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छत्तीसगढ़ सरकार के दो महीने के कामकाज से तय होंगे लोकसभा के नतीजे

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में पिछले तीन लोकसभा चुनाव के नतीजे भले ही एकतरफा भाजपा के पक्ष में रहे हैं, इस बार कांग्रेस के पास लड़ाई रोचक बनाने के पर्याप्त कारण हैं। कांग्रेस अब प्रदेश की सत्ता में है। विधानसभा चुनाव में मतदाताओं ने कांग्रेस से अधिक उम्मीदें पाल कर बंपर जीत दिलाई। इससे लोकसभा चुनाव में विधानसभा चुनाव जैसे परिणाम का दबाव भी कांग्रेस पर है।

यही कारण है कि कांग्रेस आलाकमान ने यहां की सभी 11 सीटें जीतने का लक्ष्य दिया है। हालांकि कांग्रेस कितनी सीट जीत पाएगी यह इस बात से तय होगा कि सरकार बनने के बाद जनता से किए गए कितने वादे इमानदारी से पूरे किए गए।

एक तरफ मोदी सरकार की पांच साल उपलब्धियों को लेकर भाजपा जनता के बीच जाने की तैयारी कर रही है तो वहीं कांग्रेस सिर्फ दो महीने की अपनी सरकार के कामकाज को आधार बना रही। यानी कांग्रेस 60 महीने बनाम 60 दिन पर चुनाव मैदान में उतर रही है।

20 दिसंबर को बनी थी कार्ययोजना

प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनते ही खुद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मंत्रालय जाकर मुख्य सचिव को घोषणापत्र सौंपा था। 20 दिसंबर को मंत्रालय में वरिष्ठ अफसरों की बैठक हुई जिसमें सभी विभागों की कार्ययोजना बनाई गई। सहकारिता, खाद्य, ऊर्जा, कौशल उन्न्यन एवं तकनीकी शिक्षा तथा रोजगार, स्वास्थ्य, स्कूल शिक्षा, नगर प्रशासन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, वन, महिला एवं बाल विकास, वित्त, समाज कल्याण, आबकारी, राजस्व, जल संसाधन, उद्योग, कृषि, पशुधन, सामान्य प्रशासन, गृह, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पर्यटन आदि तमाम विभागों को लक्ष्य दिया गया था। कई योजनाएं शुरू हुईं कई छूट गईं।

दो महीने में सरकार ने क्या किया

किसानों का कर्ज माफ किया, धान का समर्थन मूल्य बढ़ाया। कर्मचारियों को 9 फीसद डीए दिया। पुलिस कर्मियों को साप्ताहिक अवकाश। 15 हजार शिक्षकों की भर्ती की घोषणा। गोठान के लिए बजट आवंटन। आबकारी नीति के लिए अध्ययन दल बनाकर मामले को टाला गया है। बेरोजगारी भत्ता का वादा पूरा तो नहीं हुआ पर इसके लिए भी कमेटी बनाई गई है।

यह नहीं कर पाए

किसानों को धान का दो साल का बकाया बोनस, हर परिवार को 35 किलो चावल देने की योजना, 25 सौ रुपये बेरोजगारी भत्ता, यूनिवर्सल हेल्थ स्कीम, शिक्षाकर्मियों का नियमितीकरण, संपत्तिकर में राहत, वनाधिकार पट्टा वितरण, कर्मचारियों को चार स्तरीय वेतनमान, एक हजार और 15 सौ रुपये पेंशन देने की योजना, शराबबंदी, किसान पेंशन, लोकपाल की नियुक्ति, संविदा और अनियमित कर्मचारियों का नियमितीकरण, पुलिस कल्याण योजना, चिटफंड कंपनियों पर कार्रवाई, पत्रकारों-वकीलों के लिए विशेष सुरक्षा कानून आदि ऐसी घोषणाएं हैं जिनपर काम नहीं हो पाया है।

