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चुनाव 2019: शत्रुघ्न सिन्हा बोले, ‘यूं ही कोई बेवफा नहीं होता’

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लोकसभा चुनाव 2019 के बीच देश के सियासी गलियारों में तेज हलचल देखने को मिल रही है. आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला भी जारी है. ऐसे में इस लाइव ब्लॉग में आपको मिलेंगे देश की राजनीति से जुड़े पल-पल के हर अपडेट:

शत्रुघ्न सिन्हा बोले, जिन्ना-गांधी की पार्टी है कांग्रेस

शत्रुघ्न सिन्हा ने कांग्रेस पार्टी में शामिल होने का कारण बताते हुए मोहम्मद अली जिन्ना का भी जिक्र कर दिया. उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस महात्मा गांधी से लेकर, सरदार वल्लभ भाई पटेल, मोहम्मद अली जिन्ना, जवाहर लाल नेहरू, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी जैसे लोगों की पार्टी है. जिनका देश के विकास और तरक्की में बड़ा योगदान है.’ उन्होंने आगे कहा कि- ‘कुछ तो मजबूरियां रहीं होंगी नहीं तो यूं ही कोई बेवफा नहीं होता.’

यूपी में पीएम मोदी की तीन रैलियां

पीएम मोदी आज यूपी में तन रैलियां करेंगे. पीएम आज कन्नौज में एक चुनावी रैली को संबोधित करेंगे. इसके बाद पीएम मोदी की दूसरी रैली हरदोई में है. हरदोई के बाद पीएम मोदी सीतापुर में होंगे.

गुरदासपुर से सनी देओल करेंगे नामांकन

एक्टिंग से पॉलिटिक्स में आए सनी देओल आज गुरदासपुर से अपना नामांकन दाखिल करेंगे. सनी देओल ने हाल ही में बीजेपी ज्वाइन की है. जिसके बाद बीजेपी ने उन्हें गुरदासपुर से अपना उम्मीदवार बनाया.

क्या प्रधानमंत्री पहले से फ़िक्स इंटरव्यू दिया करते थे?

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आज तक के राहुल कँवल प्रधानमंत्री के इंटरव्यू का बेशक प्रचार करें। पी एम का इंटरव्यू बड़ी बात होती है तब भी प्रधानमंत्री हर दिन इंटरव्यू ही देते हैं और टीवी पर इस बहाने बने रहते हैं। दावा भी कर सकते हैं कि उनका इंटरव्यू अच्छा और अलग है।

लेकिन जब राहुल कँवल अपने प्रचार में यह लिख देते हैं कि- बिना कोई स्क्रिप्ट और बिना कोई बंदिश के तमाम सवालों पर प्रधानमंत्री ने जवाब दिए तो वे खुद ही अपने या बाकी चैनलों पर पहले हुए प्रधानमंत्री के इंटरव्यू को अवैध ठहरा देते हैं। अंग्रेज़ी में इसे delegitimise करना कहते हैं।

उनके इस ट्वीट से समझ बनती है कि प्रधानमंत्री अभी तक managed यानी पहले से निर्धारित सवालों के जवाब देते रहे हैं। हो सकता है राहुल कँवल अपने प्रतिद्वंदियों को यह संदेश भी दे रहे हों कि मैं तुम्हारी तरह प्रधानमंत्री का पालतू नहीं हूँ। मुझे नहीं पता कि राहुल ने पहले मोदी का इंटरव्यू किया है या नहीं। अगर किया होगा तब तो यह ट्वीट उनके ख़िलाफ़ भी है।

फिर राहुल कँवल को बताना चाहिए( कोई दबाव नहीं है) कि पहले के किस इंटरव्यू में स्क्रिप्ट तय थी और बंदिशें तमाम थी। ऐसा करेंगे तो हम लोग वापस यू ट्यूब में जाकर देख सकेंगे कि राहुल या अर्णब ने जो इंटरव्यू किया है वह WWE( ex WWF) की तरह फ़िक्स मैच था।

