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सेल्समैन ने लौटाया 10 लाख रुपयों से भरा बैग, मालिक ने इनाम में दे दी इतनी रकम

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गुजरात रुपयों से भरा बैग अगर सड़क पर पड़ा मिल जाए तो भला किसके मन में लालच नहीं आएगा। लेकिन, गुजरात के सूरत शहर में रहने वाले एक सेल्समैन ने ईमानदारी का एक बेहतरीन उदाहरण पेश किया है। दरअसल, साड़ी के शोरूम में काम करने वाले एक सेल्समैन को 10 लाख रुपयों से भरा एक बैग मिला था, जिसे सेल्समैन ने संबंधित मालिक को वापस कर दिया। बैग मालिक ने सेल्समैन की ईमानदारी को देखते हुए उसे इनाम में एक लाख रुपए दे दिए, वहीं एक जौहरी ने भी सेल्समैन को एक लाख रुपए दिए।

पैसे मिलने की घटना शुक्रवार की है। दिलीप पोद्दार दोपहर में खाना खाने के बाद काम पर लौट रहे थे। इसी दौरान उनकी नजर सड़क पर पड़े एक लावारिस बैग पर पड़ी। बैग खोलने पर पता चला कि उसमें 2000 रुपये के नोटों की गड्डियां रखी थी और यह रकम लगभग 10 लाख रुपये थी। दिलीप ने लालच किए बिना अपने शोरूम मालिक को इस संबंध में पूरी जानकारी दी। शोरूम मालिक ने पैसों के मालिक का पता चलने तक बैग को अपने पास ही रखने को कहा और इसकी सूचना उमरा थाने के केएस गढ़वी को दे दी।

सूचना के बाद पुलिस ने क्षेत्र में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले और बैग के मालिक का पता लगा लिया। बैग के मालिक का पता मिलते ही पोद्दार ने उनके पैसे उन्हें लौटा दिए। पोद्दार की ईमानदारी देखते हुए बैग मालिक ने उसे इनाम में एक लाख रुपए दे दिए। पोद्दार को उनकी ईमानदारी के लिए हृदय पच्चिगर नाम के एक जौहरी ने भी एक लाख रुपए पुरस्कार के रूप में दे दिए। जौहरी ने बताया कि, पोद्दार ने जो रुपए वापस किए थे उससे उनकी दुकान से ही जेवर खरीदे गए। इस तरह ईमानदारी के लिए दिलीप पोद्दार को दो लाख रुपए पुरस्कार के रूप में दिए गए।

MP : अनशन स्थल पर पूर्व रक्षा मंत्री पर्रिकर को दी श्रद्धांजलि

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महोबा।

पूर्व रक्षा मंत्री एवं गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर के निधन पर आल्हा चौक पर पृथक बुंदेलखंड के लिए 261 दिन से चल रहे अनशन स्थल पर एक शोकसभा का आयोजन कि या गया। जिसमें पर्रिकर की तस्वीर पर माल्यार्पण करके श्रद्धांजलि दी गई। उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित करने के लिए स्कूलों के बच्चे भी अनशन स्थल पर आयोजित शोकसभा में पहुंचे । बुंदेली समाज के संयोजक तारा पाटकर ने कहा कि मनोहर पर्रिकर विशाल व्यक्तित्व वाले राष्ट्रीय नेता थे, वे भारतीय राजनीति में ईमानदारी और सादगी की मिसाल थे,लेकि न दुर्भाग्य से उनका अनुसरण करने वाले नेता बहुत कम हैं। एनबीआरआई के पूर्व प्रधान वैज्ञानिक डॉ. रामसेवक चौरसिया ने कहा कि ये श्री पर्रिकर की लोकप्रियता ही थी कि अल्पमत में होने के बावजूद गोवा में भाजपा सरकार बनाने में सफल हो सकी। शोकसभा को दिव्यांग प्रकोष्ठ के अध्यक्ष यशपाल सिंह परिहार, प्रशांत गुप्ता, सुधीर द्विवेदी, हरीओम निषाद, रामप्रकाश पुरवार, हरिश्चंद्र वर्मा, प्रेमनारायण त्रिपाठी, अरविन्द नगायच, अमरचंद विश्वकर्मा समेत कई लोग मौजूद थे।

