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200 करोड़ के लक्ष्य पर Avengers Endgame, जानें 3 दिन की कमाई

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रूसो ब्रदर्स की एवेंजर्स सीरीज की आखिरी फिल्म ‘एवेंजर्स एंडगेम’ को लेकर भारत भर में जबरदस्त क्रेज देखने को मिल रहा है. भारत के बॉक्स ऑफिस की बात करें तो फिल्म ने 3 दिनों में ऐसी ताबड़तोड़ कमाई की है कि हर कोई हैरान है. मार्वल सिनेमैटिक यूनिवर्स फिल्म्स की यह फिल्म बेहद कम समय में 100 करोड़ का आंकड़ा पार कर चुकी है. सीधे-सीधे बात करें तो ‘एवेंजर्स एंडगेम’ ने महज तीन दिनों में 150 करोड़ (भारत के बॉक्स ऑफिस पर कमाई) से भी ज्यादा की कमाई कर ली है. तीसरे दिन यानी रविवार को ‘इन्फिनिटी वॉर’ की इस सीक्वल फिल्म ने भारत में 52.7 करोड़ की कमाई की है. आगे जानें कितनी है फिल्म की कुल कमाई.

पहले दिन इस फिल्म ने भारत में 53 करोड़ का शानदार आंकड़ा छुआ. दूसरे दिन भी फिल्म ने जबरदस्त कमाई की. वहीं तीसरे दिन इस फिल्म ने 52.7 करोड़ कमा लिए… कुल मिलाकर देखा जाए तो वीकेंड पर इस फिल्म ने 157.20 करोड़ की कमाई की है. जबकि फिल्म का ग्रॉस बॉक्स ऑफिस कलेक्शन 187.14 करोड़ रुपये है. माना जा रहा है कि ये फिल्म दूसरे वीकेंड पर ‘एवेंजर्स एंडगेम’ भारत में 200 करोड़ की कमाई पार कर जाएगी.

इसके साथ ही इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर दो बड़े रिकॉर्ड धव्स्त कर डाले हैं. ‘एवेंजर्स एंडगेम’ सिर्फ 2 दिनों में ही भारत में अब तक की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बन गई है. ‘एवेंजर्स एंडगेम’ ने दो दिनों की ताबड़तोड़ कमाई के साथ ‘बाहुबली 2’ का रिकॉर्ड तोड़ डाला है. ‘बाहुबली 2’ ने दो दिनों में सिर्फ 80 करोड़ की कमा पाए थे लेकिन ‘एवेंजर्स एंडगेम’ 104 करोड़ पर पहुंच गई थी. ‘बाहुबली 2’ का ये रिकॉर्ड इससे पहले कोई बॉलीवुड फिल्म नहीं तोड़ पाई थी.

फिल्म की रिलीज से 2-3 हफ्तों पहले ही एडवांस बुकिंग चालू हो चुकी थी. हालात ऐसे थे कि महंगी से महंगी टिकट भी आते ही बिक गई. रिलीज के 2 हफ्तों पहले ही भारत भर में एक टिकट भी नहीं बची यानी सारी सीट रिलीज से दो हफ्ते पहले ही बुक हो गईं. इतना जबरदस्त क्रेज शायद ही किसी फिल्म के लिए देखने को मिला हो. ‘एवेंजर्स एंडगेम’ को भारत में अंग्रेजी के अलावा हिंदी, तमिल और तेलुगु भाषा में भी रिलीज किया गया.

जानें क्या होते हैं ‘येति’, जिनके पैरों के निशान देखने का आर्मी ने किया दावा

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येति यानि हिममानव सिर्फ हिमालय के भारतीय भाग ही नहीं बल्कि नेपाल, भूटान और तिब्बत के इलाकों की किस्से-कहानियों का भी हिस्सा हैं. हालांकि इसे एक मिथकीय चरित्र के तौर पर ही माना जाता रहा है लेकिन भारतीय सेना के इसके पैरों के निशान देखने के दावे के बाद फिर से येति चर्चा के केंद्र में आ गए हैं. हालांकि अगर किस्से-कहानियों की मानें तो वाकई हिमालय में येति होते हैं और इतिहास में इसके कई साक्ष्य भी मिलते हैं.

