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chhattisgarh : 27 कैटेगरी अवार्ड में 14 पर छाई रही ‘आइ लव यू’

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रायपुर

लाइट, कैमरा, एक्शन का जादू फिर एक बार जेएन पाण्डेय स्कूल के सभागार में देखने को मिला। छत्तीसगढ़ फिल्म इंडस्ट्री एसोसिएशन के तत्ववाधान में छॉलीवुड स्टाारडम सिने अवॉर्ड शनिवार को आयोजित किया गया। 27 कैटेगरी में अवार्ड दिए गए। अवार्ड में आइ लव यू फिल्म का जादू सिर चढ़ कर बोला। 27 कैटेगरी में 13 कैटेगरी अवार्ड आइ लव यू ने अपनी झोली में डाले। बेस्ट फिल्म का खिताब भी अपने नाम किया। सिने अवार्ड में जूनियर आर्टिस्ट का भी खास ख्याल रखा गया, उनकी प्रतिभा को सम्मान दिया गया। छत्तीसगढ़ी फिल्म इंडस्ट्री एसोसिएशन के अध्यक्ष योगेश अग्रवाल और महामंत्री अरुण बंछोर ने प्रतिभाओं को सम्मान दिया। आयोजन में प्रदेश भर के छॉलीवुड कलाकार मौजूद रहे। कुछ अवार्ड पाकर भावुक भी हो गए।

आइ लव यू को इन कैटेगरी में मिले अवार्ड

सर्वश्रेष्ठ फिल्म – आइ लव यू

सर्वश्रेष्ठ अभिनेता- मन कुरैशी, आइ लव यू

सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री- मुस्कान साहू, आइ लव यू

सर्वश्रेष्ठ निर्देशक- उत्तम तिवारी, आइ लव यू

सर्वश्रेष्ठ चरित्र अभिनेत्री- निशा चौबे, आइ लव यू

सर्वश्रेष्ठ हास्य अभिनेता- हेमलाल कौशल, आइ लव यू

सर्वश्रेष्ठ हास्य अभिनेत्री- उर्वशी साहू, उपासना वैष्णव, आइ लव यू

सर्वश्रेष्ठ खलनायक ज्यूरी अवार्ड- सुनील मानिकपुरी, आइ लव यू

सर्वश्रेष्ठ बाल अभिनेत्री- सानवी सुंदरानी, आइ लव यू

सर्वश्रेष्ठ संगीतकार- सूरज महानंद, आइ लव यू

सर्वश्रेष्ठ गीतकार- उत्तम तिवारी, आइ लव यू

सर्वश्रेष्ठ पार्श्व गायक- अनुराग शर्मा, आइ लव यू

सर्वश्रेष्ठ कहानीकार- उत्तम तिवारी, आइ लव यू

सर्वश्रेष्ठ कोरियोग्राफर- विलास राजपूत, आइ लव यू

इन्हें भी मिला अवार्ड

सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता -सुनील तिवारी, राजू दिलवाला

सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता ज्यूरी अवार्ड- देव यादव, सोल्जर छत्तीसगढ़िया

सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री- नेहा शर्मा, दबंग दरोगा

सर्वश्रेष्ठ चरित्र अभिनेता- रजनीश झांजी, फैमली नं वन

सर्वश्रेष्ठ नए अभिनेता- जीत शर्मा, दबंग दरोगा, भूनेश साहू, सुंदर मोर छत्तीसगढ़

सर्वश्रेष्ठ नई अभिनेत्री- मोनिका शर्मा, छत्तीसगढ़ के लैला छत्तीसगढ़ के मजनू

सर्वश्रेष्ठ खलनायक, अन्नू शर्मा, सुंदर मोर छत्तीसगढ़

सर्वश्रेष्ठ खलनायिका- नीलम देवांगन, प्रेम के बंधना

सर्वश्रेष्ठ सह अभिनेता- जीतू शर्मा

सर्वश्रेष्ठ पार्श्व गायिका- अलका चंद्राकर, मोर जोड़ीदार

सर्वश्रेष्ठ कैमरामेन- सिद्धार्थ राजपूत, मोर जोड़ीदार

सर्वश्रेष्ठ फाइटर मास्टर- संजू यादव, बंधन प्रीत के, सुंदर मोर छत्तीसगढ़

सर्वश्रेष्ठ सम्पादन- स्वनिल स्टूडियो, मोर जोड़ीदार

सर्वश्रेष्ठ मैकअप मैन- मुराद खान, राधे अंगूठा छाप

सर्वश्रेष्ठ कॉस्ट्यूम- लेखाश्री नायक, भाई बहिनी एक अटूट बंधन

chhattisgarh : डॉ. राकेश गुप्ता और नितिन सिन्हा ने लिखित शिकायत कर डॉ गुप्ता का पासपोर्ट जब्त करने की मांग किए

