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कामयाबी का सीक्रेट बता दूंगा तो मुझे IPL में खरीदेगा कौन: एमएस धोनी

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आईपीएल 12 के 41वें मुकाबले में चेन्‍नई सुपर किंग्‍स ने सनराइजर्स हैदराबाद को छह विकेट हराकर प्‍ले-ऑफ में जगह बना ली है. चेन्नई ने अब तक 11 मैच खेले हैं जिनमें से 8 में जीत हासिल की है. मौजूदा सीजन में प्‍ले-ऑफ में पहुंचने वाली पहली टीम चेन्नई ही है. मैच के बाद एक सवाल के जवाब में धोनी ने कहा कि मेरी सफलता का राज बता दूंगा तो मुझे अगले सीजन में कोई नहीं खरीदेगा.

मंगलवार को एम. चिदंबरम स्‍टेडियम में खेले गए इस मैच में चेन्‍नई के कप्‍तान धोनी ने टॉस जीतकर भुवनेश्‍वर कुमार की सनराइजर्स हैदराबाद को पहले बल्‍लेबाजी का न्‍योता दिया. ज‍बकि उसने मनीष पांडे (नाबाद 83), डेविड वॉर्नर (58) और विजय शंकर (26) के सहारे 175/3 का स्‍कोर बनाकर अच्‍छी चुनौती पेश की. लेकिन चेन्‍नई ने अपने घरेलू मैदान पर शेन वॉटसन (96) के दम पर विरोधी को छह विकेट से पस्‍त कर दिया. इस मैच में जीत के साथ चेन्‍नई सुपर किंग्‍स के प्‍ले-ऑफ में पहुंचने के बजाए मैच के बाद धोनी के दिए गए बयान की ज्‍यादा चर्चा हो रही है.

धोनी का बयान बना चर्चा का कारण
मैच में जीत के बाद हर्षा भोगले ने धोनी से पूछा, ‘आप बार-बार चेन्नई सुपर किंग्‍स को को प्‍ले-ऑफ में कैसे पहुंचा देते हैं, इसका राज़ क्या है?

धोनी जवाब देते हुए कहा, ‘अगर मैं ये सबको बता दूंगा तो वो (चेन्नई) मुझे नीलामी में नहीं ख़रीदेंगे. यह एक ट्रेड सीक्रेट है.’

इस दौरान धोनी के चेहरे पर मुस्‍कान देखने लायक थी. वहीं उन्‍होंने टीम की कामयाबी के लिए सपोर्ट स्‍टाफ को भी श्रेय दिया है.

उन्‍होंने कहा, ‘टीम की जीत में दर्शकों और सपोर्ट स्टाफ का अहम योगदान रहता है जो टीम का माहौल अच्छा रखते हैं. इसके अलावा मैं कोई खुलासा नहीं कर सकता, कम से कम जब तक मैं रिटायर नहीं होता.’

बहरहाल, चेन्नई सुपर किंग्स ने मौजूदा सीजन में अब तक अपने घरेलू स्टेडियम में पांच मैच खेले हैंऔर उसे हर बार जीत मिली है. यकीनन यही उसकी कामयाबी का सबसे बड़ा फॉर्मूला है.

चेन्‍नई और आईपीएल
चेन्‍नई को आईपीएल के पहले संस्‍करण 2008 में राजस्‍थान रॉयल्‍स से हार मिली. जबकि 2009 में वह दूसरे सेमीफाइनल में आरसीबी से हार कर बाहर हो गई. 2010 में चैंपियन बनकर इस टीम ने अपना दम दिखाया. वहीं, 2011 में खिताब बचाकर चेन्‍नई ने अपनी बादशाहत साबित कर दी. 2012 में केकेआर ने अपना पहला खिताब जीता और हारने वाली टीम चेन्‍नई सुपर किंग्‍स रही. 2013 में धोनी की टीम ने फाइनल में जगह बनाई और इस बार वह रोहित शर्मा की जोशीली मुंबई इंडियंस से पिट गई.

2014 में एक बार फिर केकेआर ने गौतम गंभीर की कप्‍तानी में दम दिखाया. हालांकि उसके सामने किंग्‍स इलेवन पंजाब टीम थी. जबकि चेन्‍नई को एलिमिनेटर 2 में पंजाब के हाथों हार मिली थी. 2015 में भी धोनी की टीम ने दमदार प्रदर्शन किया और इस बार भी उसने फाइनल में जगह बनाई, लेकिन रोहित शर्मा एक बार फिर भारी पड़ गए. मुंबई ने अपना दूसरा खिताब जीता.

