Home Blog Page 3138

अगले 24 घंटे में बहुत तीव्र हो जाएगा चक्रवाती तूफान फेनी

0

बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती तूफान फेनी जोर पकड़ता जा रहा है और यह भारत के पूर्वी तट की ओर तीव्र रफ्तार के साथ बढ़ रहा है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने सोमवार को कहा कि फेनी अगले छह घंटे में तेज हो जाएगा और इसके बाद के 24 घंटे के दौरान इसकी रफ्तार अत्यंत तीव्र हो जाएगी।

चक्रवाती तूफान फेनी पिछले छह घंटों के दौरान 18 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से बंगाल की खाड़ी में उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ रहा था और इसका केंद्र चेन्नई से 810 किलोमीटर पूर्व-दक्षिणपूर्व की ओर और मछलीपट्टनम (आंध्रप्रदेश) से 950 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिणपूर्व में था।

यह एक मई तक उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ेगा और उसके बाद उत्तर-उत्तरपूर्व की ओर ओडिशा तट की तरफ मुड़ जाएगा।

पुडुचेरी, तमिलनाडु और दक्षिण आंध्रप्रदेश के तटीय इलाकों में मछुआरों को सिर्फ एक मई तक समुद्र में जाने की सलाह दी गई है। उत्तर आंध्रप्रदेश में मछुआरों को एक से तीन मई के दौरान और ओडिशा व पश्चिम बंगाल के तटीय इलाके के मछुआरों को दो मई से समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है।

इन इलाकों में समुद्र में दूर स्थित लोगों को तटीय क्षेत्र में लौट आने की सलाह दी गई है।

राहुल गांधी की सभा में ‘मैं भी चौकीदार’ लिखा टीशर्ट पहने दिखी युवाओं की टोली

0

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को राजस्थान के चुरु जिले में एक जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान राहुल गांधी ने भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। राहुल की इस रैली में उस वक्त अजीब स्थिति बन गई, जब कुछ युवा रैली में ‘मैं भी चौकीदार’ स्लोगन लिखी टीशर्ट पहने नजर आए।

बता दें कि मौजूदा लोकसभा चुनावों में ‘मैं भी चौकीदार’ भाजपा का चुनावी नारा है। हालांकि राहुल गांधी ने इस स्थिति को बखूबी संभाला और टीशर्ट पहने युवाओं से कहा कि ‘आप सभी ने ‘चौकीदार’ वाली टीशर्ट पहनी हैं, आप सभी का स्वागत है।’

इसके बाद कांग्रेस अध्यक्ष ने युवाओं से सवाल किया कि मोदी जी ने सभी भारतीयों के खाते में 15 लाख रुपए डालने का वादा किया था क्या जो यहां मौजूद हैं, उनमें से किसी को 15 लाख मिले? मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसारइसके बाद राहुल गांधी ने कहा ‘मैं भी चौकीदार’ टीशर्ट पहने युवाओं की ओर इशारा करते हुए पूछा कि कि ‘चौकीदार’ जी ने 2 करोड़ नौकरियां देने का वादा किया था क्या आप में से किसी को नौकरी मिली? राहुल गांधी ने मोदी सरकार को नोटबंदी और जीएसटी के मुद्दे पर भी घेरा।

गांधी ने दावा किया कि मोदी सरकार के फैसले के चलते लाखों युवाओं का रोजगार चला गया। राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि मोदी जी ने जनता का पैसा 15 अमीरों को दिया। कांग्रेस अध्यक्ष ने इसके साथ जोड़ा कि कांग्रेस अपनी न्याय योजना के तहत गरीब लोगों को पैसा देना चाहती है।

राहुल गांधी नई मुश्किल में फंसे, मानहानि केस पर समन, चौकीदार चोर है’ नारे पर मुकदमा दर्ज

0

लोकसभा चुनावों के बीच कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी दो नई मुसीबतों में फंस गए हैं। बिहार में राहुल गांधी को पटना की अदालत से समन भेजा गया है। वहीं दूसरी और आरा की सिविल कोर्ट ने उन पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। मानहानि केस बिहार के डिप्टी सीएम सुशील मोदी ने कोर्ट में दाखिल किया है, तो पिछले दिनों समस्तीपुर में महागठबंधन की तरफ से आयोजित संयुक्त रैली में भी राहुल गांधी द्वारा ‘चौकीदार चोर है’ के नारे लगाने पर मुकदमा दर्ज किया गया है।