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रायपुर। डॉ. राकेश गुप्ता और नितिन सिन्हा ने पुलिस के पास लिखित में शिकायत किया कि डीकेएस अस्पताल के पूर्व अधीक्षक डॉक्टर पुनीत गुप्ता के पासपोर्ट को जब्त किया जाए।

बता दें कि डॉ. राकेश गुप्ता और नितिन सिन्हा ने अपनी शिकायत में कहा है कि कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए डॉ. पुनीत गुप्ता विदेश भाग सकते है इसलिए उसका पासपोर्ट जब्त किया जाए। डॉक्टर पुनीत गुप्ता के मेडिकल स्नातकोत्तर मान मापदंड पूरे किए बगैर स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त करने के संबंध में रजिस्टर छत्तीसगढ़ मेडिकल काउंसिल के पास लिखित शिकायत की गई है।

डॉ. राकेश गुप्ता और नितिन सिन्हा ने लिखित शिकायत कर डॉ गुप्ता का पासपोर्ट जब्त करने की मांग किए

डॉ. राकेश गुप्ता और नितिन सिन्हा ने लिखित शिकायत कर डॉ गुप्ता का पासपोर्ट जब्त करने की मांग किए

Chhattisgarh में भाजपा की दूसरी सूची के लिए करना पड़ेगा इंतजार

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छत्तीसगढ़ में लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा प्रत्याशियों की दूसरी सूची के लिए अभी इंतजार करना पड़ सकता है। पार्टी ने गुस्र्वार को राज्य की 11 में से पांच आरक्षित सीटों के लिए प्रत्याशियों के नामों की घोषणा कर दी है। अब छह सामान्य सीटों पर नामों का एलान होना बाकी है। उम्मीद की जा रही थी कि शनिवार को इन सीटों के लिए नाम तय हो जाएंगे, लेकिन दिल्ली में पार्टी के केंद्रीय सूचना समिति की बैठक में छत्तीसगढ़ को लेकर चर्चा ही नहीं हो पाई। संभावना जताई जा रही है कि भाजपा की दूसरी सूची 25 मार्च को जारी हो सकती है।

रमन सिंह के नाम पर फंसा पेच

पार्टी सूत्रों के अनुसार बाकी बची सभी छह सीटें सामान्य हैं। इनमें राजनांदगांव सीट भी शामिल है। इस सीट से अभी पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन के पुत्र अभिषेक सिंह सांसद हैं। चर्चा है कि इस सीट से इस बार डॉ. रमन को चुनाव लड़ाने की तैयारी है, लेकिन पार्टी ने टिकट वितरण का जो फार्मूला तय किया है, उसमें डॉ. रमन का टिकट पक्का नहीं हो पा रहा है। उल्लेखनीय है कि पार्टी ने छत्तीसगढ़ में इस बार किसी भी मौजूदा सांसद, विधायक या हारे हुए प्रत्याशी को टिकट नहीं देने का फैसला किया है।

प्रदेश के नेताओं का दिल्ली में डेरा केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में शामिल होने के लिए छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष विक्रम उसेंडी व पूर्व मुख्यमंत्री और पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक समेत अन्य नेता शनिवार सुबह दिल्ली पहुंच चुके हैं। सूत्रों के अनुसार चुनाव समिति की बैठक तो हुई लेकिन इसमें मध्यप्रदेश और राजस्थान के साथ उन विधानसभा उपचुनावों के प्रत्याशियों को लेकर चर्चा हुई। इस वजह से छत्तीसगढ़ को लेकर चर्चा नहीं हो पाई।

मैं चुनाव लडूंगा या नहीं इसका फैसला पार्टी करेगी: रमन 

दिल्ली रवाना होने से पहले एयरपोर्ट पर पत्रकारों से चर्चा में डॉ. रमन ने कहा कि मैं चुनाव लड़ूंगा या नहीं इसका फैसला पार्टी करेगी।

