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छत्तीसगढ़ में आठ सालों में सबसे ठंडा रहा ‘अप्रैल’

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रायपुर। प्रदेश के ऊपर आसमान 92 फीसद साफ हो गया है। राजस्थान के रास्ते गर्म हवा का आना शुरू हो गया है, मगर अभी इसकी रफ्तार में एक प्रति चक्रवात रोड़ा डाले हुए है। यह छत्तीसगढ़ के लोगों के लिए एक बड़ी राहत की खबर। मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि तापमान अब गिरेगा, चढ़ेगा। यानी गर्मी के लिए तैयार रहने का समय आ गया है।

2019 सबसे ठंडा गुजर रहा है। 2016, 17, 18 में तो प्रदेश का तापमान 43 डिग्री के पार था। कई दिन झुलसा देने वाले थे। 30 अप्रैल 2018 को अधिकतम तापमान 43 डिग्री था। अभी 30 अप्रैल को सात दिन शेष हैं। तापमान बढ़ने का पूर्वानुमान भी है, तो क्या बढ़ेगा?

मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक आने वाले दिनों में कोई सिस्टम नहीं है, मगर कुछ सिस्टम अचानक भी बनते हैं। छत्तीसगढ़ के तापमान में ज्यादा बढ़ोतरी न होने की एक और वजह थी, राजस्थान के ऊपर लगातार बन रहे ऊपरी हवा के चक्रवात। इन्हीं के चलते गर्म हवा छत्तीसगढ़ नहीं आ पा रही थी। अगर फिर से ऐसा कोई चक्रवात राजस्थान के ऊपर बनता है तो मौसम बिगड़ सकता है।

1 से अप्रैल 20 अप्रैल तक बनते रहे सिस्टम-

मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक 1 से 20 अप्रैल तक लगातार सिस्टम आते रहे, हवा-पानी बरसाते रहे और गुजरते रहे। इस दौरान चार ऊपरी हवा के चक्रवात से लेकर तीन द्रोणिका, दो पश्चिमी विक्षोभ का असर प्रदेश में रहा। इन चलते लगातार मौसम में बदलाव होता रहा। शाम को तेज हवा, बूंदाबांदी, ओला वृष्टि के साथ-साथ कई क्षेत्रों में काफी अधिक बारिश रिकॉर्ड भी की गई।

2012 से अब तक अधिकतम तापमान का रिकॉर्ड-

2012- 41.9

2013- 42.3

2014- 42.7

2015- 42.0

2016- 44.0 (21 अप्रैल)

2017- 44.2 (19 अप्रैल)

2018- 43.0 (30 अप्रैल)

2019- 41.8 (10 अप्रैल, अभी सात दिन शेष हैं।)

शहरों का तापमान-

रायपुर अधिकतम 40.8 (0.7 डिग्री बढ़ोत्तरी) डिग्री, बिलासपुर 41.6, पेंड्रारोड 39.3, अंबिकापुर 37.9, जगदलपुर 37.5, दुर्ग 41.6, राजनांदगांव 41.0। प्रदेश के सभी शहरों का तापमान बढ़ा है,बढ़ेगा भी।

इस महीने एक के बाद एक काफी सिस्टम बनाए आए, इसके चलते तापमान में ज्यादा वृद्धि नहीं हुई। हालांकि, मंगलवार से तापमान बढ़ा है। राजस्थान के रास्ते गर्म हवा आनी शुरू हुई है। तापमान अभी बढ़ेगा । – पोषण लाल देवांगन, वरिष्ठ मौसम वैज्ञानी, लालपुर मौसम विज्ञान केंद्र

छत्तीसगढ़ : उपभोक्ता अधिकारों की लड़ाई लड़ना है तो खरीदारी के समय जरूर करें ये काम

