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छत्तीसगढ़ : BJP के सामने चुनाव में ये है सबसे बड़ी चुनौती

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में भाजपा के सामने सबसे बड़ी चुनौती कार्यकर्ताओं की नाराजगी और नेताओं की अंतरकलह दूर करने की है। पिछले दो लोकसभा चुनावों से 11 में दस-दस सीट जीतने वाली भाजपा का बूथ स्तर का कार्यकर्ता नाराज है। विधानसभा चुनाव में उपेक्षा के कारण कार्यकर्ताओं की नाराजगी ने पार्टी को सबसे बुरे प्रदर्शन स्तर पर पहुंचा दिया था। अब कार्यकर्ताओं की नाराजगी और अंतरकलह दूर करके भाजपा चुनावी नैया पार करने की तैयारी कर रही है।

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विक्रम उसेंडी की मानें तो पार्टी के सामने सबसे बड़ी चुनौती बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं को रिचार्ज करना है। विधानसभा चुनाव में हार के बाद कार्यकर्ताओं में निराशा का माहौल है। इससे निपटने के लिए कमल रंगोली और मेरा घर, भाजपा का घर अभियान चलाया गया है।

उसेंडी ने खुद संभाली कमान, एक हजार नेताओं को किया फोन

इसके साथ ही बड़े नेताओं के बीच मचे घमासान से निपटना भी सबसे बड़ी चुनौती है। प्रदेशभर में आला नेताओं के बीच वाकयुद्ध चल रहा है। इससे निपटने का मोर्चा खुद उसेंडी ने संभाल लिया है। प्रदेश के करीब एक हजार से ज्यादा नेताओं से उसेंडी ने फोन पर संपर्क किया है और उन्हें पार्टी के पक्ष में काम करने और उनकी समस्याओं को दूर करने का आश्वासन दिया है।

भाजपा का कमजोर पक्ष

– नाराज कार्यकर्ता

– बड़े नेताओं में अंतरकलह

– पिछली सरकार की एंटी इनकंबेंसी

– एक ही उम्मीदवार को बार-बार चुनाव मैदान में उतारना

– केंद्र की उपलब्धियों को जनता तक नहीं पहुंचा पाना

भाजपा का मजबूत पक्ष

– बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं की फौज

– सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक का जोश

– मोदी के रूप में सशक्त नेतृत्व का दावा

– 35 लाख लोगों को मोदी सरकार की योजना का लाभ मिलना

– स्वच्छता, उज्जवला से लेकर पीएम आवास की सफलता

Chhattisgarh : विचारधारा की जंग के शिकार बन सकते हैं कुछ और कुलपति

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद से उच्च शिक्षा में विचारधारा की लड़ाई छिड़ गई है।  पहले खबर दी थी कि 15 साल तक भाजपा की सरकार में विश्व विद्यालयों में संघ की विचारधारा को प्रश्रय देने का आरोप कांग्रेस लगाती रही। सरकार बनाने के बाद अब कुलपतियों पर इस्तीफा देने का दबाव है। खबर तो यह भी है कि इस मुद्दे पर सरकार और राजभवन के बीच बन नहीं रही है। विश्व विद्यालयों की राजनीति इस बीच गरम हो गई है।

दुर्ग विश्व विद्यालय के कुलपति डॉ शराफ ने इस्तीफा दिया तो इसे निजी मामला बताया गया। हालांकि अंदरखाने खबर यह है कि कुलपतियों से साफ कह दिया गया है कि वे खुद पद छोड़ दें। अगर नहीं छोड़ा तो सरकार हटाएगी। सरकार सीधे तो हटा नहीं सकती इसलिए कुलपतियों के खिलाफ पहले हुई शिकायतों को खंगाला जा रहा है। इसी दबाव में शनिवार को कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विवि के कुलपति प्रोफेसर मानसिंह परमान ने इस्तीफा दे दिया है। अब बचे हुए पांच विश्व विद्यालयों के कुलपति भी निशाने पर हैं।

खंगाले जा रहे आरोप

पंडित सुंदरलाल शर्मा ओपन यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रोफेसर बीजी सिंह की कुर्सी पर भी खतरा मंडरा रहा है। उन पर पूर्व शिक्षा मंत्री केदार कश्यप की पत्नी के नकल प्रकरण को दबाने का आरोप है। केदार की पत्नी का प्रकरण मुन्नी बाई के नाम से चर्चा में रहा। उनकी जगह परीक्षा में कोई और युवती बैठी थी।

