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छत्तीसगढ़ :हेल्थ स्कीम पर सियासत

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रायपुर । एम्स, मेडिकल कॉलेज और सैकडों पीएचसी, सीएचसी की बड़ी-बड़ी बिल्डिंग, फिर भी स्वास्थ्य सेवाएं अगर वेंटीलेटर पर हैं तो आम जनता की चिंता बढ़ना लाजिमी है। राज्य की बड़ी आबादी के पास इतनी आर्थिक कूबत नहीं कि निजी अस्पतालों में इलाज का बोझ उठा सके।

गंभीर बीमारियों में सरकारी मदद के बिना उबर पाना गरीबों के लिए आसान कहां। योजनाएं बनती हैं लेकिन लाभ कितना हो पाता है, इसकी पोल जमीनी रिपोर्ट में खुलती रही है। स्वास्थ्य बीमा जैसी योजनाएं राहत तो लेकर आईं लेकिन कंपनियों पर लूट के आरोप भी चस्पा होते रहे।

अब भारत सरकार ने आयुष्मान भारत योजना की शुरूआत की है लेकिन यह योजना भी छत्तीसगढ़ में धरातल पर उतरने से पहले ही विवादों में आ गई। निजी चिकित्सकों और चिकित्सालयों ने योजना को खारिज कर दिया। राज्य में नवगठित कांग्रेस सरकार भी इस योजना के बदले दूसरी महत्वाकांक्षी योजना लाने का ताना-बाना बुन रही हैं।

पिछले दिनों राज्य के दौरे पर आए कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने छत्तीसगढ़ समेत तीन राज्यों में कांग्रेस सरकार की नई स्वास्थ्य नीति की पुरजोर वकालत के साथ ही महत्वपूर्ण बात यह भी कही कि हेल्थ सेक्टर में बजट पर्याप्त होना चाहिए।

विसंगति यह भी कि छत्तीसगढ़ सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष में स्वास्थ्य का बजट घटा दिया है। स्वास्थ्य सेवाएं पहले से ही बदहाल हैं। बड़ा मुद्दा यह कि अब सेहत पर सियासत में आम लोगों का क्या होगा….।।।

छह मेडिकल कॉलेजों को जरुरत पूरी करने में लगेंगे 22 साल

राज्य में अभी छह सरकारी मेडिकल कॉलेज हैं। हर वर्ष वहां से करीब 11 सौ डॉक्टर बन रहे हैं। ऐसे में डब्ल्यूएचओ के मापदंड के अनुसार डॉक्टरों की जरूरत पूरी करने में 22 वर्ष लग जाएंगे, लेकिन यह भी सच्चाई है कि यहां से पढ़ने के बाद ज्यादातर डॉक्टर निजी सेक्टर या दूसरे राज्यों में चले जाते हैं।

हर साल औसतन 50 लाख मरीज हर साल औसतन 50 लाख मरीज प्रदेश के अस्पतालों में पंजीकृत (ओपोडी रजिस्ट्रेशन) होते हैं। इनमें लगभग 41 लाख और करीब 12 लाख पुराने मरीज होते हैं। यह संख्या धीरे-धीरे बढ़ती जा रह है।

भवन और उपकरण लेकिन चलाने वाले नहीं

राज्य में अस्पताल के नाम पर बड़े पैमाने पर भवन बना दिए गए हैं। वहां उपकरण भी उपलब्ध करा दिया गया है, लेकिन डॉक्टर और तकनीकी स्टॉफ नहीं है। इसका सबसे ज्यादा बुरा असर ग्रामीण क्षेत्रों पर पड़ रहा है। आदिवासी क्षेत्रों से आज भी लोग बैगा गुनिया के पास जाते हैं।