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रायपुर। घड़ी चौक स्थित एक मोबाइल शॉप में ब्रांडेड कंपनी का मोबाइल ग्राहक ने खरीदा। अच्छी कीमत चुकाने के बाद भी मोबाइल में तकनीकी दिक्क्तें आ गईं। दुकानदार स्वयं की जिम्मेदारी लेने के बजाय संबंधित कंपनी को दोषी मानते हुए शिकायत करने की बात कही। इसी तरह से पंडरी स्थित चप्पल की दुकान से एक महिला ने चप्पल ली, लेकिन वह एक हफ्ते में ही खराब हो गई। दुकानदार के सारे दावे खोखले साबित हो गए। इसी तरह से दुकान, कंपनी का लोगो लगाकर थैला देने के नाम पर ग्राहकों से पैसा वसूलने को लेकर अक्सर बहस होती है।

इस प्रकार की छोटी-बड़ी समस्याओं का सामना जीवन में कभी न कभी हम सभी को करना ही पड़ता है, लेकिन अधिकांश लोग ऐसे मामलों में मन ही मन कुढ़ते रहते हैं, दूसरों के सामने बड़बड़ाकर दिल की भड़ास भी निकाल लेते हैं, लेकिन अपने अधिकारों की लड़ाई नहीं लड़ते। दुकानदारों के शोषण से मुक्ति पाने के लिए बहस करने के बजाय, वस्तु, सेवा अथवा उत्पाद का बिल अवश्य लें।

ग्राहक कैसे करें शिकायत

उपभोक्ता अथवा शिकायतकर्ता शिकायत सादे कागज पर कर सकता है। शिकायत में शिकायतकर्ता तथा विपरीत पार्टी के नाम का विवरण, पता, शिकायत से संबंधित तथ्य एवं यह सब कब और कहां हुआ आदि का विवरण करना चाहिए। शिकायत में उल्लेखित आरोपों के समर्थन में दस्तावेज के साथ प्राधिकृत एजेंट के हस्ताक्षर होने चाहिए। इस प्रकार की शिकायत दर्ज कराने के लिये किसी वकील की आवश्यकता नहीं होती। साथ ही इस कार्य पर नाममात्र का न्यायालय शुल्क लिया जाता है। कई मामलों में शुल्क भी नहीं लिया जाता।

क्या कहता है उपभोक्ता संरक्षण नियम

उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम की धारा 14 में स्पष्ट किया गया है कि यदि मामले की सुनवाई के दौरान यह साबित हो जाता है कि वस्तु अथवा सेवा किसी भी प्रकार से दोषपूर्ण है तो उपभोक्ता मंच द्वारा विक्रेता, सेवादाता या निर्माता को यह आदेश दिया जा सकता है कि वह खराब वस्तु को बदले और उसके बदले दूसरी वस्तु दे तथा क्षतिपूर्ति का भी भुगतान करे या फिर ब्याज सहित पूरी कीमत वापस करे।

कई प्रकरणों में फोरम से मिला न्याय

प्रदेश में बहुत बड़ी आबादी अशिक्षित और अपने अधिकारों व कर्तव्यों के प्रति अनभिज्ञ है। लेकिन जो शिक्षित लोग हैं, वे भी प्राय: अपने उपभोक्ता अधिकारों के प्रति उदासीन नजर आते हैं। अब जमाना बदल गया है। यदि आप एक उपभोक्ता हैं और किसी भी प्रकार के शोषण के शिकार हुए हैं तो अपने अधिकारों की लड़ाई लड़कर न्याय पा सकते हैं।

जिला उपभोक्ता फोरम रायपुर के सदस्य संग्राम सिंह भुवाल की मानें तो खरीदी गई किसी वस्तु, उत्पाद अथवा सेवा में कमी या उसके कारण होने वाली किसी भी प्रकार की हानि के बदले उपभोक्ताओं को मिला कानूनी संरक्षण ही उपभोक्ता अधिकार है। कई प्रकरणों में लोगों ने फोरम के दरवाजे खटखटाए, जहां न्याय मिला।

कौन है उपभोक्ता और क्या हैं उपभोक्ता अधिकार?