पटना की कोर्ट ने भेजा समन

पटना की अदालत ने राहुल गांधी को मानहानि केस में शनिवार को समन भेजा है। उन्हें 20 मई तक पेश होने का आदेश दिया गया है। राहुल गांधी पर मानहानि का केस बीजेपी नेता सुशील मोदी ने दायर किया है, जो कि बिहार के उपमुख्यमंत्री भी हैं। उन्होंने राहुल पर आरोप लगाया है कि उन्होंने ये टिप्पणी करके उनकी छवि खराब की है कि सभी चोरों का उपनाम मोदी क्यों है? उन्होंने कोर्ट से कहा था कि राहुल पर उनके बयान के लिए मानहानि से संबंधित धाराओं के तहत संज्ञान लिया जाए और उन्हें समन जारी करके उनके खिलाफ सुनवाई की जाए।

 

आरा की कोर्ट ने राहुल के खिलाफ मुकदमा किया दर्ज

आरा सिविल कोर्ट ने समस्तीपुर में एक चुनावी रैली के दौरान बार-बार ‘चौकीदार चोर है’ के नारे लगवाने के मामले में राहुल के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। कोर्ट ने इस मामल में राहुल के साथ-साथ आरजेडी नेता तेजस्वी यादव के खिलाफ भी केस दर्ज किया है। महागठबंधन की रैली में वो भी राहुल गांधी के साथ मंच शेयर कर रहे थे और नारे लगवाने के दौरान वहां मौजूद थे। राहुल ने अपने भाषण के अंत में लोगों से बार-बार ‘चौकीदार चोर है’ के नारे लगवाए थे।

 

सुप्रीम कोर्ट में जताया था खेद

राहुल गांधी ने राफेल खरीद मामले में सुप्रीम कोर्ट में अपने उस बयान के लिए खेद के लिए जिसमें उन्होंने कोर्ट का हवाला देते हुए ‘चौकीदार चोर है’ का बयान दिया था। कोर्ट द्वारा राफेस मामले में पुनर्विचार याचिका को मंजूरी देने के बाद राहुल ने ये बयान दिया था। सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे में राहुल गांधी ने कहा था कि उन्होंने चुनावी जोश में ये कह दिया था।

 

एक बार फुल चार्ज करने पर 2 घंटे तक सफाई करेगी ये वायरलेस इलेक्ट्रिक झाड़ू

0

Xiaomi ने एक नया प्रॉडक्ट Mi Wireless Handheld Sweeper लॉन्च किया है.

नई दिल्ली: चाईनीज़ स्मार्टफोन निर्माता कंपनी Xiaomi एक अलग तरह का प्रोडक्ट अपने यूजर्स के लिए लेकर आई है. Xiaomi ने Mi Wireless Handheld Sweeper लॉन्च किया है. सरल भाषा में बोलें तो एक वायरलेस इलेक्ट्रिक झाड़ू. फिलहाल कंपनी ने इसकी लॉन्चिंग चीन में ही की है. इसकी खासियत है इसका रोटेशनल फंक्शन जिसकी मदद से इस झाड़ू को किसी भी दिशा में घुमाया जा सकता है.

Mi Wireless Handheld Sweeper की कीमत चीन में 99 युआन (लगभग1,030 रुपये) है. यह प्रोडक्ट अभी कंपनी के क्राउडफंडिंग प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है.

Gizmochina की जानकारी के मुताबिक यह इलेक्ट्रिक झाड़ू डबल ब्रश डिजाइन के साथ पेश की गई है. कंपनी का दावा है कि यह काफी स्पीड के साथ सफाई करने में सक्षम है. इस झाड़ू के ब्रश की स्पीड 1300r/min है. पावर के लिए इस इलेक्ट्रिक झाड़ू में 2,000mAh बैटरी दी गई है. यह एक बार फुल चार्ज होने पर 2 घंटे तक इस्तेमाल की जा सकती है.

