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सूत्र : छत्तीसगढ़ के दो मंत्रियों के लोकसभा चुनाव लड़ने की संभावना, चर्चाओं का बाज़ार गर्म

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रायपुर. चर्चा ज़ोरों पर है. संभावना काफी ज़्यादा है. छत्तीसगढ़ के दो मंत्री लोकसभा चुनाव में ताल ठोंक सकते हैं. सूत्रों के मुताबिक पार्टी लोकसभा में सभी 11 सीटों की जीत सुनिश्चित करने की रणनीति पर काम कर रही है. जिसके तहत दो मंत्रियों को उतारने की कवायद हो रही है.

सूत्रों के मुताबिक ये मंत्री फिलहाल चुनाव लड़ने के मूड में नहीं हैं. दोनों मंत्री अपनी जगह अपने नातेदारों को टिकट देने की मांग कर रहे हैं. लेकिन पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को इन दोनों को समझाने का ज़िम्मा दिया गया है.

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कई बार कहा है कि पार्टी सभी 11 सीटों को जिताने की कोशिश करेगी. दो सीटों पर सबसे मज़बूत दावेदार इन्हीं मंत्रियों को माना जा रहा है. कहा जा रहा है कि कांग्रेस पार्टी इस बार कोई भी कसर नहीं छोड़ेगी. इसी लिहाज़ से पार्टी ने हर सीट पर जीत की सबसे ज़्यादा संभावनाओं वाले नेताओं को टिकट देने का फैसला किया है.

रायपुर में महंत, देवांगन आगे

रायपुर के समीकरणों के उलटफेर की ख़बर है. ख़बर है कि रेस में अब कांग्रेस के प्रभारी महासचिव गिरीश देवांगन और महंत रामसुंदर दास आगे हो गए हैं. पार्टी के राष्ट्रीय नेता महंत रामसुंदर दास के पक्ष में है. उन्हें विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं मिल पाई थी. चूंकि महंत काफी प्रभावशाली है इसलिए उनके नाम की चर्चा ज़ोरों पर है. प्रमोद दुबे और किरणमयी नायक भी रेस में बने हुए हैं.

बिलासपुर में अटल का ज़ोर

बिलासपुर से अटल श्रीवास्तव को चुनाव लड़ाने की संभावना है. विधानसभा चुनाव में भूपेश बघेल चाहते हुए भी टिकट नहीं दिला पाए थे. चूंकि अटल भूपेश बघेल के बेहद करीबी हैं. इसलिए उनके नाम को फाइनल माना जा रहा है. हालांकि वाणी राव भी टिकट की कवायद में जुटी हुई हैं.

झारखंड के सीएम की बहू बनेगी छत्तीसगढ़ की बेटी पूर्णिमा आज

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रायपुर। झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास का छत्तीसगढ़ से तो वैसे तो पुराना गहरा नाता है। बताया जाता है कि, वह मूलत: छग की राजधानी रायपुर के वाशिंदे हैं और इसी वजह से उनके परिवार के कई लोग आज भी रायपुर में रहते हैं। अब वह अपने इकलौते बेटे ललित का विवाह भी रायपुर के एक मध्यम परिवार की बेटी पूर्णिमा से करने जा रहे हैं। पूर्णिमा के पिता भागीरथ साहू, साहूकार हैं जबकि मां कौशल्या शिक्षक। जानकारी के मुताबिक शुक्रवार को पूर्णिमा व ललित परिणय सूत्र में बंध जाएंगे।

विवाह समारोह की यहां जोर-शोर से तैयारी चल रही है। वीआईपी चौक स्थित होटल में करीब दो हजार लोगों के रुकने की व्यवस्था की गई है। हवाई अड्डे के करीब होटल में सात फेरों की तैयारी की जा रही है। शादी में प्रदेश के तमाम भाजपा नेता शामिल होंगे। छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम रमन सिंह भी शामिल होंगे।सीएम की होने वाली बहू पूर्णिमा ने बताया कि जब इतने बड़े परिवार का रिश्ता आया तो मैं काफी घबरा गई थी। मन में कई सवाल आ रहे थे कि आखिर मुझे ही क्यों पसंद किया गया? इसी बीच जब ससुरजी से वीडियो कॉल पर बात हुई तो मन को शांति मिली।