टिकट कटने से नुकसान का आकलन 

पार्टी यह भी देखा रही है कि मौजूदा सांसद का टिकट कटने का सामाजिक असर कितना पड़ेगा और उससे वोट बैंक कितना और कैसे प्रभावित होगा। अभी तक पार्टी ने जिन पांच सीटों पर मौजूदा सांसदों का टिकट काटा है, उसके बाद संबंधित लोकसभा क्षेत्र में उसकी प्रतिक्रिया की भी रिपोर्ट तैयार की जा रही है।

जातिगत समीकरण के साथ जिताऊ प्रत्याशी की तलाश 

राज्य की बाकी बची सभी सीटों के लिए संभावित नामों पर एक दौर की चर्चा हो चुकी है। पार्टी सूत्रों के अनुसार पार्टी इन सीटों पर जातिगत समीकरण को साधते हुए जिताऊ प्रत्याशियों की तलाश कर रही है।

छत्तीसगढ़ की राजधानी में दुष्कर्म की दो घटना, केस दर्ज

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रायपुर।

राजधानी के उरला और तेलीबांधा इलाके में दुष्कर्म की दो घटनाएं हुईं। शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। उरला पुलिस ने बताया कि 23 वर्षीय युवती आरोपि पिताम्बर निषाद (25) की मां को गुलाल लगाने गयी थी। वहां से वापस घर लौटते समय आरोपित ने जबरन अपने कमरे में ले जाकर दुष्कर्म किया। इसी तरह तेलीबांधा थाना क्षेत्र में विशाल चंदेल ने घर में जबरन प्रवेश कर 20 वर्षीय युवती को जान से मारने की धमकी देकर जबरन दुष्कर्म किया। शिकायत पर पुलिस फरार आरोपितों के खिलाफ अपराध दर्ज कर उनकी तलाश कर रही है।

छत्तीसगढ़ : स्वाइन फ्लू से महिला की मौत

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रायपुर में स्वाइन फ्लू से 67 वर्षीय मरीज की मौत हो गई, उनका इलाज एम्स में चल रहा था। जानकारी के मुताबिक मरीज का इलाज बीते महीने भर से चल रहा था, वे एम्स में भर्ती भी थे। मरीज को त्वचा संबंधी बीमारी थी और उसके बाद सांस लेने में भी परेशानी होने पर डॉक्टर्स ने स्वाइन फ्लू जांच करवाई जो पॉजिटिव आई। हालांकि मरीज की मौत के बारे में जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय के अफसरों की जानकारी नहीं है।

नायडू और उनके बेटे के नामांकन में हुई भारी चूक

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अमरावती। लोकसभा चुनाव 2019 के लिए आंध्रप्रदेश में टीडीपी के मुखिया एन. चंद्रबाबू नायडू और उनके बेटे नारा लोकेश ने शनिवार को नामांकन दाखिल किया। इसके बाद नामांकन में हुई एक बड़ी गलती की सोशल मीडिया पर खूब हंसी उड़ रही है। दरअसल, दोनों ही नेताओं के पर्चों में उनके पिता के नाम को पति का नाम बता दिया गया है।

चंद्रबाबू नायडू ने जहां चित्तूर जिले की कुप्पम सीट से पर्चा भरा, वहीं लोकेश मल्कानगिरी से चुनाव मैदान में हैं। पर्चे में खरजुरा को नायडू का पिता के बजाए पति लिख दिया गया। यही गलती लोकेश के फॉर्म में भी हुई और नायडू को उनके पति बता दिया गया। गलती वाले ये पर्चे सोशल मीडिया में वायरल हो रहे हैं।

..तब की थी यह मांग

इससे पहले, टीडीपी ने चुनाव आयोग से मांग की थी कि सभी सरकारी दफ्तरों में लगे छत वाले पंखे भी हटा दिए क्योंकि पंखा वाईएसआरसीपी का चुनावी चिह्न है।

रामाकुप्पम मंडल में तेलुगू देशम पार्टी (टीडीपी) के एक प्रतिनिधि मंडल ने कहा है कि हर सरकारी दफ्तरों से तत्काल छत वाले पंखे हटवाए जाएं। उनका कहना है कि छत वाला पंखा वाईएसआरसी का चुनावी चिह्न है और दफ्तरों में पंखे लगे होने से आचार संहिता का उल्लंघन हो रहा है। बता दें कि, चित्तूर मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू का गृह जनपद भी है।