अपनी विश्वसनीयता हासिल करने की होड़ में राहुल ने प्रधानमंत्री मोदी पर बड़ा आरोप लगा दिया है। मैं प्रधानमंत्री होता तो इस ट्वीट को पढ़ कर शर्म आती। पर मैं तो हूँ नहीं और न हो सकता हूँ। राहुल को अपने प्रचार के साथ मोदी जी का दुष्प्रचार नहीं करना चाहिए।

पति-पत्नी ने मिलकर लड़े 22 चुनाव, सारे चुनाव हारे…

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ग्वालियर। 25 साल में 22 चुनाव लड़े पर एक में भी विजयश्री नहीं मिली। जब निराशा हुई तो पत्नी ने साथ दिया। दोनों ने मिलकर चुनाव लड़े लेकिन हार कभी नहीं मानी। वार्ड मेम्बरी से लेकर उपराष्ट्रपति, राष्ट्रपति तक के चुनावी मैदान में उतरे और अब तक यह सिलसिला निरंतर जारी रहा।

इस बार भी लोकसभा चुनाव में ताल ठोकी, लेकिन पार्टी से बी फार्म न मिलने के कारण उनका नामंकन निरस्त हो गया, जिस कारण इस बार वे चुनाव लड़ने से महरूम रह जाएंगे। यह चुनावी रणवांकुर हैं समाधिया कॉलोनी में चाय की दुकान चलाने वाले आनंद कुशवाह उर्फ नारायणी।

नई दुनिया की रिपोर्ट के अनुसारआनंद बताते हैं, वर्ष 1994 में पार्षदी का चुनाव 25 साल की उम्र में लड़ा था। जब चुनाव लड़ना नहीं चाहते थे, लेकिन पूर्व मंत्री नारायण सिंह कुशवाह पार्षदी का चुनाव लड़ रहे थे। उन्होंने मुझे किसी बात को लेकर भला-बुरा कहा। तब प्रतिज्ञा ली कि इन्हें चुनाव हराकर ही मानूंगा। मैंने उनके खिलाफ चुनाव लड़ा, लेकिन चुनाव नहीं हरा सका। इसके बाद जब भी नारायण सिंह चुनाव लड़े तो उनके खिलाफ मैं भी मैदान में उतरा।

25 साल बाद विधानसभा चुनाव 2018 में नारायण सिंह 121 मतों से पराजित हुए। इस चुनाव में मुझे अपने समाज के कुल 125 मत मिले थे। यही मत नारायण सिंह को हराने में कारगार साबित हुए।

कुशवाह का कहना है कि वर्ष 1999 में बीएसपी के टिकट पर नगर निगम में महापौर के लिए पत्नी गंगादेवी और स्वयं पार्षद के लिए चुनाव मैदान में उतरा था। हर चुनाव पति-पत्नी ने साथ-साथ लड़ा और प्रस्तावक से लेकर प्रचार-प्रसार भी एक-दूजे के लिए किया। नगर निगम, विधानसभा, लोकसभा, राज्यसभा, उपराष्ट्रपति और राष्ट्रपति के चुनावों में नामांकन फॉर्म भरा।

हालांकि राज्यसभा व राष्ट्रपति के चुनाव में प्रस्तावक न मिलने से फार्म निरस्त हो गया था। राज्यसभा के लिए 10 विधायक और राष्ट्रपति चुनाव में 50 सासंद प्रस्तावक होना चाहिए, जो मेरे पास नहीं थे। इस बार लोकसभा में बहुजन समाज पार्टी का बी फार्म नहीं मिलने से फार्म निरस्त हो गया।

IPS मंजीता के नाम से ही थर-थर कांपते हैं बदमाश

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आपने पुलिस अफसर को भेष बदलकर आपराधियों को पकड़ने के कई किस्से सुने होंगे। इसमें एक नाम है अहमदाबाद की डीवाईएसपी IPS मंजीता वंजारा का है। वह बुर्का पहनकर कई बार जुआरियों के अड्डे छापे मार चुकी है। आपको बता दें, इशरत जहां एनकाउंटर मामले में विवादित रहे डीजी वंजारा की भतीजी हैं।