शादी की तैयारी साधारण परिवार की तरह की जा रही है। वीआईपी रोड स्थित होटल की तैयारी कर रहे राजेश तुल्सीयन ने बताया कि शादी सामान्य परिवार की तरह की जा रही है। विवाह में बस अतिथियों के स्वागत पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है। बाकी सब सामान्य ही होगा।

छत्तीसगढ़ : बदल गया इन परीक्षाओं का टाइम टेबल चुनाव के चलते

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रायपुर। लोकसभा चुनाव का असर छात्रों की परीक्षाओं पर भी पड़ा है। सरकार ने बोर्ड परीक्षाओं की तारीखों में बदलाव कर दिया है। राज्य ओपन स्कूल बोर्ड परीक्षा में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा के कई प्रश्न पत्रों का शेड्यूल बदल दिया गया है। नौ से 16 अप्रैल तक की सभी परीक्षाओं का रद कर दिया गया है। नौ अप्रैल को प्रस्तावित 10वीं हिन्दी की परीक्षा अब 27 अप्रैल को होगी।

10 अप्रैल को प्रस्तावित 12वीं भूगोल की परीक्षा अब 29 अप्रैल को होगी। 11 अप्रैल को प्रस्तावित 10वीं की अंग्रेजी की परीक्षा 30 अप्रैल को होगी। 12 अप्रैल को प्रस्तावित 12वीं की अंग्रेजी की परीक्षा अब एक मई को होगी। 15 अप्रैल को 10वीं की अर्थशास्त्र की प्रस्तावित परीक्षा अब पांच मई को होगी और 16 अप्रैल को प्रस्तावित बारहवीं हिन्दी की परीक्षा अब तीन मई को होगी।

बीए, बीएससी और बीकॉम की परीक्षाएं भी टकराईं

राज्य में लोकसभा चुनाव के लिए मतदान 11 अप्रैल, 18 अप्रैल और 23 अप्रैल को होना है। इन तीनों तारीखों पर पंडित रविशंकर शुक्ल विवि की बीए, बीएससी, बीकॉम और अन्य स्नातक एवं स्नातकोत्तर की परीक्षाएं टकरा रही हैं।

मतदान के दो दिन पहले और दो दिन बाद तक की लगभग सभी परीक्षाओं को स्थगित करने के लिए तैयारी चल रही है। रविवि के कुलपति डॉ. केशरीलाल वर्मा का कहना है कि लोकसभा चुनाव के मद्देनजर परीक्षाओं के शेड्यूल में बदलाव किया जाएगा। रविवि के अलावा बस्तर विवि, सरगुजा विवि, दुर्ग विवि समेत अन्य विश्वविद्यालयों की परीक्षाएं भी प्रभावित हो रही हैं।

रविवि की एक दिन में तीन पाली की परीक्षाएं होंगी प्रभावित

रविवि में सत्र 2017-18 में विवि की परीक्षा में एक लाख 38 हजार विद्यार्थी शामिल हुए थे। इस साल एक लाख 45 हजार विद्यार्थी शामिल हो रहे हैं। परीक्षा हर दिन तीन पालियों में आयोजित की जा रही है। पहली पाली सुबह सात से 10 बजे तक बीएससी, बीसीए, बी लिब, स्नातकोत्तर स्तर पर एमए पूर्व व अंतिम की परीक्षाओं में इतिहास, अर्थशास्त्र और राजनीति विज्ञान की परीक्षा हो रही है।

इसी समय एमए, एमएससी, पीजी डिप्लोमा आदि की परीक्षा ली जा रही है। दूसरी पाली में सुबह 11 से दोपहर दो बजे तक बीकॉम, एमए अंग्रेजी, दर्शनशास्त्र, भाषा विज्ञान, क्लासिक्स, हिन्दी, प्राचीन भारतीय इतिहास, संस्कृत एवं पुरातत्व , एमए पूर्व अंतिम संस्कृत, एमए अंतिम भूगोल , मनोविज्ञान, एमए पूर्व व अंतिम समाजशास्त्र, लोक प्रशासन और तीसरी पाली में दोपहर तीन से शाम छह बजे तक बीए और बीए क्लासिक्स की परीक्षाएं ली जा रही है। एक दिन में तीन से अधिक कक्षाओं की परीक्षाएं होने के कारण ज्यादा से ज्यादा विद्यार्थी प्रभावित हो रहे हैं।