बताया आचार संहिता का उल्लंघन

टीडीपी नेताओं का कहना है कि, चुनाव आयोग ने आचार संहिता का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री की तस्वीर हर दफ्तर से हटवाने का आदेश दिया है। इस पर सारे दफ्तरों से उनकी तस्वीरें हटाई जा रही हैं। ऐसे में दफ्तरों में लगे पंखे भी हटाए जाने चाहिए क्योंकि ये वाईएसआरसी का सिंबल है और इससे भी आचार संहिता का उल्लंघन हो रहा है। टीडीपी नेताओं की शिकायत के बाद तहसीलदार जनार्दन रेड्डी ने जिला प्रशासन को रिपोर्ट भेजकर शिकायत पर उचित फैसला लेने को कहा है।

दिया अजीब तर्क

प्रतिनिधि मंडल को लीड करने वाले नेता जयशंकर ने कहा कि, हमने अधिकारियों से निवेदन किया है कि आचार संहिता का सख्ती से पालन हो। आयोग के आदेश के बाद ‘मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू की सारी मूर्तियां ढकी जा रही हैं। दफ्तरों में लगी तस्वीरें भी हटाई जा रही हैं। आचार संहिता का नियम सीएम की तस्वीरों और मूर्तियों पर लागू हो रहा है तो पंखे पर भी लागू होना चाहिए। सरकारी दफ्तरों में लोग जाते हैं वहां वे पंखा देखेंगे और इससे प्रभावित भी होंगे इसलिए सभी सरकारी दफ्तरों से इन्हें हटा दिया जाना चाहिए।

इंदौर : शराब की दुकान में भीषण आग, दो लोगों की मौत की सूचना

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इंदौर। शहर में एमआर 10 पर स्थित एक शराब की दुकान में रविवार सुबह भीषण आग लग गई। आग से दो लोगों की मौत की बात सामने आ रही है। सूचना मिलने के बाद फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। इसके पहले वहां मौजूद लोगों ने इसे बुझाने की कोशिश की लेकिन आग इतनी फैल गई थी कि वो इसे रोक नहीं पाए। आग से निकल रहा धुंआ बड़ी दूर से दिखाई दे रहा था, जिसके बाद वहां बड़ी संख्या में लोग पहुंच गए थे। बड़ी मशक्कत के बाद फायर ब्रिगेड ने इसे बुझाया। इसमें दुकान के अंदर से दो लोगों की मौत बात सामने आ रही है, इसमें से एक नाम चेतन बताया जा रहा जो यहां सो रहा था।

छत्तीसगढ़ : बीड़ी पीने की जिद ने मचाई थी तबाही, झोपड़ी में आग लगाने वाले गिरफ्तार

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रायपुर

टिकरापारा स्थित स्वीपर कॉलोनी में पिछले नौ मार्च की रात एक झोपड़ी जल जाने और फिर पांच लोगों की मौत हो जाने के पीछे बड़ी साजिश का खुलासा हुआ है। नाबालिगों ने माचिस मार कर इस झोपड़ी को आग के हवाले कर दिया था। आग भभकते ही वहां सोने वाले एक परिवार के पांच सदस्य जिंदा जल गए। मां, बेटे समेत पत्नी और दो बच्चियों की मौत हो गई। मर्ग कायम करने के बाद मृत्यु पूर्व बयान से महिला ने खुलासा किया। इसके बाद नाबालिगों की गिरफ्तारी की गई। शनिवार को टीआइ आरके मिश्रा ने नाबालिगों की गिरफ्तारी की पुष्टि की। साथ मिलकर हत्या करने की नीयत से झोपड़ी जलाने की धाराओं में कार्रवाई की गई।

स्वीपर कॉलोनी में तड़के लगी आग ने पूरे मोहल्ले के रोंगटे खड़े कर दिए थे। अल सुबह भभकती आग में सुजीत दीप और उसका परिवार चीखों के साथ बदले की आग में झुलस गया। बारी-बारी से पांच सदस्यों की मौत हो गई। अपनी दो बेटियों लक्षिता पांच साल, काव्या तीन साल को बचाते सुजीत ने पहले दम तोड़ दिया। इसके बाद सुजीत की मां सविता 70 साल और फिर पत्नी प्रिया 28 साल ने दम तोड़ दिया।

