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Lok Sabha Election 2019 : पीएम मोदी ने लिखा बेहद खास ब्लॉग, राहुल-अखिलेश से की ऐसी अपील

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्लॉग लिखकर अपील की है कि लोग बढ़-चढ़ कर लोकतंत्र के सबसे बड़े आयोजन में हिस्सा लें और अपने मताधिकार का प्रयोग करें। साथ ही उन्होंने ट्वीट कर विभिन्न क्षेत्रों की नामी हस्तियों से लोगों को मतदान के लिए प्रेरित करने की अपील भी की है। मोदी ने बुधवार सुबह एक के बाद एक ट्वीट कर राहुल गांधी, अखिलेश यादव को भी इसमें टैग किया।

पढ़िए पीएम मोदी का पूरा ब्लॉग –

लोकसभा चुनाव 2019 के पहले चरण के मतदान में अब महीने भर से भी कम समय है।

मतदान हमारे महत्वपूर्ण कर्तव्यों में से एक है।

हमारा वोट देश की विकास यात्रा में हमारी भागीदारी का संकल्प है। मताधिकार का प्रयोग कर हम देश के सपनों और आकांक्षाओं को पूरा करने में अपना योगदान देते हैं।

आइए, एक ऐसा वातावरण बनाते हैं, जहां वोटर कार्ड पाना और वोट देना गर्व की बात हो, सब लोग इसको लेकर उत्साहित हों। विशेषकर पहली बार वोट डालने वालों के लिए तो यह लोकतंत्र का उत्सव ही बन जाए।

माहौल ऐसा बने कि वोट नहीं कर पाने पर व्यक्ति को पश्चाताप हो। फिर कभी देश में कुछ भी गलत दिखे तो व्यक्ति अपने आप को उसके लिए जिम्मेदार माने और सोचे कि यदि मैं उस दिन वोट करने गया होता तो ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति पैदा नहीं होती और देश मुसीबत नहीं झेलता।

हमें अपने जीवन में ऐसा पछतावा न करना पड़े, इसके लिए वोट अवश्य दें।

आज मैं आप लोगों से चार अनुरोध करना चाहता हूं –

(1) आज ही रजिस्टर करें :

वोटर कार्ड होना हर एक के लिए गर्व का विषय हो।

अगर आपने अपने आपको वोटर के रूप में रजिस्टर नहीं किया है तो जल्द से जल्द इस कार्य को पूरा करें।

आप www.nvsp.in वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन भी आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा अपने पोलिंग स्टेशन के BLOs यानि बूथ लेवल ऑफिसर से या फिर मतदाता पंजीकरण कार्यालय में जाकर भी रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं।

2019 का चुनाव बहुत ही खास है, क्योंकि 21वीं सदी में जन्म लेने वाले युवाओं को वोट करने का अवसर प्राप्त होगा। मुझे विश्वास है कि जिन युवाओं को वोट देने का अधिकार है और अब तक खुद को रजिस्टर नहीं कर पाए हैं, वे जल्द से जल्द ऐसा करेंगे और हमारे महान लोकतंत्र को और मजबूत करेंगे।

(2) अपने नाम की जांच मतदाता सूची में अच्छे से कर लें

समय रहते एक बार फिर से मतदाता सूची को देखें और ये जांच लें कि उसमें आपका नाम दर्ज है या नहीं।

आप अपने राज्य के इलेक्शन कमीशन की वेबसाइट पर जाकर भी मतदाता सूची में अपने नाम की जांच कर सकते हैं।

अगर आपका नाम मतदाता सूची में नहीं है तो संबंधित कर्मचारी को इसके बारे में बताएं। अगर आपने अपना घर बदला है तो ये सुनिश्चित करें कि जहां आप रहने गए हैं, वहां की मतदाता सूची में आपका नाम हो।

आपके क्षेत्र में जिस चरण में मतदान होना है, उसके लिए नामांकन दाखिल करने के अंतिम दिन तक मतदाता सूची में सुधार का काम जारी रहता है, लेकिन अंतिम तारीख तक इंतजार नहीं करें और आज ही अपना नाम जुड़वा लें।

(3) अपने कार्यक्रम सोच समझ कर तय करें

चुनाव की तारीखों की घोषणा हो चुकी है। आने वाले दिनों की योजना इस तरह बनाएं कि आप मतदान के दिन उपलब्ध हों। अगर आपने गर्मी की छुट्टी में बाहर जाने की योजना बनाई है तो मतदान से पहले या फिर बाद में जाएं।