तब विपक्ष में रही कांग्रेस ने खूब हल्ला मचाया लेकिन यह मामला दबा दिया गया। बस्तर और सरगुजा विवि के कुलपतियों पर नियुक्तियों में गड़बड़ी के आरोप लगे थे। इन आरोपों के आधार पर उन्हें हटाने की संभावना देखी जा रही है। इंदिरा गांधी कृषि विवि के कुलपति डॉ.एसके पाटिल की कुर्सी पर भी खतरा मंडरा रहा है।

कुलसचिवों की विदाई तय

सरकार ने कुछ दिन पहले तीन कुलसचिवों का तबादला किया था। पत्रकारिता विवि के कुलपति के इस्तीफे के साथ ही वहां के कुलसचिव की भी छुट्टी की गई। सरकार विश्वविद्यालयों में अपनी विचारधारा के लोगों को लाना चाहती है। इसके लिए एक विधेयक भी लाया गया है जिसमें उप कुलाधिपति की नियुक्ति का अधिकार सरकार ने अपने पास रखा है।

छत्तीसगढ़ : बंद रेलवे फाटक के नीचे से पार करने की कोशिश के दौरान आई ट्रेन, कटकर साइकिल सवार की मौत

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रायपुर

बंद रेलवे फाटक को पार करने की हड़बड़ी में एक साइकिल सवार की जान चली गई। हादसा राजधानी के खमतराई ओवरब्रिज के नीचे स्थित रेलवे फाटक में घटी। मृतक की पहचान कर ली गई है।

पुलिस के मुताबिक उरला थाना क्षेत्र के गाजीनगर बिरगांव निवासी मंजूर आलम (36) रविवार की दोपहर 3 बजे साइकिल से किसी काम से निकला था। खमतराई ओवरब्रिज के नीचे का रेलवे फाटक ट्रेन आने के कारण बंद था। उसने थोड़ी देर रुकने की जरूरत महसूस नहीं की और हड़बड़ी में फाटक के नीचे साइकिल को घुसाकर पार करने की कोशिश करने लगा, तभी रफ्तार से बिलासपुर-रायपुर पैसेंजर ट्रेन आ गई। मंजूर को चपेट में लेते हुए ट्रेन स्टेशन की तरफ बढ़ गई। हादसे में मंजूर आलम का एक पैर कट गया और सिर में गंभीर चोटे आई। मौके पर ही उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने पर खमतराई पुलिस पहुंची। शव को उठवाकर अस्पताल पहुंचाया। मृतक के परिजान ने आकर शव की शिनाख्त की। मंजूर आलम मजदूरी करता था।

छत्तीसगढ़ : बच्चों से भरा डीआइ वाहन पलटा, घायल सात बच्चे एम्स में भर्ती

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रायपुर

डीडी नगर थाना क्षेत्र के सरोना में रविवार की दोपहर बच्चों से भरा डीआइ वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया। वाहन में सवार सात बच्चे घायल हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर क्षेत्रीय विधायक विकास उपाध्याय पहुंचे। उन्होंने जोन अध्यक्ष सोमन ठाकुर, भारती निषाद के साथ घायल बच्चों को आसपास के लोगों की मदद से एम्स में भर्ती करवाया। सभी की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।

पुलिस के मुताबिक दोपहर डेढ़ बजे सरोना से डीआइ वाहन क्रमांक सीजी 04 जेसी 1232 गुजर रहा था। सरकारी स्कूल के पास वाहन को आता देखकर वहां खड़े सात बच्चों ने हाथ देकर रुकवाया। बच्चों को बाल कटवाने के लिए नया बाजार जाना था, इसलिए उन्होंने चालक से वहां तक छोड़ने का निवेदन किया। चालक ने सभी को वाहन के डाले में बैठा लिया। वाहन कुछ दूर ही आगे बढ़ा था कि रफ्तार अधिक होने से अनियंत्रित होकर पलट गया। इससे डाले में बैठे बच्चे झटका खाकर फेंका कर सड़क किनारे जा गिरे। बच्चों को मामूली चोट आई। घायल बच्चों को देखकर वहां से गुजर रहे लोगों ने पुलिस और सरोना के रहवासियों को घटना की जानकारी दी। मौके पर विधायक विकास उपाध्याय समेत कई लोग पहुंच गए। सातों घायलों को तत्काल दूसरे वाहन से एम्स ले जाया गया।