प्रिया का एक हफ्ते तक उपचार चलता रहा, लेकिन शरीर पूरी तरह से झुलस जाने के बाद उसे नहीं बचाया जा सका। प्रिया के मृत्यु पूर्व बयान लेने के बाद उसी ने बताया था कि दो नाबालिग, जो घर के पास रहते हैं, उन्हें माचिस मारते देखा था। बीड़ी पीने के लिए अड्डा बनाए रहते थे। उन्हें पहले मना किया था, इसी का बदला ले लिया। बयान के आधार पर पुलिस नाबालिगों तक पहुंच सकी।

ढाई महीने पहले भी झोपड़ी में आगजनी

परिजनों ने प्रारंभिक बयान में ही बता दिया था कि नौ मार्च से ठीक ढाई माह पूर्व भी झोपड़ी जलाने की कोशिश हुई थी। सुजीत ने देर रात झोपड़ी में आग लगने पर शोर मचाया था। हालांकि उस वक्ता चौकन्ना होकर परिवार ने खुद को बचा लिया। कुछ दिनों बाद नशेड़ियों की करतूत ने सब कुछ तबाह कर दिया।

जब से आंख खुली, बहते रहे आंसू

प्रिया का उपचार 18 मार्च तक चला। चार लाशों को कांधा देने के बाद परिजन उसकी देखरेख में जुटे रहे। 17-18 मार्च की दरमियानी रात सेहत और बिगड़ गई। कुछ करीबियों का कहना था कि जब प्रिया को पहली बार होश आया तो रो पड़ी। बेटियों के साथ परिवार की तबाह पर उसके आंख से आंसू कभी नहीं रुके।

नशेड़ियों की फेरी, खतरे में गली-मोहल्ले

रायपुर शहर में जिस तरह के हालात हैं, सबसे ज्यादा नशेड़ियों की करतूत लोगों के लिए आफत बन गई है। गोली-गांजा का नशा आम है। यह पहली घटना नहीं है, जब आगजनी में लोग जिंदा झुलस गए। एक नशेड़ी की हरकत की वजह से गोल बाजार स्थित होटल तुलसी में आगजनी का भयावह मंजर हर किसी ने देखा था। बंद होटल के कमरे में पांच लोग जिंदा जल गए। जब नशेड़ी को पकड़ा गया, हरकत देख उसे मानसिक रोगी बताया गया।

नशेड़ियों की अड्डेबाजी रोकने पुलिस दस्ता नाकाम है। खुद पुलिस के आकड़े भी यही कहते हैं। बता दें पिछले दिनों एक मार्च से पंद्रह मार्च के बीच चले पुलिस अभियान में हर दिन गांजा बेचने अवैध कारोबार का भंड़ाफोड़ हुआ है। 33 प्रकरण दर्ज हुए, जिसमें गांजा बेचने 43 लोगों की गिरफ्तारी हुई। जबकि शराब के अवैध कारोबार पर 740 बोतल जब्त करके 549 आरोपियों को पकड़ा गया है। तस्वीरें साफ करती हैं कि शहर में नशा कारोबार किस तरह से फल-फूल रहा है।

Chhattisgarh: मेडिकल की 21 डिप्लोमा सीटें नहीं हुई डिग्री में कन्वर्ट

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 रायपुर

केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ को बड़ा झटका दिया है। केंद्र ने पं. जवाहरलाल नेहरू मेमोरियल मेडिकल कॉलेज रायपुर की 21 में एक भी पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा सीट को डिग्री में कन्वर्ट (परिवर्तित) नहीं किया है। यानी अब डिप्लोमा सीट पर ही काउंसिलिंग होगी। गनीमत तो यह रही कि सीट लैप्स नहीं हुई, क्योंकि राज्य ने इन्हें सरेंडर करते हुए केंद्र को डिग्री में कन्वर्ट करने के लिए आवेदन किया था। स्पष्ट कर दें कि केंद्र द्वारा ही सभी राज्यों को कहा गया था कि वे डिप्लोमा सीट को डिग्री में कन्वर्ट करने के लिए आवेदन करें। अब किन कारणों से रिजेक्ट किया गया है, यह साफ नहीं हो सका है, न ही केंद्र ने राज्य को इससे संबंधित कोई पत्र लिखा है।

