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सनी देओल पर 53 करोड़ का है कर्ज, असली नाम को लेकर भी हलफनामे में किया खुलासा

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बॉलीवुड स्टार और भाजपा प्रत्याशी सनी देओल (Sunny Deol) ने पंजाब के गुरदासपुर से लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Elections 2019) के लिए अपना नामांकन दाखिल किया। नामांकन के दौरान उनके छोटे भाई बॉबी देओल भी मौजूद थे। सनी देओल ने नामाकंन के बाद रोड शो भी किया। सनी देओल ने जो हलफनामा दाखिल किया है, उसके मुताबिक, उनके और उनकी पत्नी के पास कुल 87 करोड़ की संपत्ति है जबकि सनी देओल 53 करोड़ रु के कर्जदार हैं।

अजय सिंह देओल
असली नाम है अजय सिंह देओल

फिल्म अभिनेता का असली नाम अजय सिंह देओल है। चुनाव आयोग को दिए गए हलफनामे के मुताबिक, साल 2017-18 में उनकी आय 63.82 लाख रु थी, जबकि साल 2016-17 में 96.29 लाख और इसके पहले साल 2015-16 में उनकी आय 2.25 करोड़ रु थी। सनी देओल ने अपनी कुल संपत्ति 87.18 करोड़ बताई है। चुनावी हलफनामे के मुताबिक, सनी की कुल चल-अचल संपत्ति 60.46 करोड़ और 21 करोड़ है।

सनी देओल
53 करोड़ के कर्जदार हैं सनी

सनी देओल ने हलफनामे में खुद को अभिनेता, निर्देशक और निर्माता बताया है। उन्होंने 26 लाख रु नकद और पत्नी के पास 16 लाख नकद की जानकारी दी है। सनी देओल के बैंक अकाउंट में करीब 9 लाख रुपये जमा हैं, जबकि उनकी पत्नी के बैंक अकाउंट में करीब 19 लाख रुपये जमा हैं। चुनावी हलफनामे में सनी ने 1.69 के वाहन की जानकारी दी है। इसके अलावा पत्नी के पास 1.56 करोड़ रु के सोने के गहने की जानकारी भी दी है। सनी ने बताया है कि उनके पास कोई निजी ज्वैलरी नहीं है। सनी के ऊपर कोई आपराधिक मुकदमा दर्ज नहीं है।

 

आपराधिक मुकदमा
कोई आपराधिक मुकदमा दर्ज नहीं

सनी देओल सोमवार को गुरदासपुर लोकसभा सीट से नामांकन दाखिल करने से पहले स्वर्ण मंदिर पहुंचे थे और वहां पर मत्था टेककर अपने राजनीतिक सफर के लिए आशीर्वाद मांगा था। वहीं, नामांकन के दौरान सनी के साथ भाई बॉबी के अलावा प्रदेश भाजपा अध्यक्ष एवं राज्यसभा सदस्य श्वेत मलिक भी मौजूद रहे। सनी ने हाल में ही बीजेपी का दामन थामा था जिसके बाद पार्टी ने उनको गुरदासपुर लोकसभा सीट से उम्मीदवार बनाया है।

जानें क्‍या है हकीकत, सेना को नजर आया हिमालय की बर्फ में रहस्‍यमय हिममानव

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नई दिल्‍ली। भारतीय सेना (Indian Army) ने इस माह की शुरुआत में मकालू बेस कैंप के पास हिममानव यानी येती देखने का दावा किया है। सेना की ओर से ट्विटर हैंडल पर इसकी फोटोग्राफ भी पोस्‍ट की गई हैं। सेना की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक उनकी माउंटेरियंग एक्‍पीडिशन टीम ने बर्फ में विशाल मानव के पैरों के निशान देखे हैं। हिमालयन रेंज में येती देखे जाने की यह पहली घटना नहीं है और पहले भी ऐसे दावे किए गए हैं।

