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J&K: एलओसी के पास तक पहुंचे पाकिस्तान के फाइटर जेट, हाई अलर्ट पर भारतीय वायुसेना

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भारतीय सेना द्वारा पाकिस्तान के बालाकोट में एय़र स्ट्राइक किए जाने के बाद पाकिस्तान की वायुसेना लगातार भारत की सीमा में घुसपैठ की कोशिश कर रही है। सरकार के सूत्रों ने बताया कि, बीती रातइंडियन एयर डिफेंस रडार्स ने पुंछ सेक्टर में एलओसी से 10 किमी की दूरी पर दो पाकिस्तानी जेट विमान घूमते हुए पकड़ा है। पाकिस्तान की इस नापाक हरकत के बाद सभी भारतीय वायु रक्षा और रडार सिस्टम हाई अलर्ट पर हैं।

जम्मू के पुंछ सेक्टर में एलओसी पर मंगलवार रात पाकिस्तान के दो लड़ाकू विमान देखे गए थे। कल रात को इस क्षेत्र से जोरदार धमाके की आवाज सुनाई पड़ी थी। सूत्रों ने बताया कि ये तेज आवाजें सोनिक बूम की थी। पाकिस्तान के इन दोनों लड़ाकू विमानों को भारतीय रडार सिस्टम ने भी पकड़ा। पाकिस्तानी वायुसेना की इस हिमाकत के बाद भारतीय वायुसेना और रडार सिस्टम को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है।

भीम आर्मी के नेता से मिलने मेरठ अस्पताल पहुंचीं प्रियंका गांधी, चंद्रशेखर बोले- पीएम के खिलाफ लड़ूंगा चुनाव

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कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी और ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर से मेरठ के अस्पताल में मुलाकात की हैं। खबरों के मुताबिक, चंद्रशेखर से मिलने के दौरान प्रियंका गांधी ने कहा कि ने इन्होंने जो संघर्ष किया वह काबिले तारीफ है। इस संघर्ष को देखने के बाद ही मैं मिलने के लिए आई हूं।” उन्होंने बीजेपी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा, “यह सरकार इतनी अंहकारी बन गई है कि एक नौजवान को कुचलना चाहती है। सरकार ने रोजगार तो दिया नहीं अब आवाज उठाने वालों को कुचलने का काम कर रही है।” खबरों के मुताबिक, दोनों नेता मेरठ में चंद्रशेखर से मुलाकात के लिए एक निजी अस्पताल पहुंचे हुए थे जहां उनका इलाज किया जा रहा है।

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इस दौरान चंद्रेशखर के साथ मौजूद उनके राष्ट्रीय महासचिव कमल सिंह ने बताया कि प्रियंका गांधी निश्चित तौर पर वो एक सुलझी हुई राजनेता है। हम उनका सम्मान करते हैं। हमारी लड़ाई का किसी राजनीतिक पार्टी से नहीं है लेकिन मोदी और योगी सरकार हमें कुचलना चाहती है।

भीम आर्मी के पश्चिमी उत्तर प्रदेश प्रभारी कुवंर देवेन्द्र सिंह ने प्रियंका गांधी से मुलाकात पर खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि प्रियंका गांधी का चंद्रशेखर से मिलने आना यह बताता है कि वो एक परिपक्व नेता है। उन्होंने चंद्रशेखर के प्रयासों को सराहा जिसके लिए भीम आर्मी उनकी आभारी है।

मेरठ के अस्पताल में अपने रिश्तेदार से मिलने पहुंचे मुजफ्फरनगर के वकील असद जमा ने बताया कि जैसे ही प्रियंका गांधी वहां पहुंचीं तो मरीजों के परिजनों में उनसे मिलने की होड़ मच गई। उन्होंने बताया कि प्रियंका गांधी ने किसी को निराश नहीं किया और सभी से मुलाकात की। असद जमा के मुताबिक उन्होंने भी प्रियंका गांधी से बात की और प्रियंका गांधी ने बेहद सहजता के साथ उनसे उनका नाम पूछा।

इस मुलाकात से पहले चन्द्रशेखर ने कहा है कि वह लोकसभा चुनाव में पीएम मोदी के खिलाफ चुनाव मैदान में उतरेंगे। उन्होंने आगे कहा कि पहले तो अपने संगठन से कोई मजबूत उम्मीदवार उतारेंगे और अगर उम्मीदवार नहीं मिला तो वह स्वयं मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ेंगे।