बस्तर व सरगुजा संभाग में स्थिति दयनीय

बस्तर और सरगुजा संभाग की स्थिति सबसे खराब है। यहां पर डॉक्टरों के सेटअप के ही पद नहीं भरे जा सके हैं। डब्लूएचओ के मानक के अनुसार डॉक्टरों की उपलब्धता तो दूर की बात है। बस्तर संभाग में विशेषज्ञ डॉक्टरों के जहां 95 फीसदी पद खाली हैं, वहीं चिकित्सा अधिकारियों के 56 फीसदी पद रिक्त हैं। वहीं इन दोनों संभागों में दंत चिकित्सकों के कुल स्वीकृत 25 में से 24 पद यानी 96 फीसदी पद खाली हैं।

डेंटल में तो सबसे बुरा हाल

प्रदेश में डेंटल डॉक्टरों की भी भारी कमी है। यहां डेंटल की 91 फीसदी डॉक्टरों के पद खाली हैं। राज्य में डेंटल के कुल 112 पद स्वीकृत हैं, इनमें से केवल 10 पर ही दंत चिकित्सक पदस्थ हैं। शेष 102 पद खाली हैं। सबसे बुरा हाल बस्तर का है। यहां डेंटल के एक भी डॉक्टर पदस्थ नहीं है। बस्तर संभाग के 14 में से 14 पद और सरगुजा में 11 में से 10 पद खाली पड़े हैं, जबकि रायपुर संभाग में 69 में से 63 पद और बिलासपुर संभाग में 18 में से 15 पद खाली हैं।

छत्तीसगढ़ : कांग्रेस का पलटवार, केंद्रीय संस्कृति मंत्री डॉ. महेश शर्मा के बयान पर

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आरएसएस भाजपा है महिला विरोधी, तभी लागू नही हो सका महिला आरक्षण विधेयक बिल
रायपुर/18 मार्च 2019। केंद्रीय संस्कृति मंत्री डॉ. महेश शर्मा के बयान पर कांग्रेस ने पलटवार करते हुए कहा कि चोर को बचाने भाजपाई और किसका-किसका अपमान करेंगे? केंद्रीय संस्कृति मंत्री महेश शर्मा जैसे छोटी सोच वाले दुर्योधन ने सिंहासन के लोलुप्ता में महाभारत काल में द्रोपती को अपमानित किया, रामायण काल में सीता माता का अपमान हुआ था। प्रियंका गांधी के साथ खड़ी हो रही जनसैलाब को देखकर भाजपा भयभीत है। आरएसएस ने भाजपा को महिलाओं का सम्मान करना नहीं सिखाया यही कारण है कि मोदी सरकार में महिला विधेयक बिल लागू नहीं हो सका।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा की केंद्रीय संस्कृति मंत्री महेश शर्मा का बयान असंस्कृत स्तरहीन महिलाओं का अपमान करने वाला और महिला सशक्तिकरण के खिलाफ है। भाजपा सिर्फ महिलाओं के वोट बटोरने के लिए महिला सशक्तिकरण की बात करती है। जब महिलाएं घर से बाहर निकल कर नेतृत्व करने लगती है, तब भाजपा के नेता महिला नेतृत्व के सामने खुद को बौना महसूस करते हैं और भाजपा नेताओं को पुरुष होने के गुमान होने लगता है, अहंकार से ग्रसित भाजपा नेता महिलाओं के खिलाफ अशोभनीय टिप्पणी कर महिला नेतृत्व को अपमानित कर उसका उपहास उड़ाते हैं।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि आरएसएस और भाजपा ने अपने संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर अब तक किसी महिला को नेतृत्व करने का अधिकार नहीं दिया है ना ही महिला के नेतृत्व को स्वीकार किया है। पुरुष प्रधान आरएसएस और भाजपा महिलाओं को लेकर हमेशा से निम्नस्तर की सोच रखा है। महिलाओं को लेकर कई बार भाजपा के नेता उटपटांग बयानबाजी किए हैं। बेटी बचाव बेटी पढ़ाओ का नारा देने वाले भाजपा के नेता उन्नाव और कटुआ में दुष्कर्म के आरोपी को बचाने तिरंगा लेकर निकलते है। हरियाणा के भाजपा अध्यक्ष का बेटा आईएएस अधिकारी के बेटी का पीछा करते हुये गिरफ्तार होता है। छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव के दौरान जांजगीर-चांपा में मोदी एवं चरोदा के महिला सम्मेलन में आए भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की उपस्थिति में महिलाओं के साथ जो दुर्व्यवहार की घटना हुई है महिलाओं के अंतःवस्त्रों को सुरक्षा के नाम पर चेक किया गया है। इसे छत्तीसगढ़ की महिलाये भूली नही है। भाजपा आरएसएस महिला सशक्तिकरण के विरोधी है। मोदी सरकार की विफलताओं को छिपाने के लिये निरंतर विपक्षी दल के महिला नेतृत्व में पर अशोभनीय टीका टिप्पणी कर रही है।