छत्तीसगढ़ : आचार संहिता लगते ही क्लीन सिटी के लिए निकला प्रशासनिक अमला

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रायपुर

लोकसभा चुनाव की जैसे ही घोषणा हुई, जिला प्रशासन की टीम नगर निगम दस्ते के साथ सड़क पर उतर कर सरकारी योजनाओं के प्रचार वाले सहित राजनीतिक पोस्टर-बैनर हटाने में जुट गई। पहले ही दिन शहर के विभिन्न इलाकों से हजारों पोस्टर-बैनर हटाए गए। अभियान की शुरुआत कलेक्टोरेट से हुई।

अधिकारियों ने कलेक्टोरेट, रेलवे स्टेशन, मरीन ड्राइव, जयस्तंभ चौक, फाफाडीह चौराहा सहित विभिन्न इलाकों में पोस्टर-बैनर हटाए। जिलाधिकारी डॉ बसवराजू एस ने कहा कि शहर में आचार संहिता का पालन शत-प्रतिशत सुनिश्चित किया जाएगा और इसमें किसी तरह की ढील किसी को नहीं दी जाएगी। हरकत में आए आला अधिकारियों को देखकर ऐसा लग रहा था मानो वे चुनाव आचार सहिता का इंतजार कर रहे थे।

छत्तीसगढ़ के चार चिन्हारी वाले फ्लैक्स भी हटे

राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता वाली योजना छत्तीसगढ़ के चार चिन्हारी नरवा, घुरवा, गरुवा बारी योजना के शहर भर में लगे बड़े-बड़े फ्लैक्स सबसे पहले हटाए गए।

अवैध पोस्टर लगाने वालों पर होगी कार्रवाई

जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ बसवराजू एस ने कहा कि आचार संहिता के दौरान अनाधिकृत रूप से पोस्टर-बैनर लगाने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।

छत्तीसगढ़ : वार्डन का फरमान, रूम में खाने पर रोक, कीड़े से शॉर्ट सर्किट का खतरा

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आइआइटी भिलाई के सेजबहार स्थित हॉस्टल में लगी आग की जांच की दिशा तय नहीं हुई है। छह मार्च को देर रात पोटा केबिन में लगी आग की गुत्थी सुलझाने के लिए बनी जांच कमेटी ने अब तक रिपोर्ट नहीं सौंपी है न ही एक बार बैठक हुई है। पहले प्रबंधन विद्यार्थियों की गलती (सिगरेट पीना या हीटर जलाना) बताकर पल्ला झाड़ रहा था। शनिवार को देर शाम जांच कमेटी की दूसरी बैठक भी रद होने के बाद वार्डन ने विद्यार्थियों को अजीबो-गरीब फरमान जारी किया है। वार्डन ने जारी मेल में कहा है कि जिनके पास इलेक्ट्रिक सामान हैं, वे जमा कर दें। जब उन्हें जरूरत होगी तब दिया जाएगा। यह भी लिखा है कि कुछ बच्चे खाना मेस से ले जाकर हॉस्टल रूम में खाते हैं। इसकी वजह से कीड़े आते हैं और शॉर्ट-सर्किट होने का खतरा रहता है। इस पर रोक लगा दी है। यह मेल जांच कमेटी में शामिल डॉ. धृति सुंदर घोष, वार्डन हॉस्टल कैस्टल ईना ने भेजा गया है। इस मेल को लेकर बात करने के लिए जब ‘नईदुनिया’ ने फोन किया तो उन्होंने रिसीव किया, लेकिन मेल के बारे में जानकारी मांगने पर यह कहकर फोन काट दिया कि वे अभी क्लास ले रहे हैं। उसके बाद कोई बात नहीं हुई।

मेल में ये बातें :