दिन-रात काम किया फिर भी कम पड़ गया समय

छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव के बाद लोकसभा की तैयारी के लिए बेहद कम समय बचता है। दिसंबर में सरकार बनी तो कुछ दिन तो सीएम, मंत्री विधायकों को अपने क्षेत्र में ही रहना पड़ा। इसके बाद दिन रात काम शुरू हुआ। रोज देर रात तक निर्णय लिए जाते रहे। आधी रात को ट्रांसफर आर्डर निकाले गए।

बड़ी योजनाओं की घोषणा देर रात तक की जाती रही। शराबबंदी नहीं हो पाई तो अध्ययन दल बनाकर संदेश देने की कोशिश की गई। बेरोजगारी भत्ता के मामले में भी यही किया गया।

सरकार ने यह बताने की पूरी कोशिश की है कि वादे पूरे होंगे। दो महीने में सबकुछ तो नहीं किया जा सकता। आचार संहिता लगने से पहले के अंतिम दो दिन तो छत्तीसगढ़ सरकार के लिए बेहद मुश्किल रहे। दिन रात मंत्रालय खुला रहा। फिर भी कुछ काम नहीं हो पाए हैं। देखना है कि जनता 60 महीने बनाम 60 दिन को किस नजरिए से देखती है।

गुजरात: कांग्रेस से एक और विधायक का इस्तीफा, पिछले चार दिन में 3 विधायकों ने छोड़ी पार्टी

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अहमदाबाद: गुजरात में कांग्रेस के एक के बाद एक विधायक पार्टी का साथ छोड़ते जा रहे हैं. पिछले चार दिन में तीन विधायक पार्टी से नाता तोड़ चुके हैं. कांग्रेस कार्य समिति की बैठक अहमदाबाद में कल बैठक होने वाली है. बैठक से एक दिन पहले सोमवार को जामनगर (ग्रामीण) से विधायक वल्लभ धारविया ने पार्टी छोड़ दी. उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष राजेंद्र त्रिवेदी को सोमवार दोपहर को इस्तीफा सौंप दिया. सूत्रों के मुताबिक, धारवरिया भी सत्तारूढ़ बीजेपी में शामिल हो सकते हैं. त्रिवेदी ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा, “धारविया ने जामनगर (ग्रामीण) के विधायक पद से इस्तीफा दे दिया. उन्होंने मुझे बताया कि वह स्वेच्छा से इस्तीफा दे रहे हैं.”

धारविया के इस्तीफे से पहले उनकी पार्टी के पूर्व सहयोगी परषोत्तम सबारिया ने आठ मार्च को ध्रांगधरा विधायक के पद से इस्तीफा दे दिया था. वह सत्तारूढ़ बीजेपी में शामिल हो गए थे. सबारिया को सिंचाई घोटाले के संबंध में गत वर्ष अक्टूबर में गिरफ्तार किया गया था और गुजरात हाईकोर्ट से उन्हें फरवरी में जमानत मिली थी.

सबारिया ने कहा कि उन पर बीजेपी में शामिल होने का दबाव नहीं था और साथ ही दावा किया था कि वह अपने निर्वाचन क्षेत्र के विकास के लिए पार्टी बदल रहे हैं. आठ मार्च को माणवदर से कांग्रेस विधायक जवाहर चावड़ा ने भी विधानसभा से इस्तीफा दे दिया था और वह भी बीजेपी में शामिल हो गए थे. उन्हें नौ मार्च को विजय रुपाणी सरकार में मंत्री बनाया गया था.

पिछले कुछ महीनों में पांच विधायकों ने तोड़ा नाता
पिछले कुछ महीने में गुजरात में इस्तीफा देने वाले कांग्रेस विधायकों की संख्या पांच हो गई है. इन पांच विधायकों के अलावा कांग्रेस ने एक और विधायक गंवा दिया जब भगवान बराड़ को पांच मार्च को सदन की सदस्यता से अयोग्य घोषित कर दिया गया. उन्हें अवैध खनन मामले में दो साल की जेल की सजा सुनाई गई थी. पिछले साल जुलाई में कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक कुंवरजी बावलिया ने भी इस्तीफा दे दिया था और उन्हें बाद में राज्य सरकार में कैबिनेट मंत्री बनाया गया वह तब बीजेपी के टिकट पर उपचुनाव जीते थे.