छत्तीसगढ़ : रमन सिंह के सांसद बेटे ने गोद लिया था ये गांव, अब ये है हकीकत

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राजनांदगांव। ग्राम भोथीपार खुर्द आज भी बुनियादी सुविधाओं को तरस रहा है। राजनांदगांव के सांसद अभिषेक सिंह ने जब इस गांव को गोद लिया तो गांववासियों ने कई सपने संजोए थे। उन्हें लगा कि अब उनके गांव की तस्वीर और तकदीर बदल जाएगी। जब गांव को गोद लिया गया तो घोषणा की गई थी कि भोथीपार जलाशय का गहरीकरण होगा, स्टेडियम और मंगल भवन निर्माण जैसी कई घोषणाएं भी हुईं, लेकिन इनमें से एक भी काम का श्रीगणेश नहीं हो पाया है। इसके चलते ग्रामीणों की आस टूट गई है।

पेयजल में भी कटौती

ग्रामीण हेमलाल साहू ने बताया कि पहले गांव में नल-जल योजना के तहत बनी पानी टंकी नहीं थी। इसके बाद भी गांव में सुबह-शाम चार-चार घंटे पानी मिलता था, लेकिन नल-जल योजना में पेयजल आपूर्ति तक में एक-डेढ़ घंटे ही पानी मिलता है। इससे ग्रामीणों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है।

छह दशक से जलाशय की मांग अधूरी

1400 की आबादी वाले भोथीपार खुर्द में एक जलाशय है, जहां से आधा दर्जन से ज्यादा गांव के किसानों को सिंचाई के लिए पानी मिलता है। पिछले छह दशक से जलाशय का गहरीकरण नहीं हुआ है। सांसद ने इसके लिए दस लाख रुपए की घोषणा भी कर दी है, लेकिन घोषणा धरातल पर नजर नहीं आ रही है।

तालाब के पानी से हो रहा चर्मरोग

गांव में एक बड़ा तालाब है, जहां गांव के लोग निस्तारी करते हैं। पिछले डेढ़-दो साल से तालाब का पानी मटमैला हो गया है। हरे रंग के बदबूदार इस पानी में ही ग्रामीण निस्तारी को मजबूर हैं। गंदे पानी में निस्तारी से चर्मरोग की शिकायतें भी सामने आ रही हैं।

शौचालय अधूरे उज्ज्वला का भी लाभ नहीं

ग्रामीणों ने बताया कि स्वच्छ भारत अभियान के तहत गांव ओडीएफ हो चुका है, लेकिन आज भी कई घरों में शौचालय का काम अधूरा है। कई घरों में शौचालय के दरवाजे तक नहीं हैं। सांसद कार्यालय के साथ प्रशासनिक दफ्तरों के चक्कर काटने के बाद भी बीपीएल परिवार के लोगों को उज्ज्वला गैस कनेक्शन नहीं मिला है।

