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इस देश में नहीं है एक भी क्रिमिनल, खाली पड़ी हैं जेलें

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कांग्रेस बोली अजीत डोभाल ने मसूद अजहर को दी थी क्लीन चिट, अजीत डोभाल के पुराने इंटरव्यू के जरिए कांग्रेस का बीजेपी पर हमला

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कांग्रेस ने मंगलवार को दावा किया की राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने कंधार विमान अपहरण मामले में जैश प्रमुख मसूद अजहर की रिहाई के लिए बीजेपी को जिम्मेदार ठहराया था और आतंकवादी को ‘क्लीन चिट’ दी थी.

एनएसए अजीत डोभाल के 2010 के एक इंटरव्यू का हवाला देते हुए कांग्रेस के प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीटर पर लिखा, “मोदी सरकार के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने ‘अनजाने में भेद खोल दिया’ और आतंकवादी मसूद अजहर की रिहाई के लिए बीजेपी सरकार को दोषी ठहराया. डोभाल ने कहा कि मसूद अजहर की रिहाई एक राजनीतिक फैसला था.”

रणदीप सुरजेवाला ने एक के बाद एक कई ट्वीट करते हुए पूछा, “क्या अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद राष्ट्रविरोधी कृत्य को स्वीकार करेंगे?”

सुरजेवाला ने अजीत डोभाल के 2010 के ट्वीट का लिंक भी शेयर किया है. सुरजेवाला के अनुसार डोभाल ने इंटरव्यू में मसूद अजहर को विस्फोटक और बंदूक चलाने की जानकारी न होने का भी सर्टिफिकेट दिया. सुरजेवाला ने बताया कि डोभाल इंटरव्यू में कह रहे हैं-

2- मसूद को निशाना लगाना नहीं आता

3- अजहर को रिहा करने के बाद जम्मू-कश्मीर के टूरिज्म में 200% की वृद्धि हुई

सुरजेवाला ने ट्वीट में कहा कि आतंक से निपटने के लिए डोभाल ने कांग्रेस-यूपीए की नीतियों को राष्ट्र हित में बताया. उन्होंने डोभाल की बात को कोट करते हुए लिखा, “यूपीए-कांग्रेस हाईजैकिंग पर स्पष्ट नीति के साथ आई है. न कोई रियायत और न ही आतंकवादियों के साथ कोई बातचीत.” सुरजेवाला ने सवाल किया कि बीजेपी ने यहीं हिम्मत क्यों नहीं दिखाई?

गौरतलब है कि मसूद अजहर को ‘जी’ कहने के लिए बीजेपी राहुल गांधी पर निशाना साध रही है, जिसके बाद कांग्रेस ने बीजेपी पर पलटवार किया है. इसी के साथ कांग्रेस ने कहा कि राहुल गांधी ने व्यंग्यपूर्वक मसूद अजहर को ‘जी’ कहा था.

बता दें कि दिल्ली में बूथ अध्यक्षों के सम्मेलन में राहुल गांधी ने आतंकी मसूद अजहर को ‘जी’ कहकर संबोधित किया था. इसे लेकर बीजेपी कांग्रेस पर निशाना साध रही थी. केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने तो कांग्रेस की तुलना पाकिस्तान से कर डाली और कहा कि दोनों में एक बात समान है- आतंकियों के साथ प्रेम.

पाकिस्तान के कराची में भारत सरकार की कई संपत्तियां हैं, जो बदहाल हालत में हैं

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ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने का आसान और पूरा तरीका, घर बैठे मिलेगा स्मार्ट ड्राइविंग लाइसेंस, ये है बनवाने का आसान और पूरा तरीका

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छत्तीसगढ़ : जब रायपुर लोकसभा सीट से धराशायी हुए बड़े-बड़े दिग्गज, ऐसे समझें…,

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रायपुर संसदीय लोकसभा सीट पर पिछले छह चुनावों से भाजपा काबिज है। प्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव के बाद बदले राजनीतिक हालातों में रायपुर लोकसभा सीट पर जीत बरकरार रखना आसान नहीं होगा। पिछले दो दशक से केन्द्र में सरकारें भले ही बदलती रही हो परंतु इस लोकसभा सीट पर रमेश बैस लगातार चुनाव जीतते रहे हैं। बैस रायपुर संसदीय सीट से पहली बार 1989 में चुने गए। उन्हें 1991 में शिकस्त का समाना करना पड़ा था लेकिन उसके बाद से वह लगातार चुनाव जीतते आ रहे हैं। रायपुर लोकसभा सीट पर नजर डालें तो 1977 से हुए 11 चुनावों में एक बार जनता दल, तीन बार कांग्रेस और सात बार भाजपा का कब्जा रहा है। यह सीट 1996 से लगातार भाजपा के कब्जे में है। इस सीट से लगातार छह बार से सांसद चुने जा रहे 71 वर्षीय बैस को अविभाजित मध्यप्रदेश के समय भाजपा ने पहली बार 1984 में लोकसभा सीट के लिए मैदान में उतारा था।