पिछले महीने उंझा से पहली बार विधायक बनी आशा पटेल ने सदन और कांग्रेस की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था और वह सत्तारूढ़ पार्टी में शामिल हो गई थीं. बीजेपी के पास अब 182 सदस्यीय विधानसभा में 100 विधायक हैं जबकि कांग्रेस के पास 71 विधायक हैं.

गुजरात में कांग्रेस की सीडब्ल्यूसी बैठक कल 
आगामी लोकसभा चुनावों पर चर्चा के लिए गुजरात में मंगलवार को कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक होगी. बैठक के बाद गांधीनगर के अडालज में एक रैली होगी जिसमें कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा राजनीति में आने के बाद पहली बार जनसभा को संबोधित कर सकती हैं. कांग्रेस की निर्णय लेने वाली शीर्ष इकाई सीडब्ल्यूसी की बैठक गुजरात में 58 साल बाद हो रही है. इससे पहले 1961 में बैठक हुई थी.
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की मौजूदगी में पाटीदार आरक्षण आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल पार्टी में शामिल होंगे. एक महीने के भीतर राहुल गांधी का गुजरात का यह दूसरा दौरा होगा। इससे पहले उन्होंने 14 फरवरी को वलसाड जिले में रैली को संबोधित किया था. हालांकि बैठक से पहले चार विधायकों ने इस्तीफे ने मजा किरकिरा कर दिया है.

कांग्रेस नेता : एक चींटी भी नहीं मारी और कहते हैं 350 को मार के आए

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नई दिल्ली। पुलवामा में हुए आतंकी हमले के जवाब में भारतीय वायुसेना की कार्रवाई पर विवादित बयानों का सिलसिला अभी भी नहीं थमा है। एक बार फिर कांग्रेस के दिग्गज नेता ने मोदी सरकार को निशाने पर लेने के दौरान वायुसेना की कार्रवाई का मजाक उड़ा दिया।

महाराष्ट्र के पूर्व सांसद और विधान पार्षद हरिभाऊ राठौड़ ने कहा, ‘वे कहते हैं कि उन्होंने पाकिस्तान पर हमला कर दिया और 350 लोगों को मार गिराया। लेकिन उन्होंने एक चींटी तक को नहीं मारा।’

महाराष्ट्र के यवतमाल इलाके से आने वाले हरिभाऊ राठौड़ पुराने नेता हैं और दलितों के लिए काम करते हैं। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने कांग्रेस पर जमकर तंज कसे हैं।

Lok Sabha Elections 2019: दिल्ली की सातों सीटों पर 12 मई को होगा मतदान

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नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर की सभी सीटों के लिए छठे चरण में 12 मई को मतदान होगा। दिल्ली की सातों सीटों और इससे जुड़े हुए फरीदाबाद, गुरुग्राम, सोनीपत में एक ही दिन मतदान होगा। चुनाव परिणाम 23 मई को घोषित किए जाएंगे।

रविवार को लोकसभा चुनाव के बारे में घोषणा करते हुए कहा मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि इस बार सभी बूथों पर पोलिंग के दौरान वीवीपैट का इस्तेमाल किया जाएगा।

गौरतलब है कि 2014 में लोकसभा की 7 सीटों पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने जीत हासिल की थी। वहीं विधानसभा चुनावों में आम आदमी पार्टी (AAP) ने जीत हासिल की थी।

गौरतलब है कि दिल्ली से सटे यूपी में सात चरणों में चुनाव होगा। कुल सीटों की संख्या 80 है। प्रदेश के पूर्व क्षेत्र में कुल सीटों की संख्या 40 है, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कुल सीटों की संख्या 39 है। 2014 में हुए लोक सभा चुनाव में प्रदेश की कुल सीटों में सर्वाधिक 73 सीटों में बीजेपी गठबंधन के खाते में गई थीं। बीजेपी का मुख्य मुकाबला सपा-बसपा गठबंधन के बीच होगा। कांग्रेस ने प्रियंका गांधी को चुनावी समर में उतार कर मुकाबले को काफी दिलचस्प बना दिया है।

