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रायपुर : मुख्य सचिव से प्रशिक्षु आई.ए.एस. अधिकारियों ने की मुलाकात

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भारतीय प्रशासनिक सेवा 2017 के प्रशिक्षु अधिकारियों ने आज यहां मंत्रालय (महानदी भवन) में मुख्य सचिव श्री सुनील कुमार कुजूर से मुलाकात की। मुख्य सचिव ने उनके प्रशिक्षण कार्यक्रम, क्षेत्र के विकास के लिए उनके विचार एवं सुझाव की जानकारी ली और जनहित में शासन की योजनाओं का पारदर्शी तरीके से क्रियान्वयन करने की समझाइस दी। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ प्रशासन आकादमी की महानिदेशक एवं प्रमुख सचिव श्रीमती रेणुपिल्ले भी उपस्थित थी। वर्तमान में प्रशिक्षु अधिकारी विभिन्न जिलों में सहायक कलेक्टर के रूप में प्रशासनिक काम-काज का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहें है। इनमें श्री चंद्रकांत वर्मा बस्तर जिले में, श्री मयंक चतुर्वेदी रायगढ़ जिले में, श्री कुणाल दुधावत बिलासपुर जिले में, श्री आकाश चिकारा सरगुजा जिले में और श्री रोहित व्यास राजनांदगांव जिले में सहायक कलेक्टर के रूप में पदस्थ है।

छत्तीसगढ़ : 6 मई को शपथ ग्रहण करेंगे उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश

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राज्य के माननीय उच्च न्यायालय के नव नियुक्त मुख्य न्यायाद्यीश श्री पी.आर. रामचंद्र मेनन सोमवार 6 मई को शपथ ग्रहण करेंगे। राजभवन के दरबार हॉल में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में छत्तीसगढ़ की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल श्री मेनन को मुख्य न्यायाद्यीश के पद की शपथ दिलाएंगी। शपथ ग्रहण कार्यक्रम की शुरूआत 6 मई को प्रातः 11 बजे से होगी। श्री मेनन छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के 12वें चीफ जस्टिस के रूप में कार्यभार संभालेंगे।
मुख्य सचिव श्री सुनील कुमार कुजूर ने आज यहां मंत्रालय (महानदी भवन) में मुख्य न्यायाद्यीश के शपथ ग्रहण कार्यक्रम की तैयारियों के संबंध में बैठक ली और गरिमापूर्ण समारोह के आयोजन की जिम्मेदारी विभिन्न अधिकारियों को सौंपी। बैठक में अपर मुख्य सचिव गृह श्री आर.पी. मण्डल, प्रमुख सचिव श्री गौरव द्विवेदी, प्रमुख सचिव विधि श्री रविशंकर शर्मा, पुलिस महानिदेशक (होमगार्ड) श्री गिरधारी नायक, सचिव स्वास्थ्य श्रीमती निहारिका बारिक, सचिव राजभवन श्री सुरेन्द्र जायसवाल, संचालक जनसम्पर्क श्री तारण प्रकाश सिन्हा, राज्य शिष्टाचार अधिकारी श्री अवस्थी, कमिश्नर रायपुर श्री जी.आर. चुरेन्द्र, पुलिस महानिरीक्षक रायपुर डॉ. आनंद छाबड़ा, कलेक्टर रायपुर डॉ. बासवराजू, पुलिस अधीक्षक रायपुर श्री आरीफ शेख, आयुक्त नगर निगम रायपुर श्री शिवअनंत तायल एवं डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय रायपुर के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मोदी बताएं क्या होते हैं बड़े धमाके : कांग्रेस

