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chhattisgarh : चुनाव परिणाम आने तक पुलिस अधिकारी-कर्मचारी रहेंगे चुनाव आयोग के नियंत्रण में

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रायपुर। लोकसभा चुनाव का परिणाम आने तक राज्य के समस्त पुलिस अफसर चुनाव आयोग के अधीन रहेंगे, इस आशय की अधिसूचना जारी किए जाने की सूचना है। इस लिहाज से पुलिस विभाग के अधिकांश अधिकारी और कर्मचारी का नियंत्रण सीधे आयोग के हाथ में रहेगा।
विश्वसनीय सूत्रों की माने तोा चुनाव आयोग की अनुशंसा के बाद गृह विभाग ने इस आशय की अधिसूचना जारी कर दी है। इस लिहाज से राज्य के सभी पुलिस अधिकारी और कर्मचारी एक तरह से निर्वाचन आयोग में प्रतिनियुक्ति पर माने जाएंगे। यह समय सीमा अब लोकसभा चुनाव के संपन्न होने तथा चुनाव परिणाम आने तक प्रभावशील होगा।
बताया जाता है कि लोकप्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धाराओं के तहत तथा भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देश के बाद लोकसभा निर्वाचन 2019 के संचालन हेतु राज्य सरकार द्वाारा पदभिाहित समस्त पलिस अधिकारी, निर्वाचन की अधिसूचना जारी होने की तिथि से लेकर अब चुनाव परिणाम घोषित होते तक निर्वाचन आयोाग में प्रतिनियुक्ति पर माने जाएंगे। इस लिहाज से इन सभी पुलिस अफसरों का नियंत्रण सीधे-सीधे चुनाव आयोग के हाथ में चला गया है।

जम्मू-कश्मरी के पुंछ सेक्टर में पाकिस्तान ने फिर किया सीजफायर का उल्लंघन, एक जवान शहीद

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जम्मू-कश्मीर में सीमा पर पुंछ सेक्टर के अलावा पाकिस्तानी आर्मी ने नौशेरा सेक्टर में भी सीजफायर का उल्लंघन किया है। पकिस्तान की आर्मी की ओर से नौशेरा सेक्टर में 11.50 मिनट पर सीजफायर का उल्लंघन किया गया, जिसका भारतीय सेना ने मुंहतोड़ जवाब दिया।

सुषमा ने दो हिन्दू लड़कियों के अगवा और धर्मांतरण पर मांगी रिपोर्ट, पाकिस्तान की कड़ी प्रतिक्रिया

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पाकिस्तान में दो हिंदू लड़कियों को अगवा करके शादी करने और जबरन धर्म परिवर्तन कराने पर की ख़बरों पर भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने ट्वीट किया तो उन्हें पाकिस्तान से नसीहत देता हुआ जवाब मिला.

भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने भी ट्विटर पर लिखा, “मैंने पाकिस्तान में भारतीय उच्चायुक्त से इस पर एक रिपोर्ट भेजने के लिए कहा है.”

इस पर पाकिस्तान के सूचना मंत्री चौधरी फ़वाद हुसैन ने भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को लिखा कि यह पाकिस्तान का आंतरिक मामला है और हमारे लिए अल्पसंख्यक भी उतने ही अनमोल हैं.

फ़वाद चौधरी ने ट्विटर पर सुषमा को जवाब देते हुए लिखा, “यह पाकिस्तान का आंतरिक मामला है और मैं आपको यह आश्वस्त करना चाहता हूं कि यह मोदी का इंडिया का नहीं है जहां अल्पसंख्यकों को तबाह किया जाता है, यह इमरान ख़ान का नया पाकिस्तान है जहां हमारे झंडे का सफ़ेद रंग भी उतनी ही क़ीमती हैं. उम्मीद करता हूं कि जब वहां अल्पसंख्यकों के अधिकार की बात आएगी तो आप भी उतनी ही तत्परता से कार्रवाई करेंगी.”

पाकिस्तान में दो नाबालिग हिंदू लड़कियों का कथित तौर पर अपहरण कर जबरन धर्म परिवर्तन कराए जाने के विरोध में हिंदू समुदाय ने गुरुवार को धरना प्रदर्शन किया था. घटना सिंध प्रांत के घोटकी ज़िले के दहारकी तालुका में होली के दिन हुई.

