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घरेलू उड़ानों के लिए भी ‘SLPC’ हुई अनिवार्य, मुसाफिरों की होगी दोहरी सुरक्षा जांच

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पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर आतंकी हमले के बाद देश के तमाम एयरपोर्ट पर आतंकी हमले की आशंका बनी हुई है. हाल में खुफिया एजेसियों ने आतंकियों के मंसूबों के बाबत एक अलर्ट एयरपोर्ट पर तैनात सभी सुरक्षा एजेंसियों को दिया है. जिस पर कार्रवाई करते हुए देश के 61 एयरपोर्ट की सुरक्षा संभाल रहे केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) ने पैसेंजर सिक्‍योरिटी चेक प्रोटोकॉल में कुछ अहम बदलाव किए हैं. इन्‍हीं बदलावों के तहत, ब्‍यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्‍योरिटी (बीसीएएस) और सीआईएसएफ ने न केवल अंतरराष्‍ट्रीय, बल्कि घरेलू उड़ानों के लिए भी सेकेंडरी लैडर प्‍वाइंट चेक (एसएलपीसी) अनिवार्य कर दिया है.

क्‍या है सेकेंडरी लैडर प्‍वाइंट चेक
सेकेंडरी लैडर प्‍वाइंट चेक यानी एसएलपीसी के तहत विमान में प्रवेश करने से पहले सभी मुसाफिरों की सुरक्षा जांच दोबारा की जाती है. एसलीपीसी की जिम्‍मेदारी मुख्‍य तौर पर संबंधित एयरलाइंस के सिक्‍योरिटी विंग की होती है. एयरलाइंस सिक्‍योरिटी विंग के अधिकारी एयरोब्रिज या बोर्डिंग गेट पर मुसाफिरों की हैंड हेल्‍ड मेटल डिटेक्‍टर के जरिए सुरक्षा जांच करते हैं. इस दौरान मुसाफिरों के पास मौजूद हैंड बैग की भी दोबारा तलाशी ली जाती है. अभी तक एसएलपीसी से सिर्फ अमेरिका जाने वाले मुसाफिरों को गुजरना पड़ता था, लेकिन पुलवामा अटैक के बाद उत्‍पन्‍न हुए खतरे को देखते हुए बीसीएएस ने यह जांच न केवल अंतरराष्‍ट्रीय बल्कि सभी घरेलू उड़ानों के लिए भी अनिवार्य कर दिया है.

 

प्रोफाइलर्स और लोकल पुलिस के हवाले सिटी साइड की सुरक्षा
एयरपोर्ट की सुरक्षा से जुड़े वरिष्‍ठ अधिकारी ने बताया कि विदेशी एयरपोर्ट पर घटित आतंकी वारदातों में देखा गया है कि आतंकी लगातार सिटी साइड या चेकइन एरिया को अपना निशाना बना रहे हैं. आतंकी इस तरह के मंसूबों में कामयाब न हो सकें, इसके लिए एयर साइट की सुरक्षा को कई चरणों में बांटा गया है. जिसके तहत, एयरपोर्ट से करीब दो किलोमीटर पहले से सीआईएसएफ और स्‍थानीय पुलिस के जवान एयरपोर्ट की तरफ जाने वाली गाडियों और उसमें मौजूद लोगों पर नजर रखेंगे. इसके अलावा, पर्याप्‍त संख्‍या में प्रोफाइलर्स की तैनाती सिटी साइड एरिया में की गई है. जिससे हावभाव को पढ़कर संभावित खतरे का पता लगाया जा सके. इसके अलावा, एयरपोर्ट पर रजिस्‍टर्ड बैगेज को चेक करने के लिए इनलाइन बैगेज सिस्‍टम में अतिरिक्‍त स्‍क्रीनर्स की तैनाती की गई है.

अस्‍थाई एयरपोर्ट इंट्री पास और विजिटर इंट्री टिकट पर भी लगी रोक
सीआईएसएफ के वरिष्‍ठ अधिकारी ने बताया कि सुरक्षा के मद्देनजर अस्‍थाई एयरपोर्ट इंट्री पास और विजिटर इंट्री टिकट पर अस्‍थाई तौर पर रोक लगा दी गई है. यह रोक कब हटेगी, इसका फैसला ब्‍यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्‍योरिटी को करना है. उन्‍होंने बताया कि रोक के तहत एयरपोर्ट में सिर्फ वैद्य टिकट धारक मुसाफिरों के अलावा स्‍थाई एयरपोर्ट इंट्री पास धारकों को ही प्रवेश दिया जाएगा. इसके अलावा, यह भी ध्‍यान दिया जा रहा है कि एयरपोर्ट पर मौजूद कर्मचारी, उन्‍हीं इलाकों में रहें जहां पर उनकी ड्यूटी है. कोई भी एयरपोर्ट कर्मी अपनी ड्यूटी प्‍लेस से इतर पाया जाता है तो उसका एयरपोर्ट इंट्री पास जब्‍त किया जा सकता है.