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नई दिल्ली। कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिछले पांच साल में देश में बड़े धमाके नहीं होने संबंधी बयान पर पलटवार करते हुए पठानकोट, ऊधमपुर, पम्पोर, पुलवामा आदि में हुए भीषण आतंकवादी हमलों का उदाहरण दिया और कहा कि श्री मोदी को बताना चाहिए कि इनसे बड़े धमाके क्या होते हैं। कांग्रेस प्रवक्ता आनंद शर्मा ने शुक्रवार को यहां पार्टी मुख्यालय में नियमित प्रेस ब्रीफिंग में दावा किया कि मोदी सरकार के कार्यकाल में देश में आतंकवादी हमले 176 फीसदी बढे हैं और दिसम्बर 2018 तक 16 बड़े आतंकवादी हमले हुए हैं। देश में पिछले पांच साल के दौरान कुल 1706 आतंकवादी घटनाएं हुई हैं जिनमें 426 जवान शहीद हुए और 1355 नागरिक मारे गए हैं। उन्होंने कहा कि मोदी जमीनी तथ्यों को नकारते हैं और सुरक्षा के नाम पर देश को बांटते हैं। उनके हर बयान से देश को चोट पहुंचती है और हर बयान के माध्यम से वह देश की जनता को गुमराह करने का प्रयास करते हैं। उनका प्रयास तथ्यों को नकारने का होता है तथा अपने राजनीतिक लाभ के हिसाब से वह तथ्य पेश करते हैं। उन्होंने पांच साल के दौरान सिर्फ समाज में दरार पैदा करने का प्रयास किया है। प्रवक्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री ने आतंरिक सुरक्षा को कभी महत्व नहीं दिया है और इससे जुड़े तथ्यों को नजरअंदाज करने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआपीएफ) ने सरकार से आईईडी को नष्ट करने के लिए आधुनिक उपकरण खरीदने की मांग की थी लेकिन मोदी सरकार ने बल की इस मांग को तवज्जो नहीं दिया और इसके लिए निधि उपलब्ध नहीं कराई गई।

छत्तीसगढ़ : राज्य के मेधावी बच्चों को सीएम भूपेश बघेल ने दी शुभकामनाएं

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रायपुर। सीबीएसई-12वीं की परीक्षा में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले प्रदेश के छात्र-छाज्ञाओं को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपनी शुभाकामनाएं देते हुए बच्चों के उज्जवल भविष्य की कामना की है। इस समय उत्तरप्रदेश में कांग्रेस के स्टार प्रचारक के रूप में कांग्रेस के पक्ष में प्रचार कर रहे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज अपने ट्वीट के माध्यम से प्रदेश के मेघावी बच्चों को अपनी शुभकामनाएं दी है। अपने ट्वीट में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने लिखा-सीबीएसई 12वीं की परीक्षा में प्रदेश में अव्वल प्रदर्शन कर छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाने वाले थॉमस जैकब, निशी गुप्ता सहित उत्तीर्ण हुए सभी छात्रों को बधाई एवं अनंत शुभकामनाएं। जिन्हें अपेक्षित परिणाम प्राप्त न हुआ हो, वो भी निराश न हों। मैं आप सभी की उज्जवल भविष्य की कामना करता हूं।

देश का पैसा लेकर भागने वाले बाहर, किसान जेल के अंदर, यह कैसा न्याय: राहुल

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कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने आज केन्द्र की नरेंद्र मोदी सरकार की नीतियों पर जमकर हमला बोलते हुए कहा कि देश के बैंकों के करोड़ों रुपए लेकर विदेश भाग जाने वाले बाहर है, जबकि दस से बीस हजार का कर्ज लेने वाले किसान जेल में, यह कैसा न्याय है। राहुल गांधी मध्यप्रदेश के रीवा में कांग्रेस प्रत्याशी सिद्धार्थ तिवारी के समर्थन में एक चुनावी सभा को संबोघित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अब ऐसा नहीं चलेगा, बड़े चोरों को पकड़कर जेल में बंद करना होगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार आई तो किसानों, युवाओं, महिलाओं, व्यापारियों, गरीबों सबके साथ न्याय होगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार के आने पर न्याय योजना लागू कर देश की अर्थव्यवस्था में सुधार करेंगे। राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस सरकार एक साल में 22 लाख लोगों को रोजगार देगी। जबकि 10 लाख लोगों को गांव में रोजगार देंगे। युवाओं को रोजगार लगाने के लिए सरकारी कार्यालय से अनुमति नहीं लेनी होगी। इसके साथ ही उन्होंने आदिवासियों को उनका मालिकाना हक दिलाए जाने की बात भी कही। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में पहली बार उद्योग लगाने के लिए जमीन अधिग्रहीत करने के बाद उद्योग नहीं लगने की स्थिति में किसानों को जमीन वापस कर दी गयी है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की कांग्रेस सरकार रीवा को विकास का मॉडल बनाएगी। इस दौरान उन्होंने व्यापारियों और सामाजिक संगठनों के लोगों से भी मुलाकात की।

साध्वी प्रज्ञा जितना ज़्यादा बोलें मुझे अच्छा लगेगाः दिग्विजय सिंह

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मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में चुनावी समीकरण दिलचस्प बन गए हैं. वहां से राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के सामने भाजपा के कट्टर हिंदुत्व का चेहरा साध्वी प्रज्ञा ठाकुर हैं.