कहां हैं मकालू नेशनल पार्क

अपनी ट्वीट में सेना ने बताया है कि उसकी माउंटेरियंग टीम ने करीब 35×15 इंच की साइज वाले पैरों के निशान बर्फ में देखे हैं। सेना की ओर से बताया गया है कि यह घटना नौ अप्रैल की है। सेना ने यह भी बताया है कि विशाल मानव के देखे जाने की घटना मकालू-बारून नेशनल पार्क में हुई है। ट्वीट के साथ सेना ने कई कुछ फोटोग्राफ्स भी पोस्‍ट की हैं। मकालू बारून नेशनल पार्क नेपाल में हैं और सन. 1992 में इसकी स्‍थापना हुई थी। यह दुनिया का इकलौता ऐसा क्षेत्र है जो 8,000 मीटर की ऊंचाई पर है और जिसे प्रोटेक्‍ट करके रखा गया है।

क्‍या होता है येती

येती के बारे में कुछ भी कह पाना अभी मुश्किल है। इस बात का फैसला अभी तक दुनिया में कहीं नहीं हो सका है कि येती वाकई दुनिया में हैं या ये सिर्फ कहानियों का हिस्‍सा है। कई लोगों की ओर से दावा किया गया है कि उन्‍होंने विशाल हिममानव को देखा है। यह हिममानव बिल्‍कुल वनमानुष या गोरिल्‍ला जैसा नजर आता है, ऐसा कुछ लोगों का कहना है। अभी तक इन दावों को खारिज करने वाले तथ्‍य भी पेश नहीं किए जा सके हैं।

 

कुछ भी साबित करना मुश्किल

हिमालय की रेंज में पूर्व में भी पर्वतारोही और वैज्ञानिकों की ओर से विशाल हिममानव को देखे जाने की बात कही गई है। यह भी माना जाता गया है कि यह एक रहस्यमय प्राणी होता है। बहुत से अभियान दलों की ओर से भी येती देखे जाने का दावा किया गया है और अपनी बातों को साबित करने के लिए उन्‍होंने सुबूत भी दिए। कहा जाता है कि सन् 1950 के दशक में येती को पहली बार देखा गया था। उस समय वैज्ञानिकों तथ्‍यों के साथ इस बात को साबित करने के लिए सुबूत नहीं दिए जा सके थे। यहां तक कि डीएनए टेस्‍ट्स भी हाई-एंड टेक्‍नोलॉजी भी इस बात को साबित करने में पीछे रह गईं।

PM मोदी का दोबारा सत्‍ता में लौटना तय, चीन के सरकारी मीडिया की भविष्‍यवाणी

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चीन सरकार का मुखपत्र माने जाने वाले ‘ग्‍लोबल टाइम्‍स’ ने कहा है कि पीएम मोदी के सियासी कद के आगे फिलहाल भारत का कोई नेता नहीं है. बीजेपी का संगठन विपक्ष से बेहतर है, इसलिए वापसी की संभावना है.

बीजिंग: चीन के सरकारी मीडिया ने लोकसभा चुनाव 2019 (lok sabha elections 2019) में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्‍व में दोबारा बीजेपी के सत्‍ता में आने की भविष्‍यवाणी की है. चीन सरकार का मुखपत्र माने जाने वाले ‘ग्‍लोबल टाइम्‍स’ ने कहा है कि पीएम मोदी के सियासी कद के आगे फिलहाल भारत का कोई नेता नहीं है. बीजेपी का संगठन विपक्ष से बेहतर है, इसलिए वापसी की संभावना है.

‘ग्‍लोबल टाइम्‍स’ के एक आर्टिकल में कहा गया, ”भारत में 11 अप्रैल से चुनाव हो रहे हैं और सबकी निगाहें 23 मई यानी नतीजों के दिन पर टिकी हुई हैं. चुनाव में इस बात की पूरी उम्‍मीद है कि पीएम नरेंद्र मोदी की भारतीय जनता पार्टी संसद में सबसे बड़ा दल बनकर उभरेगी. पीएम नरेंद्र मोदी के सियासी कद जैसा कोई नेता नहीं है. बीजेपी की फंडिंग शक्ति और संगठन की ताकत विपक्ष से बेहतर है. ऐसे में लगता है कि पीएम मोदी के दोबारा सत्‍ता में वापसी की संभावना है.”