दो साल के बैन के बाद वापसी
2016 और 2017 में यह टीम बैन के कारण आईपीएल से बाहर रही. जबकि राइजिंग पुणे सुपरजाइंट्स के साथ धोनी का कप्‍तानी दांव ज्‍यादा सफल नहीं रहा. यही वजह रही कि 2017 में टीम मैनेजमेंट ने उनकी जगह स्‍टीवन स्मिथ को कप्‍तानी सौंप दी और टीम ने फाइनल में जगह बनाकर अपनी ताकत साबित की. हालांकि मुंबई ने फाइनल में उसे एक रन से हराकर अपना तीसरा खिताब जीत लिया. इसके बाद 2018 में एक बार फिर चेन्‍नई सुपर किंग्‍स धोनी के नेतृत्‍व में मैदान में उतरी और चैंपियन बनकर अपने समर्थकों में जोश भर दिया. जबकि 2019 में वह प्‍ले-ऑफ में पहुंचने वाली पहली टीम बन गई और उसके अभी तीन लीग मैच बाकी हैं. यकीनन धोनी में कोई तो ऐसी खास बात है जो टीम में नया जोश भर देती है.

पाकिस्तान ने बोला था झूठ, भारत के F16 विमान मार गिराने की अब भी जांच कर रहा US

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पुलवामा हमले के बाद बालाकोट में भारतीय वायुसेना की कार्रवाई के अगले ही दिन पाकिस्तान ने जवाब देने के लिए एफ-16 विमान का इस्तेमाल किया था. इसे भारतीय वायुसेना ने मार गिराया था. इसके बाद भारत ने अमेरिका से मामले की जांच की मांग की. इस मांग के करीब दो महीने बाद पता चला है कि अमेरिका उसके रक्षा उपकरणों की बिक्री शर्तों के उल्लंघन और पाकिस्तान की ओर से भारत पर हमले के लिए इस्तेमाल की अब भी जांच कर रहा है.

इससे अमेरिकी मैगजीन का वह दावा भी आधारहीन साबित हो गया है, जिसमें कहा गया था कि पाकिस्तान से एक भी एफ-16 विमान गायब नहीं है. सभी लड़ाकू विमान सही सलामत हैं. साथ ही पाकिस्तान का झूठ भी बेनकाब हो गया है. अमेरिका इस मामले पर अब तक चुप्पी साधे है. उसका कहना है कि रक्षा सौदाें में द्विपक्षीय समझौते के तहत यह नीतिगत मामला है. लिहाजा इस मसले पर सार्वजनिक टिप्पणी नहीं की जा सकती.

भारत ने 9 मार्च को बताया था, ”हमने अमरिका से जांच की मांग की है कि क्या एफ-16 का भारत पर हमले के लिए इस्तेमाल करना बिक्री शर्तों के खिलाफ है?” भारत ने कहा था कि इस हमले के कई चश्मदीद है. उनमें एक एफ-16 विमान को मार गिराने वाले विंग कमांडर अभिनंदन भी हैं. इसके अलावा पाकिस्तान में एफ-16 विमान में इस्तेमाल की जाने वाली अमराम मिसाइल की तस्वीरें भी मीडिया में दिखाई जा चुकी हैं. साथ ही कुछ इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य भी मौजूद हैं.
भारतीय वायुसेना ने बताया था कि बालाकोट में आतंकी कैंप पर की गई कार्रवाई के अगले दिन पाकिस्तान ने एक-16, जेएफ-17 और मिराज 3/5 विमानों को भारत पर हमले के लिए रवाना किया था, जिन्हें हमारे राडार ने पकड़ लिया था. वहीं, पाकिस्तान का कहना है कि भारत एफ-16 को मार गिराने का झूठा दावा कर रहा है. साथ ही दावा किया था कि मीडिया में दिखाई गई अमराम मिसाइल ताइवान की है. ताइवान ने पाकिस्तान के दावे को खारिज करते हुए कहा कि बिना अमेरिका की मंजूरी के उसे किसी तीसरे देश को अमराम मिसाइल बेचने की अनुमति नहीं है.

दिग्विजय सिंह बोले- भाजपा का विकास ‘विनाशी’

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भोपाल। मध्यप्रदेश की भोपाल संसदीय सीट से कांग्रेस प्रत्याशी और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने बुधवार को पंचायती राज दिवस के बहाने भारतीय जनता पार्टी को निशाने पर लेते हुए कहा कि भाजपा के ‘विनाशी विकास’ को जनता पहचाने। सिंह ने आज सुबह लगातार चार ट्वीट करते हुए कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के मिशन को पूरा करने में मध्यप्रदेश उनके शासनकाल में पंचायती राज को कायम करने वाला देश का पहला राज्य बना।

उन्होंने आंकड़े प्रस्तुत करते हुए कहा कि उनके शासनकाल में ग्रामीण स्वशासन का सफल क्रियान्वयन हो सका। व्यक्ति केंद्रित मोदी राज से अलग यह सत्ता में आम आदमी की भागीदारी बढ़ाने का प्रयास था। पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि लोकतंत्र की रक्षा और उसे मजबूत करने वाले संस्थानों को इससे पहले कभी इतना कमजोर और कलंकित नहीं किया गया है, जितना कि पिछले 5 वर्षों में भाजपा सरकार के शासनकाल में हुआ है। उन्होंने कहा कि जनता भाजपा के ‘विनाशी विकास’ को पहचाने।