आपको यह जानकर हैरानी हो सकती है कि मंजिता फैशन डिजाइनिंग जैसी ग्लैमरस फील्ड छोड़कर पुलिस में आई हैं। बॉलीवुड की किसी एक्शन थ्रिलर की तरह लेडी पुलिस अफसर का बुर्का पहन कर जुए के अड्डे पर छापा मारना। उनके साथ में सादी ड्रेस में बस एक सब इंस्पेक्टर और अड्डे पर 28 हार्डकोर जुआरी मौजूद।

ऐसे में पुलिस ऑफिसर के साथ कुछ भी होने का डर। हमला होने पर जान जाने का भी जोखिम। ये किसी फिल्म की कहानी नहीं बल्कि अहमदाबाद में हुए एक पुलिस रेड की हकीकत है। इस दिलेर पुलिस ऑफिसर ने इसे अंजाम दिया उनका नाम है IPS मंजिता वंजारा।

मंजिता की फैमिली के बहुत सारे लोग अच्छे पदों पर काम कर चुके हैं। वे एक संपन्न परिवार से आती हैं। इसके बावजूद उनके पैरेंट्स ने बचपन से ही उन्हें साधारण हालातों में पाला। मंजिता को किसी भी तरह की अतिरिक्त सुविधाएं नहीं दी गईं। उनके पास कभी कार नहीं रही। वे पढ़ाई पूरी होने तक पब्लिक ट्रांसपोर्ट का ही इस्तेमाल करती रहीं। उनके लाइफ स्टाइल के चलते उन्होंने आम आदमी के संघर्ष को न सिर्फ जाना, बल्कि महसूस भी किया।

पोस्ट ग्रेजुएशन के दौरान उन्हें ख्याल आया कि समाज से उन्हें हमेशा अच्छी चीजें ही मिली हैं। तब मंजिता गंभीरता से सोचने लगीं कि समाज से जो मिला, वह समाज को वापस लौटाने के लिए कौन सा तरीका सबसे अच्छा होगा। तब उन्हें लगा कि एक सिविल सर्वेंट यह काम सबसे अच्छी तरह कर सकता है। फिर उन्होंने पोस्ट ग्रेजुएशन के दौरान ही सिविल सर्विसेज एग्जाम की तैयारियां शुरू कर दीं।

रायपुर : विशेष लेख : भू-जल स्तर को ऊंचा उठाने वाटर हार्वेस्टिंग है सफल उपाय

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जल संकट देश ही नहीं बल्कि पूरे विश्व की एक गम्भीर समस्या है। विशेषज्ञों का मानना है कि वर्षा जल संरक्षण को विभिन्न उपायों के माध्यम से प्रोत्साहन देकर ही गिरते भू-जल स्तर को रोका जा सकता है। यही एक श्रेष्ठ एवं सफल विकल्प है।
इस जल प्रबन्धन के द्वारा शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा सकता है। इसकी कई विधियां हैं –
सीधे जमीन के अन्दर : इस विधि के अन्तर्गत वर्षा जल को एक गड्ढे के माध्यम से सीधे भू-जल भण्डार में उतार दिया जाता है।.
खाई बनाकर रिचार्जिंग: इस विधि से बड़े-बड़े संस्थानों के परिसरों में बाउन्ड्री वाल के साथ-साथ बड़ी-बड़ी नालियाँ (रिचार्ज ट्रेंच) बनाकर पानी को जमीन के भीतर उतारा जाता है। यह जल जमीन में नीचे चला जाता है और भू-जल स्तर में सन्तुलन बनाए रखने में मदद करता है।
कुओं में वर्षा जल को उतारना: वर्षा जल को मकानों के ऊपर की छतों से पाइप के द्वारा घर के या पास के किसी कुएँ में उतारा जाता है। इस विधि से न केवल कुऑं रिचार्ज होता है, बल्कि कुएँ से पानी जमीन के भीतर भी चला जाता है। यह जल जमीन के अन्दर के भू-जल स्तर को ऊपर उठाता है।
ट्यूबवेल में वर्षा जल को उतारना: भवनों की छत पर बरसात के जल को संचित करके एक पाइप के माध्यम से सीधे ट्यूबवेल में उतारा जाता है। इसमें छत से ट्यूबवेल को जोड़ने वाले पाइप के बीच फिल्टर लगाना आवश्यक हो जाता है।
वर्षा जल को टैंक में जमा करना : भू-जल भण्डार को रिचार्ज करने के अलावा वर्षा जल को टैंक में जमा करके अपनी रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा किया जा सकता है। एक हजार वर्ग फुट की छत वाले छोटे मकानों के लिये उपरोक्त तरीके काफी उपयुक्त है। इन विधियों से बरसात के जल का लम्बे समय तक उपयोग किया जा सकता है।
वर्षा काल में एक छोटी छत से लगभग एक लाख लीटर पानी जमीन के अन्दर उतारा जा सकता है। इसके लिये सबसे पहले जमीन में 3 से 5 फुट चौड़ा और 5 से 10 फुट गहरा गड्ढा बनाना होता है। छत से पानी एक पाइप के जरिए इस गड्ढे में उतारा जाता है। खुदाई के बाद इस गड्ढे में सबसे नीचे बड़े पत्थर (कंकड़), बीच में मध्यम आकार के पत्थर (रोड़ी) और सबसे ऊपर बारीक रेत या बजरी डाल दी जाती है। यह विधि जल को छानने (फिल्टर करने) की सबसे आसान विधि है। यह सिस्टम फिल्टर का काम करता है। इससे बरसात में बहकर बरर्बाद हो जाने वालों पानी से वही जमीन में डालने से समीप के भूगर्भ जल स्तर को ऊंचा करता है।