झाड़ियों में पट गया स्टेडियम

स्टेडियम के लिए गांव में एक बड़ा मैदान है, जिसे स्टेडियम के रूप में जीर्णोद्धार करने की मांग लंबे समय से उठ रही है। खिलाड़ियों ने सांसद सिंह को भी इस मांग से अवगत कराया, लेकिन कोई असर नहीं हुआ। खेल आयोजन से पहले गांव के युवकों को ही झाड़ियों की सफाई करनी पड़ती है।

दो हिस्से में बंटी सड़क

गांव में सालभर पहले सीसी रोड का काम हुआ है, लेकिन सड़क दो टुकड़ों में बंट गई है। गांव को जोड़ने वाली मुख्य सड़क भी जर्जर है। लंबे समय से सड़क मरम्मत की मांग करने के बाद भी ग्रामीणों की मांगें अधूरी ही हैं।

छत्तीसगढ़ : महिला नक्सली ढेर, हथियार बरामद

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राजनांदगांव । छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में मप्र पुलिस, आईटीबीपी और बीएसएफ के ज्वाइंट ऑपरेशन के तहत नक्सलियों के साथ चली मुठभेड़ में एक महिला नक्सली मारी गई है। मिली जानकारी के मुताबिक गातापार थाना क्षेत्र के घने जंगल में मुठभेड़ के बाद पुलिस ने एक वर्दीधारी महिला नक्सली का शव बरामद किया है। मृत महिला नक्सली के पास से हथियार व वायरलेस सेट भी बरामद हुआ है।

पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि जंगल में कुछ महिला नक्सली सक्रिय हैं। इसके बाद जब सुरक्षा बलों ने इलाके में सर्चिंग अभियान शुरू किया तो महिला नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी। इस मुठभेड़ में एक महिला नक्सली मारी गई, जिसके बारे में फिलहाल विस्तृत जानकारी प्राप्त नहीं हुई है।

छत्तीसगढ़ : भिलाई में स्थापित होगा रेलवे का सौर ऊर्जा आधारित पावर प्लांट

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बिलासपुर

आने वाले दिनों में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के प्रमुख कार्यालयों से लेकर रेलवे स्टेशन सौर ऊर्जा से जगमगाएगा। इसके लिए रेलवे प्रशासन ने भिलाई में सौर ऊर्जा आधारित पावर प्लांट स्थापित करने का निर्णय लिया है। राज्य शासन ने इस पर अपनी सहमति दे दी है । शासन से मिली मंजूरी के बाद दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे का सोलर पावर प्लांट भिलाई में स्थापित होगा। रेल एनर्जी मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड दिल्ली और एसईसीआर के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर होने के बाद अब कंपनी बहुत जल्द काम चालू करने वाली है।

कोयला आधारित बिजली घरों से महंगी बिजली खरीदने की एवज में हर माह भारी-भरकम बिजली बिल की राशि अदा करने के बाद हर महीने खर्च से बचने और अपना राजस्व बढ़ाने की कवायद दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने शुरू कर दी है। तेजी से आधुनिकीकरण की पटरी पर दौड़ने की तैयारी कर रही दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे नई कवायद के रूप में अब सौर ऊर्जा के माध्यम से बिजली उत्पादन के क्षेत्र में उतरने की तैयारी कर चुका है। भारतीय रेलवे की सहयोगी संस्था रेल एनर्जी मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड दिल्ली के साथ उसने एक करार पत्र पर हस्ताक्षर करते हुए सौर ऊर्जा के माध्यम से बिजली उत्पादन के लिए सोलर पावर प्लांट लगाने की तैयारी शुरू कर दी है। एसईसीआर के जोन मुख्यालय को प-ा भरोसा है कि यहां से बिजली उत्पादन के बाद अपने राजस्व में और वृद्घि कर सकेगा। करार के मुताबिक एसईसीआर ने रेल एनर्जी मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड को भिलाई में सोलर पावर प्लांट स्थापना का प्रस्ताव दिया था, जिसे उसने मंजूर कर लिया है। एमओयू साइन किए जाने के बाद कंपनी बहुत जल्द पावर प्लांट स्थापना की तैयारी शुरू करने जा रही है।