कुएं में गिरने से बालिका की मौत

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बकस्वाहा

नगर के गंतराम कौंड़ी में सात वर्षीय एक बालिका की कु एं में गिरकर मृत्यु हो गई है। जानकारी के अनुसार मंगलवार की शाम करीब साढ़े 4 बजे चायना लोधी पुत्री मुलायम सिंह लोधी उम्र 7 वर्ष खेलते खेलते अचानक कु एं में गिर गई जिससे पानी में डूबने से उसकी मौत हो गई है। घटना की सूचना पर पुलिस ने शव को कु एं से निकलवाया और पोस्टमार्टम कराके परिजनों को सौंप दिया। पुलिस का कहना है कि मर्ग कायम करके मामले की जांच की जा रही है।

MP : 100 यूनिट के एक हजार से ज्यादा के बिल

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हरपालपुर

भाजपा सरकार के समय शुरू की गई संबल योजना को प्रदेश की नई सरकार ने नया सबेरा नाम से संचालित करके 100 यूनिट का भुगतान 100 रुपए लेने के निर्देश दिए थे, लेकि न हरपालपुर के ग्राम चपरन में ग्रामीणों को 100-100 यूनिट का बिल एक हजार रुपए से अधिक लेकर वसूला जा रहा है। इसके लेकर लोगों में असंतोष पनप रहा है।

भाजपा शासन काल में संबल योजना शुरु की गई थी। यह योजना सही तरीके से क्रियांवित हो पाती उसके पहले ही चुनाव के बाद प्रदेश में सरकार बदल गई और नई सरकार ने संबल योजना का नाम बदलकर नया सबेरा योजना कर दिया। इस योजना में भी प्रावधान कि या गया था कि 100 यूनिट का बिल 100 रुपए और 200 यूनिट का बिल 200 रुपए लिया जाएगा इसके बाद यूनिट आने पर बिल की राशि में बढ़ोतरी होगी। कि सानों के हाथ में जब बिजली विभाग ने बिल थमाए तो उनके होश उड़ गए दरअसल चपरन में जिन कि सानों का बिजली बिल 100 यूनिट का आया है उन्हें एक हजार से अधिक राशि के बिल और जिनकी खपत 200 यूनिट तक हुई है उन्हें दो हजार से रुपए से अधिक का बिल दिया गया है। ऐसे में कि सानों व ग्रामीणों को विद्युत कंपनी और सरकार के प्रति असंतोष पनपना शुरू हो गया है। कि सानों का कहना है कि जब उनसे मनमाने बिल की वसूली की जाना है तो भला उन्हें योजना से क्यों जोड़ा गया है या फिर प्रावधान के अनुसार बिल सरकारी खजाने में जमा करके ऊपर की राशि विभाग के अधिकारी हड़पने की कोशिश में है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि इस ओर अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया तो न्याय पाने के लिए ग्रामीण आंदोलन शुरू कर देंगे।

कथन

ग्रामीणों के दस्तावेज योजना का लाभ दिलाने के लिए जमा हुए थे। पात्र हितग्राही को नया सबेरा योजना के तहत बिल जारी कि ए गए हैं। योजना सही तरीके से शुरू होती इसके पहले आचार संहिता लग गई इस कारण नए रजिस्ट्रेशन नहीं हो पाए। हो सकता है जिन ग्रामीणों के दस्तावेज जमा हुए हैं उनकी जानकारी एक्टीवेट न हो पाई हो। अगर योजना का लाभ लेने की पात्रता रखते हैं तो आचार संहिता समाप्त होने के बाद उन्हें योजना का लाभ मिलने लगेगा।