वर्षा जल संरक्षण ही एकमात्र विकल्प
भूगर्भ विशेषज्ञों का मानना है कि भू-जल के अंधाधुंध दोहन होने, उसके रिचार्ज न हो पाने से जमीन की नमी खत्म होती है और सूखापन आता है। भू-जल की कमी जमीन की सतह के तापमान बढ़ जाने का एक कारण भी बनता है।
ग्रामीण-शहरी, दोनों स्थानों में पानी का दोहन नियंत्रित होने तथा जल संरक्षण एवं भण्डारण की समुचित व्यवस्था होने पर भू-गर्भ जल संचित होता रहता है।

CM : भूपेश बघेल ने कहा, प्रज्ञा ठाकुर आदतन अपराधी

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जबलपुर संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस के उम्मीदवार विवेक तन्खा के समर्थन में प्रचार करने आए बघेल ने गुरुवार को संवाददाताओं से कहा, ‘प्रज्ञा ठाकुर जब वर्ष 2001-2002 के दौरान छत्तीसगढ़ में थी तो वहां चाकूबाजी किया करती थी। वह आदतन अपराधी है।’

मालेगांव में एक मस्जिद पर आतंकवादी हमले के आरोप में नौ साल जेल में रहीं प्रज्ञा ठाकुर संघ प्रचारक सुनील जोशी की हत्या के मामले में भी आरोपी हैं। वह ‘खराब स्वास्थ्य’ के आधार पर जमानत पर रिहा हुईं तो भाजपा ने उसे भोपाल से चुनाव का टिकट थमा दिया। स्वयं प्रधानमंत्री ने प्रज्ञा को उम्मीदवार बनाए जाने का बचाव किया है।

प्रज्ञा मालेगांव विस्फोट मामले में उन पर सख्ती बरतने वाले पुलिस अधिकारी हेमंत करकरे के बारे में बयान देकर विवाद में घिर गई हैं। मुंबई में 26/11 के हमले में आतंकवादियों से लड़ते हुए शहीद हुए हेमंत करकरे के बारे में उन्होंने कहा कि करकरे को उनका शाप लगा। बयान की चौतरफा निंदा और पार्टी के दबाव पर उन्होंने हलांकि अपना बयान वापस ले लिया है।