अनुसूचित जाति के हिंदू नेताओं ने आरोप लगाया है कि दो नाबालिग बहनों का होली के दिन कोहबर और मलिक जनजाति के लोगों ने अपहरण कर लिया.

हालांकि इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो गया जिसमें दो लड़कियां इस्लाम अपनाने का दावा करती हुई कह रही हैं कि हमने अपनी मर्जी से इस्लाम को अपनाया है.

इस पूरे मसले पर भारत में सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज मार्कंडेय काटजू ने ट्वीट कर इस अपहरण पर अपनी प्रतिक्रिया दी है.

उन्होंने अपने ट्वीट में इस वारदात को शर्मनाक बताते हुए प्रधानमंत्री इमरान ख़ान से पूछा कि आपका नया पाकिस्तान कहां है?

पाकिस्तान के सूचना मंत्री चौधरी फवाद हुसैन

काटजू को भी पाकिस्तान के सूचना मंत्री चौधरी फवाद हुसैन ने जवाब दिया कि हम पाकिस्तान को मोदी का भारत नहीं बनने देंगे जहां अल्पसंख्यकों के अधिकार की बात मज़ाक बन गई है.

उन्होंने लिखा कि मानवाधिकार मंत्रालय ने इस मामले को संज्ञान में लिया है और जांच के लिए कहा गया है.

सूचना मंत्री ने लिखा, “मानवाधिकार मंत्रालय ने इस पर संज्ञान ले लिया है और जांच के लिए कहा है. बाकी मैं आपको यह आश्वस्त करता हूं कि हम इसे मोदी का भारत नहीं बनने देंगे जहां अल्पसंख्यकों के अधिकार की बात मज़ाक बन गई है.”

क्या है मीडिया में ख़बर?

पाकिस्तान के अख़बार द एक्सप्रेस ट्रिब्यून के मुताबिक हिंदू नेता शिव मुखी मेघवार ने कहा, “यह उनकी इच्छा नहीं थी, दरअसल लड़कियों का अपहरण हुआ है और जबरन धर्म परिवर्तन कराया गया है.”

भारत के अंग्रेज़ी अख़बार टाइम्स ऑफ़ इंडिया को पाकिस्तान हिंदू सेवा वेलफेयर ट्रस्ट के अध्यक्ष संजेश धनजा ने कराची से फ़ोन पर बताया कि दो बहनों रीना और रवीना का अपहरण करने के बाद शादी करके उनका जबरन धर्म परिवर्तन करा दिया गया है.

मानवाधिकार कार्यकर्ता जिबरान नासिर ट्विटर पर इस मुद्दे से जुड़ी दोनों बहनों के पिता का एक वीडियो साझा करते हुए लिखा कि वह दो बहनें थीं, एक रीना 14 वर्ष की और दूसरी रवीना 16 वर्ष की थी.

इस वीडियों में एक बुज़ुर्ग ख़ुद को थप्पड़ मारते हुए यह मांग कर रहा है कि या तो मेरी बेटियों को सुरक्षित वापस ला दो या मुझे गोली मार दो.

नासिर लिखते हैं, “ये थप्पड़ ये बुज़ुर्ग अपने मुंह पर नहीं मुआ’शरे (समाज) के मुंह पर मार रहा है.”

एफ़आईआर दर्ज

इस मामले में पाकिस्तान के क़ानून की धारा 365 बी (अपहरण, जबरन शादी के लिए महिला का अपहरण), 395 (डकैती के लिए सज़ा), 452 (चोट पहुंचाने, मारपीट, अनधिकृत रूप से दबाने के उद्देश्य से घर में अनाधिकार प्रवेश) के तहत भाई सलमान दास, पुत्र हरि दास मेघवार के बयान पर दहारकी पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है.

क्या है पूरा मामला?

पाकिस्तानी अख़बार द एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने इस मामले की एफ़आईआर में कही गई बातें विस्तार से बताई हैं. प्राथमिकी में दर्ज शिकायत के मुताबिक़ कुछ दिनों पहले, उनकी बरकत मलिक और हुज़ूर अली कोबहर के साथ कुछ कहासुनी हुई थी, दोनों उनके घर के बाहर खड़े रहते थे. जब उन्हें जाने को कहा तो दोनों ग़ुस्सा हो गए थे.

दास दावा करते हैं कि वो अपने परिवार के साथ अपने घर गांव हाफ़िज़ सुलेमान में थे पिस्तौल से लैस छह लोग उनके घर में घुसे चले आए.

