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अमेरिका को भारी नुकसान पहुंचा रहा दिल्ली का ये बाजार, भारत से की शिकायत

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अमेरिका ने दिल्ली के टैंक रोड को जाली सामान बेचने वाला दुनिया का सबसे कुख्यात बाजार करार दिया है. अमेरिका ने भारत से कहा है कि वह इस बाजार के बारे में कार्रवाई के लिए समुचित कदम उठाए. अमेरिका की कुख्यात बाजारों की सूची में 33 ऑनलाइन और 25 ऑफलाइन बाजारों की पहचान की गई है. ये बाजार कथित रूप से कॉपीराइट और ट्रेडमार्क का उल्लंघन कर उत्पादों की बिक्री कर रहे हैं.

दूसरे बाजारों को भी जा रही जाली सामान की खेप 
अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) की कुख्यात बाजारों की 2018 की सूची में भी टैंक रोड शामिल था. अंशधारकों ने इस बात की पुष्टि की कि यह बाजार अभी भी जाली सामान की बिक्री कर रहा है. इनमें परिधान और जूते-चप्पल आदि शामिल हैं. रिपोर्ट में कहा गया है कि टैंक रोड के थोक कारोबारी जाली सामानों की आपूर्ति अन्य भारतीय बाजारों मसलन गफ्फार मार्केट और अजमल खान रोड को भी करते हैं.

पिछले कुछ सालों में कारोबार को काफी फैलाया
रिपोर्ट कहती है कि ये थोक कारोबारी बिना किसी डर के कारोबार करते हैं और उन्होंने पिछले कुछ साल के दौरान अपने कारोबार को काफी फैला लिया है. अमेरिका का कहना है कि इस तरह की गतिविधियों से अमेरिकी अर्थव्यवस्था को नुकसान हो रहा है और इससे विदेशी बाजारों में अमेरिकी बौद्धिक संपदा धारकों के अधिकारों को चोट पहुंच रही है. रिपोर्ट में कहा गया है कि वैश्विक स्तर पर करीब ढाई प्रतिशत या 500 अरब डॉलर के उत्पाद जाली होते हैं.

आखिर हो ही गया हिन्द महासागर से प्लास्टिक के गायब होने का खुलासा

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जयपुर। दुनिया के महासागरों में से एक हिन्द महासागर जहां पर दुनिया का सबसे ज्याद प्लास्टिक अवशेष पाया जाता है। पर यह अवशेष कहां जाता है यह बस एक रहस्य बना रहा है। हाल ही में ‘वेस्टर्न आॅस्ट्रेलिया’ विश्वविद्यालय (यूडब्ल्यूए) के शोधकर्ताओं के द्वारा एक शोध किया गया

जिसमें प्लास्टिक के अवशेष को मापन व उसे ट्रैक करने के लिए कि आख्रिर यह कहां जाता है पर एक संक्षिप्त अध्ययन किया गया।इस शोध के माध्यम से उनकों ज्ञात हुआ कि दक्षिण हिन्द महासागर का प्लास्टिक बहकर पश्चिम में जहां अटलांटिक महासागर है कि ओर बहकर चला जाता है।

यूडब्ल्यूए की एक छात्रा मिरिजाम वैन डेर म​हीन ने शोध के पश्चात् यह दावा किया है कि एशियाई मानसून प्रणाली के कारण दक्षिण महासागर में दक्षिण-पूर्व की ओर चलने वाली हवाएं प्रशांत व अटलांटिक महासागर की तुलना में काफी तेज चल रही है।

जिसके कारण ये हवाएं प्लास्टिक के अवशेष को पश्चिम की ओर धकेल देती है। यूडब्ल्यूए कि ही एक अन्य छात्रा पैट्टीराची ने बताया कि अभी तक ऐसी कोई तकनीक विकसित नहीं हुई है जिससे दूरदराज की प्लास्टिक अवशेष का पता लगाया जा सके,इसके लिए उन्हें परोक्ष तरिकों को अपनाना होगा।

पैट्टीराची ने यह भी अनुमान लगाया है कि हर वर्ष लगभग 1.5 करोड़ टन प्लास्टिक के अवशेष नदियों के माध्यम से समुद्र में आता है। जो कि वर्ष 2025 तक बढ़कर दोगुना होने की संभावना है।