8 फरवरी को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बजट पेश किया था, जिसमें 21 सीटों के उन्नयन का जिक्र था। वर्तमान में रायपुर मेडिकल कॉलेज में पीजी की 118 सीट है और 21 डिप्लोमा की है। अब राज्य आगामी वर्ष में एक बार फिर केंद्र को आवेदन करेगा।

डिग्री और डिप्लोमा में अंतर समझिए- डिप्लोमा सीट पर दाखिला लेने के बाद डिप्लोमा हाथ लगने के बाद तीन साल का डीएनबी कोर्स करना होगा। इसके बाद एक साल की एसआर शिप, तब कहीं जाकर एक डॉक्टर असिस्टेंट प्रोफेसर के पद के लिए योग्य होगा। दूसरी तरफ डिग्री हासिल करने के बाद सीधे एक साल की एसआर शिप और फिर असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए योग्य होंगे। डिप्लोमा और डिग्री के बाद असिस्टेंट प्रोफेसर के योग्य होने में दो साल डिप्लोमा में अधिक लगते हैं।

ये हैं डिप्लोमा सीट-

डिप्लोमा इन एनिस्थिसियोलॉजी- 01

डिप्लोमा इन क्लिनिकल पैथोलॉजी- 01

डिप्लोमा इन ऑफ्स एंड गायनी- 01

डिप्लोमा इन ऑटो रहिनोलयनोलॉजी- 01

डिप्लोमा इन ऑफ्थेल्मोलॉजी- 02

डिप्लोमा इन रेडियो डायग्नोसिस- 03

डिप्लोमा इन ऑर्थोपेडिक्स- 06

डिप्लोमा इन चाइल्ड हेल्थ- 06

25 मार्च को लॉटरी- प्रदेश की पीजी सीट में आरक्षण के लिए 25 मार्च को लॉटरी निकाली जाएगी। यह प्रक्रिया पं. जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के लेक्चर हॉल 6 में सुबह 11.30 बजे से होगी।

केंद्र से पत्र प्राप्त हुआ है, सीटें डिप्लोमा ही हैं और उन्हीं पर काउंसिलिंग करवाई जाएगी। डिग्री में कन्वर्ट न होने की वजह अभी तक स्पष्ट नहीं हो सकी है, जो भी कारण बताए जाएंगे उन्हें जल्द से जल्द दूर करने की कोशिश होगी। – डॉ. निर्मल वर्मा, अतिरिक्त संचालक एवं काउंसिलिंग प्रभारी, चिकित्सा शिक्षा संचालनालय

छत्तीसगढ़ : बीएसपी कार्मिक ‘कर्म शिरोमणि पुरस्कार’ से सम्मानित

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भिलाई इस्पात संयंत्र के ‘शिरोमणि पुरस्कार योजना’ के तहत शक्ति, विद्युत, उपयोगिताएं, सर्विसेस एवं इन्स्ट्रूमेंटेशन एवं ऑटोमेशन जोन में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मियों कोि सम्मानित किया गया है। पांच कर्मचारियों को ‘कर्म शिरोमणि पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया। फरवरी में उत्कृष्ट कार्य निष्पादन के लिए अमेय कुमार जोशी-वरिष्ठ ओसीटी, कान्ट्रेक्ट सेल (संकार्य), के. प्रमोद कुमार-मास्टर तकनीशियन (इन्स्ट्रूमेंटेशन), बिकाश चन्द्र रॉय-चार्जमैन सह-वरिष्ठ तकनीशियन (जल प्रबंधन), अनिल कुमार उपाध्याय- चार्जमैन सह-वरिष्ठ तकनीशियन (ईटीएल) और दिनेश कुमार चन्द्राकर-चार्जमैन सह-वरिष्ठ तकनीशियन (पीएंडबीएस) सम्मानित हुए।

इस कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित महाप्रबंधक (आई एंड ए) आरकेगुप्ता, महाप्रबंधक (उपयोगिताएं) एके मंडल, महाप्रबंधक (विद्युत) पीके सरकार एवं संबंधित विभागाध्यक्षों ने पुरस्कार विजेताओं के योगदान एवं कार्य की सराहना की और उन्हें उत्कृष्टता प्रमाण-पत्र, स्मृति चिन्ह एवं उनके जीवनसाथी के लिए प्रशंसा पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।