भोपाल में साध्वी प्रज्ञा दिग्विजय के लिए कितनी बड़ी चुनौती बन पाएंगी इसे लेकर तमाम तरह के कयास लगाए जा रहे हैं.

मालेगांव बम धमाकों की अभियुक्त रह चुकीं साध्वी प्रज्ञा बहुत ज़ोर-शोर से प्रचार भी कर रही हैं. अपने भड़काऊ भाषणों के लिए साध्वी प्रज्ञा को जाना जाता है.

कुछ इसी अंदाज़ में वो अपने विरोधियों पर इस बार हमले कर रही हैं. चुनाव आयोग ने साध्वी प्रज्ञा के दिग्विजय सिंह के लिए दिए बयान पर स्वतः संज्ञान लेते हुए उनके प्रचार पर 72 घंटे का प्रतिबंध लगाया है.

इस प्रतिबंध पर दिग्विजय सिंह का कहना है कि वो चाहते हैं साध्वी प्रज्ञा और ज़्यादा बोलती रहें.

दिग्विजय सिंह कहते हैं, ”मैंने अभी चुनाव आयोग का आदेश नहीं देखा है. वैसे भी मैं तो चाहता हूं कि साध्वी प्रज्ञा जितना बोलें उतना ही अच्छा होगा. क्योंकि उनके वक्तव्यों का अपना अलग ही लहज़ा होता है.”

‘भाजपा वाले सिर्फ़ झूठ बोलते हैं’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब मध्य प्रदेश में रैलियां करते हैं तो दिग्विजय सिंह का ज़िक्र करना नहीं भूलते. उन्होंने दिग्विजय पर आरोप लगाए कि वो विवादित इस्लामिक प्रचारक ज़ाकिर नाइक के साथ मंच साझा करते हैं.

इस पर दिग्विजय सिंह तंज भरे लहज़े में कहते हैं कि प्रधानमंत्री मोदी उन्हें जितनी इज़्जत बक्शते हैं वो भी उन्हें उतनी ही इज़्जत बक्शेंगे.

राहुल गांधी की नागरिकता पर उठे विवाद पर दिग्विजय सिंह ने कहा कि यह कोई नया मामला नहीं है. जब कभी भी भाजपा निराश होती है तो इस मामले को उठाने लगती है. साल 2014 के चुनाव में भी उन्होंने इस मुद्दे को हवा दी थी.

दिग्विजय कहते हैं, ”जो व्यक्ति मोतीलाल नेहरू, जवाहर लाल नेहरू, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी के परिवार से आता हो. जिसके परिवार से तीन लोग देश के प्रधानमंत्री रह चुके हों वह किसी दूसरे देश की नागरिकता क्यों अपनाएगा. इसका सवाल ही नहीं उठता और इस मुद्दे को उठाने वाले सिर्फ़ मज़ाक करना चाहते हैं.”

दिग्विजय सिंह इस मामले पर बोलते हैं कि भाजपा के लोगों को बस झूठ बोलना और फैलाना ही सिखाया जाता है.

‘अगर मैं आतंकवादी हूं तो जेल में डाल दें’

भोपाल से भाजपा की उम्मीदवार साध्वी प्रज्ञा ठाकुर लगातार दिग्विजय सिंह पर हमलावर रही हैं. उन्होंने अपने एक भाषण में दिग्विजय को ‘आतंकवादी’ तक बोल दिया था. लेकिन दिग्विजय अभी तक साध्वी प्रज्ञा पर अधिक हमलावर नहीं हुए.