उनमें से तीन लोगों को दास ने पहचान लिया. ये सफदर अली, बरकत मलिक और अहमद शाह थे. बाकी के तीन को वो नहीं पहचानते थे.

शिकायत में उन्होंने लिखा कि इन छह लोगों ने उनके परिवार को बंदूक की नोंक पर बंधक बना लिया.

सफ़दर अली ने उनकी दोनों बहनों 13 वर्षीय र* और 15 वर्षीय रा* को पकड़ कर घसीटते हुए घर के बाहर ले गए.

इस बीच, अहमद शाह और उनके साथ उनके तीन अनजाने साथियों ने गहनों की तलाश में हमारे घर की अलमारियों को छान मारा.

रिपोर्ट के मुताबिक़ अभियुक्तों ने चार तोला सोना और 75 हज़ार रुपये नक़दी चुरा लिए.

जब यह सब चल रहा था, उसी दौरान परिवार वालों के हल्ला मचाने से पड़ोस में रहने वाले उनके चचेरे भाई रमेश मेघवार तुरंत हरकत में आ गए.

जब वो दास के घर में पहुंचे तो उन्होंने अभियुक्त और उनके तीन साथियों को पहचान लिया.

हालांकि, अभियुक्त ने उन्हें पीछा नहीं करने की चेतावनी दी और कहा कि अगर पीछा किए तो जान से मार देंगे.

दास के मुताबिक, अली, बरकत अली और अहमद शाह अपनी सफ़ेद टोयोटा कोरोला में उनकी दोनों बहनों का अपहरण करके ले गया जबकि तीन अनजान लोग अपनी बाइक पर गए

नंद कुमार गोखलानी

जबरन धर्म परिवर्तन बिल का क्या हुआ?

इस घटना के बाद पाकिस्तान मुस्लिम लीग-एफ के प्रांतीय विधानसभा के सदस्य नंद कुमार गोखलानी ने, जो जबरन धर्म परिवर्तन के ख़िलाफ़ एक बिल लेकर आए थे, सरकार से आग्रह किया कि उस क़ानून को जल्द से जल्द पास किया जाए.

उन्होंने कहा, “हम सरकार से मांग करते हैं कि वह मेरे बिल को और बिना किसी देरी के पास करवाए.”

2016 में सिंध विधानसभा ने ख़ास कर ग़ैर-मुसलमान परिवार के बच्चों को जबरन मुसलमान बनाए जाने की कई शिकायतों के बाद, जबरन धर्म परिवर्तन के ख़िलाफ़ एक बिल पास किया था.

लेकिन इस बिल के विरोध में कई धार्मिक दल सड़कों पर उतर आए और इसके ख़िलाफ़ आंदोलन की घोषणा कर दी.

जब जमात-ए-इस्लामी के अध्यक्ष सिराजुल हक़ ने पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के सह अध्यक्ष आसिफ़ अली ज़रदारी को बुलाया तो इस बिल के पास होने पर इसे ‘ऐतिहासिक उपलब्धि’ बताते हुए मिठाइयां बांटने वाली सत्तारूढ़ पीपीपी के नेतृत्व ने बढ़ते दबाव के कारण घुटने टेक दिए.

इस मुलाक़ात के कुछ ही देर बाद, पीपीपी के नेतृत्व वाली सरकार ने संशोधन लाने की घोषणा कर दी और तब के राज्यपाल जस्टिस (रिटायर्ड) सईदुज़मान सिद्दीकी को यह संदेश भेज दिया कि इस बिल को वो मंजूर नहीं करें. तब से, यह बिल विधानसभा में धूल फांक रहा है.

गोखलानी कहते हैं, “इस तरह से अपहरण के ज़्यादातर मामलों में, हिंदू लड़कियों का ख़ास कर नाबालिगों का ब्रेन वॉश किया जाता है.”

सिंध पुलिस चीफ़ आईजीपी कलीम इमाम

पुलिस का क्या है कहना?

इस बीच, घोटकी के एसएसपी ने सिंध पुलिस चीफ़ आईजीपी कलीम इमाम को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है. उन्होंने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि दोनों लड़कियों ने अपनी रिकॉर्डेड वीडियो बयान में कहा है कि न तो किसी ने उन्हें अगवा किया और न ही बंधक बनाया गया.