उस समय उन्हें कांग्रेस की लहर में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और दिग्गज नेता केयर भूषण से शिकस्त का समाना करना पड़ा था। बैस को 1991 में हुए मध्यावधि चुनाव में कांग्रेस के दिग्गज नेता विद्याचरण शुक्ला से शिकस्त का सामना करना पड़ा था। शुक्ला को जीत तो हासिल हुई लेकिन बैस ने उन्हें कड़ी टक्कर दी और महज 959 मतों से वह चुनाव हार गए। कद्दावर नेता विद्या चरण शुक्ला को बड़ी टक्कर देने की वजह से हार के बावजूद वह वे चर्चित हो गए। आपातकाल के बाद 1977 में हुए आम चुनाव में इस सीट पर जनता दल के टिकट पर पुरूषोत्तमलाल कौशिक निर्वाचित हुए थे। उन्होने आपातकाल में काफी चर्चित रहे कांग्रेस के दिग्गज नेता विद्याचरण शुक्ला को लगभग 83 हजार मतों से शिकस्त दी थी। समाजवादी नेता कौशिक इस जीत के बाद केन्द्र में मंत्री भी बने। वर्ष 1980 में हुए चुनाव में कांग्रेस के केयरभूषण ने निर्दलीय पवन दीवान को 66 हजार से अधिक मतों से हराया। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के निधन के बाद 1984 में हुए चुनाव में कांग्रेस के केयर भूषण ने भाजपा के रमेश बैस को एक लाख से अधिक मतों से शिकस्त दी। बैस ने 1989 में पिछली हार का अपना हिसाब चुकता करते हुए कांग्रेस के केयर भूषण को लगभग 84 हजार मतों से शिकस्त दी।

1991 में हुए मध्यावधि चुनाव में कांग्रेस के विद्याचरण शुक्ला ने भाजपा के रमेश बैस को कड़े मुकाबले में 959 मतों से शिकस्त दी। बैस ने 1996 में कांग्रेस के धनेन्द्र साहू को 50 हजार से अधिक मतों से हराया। 1998 में हुए चुनाव में बैस ने कांग्रेस के विद्याचरण शुक्ला को 83 हजार से अधिक मतों से शिकस्त दी। बैस ने 1999 में फिर हुए मध्यावधि चुनाव में कांग्रेस के जुगुलकिशोर को 80 हजार से अधिक मतों से पराजित किया। मध्यप्रदेश के विभाजन के बाद नवंबर 2000 में छत्तीसगढ़ अस्तित्व में आया और 2004 में पहली बार हुए संसदीय चुनाव में  बैस ने कांग्रेस के कद्दावर नेता एवं अविभाजित मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री रहे श्यामाचरण शुक्ला को शिकस्त दी। 2009 में हुए आम चुनाव में बैस ने कांग्रेस उम्मीद्वार भूपेश बघेल को शिकस्त दी। बघेल वर्तमान में राज्य के मुख्यमंत्री हैं। लोकसभा के 2014 में हुए आम चुनाव में भाजपा ने फिर बैस को मैदान में उतारा। बैस ने इस चुनाव में कांग्रेस के दिग्गज सत्यनारायण शर्मा को लगभग पौने दो लाख मतों से करारी शिकस्त दी। सात बार सांसद रहे और लगातार छह बार से चुनाव जीत रहे बैस को भाजपा लगातार 10वीं बार उम्मीद्वार बनाती है तो यह भी एक रिकॉर्ड होगा।

Mahatma Gandhi : महात्मा गांधी के आश्रम में कांग्रेस की प्रार्थना सभा

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 लोकसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा के बाद अहमदाबाद में महात्मा गांधी के आश्रम में कांग्रेस नेताओं का जमावड़ा हुआ। यहां पर एक प्रार्थना सभा का आयोजन भी किया गया। आपकों बता दें कि आज अहमदाबाद में कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस अपनी रणनीति को अंतिम रूप देगी और प्रचार अभियान का बिगुल फूंकेगी।

मंगलवार को होने वाली कांग्रेस की यह बैठक 58 साल बाद हो रही है, इससे पहले 1961 में हुई थी। इस बैठक में सोनिया गांधी, राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, वरिष्ठ नेता मोतीलाल वोरा, राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, राष्ट्रीय महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पिछड़ा वर्ग के राष्ट्रीय अध्यक्ष ताम्रध्वज साहू , उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट, रणदीप सिंह सुरजेवाला, आरपीएन सिंह, गुलाम नबी आजाद के अलावा राष्ट्रीय प्रवक्ता जयवीर शेरगील, प्रियंका चतुर्वेदी सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद हैं।

Mahatma Gandhi  महात्मा गांधी के आश्रम में कांग्रेस की प्रार्थना सभा

Mahatma Gandhi  महात्मा गांधी के आश्रम में कांग्रेस की प्रार्थना सभा

गांधी आश्रम : CM Bhupesh Baghel : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी पहुंचे कांग्रेस की बैठक में