यहां पर बता दें कि केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता विजय गोयल ने रविवार सुबह कहा था कि दिल्ली की लोकसभा की सात सीटों पर उनकी पार्टी का कांग्रेस से सीधा मुकाबला है और आगामी लोकसभा चुनाव में AAP राष्ट्रीय राजधानी में तीसरे स्थान पर रहेगी।

बता दें कि चांदनी चौक लोकसभा सीट से पार्टी के संभावित उम्मीदवारों में गोयल का भी नाम चल रहा है। इस सीट का प्रतिनिधित्व फिलहाल केंद्रीय मंत्री हर्ष वर्धन करते हैं।

Indian Army : सुरक्षाबलों ने पिछले 70 दिनों में मार गिराए 44 आतंकवादी

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भारतीय सेना को 2019 के पहले 70 दिनों में, सुरक्षा बलों को मुख्य रूप से जैश-ए-मोहम्मद से 44 आतंकवादियों को खत्म करने में सफलता मिली है। 2018 में नियंत्रण रेखा के साथ 1629 युद्धविराम उल्लंघन के खिलाफ, इस साल 478 युद्धविराम उल्लंघन पहले ही एलओसी पर हो चुके हैं।

छत्तीसगढ़ : प्रधानमंत्री मोदी को CM भूपेश ने ट्विट कर दी यह चुनौती

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रायपुर। लोकसभा चुनाव की तिथियों की घोषणा के साथ ही अब कांग्रेस और भाजपा में एक-दूसरे पर जुबानी और ट्विट हमले भी बढ़ गए हैं। दोनों पार्टियां एक दूसरे से जनता के सरोकार से जुड़े सवालों के जवाब मांग रही हैं। प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने एक प्रेस कांफ्रेंस आयोजित कर राज्य में अपनी सरकार के 60 दिन के कार्यकाल का ब्योरा दिया।

उन्होंने बताया कि इन कामों के दम पर वे इस बार लोकसभा चुनाव लड़ने जा रहे हैं। दूसरी तरफ इस कांफ्रेंस के बाद सीएम भूपेश बघेल ने एक ट्विट किया है, जिसमें उन्होंने देश के विकास को लेकर पीएम मोदी से जवाब मांगा है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने ट्विट में लिखा है कि, ‘हमने तो प्रेस कॉन्फ्रेंस कर के अपना 60 दिनों का रिपोर्ट कार्ड पेश कर दिया। क्या मोदी जी में हिम्मत है कि वे प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपने 60 महीनों का रिपोर्ट कार्ड पेश करेंगे?’ अब इस ट्विट पर प्रदेश भाजपा या पीएम मोदी की तरफ से किसी जवाब का इंतजार है।

Maharashtra : NCP प्रमुख शरद पवार का ऐलान, नहीं लड़ेंगे चुनाव

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मुंबई। राकांपा (NCP) प्रमुख शरद पवार ने ऐलान किया है कि वे इस बार का लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे। सोमवार को पवार की ओर से जारी बयान में कहा गया कि उनके परिवार के दो सदस्य चुनाव मैदान में उतर रहे हैं, इसलिए उन्होंने चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया है। वे 14 बार चुनाव मैदान में उतर चुके हैं।

बता दें कि मौजूदा समय में शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले बारामती लोकसभा सीट से सांसद हैं, जबकि उनके भतीजे अजीत पवार महाराष्ट्र विधानसभा के सदस्य हैं। इस बीच पवार के बेटे पार्थ पवार के सक्रिय राजनीति में आने की अटकलें लगाई जा रही थीं। कहा जा रहा है कि वे मवाल लोकसभा सीट से मैदान में उतर सकते हैं।

40 थंब इंप्रेशन के बना लिए थे क्लोन, सामने आया साल्वर गिरोह का सच

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ग्वालियर

थम्ब इंप्रेशन क्लोन बनाकर सॉल्वर के जरिए परीक्षा दिलाने के मामले में शनिवार रात क्राइम ब्रांच ने फिरोजाबाद (यूपी) से गिरोह के टेक्निकल एक्सपर्ट सहित दो परीक्षार्थी पकड़े हैं। एक्सपर्ट बीए पास स्टाम्प वेंडर अब तक 40 परीक्षार्थियों के लिए थंब क्लोन बना चुका है। आधार कार्ड पर फोटो बदलना, एडमिट कार्ड सहित अन्य जाली दस्तावेज तैयार करने का काम अपनी दुकान से करता था। फिलहाल इससे पूछताछ की जा रही है। एक थंब क्लोन का 5 से 10 हजार रुपए लेने की बात सामने आई है पर पुलिस उसका खुलासा नहीं कर रही है।