एसएसपी ने उन दोनों बहनों की वीडियो के मुताबिक बताया कि दोनों ने अपनी मर्जी से इस्लाम कबूल किया है.

जबकि दूसरी तरफ, डीएसपी इज़हार लाहौरी कहते हैं कि उन्होंने इस मामले में एक अभियुक्त को गिरफ़्तार किया है और पुलिस अन्य अभियुक्तों को पकड़ने के लिए तलाशी कर रही है.

उन्होंने समुदाय के लोगों को आश्वासन दिया है कि 24 घंटे के भीतर वो लड़कियों को वापस ले आएंगे.

क्या कहते हैं मानवाधिकार कार्यकर्ता

पाकिस्तान के अंग्रेज़ी दैनिक ‘डॉन’ में एक स्थानीय मानवाधिक कार्यकर्ता के मुताबिक, “पाकिस्तान में सिंध के उमरकोट ज़िले में जबरन धर्म परिवर्तन की क़रीब 25 घटनाएं हर महीने होती हैं. इलाक़ा बेहद पिछड़ा हुआ है और यहां रहने वाले अल्पसंख्यक अनुसूचित जाति के हैं और जबरन धर्म परिवर्तन की उनकी शिकायतों पर पुलिस कार्रवाई नहीं करती. यह यहां के रहने वाले जानते हैं, लिहाजा वो ख़ुद ही हल्ला मचा लेते हैं, पुलिस में शिकायतें कम ही दर्ज़ होती हैं.”

वो कहते हैं, “यही वजह है कि बहुत कम संख्या में जबरन धर्म परिवर्तन की ख़बरें मीडिया में आ पाती हैं. हमारी संस्था ने 2015-16 के दरम्यान इस तरह की न्यूज़ रिपोर्ट्स को एकत्र किया तो पाया कि उस दौरान केवल 13 हिंदू महिलाओं ने समारो और कुनरी तालुका से इस्लाम को अपनाया था.”

प्रियंका गांधी के बयान पर सीएम योगी ने किया पलटवार

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कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा के बयान पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पलटवार किया है. प्रियंका गांधी के ट्वीट पर जवाब देते हुए सीएम योगी ने लिखा, ‘हमारी सरकार जब से सत्ता में आई है, हमने लंबित 57 हजार 800 करोड़ रुपये का गन्ना बकाया भुगतान किया है. ये रकम कई राज्यों के बजट से भी ज्यादा है. पिछली सपा-बसपा सरकारों ने गन्ना किसानों के लिए कुछ नहीं किया, जिससे किसान भुखमरी का शिकार हो रहा था.’

योगी ने ट्वीट किया, ‘किसानों के ये ‘तथाकथित’ हितैषी तब कहां थे, जब 2012 से 2017 तक किसान भुखमरी की कगार पर थे. इनकी नींद अब क्यों खुली है? प्रदेश का गन्ना क्षेत्रफल अब 22 प्रतिशत बढ़कर 28 लाख हेक्टेयर हुआ है और बंद पड़ी कई चीनी मिलों को भी प्रदेश में दोबारा शुरू किया गया है. किसान अब खुशहाल हैं.’

रोने लगा बच्चा तो मां ने होठों पर फेवीक्विक लगाकर बंद कर दिया मुंह

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बिहार में एक महिला ने बेटे के होठों पर फेवीक्विक (एक किस्म का गोंद) लगाकर उसका मुंह बंद कर दिया। ऐसा इसलिए, क्योंकि वह जोर-जोर से रो रहा था। बाद में पिता को जब इस बारे में पता लगा तो वह हैरान रह गए। आनन-फानन में इसके बाद बच्चे का नजदीक के अस्पताल में दिखाया गया, जहां उसकी हालत ठीक बताई गई।

शनिवार को न्यूज एजेंसी एएनआई की खबर में पीड़ित के पिता दुलारचंद महाल्दार के हवाले से कहा गया, ‘काम से लौट कर घर पर आया तो मैंने उसे (बेटे) बिल्कुल चुप पाया। लेकिन उस दौरान उसके मुंह से लार निकल रही थी, जैसे वह काफी देर से कुछ बोलना चाह रहा हो।’