छत्तीसगढ़ : 400 जवानों को ईवीएम व वीवीपैट मशीनों की सुरक्षा में किया गया तैनात

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रायपुर। तीसरे चरण का लोकसभा चुनाव प्रदेश के सात लोकसभा सीटों पर मंगलवार को संपन्न हो गया है। रायपुर जिले से मतदान कराने 1865 मतदान दल मतदान कराने गए हुए थे। सभी मतदान दल मतदान कराने के बाद रायपुर लौटना शुरू हो गया है। रायपुर में शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज को स्ट्रांग रूम बनाया गया है जहां ईवीएम व वीवीपैट मशीनों को रखा जा रहा है। स्ट्रांग रूम की सुरक्षा में पैरामिल्ट्री फोर्स, जिला बल और सीएएफ के करीब 400 जवानों के 23 मई मतगड़ना तक तैनात रहने की खबर आ रही है।

पीएम मोदी बोले- मेरी असली दिक्कत ओवर कॉन्फिडेंस है

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बॉलीवुड एक्टर अक्षय कुमार ने पीएम मोदी का इंटरव्यू लिया है. जिसमें उन्होंने पीएम से कई दिलचस्प सवाल पूछे. पीएम मोदी ने भी अक्षय के इन सवालों का जवाब उन्हीं के अंदाज में दिया. दोनों ने एक दूसरे को कई चुटकुले और किस्से भी सुनाए. अक्षय कुमार ने पीएम मोदी से उनकी निजी जिंदगी के अलावा राजनीति के बारे में चर्चा की.

चाय ने सिखाई कई बातें

चाय बेचते हुए बहुत लोगों को समझने का मौका मिला. कई लोग डांटते थे. जब हिंदी में बात करता था तो बीजेपी के नेता हैरान होते थे. क्योंकि मैं गुजराती था. इसका कारण चाय बेचना ही था. मालगाड़ी से मुंबई के कारोबारी आते थे, हम उन्हें चाय पिलाते थे. उनसे बातें करते-करते हिंदी सीख ली.

पीएम बोले, दीवाली मनाने की बजाय खंडहर में रहता था

मुझे सुबह 5 बजे चाय पीने की आदत है. दूसरा शाम को 6 बजे चाय चाहिए होती है. खुले में बैठकर चाय पीना पसंद है. मैं कभी दीवाली नहीं मनाता था. पांच दिन तक कहीं चला जाता था. पीने का पानी साथ ले जाता था. किसी खंडहर या पेड़ के नीचे पड़ा रहता था. मैं मुझसे ही मिलने जाता था. उस चीज ने मुझे बहुत ताकत दी.

क्या आप फिल्में देखते हैं?

बचपन में दोस्त के पिता थिएटर के बाहर चना बेचते थे. वहां उनसे मिलते थे और कभी-कभी थिएटर में जाने का मौका मिल जाता था. दोस्त के साथ वहां बैठकर फिल्म देखते थे. जब मैं सीएम था तो अमिताभ बच्चन के साथ फिल्म देखने गया था. इसके बाद अनुपम खेर जी के साथ फिल्म देखी. अब वक्त नहीं मिल पाता है.

यूनाइटेड नेशन में स्पीच देते हुए क्या आप नर्वस थे?

मेरी दिक्कत ओवर कॉन्फिडेंस है. जब मैं अमेरिका पहुंचा तो सुषमा जी पहले ही गई हुई थीं. मेरी आदत है कि पहले मीटिंग कर लेता हूं. सुषमा जी ने पूछा कि आपकी तैयारी कैसी है. लिखित स्पीच होनी चाहिए. इस पर हमारी बहस होती रही. फिर मैंने बता दिया कि मुझे क्या बोलना है. स्पीच तैयार हो गई. लेकिन मुझे पढ़कर बोलना कभी नहीं आता है. वो भाषण मैंने पढ़कर दिया.

बचपन में कौन सा खेल खेलते थे?

बचपन मैं आरएसएस के कैंप में जाता था. जहां कई तरह के खेल होते थे. पूछा जाता था कि आपके पास जो बैठा है उसके गुण बताओ. इससे कई गुण मिले. मैं योगा से भी ज्याद जुड़ गया. मुझे ग्रुप वाले खेल ज्यादा पसंद आते हैं. उससे आपके व्यक्तित्व में सुधार आता है. टीम स्प्रिट आती है.

क्या आप अपनी सैलरी में से अपनी मां को कुछ देते हैं?

मां हमेशा मुझे पैसे देती है. मुझे हमेशा सवा रुपया थमाती है. मेरे परिवार का कोई खर्चा सरकार पर नहीं है. मेरा परिवार कुछ भी नहीं लेता है. मेरा जीवन ही ऐसा बन गया है कि देश को अपना परिवार बना लिया है.

सोशल मीडिया पर मीम देखकर आपको कैसा महसूस होता है?