फिलहाल भारतीय सेना ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर कुछ तस्वीरें शेयर की हैं, जिसमें बर्फ के बीच बड़े-बड़े पांव के निशान देखे जा सकते हैं. इन निशानों को हिममानव ‘येति’ का माना जा रहा है.

सेना की तरफ से जारी ट्वीट में कहा गया है, “पहली बार भारतीय सेना की पर्वतारोहण टीम ने 9 अप्रैल 2019 को मकालू बेस कैंप के नजदीक 32×15 इंच वाले हिममानव ‘येति’ के रहस्यमय पैरों के निशान देखे हैं. यह मायावी हिममानव इससे पहले केवल मकालू-बरून नेशनल पार्क में देखा गया था.”

इंडियन आर्मी का ट्वीट

कैसा होता है येति?

येति के बारे में कहा जाता है कि यह विशाल वानर जैसा होता है, जिसके पूरे शरीर में बाल होते हैं और वह इंसानों की तरह चलता है. येति के बारे में प्रचलित है कि यह हिमालय की गुफाओं और कंदराओं में रहता है.

हालांकि कई वैज्ञानिकों का मानना है कि येति एक विशालकाय जीव है, जो बंदर की तरह दिखता है लेकिन इंसानों की तरह दो पैरों पर चल सकता है.

सिकंदर के वक्त से मिलते हैं किस्से
येति के किस्से 326 ईसा पूर्व में भी मिल जाते हैं, जब सिकंदर भारत को जीतने आ पहुंचा था, उसने एक येति को देखने की इच्छा जाहिर की थी क्योंकि उसने येति की कहानियां सुन रखी थीं. हालांकि उसे येति देखने को नहीं मिला. इसके अलावा येति के होने का दावा तब पुख्ता होता है, जब एक ब्रिटिश फोटोग्राफर एरिक शिप्टन ने उसे देखने का वादा किया.

फिर से कैसे शुरू हुई येति की खोज?
येति हिमालयी सभ्यता के हिस्से जैसे हैं. लेकिन जब 1951 में ब्रिटिश खोजी एरिक शिप्टन माउंट एवरेस्ट पर जाने के लिए प्रचलित रास्ते से अलग एक रास्ते की तलाश कर रहे थे तो उन्हें बहुत बड़े-बड़े पैरों के निशान दिखे. उन्होंने इन निशानों की तस्वीरें ले लीं. और यहीं से शुरु हुई, आधुनिक युग में येति के रहस्य की चर्चा.

एरिक ने ये तस्वीरें पश्चिमी एवरेस्ट के मेन लोंग ग्लेशियर पर खींची थीं. पैरों के ये निशान करीब 13 इंच लंबे थे और इसे अब तक हिमालय पर ली गई तस्वीरों में सबसे रोचक तस्वीरों में गिना जाता है (हालांकि अभी भारतीय सेना ने जिन पैरों के निशान देखे हैं वे इससे कहीं ज्यादा बड़े हैं). इसके बाद यह उस दौर का इतना बड़ा मुद्दा बना कि नेपाल की सरकार ने येति खोज के लिए 1950 के दशक में लाइसेंस जारी किए. जाहिर सी बात है, एक भी येति खोजा नहीं जा सका.

जिसके बाद कई लोग यह मानने लगे कि यह कोई साधारण काला भालू रहा होगा लेकिन पैरों के निशान देखकर कई लोग इसे येति ही मानते रहे. इसके बाद से येति को देखने के कई मामले सामने आए और कई खोजियों और शेरपाओं ने पैरों के निशान देखने का दावा किया लेकिन कुछ भी पुख्ता साबित नहीं किया जा सका. एक हिमालयी खोजी ब्रायन बार्ने ने 1959 में अरुण घाटी में येति के पैरों के निशान देखे. जिसके बाद एक इटली के पर्वतारोही रैनोल्ड मेसनर ने तो यह दावा भी कर दिया कि उन्होंने येति को देखा है.