अगर आपके वोट डालने की जगह और आपके काम करने की जगह अलग-अलग है तो वोट डालने के लिए आप जा पाएं, यह अभी से सुनिश्चित करें। आपका एक वोट राष्ट्र का भविष्य तय करेगा, इसलिए जरूरत पड़े तो वोट डालने के लिए छुट्टी भी लें।

(4) दूसरों को भी प्रेरित करें

आप अपने परिवार के सदस्यों और साथियों को भी मतदान के लिए प्रेरित करें।

जरूरत पड़े तो मतदान के दिन वोट देने के लिए उन्हें साथ लेकर जाएं।

अधिक से अधिक मतदान का मतलब है, एक मजबूत लोकतंत्र और एक मजबूत लोकतंत्र से ही विकसित भारत बनेगा।

हमने देश में पिछले कुछ चुनावों में रिकॉर्ड मतदान देखा है।

लोकतंत्र की इस महान परंपरा को और मजबूती देने के लिए मैं सभी देशवासियों से अनुरोध करता हूं कि वे 2019 के लोकसभा चुनाव में रिकॉर्ड संख्या में मतदान करें।

मैं अलग-अलग क्षेत्रों के प्रभावशाली लोगों, राजनीति, उद्योग, खेल और फिल्म जगत के लोगों से कहना चाहूंगा कि वे मतदाताओं को जागरूक करने के लिए आगे आएं। हम सब लोग मिलकर यह दिखा दें कि इस बार अभूतपूर्व मतदान होगा और इस बार का मतदान देश के चुनावी इतिहास के पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ देगा।

महिला की संदिग्ध हालत में मौत, नदी किनारे मिला शव

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ठाकुरद्वारा। महिला की संदिग्ध हालत में मौत हो गई। उसका शव नदी किनारे पड़ा मिला। पुलिस ने पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

कोतवाली के ग्राम ताराबाद निवासी किसान डालचंद सिंहकी पत्नी ओमवती सोमवार को सुबह घर से निकली थी। इसके बाद वापस नहीं लौटी। उसका शव जनपद बिजनौर की सीमा स्थित गांव जयनगर के जंगल में फीका नदी किनारे पड़ा मिला।

अफजलगढ़ पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर ग्रामीणों से शिनाख्त कराने का प्रयास किया, लेकिन शिनाख्त नहीं हो पाई। पुलिस ने अज्ञात में शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मंगलवार को ओमवती के देवर धर्मवीर सिंह ने थाना अफजलगढ़ पहुंचकर मृतक की पहचान अपनी भाभी ओमवती के रूप में की। उपनिरीक्षक गंगाराम के अनुसार धर्मवीर ने बताया कि ओमवती मानसिक रूप से परेशान रहती है। इसी तनाव में वह घर से निकल गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत की वजह साफ हो सकेगी।

तमिलनाडु के पोल्लाची के पास नहर में गिरी कार, एक ही परिवार के 6 लोगों की मौत

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तमिलनाडु के कोयम्बटूर में पोल्लाची के पास मंगलवार रात करीब 1:30 बजे एक कार के परम्बीकुलम-आलियार प्रोजेक्ट नहर में गिर जाने से एक ही परिवार के 6 सदस्यों की मौत हो गई है। शवों को पोल्लाची के सरकारी अस्पताल में रखा गया है।

छत्तीसगढ़ : सरकार ने नेशनल हेरॉल्ड को दिया 50 लाख का विज्ञापन

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रायपुर। कांग्रेस से सम्बद्ध अखबार नेशनल हेरॉल्ड को आचार संहिता लगने के बाद छत्तीसगढ़ सरकार की तरफ से 50 लाख का विज्ञापन दिया गया है। यह शिकायत जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जकांछ) के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से की है। इस पर कांग्रेस ने कहा है कि भाजपा के सहयोगी दल (जकांछ) की शिकायत पूर्णत: आधारहीन और दुर्भावनापूर्ण है।

जोगी ने शिकायत में लिखा है कि आचार संहिता का कांग्रेस की प्रदेश सरकार खुल्ला उल्लंघन कर रही है। ऐसा लग रहा है कि प्रदेश में भारतीय संविधान लागू नहीं है। व्यक्ति विशेष की हुकूमत चल रही है। प्रदेश सरकार ने अपनी पार्टी से सम्बद्ध उस अखबार को लाखों का विज्ञापन दिया है, जिसका न तो छत्तीसगढ़ में कोई वर्चस्व है और न ही कोई कार्यालय है।