‘न्यूज 18’ की खबर के मुताबिक, मामला कदवा थाना क्षेत्र के सोनौली गांव का है। पिता ने बेटे को थोड़ा पास जाकर देखा तो उन्हें उसके मुंह पर कुछ लगा नजर आया था। शुरुआत में उन्हें वह सर्फ (कपड़े धोने वाला पाउडर) लगा। पर धोने गए, तब वह नहीं छूटा। आगे उन्होंने बताया, ‘मैंने पत्नी शोभा से इस बारे में पूछा, तब उसने मुझे बताया कि बेटा हर समय रोता रहता है इसलिए उसने उसके होठों पर गोंद लगा दिया था, ताकि उसका रोना बंद हो जाए।’

chhattisgarh : नवजात शिशु के खरीद फरोख्त मामले में मां सहित दो महिला व एक व्यक्ति गिरफ्तार

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रायपुर। राजधानी के सबसे बड़े अस्पताल डॉ. भीमराव अम्बेडकर में नवजात बच्चे की खरीद फरोख्त का मामला सामने आया है। जिसमें मौदहापारा पुलिस ने बच्चे की मां सहित दो महिला दलाल और एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है।

मौदहापारा थाना प्रभारी राहुल तिवारी ने बताया कि बलौदाबाजार निवासी महिला ईश्वरी चेलक ने गत 7 मार्च को आंबेडकर अस्पताल में एक बच्ची को जन्म दिया। जिसके बाद टाटीबंध निवासी महिला ममता गोस्वामी ने उक्त नवजात बच्ची को अनाथालय में सौंप देने की बात कहकर उसे अपने घर टाटीबंध ले आई और फिर ममता गोस्वामी ने ईश्वरी चेलक को एक अन्य महिला रुपा सिंग राठौर से मुलाकात कराई रुपा सिंग ने ईश्वरी चेलक को अपने बच्चे को सरायपाली निवासी भूपेश माखिजा को देने की बात कही। ईश्वरी चेलक ने रुपा सिंग राठौर की बातों में आकर अपने बच्चे को भूपेश माखिजा को सौंप दिया।

पुलिस ने बताया कि भूपेश माखिजा का कोई बच्चा नहीं है इस कारण उसने बच्चे को रख लिया । ईश्वरी चेलक के द्वारा  बच्चा सौंपने के बाद ममता गोस्वामी ने ईश्वरी चेलक को महिला पुलिस थाना में लेकर गई जहां पर पुलिस ने बच्चे की मां ईश्वरी चेलक को महिला थाना पुलिस ने सखी सेंटर को सौंप दिया। सखी सेंटर के अधिकारियों ने बच्चे की मां को मौदहापारा थाना लेकर गई। जिसके बाद मौदहापारा थाना पुलिस को उक्त घटना की जानकारी हुई। जिसके बाद पुलिस ने मामले में शामिल बच्चे की मां सहित दो महिला दलाल व बच्चा खरीदने वाला पुरुष को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने बताया कि उक्त नवजात बच्चे को मातृछाया सौंप दिया गया है। बच्चे की मां ईश्वरी चेलक का तीन और लड़की है इसकी  जांच करने पुलिस जुट गई है। पकड़े गए सभी आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।

आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के सबसे अमीर नेता हैं कांग्रेस के विश्वेश्वर रेड्डी, संपत्ति 895 करोड़ रुपये की, मगर नहीं है एक भी कार

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हैदराबाद : तेलंगाना की कोंडा विश्वेश्वर रेड्डी ने 895 करोड़ रुपये की संपत्ति के स्वामी हैं. पांच साल में उनकी आय करीब 367 करोड़ रुपये बढ़ी है. वह तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के सबसे अमीर राजनेता हैं, मगर उनके पास अपनी एक भी कार नहीं हैं. कोंडा विश्वेश्वर रेड्डी कांग्रेस के नेता हैं और उसी के टिकट पर तेलंगाना के चेवेल्ला लोकसभा सीट से उम्मीदवार हैं.

चुनाव में उन्होंने 895 करोड़ रुपये की पारिवारिक संपत्ति की घोषणा की है. इस घोषणा के बाद से कोंडा दोनों तेलुगू राज्यों (तेलंगाना और आंध्र प्रदेश) में सबसे अमीर राजनेता बन गये हैं. रेड्डी के पास चल संपत्ति के रूप में 223 करोड़ की मिल्कियत है, जबकि अपोलो अस्पताल की संयुक्त प्रबंध निदेशक उनकी पत्नी की चल संपत्ति 613 करोड़ रुपये है. वहीं, उन पर आश्रित बेटे की चल संपत्ति करीब 20 करोड़ रुपये है. रेड्डी इंजिनियर से राजनेता बने हैं.