छत्तीसगढ़ : 18000 कर्मचारियों के हाथ रहेगी लोकसभा चुनाव की कमान

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रायपुर। रायपुर लोकसभा चुनाव को सकुशल संपन्ना कराने के लिए 18 हजार कर्मचारियों की ड्यूटी लगाने की तैयारी कर ली गई है। इनके ट्रेनिंग का भी दौर शुरू हो चुका है। मतदान अधिकारी और कर्मियों की ट्रेनिंग का प्रथम चरण पूरा हो चुका है। करीब 85 फीसद कर्मचारी वहीं हैं जिनकी ड्यूटी पिछले विधानसभा चुनाव में लगाई गई थी। इसमें कुछ लोगों का स्थानांतरण आदि होने के कारण सूची में सिर्फ मामूली संशोधन हुआ है।

इसके लिए भी सरकारी विभागाध्यक्षों से कर्मचारियों की एक बार फिर अपडेट सूची मांगी गई है। लेकिन निर्वाचन अधिकारियों की ड्यूटी लगाने के साथ ही उन्हें आचार संहिता लागू होते ही जिम्मेदारी भी सौंप दी गई है।

निर्वाचन प्रक्रिया पर नजर रखने को दल गठित

निर्वाचन व्यय अनुवीक्षण के तहत सभी प्रकार के दलों के गठन के कार्य भी पूरे कर लिए गए हैं। इसमें 147 सेक्टर मजिस्ट्रेट, 69 उड़नदस्ता, 25 स्थैतिक निगरानी दल बनाए गए हैं। एक दल में तीन सदस्य होंगे। इन्हें मजिस्ट्रेट की शक्तियां प्रदान की गई हैं। ये दल चुनाव के दौरान राजनीतिक पार्टियों की हर गतिविधियों पर नजर रखेंगी।

नियंत्रण और शिकायत सेल भी क्रियाशील

आचार संहिता लागू होने के बाद जिला निर्वाचन कार्यालय में नियंत्रण कक्ष और शिकायत सेल, मीडिया अनुवीक्षण सेल क्रियाशील कर दिए गए हैं। यहां भी पूर्व की भांति पार्टियों की शिकायतों के परीक्षण करने के लिए संबंधित क्षेत्र के अधिकारियों को दिए जाएंगे।

24 घंटे रखेंगे निर्वाचन पर नजर

गठित दल और नियंत्रण कक्ष 24 घंटे निर्वाचन की प्रक्रिया पर नजर रखेंगे। इसमें शिफ्टवार भी ड्यूटी लगाई जाएगी। जहां इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के राजनीतिक विज्ञापन और खबरों पर नजर रखी जाएगी। इसके साथ ही प्रिंट मीडिया में पेड न्यूज की समीक्षा होगी। नियंत्रण कक्ष से ही विज्ञापन के प्रकाशन और प्रसारण की अनुमति भी दी जाएगी।

छत्तीसगढ़ : पर्यटन विभाग की दो परियोजनाओं पर आचार संहिता का ब्रेक

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रायपुर। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा लोकसभा सामान्य निर्वाचन के लिए तिथियों के एलान के साथ ही प्रभावी आदर्श आचार संहिता ने पर्यटन विभाग की दो परियोजनाओं पर ब्रेक लग गया है। प्रसाद योजना में स्वीकृत 50 करोड़ की डोंगरगढ़ परियोजना व राज्य के 15 होटलों को निजी क्षेत्र में सौंपे जाने का एग्रीमेंट अब लोकसभा चुनाव के बाद ही हो पाएगा। दोनों के प्रोजेक्ट शासन स्तर पर लापरवाही व लेट-लतीफी के कारण अटके हैं।

भारत सरकार के पर्यटन मंत्री जे अल्फांस ने छत्तीसगढ़ को अपनी प्रसाद योजना के तहत 50 करोड़ की एक सौगात दी थी। वे सौ करोड़ की ट्रायबल टूरिज्म सर्किट के उद्घाटन में धमतरी के गंगरैल में आए थे। मंत्री की स्वीकृति के बाद इस पैसे के लिए दंतेश्वरी मंदिर परिसर का चयन किया गया, जिसे बाद में परिवर्तित कर डोंगरगढ़ कर दिया गया।