ऐसा केवल अपने राजनीतिक दल को जनता के पैसे से फायदा पहुंचाने के उद्देश्य से किया गया है। अमित ने जांच कर तत्काल उचित कार्रवाई करने की अपील की है। इस मामले पर कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि नेशनल हेरॉल्ड को आचार संहिता लगने से पहले दिए गए विज्ञापन की शिकायत की गई है।

पूर्ववर्ती रमन सरकार में लगातार जनसंपर्क विभाग में गड़बड़ी और घोटाले हुए, तब जकांछ ने मौन समर्थन दिया। तिवारी ने कहा है कि शिकायतकर्ता के पिता जब मुख्यमंत्री थे, उस वक्त 14 मई 2002 को नेशनल हेरॉल्ड को पांच लाख का विज्ञापन जारी किया था। इसके अलावा पूर्ववर्ती भाजपा सरकार में दिल्ली के ऑर्गेनाइजर, पांचजन्य समाचार पत्र को भी विज्ञापन दिया गया था।

Lok Sabha Election 2019 : मध्यप्रदेश में भाजपा से आधा दर्जन उम्रदराज नेता दावेदार

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भोपाल

लोकसभा चुनाव की तिथियों की घोषणा होते ही मध्य प्रदेश में अब सबकी निगाहें इस पर टिकी हैं कि राजनीतिक दल लोकसभा सीटों पर किसे अपना उम्मीदवार बनाते हैं। भारतीय जनता पार्टी में उम्रदराज नेताओं की उम्मीदवारी को लेकर स्थिति साफ नहीं है। पार्टी की चुनाव समिति ने फिलहाल इस पर कोई निर्णय नहीं लिया है। इस बीच भाजपा से करीब आधा दर्जन उम्रदराज नेता अलग-अलग सीटों पर अपनी उम्मीदवारी के लिए दावा ठोंक रहे हैं। मप्र में चार चरणों में चुनाव होना है। इन नेताओं की मंशा पूरी होगी या नहीं, यह तो वक्त बताएगा, लेकिन एक बात तय है कि विधानसभा चुनाव की तरह लोकसभा चुनाव में भी उम्रदराज नेता पार्टी के लिए मुश्किलें खड़ी करेंगे।

विधानसभा चुनाव में टिकट न मिलने से नाराज पूर्व मंत्री सरताज सिंह ने भाजपा छोड़ कांग्रेस के टिकट पर व पूर्व मंत्री रामकृष्ण कुसमरिया ने निर्दलीय चुनाव लड़ा था और दो सीटों पर भाजपा की मुश्किलें बढ़ाई थीं। कांग्रेस सरकार बनने के बाद कुसमरिया उनके साथ हो गए। इसके अलावा भाजपा के वरिष्ठ नेता रघुनंदन शर्मा ने पिछले दिनों कहा था कि वे पार्टी के सामने टिकट के लिए याचना नहीं करेंगे। पिछले चुनाव में मुझसे भी तैयारी के लिए कहा गया था पर बाद में मेरे साथ कपट किया गया था।

सुमित्रा महाजन

इंदौर से लगातार आठ बार की सांसद और लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन नौंवी बार भी चुनाव लड़ने के मूड में हैं। पिछले महीने उन्होंने यह कहकर अपनी मंशा साफ कर दी थी कि इंदौर की चाबी अभी मैं ही संभालूंगी। इंदौर भाजपा में सुमित्रा महाजन और कैलाश विजयवर्गीय के बीच अनबन जगजाहिर है। माना जा रहा है कि बेटे आकाश विजयवर्गीय को विधानसभा में भेजने के बाद वे खुद इंदौर से लोकसभा चुनाव लड़ना चाहते हैं। हालांकि पिछले लोकसभा चुनाव के वक्त 75 साल की सुमित्रा ताई ने संकेत दिए थे कि 2014 का चुनाव उनका आखिरी चुनाव होगा।