इन पैरों के निशानों को देखने के बाद इंडियन आर्मी की ओर से किया गया दावा

येति के नाम पर बिकते हैं कई प्रॉडक्ट्स
जैसा कि पहले कहा गया येति हिमालय की संस्कृति का हिस्सा है. आप येति के नाम से हिमालय के आस-पास के क्षेत्रों में कई चीजें बिकती हुई देख सकते हैं. वहां आपको याक और येति नाम के होटल मिलेंगे. बल्कि येति एयरलाइंस नेपाल की बेहतरीन एयरलाइंस में से एक है.

छत्तीसगढ़ : गर्लफ्रेण्ड को खुश करने नकली पुलिस बनना युवक को पड़ा महंगा, गिरफ्तार

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रायपुर। राजधानी में एक आशिक को अपनी प्रेमिका को खुश करने के लिए पुलिसवाला बनना महंगा पड़ गया। सरस्वती नगर पुलिस ने चेकिंग के दौरान आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया है। बता दें कि  आरोपी एवन बैरागी महासमुंद के तेदूकोना का रहने वाला है और अपनी गर्लफेंड को खुश करने के लिए नकली पुलिसवाला बनकर घुमता था। कल शहर के बैंको में हुई सरप्राइज चेकिंग के दौरान आरोपी सरस्वती नगर थाना पुलिस के हत्थे चढ़ गया। बताया जाता है कि बैंक चैकिंग के दौरान पुलिस की नजर आरोपी पर पड़ा। जिससे पुलिस की ठंड के दौरान पहनी जाने वाली वर्दी गर्मी में पहनने पर शक हुआ। इसके बाद पुलिस के टीम ने आरोपी को आईकार्ड दिखाने को कहा, तो आरोपी असली पुलिसवालो से अपना आईकार्ड दिखाने की धौंस देने लगा।लेकिन जब असली पुलिस ने अपना आईकार्ड दिखाया तो आरोपी ने भी अपना हुबहु कार्ड दिखाया। लेकिन उस आई कार्ड में बैंज नंबर देखकर असली पुलिस का माथा ठनका और उसको थाना चलने को कहा तो आरोपी ने आनाकानी करने लगा और मौका देखकर बैंक से भाग खड़ा हुआ। जिसके बाद असली पुलिस ने घेराबंदी कर काफी दुर जाकर उस नकली पुलिस को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के पास से सिपाही और एसआई के कई नकली आईकार्ड और एक गृहप्रवेश का आईकार्ड बरामद किया है। फिलहाल पुलिस आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओ में मामला दर्ज कर पुछताछ में जुटी है।

 

राहुल की नागरिकता पर गृह मंत्रालय का नोटिस

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नई दिल्ली। गृह मंत्रालय ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को उनकी नागरिकता के संबंध में स्थिति स्पष्ट करने के लिए उन्हें नोटिस भेजा है। गृह मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद डॉ. सुब्रहमण्यम स्वामी ने मंत्रालय को पत्र लिखकर गांधी की नागरिकता के बारे में शिकायत की थी। मंत्रालय ने शिकायत का संज्ञान लेते हुए गांधी को उनकी नागरिकता के बारे में 15 दिन के अंदर स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि नोटिस में गांधी से उनकी नागरिकता के संबंध में वास्तविक तथ्य बताने को कहा गया है। डॉ. स्वामी ने अपनी शिकायत में कहा है कि गांधी 2003 में ब्रिटेन हैंपशायर स्थित एक कंपनी के निदेशक मंडल में शामिल थे। कंपनी की 2005 और 2006 में दायर वार्षिक रिर्टन में राहुल गांधी की जन्मतिथि 19 जून 1970 बतायी गयी है और उन्होंने स्वयं को ब्रिटिश नागरिक बताया है। वर्ष 2009 में भी इसी कंपनी के दस्तावेजों में राहुल गांधी को ब्रिटिश नागरिक बताया गया है। डॉ. स्वामी ने इसी संदर्भ में गृह मंत्रालय को यह शिकायत की थी। मंत्रालय ने शिकायत पर कार्रवाई करते हुए राहुल गांधी को नोटिस भेजा है।