सारी कवायद कर प्रर्यटन मंडल ने पत्रावली शासन को प्रेषित की, जिसे भारत सरकार को भेजा जाना था। इसी तरह पर्यटन मंडल ने अपने 55 होटलों को निजी क्षेत्रों को देने के लिए टेंडर निकाला। 20 होटलों में निजी क्षेत्र के लोगों ने अपनी दिलचस्पी दिखाई। पर्यटन विभाग ने उसमें से भी सात लोगों के आवेदन को खारिज कर 13 लोगों के आवेदन को हरी झंडी देकर उसकी पत्रावली राज्य शासन को प्रेषित कर दी।

इसी बीच विधानसभा चुनाव के कारण उन कार्यों को संपादित नहीं किया जा सका। विधानसभा चुनाव संपन्न होने व नई सरकार के कार्यकाल भार संभाले दो महीने हो जाने के बाद भी शासन ने न तो डोंगरगढ़ का प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा न ही होटल-मोटल को निजी क्षेत्र में देने का एग्रीमेंट ही किया।

दो महीने बाद लोकसभा चुनाव के लिए आचार संहिता लागू हो गई और एक बार फिर यह दोनों प्रोजेक्ट आचार संहिता की चपेट में आ गए। दोनों ही परियोजनाओं के ब्रेक लगने से विभाग का नुकसान है। यदि पर्यटन विभाग के होटल संचालित हो जाते तो इससे विभाग का आय होती और भारत सरकार के पैसे आ गए होते तो उससे डोंगरगढ़ का विकास।

नियमित कार्य हैं, चुनाव बाद हो जाएंगे संपादित

छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के प्रबंध निदेशक एमटी नंदी का कहना है कि दोनों कार्य नियमित हैं, चुनाव बाद संपादित होंगे। कहा दोनों ही कार्यों की फाइल सचिव पर्यटन विभाग कार्यालय को काफी पहले प्रेषित कर दी गई थी।

सचिव बदलने से जगी थी उम्मीद

पर्यटन विभाग में सचिव निहारिका बारिक सिंह के स्थानांतरण के बाद उम्मीद जगी थी कि नई सचिव इस कार्य को प्राथमिकता पर संपादित करेंगी तभी आचार संहिता प्रभावित हो गई। अब विभाग को लोकसभा चुनाव होने का इंतजार करना होगा।

छत्तीसगढ़ : आचार संहिता लगते ही दो दिन में पकड़े गए 50 वारंटी

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बिलासपुर

लोकसभा चुनाव के लिए आचार संहिता लागू होते ही पुलिस ने सख्त रवैया अपनाना शुरू कर दिया है। एसपी अभिषेक मीणा ने सभी थानेदारों को वारंटियों की धरपकड़ करने का फरमान जारी किया था। उनके निर्देश पर बीते दो दिन में पुलिस ने 50 से अधिक वारंटियों को पकड़ लिया है।

आचार संहिता को देखते हुए जुआ-सट्टा के साथ ही अवैध शराब बेचने वालों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। आयोग को दिखाने के लिए प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी की जा रही है। वहीं पुलिस ने अब वारंटियों की तलाश भी शुरू कर दी है। इसी तरह अपराधियों और आसामाजिक तत्वों के युवकों पर भी कार्रवाई शुरू कर दी है। विभिन्न मामलों में लंबे समय से फरार चल रहे वारंटियों को पकड़ा जा रहा है। एसपी मीणा के निर्देश पर प्रत्येक थाने में टीम बनाकर वारंटियों को पकड़ने के काम में लगाया गया है। एएसपी सिटी ओपी शर्मा ने बताया कि एसपी के निर्देश पर वारंटियों की तलाश की जा रही है। दो दिन के भीतर पुलिस ने जिले में 50 से अधिक वारंटियों को पकड़ने में सफलता पाई है।

जिले में हैं छह हजार वारंटी

पुलिस अफसरों ने बताया कि जिले में वारंटियों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। अभी करीब पांच हजार से स्थाई वारंटी हैं। इसी तरह तीन सौ से अधिक जमानती और करीब तीन सौ गिरफ्तारी वारंट लंबित हैं। विधानसभा चुनाव की अपेक्षा इस बार ज्यादा से ज्यादा वारंटियों की धरपकड़ की जाएगी। इसके लिए सभी थानेदारों को टास्क दिया गया है।

