायदा राजद को मिल सकता है?

इस सवाल पर प्रोफ़ेसर नवल किशोर चौधरी कहते हैं, “मेरी राय में गिरिराज सिंह के जाने के बाद अब बेगूसराय में मुक़ाबला रोचक तो ज़रूर होगा, लेकिन असल मुकाबला महागठबंधन और एनडीए के बीच ही होगा.”

प्रोफ़ेसर चौधरी कहते हैं कि कन्हैया कुमार को भी अच्छे मत मिलेंगे, इसमें दो राय नहीं है, लेकिन कन्हैया कुमार की पार्टी के पास जो वोट बेस है, वो बहुत बड़ा नहीं है.

प्रोफ़ेसर चौधरी मानते हैं कि भूमिहारों का एक वर्ग अब भी सीपीआई के साथ है, लेकिन इस समाज का मूल धड़ा अब बीजेपी की तरफ़ रुख़ कर चुका है और वो कन्हैया के साथ कभी नहीं जाएगा.

वहीं वरिष्ठ पत्रकार कुमार भावेश कहते हैं कि सीपीआई को भूमिहार समाज का कुछ हिस्सा और कुछ अन्य जातियां समर्थन करती हैं.

“ये सभी उनके पारंपरिक कैडर वोटर होते हैं. भूमिहार समाज का बड़ा वोट बैंक भाजपा के साथ रहा है. वो किसी भी हालत में कन्हैया के पास नहीं जाएगा, हां कुछ नाममात्र की संख्या में वोटर इधर से उधर हो सकते हैं.”

“जबकि राजद के पास मुस्लिम-यादव का वोट बैंक है. अब महागठबंधन में राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के शामिल होने के बाद कुशवाहा वोटर भी राजद के पक्ष में मतदान करेंगे.”

कैसी होगी लड़ाई?

अभी तक की स्थितियों के मुताबिक़ फ़िलहाल लड़ाई त्रिकोणीय नज़र आ रही है- गिरिराज सिंह बनाम राजद उम्मीदवार बनाम कन्हैया.

हालांकि विश्लेषक यह मान रहे हैं कि अंतिम लड़ाई ‘मोदी बनाम एंटी मोदी’ की ही होगी.

कुमार भावेश कहते हैं, “बेगूसराय की लड़ाई मोदी बनाम एंटी मोदी की होगी. ऐसे में जनता के मोदी के ख़िलाफ़ जाने के दो विकल्प होंगे. पहला राजद उम्मीदवार और दूसरा कन्हैया.

वो कहते हैं, “जैसा कि सीपीआई के प्रदेश सचिव ने कहा है कि महागठबंधन के साथ बातचीत के दरवाज़े बंद नहीं हुए हैं. ऐसे में फ़िलहाल कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी.”

वहीं प्रोफ़ेसर चौधरी भी मानते हैं कि अगर स्थितियां नहीं बदलीं तो अंत में मामला मोदी बनाम एंटी मोदी का होगा. ऐसे में कन्हैया कुमार दौड़ में पीछे छूट सकते हैं. और अगर महागठबंधन कन्हैया पर हामी भर देता है तो ज़ाहिर सी बात है मुक़ाबला अत्यंत रोचक हो जाएगा.

यह तो तय है कि बेगूसराय की सीट हॉट सीट साबित होने वाली है और आने वाले समय में चुनावों में राष्ट्रप्रेम और राष्ट्रद्रोह का मामला यहां चुनावी सभाओं में जमकर उठाया जाएगा.