मोदी की कूटनीतिक विरासत जारी रहनी चाहिए, चुनाव नतीजे चाहें जो हों’ शीर्षक से लिखे गए इस आर्टिकल में पीएम मोदी के दुनिया के देशों के साथ किए गए कूटनीतिक प्रयासों की तारीफ की गई है. इसमें पीएम मोदी को ‘व्‍यावहारिक’ नेता बताते हुए सार्क और चीन के साथ संबंधों को मजबूत करने के प्रयासों के लिए मोदी की सराहना की गई है. इसके साथ ही पीएम मोदी और शी चिनफिंग के पिछले साल वुहान में अनौपचारिक बातचीत का विशेष जिक्र करते हुए आर्टिकल में कहा गया है कि भारत में चुनाव नतीजे चाहें जो हों लेकिन भारत और चीन के बीच राजनीतिक, सांस्‍कृतिक और आर्थिक संबंध प्रगाढ़ होने चाहिए.

वुहान बैठक का एक साल पूरा
उल्‍लेखनीय है कि भारत और चीन वुहान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति शी चिनफिंग के बीच ‘अनौपचारिक बैठक’ के एक साल होने पर मध्य चीनी शहर में सप्ताह भर चलने वाले भारत महोत्सव का आयोजन कर रहे हैं. मोदी-शी के बीच 27-28 अप्रैल 2018 को हुई बैठक के एक साल होने पर भारत ने वुहान में भारत के रंग (कलर्स ऑफ इंडिया) सप्ताह की शुरूआत की है. इस दौरान नृत्य प्रस्तुति, सिनेमा की प्रदर्शनी, फोटो प्रदर्शनी और व्यापार तथा पर्यटन को बढ़ावा देने वाले कार्यक्रमों का आयोजन होगा.

चीन में भारतीय दूत विक्रम मिसरी और वुहान के उप मेयर चेन शीजिन ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया. भारतीय दूतावास ने बताया कि बीजिंग में भारतीय दूतावास और भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आईसीसीआर), नयी दिल्ली हुबेई प्रांतीय सरकार और वुहान नगर सरकार के सहयोग से इसका आयोजन कर रहा है. चाइना आर्ट एसोसिएशन ने भी इसमें मदद की है.

भारत में यहां हुआ पहली बार पान मसाला थूकने पर चालान, थूकते हुए CCTV में हुआ था कैद

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महेश सरदार पटेल मूर्ति रोड के पास गुटखा थूकते हुए सीसीटीवी में कैद हो गया. नागरिक निकाय ने लोक स्वास्थ्य कानूनों के उल्लंघन के लिए ई-ज्ञापन जारी किया.

अहमदाबाद: अगर आप पान मसाला खाते हैं तो खबर ध्यान से पढ़ लें, क्योंकि मसाले को थूकना अब महंगा पड़ा सकता है, क्योंकि अहमदाबाद नगर निगम (एएमसी) ने सार्वजनिक स्थान पर पान मसाला थूकने के लिए एक आदमी का चालान कर दिया. निगम का कहना है कि यह देश में अपनी तरह का पहला ऐसा मामला है.

एएमसी ने अहमदाबाद के पूर्वी उपनगर नारोदा के महेश कुमार का 100 रुपये का चालान काटा. महेश सरदार पटेल मूर्ति रोड के पास गुटखा थूकते हुए सीसीटीवी में कैद हो गया. नागरिक निकाय ने लोक स्वास्थ्य कानूनों के उल्लंघन के लिए ई-ज्ञापन जारी किया.

जानकारी के मुताबिक, आरोपी शख्स मोबाइल पर बात करते हुए जा रहा था, तभी उसने पान मसाला सड़क पर थूक दिया. आरोपी की ये तस्वीर सीसीटीवी में कैद हो गई, जिसके बाद बाइक के नंबर को ट्रैक करके सार्वजनिक स्थान पर थूकने के बदले 100 रुपये का जुर्माना ई-चालान के जरिए भेजा.