छत्तीसगढ़ : बस में उठाईगिरी, दो लाख का जेवर पार

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रायपुर

सरायपाली-बसना के लिए निकले एक यात्री उठाईगिरी का शिकार हो गया। अज्ञात शख्स ने पंडरी से बस में सवार होने के बाद यात्री के दो लाख रुपये के गहने गायब कर दिया। 70 वर्षीय करूणाशंकर अवस्थी अम्लेश्वर दुर्ग में रहते हैं। रविवार को परिवार समेत वे अपने मूलगांव पिथौरा-बसना जाने के लिए निकले थे। रात में वे सीजी 04 जेसी 1527 बस में सवार हुए और एक सीट के किनारे जेवरों से भरा बैग रख दिया। बाजू में परिवार के सदस्य भी थे। रात में सफर के दौरान उन्हें नींद आ गई। पिथौरा पहुंचने के बाद आंखें खुली तो जेवरों से भरा बैग गायब मिला। जिस पर करूणाशंकर ने तत्काल बस चालक व कंडक्टर को इसके बारे में खबर दी। बस में जांच पड़ताल करने के बाद भी उठाईगिरी करने वाले का कुछ पता नहीं चल सका। पीड़ित ने देवेंद्र नगर थाना में सूचना दर्ज कराई। बयान लेने के बाद पुलिस ने मामला कायम किया। बैग में सोने का हार, झुमका, बाली, मांग टीका, पाजेब, चांदी का करधन, चूड़ी व नगदी रकम 16 हजार रुपये रखे थे जिनकी कुल कीमत दो लाख रुपये के आसपास आंकी गई है।

छत्तीसगढ़ : बेटी टिकेश्वरी की बहादुरी का कारनामा देख मौत भी उल्टे पांव लौट गई

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 डौंडीलोहारा। कहते हैं हौसला हो तो मौत को भी उल्टे पांव लौटना ही पड़ता है। डौंडीलोहारा ब्लॉक के ग्राम बंजारी निवासी 18 वर्षीय बालिका टिकेश्वरी ने इसे प्रमाणित कर दिया। खरखरा बांध में नाव पलट जाने से पांच लोग डूब रहे थे। उसमें उसके पिता भी थे। चीख-पुकार सुनते ही टिकेश्वरी बिना एक पल गंवाए पीपे के नाव लेकर पानी में कूद गई। उसने पिता समेत दो और जिंदगियां तो बचा ली, लेकिन तब तक दो अन्य पानी में लापता हो गए थे। इस घटना के बाद एक ओर जहां अंचल में टिकेश्वरी की बहादुरी की जमकर प्रशंसा हो रही है, वहीं टिकेश्वरी बार-बार यही कहती है, काश उन दोनों की भी मदद कर पाती। बंजारी के बिसौहा राम निषाद मल्लाह हैं।

मछली पकड़ना और नौका विहार कराना उनकी रोजी-रोटी का जरिया है। रविवार शाम पिकनिक मनाने के लिए आए चार युवकों देवनाथ सोनकर, रिंकू साहू, परमिंदर सिंह व टिकेश्वर को नाव पर बैठाकर वे घाट से करीब 500 मीटर दूर गए थे कि एकाएक नाव पलट गई।

वहां करीब 25 फीट गहरा पानी था। सभी डूबने लगे। सभी मदद के लिए आवाज दे रहे थे। यह आवाज बांध के किनारे मछली पकड़ रही टिकेश्वरी के कानों में भी पहुंची। इस बहादुर बिटिया ने घाट पर रखे पीपे वाली नाव ली और पानी में उतर गई।

उनके पास पहुंचते ही नाव से पानी में कूद गई और एक-एक कर बिसौहा, टिकेश्वर और परमिंदर को किसी तरह नाव पर डाली, लेकिन दो अन्य युवक तब तक लापता हो गए थे। दोनों हाथों से नाव खेते हुए किनारे तक लाई। तब तक घाट पर कई अन्य लोग जुट गए थे। इस तरह तीनों की जान बच गई।

मौत से क्या डरना नवमीं तक शिक्षित टिकेश्वरी यह पूछने पर कि मौत से डर नहीं लगा, कहती है, ‘मौत से क्या डरना। वह तो सभी को आनी है। जिंदगी बचाने से जो खुशी मिली है, उससे बड़ी कोई चीज नहीं हो सकती।” बेटी ने चुकता कर दिया हिसाब बिसौहा कहते हैं कि मेरी बेटी का अस्तित्व मुझसे ही है। हर औलाद के जन्मदाता उसके माता-पिता होते हैं। लेकिन आज मेरी बेटी ने मुझे नई जिदंगी देकर हिसाब चुकता कर दिया है।