शुक्रवार को बिजौली के बीवीएम कॉलेज में थंब इंप्रेशन क्लोन लगाकर किसी और की जगह परीक्षा देने पहुंचे फर्जी परीक्षार्थी (सॉल्वर) हरिओम तोमर निवासी बरबाई मुरैना को सेंटर पर तैनात अफसरों ने संदेह के आधार पर पकड़ा था। उसके बाद सेंटर के बाहर खड़े एजेंट अमन सिकरवार को भी पकड़ा, लेकिन मुख्य परीक्षार्थी धर्मेन्द्र सिंह फरार हो गया थ। अमन और हरिओम से थंब इम्प्रेशन क्लोन के जरिए अर्द्ध सैनिक बल, पुलिस व अन्य फोर्स की परीक्षाओं में फर्जी परीक्षार्थी बैठाने का रैकेट चलाने वाले यूपी के बड़े गिरोह का खुलासा हुआ है।

बीते रोज पुलिस ने इस गिरोह के अन्य एजेंट केसी उर्फ कालीचरन शर्मा को गिरफ्तार किया था। पर गिरोह की तलाश में निकली क्राइम ब्रांच की टीम को शनिवार रात को मुख्य कामयाबी मिली। उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद शहर से क्राइम ब्रांच ने गिरोह के टेक्निकल एक्सपर्ट राहुल गोयल को गिरफ्तार किया है।

उसके पास से थंब क्लोन बनाने वाली सामग्री और कई फर्जी दस्तावेज मिले हैं, जिन्हें जब्त किया गया है। साथ ही क्राइम ब्रांच ने अपनी जगह सॉल्वर को बैठाने के लिए गिरोह से डील करने वाले दो मुख्य परीक्षार्थी कोमल कौरव निवासी गांव टेटोंन भिंड, करीम खान पनिहार को भी गिरफ्तार किया है। पहले दिन पकड़े गए एजेंट अमन पर इनके नाम के एडमिट कार्ड मिले थे, जिस आधार पर इनको पकड़ा गया है।

दुकान चलाते-चलाते बना गिरोह का हिस्सा

राहुल ने क्राइम ब्रांच के सामने कुछ नामों का खुलासा किया है। उसने बताया कि उसकी फिरोजाबाद में दुकान है। जहां से वह स्टाम्प बेचा करता था। यह आने वाले दस्तावेजों से वह खिलवाड़ करते-करते एक्सपर्ट हो गया। कुछ लोगों ने उसके काम को देखा तो संपर्क कर रैकेट तैयार कर दिया। राहुल ने अभी तक 40 थंब इम्प्रेशन क्लोन बनाए हैं। अब उसने किन-किन लोगों के लिए थंब क्लोन बनाया है और उनमें से कितने लोग परीक्षा दे चुके हैं। यह पता लगाया जा रहा है।

Samjhauta Blast case: असीमानंद समेत तीन आरोपियों के खिलाफ कुछ देर में आएगा फैसला

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पंचकूला। 2007 के Samjhauta blast case में 12 साल बाद आज फैसला आ सकता है। मामले में असीमानंद समेत लोकेश शर्मा, कमल चौहान और राजिंद्र चौधरी आरोपी हैं और सभी फैसले के लिए एनआईए की विशेष अदालत पहुंच चुके हैं। इस घटना में 68 ट्रेन यात्री मारे गए थे और काफी संख्‍या में लोग घायल हो गए थे। मारे गए लोगों में अधिकतर पाकिस्‍तान के रहने वाले थे।

इस मामले की सुनवाई जज जगदीप सिंह कर रहे हैं। इस केस में बहस होने के बाद कोर्ट ने 6 मार्च को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। मामले में आठ आरोपितों में से एक की हत्या हो गई थी और तीन आरोपितों को पीओ घोषित कर दिया था।