शुक्रवार को उन्होंने नामांकन पत्र के साथ दाखिल शपथपत्र में उन्होंने अपनी संपत्ति की घोषणा की है. इसके मुताबिक उनके परिवार के किसी भी सदस्य के पास न ही कार है और न ही कोई वाहन है. रेड्डी के पास 36 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति भी है, जबकि उनकी पत्नी के पास 1.81 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति है. आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्राबाबू नायडू, वहां के कैबिनेट मंत्री पी नारायण और वाइएसआर कांग्रेस के प्रमुख वाइएस जगनमोहन रेड्डी से भी अमीर हैं.

2014 में थी 528 करोड़ की संपत्ति

विश्वेश्वर ने 2014 का लोकसभा चुनाव तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के टिकट पर लड़ा था और सांसद बने थे. उस चुनाव में उन्होंने अपनी संपत्ति का जो ब्योरा हलफनामे में दिया था, उसके मुताबिक तब उनकी पारिवारिक संपत्ति 528 करोड़ की थी. यानी पांच साल में उनकी संपत्ति 367 करोड़ बढ़ी. वह पिछले साल दिसंबर में हुए विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस में शामिल हो गये थे.

पी नारायण के पास 667 करोड़ की संपत्ति

आंध्र प्रदेश के कैबिनेट मंत्री पी नारायण ने भी शुक्रवार को नेल्लोर विधानसभा सीट से अपना नामांकन दाखिल करते वक्त 667 करोड़ रुपये की संपत्ति की घोषणा की. वह नारायण ग्रुप ऑफ इंस्टिट्यूट्स के मालिक हैं.

चंद्रबाबू नायडू के पास 574 करोड़ की प्रोपर्टी

आंध्र के मुख्यमंत्री एन चंद्राबाबू नायडू की पारिवारिक संपत्ति 574 करोड़ रुपये है. वहीं, वाइएसआर कांग्रेस के प्रमुख वाइएस जगनमोहन रेड्डी और उनकी पत्नी की संपत्ति 538 करोड़ रुपये है.

10-25 करोड़ रुपए में टिकट बेचती है सपा : शिवपाल सिंह यादव

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गतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया के मुखिया शिवपाल यादव ने समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

PSPL नेता ने शनिवार को कहा कि पार्टी ने अपने सिद्धांतों से समझौता कर लिया और अब बड़ी रकम लेकर बड़े लोगों को टिकट बेच रही जो इसे खरीद सकें।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसारशिवपाल यादव ने कहा, ‘आज वो किसके साथ समझौता कर रहे हैं। उनके साथ जिन्हें समाजवाद के बारे में कोई जानकारी नहीं है। बाहर से आए नेताओं से 10, 15, 20, 25 करोड़ रुपए लेकर लोकसभा का टिकट दिया जा रहा है। पूर्व कैबिनेट मिनिस्टर ने आरोप लगाया कि जो वास्तव में समाजवाद का पालन कर रहे हैं उन्हें धीरे-धीरे अलग कर दिया जाता है। पूर्व सपा नेता ने आगे कहा कि जो लोग समाजवादी हैं, उनके पास इतनी बड़ी रकम नहीं हो सकती है। ऐसे वो कैसे चुनाव लड़ेंगे और जनता के प्रतिनिधि बनेंगे। समाजवादी लोग धीरे-धीरे पार्टी से अलग हो रहे हैं।

कांग्रेस पार्टी से गठबंधन की खबरों पर शिवपाल यादव ने कहा, ‘PSPL के कांग्रेस पार्टी के साथ गठबंधन बनाने के प्रयासों को कांग्रेस पार्टी के भीतर ही नेताओं ने नाकाम कर दिया था।’ उन्होंने कहा कि लोग भाजपा का मुकाबला करने के लिए उनकी पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन चाहते थे। मगर कांग्रेस भीतर मौजूद कुछ लोगों ने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को गुमराह किया और इसलिए दोनों पार्टी के भीतर गठबंधन नहीं हो सका।

सपा की, लिस्ट में अखिलेश यादव तो हैं, मगर मुलायम सिंह यादव का नाम नहीं

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लखनऊ। समाजवादी पार्टी ने रविवार को अपने स्टार प्रचारकों की लिस्ट जारी की। मुलायम सिंह यादव का नाम स्टार प्रचारकों की लिस्ट में शामिल नहीं किया गया है। बता दें, सपा ने 40 स्टार प्रचारकों के नामों की लिस्ट जारी की है। इनमें मुलायम का नाम शामिल नहीं है। मुलायम सिंह यादव मैनपुरी से सपा के उम्मीदवार हैं।