बाबूलाल गौर

अपने बयानों से पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर ने पार्टी की मुश्किलें बढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। विधानसभा में अपनी बहू कृष्णा गौर को टिकट देने से संतुष्ट हुए बाबूलाल गौर अब पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ना चाहते हैं। 88 साल के गौर कह चुके हैं कि कांग्रेस ने उन्हें भोपाल से लोकसभा चुनाव लड़ने का ऑफर दिया है। इससे अटकलें लगाई जा रही थी कि गौर कांग्रेस में शामिल होंगे। हालांकि पार्टी के मनाने के बाद उन्होंने इस विषय पर बोलना तो बंद कर दिया, लेकिन पार्टी पर टिकट के लिए वे दबाव बना रहे हैं।

कुसुम महदेले

विधानसभा चुनाव में टिकट कटने से नाराज कुसुम महदेले अब खजुराहो लोकसभा चुनाव से टिकट मांग रही हैं। भाजपा ने विधानसभा चुनाव में उम्र के आधार पर ही पन्ना विधानसभा सीट से टिकट नहीं दिया था। इसके बाद उन्होंने ट्वीट कर अपनी नाराजगी जताई। हालांकि उन्होंने पार्टी नहीं छोड़ी थी। 75 साल की महदेले ने पार्टी से कहा है कि उन्हें दमोह या खजुराहो से लोकसभा का टिकट दिया जाए।

जयंत मलैया

विधानसभा चुनाव हारे पूर्व वित्त मंत्री 71 वर्षीय जयंत मलैया भी दमोह लोकसभा सीट से दावेदारी कर रहे हैं। इसके लिए उन्होंने तैयारी भी शुरू कर दी है। हालांकि पार्टी ने यह तय नहीं किया है कि हारे हुए पूर्व मंत्रियों को लोकसभा का टिकट दिया जाएगा या नहीं। मलैया विधानसभा चुनाव में 798 वोट से हार गए थे। दमोह के मौजूदा सांसद प्रहलाद पटेल होशंगाबाद से चुनाव लड़ना चाहते हैं।

अंतर सिंह आर्य

विधानसभा चुनाव हारने के बाद पूर्व मंत्री अंतर सिंह आर्य खरगोन लोकसभा सीट से दावेदारी कर रहे हैं। 60 साल के आर्य को विधानसभा चुनाव में करीब 16 हजार वोट से हार मिली थी। पिछले लोकसभा चुनाव में भी उन्होंने अपने बेटे को उम्मीदवार बनाने की पुरजोर कोशिश की थी। विधायक पद छूटने के बाद अब वे लोकसभा में जाना चाहते हैं। आर्य अपने मंत्री काल में विवादित बयानों को लेकर भी चर्चा में रहे हैं।

लक्ष्मीनारायण यादव

74 साल के सागर सांसद लक्ष्मीनारायण यादव फिर चुनाव लड़ना चाहते हैं। हालांकि पार्टी ने उनके बेटे को सागर जिले की सुरखी विधानसभा से चुनाव लड़वाया था, लेकिन वे हार गए। उसके बाद से ही माना जा रहा था कि यादव अब लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे, लेकिन वे चुनाव लड़ने के इच्छुक हैं। इसके अलावा मंदसौर से 72 साल के रघुनंदन शर्मा भी लोकसभा चुनाव लड़ने के इच्छुक हैं।

प्रत्याशी तय करना केंद्रीय चुनाव समिति के अधिकार का विषय

लोकसभा सीट पर प्रत्याशी तय करना केंद्रीय चुनाव समिति के अधिकार का विषय है। समिति जीतने योग्य प्रत्याशी का ही चयन करती है और सारे मापदंड भी पार्टी की केंद्रीय समिति ही तय करेगी। – रजनीश अग्रवाल, प्रवक्ता, प्रदेश भाजपा

AAP ने किया भाजपा के घोषणा पत्र को जलाने का ऐलान

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लोकसभा चुनाव के पहले दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा देने के मुद्दे पर सियासत गरमाई हुई है। बुधवार को जहां आम आदमी पार्टी (आप) बीजेपी का 2014 का घोषणा पत्र जलाने जा रही है, तो वहीं बोजेपी अरविंद केजरीवाल के वादों की होली जलाएगी।

केंद्रीय मंत्री और बीजेपी सांसद विजय गोयल ने कहा है कि बीजेपी दिल्ली के लिए पूर्ण राज्य का दर्जा चाहती है, लेकिन केजरीवाल जैसे अराजकतावादी सीएम होने के कारण ये संभव नहीं है।

दरअसल, दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल की पार्टी आप काफी समय से दिल्ली के लिए पूर्ण राज्य के दर्जे की मांग कर रही है। इसके लिए पार्टी ने हाल ही में कांग्रेस और बीजेपी दफ्तर का घेराव भी किया था। इसके चलते सियासत काफी गरम है।