इंफाल में बोले राहुल गांधी- अब तक नहीं दिखी पीएम मोदी की डिग्री

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इंफाल में छात्रों के साथ बातचीत में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा, ‘पीएम मोदी की यूनिवर्सिटी डिग्री हमें आज तक देखने को नहीं मिली. किसी को पक्के तौर पर यह नहीं पता कि प्रधानमंत्री यूनिवर्सिटी गए या नहीं. पीएम मोदी की डिग्री को लेकर दिल्ली में एक आईटीआई फाइल गई थी, लेकिन उसका कोई जवाब नहीं मिला.’ इसके साथ ही उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने आरबीआई को भरोसे में लिए बिना नोटबंदी की. वह ऐसे ही फैसले ले लेते हैं, उसे प्राइम मिनिस्टर ऑफिस कहने की बजाय पब्लिसिटी मिनिस्टर ऑफिस कहा जाना चाहिए. उनकी केवल इसी में रुचि है.

वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मैं भी चौकीदार’ कैंपेन से जुड़ा एक नया वीडियो जारी किया है. पीएम मोदी ने यह वीडियो ट्वीट करते हुए लिखा कि चौकीदार शब्द आज देशभक्ति का पर्याय बन गया है. इससे पहले पीएम मोदी ने ब्लॉग लिखकर कांग्रेस पर निशाना साधा.

वहीं बसपा सुप्रीमो मायावती इस बार लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगी. उन्होंने कहा कि हमारे लिए फिलहाल मेरी एक सीट पर जीत से अधिक गठबंधन को ज्यादा से ज्यादा सीटें दिलाना है.

जम्मू-कश्मीर में कांग्रेस-एनसी में हुआ गठबंधन, श्रीनगर से चुनाव लड़ेंगे फारूक अब्दुल्ला

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नई दिल्ली। हाल में होने वाले लोकसभा चुनाव को लेकर जम्मू-कश्मीर में नेशनल कॉन्फ्रेंस और राष्ट्रीय कांग्रेस में बुधवार को गठबंधन हो गया है। वहीं खबरें यह भी आ रही है कि श्रीनगर से फारुख अब्दुल्ला चुनाव लड़ सकते हैं। लोकसभा चुनाव 2019 के लिए राजनीतिक दलों ने अपने पत्ते खोलने शुरू कर दिए हैं।

बीएसपी सुप्रीमो ने किया बड़ा ऐलान, नहीं लडेंगी लोकसभा चुनाव

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 बसपा सुप्रीमो मायावती ने बड़ा ऐलान किया है कि वे इस बार लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगी। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यदि जरूरत पड़ी और बाद में समीकरण बदले तो वे किसी भी सीट को खाली करवाकर चुनाव लड़ लेंगी। इससे पहले बताया जा चुका है कि सपा-बसपा और रालोद का चुनावी अभियान होली के बाद नवरात्र से शुरू होगा। बसपा सुप्रीमो मायावती और सपा प्रमुख अखिलेश यादव सात अप्रैल को देवबंद में संयुक्त रैली कर चुनावी शंखनाद करेंगे। संयुक्त रैली में राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष अजित सिंह भी मौजूद रहेंगे।

गठबंधन के मद्देनजर मायावती, मैनपुरी से चुनाव लड़ रहे सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव के लिए भी अबकी वोट मांगेंगी। प्रदेश के बाहर ओडिशा से दो अप्रैल को मायावती चुनाव प्रचार शुरू करेंगी। बसपा के उत्तर प्रदेश व मंडल स्तर के प्रमुख पदाधिकारियों की माल एवेन्यू स्थित प्रदेश कार्यालय में गुरुवार को हुई बैठक में बसपा प्रमुख ने रैलियों के बारे में जानकारी दी। सपा के मुख्य प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने भी इसकी पुष्टि की है। बसपा की करीब घंटेभर चली बैठक में मायावती गठबंधन की निचले स्तर पर स्वीकार्यता व आचार संहिता के पालन कराने को लेकर चिंतित दिखीं।