छत्तीसगढ़ : बन गया बीपीएल कार्ड, लेकिन गरीबी की सर्वे सूची में नहीं है नाम, आरटीई में हजारों के फार्म रिजेक्ट

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रायपुर

स्कूल शिक्षा विभाग ने शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत एक से 30 मार्च तक ऑनलाइन आवेदन मंगाए हैं। रायपुर में अब 4500 आवेदन हो चुके हैं। इनमें हजारों ऐसे पालकों के आवेदन निरस्त कर दिए गए हैं, जिनके पास बीपीएल कार्ड है, लेकिन गरीबी रेखा की सूची में नाम नहीं है। पालक आवेदन ही नहीं कर पा रहे हैं। दरअसल उनसे गरीबी सूची के सर्वे 2002 और 2007 के तहत नाम मांगा जा रहा है। आरटीई में पात्रता के तौर पर बीपीएल कार्ड को मांगा जा रहा है। इनमें कई पालक ऐसे भी पहुंच रहे हैं, जिनके पास बीपीएल कार्ड तो है, लेकिन बीपीएल सूची में नाम नहीं है। लिहाजा नोडल अधिकारी उनके आवेदन लौटा रहे हैं। बीपीएल सूची में नाम नहीं होने से पालकों को आरटीई में दाखिला कराने के लिए भटकना पड़ रहा है। सवाल उठ रहे हैं कि आखिर खाद्य विभाग ने ऐसे कार्ड कैसे जारी कर दिया है, जिनका नाम सूची में नहीं है या फिर जो नए गरीब हैं, उनका नाम यदि सूची में नहीं है तो वे फिर कैसे आवेदन कर पाएंगे? साल 2007 के बाद गरीबी सूची में नए लोगों के नाम भी नहीं जोड़े गए हैं। बता दें कि एक से सात अप्रैल तक आवेदनों का परीक्षण किया जाएगा। 25 अप्रैल तक लॉटरी की पहली सूची जारी होगी। पांच मई के बाद यदि कोई सीट रिक्त होगी तो उसे अनारक्षित कोटे के तहत भरा जाएगा।

पचपेड़ी नाका की रहने वाली ममता ने बताया कि उनके पास बीपीएल कार्ड है । साल 2011 की आर्थिक एवं सामाजिक जनगणना सूची में नाम भी है, लेकिन उन्हें नोडल अधिकारी लौटा रहे हैं। इसी तरह टिकरापारा की सरोज ने भी शिकायत की है। बता दें कि प्रदेश में सबसे अधिक आवेदन अभी तक रायपुर में ही आए हैं। राज्य के 6 हजार 428 निजी स्कूलों में सिर्फ 732 स्कूलों में पहली कक्षा में दाखिले के लिए एंट्री कक्षाएं हैं। बाकी सभी सीटें नर्सरी या केजी वन के लिए हैं। नसरी के लिए उम्र सीमा तीन से चार साल रखा गया है। आरटीई के तहत सरकार बच्चों का दाखिला निजी स्कूलों के 25 प्रतिशत सीटों पर कराकर उनके शिक्षण का स्वयं शुल्क देती है। इसके अलावा यूनिफार्म के लिए 400 रुपये और किताबों के लिए 250 रुपये देने का प्रावधान है।

ये उम्र है निर्धारित

आरटीई के तहत नर्सरी, केजी वन और पहली में दाखिला कराने के लिए बच्चे की उम्र तीन से छह साल निर्धारित की गई है। इनमें नर्सरी के लिए तीन से चार साल निर्धारित किया गया है। निजी स्कूलों में दाखिले के लिए वे बच्चे पात्र होंगे, जिनके पालक बीपीएल कार्डधारी, एससी, एससटी, मानसिक या शारीरिक दिव्यांग, एचआइवी पीड़ित, अनाथ व अन्य वंचित हैं। राज्य में 46 लाख बीपीएल कार्डधारी परिवार हैं। 40 प्रतिशत मानसिक दिव्यांगों को सरकारी या निजी अस्पताल से जारी प्रमाण पत्र देना पड़ेगा।