अनिल कु मार खरे

ओआईसी विद्युत कंपनी, हरपालपुर

बढ़े बिल दिखाकर ग्रामीणों ने जताई नाराजगी

हरपालपुर के अंतर्गत ग्राम चपरन में ग्रामीणों ने 100-200 यूनिट बिजली खपत के बाद मिले एक हजार व दो हजार से अधिक राशि के बिल दिखाते हुए बिजली कंपनी के अधिकारियों और सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई है। चपरन निवासी हरिकि शन भदौरिया का बिजली बिल 1996 आया है। इसी तरह कै लाश भदौरिया का 1188 रुपए, रामदेवी रैकवार, भज्जू रैकवार, इमरत कु शवाहा, पुष्पा कु शवाहा, संगीता कु शवाहा के बिल भी हजार रुपए से अधिक आए हैं। ग्रामीणों का तर्क है कि जब मनमाने बिल ही लेना है तो उन्हें बिल में रियायत और निर्धारित खपत के निर्धारित राशि वाले बिल देने का भरोसा क्यों दिया गया। ठीक इसी तरह कई और गांवों में लोगों ने भी 100 से 200 यूनिट बिजली खपत करने के बाद कंपनी द्वारा थमाए गए बिल दिखाते हुए विभाग के खिलाफ नाराजगी जताई है।

 

बसपा से हमारा गठबंधन अटूट : अजीत और अमित जोगी

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रायपुर। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के सुप्रीमो अजीत जोगी और प्रांतीय अध्यक्ष अमित जोगी ने ग्लिब्स डॉट इन से खास बातचीत में कहा है कि बहुजन समाज पार्टी से हमारा गठबंधन अटूट है। लोकसभा चुनाव के लिए जल्द ही हम अपने प्रत्याशियों के नामों का ऐलान करेंगे। हालांकि बसपा ने 6 जगहों से अपने प्रत्याशियों के नामों की घोषणा कर दी है। इसके बाद भी हमारा गठबंधन बरकारार रहेगा। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के सुप्रीमो अजीत जोगी ने स्पष्ट किया कि हमारा मायावती के साथ किसी प्रकार से कोई दरार नहीं है।

बसपा सुप्रीमो मायावती से हमारे अच्छे संबंध हैं और हमेशा रहेंगे। हम हमेशा बसपा और मायावती के साथ हैं। ग्लिब्स डॉट इन से चर्चा करते हुए  अजीत जोगी ने कहा कि हमारा मायावती से किसी प्रकार का कोई विवाद नहीं है। हमारी पार्टी ने मायावती के साथ गठबंधन किया है जो हमेशा रहेगा। उन्होंने कहा कि होली के बाद मायावती से चर्चा करेंगे और अपने प्रत्याशियों ने नाम भी देंगे। इधर जनता कांग्रेस अध्यक्ष अमित जोगी ने भी अपने ट्विटर पर पोस्ट करते हुए बसपा सुप्रीमो मायावती से अटूट गठबंधन लिखा है। ग्लिब्स टीम से चर्चा के दौरान उन्होंने भी कहा कि मायावती से हमारा गठबंधन है और आगे भी रहेगा। हम लोकसभा चुनाव और नगरीय निकाय चुनाव भी गठबंधन के साथ लड़ेंगे।

कार में सुन रहे थे ‘एक डोली उठी, फिर हो गया दर्दनाक हादसा

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ग्वालियर। गिर्राज जी की परिक्रमा के बाद वृंदावन घूमते हुए अशोकनगर लौट रहे दीपक व उनके दोस्त और परिवार के लोग काफी थके हुए थे। चालक रविन्द्र भी बेहद थका हुआ था। सोमवार सुबह जल्दी पहुंचने के चक्कर में रात को नहीं ठहरे। आगरा से निकलने के बाद चालक को नींद आना शुरू हुई। मुरैना आते-आते गाड़ी में सवार सभी लोग गहरी नींद में चले गए। चालक के पास की सीट पर बैठे दीपक की गोद में उसकी 3 साल की बेटी सिद्घि बैठी जाग रही थी। अपने मिजाज से बतूनी सिद्धि लगातार कार चालक से बातें करते जा रही थी। कभी म्युजिक सिस्टम तो कभी एसी के बटन के बारे में पूछ रही थी। बच्ची से बातचीत में व्यस्त होने पर चालक की नींद गायब हो गई थी। पर ग्वालियर निकलने के बाद दीपक की गोद में ही सिद्धि सो गई।