उन्होंने कहा कि तीनों दलों के समर्थकों को आपसी मतभेद और गिले शिकवे भुलाकर जी-जान से अहंकारी व जातिवादी भाजपा सरकार को हराने के लिए काम करना है। मायावती ने दावा किया कि गठबंधन को सर्वसमाज का भारी समर्थन मिल रहा है। बदले राजनीतिक माहौल में तन, मन, धन से चुनाव जीतने की तैयारी करना बेहद जरूरी है ताकि सत्ता की मास्टर चाबी प्राप्त की जा सके। मायावती ने कांग्रेस को धोखेबाज बताते हुए नाराजगी तो जताई, लेकिन भाजपा पर कहीं ज्यादातर हमलावर रहीं। कहा, भाजपा की जातिवादी, सांप्रदायिक व गरीब-मजदूर विरोधी नीतियों से जनता पीछा छुड़ाना चाह रही है। जनता ऐसी भाजपा सरकार को दूर से राम-राम करेगी। हार के डर से भाजपा नेता अनाप-शनाप बयानबाजी कर रहे हैं।

 गोवा के नवनियुक्त मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने विधानसभा में बहुमत साबित किया

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पणजी। गोवा के नवनियुक्त मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने बुधवार को विधानसभा में बहुमत साबित कर लिया। राज्यपाल मृदुला सिन्हा ने विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया था। सरकार के शक्ति परीक्षण के दौरान सदन में कुल 36 में से 20 मत उसके पक्ष में पड़े। विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी के 12, गठबंधन सहयोगी महाराष्ट्रवादी गाेमांतक पार्टी और गोवा फॉरवर्ड पार्टी के तीन-तीन और दो निर्दलीय सदस्य हैं। गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर का लंबी बीमारी से 17 मार्च को निधन होने के बाद डाॅ. सावंत ने 18 मार्च की देर रात मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।

प्रियंका ने साधा PM पर निशाना बोली- देश को नहीं चाहिए मोदी की ‘जन विरोधी’ एवं ‘अहंकारी’ सरकार

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कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने बुधवार को नरेंद्र मोदी को ‘जन विरोधी’ एवं ‘अहंकारी’ बताते हुए केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली सरकार को सत्ता से बाहर करने तथा ऐसी सरकार बनाने की अपील की जो समाज के हर वर्ग की जरुरतों को पूरा करने में सक्षम हो। मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में नदी के सहारे रोजी-रोटी चलाने वाले निषाद एवं अन्य समाज के लोगों को ऐतिहासिक असि घाट पर संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “पांच वर्षों में आपने देखा कि देश में क्या स्थिति बनी। हर साल दो करोड़ रोजगार देने का वादा पूरा नहीं हुआ।

किसानों को न तो खाद-बीज के लिए पैसे मिले और न ही उनके फसल का उचित दाम। इस वजह से बहुत से किसानों को आत्महत्या करने को मजबूर होना पड़ा।” प्रियंका गांधी वाड्रा ने नरेंद्र मोदी सरकार पर महिला और मजदूर विरोधी होने का आरोप लगाते हुये लोगों से लोकसभा चुनाव ऐसे नेताओं और पार्टियों को सत्ता में आने से रोकने के लिए मतदान करने की अपील की और कहा कि इनका मकसद समाज सेवा के बजाय सत्ता पाना बन गया है। उन्होंने कहा कि देश के गरीब, मजदूर, किसान, बेराजगारों एवं महिलाओं को भाजपा की ‘अहंकारी’ सरकार नहीं चाहिए, जिसने अपने गत पांच वर्ष के शासनकाल में समाज के हर तबके एवं संस्थाओं को तबाह करने का काम किया है।

छत्तीसगढ़ : होली के दिन चप्पे-चप्पे पर होगी पुलिस की नजर

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राजधानी रायपुर में होली को लेकर शहर के चप्पे-चप्पे में पुलिस की पैनी नजर रहेगी। इसके लिए पूरी तैयारी कर ली गई है। होली के मद्देनजर पुलिस लाइन में पांच हजार से ज्यादा पुलिस के जवाबन आ चुके हैं और थानों में अतिरिक्त बल भेजा जा रहा है। पुलिस लाइन में बल की गितनी कर शहर के थानों में बल भेजा जा रहा है। इसमें महिला समेत पुरूष बल लगे हैं। वहीं पेट्रोलिंग की भी प्रशासन की ओर से तगड़ी व्यवस्था कर दी गई है।