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान तथा तेलंगाना में हुए सेमीफाइनल मैच (विधानसभा चुनाव) में भाजपा को पराजय का सामना करना पड़ा। अपनी निश्चित पराजय को देखकर मोदी अब इंटरव्यू का सहारा ले रहे हैं, ये इंटरव्यू पूरी तरह से प्रायोजित हैं। उनके इंटरव्यू पर चुनाव आयोग को संज्ञान लेना चाहिए।

बघेल ने कहा कि प्रधानमंत्री के पास जनता के सवालों का जबाव नहीं है। उनसे कोई सवाल पूछे यह भी उन्हें पसंद नहीं है। इसलिए उन्होंने पिछले पांच साल तक कोई पत्रकारवार्ता नहीं की। उन्होंने प्रधानमंत्री व अक्षय कुमार के इंटरव्यू को ‘पेड न्यूज’ करार देते हुए कहा कि इस संबंध में चुनाव आयोग को संज्ञान लेकर कार्रवाई करनी चाहिए।

उन्होंने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि वे लोगों के हाथों में झाड़ू पकड़ाकर खुद विदेश यात्रा करते हैं। पांच साल का वह हिसाब नहीं दे पा रहे हैं, इसलिए अपने काम पर नहीं, सेना के नाम पर वोट मांग रहे हैं।

6 हजार रुपए प्रतिमाह मिलते ही देश से बेरोजगारी खत्म हो जाएगी…

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25 अप्रैल को अजमेर संसदीय क्षेत्र के मसूदा विधानसभा क्षेत्र के बांदनवाड़ा में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने एक चुनावी सभा को संबोधित किया। राहुल ने अपने ही अंदाज में कहा कि नरेन्द्र मोदी तो बड़े चालू हैं और देश के लोगों से झूठे वायदे करते हैं। जबकि मैं सच बात बोलता हूं। अब लोगों को फैसला करना है कि वे झूठ के साथ है या फिर सच के।

राहुल ने कहा कि मैं बेरोजगारी और गरीबी को दूर करने के लिए न्याय योजना लाया हूं। प्रतिमाह जब गरीब व्यक्त के खाते में छह हजार रुपए की राशि आएगी तो वह बाजार जाकर मोबाइल फोन, कपड़े, जूते आदि खरीदेगा इसके साथ ही बाजार में पैसा आएगा और बंद कारखाने फिर से चलने लगेंगे। राहुल ने कहा कि नोटबंदी और जीएसटी के बाद बाजार से पैसा गायब हो गया और हमारे उद्योग धंधे बंद हो गए। ऐसे में बेरोजगार बढ़ी, लेकिन मैं छह हजार रुपए की राशि से देश की कायापलट कर दूंगा।

मुझे से बार बार यह पूछा जाता है कि न्याय योजना के लिए 3 लाख 60 हजार करोड़ रुपए की राशि प्रतिवर्ष कहां से आएगी। इस सवाल पर मेरा कहना है कि मैं विजय माल्या, नीरव मोदी, अनिल अंबानी, मेहूल चौकसी जैसे उद्योगपतियों के कर्जे माफ नहीं करुंगा। मैं ऐसे उद्योगपतियों से पैसा वसूल कर गरीबों को बांटूगा। राहुल ने आसमान में हाथ का इशारा करते हुए कहा कि भले ही आसमान फट जाए, लेकिन मैं गरीब के खाते में प्रतिवर्ष 72 हजार रुपए की राशि डालकर रहूंगा, यह राशि महिला के बैंक अकाउंट में डाली जाएगी। मेरे इस निर्णय से पुरुष नाराज हो सकते हैं, लेकिन यह आपके घर परिवार का मामला है।

मोदी ने 15 लाख देने का वायदा किया था, लेकिन मैं सही मायने में प्रतिवर्ष 72 हजार रुपए की राशि गरीबों को दे दूंगा। दीपावली के पटाखे की तरह घोषणा करते हुए राहुल ने कहा कि लोकसभा चुनाव के बाद जब देश में कांग्रेस की सरकार बनेगी तो किसी भी उद्यमी को अपने कारोबार को चलाने के लिए तीन वर्ष तक किसी भी सरकारी दफ्तर से अनुमति नहीं लेनी होगी। तीन वर्ष बाद जब वह अपने पैरों पर खड़ा हो जाएगा और तीस चालीस लोगों को रोजगार दे रहा होगा तब उसे नियमानुसार अनुमतियां लेनी होगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार बनने पर किसी भी किसान को कर्जा न चुकाने पर जेल में नहीं डाला जाएगा। यह वायदा मैं देशभर के किसानों से कर रहा हूं। किसान के लिए अलग से बजट होगा। मैं किसान के मुद्दे पर दूध का दूध और पानी का पानी करना चाहता हूं।