निगम ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि यह देश का ऐसा पहला मामला है. अहमदाबाद को हाल ही में राष्ट्रीय स्वच्छता सर्वेक्षण में साफ-सफाई के मामले में शीर्ष शहर के रूप में चुना गया था.

‘हेमंत करकरे शहीद पर अच्‍छे पुलिस अधिकारी नहीं थे’, प्रज्ञा के बाद अब सुमित्रा महाजन ने भी उठाए सवाल

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सुम‍ित्रा महाजन ने यह भी कहा कि प्रज्ञा ठाकुर अकेली नहीं थी जिन्‍हें कस्‍टडी में टॉर्चर का शिकार होना पड़ा.

नई दिल्‍ली: शहीद आईपीएस अधिकारी हेमंत करकरे को लेकर बीजेपी नेता साध्‍वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर की बयानबाजी पर विवाद हो चुका है. अब निवर्तमान लोकसभा स्‍पीकर और इंदौर से 8 बार बीजेपी सांसद रहीं सुमित्रा महाजन ने बतौर पुलिस अधिकारी करकरे के आचरण पर सवाल उठाए हैं. सोमवार को महाजन ने कहा कि करकरे “शहीद बने” क्‍योंकि वह ड्यूटी के दौरान मारे गए, मगर महाराष्‍ट्र एंटी-टेररिज्‍म स्‍क्‍वाड (ATS) प्रमुख के रूप में उनकी भूमिका ठीक नहीं थी.

फोन पर बातचीत में सुमित्रा महाजन ने कहा, ” हेमंत करकरे के दो पहलू हैं. वह शहीद बने क्‍योंकि ड्यूटी के दौरान मारे गए. लेकिन एक पुलिस अधिकारी के रूप में उनकी भूमिका सही नहीं थी. हम कहेंगे कि यह सही नहीं थी. 

भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि उनके पास कोई सबूत नहीं हैं पर उन्‍होंने सुना है कि कांग्रेस नेता और भोपाल से उम्‍मीदवार दिग्विजय सिंह, करकरे के दोस्‍त थे. महाजन ने कहा कि जब सिंह मध्‍य प्रदेश के मुख्‍यमंत्री थे तो वह RSS पर बम बनाने और आतंकी संगठन होने के आरोप लगाते थे. महाजन का आरोप है कि महाराष्‍ट्र ATS ने इंदौर से जो गिरफ्तारियां की, वे पूर्व सीएम के कहने पर किया.

इस बयान के जवाब में दिग्विजय ने ट्वीट किया, “सुमित्रा ताई, मुझे गर्व है कि अशोक चक्र विजेता शहीद हेमंत करकरे के साथ आप मुझे जोड़ती हैं. आपके साथी उनका अपमान भले ही करें, मुझे गर्व है कि मैं सदैव देशहित, राष्ट्रीय एकता और अखंडता की बात करने वालों के साथ रहा हूं. मैं धार्मिक उन्माद फैलाने वालों के हमेशा ख़िलाफ़ रहा हूं. मुझे गर्व है कि मुख्यमंत्री रहते हुए मुझमें सिमी और बजरंग दल दोनों को बैन करने की सिफ़ारिश करने का साहस था. मेरे लिए देश सर्वोपरि है, ओछी राजनीति नहीं.”

महाजन ने यह भी कहा कि प्रज्ञा ठाकुर अकेली नहीं थी जिन्‍हें कस्‍टडी में टॉर्चर का शिकार होना पड़ा. उन्‍होंने दिलीप पाटीदार का जिक्र किया जिसे महाराष्‍ट्र एटीएस ने नवंबर 2008 में पूछताछ के लिए इंदौर से उठाया था. महाजन ने कहा कि पाटीदार कभी वापस नहीं लौटा, उसकी गुमशुदगी का मामला लोकसभा से लेकर अदालतों तक में उठा.