इस बीच केजरीवाल की पार्टी आज बीजेपी के घोषणा पत्र को डीडीयू मार्ग पर जलाने जा रही है और इसके जवाब में बीजेपी जंतर-मंतर पर ‘आप’ के वादों की होली जलाएगी।

Ysms ऐप के जरिए लगातार संपर्क में थे पुलवामा हमले में शामिल आतंकी

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श्रीनगर। पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर आत्मघाती हमला करने वाले आतंकी आदिल डार और इस साजिश में शामिल अन्य दहशतगर्द हमले से पूर्व आपस में वाईएसएमएस ऐप के जरिए लगातार संपर्क में थे। इस हमले के बाद भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान में स्थित बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के जिस कैंप को उड़ाया है। वहीं पर अल्फा-थ्री कंट्रोल रूम था।

अल्फा-थ्री में बैठे आतंकी सरगना ही पुलवामा हमले की साजिश को तैयार करने से लेकर उसे अमली जामा पहनाने तक कश्मीर में सक्रिय अपने कैडर को लगातार दिशा-निर्देश दे रहे थे। बताया जा रहा है कि एनआइए ने एक विदेशी जांच एजेंसी की मदद से वाईएसएमएस मैसेज डिकोड किए हैं। इसके बाद ही यह खुलासा हुआ है।

सूत्रों ने बताया कि आदिल डार और रविवार शाम को पिगलिश (त्राल) में मारा गया आतंकी मुदस्सर खान भी आपस में वाईएसएमएस के जरिए ही संपर्क में थे। हमले के चंद दिन बाद मारा गया पाकिस्तानी जैश कमांडर कामरान और गाजी रशीद भी इसी एप का इस्तेमाल कर रहे थे। एनआइए से जुड़े सूत्रों की मानें तो मुदस्सर और कामरान गाजी के ठिकानों से मिले मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रानिक उपकरणों से भी पता चला है कि सभी आतंकी वाईएसएमएस का ही इस्तेमाल कर रहे थे।

ऐसे काम करता है वाईएसएमएस

वाईएसएमएस पर कोई आडियो संदेश नहीं होता। इसके जरिए सिर्फ लिखा हुआ संदेश ही भेजा जा सकता है और यह पकड़ा नहीं जा सकता। यह सिर्फ उसी व्यक्ति तक पहुंचता है जिसके लिए यह हो। इसके लिए एक स्मार्ट फोन चाहिए, जिस पर यह एप डाउनलोड किया जाता है। इसके बाद एक वाईफाई की सुविधा वाला रेडियो सेट चाहिए, जो स्मार्ट फोन के साथ जुड़े।

फोन में सिमकार्ड के बिना ही रेडियो फ्रीक्वेंरी का इस्तेमाल करते हुए संदेश भेजा जा सकता है। इसके जरिए भेजा गया संदेश अगर किसी के हाथ लग भी जाए तो उसे डिकोड नहीं किया जा सकता।

अलकायदा करता रहा है इस्तेमाल

पुलवामा मामले की जांच से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि वाईएसएमएस जैसे एप और संबंधित तकनीक 2012 से डार्क वेब पर उपलब्ध है। अलकायदा इसका इस्तेमाल 2007 से कर रहा है। जम्मू कश्मीर में पहली बार इसका खुलासा 2015 में पकड़े गए पाकिस्तानी आतंकी सज्जाद अहमद से मिले मोबाइल फोन से हुआ था। लेकिन उसके कोड को डिकोड नहीं किया जा सका था।

अधिकारियों ने बताया कि पुलवामा हमले की जांच के दौरान वाईएसएमएस पर जैश आतंकियों द्वारा भेजे गए संदेश पकड़े गए हैं। उनमें से अधिकांश को डिकोड किया जा चुका है। इन संदेशों को डिकोड करने में किसी विदेशी एजेंसी के सहयोग पर चुप्पी साधते हुए सुरक्षा अधिकारियों ने कहा कि जो कुछ संदेश डिकोड किए गए हैं, उनमें से एक में जैश के आतंकियों के जनाजे का जिक्र है और एक अन्य में पुलवामा हमले का जिक्र करते हुए लिखा गया है बड़ी संख्या में भारतीय फौजी मारे गए हैं। उनकी कई गाड़ियां तबाह हुई हैं।