एनआईए के वकील आरके हांडा ने बताया कि समझौता एक्सप्रेस ब्लाल्ट मामले में एनआइए और बचाव पक्ष के बीच फाइनल बहस पूरी हो गई है। 26 जुलाई 2010 को मामला एनआईए को सौंपा गया था। 26 जून 2011 को आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई थी। वकील पीके हांडा ने बताया आरोपियों पर आईपीसी की धारा (120 रीड विद 302) 120बी साजिश रचने के साथ 302 यानि की हत्या, 307 हत्या की कोशिश करना, और विस्फोटक पदार्थ, रेलवे को हुए नुकसान को लेकर कई धाराएं लगाई गई हैं। अगर इन धाराओं के तहत आरोपी दोषी करार दिए जाते हैं, तो कम से कम उम्रकैद की सजा हो सकती है।

आरके हांडा ने बताया कि एनआईए ने मामले में कुल 224 गवाहों को पेश किया, जबकि बचाव पक्ष ने कोई गवाह नहीं पेश किया। केवल अपने दस्तावेज और कई जजमेंट्स की कॉपी ही कोर्ट में पेश की। इस मामले में कोर्ट की ओर से पाकिस्तानी गवाहों को पेश होने के लिए कई बार मौका दिया गया, लेकिन वह एक बार भी कोर्ट में नहीं आए। वकील हांडा ने बताया कि मामले में अब तक सिर्फ आरोपी असीमानंद को ही ज़मानत मिली है, बाकि तीनों आरोपित जेल में हैं।

भारत-पाकिस्तान के बीच सप्ताह में दो दिन चलने वाली समझौता एक्सप्रेस में 18 फरवरी 2007 में बम धमाका हुआ था। ट्रेन दिल्ली से लाहौर जा रही थी। विस्फोट हरियाणा के पानीपत जिले में चांदनी बाग थाने के अंतर्गत सिवाह गांव के दीवाना स्टेशन के नजदीक हुआ था। हादसे में 68 लोगों की मौत हो गई थी। ब्लास्ट में 12 लोग घायल हो गए थे। धमाके में जान गंवाने वालों में अधिकतर पाकिस्तानी नागरिक थे। मारे गए 68 लोगों में 16 बच्चों समेत चार रेलवे कर्मी भी शामिल थे।

छत्तीसगढ़ : रायपुर में होगा किन्नरों का सामूहिक विवाह, गिनिज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में होगा दर्ज

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रायपुर। थर्ड जेंडर समुदाय (किन्नर) को कानूनी मान्यता मिलने के बाद अब इस समुदाय में तेजी के साथ जागरूकता आ रही है। समुदाय के लोगों का जीवन स्तर भी सुधर रहा है और वे समाज की मुख्य धारा से जुड़ रहे हैं। विश्व में पहली बार रायपुर में किन्नरों के सामूहिक विवाह का आयोजन भी होने जा रहे है। चित्रगाही फिल्म्स कंपनी की ओर से आगामी 30 मार्च को पूरे रायपुर में ट्रांसजेंडर समुदाय का विवाह का आयोजन किया जाएगा। यह विवाह गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज होगा। विवाह समारोह में पूरे देश के अलग-अलग राज्यों से आए 15 जोड़े शामिल होंगे। इस अवसर पर 15 ट्रांसजेंडर्स युवतियां अपने पुरुष मित्रों के साथ परिणय सूत्र में बंधेंगी। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल नवविवाहित किन्नरों का कन्यादान करेंगे। ट्रांसजेंडर समुदाय की सामाजिक कार्यकर्ता विद्या राजपूत ने बताया कि वह इस आयोजन को लेकर बहुत उत्साहित है। आयोजन कमेटी की रवीना बरिहा ने कहा कि सामूहिक विवाह लैंगिक समानता की ओर बढ़ाया गया पहला कदम है। इसके जरिए किन्नर समाज के युवा भी अब पारिवारिक संस्कारों में बंध कर अपने सामाजिक दायित्वों को पूरा कर सकेंगे।