– हर वो व्यक्ति उपभोक्ता है, जिसने किसी वस्तु या सेवा के क्रय के बदले धन का भुगतान किया है।

– खरीदी गई किसी वस्तु या सेवा में कोई कमी है तो फोरम में शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

– किसी भी प्रकार के शोषण या उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठा सकते हैं।

इन पर हों जागरूक

– कोई वस्तु अथवा सेवा लेते समय भुगतान करते हैं, बदले में उसकी रसीद नहीं लेते।

– जो भी वस्तु, सेवा अथवा उत्पाद खरीदें, उसकी रसीद अवश्य लें।

– रसीद के तौर पर कोई सबूत ही नहीं है तो मामले की पैरवी नहीं कर पाएंगे।

– दुकानदार से बहस तो करते हैं, लेकिन उपभोक्ता सुविधा को लेकर जागरूक नहीं

– सामग्री खरीदते समय कीमत, मैन्युफैक्चरिंग तिथि, एक्सपायरी डेट नहीं देखते।

Chhattisgarh : शिवानी के सिर सजा मिस इंडिया छत्तीसगढ़ का ताज

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रायपुर। गत दिनों आयोजित एफ बीबी कलर्स फेमिना मिस इंडिया-2019 के ऑडिशन का रिजल्ट जारी कर दिया गया है। मिस इंडिया छत्तीसगढ़ का ताज शिवानी जाधव के सिर सजा। ग्रैंड फिनाले के लिए ईस्ट जोन के 13 राज्यों की विजेताओं के साथ शिवानी भी मुंबई के लिए रवाना होंगी।

गत दिनों आयोजित ऑडिशन में कई प्रतिभागियों ने किस्मत आजमाई। शिवानी ने हुस्न और टैलैंट के बलबूते सभी को पीछे छोड़ते हुए मिस इंडिया छत्तीसगढ़ का खिाताब अपने नाम किया। अब मुंबई में होने वाले ग्रैंड फिनाले में शामिल होकर शिवानी हुस्न का जलवा बिखेरेंगी।

नींद में 16 मिनट की कमी का होता है काम पर असर, भारी न पड़ जाए यह गलती

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अगर किसी वजह से आपकी नींद पूरी नहीं हो पा रही है, तो इसे हल्के में न लें। नींद में महज 16 मिनट की कमी आपकी नौकरी पर भारी पड़ सकती है। वैज्ञानिकों का कहना है कि सिर्फ 16 मिनट के फर्क से यह तय होता है कि आपका दिन तरोताजी से भरा हुआ बीतेगा या उलझन भरा। विज्ञान पत्रिका स्लीप हेल्थ में प्रकाशित शोध में कहा गया है कि रोजाना की तय दिनचर्या से कम या ज्यादा नींद का आपके प्रदर्शन पर व्यापक असर पड़ता है।

अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ फ्लोरिडा के शोधकर्ताओं का कहना है कि दिनचर्या से कम नींद लेने वालों को अगले दिन फैसले लेने में दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है। शोध के दौरान आइटी क्षेत्र में काम कर रहे 130 स्वस्थ लोगों को शामिल किया गया था। नींद में कमी से उनके तनाव का स्तर बढ़ गया था। काम में संतुलन बनाने में भी उन्हें दिक्कत का सामना करना पड़ा।

यूनिवर्सिटी में स्कूल ऑफ एजिंग स्टडीज के सहायक प्रोफेसर और शोध के लेखक सोओमी ली ने शोध के बाद कई अहम निष्कर्ष दिए। उन्होंने कहा कि इस अध्ययन से प्राप्त जानकारी के अनुसार, कार्यस्थल को अपने कर्मचारियों की नींद को बढ़ावा देने के लिए अधिक प्रयास करने की जरूरत है। शोध के निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए ली और उनके सहयोगियों ने 130 स्वस्थ कर्मचारियों का सर्वे किया, जो आईटी में काम करते हैं। इसके साथ ही कम से कम एक स्कूल जाने वाले बच्चे को इसमें शामिल किया।

प्रतिभागियों ने बताया कि जब वे सामान्य से 16 मिनट कम सोते थे और बेहतर गुणवत्ता वाली नींद नहीं लेते थे, तो उन्हें अगले दिन काम के दौरान फैसले लेने में मुश्किल होती थी। इसने उनके तनाव का स्तर बढ़ जाता था, खासतौर पर वर्क-लाइफ बैलेंस से संबंधित मुद्दों को लेकर। नतीजतन वे थकान की वजह से उस दिन जल्दी बिस्तर पर जाते थे और जल्दी जाग जाते थे।