मैं मीम देखकर एंजॉय करता हूं. मैं उसमें खुद को कम और क्रिएटिविटी को ज्यादा देखता हूं. ये लोग तुरंत सोचने में सक्षम हैं. कॉमन मैन की सेंस और क्रिएटिविटी दिखती है. सोशल मीडिया का मटीरियल फुटपाथ में बिकने वाले चनों की तरह है. कुछ लोग होते हैं जो जानबूझकर ऐसा करते हैं. खुद को संतुलित रखने से ही सब ठीक हो जाता है. उसकी मेहनत खराब हो जाती है.

खुद धोता था कपड़े

जब तक सीएम बना तब तक अपने कपड़े खुद धोता था. गरीबी के कारण कभी-कभी दूसरों को देखकर फील होता था. लोटे में कोयले भरकर कपड़ों में प्रेस करता था. कैनवास के सफेद जूते मिले तो क्लास में जाकर चौक इकट्ठा करता था. हर दिन गंदे जूतों पर चौक लगा देता था.

आप तीन या चार घंटे ही क्यों सोते हैं?

जितने मेरे साथी हैं, डॉक्टर भी मुझसे कहते हैं कि ज्यादा नींद लीजिए. ओबामा भी इसी बात पर उलझ गए. बोले मोदी जी क्यों आप ऐसा करते हैं. जब भी मिलते हैं तो इसके बारे में पूछते हैं. मेरी नींद कम समय में ही पूरी हो जाती है. मेरी आंख खुलते ही बिस्तर छोड़ देता हूं. मेरी 18-22 साल की जिंदगी ने मुझे ये दिया है. रिटायर होने के बाद नींद बढ़ाने के बारे में सोचूंगा.

पोस्ट रिटारमेंट प्लान क्या हैं?

हम लोगों की एक मीटिंग थी, उसमें गप्पे चलीं कि रिटायरमेंट के बाद क्या करेंगे. प्रमोद महाजन ऐसे सवाल ज्यादा करते थे. उन्होंने मुझे पूछा तो मैंने कहा कि कभी सोचा ही नहीं. क्योंकि जिम्मेदारी ही मेरी जिंदगी है. मेरे मन में कभी रिटायरमेंट का विचार नहीं आया. जीवन का हर पल किसी न किसी मिशन में बिताऊंगा.

पीएम बोले, मेरा गुल्लक हमेशा खाली रहा

मेरा कोई बैंक अकाउंट नहीं था. मेरे गांव में एक बैंक खुला, उन्होंने सभी बच्चों को एक गुल्लक दिया और कहा कि आपको पैसा डालना है और जमा करना है. मेरा गुल्लक हमेशा खाली रहा. हमने कभी पैसा जमा नहीं कराया. गांव में अकाउंट खुला था, बंद करने के लिए मुझे ढूंढते थे. जब सीएम बना तो वेतन आना शुरू हो गया और बैंक अकाउंट बन गया. जब मैं वहां से निकला तो अकाउंट के सभी पैसे दान करने के लिए कहा.

ममता दीदी भेजती हैं कुर्ते

विपक्षी पार्टियों में कई अच्छे दोस्त हैं, साथ में कई बार खाना भी खाते हैं. बहुत पहले किसी काम से पार्लियामेंट गया था. गुलाम नबी आजाद और मैं गप्पे मार रहे थे. मीडिया वालों ने सवाल किया कि कैसे दोस्ती हुई? हमने कहा कि जो आप बाहर लोग देखते हैं वो नहीं है. हम लोग एक फैमिली की तरह जीते हैं. ममता दीदी साल में आज भी मेरे लिए एक-दो कुर्ते भेजती है.

क्या आप किसी से जबरन काम करवाते हैं?

अगर कोई ये कहता है कि मैं काम करवाता हूं, ये सच नहीं है. मैं किसी पर दबाव नहीं बनाता हूं. अनुशासन थोपने से नहीं आता है. झूठ बोलकर किसी को भी इंप्रेस नहीं कर सकते हैं. मैं किसी से भी मिलता हूं तो मेरा कभी भी बीच में फोन नहीं आता है. ये अनुशासन मेरे जीवन में है.

पीएम बोले, इसलिए नहीं रहता मां के साथ

कभी मां को बुलाया था, कुछ दिन उनके साथ बिताए थे. लेकिन मेरी मां कहती हैं कि मेरे साथ क्यों समय बर्बाद करते हो. मां कहती है कि तुम्हारे साथ क्या बात करूं. समय ज्यादा नहीं मिलता है. रात को आता हूं तो मां को दुख होता है.

पीएम मोदी ऐसे करते हैं गुस्से को कंट्रोल

पीएम मोदी ने कहा कि गुस्से को कंट्रोल करने के लिए मैंने एक चीज अपनाई. कभी लगता था मेरे साथ ऐसा क्यों हुआ? ऐसे में मैं अकेला कागज लेकर बैठता था और सारी घटना को लिख देता था. फिर उसको फाड़कर फेंक देता था. फिर दोबारा लिखता था. इससे वो चीजें कागज से साथ ही फट जाती थीं. लिखने के बाद पता चलता था कि मैं ही गलत था.