अपने इस रुख पर वो कहते हैं, ”मैं कभी भी अपने प्रतिद्वंद्वी के ख़िलाफ़ कुछ नहीं बोलता. उन्हें मुझ पर जो आरोप लगाने हैं लगाएं, अगर वो अपने आरोपों के साथ प्रमाण भी देंगी तो मुझे और अधिक खुशी होगी.”

वो कहते हैं, ”अगर मैं आतंकवादी हूं तो मुझे गिरफ़्तार क्यों नहीं किया गया. अगर मेरे ख़िलाफ़ एक भी प्रमाण होता तो क्या मोदी जी मुझे छोड़ देते. पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुझे देशद्रोही कहा. ये लोग बिना प्रमाण की बातें करना जानते हैं.”

आखिरकार आरएसएस की दिग्विजय से इतनी अधिक नाराज़गी क्यों है और उनके ख़िलाफ साध्वी प्रज्ञा को क्यों खड़ा किया गया है. इसके जवाब में दिग्विजय कहते हैं कि आरएसएस उनसे इस वजह से चिढ़ता है क्योंकि वो सनातन हिंदू हैं.

दिग्विजय कहते हैं, ”आज हमारे धर्मगुरू शंकराचार्य जी हैं, क्या किसी भी पीठ के शंकराचार्य का समर्थन विश्व हिंदू परिषद या आरएसएस या बीजेपी को है. ये लोग दरअसल कुटिल प्रयासों के ज़रिए धर्म का इस्तेमाल कर मठों और मंदिरों पर कब्ज़ा करना चाहते हैं. और यह सब सनातन धर्म की परंपराओं के विपरीत है.”

वो कहते हैं, ”मैं धर्म को निजी मानता हूं उसके आधार पर वोट नहीं मांगता, धर्म को बेचता नहीं हूं.”

‘हिंदू आतंकवाद कभी नहीं कहा’

भाजपा अक्सर दिग्विजय की धार्मिक आस्था को ढोंग बताती रही है. इस पर दिग्विजय अपनी नर्मदा यात्रा का ज़िक्र करते हैं और कहते हैं कि क्या 6 महीने में 3100 किलोमीटर की पैदल परिक्रमा करना ढोंग हो सकता है.

वो कहते हैं, ”मैं 30 साल से लगातार गोवर्धन जी की परिकर्मा करता रहा हूं, मेरे घर में पुश्तैनी सात मंदिर हैं जिसमें से चार में अखंड जोत जलती है. क्या ये सब ढोंग है. मुझे किसी के प्रमाण पत्र की आवश्यकता नहीं है.”

दिग्विजय कहते हैं कि भाजपा उनके जैसे सनातन धर्मियों से ही घबराती है.

बीबीसी के साथ ख़ास बातचीत के दौरान दिग्विजय सिंह

भाजपा कहती रही है कि दिग्विजय सिंह ने भगवा आतंकवाद और हिंदू आतंकवाद जैसे शब्द गढ़े. इस पर दिग्विजय सिंह का जवाब है कि उन्होंने कभी भी इन शब्दों का इस्तेमाल नहीं किया.

वो कहते हैं, ”आरके सिंह ने हिंदू आतंकवाद शब्द का इस्तेमाल किया था जिन्हें भाजपा ने टिकट देकर सांसद बना दिया, साथ ही केंद्र में मंत्री भी बना दिया. सतेंद्र पाल सिंह जो कि महाराष्ट्र के पुलिस कमिश्नर थे. उन्होंने भगवा आतंकवाद कहा था, उन्हे भी भाजपा ने मंत्री बनाया.”

”भाजपा को ऐसे लोग पसंद आते हैं, इन लोगों के ज़रिए भाजपा को अपने मन की बात कहने का मौका मिल जाता है. मैंने संघी आतंकवाद कहा था जो कि मैं आज भी कहता हूं. ”

संघी आतंकवाद शब्द के बारे में दिग्विजय सिंह बताते हैं, ”धर्म के नाम पर जो बम धमाके हुए इन के आरोप जिन पर लगे और जो लोग गिरफ्तार हुए, वो इसी संस्था से जुड़े हैं.”

दिग्विजय सवाल उठाते हुए कहते हैं कि अभिनव भारत संस्था किन लोगों की है.