उन्होंने बुधवार को यहां जारी एक वीडियो में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए कहा कि कल (मंगलवार) देवबंद में उनकी पदयात्रा उन्हीं के इशारे पर रोकी गई थी। उन्होंने कहा, “हमारे पास पदयात्रा की अनुमति थी। लेकिन प्रशासन और सरकार इस बात को लेकर झूठ फैला रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा, “15 मार्च को दिल्ली में बहुजन हुंकार रैली होगी। इसमें बड़ी संख्या में लोग भाग लेंगे। चाहे जो इसे रोकने का प्रयास करे, अब यह रुकेगा नहीं।”

चंद्रशेखर ने कहा, “समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव को अभी प्रमोशन में आरक्षण के मुद्दे पर अपना रुख साफ करना होगा। समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह अपने बयान से लोगों में भ्रम पैदा कर रहे हैं।”

गौरतलब है कि भीम आर्मी के समर्थक सोमवार को सहारनपुर से मुजफ्फरनगर के लिए रवाना हुए थे। बताया जा रहा है कि भीम आर्मी की रैली को 15 मार्च तक दिल्ली पहुंचना था। इसलिए भीम आर्मी के समर्थक हाथों में संगठन के नीले झंडे और तिरंगे लेकर जुलूस निकालते हुए जा रहे थे, तभी उत्तर प्रदेश पुलिस ने उन्हें रोक दिया। पुलिस ने रोकते हुए कहा कि जुलूस से आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन हो रहा था, जबकि भीम आर्मी के सदस्यों ने कहा कि उन्होंने प्रशासन से इसकी अनुमति मांगी थी। जिसके बाद चन्द्रशेखर को पुलिस ने देवबंद में आचार संहिता उल्लंघन के आरोप में हिरासत में ले लिया गया था। बाद में उनकी तबीयत खराब होने पर मेरठ के अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

छत्तीसगढ़ : स्वच्छता के रास्ते पर चलकर पाया रोजगार, अब संवार रहे जिंदगी

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मिशन क्लीन सिटी से केवल शहर ही नहीं संवर रहा बल्कि महिलाओं की जिन्दगी भी संवर रही है। दो साल से महासमुंद नगर पालिका क्षेत्र में मिशन क्लीन सिटी का काम जारी है। यहां 94 से अधिक महिलाओं को रोजगार मिला है। महिलाएं हर सुबह अपने निर्धारित गणवेश नीली साड़ी में घर से निकलती हैं। रिक्शा पकड़ती हैं और मोहल्ले में घर घर संपर्क कर कचरा लाती हैं।

कचरा मणिकंचन केंद्र में एकत्र होता है। यहां यही महिलाएं गिला और सूखा कचरा की छटाई करती हैं। फिर गीले कचरे का उपयोग खाद बनाने में करती हैं। महिलाओं की मेहनत से केंद्र में सरसों, लहसुन, टमाटर, कुम्हड़ा, मेथी की फसल लहलहा रही है।

साथ ही जैविक खाद की बिक्री भी हो रही है। लोग अपने घर गमलों में पौधों के लिए 5 स्र्पये प्रति किलो की दर से जैविक खाद की घर पहुंच सेवा का लाभ ले रहे हैं। इससे शहर साफ हो रहा है, महिलाओं को रोजगार मिल रहा है और जीवन स्तर संवर रहा है।

केंद्र प्रभारी रमा महानन्द बताती हैं कि 94 महिलाएं इस कार्य में जुड़ी हैं। प्रत्येक को 5 हजार रूपये मासिक वेतन मिलता है। केंद्र में उगाई जा रही फसल फिलहाल व्यावसायिक स्तर पर बेचने लायक नही हुआ है। बावजूद जैविक खाद से निर्मित होने के कारण कुछ लोग यहां तक सब्जी खरीदने पहुँचते हैं।