गुस्से में आप क्या करते हो?

अगर मैं कहूं कि मुझे गुस्सा नहीं आता है, तो बहुत लोग चौंक जाते हैं. लेकिन मेरी जिंदगी का जो बड़ा दौर था उसमें ये सब चीजें होती रहीं. मैंने चपरासी से लेकर प्रिंसिपल सेक्रेट्री तक किसी पर कभी गुस्सा नहीं निकाला है. मैं स्ट्रिक्ट हूं, लेकिन किसी को नीचा नहीं दिखाता.

क्या कभी आर्मी में जाने का मन था?

मेरा मन करता था कि मैं भी फौज में जाऊं. फौजियों का बड़ा सत्कार होता था, तो मन में आया कि ये देश के लिए जीने मरने वाला रास्ता है. गुजरात के सैनिक स्कूल में दाखिला लेने की कोशिश की.

कभी आपने सोचा था कि आप पीएम बनेंगे?

कभी भी नहीं सोचा कि मैं पीएम बनूंगा. मैं नहीं मानता हूं कि किसी के मन में पहले से ही ऐसी इच्छा हो. हां अगर परिवार ही ऐसा हो तो इच्छा हो सकती है. यात्रा चल पड़ी और देश मुझे लेता चला गया. मुझे भी आश्चर्य हो रहा है कि देश मुझे इतना प्यार क्यों दे रहा है. मन में सवाल पैदा करता था और जवाब खुद देता था और यहां पहुंच गया.

क्या पीएम मोदी आम खाते हैं?

आम खाना मुझे खूब पसंद है. जब छोटा था तो खेतों में चले जाते थे तो पेड़ से पके हुए आम खाता था. खूब आम खाता था, लेकिन फिलहाल कंट्रोल करना पड़ता है.

पीएम मोदी क्यों लेते हैं सिर्फ 4 घंटे की नींद?

अक्षय कुमार ने इंटरव्यू के दौरान पीएम मोदी से पूछा कि आप 3 या 4 घंटे ही सोते हैं, जबकि 7 घंटे नींद लेना जरूरी है. इसके जवाब में पीएम मोदी ने कहा कि राष्ट्रपति ओबामा जब मुझे मिले तो वो भी इसी बात पर उलझ गए. जब भी मिलते हैं तो पूछते हैं कि क्या आपने अपनी नींद बढ़ाई या नहीं.

मां के साथ रहने का मन नहीं करता?

अक्षय कुमार ने पीएम मोदी से पूछा है कि क्या उन्हें अपनी मां और परिवार के साथ रहने का मन नहीं करता है? इसके जवाब में पीएम मोदी ने कहा कि उन्होंने बचपन में ही परिवार को छोड़ दिया था. मां भी बोलती है कि मेरे पीछे क्यों समय खराब करता है.

अक्षय कुमार ने ट्वीट किया टीजर

अक्षय कुमार ने पीएम मोदी के साथ इंटरव्यू का टीजर ट्वीट किया है. कुछ सेकेंड के इस टीजर में अक्षय पीएम मोदी से पूछ रहे हैं कि क्या वो आम खाते हैं? इसके बाद अक्षय पीएम से पूछ रहे हैं क्या वो सच में गुजराती हैं? क्योंकि गुजराती लोग पैसे के लिए बहुत सही रहते हैं.

फ़सल बीमा न मिलने के कारण 3000 किसानों ने वोट ही नहीं किया

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जामनगर ज़िला, लालपुर तहसील, भानगोल गांव। इस गांव में 4 मतदान केंद्र थे और 3000 से अधिक मतदाता। किसानों ने फोन पर बताया कि किसी ने वोट नहीं किया है। पिछले एक साल से आस-पास के इलाके में बारिश नहीं हुई है। जिसके कारण मूंगफली उगाने वाले इन किसानों को लाख से लेकर कई लाख तक का घाटा हुआ है। जो छोटे किसान हैं उनके पास खाने तक के पैसे नहीं है। सब इस भरोसे थे कि बीमा की राशि मिलेगी। 9 महीने पहले राज्य सरकार ने इन गांवों में दुष्कारग्रस्त यानी सूखाग्रस्त घोषित किया था। प्रति एकड़ 6000 की मदद भी दी थी मगर वो पैसा काफी नहीं था। घाटा लाख रुपये से अधिक का था।

गांव वालों को पता चला कि पास के गांव में बीमा की राशि 80 प्रतिशत बंट चुकी हैं। भानगोल के किसानों को बीमा की राशि का मात्र 16 प्रतिशत पैसा मिला है। किसी को 5000 तो किसी को 10,000 जबकि मिलना चाहिए एक लाख तो किसी को दो लाख। गांव के लोग लालपुर प्रखंड आफिस कई बार गए। पैसा नहीं मिला।