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश ने बलराम सिंह ठाकुर के निधन पर दुख व्यक्त किया

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ राजनीतिज्ञ बलराम सिंह ठाकुर के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने मंगलवार को आज स्व. ठाकुर के सुपुत्र आशीष सिंह से दूरभाष से बातचीत कर शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने कहा कि ठाकुर का निधन छत्तीसगढ़ के लिए अपूरणीय क्षति है। उल्लेखनीय है कि बलराम सिंह ठाकुर तखतपुर से दो बार विधायक रहे और दो बार बिलासपुर नगर निगम के महापौर रहे। वे रतनपुर महामाया मंदिर के अध्यक्ष भी रहे। वर्तमान में उनकी पुत्रवधु रश्मि सिंह तखतपुर से विधायक है। ठाकुर कुछ समय से अस्वस्थ थे।

वीडियो: जब लाल मिर्च की चटनी से भरे टब नहाने लगा ये आदमी, फिर जो हुआ उसे देख.

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दोस्तों, आज के लोग फेमस होने के लिए पता नहीं क्या—क्या करते हैं मगर कई बार उनके साथ कुछ ऐसा हो जाता है जिसके बारे में उन लोगों ने कल्पना भी नहीं हो होती हैं । आज हम आपको एक ऐसा वीडियो दिखाने जा रहे हैं जो कि सोशल मीडिया पर एक बार फिर से चर्चा का विषय बन रहा है । बताया जा रहा है कि एक शख्स फेमस होने के लिए लाल मिर्च से भरे हुए बाथटब में नहाता हैं । मगर वो जब टब में बैठता है तो उसने कल्पना भी नहीं होती हैं कि उसके बाद उसके साथ क्या होगा ।

इस शख्स के बाथ टब में लेटने के 1 मिनट के अंदर जो उसका हाल बुरा हो जाता है और वो चिल्लाना शुरू कर देता है।

अब आप भी देखें ये मजेदार वीडियो !

 

इस 5 साल के बच्चे को हो गई है ऐसी खतरनाक बीमारी, जिसने भी इस बिमारी को सुना वो रह गया सन्न.

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आज की दुनिया में कई अजीबोगरीब बीमारियां हो रही है जिनके बारे में हम लोगों ने कभी सुना भी नहीं होगा । क्योंकि कई बार इन बीमारियों का इलाज खोजना भी हम लोगों के लिए इतना मुश्किल हो जाता है कि हम कुछ भी नहीं कर पाते हैं । कुछ ऐसा ही मामला आज हम आपको बताने जा रहे हैं ।

दरअसल, एक छोटे से बच्चे को पैदा होते ही गंभीर बीमारियों का सामना करना पड़ा और इसके कारण इस बच्चे को बचपन में ही ब्रेस्ट ट्रांसप्लांट करवाना पड़ा । जी हाँ, एक छोटे से बच्चे के शरीर में ब्रैस्ट इम्प्लांट किये गए जिसके कारण उसे कई दूसरे बीमारियों का सामना करना पड़ा ।

इस बच्चे का नाम डायलन बताया जा रहा है । जब हॉस्पिटल में डायलन का जन्म हुआ था, तब उसे देख उसकी मां भी डर गई थी क्योंकि उसे सभी के मजाक का कारण बनना पड़ता था । मगर अब उसका इलाज हो रहा है ।

अंडे देती है यहाँ की चट्टानें, पूरी खबर पढ़कर हो जाओगे पागल.