साथ ही कंपनी का कहना है कि ट्रेडिशनल झाड़ू का डिजाइन सेमी-ओपन होता है. इसके कारण धूल-मिट्टी पूरी तरह से साफ नहीं हो पाती. इसी परेशानी को दूर करने के लिए कंपनी ने Mi वायरलेस हैंडहेल्ड स्वीपर पेश किया है.

छत्तीसगढ़: रविंद्र चौबै कांग्रेस के इस ‘गढ़’ में करते हैं राज, 6 बार लगातार हासिल की थी जीत

0

छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस विधायक रविंद्र चौबे की अचानक तबियात खराब हो गई है. लखनऊ में उन्हे दिल का दौरा पड़ा है. सीने में दर्द की शिकायत के बाद उन्हें लखनऊ के स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार किया जा रहा है. एहतियात के तौर पर उन्हे दिल्ली ले जाने की तैयारी भी की जा चुकी है. बताया जा रहा है कि जब मंत्री रविंद्र चौबे को अस्पताल में भर्ती कराया गया तो छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल भी उनके साथ थे. सीएम बघेल  ने खुद ही अपनी निगरानी में पूरी व्यवस्था संभाल रखी है. साथ ही एयर लिफ्ट कर गुड़गांव के मेदांता अस्पताल ले जाने की भी तैयारी पूरी कर ली गई है. वहीं  रायपुर से उनके परिजनों को दिल्ली ले जाने की भी तैयारी कर ली गई है.

बता दें कि छत्तीसगढ़ में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने ऐतिहासिक जीत हासिल की थी. सत्ता में आने के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक रविंद्र चौबे को संसदीय कार्य, विधि और विधायी कार्य, कृषि एवं जैव प्रौद्योगिकी, पशुपालन, मछली पालन, जल संसाधन और आयाकट जैसे विभागों की जिम्मेदारी दी गई है. पूरे मंत्रिमंडल में रविंद्र चौबे ही ऐसे मंत्री है जिनके पास सबसे ज्यादा विभाग हैं.

जानिए रविंद्र चौबे से जुड़ी खास बातें

छत्तीसगढ़ के साजा विधानसभा सीट से हमेशा कांग्रेस जीतती रही है और एक ही परिवार का व्यक्ति हमेशा से विधायक रहा है.  साजा में वर्ष 1972 में रवींद्र चौबे के पिता स्व. देवी प्रसाद चौबे, 1977 में बड़े भाई प्रदीप चौबे, 1980 में मां स्व. कुमारी देवी चौबे और 1985 से 2013 लगातार छठी पारी पूरी कर रवींद्र चौबे सातवीं पारी के लिए चुनाव मैदान में उतरे थे. 2013 में हुए लोकसभा चुनाव में रविंद्र चौबे को भाजपा प्रत्याशी लभ चंद बाफना से करारी हार मिली थी. फिर 2018 के विधानसभा चुनाव में रविंद्र चौबे फिर एक बार चुनावी मैदान में उतरे और उनके सामने भाजपा से  लाभचंद बाफना ही थी. इस बार रविंद्र चौबे ने उन्हे मात देकर एक तरीके से अपनी हार का बदला लिया था.

औपचारिक शिक्षा नहीं होने के बावजूद मिली डॉक्टर की उपाधि : मिसाल हैं तीजन बाई

0

महाभारत की कथा को पंडवानी गायन के जरिए देश और दुनिया के सामने लाने वाली छत्तीसगढ़ी कलाकार हैं तीजन बाई. छत्तीसगढ़ की पंडवानी गायिका डॉक्टर तीजन बाई को हाल ही में पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया. तीजन बाई यह सम्मान पाने वाली छत्तीसगढ़ की पहली नागरिक हैं. इससे पहले भारत सरकार उन्हें पद्म भूषण और पद्मश्री से नवाजा है. छत्तीसगढ़ की प्राचीन गायकी कला पंडवानी देश-विदेश तक पहुंचाने का श्रेय तीजन बाई को ही जाता है.

छत्तीसगढ़ राज्य के पंडवानी लोक गीत-नाट्य की पहली महिला कलाकार तीजन बाई ही हैं. तीजनबाई पंडवानी की कापालिक शैली की गायिका हैं. उन्होंने अपनी कला का प्रदर्शन देश में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी किया है. इस सबके पीछे है तीजन बाई की संघर्ष की कहानी. एक छोटे गांव की कलाकार से लेकर पद्म विभूषण तक का उनका सफर आसान नहीं रहा है.