पति के गुजरने के बाद अब मिली आर्थिक स्थिरता

जमुना यादव बतातीं हैं कि 9 साल पहले पति गुजर गए। बाद तीन बधाों की परवरिश के लिए उन्हें रेजा मजदूरी करनी पड़ी। मजदूरी पर्याप्त नहीं थी, आर्थिक अस्थिरता थी, जीवन कठिन दौर से गुजरा। अब दो साल से जमुना सफाई मित्र है। 5 हजार फिक्स वेतन है। परिवार का गुजर बसर बेहतर हो रहा है। जिंदगी की गाड़ी बेहतर चल रही है। आर्थिक स्थिरता है।

जिला समाचार धमतरी : मुद्रक एवं प्रकाशकों की बैठक 14 मार्च को : लोकसभा निर्वाचन 2019

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भारत निर्वाचन आयोग द्वारा 10 मार्च को लोकसभा निर्वाचन 2019 की घोषणा करने के साथ ही आदर्श आचार संहिता लागू हो गया है। लोकसभा निर्वाचन 2019 के दौरान पॉम्पलेट, पोस्टर एवं समाचार आदि का मुद्रण एवं प्रकाशन के संबंध में मुद्रकों एवं प्रकाशकों की बैठक 14 मार्च को आहूत की गई है। दोपहर 12 बजे से कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित इस बैठक में कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री रजत बंसल ने सभी संबंधितों को अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं।

छत्तीसगढ़ : आग्नेय अस्त्र-शस्त्र सात दिवस के भीतर नजदीकी पुलिस थाना में जमा कराने के निर्देश : लोकसभा निर्वाचन 2019

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लोकसभा निर्वाचन 2019 के तहत् जिले में आगामी 18 अप्रैल को मतदान एवं 23 मई को मतगणना होनी है। कलेक्टर तथा जिला दण्डाधिकारी एवं अनुज्ञापन अधिकारी श्री रजत बंसल ने आयुध अधिनियम 1959 की धारा 17 (3) के उप क्लाज (बी), धारा-21 के तहत् धमतरी सीमाक्षेत्र के भीतर रहने वाले सभी शस्त्र लायसेंसियों को आदेशित किए हैं कि वे अपने-अपने आग्नेय अस्त्र-शस्त्र नजदीकी पुलिस थाना में सात दिनों के अंदर जमा कराएं। इसके अलावा लायसेंसी अपने शस्त्र, शस्त्र डीलर, जिनके पास शस्त्र जमा करने अनुज्ञप्ति है, वहां भी जमा कर सकते हैं। जो व्यक्ति शस्त्र डीलर के पास शस्त्र जमा करते हैं, उसकी सूचना भी संबंधित थाने में प्रदान करेंगे।
यह आदेश जिले में निवासरत् सभी लायसेंसी तथा बाहर के जिले से आए लायसेंसी पर भी लागू होगा। सभी लायसेंसी आचार संहिता समाप्त होने के बाद अपने शस़्त्र वापस प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने 12 मार्च से निर्वाचन प्रक्रिया समाप्ति तक के लिए धमतरी जिला सीमाक्षेत्र के भीतर रहने वाले शस्त्र लायसेंसियों के शस्त्र लायसेंस निलंबित किए हैं। इसके लिए गठित जिला कमेटी द्वारा लिए गए निर्णय के अनुसार इस आदेश से सभी मान्यता प्राप्त बैंकों के सुरक्षा गार्ड, वित्तीय संस्थाओं के सुरक्षा गार्ड, संवैधानिक पदों पर आसीन व्यक्ति, राष्ट्रीय रायफल संघ, जिला रायफल संघ, इस जिले के औद्योगिक संस्थानों, शैक्षणिक संस्थानों एवं महत्वपूर्ण शासकीय संस्थानों के सुरक्षा के लिए तैनात सुरक्षा गार्ड मुक्त रहेंगे। ऐसे अनुज्ञप्तिधारी व्यक्ति, जिनके पास सुरक्षा के लिहाज से शस्त्र होना अति आवश्यक है, अनुज्ञप्तिधारी के आवेदन पर कमेटी द्वारा विचार उपरांत इस आदेश से मुक्त रखने अथवा नहीं रखने के संबंध में निर्णय लिया जाएगा। जिला कमेटी को दिए जाने वाले आवेदन कलेक्टोरेट के कक्ष क्रमांक-23 में स्थित लायसेंस शाखा में दिया जा सकेगा।
बताया गया है कि सभी अनुज्ञप्तिधारी, जिन्हें इस आदेश  से मुक्त रखा गया है, को भी अपने अस्त्र-शस्त्र की सूचना संबंधित थाने में तत्काल देनी होगी तथा अपने अस्त्र बिना थाना प्रभारी की अनुमति के अपने परिसर की सीमाक्षेत्र से बाहर नहीं ले जा सकेंगे। साथ ही संबंधित थाना प्रभारी एवं शस्त्र डीलर को निर्देशित किया गया है कि इस तरह जमा किए जाने वाले शस्त्र का उचित रूप से पंजी बनाकर उसमें जमा किए जाने वाले शस्त्रों का इंद्राज करेंगे और शस्त्र जमा करने वालों को इस संबंध में पावती देंगे। जमा कराए गए श़स्त्रों को समुचित रूप से अपने अभिरक्षा में सुरक्षित रखेंगे एवं निर्वाचन प्रक्रिया की समाप्ति के बाद एक सप्ताह के अंदर संबंधित अनुज्ञप्तिधारियों को शस्त्र लौटाना सुनिश्चित् करेंगे। ज्ञात हो कि जिले में निष्पक्ष तथा शांतिपूर्ण तरीके से लोकसभा चुनाव सुनिश्चित् करने, लोक शांति एवं आम व्यक्ति की सुरक्षा हेतु सीमित अवधि के लिए धमतरी जिला सीमाक्षेत्र में आग्नेय अस्त्र लायसेंसियों से जमा करने कहा गया है, ताकि चुनाव प्रक्रिया के दौरान भय एवं आतंक का वातावरण नहीं हो सके तथा इन अस्त्रों को दुरूपयोग होने से रोका जा सके।