पिछले लोकसभा चुनाव में दिग्विजय सिंह की भारी मतों से जीत हुई थी, वो हंसते हुए कहते हैं कि इस बार भी वो आसान जीत दर्ज करेंगे.

आइए जानते है इंडिया के सबसे लंबे पुल की खासियत

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दुनिया में आप कहींं भी चले जाओ आपको पुल आसानी से देखने को मिल जाएगें जानकारी के लिए बता दें पुल एक प्रकार का ढाँचा होता है जो पानी के ऊपर नदी या समुद्र पर या पहाड़, घाटी आदि कहीं पर भी बनाया जा सकता है। आज हम आपको भारत के सबसे लंबे पुलों के बारे में बताएगें,आइए जानते है

इनके बारें में तिनसुकिया (असम) में स्थित यह पुल तकरीबन 9.15 किलोमीटर लंबा पुल है यह ब्रह्मपुत्र पर ढोला सदिया रोड ब्रिज या भूपेन हजारिका सेतु ऊपर बना इंडिया का सबसे लंबा पुल है। यह असम और अरुणाचल प्रदेश को जोड़ता है,इस पुल का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था।

अरुणाचल प्रदेश यह पुल तकरीबन 6.2 किलोमीटर लंबा है यह पुल भारत का दूसरा सबसे लंबा सड़क पुल है।अरुणाचल प्रदेश में दिबांग नदी के ऊपर बना यह पुल दिबांग नदी पुल के नाम से फेमस है जानकारी के आपको बता दें कि यह भूपेन हजारिका सेतु और महात्मा गांधी सेतु के बाद सबसे लंबा पुल है। महात्मा गांधी सेतु पटना (बिहार) में बना सबसे लंबा पुल है।यह पुल तकरीबन 5.6 किलोमीटर तक फैला हुआ है।

यह साउथ में पटना से हाजीपुर को जोड़ने वाली गंगा नदी पर बना है और राज्य के प्रमुख पर्यटक आकर्षण में से एक है।राजीव गांधी सागर लिंक इस पुल को बांद्रा-वर्ली सी लिंक के नाम से भी जाना जाता है।मुंबई महाराष्ट्र में बना ​य​ह पुल तकरीबन 5.57किलोमीटर लंबा है।इसके अलावा यह पुल प्रस्तावित पश्चिमी फ्रीवे का एक हिस्सा है। बोगीबिल पुल डिब्रूगढ़ (असम)में बना हुआ है यह पुल तकरीबन 4.94 किलोमीटर लंबा है।जानकारी के लिए बता दें कि

यह संयुक्त सड़क और रेल पुल है जो धेमाजी जिले और डिब्रूगढ़ जिले के बीच ब्रह्मपुत्र नदी पर बना है।इसके अलावा यह सबसे लंबा रेल-सह-सड़क पुल भी है।

वायनाड की नर्स जिनकी गोद में कभी खेले थे राहुल गांधी

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कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की नागरिकता के मुद्दे पर वायनाड की रिटायर्ड नर्स और मतदाता राजम्मा वावथिल ने जोर देकर कहा है कि किसी को भी राहुल की नागरिकता पर सवाल नहीं उठाना चाहिए। राहुल गांधी का जन्म दिल्ली में हुआ था। दिल्ली के होली फेमिली हॉस्पीटल में 19 जून 1970 को जब राहुल गांधी पैदा हुए थे, उस समय ड्यूटी पर तैनात अस्पताल कर्मचारियों में वह भी शामिल थीं।

जन्म के समय दिल्ली के अस्पताल में थीं नर्स

72 वर्षीय नर्स राजम्मा जो उस समय भी नर्सिंग की ट्रेनिंग ले रही थीं, उन पहले लोगों में शामिल थीं जिन्होंने अस्पताल में नवजात शिशु को अपनी गोद में लिया था। उन्होंने बताया, “मैं भाग्यशाली थी क्योंकि मैं उन कुछ लोगों में शामिल थी जिन्होंने नवजात शिशु को अपनी गोद में उठाया। वह बहुत सुंदर शिशु था। मैं राहुल के जन्म की चश्मदीद गवाह हूं। प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के पौत्र को देखकर मैं रोमांचित थी। वहां मौजूद सभी लोग खुश थे।”