13 वर्ष की उम्र में दी थी पहली प्रस्तुति

प्रसिद्ध रंगकर्मी हबीब तनवीर ने उन्हें सुना और तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के सामने प्रदर्शन करने के लिए निमंत्रित किया. उस दिन के बाद से उन्होंने अनेक अतिविशिष्ट लोगों के सामने देश-विदेश में अपनी कला का प्रदर्शन किया और उसके बाद उनकी प्रसिद्धि आसमान छूने लगी. 1980 में उन्होंने सांस्कृतिक राजदूत के रूप में इंग्लैंड, फ्रांस, स्विट्ज़रलैंड, जर्मनी, टर्की, माल्टा, साइप्रस, रोमानिया और मारिशस की यात्रा की और वहां पर प्रस्तुतियां दी.

मिल चुके हैं कई सम्मान

पंडवानी गायिका डॉ. तीजन बाई को देश का दूसरा सबसे बड़ा पुरस्कार पद्म विभूषण मिला है. यह पुरस्कार प्राप्त करने वाली प्रदेश से पहली छत्तीसगढ़ियां कलाकार है. अब तक प्रदेश में किसी को भी पद्म विभूषण नहीं मिला है. तीजनबाई को भारत सरकार ने 1988 में पद्‌मश्री सम्मान प्रदान किया. 3 अप्रैल, 2003 को भारत के राष्ट्रपति डॉ॰ अब्दुल कलाम द्वारा पद्‌म भूषण, मध्यप्रदेश सरकार का देवी अहिल्याबाई सम्मान, संगीत नाटक अकादमी नई दिल्ली से सम्मान, 1994 में श्रेष्ठ कला आचार्य, 1996 में संगीत नाट्‌य अकादमी सम्मान, 1998 में देवी अहिल्या सम्मान, 1999 में इसुरी सम्मान प्रदान किया गया. 27 मई, 2003 को डीलिट की उपाधि से छत्तीसगढ़ शासन द्वारा सम्मानित किया गया. डॉ. तीजन बाई बीएसपी में डीजीएम थी. सितंबर 2016 में रिटायर हुई. 2017 में तीजन बाई को खैरागढ़ यूनिवर्सिटी डिलीट की उपाधी दी. संगीत विवि खैरागढ़ में तीजन बाई को डिलीट की उपाधि दी गई थी. 27 मई, 2003 को डीलिट की उपाधि से छत्तीसगढ़ शासन द्वारा सम्मानित किया गया. इसके अलावा महिला नौ रत्न, कला शिरोमणि सम्मान, आदित्य बिरला कला शिखर सम्मान 22 नवम्बर, 2003 को मुंबई में प्रदान किया गया.

तीजन बाई के पास नहीं है कोई औपचारिक शिक्षा

तीजन बाई छत्तीसगढ़ राज्य के पंडवानी लोक गीत-नाट्य की पहली महिला कलाकार हैं. लेकिन उन्होने कोई भी औपचारिक शिक्षा नहीं ली है. बावजूद इसके 2017 में तीजन बाई को खैरागढ़ यूनिवर्सिटी डिलीट की उपाधी दी. इसके अलावा महिला नौ रत्न, कला शिरोमणि सम्मान, आदित्य बिरला कला शिखर सम्मान से भी इन्हे नवाजा गया है.

पंडवानी गायिका डॉ. तीजन बाई

 

अब बच्चों को कहानियां पढ़कर सुनाएगा ‘गूगल असिस्टेंट’, जानें कैसे करेगा काम

0

गूगल ने अपने असिस्टेंट में एक कमाल का फीचर जोड़ा है जो पैरेंट्स के लिए बहुत ही ख़ास है. यह फीचर बच्चों को कहानियां पढ़कर सुनाएगा. जब भी आप गूगल असिस्टेंट को कमांड देंगे यह बच्चों को पंचतंत्र और बाकी की कहानियां पढ़कर सुनाना शुरू कर देगा. हालांकि अभी इसमें सिर्फ अंग्रेजी की कहानियां सुनाई जाएंगी लेकिन हो सकता है कंपनी जल्द ही हिन्दी की भी कहानियों के लिए इस फीचर को अपडेट कर दे.