छत्तीसगढ़: मथुरा की तरह जांजगीर में भी खेली जाती है लट्ठमार होली

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छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले से 45 किलोमीटर दूर बसे एक छोटे से गांव पंतोरा में होली के पांच दिन बाद रंग पंचमी के अवसर पर पिछले 200 सालों से गांव में लट्ठमार होली खेलने की परंपरा चली आ रही है. ग्राम पंतोरा के ग्रामीणों के लिए इस लट्ठमार होली का विशेष महत्व है. दरअसल ग्रामीणों की मान्यता है कि रंग पंचमी के दिन लट्ठमार होली खेलने से उनके गांव में आने वाली महामारी और बीमारी दूर होती है.

रंग पंचमी के एक दिन पूर्व संध्या गांव से दूर कोरबा जिले के पहांड़ियों में स्थित मां मड़वारानी मंदिर के पहाड़ से पंतोरा ग्राम के ग्रामीण बांस की लाठियां लाकर मां भवानी के मंदिर में बैगा के पास पूजा कर अभिमंत्रित करने के लिए छोड़ देते है. फिर पूरा का पूरा गांव इसी लाठी से दूसरे दिन लट्ठमार होली की शुरूवात करता है. होली के पांच दिन बाद रंग पंचमी के अवसर पर ग्राम पंतोरा के भवानी मंदिर में गांव के लोग एकत्रित होकर इस लट्ठमार होली की शुरूवात करते है.

पंतोरा गांव के ग्रामीणों का कहना है कि गांव में स्थित मां भवानी मन्दिर के बैगा द्धारा गांव के नौ कुंवारी कन्याओं को पूजा कर अभिमंत्रित की हुई लाठियां थमाई जाती है. फिर कुंवारी कन्याएं और महिलाएं घूम-घूमकर पुरूषों पर लाठियां बरासाती है. इस मौके पर गांव से गुजरने वाले हर शख्स को लाठियों की मार झेलनी पड़ती है. इस गांव में यह परम्परा वर्षों से चली आ रही है.

गांव के मंदिर से लट्ठमार होली की शुरूआत गांव की महिलाएं एंव युवतियां हांथों में लाठी लेकर करती है और लोगों को पीटने के लिए गांव की गलियों में निकल पड़ती है. महिलाओं और युवतियां के हांथों पिटने वाले लोग परम्परा की वजह से नाराज भी नहीं होते है. इस होली की सबसे खास बात यह है कि इस दिन लाठी से मार खाने के दौरान अगर किसी को चोट लग भी जाती है या खून निकल जाता है तो दर्द नहीं होता और वह रातों रात ठीक भी हो जाता है.

 

होली पर बनाएं खास ‘पनीर पुलाव’, जानें आसान रेसिपी

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पुलाव को किसी भी तरह से बनाकर खाएं ये हमेशा टेस्टी लगता है। पुलाव बच्‍चों से लेकर बड़ों तक सभी उम्र के लोगों को काफी पसंद आता है। पुलाव अलग-अलग जगहों में वहां के खान-पान के हिसाब से अलग-अलग तरीके से पकाई जाती हैं और सभी तरह के पुलाव का स्वाद अलग-अलग होता है। हमारे खानों में आमतौर पर शामिल रहने वाला अनाज है चावल। चावल शरीर में कॉम्प्लेक्स, विटामिन-बी और कार्बोहाइड्रेट की आपूर्ति करता है। पुलाव में सब्जियों को मिलाकर बनाने से यह पोषक तत्वों से भरपूर होता है और साथ ही यह पेट के लिए हल्का होता है और जल्दी पच जाता हैं, इसलिए अपच होने पर इसको खाने से पेट को आराम मिलता है। पुलाव बनाना भी बहुत आसान है, यह जल्दी से तैयार हो जाने वाली रेसिपी है, इसलिए अगर आपके घर पर अचानक मेहमान आ गये हैं और आपको जल्‍द उनको कुछ टेस्‍टी बनाकर खिलाना है तो पनीर पुलाव बनाना आपके लिये सबसे आसान रहेगा आइए जानते हैं, पनीर पुलाव बनाने का तरीका। इसे जरूर ट्राई करें।

 

  • कितने लोगों के लिए- 2
  • रेसिपी बनाने में लगने वाला समय- 45 मिनट

 

