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छत्तीसगढ़ : राजनांदगांव में मतदान की कमान होगी महिला अधिकारियों-कर्मचारियों के हाथों, लोकसभा चुनाव -2019 : छह विधानसभा क्षेत्रों में बनाए गए 30 संगवारी मतदान केन्द्र

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राजनांदगांव लोकसभा चुनाव के लिए राजनांदगांव जिले के अंतर्गत आने वाले 6 विधानसभा क्षेत्रों में 30 संगवारी मतदान केन्द्र बनाए गए हैं। इन मतदान केन्द्रों की कमान महिला अधिकारियों-कर्मचारियों को सौपी गई है। संगवारी मतदान केन्द्रों में पीठासीन अधिकारी से लेकर मतदान अधिकारी क्रमांक 3 सभी महिलाएं होंगी।
राजनांदगांव लोकसभा क्षेत्र के खैरागढ़ विधानसभा क्षेत्र में शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला पूर्व दिशा कोपेभाठा, शासकीय प्राथमिक शाला भवन एक उŸार दिशा छुईखदान, शासकीय प्राथमिक शाला भवन खमतराई, शासकीय प्राथमिक शाला भवन मोंगरा, शासकीय प्राथमिक शाला भवन मुसका तथा डोंगरगढ़ विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत शासकीय प्राथमिक शाला भवन बढ़ईटोला, शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला भवन बालक डोंगरगढ़, शासकीय पशु चिकित्सालय नया भवन डोंगरगढ़, शासकीय प्राथमिक शाला भवन कलकसा और शासकीय प्राथमिक शाला भवन रीवागहन के मतदान केन्द्र को संगवारी मतदान केन्द्र बनाया गया है।
इसी तरह राजनांदगांव विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत ऑपरेशन ब्लैक बोर्ड पुराना ढ़ाबा मध्य भवन राजनांदगांव, देवानंद जैन शिक्षा मंदिर माध्यमिक शाला भवन पूर्व भाग कौरिनभाठा राजनांदगांव, शासकीय प्राथमिक शाला भवन सुंदरा, शासकीय प्राथमिक शाला भवन महाराजपुर और शासकीय  उच्चतर माध्यमिक शाला भवन टेडेसरा पश्चिम भाग के मतदान केन्द्र में मतदान की पूरी जिम्मेदारी महिलाओं को सौपी गई है। डोंगरगांव क्षेत्र में शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला भवन पूर्व अर्जुनी, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला भवन आरी, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला भवन बालक पूर्व दिशा डोंगरगांव, शासकीय प्राथमिक शाला भवन माथलडबरी और शासकीय प्राथमिक शाला भवन बोधीटोला मटिया के संगवारी मतदान केन्द्र में मतदान के सभी कार्य महिला अधिकारियों-कर्मचारियों द्वारा किए जाएंगे।
खुज्जी क्षेत्र के अंतर्गत शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला पश्चिम दिशा छुरिया कला, शासकीय प्राथमिक शाला भवन कुमर्रा छुरिया, शासकीय प्राथमिक शाला भवन घोघरे, शासकीय प्राथमिक शाला भवन कन्या अंबागढ़ चौकी तथा मानपुर-मोहला क्षेत्र के अंतर्गत शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला भवन कौडीकसा, शासकीय हाई स्कूल भवन सोमाटोला, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला भवन माडिग पिडिग भूर्सा, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला भवन रेंगाकठेरा तथा शासकीय प्राथमिक शाला भवन एकटकन्हार में महिला कर्मचारियों द्वारा मतदान की समस्त कार्रवाई की जाएगी।

लोकसभा चुनाव 2019 : आई-फोन उपयोग करने वाले भी अब सी-विजिल एप का कर सकेंगे इस्तेमाल

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भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्वाचन के दौरान आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायत दर्ज कराने पिछले वर्ष से सी-विजिल मोबाइल एप लांच किया गया है। एंड्राइड मोबाइल धारकों के साथ ही अब आई-फोन उपयोग करने वाले भी इस एप का इस्तेमाल कर सकेंगे। आई-फोन पर डाउनलोड करने के लिए यह एप एपल स्टोर पर उपलब्ध है। ज्ञातव्य है कि सी-विजिल एप का एंड्राइड वर्जन पहले से ही गुगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है। लोकसभा निर्वाचन की अधिसूचना जारी होने के साथ ही यह एप काम करना शुरू कर देगा।