छत्तीसगढ़ : वोटर हेल्पलाइन स्थापित : लोकसभा निर्वाचन 2019

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भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार प्रत्येक जिले में वोटर हेल्पलाइन स्थापित किए जाने की स्वीकृति दी गई है। प्रत्येक डीसीसी मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय में स्थापित एससीसी के अधीन तथा उसके अनुषांगी अंग के रूप में कार्य करेगा। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा वोटर हेल्पलाइन के लिए चिन्हांकित यूनिवर्सल नंबर 1950 राज्य में एससीसी के साथ जिले हेतु स्वीकृत किए गए कॉल सेंटर के लिए पोर्ट किया जाएगा। सभी डीसीसी, एससीसी के प्रत्यक्ष समन्वय एवं अनुश्रवण में अनुषांगी विकेन्द्रीकृत विस्तार सूचना केन्द्र साथ-साथ वोटर हेल्पलाइन के रूप में कार्य करेंगे एवं समय-समय पर प्रतिवेदन प्रस्तुत करेंगे। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।

छत्तीसगढ़ में आचार संहिता के कारण रायपुर के इन बड़े प्रोजेक्ट्स पर लगा ब्रेक

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छत्तीसगढ़ में लोकसभा चुनाव की आचार संहिता के चलते राजधानी के तीन बड़े प्रोजेक्ट्स पर ग्रहण लग गया है. ऑक्सीजोन, एक्सप्रेस-वे और स्काई वॉक का काम रूक गया है और अब मई में आचार संहिता हटने के बाद ही इन सभी प्रोजेक्ट्स का कुछ हो पाएगा.

प्रोजेक्ट 1

ऑक्सीजोन- रायपुर के कलेक्ट्रेट परिसर में करीब 18 एकड़ में बने ऑक्सीजोन का काम लगभग पूरा हो चुका है. शहर के बीच में पेड़-पौधों के साथ लोगों के लिए ओपन एयर जिम, चिल्ड्रन पार्क और जॉगिंग ट्रैक बनाया गया है लेकिन काम पूरा होने के बावजूद पूरा ऑक्सीजोन सूना है. विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी सरकार ने ऑक्सीजोन का लोकर्पण किए बगैर इसका नामकरण अटल स्मृति वन के नाम से कर दिया था. शायद इसलिए कांग्रेस सरकार ने लोकसभा से पहले इसके लोकार्पण पर ध्यान ही नहीं दिया.