49 साल बाद ‘सुंदर शिशु’ आज कांग्रेस अध्यक्ष

खुद को आम गृहिणी कहने वाली राजम्मा कहती हैं, “इससे ज्यादा खुशी की बात नहीं हो सकती है। 49 साल बाद आज वह ‘सुंदर शिशु’ कांग्रेस अध्यक्ष है और वायनाड से चुनाव प्रत्याशी है।” वह उस दिन को याद करती हैं। राहुल गांधी के पिता राजीव गांधी और चाचा संजय गांधी अस्पताल के लेबर रूम के बाहर प्रतीक्षा कर रहे थे, जिस समय उनका जन्म हुआ। वह इसके बारे में अपने परिवार में प्रायः बताती हैं।

निराधार मानती हैं नागरिकता पर शिकायत

रिटायर्ड नर्स ने कहा कि वह यह सुनकर आश्चर्यचकित रह गई कि भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने कांग्रेस अध्यक्षता की नागरिकता को लेकर शिकायत की है। राजम्मा के अनुसार भारतीय नागरिक के रूप में राहुल गांधी की पहचान पर कोई सवाल नहीं उठा सकता है। उनकी नागरिकता को लेकर उनकी शिकायत निराधार है। उनके जन्म से संबंधित सारे दस्तावेज अभी भी अस्पताल में उपलब्ध होंगे।

दिल्ली के होली फेमिली हॉस्पीटल से नर्सिंग की ट्रेनिंग लेने के बाद राजम्मा ने भारतीय सेना में नर्स के रूप में नौकरी शुरू की थी। सेना से स्वैच्छिक सेवा निवृत्ति लेने के बाद वह 1987 में केरल लौट आई और अब वह सुल्तान बाथेरी के निकट कल्लूर में रहती हैं जो वायनाड क्षेत्र में आता है।

राहुल से मुलाकात होने की उम्मीद

राजम्मा को उम्मीद है कि अगली बार जब भी राहुल वायनाड आएंगे, वह उनसे मिल सकेंगी। राहुल गांधी द्वारा चुनाव लड़ने के फैसले से वायनाड अनायास राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में आ गया। वहां मतदान पिछले 23 अप्रैल को हुआ था। वहां कुल 80.31 फीसद वोट पड़े।

गहलोत का आरएसएस पर हमला, कहा- खुद को राजनीतिक दल घोषित कर दे संघ, छिपकर वार ना करे

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देशभर में जारी चुनावी माहोल के बीच राजनीतिक पार्टियां एक दूसरे पर हमला बोलने से पीछे नहीं हट रही हैं। वहीं, इस बीच राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर निशाना साधा है। उन्होंने आरएसएस पर आरोप लगाते हुए कहा कि संघ के लोग पर्दे के पीछे से राजनीति कर रहे हैं, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का समर्थन कर रहे हैं।

सत्ता का सुख भोग रहे हैं संघ के लोग 

अशोक गहलोत ने जयपुर में शुक्रवार को मीडिया से बातचीत के दौरान कहा, ‘आज आरएसएस के लोग जिस प्रकार से पीछे रहकर राजनीति कर रहे हैं, बीजेपी का समर्थन कर रहे हैं, एक प्रकार से सत्ता का सुख भोग रहे हैं, तो अच्छा होगा कि आरएसएस अपने आप को राजनैतिक दल घोषित कर दे’।

 आरएसएस लोगों को गुमराह कर रहे हैं अफवाहें फैलाते हैं 

गहलोत ने कहा, ‘आरएसएस को खुद को आगे आकर मेरी सलाह को बहुत गंभीरता से लेना चाहिए और उसके ऊपर विचार करना चाहिए।’ उन्होंने कहा,’ जब गांधीजी की हत्या हुई तो आरएसएस पर प्रतिबंध लगा। इन्होंने सरदार पटेल को लिखकर दिया था कि हम भविष्य में कभी राजनीति में भाग नहीं लेंगे। हम सांस्कृतिक संगठन के रूप में काम करेंगे। लेकिन आरएसएस आज किस रूप में बढ़-चढ़कर मैदान में उतरी है, लोगों को गुमराह कर रहे हैं, अफवाहें फैलाते हैं।’