आई-फोन पर सी-विजिल एप्लीकेशन http://itunes.apple.com/in/app/cvigil/id1455719541?mt=8 लिंक से डाउनलोड किया जा सकता है। वहीं इसका एंड्राइड वर्जन http://eci.gov.in/cvigil लिंक से डाउनलोड किया जा सकता है।

छत्तीसगढ़ : सुनिए आदर्श आचार संहिता पर छत्तीसगढ़ के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री सुब्रत साहू की प्रसारित रेडियो वार्ता

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मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री सुब्रत साहू ने आदर्श आचार संहिता के विभिन्न पहलुओं और प्रावधानों की जानकारी आकाशवाणी रायपुर से प्रसारित भेंट-वार्ता में दीं। इसका प्रसारण आज रविवार को रात साढ़े आठ बजे किया गया। प्रदेश में स्थित आकाशवाणी के सभी केन्द्रों ने एक साथ इस कार्यक्रम को रिले किया।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री साहू ने आकाशवाणी रायपुर के समाचार संपादक श्री विकल्प शुक्ला से चर्चा में आदर्श आचार संहिता के दौरान शासकीय अधिकारियों-कर्मचारियों, राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों की भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने आदर्श आचार संहिता का पालन सुनिश्चित करने जिला निर्वाचन अधिकारियों के कार्यों और दायित्वों के बारे में भी बताया।

प्रसारित साक्षात्कार सुनने के लिए लिंक पर क्लिक कीजिये :-

पर्रिकर के निधन पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश और राज्यपाल श्रीमती पटेल ने शोक व्यक्त किया

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 राज्यपाल आनंदी बेन पटेल और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। पर्रिकर के निधन को राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने अपूर्णीय क्षति बताते हुए गहरा दु:ख व्यक्त किया है। वहीं सीएम बघेल ने स्वर्गीय पर्रिकर के शोक संतप्त परिजनों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट किया है।

हो जाइये सावधानः इनो से होता है ऐसा नुकसान कि जिंदगी बर्बाद कर देगा आपकी !

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इनो के नुकसान – खूबसूरत होने की चाहत किसमें नहीं होती।

इसी चाहत में युथ बहुत सी ऐसी चीजों का उपयोग करने लगते हैं जिनके बैड इफेक्ट के बारे में उन्हें पता ही नहीं होता। बस आज के युवाओं को गोरा होने का जनून सवार होता इसलिए वो किसी भी चीज का उपयोग करने से पीछे नहीं हटते।

आजकल इनो का उपयोग पेट का गैस भगाने के लिए नहीं गोरा होने के लिए युथ कर रहा हैं। अगर आप भी इन्हीं लोगों में से एक हैं तो सावधान हो जाइए। इनो के नुकसान इतने खतरनाक है कि आपकी जिंदगी बर्बाद कर देगा।

इनो के साथ ज्यादातर लोग लेमन का उपयोग करते हैं। जबकि आपको पता होना चाहिए कि इनो और लेमन दोनों में ह्रास होता है। इनो में स्ट्रीक एसिड, बेकिंग सोडा तथा सोडियम बाइकार्बोनेट होता है जो चेहरे के लिए खतरनाक होता है। यह नेचर में ही एसिडिक है और इसमें लेमन मिलाने से यह और भी एसिडिक हो जाता है। स्किन के लिए इतना एसिड बहुत ही खतरनाक है।

इससे चेहरे पर रिंकल्स आने का खतरा और बढ़ जाता है। इसके अलावा स्क्रिन डेड हो जाता है जिससे स्क्रिन ड्राई हो जात है। यह आपके स्क्रिन को जला देता है। त्वचा की कई और बीमारी होने की संभावना होती है।

स्किन एक्सपर्ट इनो के इस्तेमाल से साफ मना करते हैं। किसी के लिए भी चेहरा ही सबकुछ होता है उसे ही आप बर्बाद कर लेगें तो समझिए आपने अपनी ही जिंदगी बर्बाद कर ली।