प्रोजेक्ट 2

 

प्रोजेक्ट 3

स्काई वॉक- राजधानी का ये अब तक का सबसे विवादित प्रोजेक्ट रहा है. कई तरह के विरोध के बावजूद पिछली बीजेपी सरकार द्वारा इसका निर्माण कराया जा रहा था. प्रदेश में सरकार बदलने के बाद कांग्रेस ने इस पर नज़र टेढ़ी कर दी है. स्काई वॉक को तोड़ने और इसकी जगह फ्लाईओवर बनाने जैसी भी मांगे उठीं लेकिन कोई फैसला नहीं हो पाया और अब करीब 70 फीसदी काम पूरा होने के बाद भूपेश सरकार ने इस पर रोक लगा दी. लेकिन आचार संहिता के चलते अब इस प्रोजेक्ट पर भी कोई अंतिम फैसला नहीं हो पाएगा.

इन तमाम प्रोजेक्ट्स को लेकर कलेक्टर बसवराजू का कहना है कि आचार संहिता के दौरान नये काम नहीं हो सकेंगे भले ही ये प्रोजेक्ट्स पूर्व के स्वीकृत है. लेकिन इनसे कुछ विवाद भी जुड़े हुए हैं ऐसे में आचार संहिता के बाद ही इन पर कोई फैसला होगा.

विधानसभा चुनाव से पहले इन प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू हुआ था और निर्माण के डेड लाइन भी तय की गयी थी. लेकिन तय समय पर काम पूरा नहीं होने के चलते परेशानी जनता को ही होगी. क्योंकि ये सारे प्रोजेक्ट्स राजनीति की भेंट चढ़ते नज़र आ रहे है.

छत्तीसगढ़ : कोरबा सीट पर देखने को मिल सकता है त्रिकोणीय मुकाबला

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छत्तीसगढ़ के कोरबा लोकसभा सीट पर सामान्य और पिछ़ड़े वर्ग के प्रत्याशियों का दबदबा रहा है. परिसीमन के बाद बनी इस सीट में पिछले दोनों चुनाव में पिछड़ा वर्ग के प्रत्याशी ने जीत हासिल की है. पहली बार कांग्रेस के डॉ. चरणदास महंत और दूसरी बार भाजपा के डॉ. बंशीलाल महतो सांसद बने. डॉ.चरण दास महंत वर्तमान में विधानसभा अध्यक्ष हैं. ऐसे में उनकी जगह इस सीट से उनकी पत्नी ज्योत्सना महंत को उतारे जाने की संभावना बनी हुई है. भाजपा में दावेदारों की लंबी कतार लगी हुई है.

सामान्य सीट होने के नाते कोरबा लोकसभा सीट को सियासी दांव पेंच के लिए मुख्य माना जाता है. कोरबा सीट बनने के बाद हो रहे तीसरे लोकसभा चुनाव में यहां पहली बार त्रिकोणीय मुकाबले की स्थिति बन रही है. कांग्रेस उम्मीदवार के तौर पर राज्य विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत की पत्नी ज्योत्सना महंत का नाम सबसे आगे है. कोरबा और कोरिया के कांग्रेस संगठन नेताओं ने उन्हीं के नाम को रखा है. इधर भाजपा में सांसद डॉ.बंशीलाल महतो पहले तो चुनाव न लड़ने का ऐलान कर चुके थे, मगर अब कहते हैं कि पार्टी जो निर्णय ले स्वीकार्य है.

भाजपा में दावेदारों की लंबी सूची है, वहीं जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ से पार्टी सुप्रीमो अजीत जोगी या उनके बेटे अमित जोगी के चुनाव लड़ने की चर्चा है. साल 2009 में नई सीट बनने के बाद कोरबा के पहले सांसद डॉ. चरणदास महंत बने थे. उन्होंने भाजपा की करुणा शुक्ला को हराया था. करुणा शुक्ला अब खुद कांग्रेस में हैं, तब छत्तीसगढ़ से जीतने वाले महंत कांग्रेस के अकेले सांसद थे. 2014 के चुनाव में उन्हें डॉ. बंशीलाल महतो ने लगभग साढ़े चार हजार वोटों से हराया था.