भानगोल के गांव में दो भाई हैं। एक की ज़मीन भानगोल में है और दूसरे की ज़मीन उस गांव में जहां के लोगों को बीमा की राशि 80 प्रतिशत मिली है। एक भाई को 80 प्रतिशत पैसा मिला है और एक भाई को 16 प्रतिशत। एक लाख पर किसानों ने 6000 का प्रीमियम भरा है। मगर बीमा का पैसा मिला है 5000। प्रीमियम से भी कम। हर जगह बीमा का यही खेल है। बीमा कंपनियां फायदा दिखा रही हैं और किसान घाटे में मरा जा रहा है। लिहाज़ा 3000 से अधिक मतदाताओं ने वोट ही नहीं किया।

फोन पर बात हो रही थी, भाषा की दिक्कत थी मगर जो समझा यहां लिख रहा हूं। किसान ने अंतिम बात कही कि हमारी आवाज़ ऊपर तक जाएगी न सर।

पीएम विक्रमसिंघे बोले भारत ने हमलों से पहले किया था अलर्ट, नहीं हो सका कोई एक्‍शन

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कोलंबो। श्रीलंका के प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने रविवार को हुए सीरियल ब्‍लास्‍ट्स के बारे में अहम जानकारी दी है। विक्रमसिंघे ने न्‍यूज चैनल एनडीटीवी से बातचीत में कहा है कि भारत ने ईस्‍टर डे से पहले हमले को लेकर इंटेलीजेंस साझा की थी लेकिन सुरक्षा में चूक हुई। राजधानी कोलंबो में हुए आठ सीरियल ब्‍लास्‍ट्स में बुधवार तक 359 लोगों की मौत हो चुकी है और 500 से ज्‍यादा लोग घायल हैं। कोलंबो के तीन फाइव स्‍टार होटल्‍स के अलावा सेंट एंथोनी और सेंट सेबेस्चियन चर्च को भी हमलों में निशाना बनाया गया है।

इंटेलीजेंस को किया नजरअंदाज

विक्रमसिंघे ने इंटरव्‍यू में कहा, ‘भारत ने हमारे साथ इंटेलीजेंस साझा की थी लेकिन इंटेलीजेंस पर ठीक से अमल नहीं हुआ।’ उन्‍होंने बताया कि श्रीलंका के जांचकर्ता कई, देशों जिसमें चीन और पाकिस्‍तान भी शामिल हैं, के साथ संपर्क बनाए हुए हैं। ईस्‍टर को श्रीलंका के समयानुसार 8:30 बजे पहला ब्‍लास्‍ट हुआ और देखते ही देखते आठ ब्‍लास्‍ट्स से कोलंबो दहल उठा। इन हमलों को सात आत्‍मघाती हमलावारों ने अंजाम दिया था। हमलों की जिम्‍मेदारी मंगलवार को आईएसआईएस ने ली है। इससे पहले श्रीलंका की सरकार की ओर नेशनल तौहीद जमात (एनटीजे) को हमलों के लिए जिम्‍मेदार बताया जा रहा था। इन हमलों के साथ ही पिछले 10 वर्षों से श्रीलंका में जारी शांति को भी भंग कर दिया।

तीन बार किया गया था अलर्ट

विक्रमसिंघे के इंटरव्‍यू से अलग इंग्लिश डेली हिन्‍दुस्‍तान टाइम्‍स ने सूत्रों के हवाले से लिखा है कि भारत की ओर से श्रीलंका को हमलों से पहले तीन अलर्ट भेजे गए थे। पहला अलर्ट चार अप्रैल को भेजा गया था। दिसंबर 2018 में नेशनल तौहीद जमात (एनटीजे) के नेता मौलवी जहारान बिन हाशिम की ओर एक वीडियो के बाद भारत की इंटेलीजेंस एजेंसिया अलर्ट हो गई थीं। इस वीडियो का पता उस समय लगा था जब सुरक्षा एजेंसियां कोयम्‍बटूर में आईएसआईएस के एक मॉड्यूल की जांच कर रही थी। जो पहला अलर्ट श्रीलंका को भेजा गया था उसमें चर्चों के अलावा भारतीय दूतावास पर भी हमले की बात कही गई थी। दूसरा अलर्ट हमलों से पहले भेजा था और यह अलर्ट बहुत ही विस्‍तृत था जिसमें संभावित टारगेट्स के बारे में भी बताया गया था। आखिरी अलर्ट हमलों से चंद घंटे पहले भेजा गया था।

 

रक्षा सूत्रों ने भी कही अलर्ट करने की बात

दूसरी तरफ न्‍यूज एजेंयी रॉयटर्स ने श्रीलंका के रक्षा सूत्रों की ओर से बताया है कि भारतीय इंटेलीजेंस ऑफिसर्स की ओर से पहले हमले के दो घंटे पहले चर्चों पर हमलों से जुड़ी इंटेलीजेंस शेयर की गई थी। एक और रक्षा सूत्रों ने बताया है कि पहले हमले के कई घंटे पहले भारत की ओर हमलों से जुड़ी चेतावनी दी गई थी। विक्रमसिंघे ने कहा कि अभी तक ऐसा लग रहा है कि श्रीलंका के नागरिकों का एक ग्रुप हमलों में शामिल था लेकिन उनके विदेशों से संबंध थे। उन्‍होंने जांच के लिए विदेशी एजेंसियों की मदद लेने की बात भी कही है।