ऐसे कर सकते हैं एक्टिवेट
अगर आप चाहते हैं कि गूगल असिस्टेंट बच्चों को कहानियां सुनाए तो इसके लिए आपको एंड्रॉयड या आईओएस डिवाइस पर ‘Hey Google, tell me a story’ कहना होगा. इसके बाद यह कहानी सुनाने लगेगा. असिस्टेंट झूठ कभी मत बोलो, लालच मत करो, झगड़ा मत करो, ऐसे संदेश देने वाली पंचतंत्र की कहानियों को भी पढ़कर सुना देगा.

गूगल ने ‘Tell me a story’ फीचर को चार देशों में लॉन्च किया है जिसमें भारत, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन और यूनाइटेड स्टेट्स शामिल हैं. गूगल असिस्टेंट के प्रोडेक्ट मैनेजर एरिक लिउ ने एक ब्लॉग पोस्ट लिखकर बताया कि बेहतरीन कहानियां सुनने के लिए यूजर्स के एंड्रॉयड या आईओएस डिवाइस में गूगल प्ले बुक्स का लेटेस्ट वर्जन भी इंस्टॉल होना चाहिए.

राहुल की चिट्ठी के बाद अब प्रियंका की आवाज के बल पर मतदाताओं को लुभाएगी कांग्रेस!

0

इससे पहले कांग्रेस ने पार्टी अध्‍यक्ष राहुल गांधी की चिट्ठी के बल पर न्‍याय योजना को प्रमोट करने की कोशिश की थी. अब काग्रेस ने प्रियंका गांधी की आवाज के बल पर न्‍याय स्‍कीम को प्रमोट करने का फैसला किया है. पार्टी को उम्‍मीद है कि इससे जनता में न्‍याय स्‍कीम की पॉपुलरिटी बढ़ाई जा सकती है. पार्टी ने यह फैसला इसलिए लिया है क्योंकि ऐसा फीडबैक आ रहा था कि ज़मीनी स्तर पर न्याय स्कीम की घोषणा का जनता पर बहुत फर्क नहीं पड़ रहा है.

लोकसभा चुनाव के चौथे चरण के लिए वोट करने वाले झारखंड, मध्य प्रदेश और राजस्थान के करीब 40 लाख लोगों के लिए प्रियंका गांधी का रिकॉर्डेड मैसेज भेजा गया है. इस मैसेज में ‘न्‍याय स्‍कीम’ के बारे में सबकुछ बताया गया है. उत्‍तर प्रदेश के मतदाताओं को भी ऐसा ही मैसेज भेजकर न्‍याय स्‍कीम के बारे में विस्‍तार से बताने की कोशिश की गई थी.

रिकॉर्डेड मैसेज में प्रियंका गांधी मतदाताओं को यह बताने की कोशिश कर रही हैं कि देश के सबसे गरीब 20 फीसदी परिवारों को हर महीने 6,000 रुपये दिए जाएंगे. पैसे सीधे महिलाओं के बैंक खातों में भेजे जाएंगे.

इससे पहले राजस्‍थान में चिन्हित परिवारों तक राहुल गांधी की ओर से लिखे गए पत्र को पार्टी के कार्यकर्ताओं ने पहुंचाया था. इससे कांग्रेस को उम्‍मीद है कि इसका लाभ पार्टी को लोकसभा चुनाव में मिलेगा. राज्‍य में ऐसा पहली बार था जब राहुल गांधी के नाम का लोगों को पत्र मिला. उस पत्र में राहुल गांधी ने न्‍याय स्‍कीम के बारे में लोगों को विस्‍तार से बताया था.

ऐसा बताया जा रहा है कि लगभग 50 लाख परिवारों को पत्र भेजकर कहा गया कि कांग्रेस की सरकार आने पर उन्‍हें सालाना 75,000 रुपये दिए जाएंगे. कांग्रेस के जमीनी स्‍तर को कार्यकर्ताओं को इसका जिम्‍मा सौंपा गया था. न्‍याय योजना पर राहुल गांधी की ओर से लिखे गए पत्र को कांग्रेस ने गरीबी पर ‘सर्जिकल स्‍ट्राइक’ बताया था.