प्रतिदिन होगा 50 मेगावाट बिजली का उत्पादन

एमओयू के मुताबिक रेल एनर्जी मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड अपने इस प्रस्तावित सोलर पावर प्लांट से रोज 50 मेगावाट बिजली का उत्पादन करेगी। यह पूरी बिजली दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे को दी जाएगी। अपने उपयोग के बाद बचने वाली बिजली एसईसीआर बाहर बाजार में बेचने के लिए स्वतंत्र होगी। करार के अनुसार पीपीपी मोड पर तैयार होने वाले इस सोलर पावर प्लांट की स्थापना और बिजली उत्पादन के पहले दिन से लेकर अगले 20 साल तक इस पावर प्लांट के प्रबंधन की जिम्मेदारी मूल कंपनी रेल एनर्जी मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड की होगी। 20 साल बाद यह पावर प्लांट दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे को सौंप दिया जाएगा।

इसलिए अपना पावर प्लांट

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे हर माह बिजली बिल के रूप में एक अच्छी खासी रकम बिजली कंपनी को बिजली बिल के रूप में अदा करता रहा है। इसके अलावा जरूरत पड़ने पर उसे बाहर से भी बिजली खरीदनी पड़ती है। सोलर पावर प्लांट की स्थापना के बाद जो बिजली उसे मिलेगी, उससे राजस्व में बढ़ोतरी होगी। इसके अलावा जरूरत के बाद बची बिजली बाजार में बेची जा सकेगी।

वर्जन

एसईसीआर को सौर ऊर्जा आधारित पावर प्लांट स्थापना की मंजूरी मिल चुकी है। शासन स्तर पर मिली सहमति के बाद अब आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

डॉ.संजय अलंग-कलेक्टर

Bhopal Crime: डकैती करने नंगे पैर पहुंचे थे नकाबपोश, हुआ ऐसा कि उल्टे पैर भागे

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भोपाल। कोलार की प्रियदर्शनी प्रेसटीन कवर्ड कैंपस में हथियारबंद छह बदमाशों ने तीन मकानों में डकैती डालने की कोशिश की है। वे नंगे पैर थे और चेहरे पर नकाब लगाए थे। एक मकान मालिक की नींद खुलने और शोर मचाने पर वे भाग गए। इस दौरान वे एक घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गए हैं। घटना गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात की है। खास बात है कि घटना के समय कॉलोनी में दो गार्ड थे पर उन्हें बदमाशों की भनक तक नहीं लगी। पुलिस ने चोरी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

कोलार पुलिस के मुताबिक सलैया गांव के पीछे राजीव गांधी कॉलेज के पास प्रियदर्शनी प्रेसटीन कवर्ड कैंपस कॉलोनी है। इस में करीब पचास परिवार रहते हैं। कॉलोनी की सुरक्षा के लिए रात में दो गार्ड हैं। इसके बावजूद गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात करीब डेढ़ से ढाई बजे के बीच नकाबपोश हथियारबंद छह बदमाश कॉलोनी के अंदर दाखिल हो गए। बदमाशों ने एमपीईबी इंजीनियर प्रणव नेमा के मकान की खिड़की तोड़ना शुरू की। कांच टूटकर नीचे गिरा, जिससे नेमा की नींद खुल गई। उन्हें कुछ अंदेशा हुआ। उन्होंने शोर मचाया तो सभी बदमाश फरार हो गए।