बच्ची के सोने के बाद मोहना पहुंचते-पहुंचते चालक रविन्द्र की कई बार झपकी लगी और नतीजा यह हादसा हो गया। जिस समय हादसा हुआ उस समय कार में एक लोकगीत ‘एक डोली उठी एक अर्थी चली’ बज रहा था। चालक ने इस गीत को शुभ नहीं मानते हुए मना भी किया, लेकिन गाड़ी में सवार सभी लोगों की डिमांड पर यही गाना बजाना पड़ रहा था।

डीजल बचाने दांव पर लगा दी लोगों की जान

आगरा से निकलने के बाद पूरा परिवार गाड़ी में सो गया था। करीब 2.30 बजे मुरैना में एक ढाबे पर ठहरकर परिवार के सदस्यों ने चाय पी। यहां 10 से 15 मिनट आराम किया। यहां दीपक ने चालक रविन्द्र से आराम कर विपुल को गाड़ी चलाने की बात कही। जाते समय भी आधे रास्ते तक विपुल ने गाड़ी चलाई थी। रविन्द्र का कहना था कि विपुल के चलाने पर एवरेज कम निकल रहा है, इसलिए वह खुद ही चलाएगा। जबकि बार-बार उसे झपकी आ रही थी। इसी जिद के चलते यह हादसा हुआ, जिसमें 4 की मौत, 9 लोग घायल हुए हैं।

मेरी आंख खुली तो चालक खून से सना खिड़की का कांच बजा रहा था

हादसे में घायल 15 साल के चंदू ने बताया कि वह टवेरा में सबसे पीछे सीट पर बैठा था। उसकी गोद में सोनू का डेढ़ साल का बेटा निष्कर्ष भी था। वह गहरी नींद में था। अचानक तेज झटका लगा। आंख खोली तो सामने से कोई ट्रक की लाइट चमक रही थी। चालक रविन्द्र खून से सना दरवाजा ठोक रहा था। इस पर मैंने दरवाजा खोला तो हम बाहर निकले तब पता लगा कि कोई ट्रक कट मार गया है। इसके बाद हमने और अरविंद भाई साहब ने सभी को बाहर निकाला। लोगों से मदद मांगकर एम्बुलेंस बुलाई।

तीन बार से जा रहे थे परिक्रमा लगाने

मृतक दीपक के भाई शुभम ने बताया कि दीपक तीन साल से लगातार गिर्राजजी परिक्रमा लगाने जा रहे थे। उन्होंने सिद्धि के जन्म के बाद बेटे की मन्नत मांगी थी। डेढ़ साल पहले बेटे का जन्म हुआ था। इस साल उन्होंने जब मथुरा-वृंदावन जाने की योजना बनाई तो उनके स्टूडियो के सभी साथी अरविंद, विपुल, सोनू भी अपने परिवार के साथ चलने के लिए तैयार हुए। जिस पर कार बुक कर दो दिन पहले मथुरा के लिए रवाना हुए थे।

सिद्धि, सिद्धार्थ कहा हैं उन्हें दूध पिला देना

हादसे में घायल पिंकी ट्रॉमा सेंटर में भर्ती है उसे यह नहीं बताया है कि उसके दोनों बच्चे और पति अब इस दुनिया में नहीं रहे। परिवार के लोग उसके सामने ऐसा व्यवहार कर रहे थे, जैसे दीपक और बच्चे सुरक्षित हैं। पिंकी भी बार-बार सिद्धि और सिद्धार्थ को दूध पिलाने और बिस्किट खिलाने के लिए कहती रही।

डॉक्टरों की लापरवाही में गई सिद्धार्थ की जान

दीपक के भाई शुभम का कहना था कि जिस समय घायल सिद्घार्थ (डेढ़ साल) को अस्पताल लेकर आए थे उसकी सांस चल रही थी। काफी देर तक वह स्ट्रेचर पर पड़ा रहा, जबकि डॉक्टर अन्य घायलों को देखते रहे। बीच में उसकी सांस थम गई। उसे जल्द ऑक्सीजन लगा देते तो शायद मासूम की जान बच जाती।