ली ने कहा तनाव का कारण यह है कि नींद में कमी का यह असर होता है कि आप अगले दिन ऑफिस में स्पष्ट नेतृत्व की जगह विचलित महसूस कर रहे हों या वह दिन आपके लिए भारी हो सकता है। शोधकर्ताओं ने काम के दिनों की तुलना सप्ताहांत से भी की। उन्होंने पाया कि कम नींद के परिणाम तब स्पष्ट नहीं होते जब किसी काम से अगले दिन छुट्टी होती है।

भारतीय सेना ने पहली बार शुरू की सैन्य पुलिस में महिलाओं की भर्ती, ऑनलाइन हो रहे रजिस्ट्रेशन

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देश में पहली बार सेना ने सैन्य पुलिस में सैनिकों के तौर पर महिलाओं की भर्ती शुरू की है। सेना प्रमुख बिपिन रावत द्वारा इसकी शुरुआत किए जाने और रक्षा मंत्रालय द्वारा हाल ही में इस प्रस्ताव को मंजूरी दिए जाने के बाद भारतीय सेना ने भर्ती के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की की प्रक्रिया शुरू की है।

इसके लिए भारतीय सेना की आधिकारिक वेबसाइट https://joinindianarmy.nic.in/bravo/index.htm पर रजिस्ट्रेशन आज यानि 25 अप्रैल से शुरू हो रहे हैं। आवेदन करने की अंतिम तारीख 8 जून है। वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार यह भर्तियां सैन्य पुलिस में जनरल ड्यूटी सैनिकों के लिए की जाएंगी।

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सेना ने फिलहाल 100 पदों के लिए आवेदन मंगवाए हैं जिसके लिए आवेदनकर्ता के पास मैट्रिक / 10 वीं / एसएसएलसी या समकक्ष डिग्री होना अनिवार्य है साथ ही कम से कम 33 प्रतिशत अंकों से उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। भर्ती प्रक्रिया के बारे में जानकारी वेबसाइट पर दी जाएगी जिसमें शर्टलिस्टिंग के बाद फिजिकल और लिखित परीक्षा से गुजरना शामिल है।

बता दें कि पिछले साल दिसंबर में ही सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने कहा था कि भारतीय सेना में जल्द सैनिक पदों पर महिलाओं की भर्ती की जाएगी। रावत ने कहा था कि वैसे तो महिलाएं पहले से ही सेना में हैं लेकिन अब धीरे-धीरे उन्हें अन्य कैडरों में भी लेने जा रहे हैं। इसके बाद जनवरी में भाजपा ने भी कहा था कि मोदी कैबिनेट ने सैन्य पुलिस में पर्सनल बिलो ऑफिसर रैंक के लिए महिलाओं की भर्ती को मंजूरी दे दी है।

इस रैंक पर भर्ती होने वाले सैनिकों को जरूरत पड़ने पर चोरी, शोषण और दुष्कर्म जैसे मामलों की जांच के अलावा बड़े स्तर पर गांवों को खाली करवाने, शरणार्थी स्थिति में भीड़ को कंट्रोल करने जैसे कईं महत्वपूर्ण कामों की जिम्मेदारी दी जाती है।

राजनांदगांव के एक पंचायत ने सुनाया ये अजीबो-गरीब फरमान, हुई शिकायत

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छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के एक पंचायत ने एक बेहद ही अजीब से फरमान मजदूरों के लिए जारी किया है. इसके मुताबिक जो लोग अपने मजदूरी में से 200 रुपए देगा उन्ही को रोजगार गारंटी में काम दिए जाने की बात कही गई है. वहीं तलाब गहरीकरण में लगे लगभग 175 मजदूरों से मिट्टी को कही और डलवाने के एवज में 200 रुपए की उगाही का आरोप पंचायत पर लगा है. आरोप है कि पंचायत ने ये भी कहा है कि जो मजदूर रुपए नहीं दे सकता उन्हें रोजगार गारंटी में काम नहीं मिलेगा. इसके बाद यहां के ग्रामीण मजदूरों को मजबूरन 200 रूपए देकर मनरेगा में काम कर रहे है. वहीं बीते दिनों ग्रामीणों ने इसकी शिकायत प्रशासन से की है. वहीं इस मामले की सूचना प्रशासन को मिलते ही शासन स्तर पर जांच शुरू करने की बात कही जा रही है.