फीडबैक मिलने के बाद पार्टी को लगा कि इसमें प्रियंका गांधी को शामिल करना चाहिए. इस योजना को लेकर अभी जमीनी स्‍तर पर बहुत सारे ऐसे सवाल थे, जिसका जवाब लोगों को नहीं मिल रहा था. लोगों को इससे अवगत कराना जरूरी है. पार्टी के गढ़ रायबरेली और अमेठी से भी ऐसे ही फीडबैक मिल रहे थे.

ऐसा कहा जाता है कि न्‍याय योजना का कॉन्सेप्ट प्रियंगा गांधी ने ही दिया था. उन्‍होंने कहा था कि पार्टी को विशेष राहत पैकेज के तौर पर प्रत्‍येक परिवार के लिए विशेष राशि की घोषणा करनी चाहिए. इससे लोगों को सीधा लाभ मिलेगा. यह भी उन्‍हीं का विचार था कि इस योजना का नाम ‘न्‍यूनतम आय योजना या न्‍याय’ होना चाहिए.

गदर की तरह गूंजा ‘हिन्दुस्तान जिंदाबाद’ का नारा, सनी देओल ने बाड़मेर में किया पहला रोड शो

0

बीजेपी प्रत्याशी भागीरथ चौधरी के समर्थन में हो रहे इस रोड शो के दौरान बड़ी संख्या में बीजेपी कार्यकर्ता और आम लोग मौजूद रहे. इस दौरान सनी देओल की गदर फिल्म का डायलॉग ‘हिन्दुस्तान जिंदाबाद था, जिंदाबाद है, जिंदाबाद रहेगा’ लगातार सुनाई देता रहा.

नई दिल्ली: बीजेपी में शामिल होने के बाद एक्टर सनी देओल ने शनिवार को राजस्थान के बाड़मेर में अपना पहला रोड शो किया.बीजेपी प्रत्याशी भागीरथ चौधरी के समर्थन में हो रहे इस रोड शो के दौरान बड़ी संख्या में बीजेपी कार्यकर्ता और आम लोग मौजूद रहे.

इस रोड शो में सनी देओल की गदर फिल्म का डायलॉग ‘हिन्दुस्तान जिंदाबाद था, जिंदाबाद है, जिंदाबाद रहेगा’ लगातार सुनाई देता रहा. रोड शो के दौरान वहां मौजूद लोगों ने उन पर बनाई पेंटिंग और पगड़ी भेंट की.

आपको बता दें कि, मंगलवार को बॉलीवुड एक्टर सनी देओल ने 23 अप्रैल को बीजेपी की सदस्यता ली थी. सनी देओल पंजाब के गुरुदासपुर से बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ने जा रहे हैं. 29 अप्रैल को वो अपना नामांकन दाखिल करेंगे. पंजाब में बीजेपी का शिरोमणि अकाली दल के साथ गठबंधन है. बीजेपी राज्य के तीन सीटों से चुनाव लड़ने जा रही है, जिसमें अमृतसर, गरुदासपुर और होशियारपुर शामिल है. पहले इस सीट पर विनोद खन्ना की पत्नी कविता के नाम की चर्चा थी. उनके चुनाव लड़ने की घोषणा के बाद से कविता ने बीजेपी के इस निर्णय का विरोध किया है.

गुरुदासपुर से विनोद खन्ना रह चुके हैं एमपी 
बता दें, गुरुदासपुर से मशहूर एक्टर विनोद खन्ना सांसद रह चुके हैं. उनके निधन के बाद से यह सीट खाली है. खन्ना 1997 में बीजेपी में शामिल हुए थे. उन्होंने 1998 में गुरदासपुर से पहली बार चुनाव लड़ा था और जीत हासिल की थी. 1999 और 2004 के चुनावों में भी विनोद खन्ना को जीत हासिल हुई. लेकिन 2009 के लोकसभा चुनाव के दौरान उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा था.

बीजेपी में है पूरा देओल परिवार 
मशहूर एक्टर और सनी देओल के पिता धर्मेंद्र बीजेपी के टिकट पर 2004 में राजस्थान के बीकानेर से चुनाव जीत चुके हैं. इसके अलावा हेमा मालिनी भी मथुरा से बीजेपी की सांसद हैं. इस लोकसभा चुनाव में भी वह मथुरा से चुनावी मैदान में हैं.