छत्तीसगढ़ : पहले सड़क बानाया फिर पाइप लाइन बिछाने के नाम पर खोदा गड्ढा

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रायपुर। रायपुर नगर निगम के अफसरों और ठेकेदारों की सांठ-गांठ से सड़कों का बुराहाल हो रहा है। ननि में अफसरों और ठेकेदारों की मिलीभगत साफ नजर आ रही है। बता दें कि रायपुर नगर निगम के ठेकेदार पहले सड़क बनाते हैं फिर नाली या पाइप लाइन बिछाने के नाम पर गड्ढा खोद देते हैं। जिससे राज्य सरकार को करोड़ों का चूना तो लगता ही है साथ ही आम लोगों को बिना प्लानिंग के किए गए कामों के चलते भारी परेशानियों का सामना भी करना पड़ता है, जिससे सड़कों का बुरा हाल हो रहा। वहीं सड़क खराब होने पर दोबारा पेच वर्क किया जाता है। जिससे मोटी कमाई हो जाती है।

ग्लिब्स टीम ने रायपुर नगर निगम क्षेत्र का पड़ताल किया तो देखा कि शहर में पानी के पाइप लाइन डालने के नाम पर अच्छी खासी सड़कों को बर्बाद किया जा रहा है। पूरे मामले को लेकर जब स्थानीय लोगों से पूछा गया तो उन्होंने अफसरों और ठेकेदारों पर आरोप लगाते हुए कहा कि सड़कों का बुरा हाल करने में निगम के अधिकारी और ठेकेदारों की मिली भगत है। इसी के चलते बगैर प्लानिंग शहर में काम किया जाता है। टीम ने शहर के गुढ़ियारी, श्रीनगर और शंकर नगर समेत सभी इलाकों का पड़ताल किया जहां पाया कि पहले सड़क बनाया गया फिर पानी की पाइप लाइन और नाली बनाने के नाम पर अच्छी खासी सड़कों को बर्बाद किया गया है। ग्लिब्स टीम ने पूरे मामले को लेकर निगमायुक्त शिव अनंत तायल से बात किया तो उन्होंने आश्वासन देते हुए कहा कि मामले की जांच कराएंगे और निगम अफसरों को प्लानिंग से काम करने की हिदायत देंगे।

अप्रैल से नई रियल एस्टेट आवासीय परियोजनाओं पर लागू होगी नई जीएसटी दर

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नई दिल्ली। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद ने रियल एस्टेट पर जीएसटी दर में कमी किए जाने से परेशान डेवलपरों को राहत देते हुए मंगलवार को कहा कि अब एक अप्रैल 2019 से बनने वाली नई रियल एस्टेट आवासीय परियोजनाओं पर सिर्फ नई दरें लागू होंगी लेकिन 31 मार्च 2019 तक निमार्णाधीन परियोजनाओं पर डेलवपरों को नई या पुरानी दर चुनने का अधिकार होगा। वित्तमंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता में परिषद की यहां वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए हुई 34वीं बैठक में ये निर्णय लिए गए। बैठक के बाद राजस्व सचिव अजय भूषण पांडेय ने संवाददाताओं को यह जानकारी देते हुए कहा कि 31 मार्च तक जो परियोजनाएं निमार्णाधीन रहेंगी उनके डेवलपर को नई या पुरानी दर चुनने का अधिकार होगा। पुरानी दर में इनपुट टैक्स क्रेडिट( आईटीसी) मिलेगा लेकिन नई दर में यह मिलेगा।

उन्होंने कहा कि पुरानी दर में किफायती आवासों पर आईटीसी के साथ आठ प्रतिशत जीएसटी और अन्य पर आईटीसी के साथ 12 प्रतिशत जीएसटी प्रभावी है। नयी दर में किफायती आवासों के लिए बगैर आईटीसी के एक प्रतिशत और अन्य परियोजनाओं पर बगैर आईटीसी के पांच प्रतिशत जीएसटी है। उन्होंने कहा कि डेवलपरों को नई दर या पुरानी दर चुनने के लिए एक निर्धारित समय-सीमा दी जाएगी जो संबंधित राज्यों के साथ विचार-विर्मश कर तय की जाएगी।