मिली जानकारी के मुताबिक राजनांदगांव ब्लॉक के ग्राम पंचायत पदुमतरा में मनरेगा मजदूरों को अजीबो-गरीब फरमान सुना दिया गया है. पदुमतरा गांव में मरेगा के तहत तालाब गहरीकरण का काम चल रहा है. इसकी लागत करीब 9 लाख 53 हजार रुपए है. इसमें 175 मजदूरों को रोजगार दिया जा रहा है. लेकिन पंचायत का कहना है कि तलाब किनारे मिट्टी डालने की जगह नहीं होने के कारण मिट्टी को आवश्यकता अनुसार गांव के लोगों को दिया जा रहा है. इधर मिट्टी डालने के एवज में भी लोगों से पैसे लिया जा रहे जिसकी शिकायत मिलते ही जनपद पंचायत राजनांदगांव से अधिकारी पहुंचे और ग्रामीणों की शिकायत पर सरपंच सचिव से इस मामले की पूछता की जा रही है. वहीं अधिकारियों ने गोदारा के ग्रामीणों की बैठक लेकर पूरे मामले की जांच पड़ताल कर रहे है. जांच अधिकारी चंद्रकला कुशवाहा का कहना है कि जांच के बाद जो भी कारवाई होगी वह की जाएगी. वहीं इस पूरे मामले पर सरपंच-सचिव का कहना है कि आरोप पूरी तरह से निराधार है. पंचायत की बैठक लेकर निर्णय लिया गया था. किसी से कोई पैसा की उगाई नहीं की गई है. जो भी निर्णय पंचायत के पक्ष में था वह लिया गया है.

छोटे बच्चों को इससे ज्यादा देर फोन, TV न देखने दें पेरेंट्स : WHO ने जारी की गाइडलाइन

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आज कल आप दो या तीन साल की उम्र के छोटे बच्चों को बेहतरीन ढंग से फोन ऑपरेट करते देख सकते हैं. बच्चों को फोन पर गेम खेलने, वीडियो देखने और फोन से चिपके रहने की मानो आदत सी पड़ गई है. लेकिन पांच साल से कम उम्र की बच्चों के लिए ये काफी हानिकारक है. पहली बार वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन ने इस बात को लेकर परामर्श (गाइडलाइन) जारी किया है कि आखिर पांच साल से कम उम्र के बच्चों को कितनी देर स्क्रीन देखनी चाहिए.

एक घंटे से ज्‍यादा स्‍क्रीन नहीं

डब्ल्यूएचओ ने कहा है कि पांच साल से कम उम्र के बच्चों को हर रोज एक घंटे से ज्यादा स्क्रीन (टीवी या मोबाइल पर समय बिताना) नहीं देखनी चाहिए और अगर वो इससे भी कम समय स्क्रीन के सामने गुजारें तो और बेहतर होगा. डब्ल्यूएचओ की ओर से जारी दिशानिर्देशों में कहा गया है कि अभिभावकों में एक साल से कम उम्र के बच्चों को स्क्रीन से दूर रखने की सामान्य समझ होनी चाहिए.

इस परामर्श में हालांकि बच्चों के स्क्रीन टाइप को लेकर विशेषज्ञों में मतभेद हैं. कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि डब्ल्यूएचओ की व्यापक सिफारिशें बेहद कम साक्ष्यों पर आधारित हैं, जबकि डब्ल्यूएचओ ने कहा कि उसके इन दिशानिर्देशों ने सेहतमंद जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए वैश्विक प्रयासों में ‘खालीपन को भरने’ का काम किया है. डब्ल्यूएचओ ने कहा कि एक साल से कम उम्र के नवजात बच्चों को हर रोज करीब आधे घंटे उनके पेट के बल लेटाना चाहिए. जब कि बड़े बच्चों को दिन कम से कम तीन घंटे फिजिकल एक्टिविटी करनी चाहिए.