 

विदेशी एजेंसियों की मदद की बात

विक्रमसिंघे के मुताबिक श्रीलंका के पास भारत के साथ बेहतर इंटेलीजेंस शेयरिंग सिस्‍टम है। भारत जरूरत पड़ने पर हमेशा मदद करता आया है। लेकिन अब अमेरिका और यूके से भी मदद की जरूरत पड़ सकती है। विक्रमसिंघे ने कहा कि अभी पहली प्राथमिकता आतंकियों को गिरफ्तार करने की है। जब तक ऐसा नहीं होता है तब तक कोई भी सुरक्षित नहीं है।

‘चौकीदार’ मुद्दे पर राहुल को नोटिस, व्यक्तिगत पेशी से छूट

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सर्वोच्च न्यायालय ने मंगलवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के खिलाफ ‘चौकीदार चोर है’ टिप्पणी से जुड़े मामले को बंद करने की याचिका खारिज कर दी, और उन्हें इस टिप्पणी को सर्वोच्च न्यायालय के हवाले से करने के लिए एक आपराधिक अवमानना का नोटिस जारी किया।

अदालत ने राहुल से अगले मंगलवार तक इसपर जवाब देने के लिए कहा कि आखिर उनके खिलाफ अवमानना की कार्यवाही क्यों नहीं चलनी चाहिए, जिसमें उन्होंने चुनाव के बीच में कहा कि शीर्ष अदालत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ उनके राजनीतिक हमले का समर्थन किया है।

शीर्ष अदालत ने हालांकि कांग्रेस अध्यक्ष को व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होने से छूट दे दी।

अदालत 30 अप्रैल को राफेल समीक्षा के साथ इसकी भी सुनवाई करेगी।

इससे एक दिन पहले राहुल ने सर्वोच्च न्यायालय में अपने बयान के लिए खेद प्रकट किया था। इस बयान के खिलाफ भाजपा सांसद मीनाक्षी लेखी ने सर्वोच्च न्यायालय में अवमानना याचिका दायर की थी।

शीर्ष अदालत 10 अप्रैल को राफेल मामले में समीक्षा याचिका की सुनवाई पर सहमति जताई थी और सरकार के इस पक्ष को खारिज कर दिया था कि मीडिया द्वारा देखे गए गोपनीय दस्तावेजों को सूबत के तौर पर नहीं माना जा सकता, जिसके बाद कांग्रेस अध्यक्ष ने यह विवादास्पद बयान दिया था।

राहुल ने कहा था कि सर्वोच्च न्यायालय ने माना है कि ‘चौकीदार चोर है’। कांग्रेस अध्यक्ष राफेल मामले में प्रधानमंत्री को घेरने के लिए लगातार इस नारे का इस्तेमाल करते हैं।

भाजपा ने इसपर आपत्ति जताई थी और लेखी ने सर्वोच्च न्यायालय में अवमानना याचिका दाखिल की थी।

याचिका की सुनवाई करते हुए, प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अगुवाई वाली पीठ ने राहुल की टिप्पणी पर कड़ी आपत्ति जताई और कहा कि उन्होंने इस बयान के संबंध में गलत तरीके से शीर्ष अदालत का नाम लिया है।

लेखी की ओर से पेश वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने कहा कि राहुल का शपथपत्र केवल दिखावटी है और उन्होंने इसके लिए कोई माफी नहीं मांगी है।

रोहतगी ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष ने इस तरह के बयान देने में लापरवाही भरे रवैये का प्रदर्शन किया है।

राहुल की तरफ से पेश वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने अदालत से आग्रह किया कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के खिलाफ मामले को बंद कर दिया जाए।

उन्होंने कहा कि लेखी द्वारा चुनाव के बीच में अवमानना याचिका दायर करना राजनीतिक तिकड़म है।

अवमानना याचिका के खिलाफ बहस करते हुए सिंघवी ने कहा कि अदालत द्वारा मामले में कोई औपचारिक नोटिस जारी नहीं किया गया, जिसपर प्रधान न्यायाधीश ने कहा, ‘तो क्या हम नोटिस जारी करें।’

न्यायमूर्ति गोगोई ने कहा, ‘जब आप कहते हैं कि राहुल गांधी के खिलाफ कोई औपचारिक नोटिस जारी नहीं किया गया, हम इसका समाधान नोटिस जारी करके कर सकते हैं। आप कह रहे हैं कि हम नोटिस जारी करना भूल गए..हम नोटिस जारी करेंगे।’

अदालत ने इसके बाद मामले को बंद करने की याचिका खारिज कर दी और राहुल के खिलाफ आपराधिक अवमानना का नोटिस जारी कर दिया।