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दोस्तों, क्या आपने कभी सुना है कि कोई चट्टान अंडे देती हो नहीं ना, मगर आज हम आपको एक ऐसी चट्टान के बारे में बताने जा रहे हैं जो कि अंडे देती है । सुनकर यकीन नहीं हो रहा है ना, मगर ये सच हैं । बताया जा रहा है कि, चीन अद्भुत चीजों से भरा पड़ा है. यहां हर गली में कुछ न कुछ अजीब चीजें देखने को मिल जाएंगी ।

चीन में एक ऐसी चट्टान मौजूद है जो कि 30 साल में अंडे देती है । ये चिकने अंडे पहले तो एक कवच में होते हैं और चट्टान इनको सेती है मगर कुछ दिन बाद ये अंडे सतह पर गिर जाते हैं । बताया जा रहा है कि इस चट्टान के रहस्यों को जानने में कई वैज्ञानिक फैल हो चुके हैं ।

ये चट्टान चीन के दक्षिण-पश्चिमी में ‘गिझोउ’ प्रांत में है जो लगभग 20 मीटर लंबी और 6 मीटर ऊंची है. इस चट्टान का नाम ‘चन दन या’ है । जब ये अंडे जमीन पर गिरते हैं तो गांव वाले इन्हें बटोर कर अपने घर ले आते हैं ।

ताकतवर होता जा रहा है ‘Fani’, पीएम मोदी ने सुरक्षा विभागों को दिए ये निर्देश

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चक्रवाती तूफान ‘फानी’ भीषण तू्फान में तब्दील हो सकता है, इसलिए पुडुचेरी के साथ-साथ तमिलनाडु और दक्षिण आंध्र प्रदेश रेड अलर्ट पर हैं, यह स्थिति 3 मई तक बनी रह सकती है, इस तूफान की वजह से ही आज केरल, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के इलाकों में भारी बारिश की आशंका है, मछुआरों को भी समुद्र में जाने से रोका गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अधिकारियों को चक्रवाती तूफान ‘फानी’ के लिए तैयारियों का जायजा लेने के निर्देश दिए हैं जो कि दक्षिणपूर्व बंगाल की खाड़ी में मजबूत स्थिति धारण कर रहा है।

चक्रवाती तूफान का खतरा
ताकतवर होता जा रहा है ‘Fani’

पीएम मोदी ने ट्वीट किया कि ‘फानी’ तूफान के कारण बन रही स्थिति के संबंध में अधिकारियों से बात की। उनसे एहतियाती कदम उठाने और हर संभव मदद के लिए तैयार रहने को कहा है। साथ ही उनसे प्रभावित राज्यों की सरकारों के साथ करीब से काम करने की अपील की है, हर किसी की सुरक्षा एवं बेहतरी के लिए प्रार्थना कर रहा हूं।

 

गृह मंत्रालय
‘फानी’ मचा सकता है तबाही

गृह मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि सोमवार सुबह ‘फानी’ चेन्नै से 880 किलोमीटर दक्षिणपूर्व में था और 30 अप्रैल से खतरा बढ़ने की आशंका है, चक्रवाती तूफान का उत्तर पश्चिम की ओर बढ़ना जारी रहेगा और यह 1 मई से अपना रास्ता बदलकर उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ेगा आपको बता दें कि पीएमओ की ओर से भी स्थिति पर करीब से निगरानी रखी जा रही है तो वहीं पीएम मोदी ने मंत्रिमंडल सचिवालय को स्थिति का जायजा लेने के लिए राज्य सरकारों, केंद्रीय मंत्रियों और संबंधित एजेंसियों के साथ राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन समिति (एनसीएमसी) की बैठक बुलाने के निर्देश दिए हैं।

https://twitter.com/narendramodi/status/1122713817425825792

115 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से आज आंधी चल सकती है
हाई अलर्ट पर एनडीआरएफ