सोनी का 98 इंच टीवी जून में होगा लांच, कीमत 50 लाख रुपये

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सोनी अपने 2019 के लाइन-अप को हाई-एंड टेलीविजन मॉडल्स के साथ लांच करने वाली है, जिसमें 98 इंच के 8के टीवी की कीमत 70,000 डॉलर है, जो कि भारत में 50 लाख रुपये में मिलेगा। यह कीमत ऑडी ए3, बीएमडब्ल्यू 3 सीरीज और मर्सिडीज-बेंज सीएलए जैसे कई लक्जरी कारों से भी ज्यादा है।

एनगैजेट की रिपोर्ट में मंगलवार को बताया गया कि सोनी का मास्टर सीरीज जेड9जी इस साल जून में रिलीज होगी।

यह टीवी एक्स1 अल्टीमेट प्रोसेसर के साथ आएगा, जिसे 8के आउटपुट्स के लिए 3.3 करोड़ पिक्सल्स को संभालने के लिए ऑप्टिमाइज्ड किया गया है।

इस टीवी में 8के एक्स-टेंडेड डायनेमिक रेंज पीआरओ और बैकलाइट मास्टर ड्राइव के साथ फुल-ऐरे लोकल डिमिंग फीचर है।

पीएम मोदी को ममता बनर्जी का जवाब, ‘गिफ्ट और मिठाई भेजी होगी, मगर वोट एक भी नहीं दूंगी’

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खुलासा करने के बाद कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी उनको हर साल कुर्ते और मिठाईयां भेजा करती हैं, ममता बनर्जी ने बुधवार को कहा कि उन्होंने कई मौकों पर लोगों को उपहार और मिठाईयां भेजी होंगी, लेकिन वह उन्हें वोट नहीं देंगी।

समाचार एजेंसी आईएएनएस के मुताबिक, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री मोदी का नाम लिए बिना हुगली जिले में एक चुनावी सभा में कहा, ‘मैं लोगों को रसगुल्ला भेजती हूं। मैं पूजा के दौरान उन्हें उपहार भी भेजती हूं और चाय पिलाती हूं, मगर मैं उन्हें एक भी वोट नहीं दूंगी।’

अभिनेता अक्षय कुमार के साथ एक बातचीत में, मोदी ने खुलासा किया कि बनर्जी, अन्यथा उनके सबसे मुखर आलोचकों में से एक ममता बनर्जी उनके लिए खुद कुर्ते का चयन करती हैं और हर साल उन्हें उपहार देती हैं।

इसलिए भेजती हूं मिठाई…

ममता ने कहा कि बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना हर साल पीएम मोदी को ढाका से विशेष मिठाई भेजती थीं। जब उन्हें इसके बारे में पता चला, तो उन्होंने “हर साल एक या दो अवसरों पर” उन्हें बंगाली मिठाइयां भेजना शुरू कर दिया।

अपनी रैली में, बनर्जी ने मोदी पर नोटबंदी के माध्यम से बड़ी मात्रा में काले धन को सफेद में बदलने और इसे वोट खरीदने के लिए खर्च करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “मोदी बाबू, आपने काले धन को सफेद में बदलने के लिए जबरन नोटबंदी किया और अब वोट खरीदने के लिए इसे चुनावों में खर्च करते हैं। लेकिन बंगाल में आपके प्रयास बेकार जाएंगे।”

 हमारी सरकार साबित करेगी कि कितना बड़ा घोटाला हुआ 

बाद में, नादिया के कृष्णानगर में एक रैली में, ममता ने आरोप लगाया कि भाजपा उपहार बांटकर वोट खरीदने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा, ‘आप (मोदी) को चुनाव के बाद बाहर कर दिया जाएगा। हमारी सरकार साबित करेगी कि कितना बड़ा घोटाला हुआ।’ बनर्जी ने यह भी कहा कि भाजपा “गुंडे” राज्य में गड़बड़ी और आतंक पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं, हालांकि तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता और समर्थक और उनकी सरकार “शांति और सद्भाव बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध” है। मोदी को हराने के लिए लोगों से आग्रह करते हुए उन्होंने कहा: “यदि आप देश और हमारे संविधान को बचाना चाहते हैं, तो उसे सत्ता से बाहर करें और राष्ट्र को आपदा से बचाएं।”