इस तरह वारदात करने की कोशिश की

घटना के बाद कालोनी के रहवासियों ने सीसीटीवी कैमरे के फुटेज चेक किए। इससे पता चला कि बदमाशों ने सबसे पहले मैकेलाइट कंपनी के मैनेजर आलोक श्रीवास्तव के घर में घुसने का प्रयास किया, लेकिन वह सफल नहीं हो सके। यहां से बदमाश राजवीर सिंह के मकान पर पहुंचे, लेकिन कुछ शंका के चलते बदमाशों ने वारदात को अंजाम नहीं दिया। इसके बाद प्रणव नेमा के मकान पर बदमाश पहुंचे थे।

कॉलोनी में छह हथियारंद नकाबपोश बदमाश घुसे थे। वे नंगे पैर थे। उन्होंने तीन मकानों में वारदात करने की कोशिश की, लेकिन एक मकान के मालिक की नींद खुल जाने के कारण सभी भाग गए।

-आलोक श्रीवास्तव, रहवासी प्रियदर्शनी प्रिसटन कॉलोनी

फुटेज के आधार पर तलाश जारी

आधा दर्जन डकैत सीसीटीवी कैमरे में कैद हुए हैं। फुटेज के आधार पर उनकी तलाश की जा रही है।

-अनिल बाजपेयी, टीआई कोलार

छत्तीसगढ़ : जाति के पेंच में फंसी रायपुर लोकसभा सीट की उम्मीदवारी

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रायपुर। लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने पांच उम्मीदवारों की घोषणा करके भले ही बढ़त बना ली हो, लेकिन रायपुर लोकसभा सीट से उम्मीदवारी का पेच जातिगत समीकरण के बीच फंस गया है। कांग्रेस और भाजपा दोनों दलों के सामने जातिगत वोटरों को साधने की चुनौती है।

रायपुर लोकसभा सीट पर सात बार से रमेश बैस सांसद हैं। रायपुर लोकसभा के जातिगत समीकरण को देखे तो सबसे ज्यादा कुर्मी वोटर हैं। धरसींवा, बलौदाबाजार, रायपुर ग्रामीण में ओबीसी वोटर प्रभावी हैं, जिसमें कुर्मी समाज से सबसे ज्यादा हैं। यही कारण है कि भाजपा हमेश कुर्मी उम्मीदवार पर दांव लगाती रही है।

इस चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के सामने कुर्मी उम्मीदवार उतारने की चुनौती है। पिछले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने कुर्मी समाज की नेता छाया वर्मा का टिकट घोषित करने के बाद बदलकर सत्यनारायण शर्मा को दिया था। इसके कारण पार्टी को नुकसान उठाना पड़ा।

उधर, भाजपा में सांसद रमेश बैस के स्थान पर नये नेता की तलाश जोर-शोर से की जा रही है। लेकिन पार्टी के सामने बैस के अलावा विकल्प नजर नहीं आ रहा है। कुर्मी समाज से आने वाले बैस को जातिगत समीकरण का फायदा मिलता रहा है।

कांग्रेस का कोई भी दिग्गज नेता नहीं है, जिसे बैस के सामने हार का सामना न करना पड़ा हो। भाजपा के उच्च पदस्थ सूत्रों की मानें तो पार्टी बदले राजनीतिक हालात में किसी तरह का रिस्क उठाने को तैयार नहीं है। विधानसभा चुनाव में हार के बाद प्रदेश अध्यक्ष धरमलाल कौशिक की जगह विक्रम उसेंडी को बनाया गया है। धरमलाल भी कुर्मी समाज से आते हैं।

ऐसे में पार्टी के सामने संकट यह है कि अगर बैस की टिकट काट दी गई, तो प्रदेशभर में कुर्मी समाज की नाराजगी उठानी पड़ सकती है। इसके पीछे तर्क यह भी दिया जा रहा है कि कांग्रेस ने प्रदेश अध्यक्ष और मुख्यमंत्री दोनों पद भूपेश बघेल को दिया है, जो कुर्मी समाज से आते हैं। ऐसे में कांग्रेस भी इस फिराक में है कि कुर्मी नेता को मैदान में उतारकर बाजी मारी जाए।