जो लोग यह सोचते हैं कि काले को गोरा किया जा सकता है, तो वह गलत सोचते हैं। कोई भी फार्मुला चाहे वह आयुर्वेदिक हो या फिर क्रीम वह आपके कॉम्पलेक्शन को पूरी तरह से बदल दे ऐसा सिर्फ विज्ञापनों में ही होता है। अगर ऐसा होता तो अफ्रीकी अमीर सबसे पहले उसका उपयोग करते।

ये है इनो के नुकसान – आप अपने फेस पर नेचुरल ब्यूटी ला सकते हैं या निखार सकते हैं। आगे से कुछ भी इस्तेमाल करने से पहले इस बात पर जरुर गौर कर लें।

जानिए, कौन हैं पिनाकी चंद्र घोष, जो होंगे देश के पहले लोकपाल

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सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज जस्टिस पिनाकी चंद्र घोष को देश का पहला लोकपाल बनाने की सिफारिश की गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई, लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन, प्रख्यात कानूनविद मुकुल रोहतगी की चयन समिति ने उनका नाम तय किया और उनके नाम की सिफारिश की। इसे लेकर सोमवार को आधिकारिक घोषणा हो सकती है।

जानकारी के मुताबिक सरकार ने जस्टिस घोष की नियुक्ति से जुड़ी फाइल राष्ट्रपति के पास भेज दी है। लोकपाल भ्रष्टाचार के खिलाफ काम करने वाली संस्था है। इस कमेटी में एक चेयरमैन, एक न्यायिक सदस्य और एक गैर न्यायिक सदस्य होते हैं। जस्टिस घोष मई 2017 में सुप्रीम कोर्ट से रिटायर हुए थे और फिलहाल राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) के सदस्य हैं। बता दें कि कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने लोकपाल कमिटी की बैठक में हिस्सा लेने से इनकार करते हुए सरकार पर मनमानी का आरोप लगाया था। हालांकि, तमाम विरोध के बाद आखिरकार मोदी सरकार ने चुनावों से पहले लोकपाल नियुक्त करने का फैसला किया है।

खड़गे की नाराजगी, अन्ना ने किया स्वागत

मल्लिकार्जुन खड़गे ने लोकपाल चयन समिति की बैठक में शामिल होने की सरकार की पेशकश को लगातार सातवीं बार खारिज करते हुए कहा था कि ‘विशेष आमंत्रित सदस्य’ के लोकपाल चयन समिति का हिस्सा होने या इसकी बैठक में शामिल होने का कोई प्रावधान नहीं है। वहीं केंद्र सरकार के इस फैसले का अन्ना हजारे ने स्वागत किया है और इसे 48 साल की जनता की लड़ाई का नतीजा करार दिया है।

कौन हैं जस्टिस पीसी घोष

जस्टिस पीसी घोष सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज रह चुके हैं। वह आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस भी रहे हैं। वह अपने फैसलों में मानवाधिकारों की रक्षा की बात बार-बार करते थे। जस्टिस घोष को मानवाधिकार कानूनों पर उनकी बेहतरीन समझ और विशेषज्ञता के लिए जाना जाता है। वह एनएचआरसी के सदस्य भी हैं।

28 मई 1952 को जन्में पीसी घोष का पूरा नाम पिनाकी चंद्र घोष है और वो जस्टिस शंभू चंद्र घोष के बेटे हैं। उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज से बीकॉम और यूनिवर्सिटी ऑफ कोलकाता से एलएलबी की पढ़ाई की है। वे कलकत्ता हाईकोर्ट के अटॉर्नी एट लॉ भी बने थे। वे साल 1997 में कलकत्ता हाईकोर्ट के जज बने और उसके बाद दिसंबर 2012 में उन्होंने आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बने। दो साल पहले मई 2017 में घोष सुप्रीम कोर्ट से रिटायर हुए थे और वो 2013 से 2017 तक सुप्रीम कोर्ट के जज रहे।

सुप्रीम कोर्ट के जज के तीन साल के कार्यकाल के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण फैसले सुनाए थे। उनके इन फैसलों में तमिलनाडु की पूर्व सीएम जयललिता की सहयोगी रही शशिकला को लेकर दिया गया फैसला भी शामिल है। दरअसल उन्होंने शशिकला को आय से अधिक संपत्ति के मामले में दोषी ठहराया था।