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लोकसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा के बाद अहमदाबाद में महात्मा गांधी के आश्रम में कांग्रेस नेताओं का जमावड़ा हुआ। यहां पर एक प्रार्थना सभा का आयोजन भी किया गया। आपकों बता दें कि आज अहमदाबाद में कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस अपनी रणनीति को अंतिम रूप देगी और प्रचार अभियान का बिगुल फूंकेगी। इस बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल व राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग कांग्रेस के अध्यक्ष व छत्तीसगढ़ कैबिनेट मंत्री ताम्रध्वज साहू भी शामिल हुए।

छत्तीसगढ़ : मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुब्रत साहू ने ली राजनीतिक दलों की बैठक

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 मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुब्रत साहू ने मंगलवार को राजनीतिक दलों की बैठक ली। इस दौरान बैठक में भाजपा, कांग्रेस व जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ नेता व अधिवक्ता शामिल हुए। बैठक में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुब्रत साहू ने बताया कि सभी प्रत्यशियों को नामांकन भरने से पहले अकाउंट खुलवाना है। इससे चुनाव से जुड़े सभी खर्चे इसी अकाउंट से किया जाएगा। वहीं सभी राजनीतिक दलों के लोगों ने अपनी बात सुब्रत साहू के समक्ष रखी और हाल में हुए विधानसभा चुनाव को शांतिपूर्ण कराने के लिए धन्यवाद दिया।

India Pakistan Tension: श्रीगंगानगर में फिर दिखा पाकिस्तानी ड्रोन, सुरक्षा बलों ने की जवाबी कार्रवाई

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जयपुर। राजस्थान के श्रीगंगानगर में पाकिस्तान की सीमा से सटे क्षेत्र में फिर से एक पाकिस्तानी ड्रोन देखा गया। मंगलवार सुबह 5 बजे यह ड्रोन दिखने की सूचना सामने आई है। इसके बाद ड्रोन को गिराने के लिए फायरिंग होने की खबर भी है। यह ड्रोन हिंदुमलकोट सीमा क्षेत्र के फतुही और रोहिड़ावाली गांव पर मंडराता दिखा। भारतीय सुरक्षा बलों ने ड्रोन पर जवाबी कार्रवाई भी की।

गौरतलब है कि भारत राजस्थान में बीते पांच दिनों में तीन पाकिस्तानी ड्रोन को ढेर कर चुका है। पाकिस्तान बार-बार अपनी नापाक हरकतों को अंजाम दे रहा है।

– इससे पहले पाकिस्तान ने रविवार को भारतीय सीमा में दो ड्रोन भेजें थे। साथ ही ध्यान भटकाने के लिए पाकिस्तान की तरफ से क्रॉस फायरिंग भी की गई थी।

-पहले शनिवार सुबह राजस्थान के श्रीगंगानगर में हिंदूमलकोट बॉर्डर के पास से भारतीय सीमा में घुसा। जिसे भारतीय सेना ने मार गिराया।

– इससे पहले 4 मार्च सोमवार को भी पाकिस्तानी ड्रोन राजस्थान के बीकानेर सीमा पर अनूपगढ़ सेक्टर में घुस गया था, जिसे भारतीय वायुसेना ने मिसाइलें दागकर मार गिराया था।

संपत्ति की चाहत ने बेटी को बनाया हैवान, प्रेमी के साथ मिल मां-बाप की हत्या की

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नई दिल्ली। संपत्ति की चाहत में एक बेटी अपने मां बाप के लिए ही काल बन गई है। दिल्ली के पश्चिम विहार में रहने वाले दंपति को संपत्ति विवाद में उनकी बेटी ने ही ज़हर देकर मौत की नींद सुला दिया। मां बाप को मारने में आरोपी लड़की के प्रेमी और उसके दोस्तों ने भी उसकी मदद की। दिल्ली पुलिस ने आरोपी लड़की को गिरफ्तार कर लिया है।

पश्चिम विहार में रहने वाले गुरमीत सिंह और उनकी पत्नी जागीर कौर को बेटी सोनिया ने अपने प्रेमी प्रिंस के साथ मिलकर मौत के घाट उतार दिया। मामले का खुलासा तब हुआ जब 8 मार्च को नांन्गलोई के नज़दीक ट्रेन में पुलिस को एक सूटकेस में जागीर कौर का शव मिला। पुलिस द्वारा खोजबीन करने पर ये बात भी सामने आने की गुरमीत भी गायब है। दो दिन बाद पुलिस को गुरमीत की बॉडी भी ट्रेन से बरामद हुई।

पुलिस ने दोनों मौतों के मामले में जब मृतक दंपति की बेटी सोनिया से सख्ती से पूछताछ की तो उसने अपने मां बाप को ज़हर देकर मारने की बात कुबूली। इसमे् उसके प्रेमी प्रिंस और उसके दो दोस्तों की मदद लेने की जानकारी भी दी। सोनिया ने पुलिस को हत्या की वजह मां बाप द्वारा संपत्ति उसके और प्रेमी के नाम ना किए जाने को बताया।

सोनिया ने बताया कि उसने 21 फरवरी को अपने पिता गुरमीत की हत्या की थी और मां जागीर को 2 मार्च को जहर देकर मारा था।