केंद्रीय विद्यालयों के लिए आवेदन 19 तक

राजधानी समेत प्रदेश के सभी केंद्रीय विद्यालयों में सत्र 2019-20 के लिए पहली कक्षा में दाखिले की प्रक्रिया एक मार्च से शुरू हो गई है। यह प्रक्रिया 19 मार्च तक चलेगी। आवेदन ऑनलाइन भरे जा रहे हैं। केंद्रीय विद्यालयों में दाखिले के लिए सैकड़ों आवेदन पहले ही दिन आ चुके हैं। पहली कक्षा के लिए पहली सूची 26 मार्च को आएगी। इसके बाद दूसरी सूची नौ अप्रैल को आएगी। यदि सीट बचती है तो अंतिम सूची 23 अप्रैल को आएगी।

छत्तीसगढ़ के CM भूपेश पहुंचे अहमदाबाद

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रायपुर। लोकसभा चुनाव की रणनीति बनाने के लिए मंगलवार को कांग्रेस की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक अहमदाबाद में होगी। इस बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल भी शामिल होंगे। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी अब सभी राज्यों को रोडमैप बताएंगे, जिस पर चलकर कांग्रेस केंद्र में अपनी सरकार बनाने की कोशिश करेगी।

कांग्रेस की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक 28 फरवरी को अहमदाबाद में रखी गई थी, लेकिन पुलवामा आतंकी हमला और उसके बाद देश में बने तनाव के हालात को देखकर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने इस बैठक को रद्द कर दिया था। अब लोकसभा चुनाव के लिए आचार संहिता लग चुकी है, तो राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक बुला ली गई है। सोमवार शाम को बघेल बैठक में शामिल होने के लिए रायपुर से रवाना हुए।

पार्टी सूत्रों का कहना है कि राष्ट्रीय कार्यकारिणी जो रोडमैप देगी, उसी के आधार पर प्रदेश में लोकसभा चुनाव के कार्यक्रम, अभियान और सभाएं कराई जाएंगी। इस बैठक में यह भी तय हो जाएगा कि कांग्रेस को मोदी सरकार को घेरने के लिए किन मुद्दों को लेकर अटैक करना है।

कांग्रेस के खिलाफ भाजपा की तरफ से उठाए जाने वाले मुद्दों का काउंटर कैसे करना है, यह बताया जाएगा। राष्ट्रीय कार्यकारिणी के बाद 16 मार्च को दिल्ली में केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक है, जिसमें राहुल गांधी प्रत्याशी तय करेंगे।

टिकट पर भी हो सकती है चर्चा

पार्टी के विश्वस्त सूत्रों की मानें तो राष्ट्रीय कार्यकारिणी में टिकट के लिए वर्ग व श्रेणी पर बात हो सकती है। कितने फीसद युवा या महिला प्रत्याशी उतारे जाने हैं, इस पर बात होने की संभावना है।

भूपेश बोले-भाजपा को देश से नहीं, दल से मतलब

मुख्यमंत्री व पीसीसी अध्यक्ष बघेल ने सोमवार को राजीव भवन में पत्रकार वार्ता ली। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि पूर्ववर्ती भाजपा सरकार के मुख्यामंत्री डॉ. रमन सिंह ने अपने 15 साल के कार्यकाल में क्या काम किया, उसे छांट लें और कांग्रेस सरकार के दो महीने के कामों से तुलना कर लें।

पता चल जाएगा कि कांग्रेस सरकार ने क्या काम किया है? बघेल ने पीएम नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सबको पता था कि लोकसभा चुनाव के पहले राम मंदिर का मामला गरमाएगा या फिर, सीमा पर तनाव पैदा किया जाएगा। पहले राम मंदिर के मामले को गरमाने की कोशिश की, तो साधु-संतों ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का ही विरोध कर दिया। उसके बाद सीमा पर तनाव पैदा किया।

भाजपा को देश से नहीं, दल से मतलब है। बघेल ने यह भी कहा कि जब इस देश में सूट बदलने पर गृहमंत्री का इस्तीफा लिया जा सकता है, तो 40 जवानों के शहीद होने के बाद फोटोशूट कराने वाले प्रधानमंत्री का इस्तीफा क्यों नहीं लिया जा सकता है? बघेल ने कहा कि पुलवामा आतंकी हमले के लिए जिम्मेदार कौन है, इसका जवाब कौन देगा? देश जवाब मांग रहा है।