मोदी लहर के बीच लोकसभा में इतने कम वोटों से कांग्रेस की हार बताती है कि यह सीट कांग्रेस प्रभाव वाली है. डॉ. चरण दास महंत ने अपने पिछले कोरबा प्रवास के दौरान साफ-साफ यह नहीं कहा कि उनकी पत्नी चुनाव नहीं लड़ेंगी. जकांछ से पार्टी सुप्रीमो अजीत जोगी के चुनाव लड़ने की चर्चा है. 2014 के लोकसभा चुनाव के पहले हुए विधानसभा चुनाव में कोरबा जिले की चार में से 1, कोरिया जिले की 3 में से 3 सीट भाजपा ने जीती थी. बिलासपुर जिले की मरवाही सीट जोगी के पास थी. वहीं कोरबा, रामपुर व पाली-तानाखार कांग्रेस के पास.

 

ये हो सकते हैं प्रत्याशी
राज्य विधानसभा अध्यक्ष बनने के बाद कांग्रेस नेता चरण दास महंत कोरबा लोकसभा क्षेत्र के सभी विधानसभा क्षेत्रों में दौरा कर चुके हैं. वैसे ज्योत्सना महंत के स्थान पर वरिष्ठ आदिवासी नेता बोधराम कंवर के नाम की भी अटकलें भी चल रही हैं. मगर वे स्वयं विधानसभा चुनाव के पहले ऐलान कर चुके हैं कि वे अब कोई भी चुनाव नहीं लड़ेंगे. भाजपा से जिला सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष देवेन्द्र पाण्डेय, पूर्व महापौर जोगेश लांबा, संघ से जुड़े केके चंद्रा, अशोक मोदी, जिला भाजपाध्यक्ष अशोक चावलानी, मनेंद्रगढ़ के पूर्व विधायक दीपक पटेल टिकट को लेकर गुणा-भाग में लगे हैं.

लोकसभा में बनेंगे पार्टी का चेहरा, बीजेपी में इस खास रिकॉर्ड के लिए जाने जाते हैं डॉ. रमन सिंह

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भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के लिए सबसे सफल नेता निश्चित तौर पर वर्तमान प्रधामंत्री नरेंद्र मोदी हैं. साल 2014 के लोकसभा चुनाव में पहली बार बीजेपी ने पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई. इसके लिए पार्टी पूरा श्रेय पीएम मोदी को देती है. बीजेपी की राजनीतिक सफलता के रिकॉर्ड मोदी के कार्यकाल में ही बने. लेकिन, क्या आप बता सकते हैं कि बीजेपी का ऐसा कौन सा कीर्तिमान है जो मोदी के नाम नहीं. यह उपलब्धि एक ऐसे नेता के नाम पर दर्ज है जो राष्ट्रीय फलक से लंबे समय तक लगभग गायब थे. वो नेता हैं छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ.रमन सिंह के नाम. डॉ. रमन सिंह बीजेपी के इतिहास में सबसे लंबे कार्यकाल वाले मुख्यमंत्री थे.

डॉ. रमन सिंह के बाद जिन बीजेपी मुख्यमंत्रियों के कार्यकाल सबसे लंबे रहे हैं, उनमें मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शामिल हैं. नरेन्द्र मोदी 2001 से 2014 में प्रधानमंत्री बनने तक गुजरात के सीएम रहे. पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश के शिवराज सिंह चौहान 2005 से 17 दिसंबर 2018 तक मुख्यमंत्री थे. अब लोकसभा चुनाव 2019 का शंखनाद हो चुका है. ऐसे में कायस लगाए जा रहे हैं कि पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह छत्तीसगढ़ में भाजपा का चेहरा बन सकते हैं. ये भी कहा जा रहा है कि डॉ. रमन सिंह को लोकसभा चुनाव भी पार्टी लड़ा सकती है. जानते हैं डॉ. रमन सिंह के राजनीतिक कॅरियर के बारे में.

पीएम नरेन्द्र मोदी के साथ डॉ. रमन सिंह. फाइल फोटो.