पायलट और गहलोत का संबोधन
चुनावी सभा में सीएम अशोक गहलोत और डिप्टी सीएम सचिन पायलट का भी संबोधन हुआ। कार्यक्रम का संचालन चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा ने किया। मसूदा के विधायक राकेश पारीक ने राहुल गांधी का स्वागत किया। सभा के मंच पर किशनगढ़ के विधायक सुरेश टाक, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव महेन्द्र सिंह रलावता, हेमंत भाटी, पूर्व मंत्री बीना काक, रामनारायण गुर्जर, विजय जैन, भूपेन्द्र सिंह राठौड़ आदि उपस्थित रहे।

सभा में कांग्रेस के प्रत्याशी रिजु झुनझुनवाला ने कहा कि सांसद बनने के दो वर्ष के अंदर अंदर अजमेर की पेयजल की समस्या का समाधान कर दूंगा। उन्होंने कहा कि जिले भर में औद्योगिक क्रांति भी लाई जाएगी।

इतनी भीषण गर्मी कि धूप में पापड़ सेंक रहे बच्चे

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खरगोन। मध्य भारत के मालवा-निमाड़ क्षेत्र में लगातार तापमान बढ़ रहा है। अप्रैल के इस अंतिम सप्ताह में भीषण गर्मी इतनी बढ़ गई है कि पारा 46 डिग्री तक पहुंच चुका है और लोगों को झुलसा रहा है। गुरुवार को मध्यप्रदेश के खरगोन में पारा अधिकतम 46 डिग्री तक पहुंच गया। मौसम विभाग ने बताया है कि फिलहाल गर्मी से राहत नहीं मिलेगी। खरगोन में भीषण गर्मी का यह हाल है कि बच्चे घर की छत पर धूप में पापड़ सेक रहे हैं। गुरुवार को शहर में 46.2 और शुक्रवार को 45.2 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज किया गया। कई इलाकों में लू भी चल रही है। शुक्रवार को भी गर्मी ने अपने तेवर तीखे दिखाए। मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक राजस्थान और गुजरात भीषण गर्मी की चपेट में हैं। इंदौर संभाग के जिलों में अगले दो-तीन दिनों तक लू चलने की संभावना भी जताई गई है।

बिहार में लालू के अपमान का मिलेगा करारा जवाब : राहुल गांधी

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समस्तीपुर। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने समस्तीपुर में प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी पर जमकर निशाना साधा। राहुल गांधी ने कहा कि केंद्र सरकार जिस तरीके से बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार का अपमान कर रही है, उन्हें चोट पहुंचा रही है, उसे बिहार की जनता कभी भूलेगी नहीं। बिहार की जनता इसका जवाब देगी और बखूबी देगी। समस्तीपुर में महागठबंधन की संयुक्त रैली में राहुल गांधी ने नरेंद्र मोदी पर वादों को पूरा नहीं करने का आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी सरकार बनते ही सभी वादे पूरे कर दिए जाएंगे। राहुल ने कहा कि पीएम मोदी ने 15 लाख रुपए देने का वादा किया था, लेकिन एक रुपया नहीं मिला। उन्होंने 2 करोड़ रोजगार का वादा किया लेकिन आज देश में बेरोजगारी सबसे अधिक है। राहुल ने वादा किया कि जैसे ही हमारी सरकार बनेगी हम अपनी ‘न्याय’ योजना से जादू कर देंगे। हर गरीब परिवार के खाते में हर महीने सीधे 6 हजार रुपए हम भेजेंगे। साल के 72 हजार रुपए आपके खाते में हम जरूर डाल देंगे। भगोड़े उद्योगपतियों का हवाला देते हुए राहुल गांधी ने पीएम मोदी को घेरते हुए कहा कि नीरव मोदी, मेहुल चौकसी, विजय माल्या अरबों लूटकर भाग जाते हैं। वे आराम से विदेश में घूम रहे हैं। चौकीदार को आपकी फिक्र नहीं है। उन्हें सिर्फ उन्हीं अमीर 15 लोगों के लिए काम करना है। यकीन मानिए ये जो भगौड़े उद्योगपति हैं, उनकी जेब से पैसे निकालकर हम आपके बैंक अकाउंट में डालेंगे।