बदले समीकरण में मुकाबले की होगी टक्कर

विधानसभा चुनाव में रायपुर लोकसभा की नौ में से सिर्फ दो विधानसभा सीट पर भाजपा विधायक की जीत हुई है। लंबे समय बाद विधानसभा में बंपर जीत से कांग्रेस की उम्मीद जगी है। पिछले लोकसभा चुनाव के समय रायपुर लोकसभा की छह विधानसभा सीट पर भाजपा के विधायक थे। इसका पार्टी को लाभ मिला। लेकिन विधायकों के घटने के बाद इस चुनाव में कड़ी टक्कर का मुकाबला होने की उम्मीद की जा रही है।

Chhattisgarh : पुलिस छुपाती रही FIR, रमन के डॉक्टर दामाद ने कोर्ट से निकलवाई कॉपी

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रायपुर। गोलबाजार थाने में पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के दामाद डॉ. पुनीत गुप्ता के खिलाफ दर्ज किए गए अपराध को दो दिनों तक छिपाए रखने के बाद आखिर में पुलिस ने उसे ऑनलाइन अपलोड कर दिया है। दो दिनों बाद पुलिस ने तब यह फैसला लिया, जब आरोपी पक्षकार की तरफ से उनके वकील ने थाना पुलिस के समक्ष आवेदन प्रस्तुत करते हुए कॉपी देने को कहा था।

डॉ. गुप्ता की ओर से उनके वकील हितेंद्र तिवारी की तरफ से आवेदन देकर एफआइआर की कॉपी मांगी गई थी। 16 मार्च को पहले थाने में अर्जी दी गई। इसके बाद जब जवाब नहीं मिला तो एसएसपी कार्यालय में भी एक आवेदन दिया गया। दो दिनों बाद उन्हें कोई रिस्पांस नहीं मिला, तब उन्होंने कोर्ट से एफआइआर की कॉपी निकलवाई।

वकील हितेंद्र तिवारी ने बताया कि उनके माध्यम से थाना प्रभारी के नाम पत्र लिखकर एफआइआर की कॉपी देने का आग्रह किया गया था। पुलिस से कहा गया उन्हें न्यायिक कार्य के लिए एफआइआर की कॉपी की जरूरत है।

बावजूद इसके थाना पुलिस से कोई जानकारी नहीं दी गई, जबकि नियमानुसार संबंधित पक्षकार को उनके खिलाफ दर्ज किए गए अपराधों की जानकारी देने का प्रावधान है। थाना में दिए आवेदन में वकील की तरफ से कहा गया था कि मेरे पक्षकार डॉ. पुनीत गुप्ता के विरुद्ध थाना गोल बाजार रायपुर में अपराध पंजीबद्ध किया गया है।

उक्त पंजीबद्ध अपराध की प्रथम सूचना पत्र की प्रति की न्यायिक कार्य हेतु आवश्यकता है, लेकिन पुलिस ने कोई भी जवाब नहीं दिया।

ऑनलाइन की कार्रवाई में देरी से सवाल

डॉ. गुप्ता की तरफ से आवेदन प्रस्तुत करने वाले वकील हितेंद्र तिवारी ने कहा कि पुलिस दो दिनों तक चुप्पी साधे रही। सोमवार की देर शाम ऑनलाइन एफआइआर की कॉपी अपलोड की गई। पुलिस ने इस प्रकरण को संवेदनशील होने का दावा कर जानकारी छिपाने कोशिश की, जबकि संवेदनशील प्रकरणों में पास्को एक्ट, छेड़खानी व दहेज प्रताड़ना जैसे मामलों में एहतियात बरतने का नियम है।