इन्हें बनाया गया है स्टार प्रचारक

अखिलेश यादव – राष्ट्रीय अध्यक्ष, समाजवादी पार्टी

रामगोपाल यादव – प्रमुख महासचिव, समाजवादी पार्टी

आजम खां- राष्ट्रीय महासचिव,

जया बच्चन- सांसद, राज्यसभा

डिंपल यादव- सांसद लोकसभा, कन्नौज

राजेंद्र चौधरी- राष्ट्रीय सचिव समाजवादी पार्टी/ पूर्व कैबिनेट मंत्री

अहमद हसन- नेता प्रतिपक्ष विधान परिषद् उ.प्र

जावेद अली खां- सांसद राज्यसभा

विशम्भर प्रसाद निषाद- सांसद राज्यसभा

सुरेंद्र नागर- सांसद राज्यसभा

तेज प्रताप यादव- सांसद, लोकसभा, मैनपुरी

नरेश उत्तम पटेल- प्रदेश अध्यक्ष समाजवादी पार्टी उ.प्र

मौलाना यासीन अली उस्मानी- राष्ट्रीय अध्यक्ष समजवादी अल्पसंख्यक सभा

मनोज पारस- विधायक उ.प्र

महबूब अली- विधायक/पूर्व मंत्री

शाहिद मंजूर- पूर्व मंत्री उ.प्र सरकार

कमाल अख्तर- पूर्व राज्यमंत्री उ.प्र सरकार

दयाराम प्रजापति- प्रदेश अध्यक्ष समाजवादी पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ उ.प्र

सरफराज खान- पूर्व प्रत्याशी सहारनपुर

संजय गर्ग- विधायक, सहारनपुर

कंवर हसन- कैराना, शामली

किरन पाल कश्यप- पूर्व विधायक

परवेज अली- सदस्य विधान परिषद् उ.प्र

संजय लाठर- सदस्य विधान परिषद् उ.प्र

जितेंद्र यादव- सदस्य विधान परिषद् उ.प्र

राकेश यादव- सदस्य विधान परिषद् उ.प्र

आशु मलिक- सदस्य विधान परिषद् उ.प्र

राजपाल कश्यप- सदस्य विधान परिषद् उ.प्र

उमर अली खां- पूर्व सदस्य विधान परिषद् उ.प्र

रमेश प्रजापति- सचिव राष्ट्रीयकार्यकारिणी समाजवादी पार्टी

जयवीर सिंह – जिला अध्यक्ष समाजवादी पार्टी, मेरठ

गुलाम मोहम्मद- पूर्व विधायक

अशोक चौधरी- जिला अध्यक्ष समाजवादी पार्टी, शामली

जगपाल दास गुर्जर- पूर्व जिला अध्यक्ष समाजवादी पार्टी, सहारनपुर

रुद्रसेन- जिला अध्यक्ष समाजवादी पार्टी, सहारनपुर

सुबोध नागर- जिला अध्यक्ष समाजवादी पार्टी, हापुड़

सुधीर पंवार- पूर्व प्रत्याशी

सर्वेश कठेरिया- प्रदेश अध्यक्ष अनुसूचित जाति/ जनजाति प्रकोष्ठ उ.प्र

आकिल मुर्तजा- राष्ट्रीय सचिव समाजवादी पार्टी

लोकसभा चुनाव 2019 LIVE: यूपी में गन्ना किसानों की बकाया राशि पर प्रियंका बोलीं- चौकीदार को किसानों की फिक्र नहीं

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उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों की बकाया राशि नहीं देने पर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने राज्य की योगी सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने ट्वीट कर कहा, “गन्ना किसानों के परिवार दिनरात मेहनत करते हैं। मगर उप्र सरकार उनके भुगतान का भी जिम्मा नहीं लेती। किसानों का 10,000 करोड़ बकाया मतलब उनके बच्चों की शिक्षा, भोजन, स्वास्थ्य और अगली फसल सबकुछ ठप्प हो जाता है। यह चौकीदार सिर्फ अमीरों की ड्यूटी करते हैं, गरीबों की इन्हें परवाह नहीं।”