 लोगों को भ्रमित करने के बजाय राजनीति में खुलकर आ जाएं 

राजस्थान के मुख्यमंत्री ने कहा, ‘मैं आरएसएस के लोगों को कहना चाहूंगा कि हिंदुत्व और सांस्कृतिक संगठन के नाम पर लोगों को भ्रमित करने के बजाय राजनीति में खुलकर आ जाएं। छिपकर वार और छिपकर भाजपा को सहयोग करने की जगह भाजपा का अपने साथ विलय कर लें और अपने आपको राजनैतिक दल घोषित कर दें।’ उन्होंने कहा,’ आरएसएस फ्रंटफुट पर राजनीति करे।’

आइये जानते है, बेसन के गट्टे की सब्जी बनाना

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हर कोई अलग-अलग स्वाद की रेसिपी खाने के शौकिन होते हैं। जिसके लिए आप रेसिपी बुक्स में नई-नई रेसिपी का स्वाद चखते हैं। आज हम आपको राजस्थान की जाने माने बेसन के गट्टे की सब्जी बनाना सिखाएंगे, जो ना केवल स्वाद में बल्कि हमारे स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद होगा।

सामग्री-
गट्टे के लिए एक कप बेसन,
आधा कप दही,
एक छोटा चम्मच धनिया पाउडर,
आधा छोटा चम्मच हल्दी पाउडर,
आधा छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर,
आधा छोटा अजवाइन,
आधा छोटा चम्मच नमक,
एक चम्मच तेल,

ग्रेवी के लिए-
एक प्याज (टुकड़ों में कटा हुआ),
एक चौथाई कप टमाटर की प्यूरी,
एक चम्मच अदरक,
लहसुन का पेस्ट स्वादानुसार लाल मिर्च पाउडर,
एक चम्मच धनिया पाउडर एक,
छोटा चम्मच हल्दी पाउडर,
आधा छोटा चम्मच जीरा,
चुटकीभर हींग,
नमक स्वादानुसार,
तेल जरूरत के अनुसार,
सजावट के लिए एक बड़ा चम्मच बारीक कटा हरा धनिया

विधि- सबसे पहले एक बड़े बर्तन में बेसन को छान कर इसमें धनिया पाउडर, लाल मिर्च पाउडर, हल्दी पाउडर, अजवायन और नमक को अच्छे से मिला लें। इसके बाद बेसन के मिश्रण में तेल और दही को मिलाकर एक नरम आटा गूंद लें। फिर बेसन के आटे की छोटी-छोटी लोईयां बनाएं, फिर बेलन की मदद से बेलकर लंबा रोल करते हुए, रोल्स तैयार कर लें।

इसके बाद एक बड़े बर्तन में पानी गर्म करें,फिर पानी में उबाल आने पर बेसन के रोल्स को डालकर धीमी आंच पर 10-15 मिनट तक पका लें। फिर बेसन के रोल्स को चाकू से काटकर चेक करें। अब बेसन के रोल्स को पानी से निकालकर एक प्लेट में रखें और चाकू की मदद से छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर गट्टे बना लें। इसके बाद प्याज, अदरक और लहसुन को एक मिक्सर की मदद से पीसकर पेस्ट बना लें। अब एक कढ़ाही में तेल गर्म करें, फिर उसमें जीरा और हींग डालकर भून लें। फिर कढ़ाही में प्याज,अदरक और लहसुन के पेस्ट को डालकर सुनहरा होने तक भून लें। अब प्याज,अदरक और लहसुन के पेस्ट के भुनने के बाद लाल मिर्च पाउडर, हल्दी, धनिया पाउडर, नमक डालकर कुछ देर भून लें, फिर टमाटर की प्यूरीडालकर अच्छी तरह मिक्स कर लें।

इसके बाद जब मसाला भून जाए यानि तेल ऊपर आने लगे, तो कढ़ाही में बेसन के गट्टे डालकर भून लें। अब बेसन के गट्टे में ग्रेवी बनाने के लिए थोड़ा सा पानी डालकर गाढ़ा होने तक धीमी आंच पर पका लें।

इसके बाद तैयार बेसन गट्टे की सब्जी को एक बॉउल में निकालें और हरे धनिये से गॉर्निश करके रोटी या चावल के साथ गर्मागर्म सर्व करें।