एनडीआरएफ और भारतीय तटरक्षक बल को हाई अलर्ट पर रखा गया है, ओडिशा राज्य आपदा प्राधिकरण ने कहा है कि दक्षिण पूर्व बंगाल की खाड़ी के ऊपर और उसके पड़ोसी क्षेत्रों में 115 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से आज आंधी चल सकती है इसलिए सभी बड़े बंदरगाहों मछलीपट्टनम, कृष्णट्टनम, निजमापट्नम, विशाकापट्टनम, गंगावरम और काकीनंदा पर वॉर्निंग सिग्नल नंबर दो जारी किया गया है और लोगों से भी सतर्क रहने की अपील की गई है।

 

आंध्रा के कृष्णा जिले के प्रशासन ने भी अधिकारियों को सतर्क रहने के लिए कहा है।
‘फानी’ नाम बांग्लादेश ने दिया

आंध्रा के कृष्णा जिले के प्रशासन ने भी अधिकारियों को सतर्क रहने के लिए कहा है। वाणिज्य विभाग चक्रवात के मूवमेंट पर नजर रखे है और इस तूफान से निपटने की हर संभव प्रबंध किए जा रहे हैं। मौसम विभाग ने बताया कि ‘फानी’ अगले 24 घंटों में चक्रवाती तूफान की शक्ल ले सकता है। आपको बता दें कि इस तूफान का नाम ‘फानी’ बांग्लादेश के कहने पर रखा गया है।

 

 

इस प्रकार करें मंगलवार के दिन सुंदरकांड का पाठ, होगी हर कामना पूरी

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मंगलवार का दिन हनुमान जी का दिन माना जाता है, इस दिन इनकी पूजा आराधना करने से विशेष लाभ मिलता है। अगर हनुमान जी की कृपा मिल जाती है तो व्यक्ति को बल, बुद्धि, विद्या मिलने के साथ ही जीवन में आने वाले सभी संकटों से मुक्ति मिलती है। इसके साथ ही शास्त्रों में माना जाता है कि मंगलवार के दिन अगर कोई श्रद्धापूर्वक सुंदरकांड का पाठ करता है तो जीवन के सभी मनोरथ पूर्ण होते है। आज हम इस लेख में मंगलवार के दिन किस प्रकार सुंदरकांड का पाठ करना चाहिये इस बारे मे बता रहे हैं।

सुन्दरकाण्ड का पाठ करने से पहले मन में विश्वास रखें और हनुमाजी से प्रार्थना करें जिससे काम कीसारी बाधा का निवारण हो।क्योंकी हनुमानजी ने श्री राम जी के सब काज संवारे थे, वैसे ही हमारे सारे काम हनुमान जी संवारे। सुंदरकांड में तीन श्लोक, साठ दोहे तथा पांच सौ छब्बीस चौपाइयां हैं, इसके प्रथम तीस दोहों में श्री राम के गुणों का वर्णन है। सुंदर कांड में चौबीस चौपाइयों आती है ।

  • सुंदर काड का पाठ करने के लिए सबसे पहले सुबह स्नान कर स्वच्‍छ वस्त्र धारण करें। इसके बाद हनुमानजी और श्री राम की प्रतिमा पर फूलमाला चढ़ा कर दीप जलाएं और भोग अर्पित करे।
  • सुंदरकांड का पाठ शुरू करने से पहले गणेश की पूजा करे इसके बाद राम जी की वंदना कर सुन्दरकाण्ड का पाठ शुरू करे।
  • सुन्दरकाण्ड प्रारम्भ करने के पहले हनुमानजी व राम चन्द्र जी का आवाहन करें, इसके बाद पाठ के पूर्ण होने के बाद श्री हनुमान आरती और श्री राम जी आरती करे।
  • जब सुन्दर कांड पूर्ण हो जाये तो भगवान को भोग लगा कर, आरती करके, उनकी विदाई भी करें।
  • सुन्दर कांड के पाठ में भाग लेने वालो को आरती और प्रसाद दे और स्वयं भी प्रसाद ग्रहण करें।सुंदरकांड के पूर्ण होने के बाद पुस्तक को लाल कपड़े में लपेटकर पूजा स्थान पर रख दें।