डॉ. रमन सिंह की राजनीतिक सफलता के बारे में कहा जाता है कि एक फोन कॉल ने उनकी किस्मत बदल दी. साल 2000 में अटल की सरकार में डॉ. रमन केंद्रीय राज्यमंत्री थे. छत्तीसगढ़ निर्माण के बाद 2003 में पहला विधानसभा चुनाव होना था. तीन सालों में अजीत जोगी के नेतृत्व में कांग्रेस और मजबूत हुई, लेकिन बीजेपी में बिखराव की स्थिति थी. बता दें कि ऐसे में तत्कालीन बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष वेंकैया नायडू ने दो वरिष्ठ सांसदों रमेश बैस और दिलीप सिंह जूदेव से प्रदेश बीजेपी की कमान देनी चाहिए, लेकिन वे तैयार नहीं हुए. इसके बाद नायडू ने फोन कर डॉ. रमन से बात की और उन्हें जिम्मेदारी दी. फिर साल 2003 के चुनाव में बीजेपी को 90 में से 50 सीटों पर जीत मिली और डॉ. रमन सिंह छत्तीसगढ़ के पहले निर्वाचित मुख्यमंत्री बने.

डॉ. रमन सिंह का जन्म छत्तीसगढ़ के वर्तमान कबीरधाम (कवर्धा) ज़िले के ग्राम ठाठापुर (अब रामपुर) में एक कृषक परिवार में 15 अक्टूबर, 1952 को हुआ था. 1975 में आयुर्वेदिक मेडिसिन में बी.ए.एम.एस. की उपाधि प्राप्त की. रमन सिंह के परिवार में पत्नी वीना सिंह और दो बच्चे हैं. रमन सिंह ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत भारतीय जनसंघ के युवा सदस्य के तौर पर की थी. रमन सिंह 1990 और 1993 में मध्य प्रदेश विधानसभा के सदस्य रहे. उसके बाद सन् 1999 में वे लोकसभा के सदस्य चुने गए.

1999 के चुनाव में बढ़ा राजनीतिक कद
साल 1999 में हुए राजनंदगांव, छत्तीसगढ़ से लोकसभा चुनावों में जीत मिलने के बाद उनके राजनीतिक करियर को एक नया आयाम मिल गया. तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने उन्हें अपनी सरकार में वाणिज्य और उद्योग राज्यमंत्री बनाया. 2003 में जब छत्तीसगढ़ राज्य का पहला चुनाव होना निश्चित हुआ, तो भारतीय जनता पार्टी में ऐसे व्यक्ति की तलाश हुई, जो चुनावों से पूर्व के निर्णायक महीनों में पार्टी संगठन को गतिशील कर सके.

संगठन क्षमता और सबको साथ लेकर चलने की दक्षता से संपन्न डॉ. रमन सिंह को यह दायित्व सौंपा गया. पहली बार बीजेपी को छत्तीसगढ़ के विधानसभा चुनावों में बड़ी सफलता मिली. एक दिसम्बर 2003 को छत्तीसगढ़ के इतिहास में भाजपा के विजय दिवस के रूप में दर्ज किया गया. डॉ. रमन सिंह छत्तीसगढ़ के प्रथम निर्वाचित मुख्यमंत्री बने. जिसके बाद से वे 15 साल तक इस पद पर काबिज रहे. विधानसभा चुनाव 2018 में करारी हार के बाद भी भाजपा ने डॉ. रमन पर ही भरोसा जताया और उन्हें पार्टी का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बना दिया.

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का सम्मान करेगी ब्रिटिश संसद

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ब्रिटिश संसद प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का सम्मान करेगी। भूपेश बघेल को 19 मई को सम्मानित किया जाएगा। बता दें कि बस्तर में टाटा संयंत्र लगाने अधिग्रहित स्थानीय आदिवासियों की जमीन लौटाने मामले में यूरोप की मीडिया की सराहना मिलने के बाद ब्रिटिश संसद हाउस ऑफ  कॉमंस एवं हाउस ऑफ लॉड्र्स ने सीएम भूपेश बघेल को सम्मानित करने का फैसला किया है। भूपेश बघेल इंग्लैंड के दोनों सदनों को संबोधित भी करेंगे। दोनों को आमंत्रित करते हुए इस फैसले के साथ नरवा, गुरवा, घुरवा और बारी के कांसेप्ट को अमलीजामा पहनाने का बकायदा प्रशस्ति पत्र भी भेजा गया है। इस फैसले को मुख्यमंत्री ने स्वीकार कर लिया है।