नहीं रहे गोवा के CM पर्रिकर, अंतिम संस्कार आज शाम 5 बजे

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गोवा के मुख्यमंत्री रहे मनोहर पर्रिकर (63) का निधन हो गया। रविवार शाम 6.40 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। सोमवार शाम पांच बजे कैंपल स्थित एसएजी मैदान में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। पार्थिव देह पहले भाजपा कार्यालय, इसके बाद कला अकादमी में रखी जाएगी। यहां चार बजे तक आम लोग उन्हें श्रद्धांजलि दे सकेंगे। पर्रिकर का एक साल से पैंक्रियाटिक कैंसर का इलाज चल रहा था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पर्रिकर आधुनिक गोवा के निर्माता थे, उनके फैसलों ने भारतीय रक्षा क्षमताओं को बढ़ाया। उनके फैसलों ने भारतीय रक्षा क्षमताओं को बढ़ाया।

13 दिसंबर 1955 को गोवा के मापुसा में जन्मे पर्रिकर पहले ऐसे मुख्यमंत्री थे जो आईआईटी से पासआउट थे। वह चार बार 2000-2002, 2002-05, 2012-2014 और 14 मार्च 2017-17 मार्च 2019 तक चार बार मुख्यमंत्री रहे। 2014 में जब केंद्र में भाजपा की सरकार बनी थी, तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि वह गोवा की राजनीति छोड़कर केंद्र की राजनीति में आएं। इसके बाद पर्रिकर को रक्षामंत्री बनाया गया था।

पर्रिकर की पत्नी मेधा का 2001 में कैंसर से निधन हो गया था। उनके दो बेटे उत्पल और अभिजात हैं। उत्पल ने अमेरिका की मिशिगन स्टेट यूनिवर्सिटी से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। अभिजात कारोबारी हैं।

पर्रिकर देश के 18वें ऐसे मुख्यमंत्री रहे जिनका पद पर रहते हुए निधन हुआ। उनसे पहले तमिलनाडु की सीएम जयललिता, जम्मू-कश्मीर के शेख अब्दुल्ला और मुफ्ती मोहम्मद सईद, आंध्रप्रदेश के वाईएस राजशेखर रेड्डी का निधन भी पद पर रहते हुए ही हुआ था। इनके अलावा गोपीनाथ बोरदोलोई (असम), रविशंकर शुक्ल (मध्यप्रदेश), श्रीकृष्ण सिंह (बिहार), बिधानचंद्र राय (प.बंगाल), मरुतराव कन्नमवार (महाराष्ट्र), बलवंत राय मेहता (गुजरात), सीएन अन्नादुरई (तमिलनाडु), दयानंद बंडोडकर (गोवा), बरकतुल्ला खान (राजस्थान), एमजी रामचंद्रन (तमिलनाडु), चिमनभाई पटेल (गुजरात), बेअंत सिंह (पंजाब) और दोरजी खांडू (अरुणाचल प्रदेश) का निधन भी पद पर रहते ही हुआ।

MP : किसान मंडी में नकद में बेच रहे अपनी उपज, कर्ज की राशि कटने के डर से

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सीहोर। समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी शुरू नहीं हुई है, इसके पहले ही जिले भर की कृषि उपज मंडियों और उपमंडियों में गेहूं की बंपर आवक हो रही है। किसान उपज बेचने मंडी प्रांगण में ही ट्रैक्टर ट्रालियों पर रतजगा कर रहे हैं। इसकी वजह है बिक्री पर मिल रही नकद राशि है। कई किसानों को यह डर सता रहा है कि अगर समर्थन मूल्य पर गेहूं बेच दिया तो बैंक से सीधे कर्ज में राशि कट जाएगी, क्योंकि अभी तक ऋण भी माफ नहीं हुआ है।

एक सप्ताह से जिले भर की कृषि उपज मंडियों व उपमंडियों में बड़ी संख्या में किसान गेहूं बेचने पहुंच रहे हैं, जबकि समर्थन मूल्य पर खरीदी 25 मार्च से शुरू होना है। धबोटी गांव के किसान गनेश यादव, ग्राम कु डी के हफीज खान, ग्राम अतरालिया के सौदान मीणा का कहना है कि खरीफ सीजन में सोयाबीन की फसल बेची थी, जिसका पैसा कई अभी तक नहीं मिला है। अब समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचेंगे तो इसके लिए इंतजार करना पड़ेगा। सरकार का कोई भरोसा नहीं है। साथ ही ऋण भी माफ नहीं हुआ है। यदि समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचा तो ऋण का पैसा भी कट सकता है। जबकि कृषि उपज मंडी में नकद भुगतान कि या जा रहा है।