इसके अलावा इन संदेशों के आधार पर यह भी पता चला है कि पुलवामा हमले की साजिश को बालाकोट स्थित जैश के अल्फा थ्री कंट्रोल रूम से ही संचालित किया जा रहा था। वहां बैठे कुछ आतंकी सरगनाओं को भी कश्मीर में पुलवामा हमले की साजिश से जुड़े आतंकियों ने इसी तकनीक के जरिए संदेश भेजे हैं।

Lok Sabha Election 2019 : ‘मसूद अजहर जी’ मामले में राहुल गांधी के खिलाफ FIR

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मुजफ्फरपुर (बिहार)। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को आतंकवादी मसूद अजहर को ‘मसूद अजहर जी’ पुकारना महंगा पड़ सकता है। बिहार के मुजफ्फरपुर में राहुल के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई गई है। सामाजिक कार्यकर्ता तमन्ना हाशमी की शिकायत पर देशद्रोह समेत आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत यह केस दर्ज किया गया है।

मालूम हो, 12 मार्च को राहुल ने एक रैली में पुलवामा आतंकी हमले की जिम्मेदारी लेने वाले आतंकी संगठन जैश-ए-मुहम्मद के मुखिया मसूद अजहर को ‘मसूद अजहर जी’ बोला था। राहुल गांधी के इस बयान पर सियासी घमासान मचा है।

राहुल गांधी सोमवार को दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे। पुलवामा आतंकी हमले का जिक्र करते हुए वे भाजपा और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल पर निशाना साध रहे थे। इसी दौरान उन्होंने जैश-ए-मुहम्मद के सरगना को मसूद अजहर जी बोल दिया।

भाजपा के आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर राहुल के इस बयान को शेयर भी किया गया। भाजपा के ट्विटर लिखा गया है, ‘ देश के 44 वीर जवानों की शहादत के लिए जिम्मेदार आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना के लिए राहुल गांधी के मन में इतना सम्मान’!

छत्तीसगढ़ : एसपी ने और दूर फेंका, MLA के रिश्तेदार का ट्रांसफर कराना चाहते थे मंत्री लखमा

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रायपुर। बस्तर के बीजापुर विधानसभा क्षेत्र के पूर्व कांग्रेसी विधायक राजेंद्र पामभोई के चचेरे भाई सुरेंद्र पामभोई के ट्रांसफर के लिए मंत्री कवासी लखमा ने एसपी जितेंद्र शुक्ला को पत्र लिखा था। एसपी ने मंत्री के आदेश को मानने से इंकार ही नहीं किया, मंत्री की सिफारिश से बिफर कर पामभोई को और दूर घनघोर नक्सल थाने मरईगुड़ा भेज दिया।

यहीं से बस्तर के एकमात्र आदिवासी मंत्री लखमा और सुकमा के तत्कालीन एसपी जितेंद्र शुक्ला में ठन गई और आखिरकार शुक्ला को हटना पड़ा। मामला तब और गरमा गया जब शुक्ला ने फेसबुक पर पोस्ट लिखकर अपने स्थानांतरण को अप्रत्याशित बताया और देशभक्ति, नक्सल आदि के नाम पर भावनात्मक संदेश जनता को प्रसारित किया। उनके इस पोस्ट को सरकार की अवहेलना के तौर पर देखा जा रहा है।

मैं पांच बार का विधायक, मंत्री…मैं बाहरी हो गया

सुकमा एसपी शुक्ला के स्थानांतरण के बाद मचे विवाद के बीच ‘नईदुनिया” से बातचीत में मंत्री लखमा ने कहा मैंने पत्र लिखा क्योंकि पामभोई के रिश्तेदार की बात थी। वह सालों से फूलबगड़ी जैसे धुर नक्सल प्रभावित जंगल में पदस्थ था। अब हमारी सरकार है तो क्या हम उसे सड़क के किनारे के किसी थाने में नहीं ला सकते।

मैं उससे कभी नहीं मिला लेकिन जब पामभोई की बात आई तो पत्र लिखा। एसपी चाहते तो करते या न करते। कह देते कि अभी संभव नहीं है। लेकिन उन्होंने पत्र लिखा और उनकी भाषा देखिए। लिखते हैं कि बाहरी व्यक्ति का हस्तक्षेप उचित नहीं है। मैं वहां से पांच बार का विधायक हूं। अभी राज्य सरकार में मंत्री हूं। मैं बाहरी हो गया। एसपी ने पामभोई को फूलबगड़ी से और दूर मरईगुड़ा भेज दिया।