महाजन ने आरोप लगाया कि कस्‍टडी में पाटीदार की हत्‍या कर दी गई. उन्‍होंने कहा, “ये तथ्‍य हैं. किसी को तो जवाब देना चाहिए.”

‘आप सिर्फ पाकिस्‍तान के लिए बैटिंग करते हो’, नवजोत सिंह सिद्धू पर शिवराज ने किया पलटवार

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सिद्धू में भोपाल में जनसभा के दौरान पीएम मोदी पर निशाना साधा था. जिसका जवाब शिवराज ने दिया है.

नई दिल्‍ली: कांग्रेस नेता व पंजाब सरकार में मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने पीएम नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है. भोपाल में कांग्रेस प्रत्‍याशी दिग्विजय सिंह के पक्ष में जनसभा के दौरान सिद्धू ने जो बयान दिया, उससे मध्‍य प्रदेश के पूर्व सीएम व भाजपा नेता शिवराज सिंह चौहान बेहद नाराज हो गए. दिग्विजय को ‘श्रीमान बंटाधार’ कहते हुए शिवराज ने कहा कि भोपाल की जनता ने उन्‍हें 10 साल झेला है.

शिवराज ने सिद्धू का एक वीडियो ट्वीट कर कहा, “सिद्धू जी,छक्के मारने के आपके दिन लद गए हैं! पूरा देश जानता है कि अब आप सिर्फ़ पाकिस्तान के लिए बैटिंग करते हो! भोपाल की जनता की तो वो श्रीमान बंटाधार को अच्छे से जानती है,10 साल इन्हें झेला है! पीएम के इस अपमान का बदला जनता मतदान के दिन लेगी और 23 मई को आपको सबक मिल जाएगा!”

भोपाल में चुनाव प्रचार करते समय सिद्धू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा था. सिद्धू ने यहां से कांग्रेस प्रत्‍याशी दिग्विजय सिंह के समर्थन में जनसभा की. इसमें उन्‍होंने कहा था, “जब जवान था, अभी भी जवान हूं. इनसे कम (दिग्विजय की ओर इशारा करते हुए) तो छक्‍का मारता था. बॉल बाउंड्री पार. कई बार तो इतनी ऊपर जाती थी, एयर होस्‍टेस के हाथ मिलाकर वापस आती थी. लेकिन तुम भोपाल वालों, मुझसे तगड़े हो. ऐसा छक्‍का मारो कि (नरेंद्र) मोदी को हिंदुस्‍तान के बाहर मारो. ठोंको ताली ठोंको.

सिद्धू जी,छक्के मारने के आपके दिन लद गए हैं! पूरा देश जानता है कि अब आप सिर्फ़ पाकिस्तान के लिए बैटिंग करते हो!

भोपाल की जनता की तो वो श्रीमान बंटाधार को अच्छे से जानती है,10 साल इन्हें झेला है!

पीएम के इस अपमान का बदला जनता मतदान के दिन लेगी और 23 मई को आपको सबक मिल जाएगा!

ई-सिगरेट धूम्रपान छोड़ने का प्रभावी तरीका : भारतीय शोध

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अपनी तरह के एक पहले भारतीय शोध में यह पता चला है कि इलेक्ट्रॉनिक निकोटिन डिलिवरी सिस्टम (ईएनडीएस) जो कि ई-सिगरेट्स नाम से भी जाने जाते हैं, वे सामान्य सिगरेट की तुलना में स्वास्थ्य के लिए कम खतरनाक होते हैं तथा धूम्रपान छोड़ने का कारगर हथियार साबित हो सकते हैं।