कुछ किसानों का यह भी कहना है कि लोकसभा चुनाव है, पता नहीं गेहूं के पैसे का भुगतान कब आएगा। मंडी में अभी 1950 क्विंटल तक गेहूं का भाव मिल रहा है। जबकि समर्थन पर 1840 रुपए और 160 रुपए बोनस मिलेगा।

कहां-कितनी हो रही खरीदी

जिले भर में एक सप्ताह से गेहूं बंपर आवक हो रही है। सीहोर कृषि उपज मंडी में 15 से 20 हजार क्विंटल, आष्टा में 12 से 15 हजार क्विंटल, श्यामपुर व अहमदपुर में 8 से 10 हजार क्विंटल, रेहटी में 5 से 7 हजार क्विंटल, नसरुल्लागंज में 8 से 9 हजार क्विंटल और इछावर मंडी में डेढ़ से 2 हजार क्विंटल गेहूं की प्रतिदिन आवक हो रही है। सुबह से शाम तक मंडियों के तीन शेडों में करीब 10 बार हुई नीलामी में शरबती गेहूं 2400 से 2800 रुपए, 1544 वेरायटी 1850 से 2000 रुपए और लोकवन 1850 से 1950 रुपए क्विंटल में नीलाम हो रहा है।

अधिक हो रही आवक

कृषि उपज मंडी में एक सप्ताह से बंपर आवक हो रही है। कि सान नकद पैसे मिलने से उपज बेच रहे हैं कि समर्थन में ऋण के पैसे कटने के डर से उपज बेच रहा है। यह नहीं कहा जा सकता है। – करुणेश तिवारी सचिव कृषि उपज मंडी सीहोर

छत्तीसगढ़ : डीकेएस अस्पताल में हुए घोटाले को लेकर आरटीआई कार्यकर्ताओं ने पूर्व मुख्यमंत्री के खिलाफ की थाने में शिकायत

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रायपुर। डीकेएस अस्पताल में हुए 50 करोड़ के घोटाले को लेकर आज आरटीआई कार्यकर्ताओं ने गोलबाजार थाने पहुंचकर धरना प्रदर्शन किए और पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह की संलिप्ता को लेकर थाना के टीआई को शिकायत की कॉपी सौंपे।

बता दें कि आज आरटीआई कार्यकर्ता कुणाल शुक्ला, राकेश चौबे और समाज सेविका ममता शर्मा सहित अन्य आरटीआई कार्यकर्ता एकत्रित होकर गोलबाजार थाना पहुंचे और डीकेएस अस्पताल में हुए करोड़ों की घोटाला में पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह और तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री अजय चंद्राकर की संलिप्ता बताते हुए थाना प्रभारी संजय पुढीर को ज्ञापन सौंपे। आरटीआई कार्यकर्ता कुणाल शुक्ला ने थाना प्रभारी से कहा कि डॉ. पुनीत गुप्ता के खिलाफ जांच कार्रवाई में ये प्रभावित कर सकते है इसलिए इनके खिलाफ भी एफआईआर दर्ज किया जाए। इस दौरान आरटीआई कार्यकर्ता थाना में धरना देते हुए रमन सिंह के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे।

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में कार और ट्रक की टक्कर में एक की मौत, 9 लोग घायल

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रायगढ़। सारंगढ़ के बंजारी में एक कार और ट्रक की टक्कर हो गई, जिसमें एक महिला की मौत हो गई। घटना में कार में सवार 9 लोग घायल हो गए। 7 घायलों को इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर किया है। बाकी का सारंगढ़ अस्पताल में इलाज चल रहा है।

एक महिला चेचिस में फंसी थी, जिसे रेस्क्यू कर निकालने की कोशिश की जा रही है। बताया जा रहा है कि यह सभी गांव से चंद्रहासनी मंदिर चंद्रपुर जा रहे थे। वाहन में सवार महिलाएं मितानिन का कार्य करती हैं। हादसे में अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो होकर ट्रक के अंदर ही घुस गया था।