मोदी 31 मार्च को 500 स्थानों पर लाखों ‘चौकीदारों’ से संवाद करेंगे

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जनांदोलन बन चुके अपने ‘मैं भी चौकीदार हूं’ अभियान से जुड़े लाखों लोगों से देश के 500 स्थानों पर 31 मार्च को वीडियो कॉन्फ्रेंसिग के जरिए संवाद करेंगे। भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं केन्द्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने मंगलवार को यहां एक संवाददाता सम्मेलन में यह जानकारी दी। प्रसाद ने कहा कि मोदी का ‘मैं भी चौकीदार हूं अभियान करोड़ों लोगों का एक व्यापक जनान्दोलन बन गया है। इस अभियान से डॉक्टर, इंजीनियर, पेशेवर, वकील, किसान, युवा, महिलाएं, कर्मचारी आदि जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर यह एक दिन विश्वव्यापी ट्रेंड था जबकि भारत में दो दिन तक तक ट्रेंड चला है। प्रधानमंत्री मोदी के इस अभियान के समर्थन में 20 लाख लोगों ने ट्वीट किये और 1680 करोड़ इम्प्रेशन आये हैं। एक करोड़ लोगों ने संकल्प लिया है और इतने ही लोगों ने इस अभियान के वीडियो को देखा है।

प्रसाद ने कहा कि प्रधानमंत्री 31 मार्च को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से देश के 500 स्थानों पर लाखों विभिन्न ‘चौकीदारों’ से संवाद करेंगे। इन लोगों में पार्टी के कार्यकर्ता, राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के नेता, पेशेवर, किसान, दलित एवं आदिवासी, पूर्व सैनिक, खिलाड़ी, महिलायें आदि शामिल होंगी। उन्होंने कहा कि भाजपा देश की आम जनता का अभिनंदन करना चाहती है जो करोड़ों की संख्या में इस अभियान से जुड़ रहे हैं।

इसे दुनिया को असाधारण संदेश गया है कि लोग भ्रष्टाचार एवं कुशासन से लड़ना चाहते हैं। प्रसाद ने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि कुछ लोगों को इस अभियान से परेशानी हो रही है। उन्होंने कहा कि जो लोग जमानत पर हैं, जिनकी पार्टी, परिवार एवं संपत्ति संकट में है और जिनके पास छिपाने के लिए है, उन्हें ही इस अभियान से परेशानी हो रही है। केन्द्रीय मंत्री ने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के चौकीदार अभियान के बारे में दिये गये बयान के हवाले से कहा, ‘कुछ लोग कह रहे हैं कि चौकीदार तो अमीरों के होते हैं। उन्हें कैसे समझाया जाये कि जो लोग सत्ता में थे, वे गरीबों का करोड़ों रुपये लूट कर खा रहे थे और ये चौकीदार उसे रोकने के लिए आये हैं।’ उन्होंने कहा कि जो लोग सुख, सुविधाओं में पैदा हुए हैं, वे टिप्पणी कर रहे हैं।

छत्तीसगढ़ : चौकीदार’ को चुनौती देनेे युकां ने छेड़ी ‘बेरोजगार’ मुहिम

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रायपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के चौकीदार अभियान को चुनौती देते हुए युवा कांग्रेसियों ने बेरोजगार मुहिम छेड़ दिया है। पीएम मोदी द्वारा खुद को चौकीदार लिखे जाने के बाद युवा कांग्रेस नेता सुबोध हरितवाल ने बेरोजगार लिखा है और मोदी से कई सवाल पूछे हैं। सुबोध हरितवाल ने देश का प्रधानमंत्री चौकीदार और युवा बेरोजगार जैसी टिप्पणी करते हुए पूछा है कि हर साल 2 करोड़ रोजगार का क्या हुआ? 15 लाख का क्या हुआ? चीन को लाल आंख दिखाने का क्या हुआ? एक सिर के बदले 10 सर लाने का क्या हुआ?