गोडेलगुड़ा फर्जी मुठभेड़ के समय भी हुआ था टकराव

मंत्री लखमा ने बताया कि सुकमा जिले के गोडेलगुड़ा गांव में फोर्स ने 2 फरवरी को जंगल में लकड़ी लेने गई दो महिलाओं पर फायरिंग कर दी। एक महिला की मौत हो गई और दूसरी घायल। गांव वालों ने बताया कि जिस महिला की मौत हुई है उसके चार बच्चे हैं जिनमें एक तो आठ माह का ही है।

फर्जी मुठभेड़ में लीपापोती करने का प्रयास एसपी करते रहे। मैं पीड़ित परिवारों को सहायता देना चाहता था तो एसपी बोले-ऐसे तो फोर्स बदनाम हो जाएगी। मंत्री बनने के बाद भोजराजपदर गांव के लोग मेरे पास शिकायत लेकर आए थे कि उनके गांव के चार लोगों को पुलिस ने महीने भर से अवैध हिरासत मेें रखा है। उन्हें छोड़ने को कहा था लेकिन नहीं छोड़ा।

तो क्या अफसरशाही चलने दें

लखमा बोले देश में लोकतंत्र है। कोई राष्ट्रपति शासन नहीं लगा है। अफसर मनमानी नहीं कर सकते। आदिवासियों के अधिकारों का हनन यह सरकार नहीं होने देगी।

कौन हैं पामभोई

राजेंद्र पामभोई बीजापुर सीट से दो बार विधायक रहे। वे छत्तीसगढ़ में अजीत जोगी की सरकार के समय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष भी रहे।

सोशल मीडिया पर लेटरवार

मंत्री लखमा और एसपी शुक्ला के बीच चला लेटरवार अब सोशल मीडिया पर छाया हुआ है। मंत्री लखमा ने एसपी को दो लाइन का पत्र लिखा था। इसमें आदेश दिया गया था कि सुरेंद्र पामभोई को थाना छिंदगढ़ या तोकापाल का थाना प्रभारी बनाकर, कार्रवाई से अवगत कराएं।

इसके जवाब में एसपी शुक्ला ने लिखा-कानून व्यवस्था और सुरक्षा की जिम्मेदारी एसपी की होती है, जो अपने अधीनस्थ थाना प्रभारियों के माध्यम से करता है। यह पुलिस अधीक्षक का विशेषाधिकार है कि किसे थाना प्रभारी नियुक्त करे या हटाए। एसपी के कार्य में किसी प्रकार का बाहरी हस्तक्षेप करना या प्रभाव डालना उचित नहीं है। इसलिए सुरेंद्र पामभोई को थाना प्रभारी बनाना उचित नहीं है।

शुक्ला के समर्थन में आए जोगी

उधर, सुकमा के पूर्व एसपी शुक्ला के समर्थन में पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी खड़े हो गये हैं। जोगी ने राज्य सरकार की निंदा करते हुए ट्रांसफर उद्योग को बंद करने की मांग की है। जोगी ने कहा है कि इतने बड़े पैमाने पर तबादले अच्छे संकेत नहीं दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार अधिकारियों एवं कर्मचारियों को व्यापक स्थानांतरण करके अनावश्यक मुसीबतों में डाला जा रही है। सोच समझकर जितने स्थानांतरण विभाग में आवश्यक होते हैं, उन्हें हरसंभव एक ही आदेश के द्वारा कार्यान्वित किया जाना चाहिये।

बदले की भावना से हो रहे तबादले : भाजपा

सुकमा के तत्कालीन एसपी शुक्ला को हटाने का मामला गरमाता जा रहा है। अब राजनीतिक दलों ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को घेरने की कोशिश की है। एक मंत्री को पत्र लिखने पर सुकमा के एसपी का तबादला किए जाने पर भाजपा ने दोहराया है कि प्रदेश सरकार प्रशासन को आतंकित कर अपनी मनमानी करना चाहती है।

नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा है कि प्रदेश सरकार जिस तरह पुलिस प्रशासन को प्रताड़ित कर रही है, उससे यह साबित हो रहा है कि प्रदेश सरकार बदलापुर की राजनीति के अपने एजेंडे पर काम कर रही है। रोज-रोज पुलिस अधिकारियों का इस तरह तबादला करके प्रदेश के मुख्यमंत्री यह जाहिर कर रहे हैं कि सरकार चलाने कि उनमें समझ नहीं है।