क्या अक्षय कुमार को दिया प्रधानमंत्री मोदी का इंटरव्यू पेड न्यूज़ नहीं है?

0

अक्षय कुमार के साथ प्रधानमंत्री मोदी के ग़ैर-राजनीतिक इंटरव्यू की तैयारी ज़ी न्यूज़ की संपादकीय टीम ने कराई. ज़ी की टीम ने शूट और पोस्ट प्रोडक्शन यानी एडिटिंग की. यह सीधा-सीधा पॉलिटिकल प्रोपेगैंडा है. ज़ी न्यूज़ के तैयार कंटेंट को एएनआई से जारी करवाकर सारे चैनलों पर चलवाया गया. क्या इन चैनलों को नहीं बताना था कि यह कटेंट किसका है?

अक्षय कुमार ने प्रधानमंत्री का इंटरव्यू लिया. लेकिन इंटरव्यू के लिए कैमरा किसका था? तकनीकी सहयोग किसका था? क्या इंंटरव्यू के अंत में किसी प्रोडक्शन कंपनी का क्रेडिट रोल आपने देखा?

इन सवालों पर बात नहीं हो रही है. क्योंकि इन पर बात होगी तो जवाबदेही तय होगी. सोचिए ग़ैर राजनीति के नाम आप दर्शकों के भरोसे के साथ इतनी बड़ी राजनीति हो गई.

क्विंट वेबसाइट ने सूत्रों के आधार पर लिखा है कि अक्षय कुमार से प्रधानमंत्री मोदी के गैर-राजनीतिक इंटरव्यू की तैयारी ज़ी न्यूज़ की संपादकीय टीम ने कराई. ज़ी की टीम ने शूट किया और पोस्ट प्रोडक्शन किया यानी एडिटिंग की.

जब सामग्री तैयार हो गई तो न्यूज़ एजेंसी एएनआई ने जारी कर दिया, जिसे सारे चैनलों पर दिखाया गया. क्विंट की स्टोरी में ज़ी और एएनआई का पक्ष नहीं है.

यह सीधा-सीधा पॉलिटिकल प्रोपेगैंडा है. ज़ी न्यूज़ के तैयार कंटेंट को एएनआई से जारी करवाकर सारे चैनलों पर चलवाया गया. क्या सारे चैनलों को नहीं बताना था कि यह कटेंट किसका है? क्या एएनआई का है, जो इसे जारी कर रहा है?

अगर आप मीडिया के इतिहास से वाक़िफ़ हैं तो इन बातों से सतर्क हो जाना चाहिए. प्रधानमंत्री मोदी के घोर समर्थक हैं, तब तो आपको और भी सतर्क होना चाहिए.

क्या आप मोदी का सपोर्ट इसलिए करते हैं कि मीडिया आपकी आंखों में धूल झोंके. सपोर्ट आप करते हैं, मीडिया क्यों खेल करता है. इस देश में दूरदर्शन की काबिल टीम है. उसने क्यों नहीं शूट और एडिट किया? प्रधानमंत्री को सरकारी संस्थानों में भरोसा नहीं है?

वैसे एक पेशेवर के नाते बताना चाहूंगा कि अक्षय कुमार का बाल नरेंद्र का वीडियो वर्जन बहुत ही ख़राब शूट हुआ था. प्रधानमंत्री जहां बैठे हैं, उनके पीछे शीशे में टेक्निकल स्टाफ की छाया आ रही थी. बीच में कभी किसी का सिर, तो कभी किसी का हाथ आ जाता था.

इससे अच्छा तो दूरदर्शन के कैमरामैन शूट कर देते. कोई पूछने वाला नहीं है. विपक्ष में नैतिक बल नहीं है. डरपोक और कामचोर विपक्ष है. इस इंटरव्यू से संबंधित मूल सवाल उठने चाहिए थे.

क्या वाकई इसे ज़ी न्यूज़ की टीम ने शूट किया और इसकी एडिटिंग की? तो फिर यह ज़ी का प्रोग्राम हुआ. फिर यह बात क्यों नहीं ज़ाहिर की गई. क्या अंधेरे में रखकर सारे चैनलों को ज़ी न्यूज़ के बनाए कटेंट को दिखाने के लिए मजबूर किया गया?