व्यवस्था न बिगड़े, इसलिए ऐसा किया गया

ऑनलाइन जानकारी में केवल अपराध क्रमांक लिखे थे, लेकिन बाकी जानकारियां छिपाई गई थीं। इसी को लेकर डॉ. गुप्ता के पक्ष से उनके वकील ने भी सवाल खड़े किए। इस संबंध में एसएसपी आरिफ एच. शेख ने कहा कि कानून व्यवस्था न बिगड़े, कई बार इसे ध्यान में रखकर पुलिस प्रकरणों को संवेदनशील मानकर आगे की कार्रवाई करती है। जांच के लिए दृष्टिकोण मायने रखता है।

छत्तीसगढ़ : झारखंड से लौटी मां तो कमरे में मिली बेटे की लाश

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रायपुर । कचना हाउसिंग बोर्ड इलाके में एक युवक की हत्या कर दी गई। अज्ञात आरोपित ने फ्लैट में युवक को मौत के घाट उतारा और शव को वहीं बंद कर दिया। शक है कि किसी करीबी ने हत्या की वारदात को अंजाम दिया होगा। मृतक का नाम राहुल शरण है।

पुलिस ने बताया कि पांच दिन बाद मां झारखंड से लौटी थी। रविवार की रात वह फ्लैट पहुंची, तब दरवाजा बंद मिला। पड़ोस में रात रहकर सुबह दोबारा बेटे से मिलने आई, तब भी दरवाजा बंद था। काफी देर इंतजार करने के बाद संदेह हुआ, तब पुलिस को बताया। पुलिस के आने के बाद दरवाजा खोला गया, वहां राहुल का सड़ा हुआ शव मिला। दीवारों में खून के धब्बे मिले, जबकि शरीर को फर्श में घसीटने के निशान मिले।

करीबी पर शक

जहां शव मिला है, वहां पर बीड़ी-सिगरेट के टुकड़े व शराब की बोतल मिली है। फॉरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाया। कमरे की हालत देखकर प्रतीत होता है कि कोई परिचित फ्लैट में आया होगा। साथ में शराब पी और किसी बात पर झगड़ा हुआ तो राहुल की हत्या कर दी। मृतक राहुल ने हाल में एक कॉलेज से नौकरी छोड़ी थी।

गोवा में अल्पमत की सरकार बनी, ये दुर्भाग्यजनक है: सीएम भूपेश बघेल

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गोव के मुख्यमंत्री मनोहर पार्रिकर के निधन के बाद नए मुख्यमंत्री के शपथ के बाद सियासत गर्म हो गई है. गोवा में भाजपा द्वारा सरकार बनाने को लेकर छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल ने बयान दिया है. सीएम बघेल ने कहा कि ऐसे समय में राज्यपाल की भूमिका महत्वपूर्ण होती है, जिसके पास संख्या बल अधिक है उस दल को आमंत्रित करना चाहिए, लेकिन गोवा में अल्पमत की सरकार बनी है जो दुर्भाग्यजनक है.

सीएम भूपेश बघेल ने केन्द्रीय मंत्री महेश शर्मा के बयान पर भी प्रतिक्रिया दी है. सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि ये लोग हमेशा अमर्यादित भाषा का प्रयोग करते हैं, उन्हें माफी मांगनी चाहिए. महेश शर्मा ने प्रियंका गांधी को पप्पू की पप्पी कहा था. छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित कांग्रेस प्रदेश कार्यालय में आयोजित बैठक में सीएम भूपेश बघेल शामिल होने पहुंचे थे.

चुनाव प्रचार-प्रसार समिति और सेवादल की बैठक कांग्रेस भवन में हुई. सीएम भूपेश बघेल बैठक सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि दोनों ही बैठकों में किस प्रकार से चुनाव प्रचार करना है, उस पर चर्चा की गई. रोड मैप भी तैयार किये जा रहे हैं. आमसभा और स्टार प्रचारकों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई. स्टार प्रचारकों कि सूची बनेगी, लेकिन राहुल गांधी, प्रियंका गांधी प्रदेश में चुनाव प्रचार करने आएंगे.