वाराणसी से पीएम मोदी ने किया नामांकन, महिला प्रस्तावक के छुए पैर

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वाराणसी के रण में एक बार फिर जीत हासिल करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज अपना नामांकन दाखिल कर दिया। पीएम मोदी के नामांकन के दौरान जनता दल (यूनाइटेड) के अध्यक्ष नीतीश कुमार, शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे, अकाली दल के अध्यक्ष प्रकाश सिंह बादल समेत अन्य सहयोगी दलों के नेता भी साथ रहे। गुरुवार को प्रधानमंत्री ने रोड शो कर अपनी ताकत का एहसास कराया था। उन्होने इस दौराने अपने प्रस्तावक बनी महिला के पैर भी छुए।

आईएएस एसोसिएशन ने चुनाव आयोग को खत लिखकर विरोध दर्ज कराया

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भोपाल। आईएएस एसोसिएशन ने पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के बयान की निंदा की है। एसोसिएशन ने चुनाव आयोग को खत लिखकर अपना विरोध दर्ज कराया है। आईएएस एसोसिएशन ने चुनाव आयोग से मामले पर संज्ञान लेने की मांग की है। छिंदवाड़ा में सभा के दौरान शिवराज ने कलेक्टर के लिए किया था पिट्ठू शब्द का इस्तेमाल किया था।

आईएएस एसोसिएशन ने चुनाव आयोग को खत लिखकर विरोध दर्ज कराया

भाजपा ने किया दिखावटी विकास : दिग्विजय

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भोपाल। मध्यप्रदेश के भोपाल से कांग्रेस के लोकसभा प्रत्याशी दिग्विजय सिंह ने भारतीय जनता पार्टी पर भोपाल में दिखावटी विकास करने का आरोप लगाया है। सिंह ने आज सुबह अपने ट्वीट में कहा कि भाजपा सरकार ने भोपाल के विकास के दावे किए, मगर बिना नियोजन और आधेअधूरे काम ने शहर को ‘दिखावटी विकास’ ही दिया। अधूरी नर्मदा जल प्रदाय योजना और बीआरटीएस का फ्लॉप क्रियान्वयन इसका उदाहरण है।

उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने शहर के हर घर तक नर्मदा का पानी पहुंचाने का वादा किया था, लेकिन 2007 से शुरू काम अब तक पूरा नहीं हो पाया। 1000 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च हुए, लेकिन नगर निगम के 19 जोन में से 11 में नर्मदा का पानी नहीं पहुंचा। भाजपा ने ‘दिखावटी विकास’ किया है। सिंह ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने जनता की तकलीफ दूर करने की जगह सायकिल ट्रैक और स्मार्ट रोड जैसी ‘सजावट’ में करोड़ों रुपए फूंक दिए। ये दिखावटी विकास कितना असरकारी रहा है।

छत्तीसगढ़ : सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीश सतीश कुमार अग्निहोत्री करेंगे, भीमा मंडावी मामले की जांच

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रायपुर। सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीश सतीश कुमार अग्निहोत्री ने दंतेवाडा विधायक स्वर्गीय भीमा मंडावी की मौत की जांच करने के लिए गठित समिति के अध्यक्ष के रूप में कार्य करने पर सहमति दे दी है। सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीश अग्निहोत्री ने इस संबंध में आज राज्य शासन को अपनी सहमति प्रेषित की है। उल्लेखनीय है कि दंतेवाड़ा जिले के श्यामगिरी क्षेत्र में 9 अप्रैल 2019 को नक्सली घटना में विधायक भीमा मंडावी के वाहन को बारूदी सुरंग से उड़ा दिया था। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इसके उपरांत इस घटना की न्यायिक जांच कराने की घोषणा की थी।