इंडियन जर्नल ऑफ क्लिनिकल प्रैक्टिस (आईजेसीपी) में प्रकाशित इस अध्ययन में नॉर्थ-ईस्टर्न हिल यूनिवर्सिटी, शिलांग के प्रो. आर.एन. शरन और उनकी टीम ने ‘299 प्रकाशित वैज्ञानिक साहित्य की व्यवस्थित समीक्षा’ की है। इसमें सिगरेट का धूम्रपान करने या ई-सिगरेट पीने के दौरान निकलनेवाले निकोटिन, अन्य रसायनों और धातु आयनों के विषाक्तता की तुलना की गई है।
टीम के मुताबिक, ‘सिगरेट पीने को हतोत्साहित करने के लिए बढ़ती जागरूकता और नियामक उपायों के बावजूद दुनिया भर में तंबाकू के उपयोग में कोई गिरावट नहीं आई है।’ ऐसे परिदृश्य में, तंबाकू का नुकसान कम करने के विकल्पों जैसे ईएनडीएस या ई-सिगरेट के मूल्यांकन पर विचार करने की आवश्यकता है।

प्रो. शरन ने बताया, ‘भारत में विशेषज्ञों द्वारा ईएनडीएस या ई-सिगरेट की उपयुक्तता के मूल्यांकन का यह पहला प्रयास है।’

‘एक-एक को देख लूंगा’, मंच पर बोलते हुए कटी बिजली तो दिग्विजय ने लगाई अधिकारी को फटकार

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भोपाल लोकसभा सीट पर कांग्रेस के दिग्विजय सिंह और भाजपा की प्रज्ञा ठाकुर के बीच सीधी लड़ाई है.

भोपाल: मध्य प्रदेश की भोपाल लोकसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी दिग्विजय सिंह ने जनसभा के दौरान लाइट कटने पर मंच से ही बिजली विभाग के अधिकारी को फोन स्पीकर पर लेकर डांट लगा दी. दिग्विजय सिंह के अधिकारी को डांटते ही बिजली लौट भी आई और जनता ने तालियां बजाकर उनका अभिनंदन भी किया. भोपाल लोकसभा सीट पर दिग्विजय सिंह का सीधा मुकाबला भारतीय जनता पार्टी की प्रत्याशी प्रज्ञा ठाकुर से है.

दिग्विजय ने लाइट कटने के बहाने अधिकारीयों पर सरकार को बदनाम करने का आरोप भी मढ़ दिया. दिग्विजय सिंह ने बिजली अधिकारी से कहा कि, “आपके नीचे के अधिकारी ऐसा कर रहे हैं और आपका उनपर नियंत्रण ही नहीं है.” उन्होंने आगे अधिकारी पर सरकार को बदनाम करने का आरोप लगाते हुए कहा कि “ये सब साजिस के तहत हो रहा है. जब प्रदेश में बिजली सरप्लस है तो सरकार को बदनाम करने का काम क्यों कर रहे हैं. मैं आपकी शिकायत कर रहा हूं.” दिग्विजय ने ये भी कहा कि उनके बोलते हुए पहले भी बिजली कटी है.

फोन रखने के बाद दिग्विजय सिंह ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि “ये सब बिजली काटने का खेल भाजपा द्वारा नियुक्त आउटसोर्सिंग कंपनी के कर्मचारी कर रहे हैं. ये पहले बिजली काटते हैं और फिर SMS करते हैं- ‘कांग्रेस आई, बिजली गई’. ये बिजली विभाग के लोग कांग्रेस पार्टी को बदनाम कर रहे हैं. मैं एक-एक को देख लूंगा. ”

हाल में ही सरकारी अधिकारियों को डांटने की तस्वीर अमेठी से वायरल हुई थी. जहां खेत में आग बुझाने में हुई देरी को लेकर अमेठी की भाजपा प्रत्याशी स्मृति इरानी फोन पर एसडीएम को डांटती नजर आई थीं. जाहिर है कि सरकारी अफसरों को डांटकर जनता में हीरो बनने का हथकंडा पुराना जरूर है, लेकिन सच ये भी है कि अफसरों को डांट पड़ने से आम आदमी तालियां जरूर बजाता है.