कौशिक ने कहा कि थोक के भाव किए जा रहे तबादले पर भाजपा के विरोध को मानसिक दीवालियापन बताकर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा था कि किए जा रहे तबादले कोई दंड नहीं है। लेकिन सुकमा एसपी को स्थानांतरित करते हुए सीएम बघेल ने स्वीकार किया है कि मंत्री को पत्र लिखने के कारण दंडस्वरूप सुकमा के एसपी को हटाया गया है।

कौशिक ने कहा कि मुख्यमंत्री की यह स्वीकारोक्ति इस बात की परिचायक है कि पुलिस प्रशासन के साथ-साथ अन्य विभागों में तबादले दंडस्वरूप ही किए गए हैं। घरघोड़ा के थाना प्रभारी का इस्तीफा प्रदेश सरकार के इसी अपमानजनक रवैए को रेखांकित करता है, जिसे सीएम बघेल के सिपहसालार झुठलाकर भ्रम फैला रहे हैं।

छत्तीसगढ़ : आज किसान कांग्रेस बनाएगी रणनीति

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रायपुर। लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के ‘मिशन-11″ को पूरा करने के लिए पार्टी के सभी मोर्चा-संगठन अपनी कमर कस रहे हैं। सभी को अपने-अपने वर्ग के वोट बैंक को फोकस करने के लिए कहा गया है। किसान बड़ा वोट बैंक है, जिस पर सभी राजनीतिक दलों की नजर है।

इस कारण किसान कांग्रेस पर बड़ी चुनौती है कि वह किसानों के वोट को कांग्रेस की झोली में कैसे लाए? इसकी रणनीति बनाने के लिए बुधवार को किसान कांग्रेस की बैठक रखी गई है, जिसमें मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, कृषि मंत्री रविंद्र चौबे और किसान कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी एक कोद्दना रेड्डी भी शामिल होंगे।

विधानसभा चुनाव के पहले कांग्रेस ने किसानों से वादा किया था कि सरकार बनते ही 10 दिन के भीतर किसानों का कर्जमाफ कर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शपथ लेने के बाद दो घंटे के भीतर मंत्रिमंडल की बैठक में कर्जमाफ का प्रस्ताव पास कर दिया था। अब सरकार और कांग्रेस का दावा है कि 19 लाख किसानों को 11 हजार 270 करोड़ कर्जमाफ किया है। इसमें पांच हजार करोड़ व्यवसायिक बैंकों का कर्ज है।

कर्जमाफी की घोषणा तो हो गई है, लेकिन अभी शत-प्रतिशत किसानों तक कर्जमाफी का प्रमाणपत्र नहीं पहुंचा है। भाजपा इसे ही मुद्दा बनाकर कांग्रेस का समीकरण बिगाड़ने की कोशिश करेगी। किसान कांग्रेस ने तय किया है कि प्रमाणपत्र के वितरण की निगरानी की जाए, ताकि भाजपा अपने मिशन में सफल न हो पाए।

बुधवार को दोपहर तीन बजे राजीव भवन में होने वाली बैठक में इस पर भी बात होगी। किसान कांग्रेस किसान वोट बैंक को साधने के लिए किसानों के बीच जाएगी और प्रदेश सरकार ने कृषि क्षेत्र में अब तक जो भी काम किए हैं, उनका प्रचार-प्रसार भी करेगी। बैठक में संगठन के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर शुक्ला के साथ सभी प्रदेश पदाधिकारी, जिलाध्यक्ष, ब्लॉक अध्यक्ष भी उपस्थित रहेंगे।

एक्शन प्लान और जिम्मेदारी पर होगी बात

बैठक में लोकसभा चुनाव के लिए किसान कांग्रेस के एक्शन प्लान की समीक्षा होगी। बूथ, ब्लॉक, जिला और प्रदेश कमेटी की जिम्मेदारी तय की जाएगी। अब तक चुनाव को लेकर जिला और ब्लॉक कमेटी ने जो काम किए, उसकी समीक्षा की जाएगी। शक्ति प्रोजेक्ट से किसानों को जोड़ा जा रहा है, उसकी जानकारी ली जाएगी। संकल्प शिविर में किसान कांग्रेस की भागीदारी की समीक्षा की जाएगी।