पनीर पुलाव को बनाने के लिए समाग्री:

 

  • बासमती चावल- 1 कप
  • पनीर- 200 ग्राम
  • मटर के दाने- ½ कप
  • अदरक पेस्ट- 1 टेबल स्‍पून
  • जीरा- ½ टेबल स्‍पून
  • बड़ी इलायची- 2
  • दालचीनी- ½ इंच
  • लौंग- 3-4
  • काली मिर्च- 8-10
  • हरा धनिया- 3-4 टेबल स्‍पून
  • घी- 4-5 टेबल स्‍पून
  • नमक- स्वादानुसार
  • नींबू- 1

 

पनीर पुलाव बनाने का तरी‍का:

 

  • सबसे पहले चावल को धोकर आधे घंटे के लिए भिगोकर रख दें। अब एक पतीले में पानी डालें और चावलो को उसमें डालकर उबाल लें और जब चावल उबल जाए तो उसका पानी निकाल लें। पुलाव बनाने के लिए बासमती चावल का ही इस्‍तेमाल करें।
  • अब इलाइची के दानों और दाल चीनी, काली मिर्च, लौंग को दरदरा कूट लें और पनीर को छोटे-छोटे आकार में टुकड़ों में काट लें।
  • गैस में धीमी आंच पर पैन रखें और उस पैन में घी डालें और गर्म करें। जब घी के गर्म हो जाए तो उसमें पनीर के टुकड़े डालकर ब्राउन होने तक फ्राई कर लें। जब पनीर के पीस फ्राई हो जाए तो उसे निकालकर प्‍लेट में रख लें।
  • पैन के बचे हुए घी में जीरा और कुटी हुई काली मिर्च, लौंग, इलाइची और दाल चीनी डालें और हल्का फ्राई कर लें। भूने हुए मसालों में अदरक का पेस्ट डालें और फ्राई करें।

 

  • अब इसमें मटर के दाने डालकर फ्राई कर लें, चावल और सभी चिजों को फ्राई करें और उसके बाद 5 मिनट के लिए ढककर पका लें।
  • मसाले में उबले हुए चावल, फ्राई किए हुए मटर, तले हुए पनीर के टुकडे़, नींबू का रस और नमक डालकर इसे अच्छे से मिक्स करें। मिक्‍स करने के बाद गैस को बंद कर दें।
  • आपका पनीर पुलाव तैयार है, इसे प्लेट में निकाल लें और हरे धनिये को बारीक-बारीक काट लें और पुलाव को इससे गार्निश करें।

 

पनीर पुलाव को गरमा गरम ही खाएं। इसे रायता, दही, सलाद, पापड़ और चटनी या अचार के साथ सर्व कर सकती हैं।

जानें डर्मेटोलॉजिस्ट से : होली के बाद रंग छुड़ाने के लिए कैसे करें स्नान

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होली के रंगों से नहाने के बाद रंग छुड़ाना आसान नहीं होगी। कुछ महिलाएं रंग छुड़ाने के लिए रगड़-रगड़ के नहाती हैं जिस वजह से स्किन पर एलर्जी हो जाती है या फिर दाने उग आते हैं। कई महिलाओं की स्किन से होली का रंग भी नहीं उतरता और उनकी त्वचा पर लाल निशान भी पड़ जाते हैं। दरअसल में होली के बाद रंग छुड़ाने के लिए कैसे नहाना चाहिए ये ज्यादातर महिलाओं का पता ही नहीं होता। होली से पहले आप अगर इस बारे में जान लेंगी तो होली खेलते समय आपको रंगों से डर नहीं लगेगा और होली के बाद त्वचा से रंग छुड़ाते समय आपको परेशानी भी नहीं होगी। होली का त्योहार सेलिब्रेट करने के लिए होता है ना कि ये सोचने के लिए कि रंग लगाने से त्वचा ना खराब हो जाए। डर्मेटोलॉजिस्ट निरुपमा परवंदा के ये स्किन केयर टिप्स आपको होली के बाद स्किन से रंग छुड़ाते समय जरूर काम आएंगे। तो आइए जानते हैं कि डॉक्टर निरुपमा आपको क्या स्किन केयर टिप्स दे रही हैं।