बिलासपुर : अपहृत विराट घर लौटा, पुलिस को मिली सफलता

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बिलासपुर। छत्तीसगढ़ की बिलासपुर पुलिस को शुक्रवार को उस समय बड़ी सफलता मिली जब उसने पांच दिन पूर्व अपहृत बालक विराट का पता लगाया और उसे सुरक्षित घर पहुंचाया।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि बिलासपुर पुलिस की विशेष टीम ने सुबह करीब पांच बजे जरहाभाठा इलाके में फुटहा कालेज के पास मिनी बस्ती में एक घर से विराट को बरामद किया। इसके बाद पुलिस टीम विराट को उसके घर लेकर गयी।

सूत्रों के मुताबिक अपहरण की इस घटना में पांच से अधिक लोग शामिल है। पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस अधीक्षक अभिषेक मीणा ने बताया कि विराट को सुरक्षित बरामद कर लिया गया है और वह अब अपने घर पर है। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही विस्तृत ब्यौरा दिया जाएगा। प्रेस कांफ्रेंस की प्रतीक्षा करें। पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी जाएगी।

उल्लेखनीय है कि गत शनिवार की शाम को बिलासपुर में भाजपा कार्यालय के समीप एक वैगन. आर कार में सवार कुछ लोगों ने विराट का अपहरण कर लिया था।

छत्तीसगढ़ : स्वेच्छानुदान और संपत्ति मामले में पूर्व गृहमंत्री राम सेवक पैकरा के खिलाफ होगी जांच

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अंबिकापुर : राज्य सरकार ने पूर्व गृहमंत्री राम सेवक पैकरा के खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं। उनके खिलाफ स्वेच्छानुदान में गड़बड़ी और आय से अधिक संपत्ति की शिकायत है। सामान्य प्रशासन विभाग ने सूरजपुर कलेक्टर को आदेश जारी कर 15 दिनों के भीतर जांच कर प्रतिवेदन भेजने कहा है।

इधर, गृह सचिव को भी आय से अधिक संपत्ति के मामले में कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। जानकारी के मुताबिक अधिवक्ता और आरटीआई कार्यकर्ता डीके सोनी ने पैकरा के खिलाफ 2016 में स्वेच्छानुदान और संपत्ति मामले में पूर्व गृहमंत्री के खिलाफ जांच का आदेश में गड़बड़ी और आय से अधिक संपत्ति की शिकायत करते हुए जांच की मांग की थी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर की।

न्यायालय ने हाल ही में पैकरा के विरुद्ध शिकायत की जांच कराने का आदेश दिया था। इस मामले में शिवकुमार सिंह अवर सचिव छत्तीसगढ़ शासन ने सूरजपुर कलेक्टर को पत्र लिखकर स्वेच्छा अनुदान स्वीकृति से संबंधित बिंदुओं की जांच कराकर पखवाड़े भर में जांच प्रतिवेदन विभाग को उपलब्ध कराने के लिए कहा है। वहीं सचिव गृह विभाग को आय से अधिक संपत्ति सहित अन्य मामले में कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

पूर्व सीएम रमन सिंह के दामाद डॉ. पुनीत गुप्ता DKS घोटाला मामले में बयान दर्ज करा सकते हैं

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पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के दामाद डॉ. पुनीत गुप्ता को शुक्रवार को गोल बाजार थाने में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए है. गोला बाजार पुलिस ने नोटिस देकर शुक्रवार सुबह 11 बजे तक पुनीत गुप्ता को थाने में पेश होने के निर्देश दिए हैं. डीकेएस अस्पताल में 50 करोड़ रुपए के फर्जीवाड़ा में अस्पताल अधीक्षक के के सहारे की ओर से डॉ. पुनीत गुप्ता के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. इसके बाद कई बार पुनीत गुप्ता को बयान दर्ज कराने और पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया जा चुका है लेकिन अब तक वे गोल बाजार पुलिस के सामने पेश नहीं हुए है और न ही अपना बयान दर्ज कराया है.