मछुआरे दूर रहें समुद्र से, दो दिन बाद लेगा खतरनाक रूप

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चेन्नई। देश में इन दिनों मौसम के अलग-अलग रंग नजर आ रहे हैं। दक्षिण भारत में जहां बारिश की फुहार नजर आ रही है वहीं दूसरी तरफ बंगाल की खाड़ी में बन रहे कम दबाव के क्षेत्र की वजह से चक्रवात फनी को लेकर अलर्ट भी जारी कर दिया गया है। बंगाल की खाड़ी के साथ ही हिंद महासागर के पूर्वी भूमध्यवर्ती इलाके में कम दबाव का क्षेत्र बना है। मौसम विभाग का कहना है कि चक्रवाती तूफान तेजी से केरल की तरफ बढ़ रहा है। अभी उसकी गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की है, जिसके 30 अप्रैल तक बढ़कर 90-100 किलोमीटर प्रति घंटे होने की संभावना है। विभाग के मुताबिक 29 अप्रैल के बाद समुद्र खतरनाक रूप ले सकता है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार चक्रवाती तूफान के कारण तमिलनाडु में 30 अप्रैल से बारिश होगी। अगले 48 घंटे में हिंद महासागर के भूमध्य रेखीय इलाके व उससे जुड़ी बंगाल की खाड़ी के क्षेत्रों में बना कम दबाव का क्षेत्र तीव्र होकर दबाव क्षेत्र और चक्रवाती तूफान में तब्दील हो जाएगा। तूफान उत्तरी तमिलनाडु तट से गुजर कर उत्तर-पश्चिमी दिशा में श्रीलंका की ओर बढ़ जाएगा। विभाग का कहना है कि इसके प्रभाव से 30 अप्रैल व 1 मई को तमिलनाडु के अधिकांश हिस्सों में बारिश होगी और कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने चक्रवाती तूफान फनी को लेकर शुक्रवार को केरल में रेड अलर्ट जारी किया है। हिंद महासागर और उससे सटे बंगाल की खाड़ी में कम दबाव क्षेत्र से बने फनी चक्रवात से केरल के तटवर्ती इलाकों में भीषण तूफान के साथ बारिश की संभावना जताई गई है। मछुआरों से समुद्र से दूर रहने को कहा गया है। तमिलनाडु और पुडुचेरी के तटवर्ती क्षेत्रों में भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के मुताबिक बंगाल की खाड़ी के सुदूर पूर्वी इलाके में कम दबाव क्षेत्र के चलते उठे चक्रवाती तूफान के कुछ दिनों में दक्षिण भारत के तटवर्ती इलाकों से टकराने की संभावना है। इसको देखते हुए विभाग ने 28 अप्रैल को तटवर्ती तमिलनाडु, पुडुचेरी और केरल में कहीं हल्की तो कहीं सामान्य बारिश की संभावना जताई है। इन इलाकों में 30 अप्रैल और एक मई को भारी और अत्यंत भारी बारिश की भविष्यवाणी भी की है। केरल में फिलहाल मौसम सामान्य है। धूप खिल रही है और समुद्र भी शांत बना हुआ है। लेकिन मौसम विभाग और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा अलर्ट जारी किए जाने के बाद राज्य के सबसे बड़े मछुआरों के इलाके वलियातुरा में डर और दहशत का माहौल है। यहां लगभग तीन हजार मछुआरे रहते हैं।