पेट्रोल, डीजल के दाम बढ़े, कच्चा तेल नरम

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पेट्रोल के दाम में दो दिन के विराम के बाद मंगलवार को फिर वृद्धि दर्ज की गई जबकि डीजल के दाम में लगातार दूसरे दिन वृद्धि का सिलसिला जारी रहा। तेल विपणन कंपनियों ने पेट्रोल के दाम में पांच पैसे और डीजल के दाम में पांच से छह पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। हालांकि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम में फिर नरमी देखी जा रही है।

इंडियन ऑयल की वेबसाइट के अनुसार, पेट्रोल के दाम पांच पैसे प्रति लीटर की वृद्धि के साथ इसकी कीमत दिल्ली में 73.13 रुपये, कोलकाता में 75.15 रुपये, मुंबई में 78.70 रुपये और चेन्नई में 75.90 रुपये प्रति लीटर हो गए हैं। चारों महानगरों में डीजल के दाम भी बढ़कर क्रमश: 66.71 रुपये, 68.45 रुपये, 69.83 रुपये और 70.44 रुपये प्रति लीटर हो गए हैं।

डीजल दिल्ली, कोलकाता और चेन्नई में पांच पैसे प्रति लीटर और मुंबई में छह पैसे प्रति लीटर मंहगा हो गया है। वहीं, चारों महानगरों में पेट्रोल के दाम में पांच पैसे प्रति लीटर की वृद्धि हुई है।

पेट्रोल और डीजल के भाव बढ़ने से आने वाले दिनों में महंगाई बढ़ सकती है, क्योंकि तेल के दाम में वृद्धि का सीधा असर वस्तुओं और सेवाओं के मूल्य पर पड़ता है।

अंतर्राष्ट्रीय वायदा बाजार आईसीई पर ब्रेंट क्रूड मंगलवार को पिछले सत्र के मुकाबले 0.21 फीसदी की नरमी के साथ 71.33 डॉलर प्रति बैरल पर बना हुआ था।

कमोडिटी बाजार के जानकारों के अनुसार, कच्चे तेल के उत्पादन में वृद्धि होने की उम्मीदों से कीमतों में नरमी है। जानकार बताते हैं कि दरअसल, आगामी महीनों में अमेरिका में कच्चे तेल का उत्पादन बढ़ने की उम्मीद की जा रही है। इसके बाद अमेरिका ने तेल उत्पादक देशों के समूह ओपेक को भी तेल का उत्पादन बढ़ाने को कहा है, ताकि ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंध के कारण कच्चे तेल की आपूर्ति में होने वाली कमी की पूर्ति हो सके।

हालांकि कुछ विश्लेषकों को इस बात में संदेह है कि जून में ओपेक की बैठक के पहले तेल उत्पादक देशों का समूह कोई बड़ा फैसला ले सकता है। बहरहाल, ओपेक के फैसले का इंतजार है, इसलिए आने वाले दिनों तेल की आपूर्ति को लेकर पैदा होने वाले संकट को लेकर बाजार में एक तरह से उहापोह की स्थिति बनी हुई। दरअसल, अमेरिका ने ईरान से तेल के निर्यात पर पूर्ण पाबंदी लगाते हुए भारत समेत वहां से तेल खरीदने वाले देशों को नवंबर में दी गई छूट की समय सीमा दो मई से आगे नहीं बढ़ाने का फैसला लिया है।

उनके अनुसार, चीन में फैक्ट्री उत्पाद की रफ्तार इस महीने सुस्त रहने के कारण भी कच्चे तेल के दाम में नरमी आई है क्योंकि चीन कच्चे तेल का बहुत बड़ा आयातक देश है।

PM मोदी पर लगे चुनाव आचार संहिता उल्लंघन के आरोप

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विपक्षी पार्टियों ने पीएम मोदी पर चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप लगाया है। जिसकी शिकायत चुनाव आयोग से भी की गई है। अब खबर आयी है कि मंगलवार को चुनाव आयोग पीएम मोदी और अमित शाह के खिलाफ मिली शिकायतों पर एक बैठक करेगा। चुनाव आयोग से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी है। गौरतलब है कि कांग्रेस ने इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट का भी रुख किया है। सुप्रीम कोर्ट में कांग्रेस नेता सुष्मिता देव ने एक याचिका दाखिल कर सुरक्षाबलों को राजनैतिक फायदे के लिए इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है।