क्या अब आगे भी सबको ज़ी न्यूज़ ही कटेंट सप्लाई करेगा? क्या यह इंटरव्यू पेड न्यूज़ के दायरे में नहीं आता है? ज़ी न्यूज़ के कई बिजनेस हैं. वह क्यों सारे चैनलों के लिए फ्री में कटेंट तैयार करेगा? क्या चुनाव बाद इसका लाभ मिलेगा

अक्षय कुमार अपनी टीम लेकर आते तो कोई बात नहीं थी. क्विंट की साइट पर ज़ी न्यूज़ की टीम की तस्वीर है. एक प्राइवेट चैनल के साथ मिलकर शूटिंग प्लान किया गया और एक दूसरी एजेंसी से सारे चैनलों के लिए जारी किया गया, मेरे हिसाब से यह अपराध है. नैतिक अपराध है.

भारत के प्रधानमंत्री को बताना चाहिए कि यह इंटरव्यू किसका था. ज़ी न्यूज़ का या एएनआई का. क्या सारे चैनलों ने एएनआई से पूछा कि इसे किसने शूट किया है? क्या ज़ी न्यूज़ प्रोपेगैंडा शूट कर, एडिट कर, सारे चैनलों को बांटेगा और सारे चैनल इसे चलाएंगे? क्या चैनलों में इतने भोले लोग काम करते हैं?

चुनाव आयोग स्वायत्त और निर्भीक संस्था की तरह काम नहीं कर रहा है. इस आयोग से उम्मीद बेकार है वरना पेड न्यूज़ का यह मामला बनता है. प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया और संपादकों का समूह चुप है. निंदा ही करता है. ब्रॉडकास्ट एसोसिएशन का संगठन (एनबीएसए) है, उससे शिकायत कीजिए. वहां भी कुछ नहीं होगा.

भारत की बड़ी समाचार एजेंसी एएनआई का थॉमसन रॉयटर्स से करार है. सेना के अलग-अलग अंगों से रिटायर हुए अफसरों ने रॉयटर्स को पत्र लिखा है. बताया है कि उनकी भारतीय सहयोगी एएनआई ने सेना के राजनीतिकरण के खिलाफ़ बोलने की उनकी मंशाको बदनाम करने का प्रयास किया है.

उन्होने लिखा है कि हम मानते हैं कि एएनआई ने भारत की सत्ताधारी पार्टी की तरफ से उनके बयानों को गलत संदर्भ में पेश किया है. एएनआई ने इन आरोपों को आधारहीन बताया है. 12 अप्रैल को 150 से अधिक सेना के अफसरों ने राष्ट्रपति को पत्र लिखा था. कहा था कि लोकसभा के चुनाव में सेना का राजनीतिकरण हो रहा है.

उस दिन एएनआई ने कहा कि इस पर हस्ताक्षर करने वाले दो पूर्व अफसर- पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल सुनीथ फ्रांसिस रोड्रिग्स और पूर्व वायु सेनाध्यक्ष एनसी सूरी ने दस्तख़त से इनकार किया है और कहा है कि उनकी सहमति नहीं ली गई. यह ख़बर हर जगह छपी और दिखाई गई.

थॉमसन रॉयटर्स से पूछा गया है कि वह अपने साझीदार के संपादकीय आचरणों का मूल्यांकन कैसे करेंगे. स्क्रॉल पर इस न्यूज़ को विस्तार से पढ़ सकते हैं.

मीडिया में जो हो रहा है उसे आप भाजपा समर्थक या विरोधी के नाते खारिज मत कीजिए. मीडिया मोदी को चुनाव जितवाने में ही मदद नहीं कर रहा बल्कि चुनाव के बाद आपकी हार का इंतज़ाम कर रहा है.

मीडिया और अपने राजनीतिक समर्थन को अलग रखिए. आपकी आंखों के सामने जो बर्बाद हो रहा है, उस चमन को आखिरी बार ठीक से देख लो यारों. यह इतना भी मुश्किल सवाल नहीं कि आप पूछ न सकें. आपका यह डर भारत की जनता की हार है.