लेखी ने भी उनके अवमानना याचिका के खिलाफ राहुल के शपथपत्र पर जवाब दाखिल करने के लिए समय की मांग की।

लोकसभा चुनाव 2019: छत्तीसगढ़ में 7 सीटों पर सुबह 7 से शाम 5 बजे तक 58.37% वोटिंग

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लोकसभा चुनाव 2019 में तीसरे चरण के लिए वोटिंग की समय सीमा समाप्त हो गई है. छत्तीसगढ़ में तीसरे व अंतिम चरण में सात सीटों पर सुबह 7 से शाम 5 बजे तक वोटिंग का समय तय था. सभी जगह मतदान को लेकर मतदाताओं में उत्साह देखने को मिला. सभी सातों सीटों पर शाम पांच बजे तक 58.37 प्रतिशत वोटिंग हुई. पांच बजे तक जो भी मतदाता मतदान केन्द्र तक पहुंच गए होंगे, उन्हें समय सीमा समाप्त होने के बाद भी वोटिंग का मौका मिलेगा. ऐसे में वोटिंग प्रतिशत और भी बढ़ने की पूरी संभावना है.

छत्तीसगढ़ में तीसरे और अंतिम चरण में रायपुर, दुर्ग, कोरबा, बिलासपुर, रायगढ़, जांजगीर और सरगुजा संसदीय क्षेत्र में मतदान हुआ. मतदान केन्द्रों में सुबह से ही मतदाताओं की लाइन लगनी शुरू हो गई थी. कई स्थानों पर ईवीएम खराब होने की सूचना निर्वाचन दल को मिली, जिसे कुछ देर बाद ही सुधार लेने का दावा किया गया. बिलासपुर संसदीय क्षेत्र के मुंगेली जिले के डुमरहा गांव और कोटा विधानसभा के एक गांव में ग्रामीणों ने मतदान का बहिष्कार कर दिया था, लेकिन बाद में इन्हें मना लेने का दावा किया गया है.

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जशुपर के कुनकुरी इलाके में वोटिंग के दौरान मतादाताओं की जब कतार लगी हुई थी, तभी अचानक मधुमक्खियों ने हमला कर दिया. मधुमक्खियों के हमले में छह लोग घायल हो गए. बूथ क्रमांक 73 , 74 , 75 में इस घटना के कारण अफरातफरी मच गई. हालांकि कुछ देर बाद मतदान फिर शुरू हो गया. इसके अलावा रायगढ़ में वोटिंग की लाइन में लगी एक महिला की मौत हो गई. मृतिका का नाम अंजला टोप्पो बताया जा रहा है.

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तीसरे चरण में छत्तीसगढ़ में 123 प्रत्याशी मैदान में हैं. सातों संसदीय क्षेत्र में कुल 1 करोड़ 27 लाख 13 हजार 816 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकेंगे. सात लोकसभा क्षेत्रों में मतदान के लिए कुल 15 हजार 408 मतदान केन्द्र बनाए थे. रायपुर में 2343, बिलासपुर में 2221, रायगढ़ में 2327, कोरबा में 2008, जांजगीर-चांपा में 2173, दुर्ग में 2183 एवं सरगुजा में 2153 मतदान केन्द्र स्थापित किए गए थे.

छत्तीसगढ़ में दिखा वोट डालने का उत्साह, सेल्फी लेते दिखे नेता

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में तीसरे चरण व अंतिम चरण के मतदान में नेताओं में वोट डालने का जोश काफी दिखाई पड़ा और आम मतदाता व युवा भी वोट डालने के लिए उत्साहित नजर आये ।

हालांकि भाजपा के नेताओं में वोट देने के बाद सेल्फी तस्वीर खिंचवाने की होड़ लगी रही, जबकि कांग्रेस के नेताओं में तस्वीरों के प्रति जोश ठंडा रहा। अधिकतर नेताओं ने सुबह-सुबह ही मतदान किया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी परिवार के सदस्यों के साथ मतदान किया। पूर्व गृहमंत्री व भाजपा नेता रामसेवक पैकरा ने अपने मतदान केन्द्र चेन्द्रा में मतदान किया।

सरगुजा सांसद कमलभान सिंह मरावी ने जमगला बूथ पर मतदान किया। वहीं भाजपा प्रवक्ता भूपेन्द्र सवन्नी, ओपी चौधरी तथा नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक तथा पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल ने पूरे परिवार के साथ बूथ पर जाकर मतदान किया। रायगढ़ से भाजपा उम्मीदवार गोमती साय ने सुबह 11 बजे तक ही मतदान करके बाकी के कामकाज देखे।

सरगुजा से भाजपा उम्मीदवार रेणुका सिंह भी सुबह 10 बजे के बाद मतदान करने पहुंची, जबकि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पाटन विधानसभा सीट के कुरुदडीह मतदान केंद्र पर मतदान किया। भूपेश अपने पूरे परिवार के साथ एक साथ 11 बजे के बाद मतदान करने पहुंचे।