नॉर्मल पानी- होली खेलने के बाद आप जब नहाने जाए तो पहले सिर्फ नॉर्मल पानी को अपनी बॉडी पर डालें और जितना रंग निकल सकता है उसे बॉडी से निकलने दें स्किन पर हल्का सा भी रगड़ने की जरुरत नहीं है। सिर से पांव तक साफ पानी डालने से आपका आधा रंग तो ऐसे ही निकल जाता है।

साबुन ना लगाएं- होली खेलने के बाद साबुन से ना नहाएं। साबुन या फेसवॉश में अल्कालाइन होता है जो आपकी स्किन को ड्राई कर देता है। होली खेलने के बाद आप जब स्किन पर साबुन लगाती हैं तो इससे ना सिर्फ आपकी त्वचा रफ होती है बल्कि पैच भी बन जाते हैं। इसलिए साबुन लगाने से बचें।

गर्म पानी से ना नहाएं- कुछ लोग ये मानते हैं कि गर्म पानी से रंग आसानी से निकल जाता है लेकिन ये गलत है डॉक्टर निरुपमा परवंदा का कहना है कि नॉर्मल पानी से ही नहाना चाहिए इससे रंग आसानी से निकल जाता है।

देसी उबटन

घरेलू नुस्खों से बेस्ट और कुछ नहीं है। होली का रंग छुड़ाने के लिए किसी शैम्पू या बॉडी वॉश की जगह उबटन का इस्तेमाल करना चाहिए। रसोई में रखे सामान से ही आप अपनी स्किन के हिसाब से उबटन तैयार कर सकती हैं।

ऑयली स्किन- अगर आपकी स्किन ऑयली है और आप होली का रंग छुड़ाने के लिए नहाने जा रही हैं तो उससे पहले ये उबटन तैयार कर लें।

कैसे बनाएं उबटन- एक कटोरी लें उसमें आधा बेसन और आधी मुल्तानी मिट्टी डालें और पानी डालकर पेस्ट तैयार कर लें। इस पेस्ट से अपने चेहरे और पूरी बॉडी की 5 मिनट मसाज करें। जहां पर ज्यादा होली का रंग हो वहां थोड़ी ज्यादा देर हल्के हाथ से मसाज करें फिर नॉर्मल पानी से नहा लें। अगर रंग एक बारी में पूरी तरह साफ ना हो तो कुछ दिनों तक ऐसे ही नहाएं साबुन का इस्तेमाल ना करें।

ड्राई स्किन- रुखी त्वचा वाली महिलाओं को होली खेलने के बाद काफी परेशानी होती है। रंग छुड़ाने के बाद उनकी स्किन पर पैच बन जाते हैं और लाल निशान भी आसानी से आ जाते हैं।

कैसे बनाएं उबटन- एक कटोरी में बेसन डालें फिर इसमें दूध और 2 चुटकी हल्दी डालकर उबटन बना लें। इसे अपने शरीर पर लगाएं और 5 मिनट रब करें फिर इसे कुछ मिनट सूखने दें और 10 मिनट बाद नहा लें। इसे लगाने से पहले आप स्किन पर ऑलिव ऑयल या बादाम तेल भी लगा सकती हैं इससे आपकी स्किन पर शाइन भी आ जाएगी और रंग भी आसानी से निकल जाएगा।

नॉर्मल स्किन- 2 चम्मच मसूर दाल पाउडर में थोड़ा सा चावल का आटा मिलाएं फिर इसमें गुलाब जल डालकर इसका उबटन तैयार कर लें। अब आप इस पेस्ट को होली खेलने के बाद अपनी स्किन पर लगाकर नहाएं। ना सिर्फ होली का रंग निकलेगा बल्कि आपकी स्किन भी मुलायम हो जाएगी।

ध्यान रखें- उबटन लगाते समय इस बात का ध्यान जरूर रखें कि आप उसे लगाकर जल्दी रंग छुड़ाने के चक्कर में रगड़े नहीं सिर्फ हल्के हाथों से स्किन पर उबटन से मसाज करें। आसानी से रंग निकल जाएगा और स्किन भी खराब नहीं होगी।

नहाने के बाद आप स्किन पर गुलाब जल जरूर लगा लें इससे आपकी स्किन पर होली के रंगों से होने वाली एलर्जी भी खत्म होगी और आपकी स्किन पर आराम भी महसूस होगा। तो इस साल होली के दिन जमकर रंगों से होली खेलें और उसके बाद डॉक्टर निरुपमा परवंदा की इन टिप्स को फोलो करते हुए नहाएं आपकी स्किन की खूबसूरती होली के बाद भी बनी रहेगी।