मालूम हो कि गुरूवार को ही डीकेएस अस्पताल में अनियमितता और गड़बड़ी मामले में आरोपी बनाए गए डॉ. पुनीत गुप्ता की अग्रिम जमानत याचिका हाईकोर्ट ने स्वीकार कर ली है. डॉ. पुनीत गुप्ता ने हाईकोर्ट में जमानत के लिए याचिका दायर की थी. जिसपर दोनों पक्षों में बहस के बाद कोर्ट ने ये फैसला सुनाया है.
बता दें, डॉ. पुनीत गुप्ता के खिलाफ लगभग 50 करोड़ रुपये के फर्जीवाड़े को लेकर एफआईआर दर्ज हुई है. ये एफआईआर डीकेएस अस्पताल के अधीक्षक केके सहारे की शिकायत पर रायपुर के गोलबाजार पुलिस थाने में दर्ज हुई थी. डीकेएस अस्पताल में मशीन खरीदी और भर्ती में अनियमितता की शिकायत के बाद तीन सदस्यीय एक कमेटी ने मामले की जांच की थी. इसमे डीकेएस अस्पताल के तत्कालीन अधीक्षक डॉ. पुनीत गुप्ता के खिलाफ लगभग 50 करोड़ रुपये के फर्जीवाड़े की बात सामने आई थी.

निर्भया के माता-पिता आखिर क्यों नहीं देना चाहते इस बार चुनाव में वोट!

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दिल्ली में लोकसभा चुनाव के लिए प्रचार के जोर पकड़ने के साथ ही नेता मतदाताओं से अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं. इसी से उलट दिल्ली में साल 2012 में सामूहिक बलात्कार का शिकार हुई छात्रा की माता आशा देवी और पिता बद्रीनाथ सिंह का कहना है कि शायद वे इस बार वोट न दें. सिंह दंपती का कहना है कि वे पार्टियों द्वारा उनसे किए गए न्याय के वादों से थक चुके हैं और इनके बारे में कुछ नहीं किया जा रहा है.

गौरतलब है कि 16 दिसंबर, 2012 की रात को सामूहिक दुष्कर्म का शिकार हुई पराचिकित्सक छात्रा की इस घटना के 11 दिनों बाद सिंगापुर के एक अस्पताल में मौत हो गई थी. छात्रा को बाद में ‘निर्भया’ के रूप में जाना जाने लगा. निर्भया के माता-पिता ने कहा कि पार्टियों द्वारा जताई गई सहानुभूति और उनके वादे केवल एक ‘राजनीतिक नौटंकी’ है क्योंकि दोषी अभी तक जीवित हैं. दंपती ने आरोप लगाया कि दिल्ली की सड़कें शहर की महिलाओं और बच्चों के लिए असुरक्षित बनी हुई हैं.

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारों ने महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए. उन्होंने कहा, सीसीटीवी कैमरे अभी तक नहीं लगाए गए. देश अभी तक असुरक्षित बना हुआ है, माताएं अपनी बेटियों के घर लौटने तक चिंतित रहती हैं. आशा देवी ने कहा, ‘लोगों का व्यवस्था पर कोई भरोसा नहीं है. मुझे इस बार किसी भी पार्टी के लिए मतदान करने का मन नहीं है.’उन्होंने कहा कि उनकी बेटी से दुष्कर्म और उसकी हत्या हुए सात वर्ष हो चुके हैं लेकिन मौत की सजा का फैसला लागू होना बाकी है.

निर्भया के पिता ने कहा, ‘कुछ भी नहीं बदला. इस बार मुझे भी अपना वोट डालने जाने का मन नहीं है. व्यवस्था में मेरा विश्वास डगमगाया है.’ उन्होंने कहा कि सभी पार्टियां महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण की बात करती हैं लेकिन उनके पास इसके लिए कोई रोड मैप नहीं है. उन्होंने कहा कि 2013 के बजट में केन्द्र सरकार द्वारा घोषित एक कोष निर्भया निधि का ‘समुचित ढंग से इस्तेमाल’ नहीं किया गया है. निर्भया के साथ बलात्कार और हत्या के दोषी छह लोगों को सितंबर 2013 में मौत की सजा सुनाई गई थी. इसे 2014 में दिल्ली उच्च न्यायालय ने बरकरार रखा था. आरोपियों में से एक आरोपी राम सिंह ने जेल में आत्महत्या कर ली थी और एक अन्य आरोपी जो किशोर था उसे एक सुधार गृह में अधिकतम तीन वर्ष की सजा दी गई थी.