देखें VIDEO : बीच मैच में गायब हो गई गेंद, Replay में हुआ खुलासा कि आखिर गई कहां थी

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इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के बेंगलुरू और पंजाब के बीच मैच में दर्शकों को भरपूर रोमांच देखने को मिला. इस मैच में विराट भले ही लंबी पारी न खेल पाए हों, लेकिन एबी डि विलियर्स ने अपनी टीम के फैंस को निराश नहीं किया और अपने अंदाज में तूफानी पारी खेली. इसी दौरान एक अजीब लेकिन मजेदार लम्हा पारी के दूसरे स्ट्रैटजिक टाइम आउट के ठीक बाद आया. टाइम आउट के बाद सारे खिलाड़ी हैरान हो गए जब किसी को यह पता नहीं था कि गेंद कहां है.

स्ट्रैटजिक टाइम आउट के ठीक बाद हुआ कन्फ्यूजन
बेंगलुरू की पारी के 14वां ओवर मुरुगन अश्विन फेंक रहे थे. ओवर की आखिरी गेंद पर स्टोइनिस ने सिंगल लिया और इसके बाद अंपायर ऑक्सेन्फोर्ड ने स्ट्रेटजिक टाइम आउट का इशारा कर दिया. टाइम आउट के बाद जब खिलाड़ी मैदान पर अपनी फिल्डिंग पोजिशन पर आने लगे, आर अश्विन ने अंकित राजपूत को गेंदबाजी करने को कहा. यहां पर सारे खिलाड़ी गेंद के लिए एक दूसरे को देखते नजर आए.

अश्विन हुए परेशान, मंगाया गया गेदं का डब्बा
पहले अंकित राजपूत ने पूछा कि गेंद कहां है. इस पर अश्विन भी इधर उधर देखने लगे. अश्विन अंपायर शम्सुद्दीन के पास पहुंचे. अब मैदान पर सभी लोग गेंद के लिए इधर उधर देख रहे थे. यहां पर एबी डिविलियर्स भी अपनी हंसी नहीं रोक सके. अश्विन परेशान होने लगे थे. ऐसे में नई गेंद मंगाई गई. स्टाफ का एक सदस्य गेंद का डब्बा लेकर मैदान पर आता दिखा.

रीप्ले में पता चला कि क्या हुआ था

इसी बीच टीवी पर रीप्ले में देखा गया कि मुरुगन अश्विन ने गेंद अंपायर ऑक्सन्फोर्ड को दी थी जिसे लेने के बाद उन्होंने टाइम आउट का इशारा किया था उसके बाद ऑक्सन्फोर्ड थर्ड अंपायर से बात करने लगे. तभी शम्सुद्दीन उनके पास पहुंच गए. ऑक्सन्फोर्ड ने गेंद शम्सुद्दीन को दे दी जिसे उन्होंने अपनी जेब में रख लिया था. यहां पर शम्सुद्दीन को याद आया और वे गेंद वापस लेकर आए, जिसके बाद मैच शुरू हो सका.

सोशल मीडिया पर पंसद किया गया यह वीडियो
बीसीसीआई ने अपनी आईपीएल की साइट पर यह वीडियो क्लिप जारी की जिसे सोशल मीडिया पर फैंस ने खूब देखा और वायरल कर दिया. इसके बाद मैच में रोमांच एबी डिविलियर्स ने ला दिया और तेजी से रन बनाए. इसमें मोहम्मद शमी के ओवर में तीन शानदार छक्के भी थे. फिर आखिरी ओवर में भी डिविलियर्स के छक्के के बाद स्टोइनिस ने भी हाथ खोले और विल्जियन की चार गेंदों पर दो चौके और दो छक्के लगा डाले.