दुर्भाग्यपूर्ण आग की घटना के प्रकाश में, जो कैंपस में हुई है, संभावित कारणों में से एक विद्युत शॉर्ट-सर्किट हो सकता है। आप सभी से स्वेच्छा से इलेक्ट्रिक उपकरण कार्यालय में जमा करने का अनुरोध किया जाता है। छात्रावास कार्यालय रसीद जारी करेगा। जब भी वे इसे अपने घर ले जाना चाहेंगे तो रसीद देने के बाद उपकरण वापस कर दिया जाएगा।

इस बीच, हम मेस क्षेत्र (दोनों छात्रावासों में) में एक प्रावधान कर रहे हैं, जहां एक इंडक्शन कुकटॉप, इलेक्ट्रिक केतली, और माइक्रोवेव स्थापित किया जाएगा। छात्र अपनी आवश्यकताओं के अनुसार सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। यह भी देखा गया है कि कुछ छात्र अपने कमरों में खाना खाते हैं, जिससे रूम में कीटाणु आते हैं। ये कीट अल्डसो कीटों को ठीक करने वाले होते हैं। ये कीट इलेक्ट्रिकल सर्किट वायरिंग के साथ जुड़े होते हैं, जिससे शॉर्ट्स-सर्कुलेटिंग होती है। कमरों में ऐसी प्रथा से परहेज करने का अनुरोध किया जाता है। इस संबंध में आपका सहयोग हमें परिसर को सुरक्षित बनाने में मदद करेगा।

बॉक्स…

दिक्कतों का करना पड़ सकता है सामना :

बच्चों से इलेक्ट्रिक आइटम जमा करवाने से उनके कुछ रोजना उपयोग आने वाले सामान को भी जमा करना पड़ेगा। जैसे प्रेस, इंडक्शन, सेविंग ट्रिमिंग मशीन सहित अन्य उपकरण। ऐसे में छात्रों को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।

वर्सन

जांच कमेटी की बैठक का पता नहीं

दो बैठक का समय तय होने के बाद रद हो गई। रिपोर्ट में क्या-क्या सामने आया, यह अभी कुछ कहना सही नहीं है। अगली बैठक कब होगी इसके लिए कोई जानकारी नहीं दी गई है। -एमएन खान, फायर ब्रिगेड सुपरिन्टेंडेंट, रायपुर (जांच कमेटी में)

छत्तीसगढ़ : डीकेएस अस्पताल के नौ डॉक्टरों का राजनांदगांव तबादला

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दाऊ कल्याण सिंह सुपर स्पेशलिटी हास्पिटल (डीकेएस) के नौ डॉक्टरों का स्थानांतरण स्व. अटल बिहारी चिकित्सा महाविद्यालय राजनांदगांव किया गया है। संचालक चिकित्सा शिक्षा ने आदेश पर शनिवार को डॉक्टरों का तबादला कर दिया है। आदेश में लिखा है कि तत्काल डॉक्टर कार्यमुक्त होकर राजनांदगांव ज्वाइन करें। गौरतलब है कि कुछ ही दिनों में राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज में पीजी सीट के लिए मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के उच्च अधिकारी निरिक्षण के लिए पहुंचने वाले हैं। निरीक्षण को मद्देनजर रखते हुए डीकेएस रायपुर के डॉक्टरों का स्थानांतरण किया गया है।

नीरव मोदी: भारत से भागकर लंदन ही क्यों जाते हैं भगोड़े

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नीरव मोदी लंदन के वेस्ट एंड इलाक़े में रह रहे हैं

ब्रिटेन के दैनिक अख़बार ‘द टेलिग्राफ़’ ने शनिवार को रिपोर्ट किया कि भारत के भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी लंदन के वेस्ट एंड इलाक़े के एक 75 करोड़ रुपये के अपार्टमेंट में रह रहे हैं.

इसके बाद इसी अख़बार की वेबसाइट पर नीरव मोदी का एक वीडियो पब्लिश किया गया जिसमें वह गुलाबी शर्ट और एक महंगी जैकेट पहने नज़र आए.

इस बार नीरव मोदी वह नीरव मोदी नहीं थे जो पुरानी तस्वीरों में नज़र आते थे.

इस बार उनकी दाढ़ी बड़ी हुई थी और लंबी मूंछे तनी हुई थीं. पंजाब नेशनल बैंक के साथ 13 हज़ार करोड़ रुपये की बैंक धोखाधड़ी के आरोपी नीरव मोदी से अख़बार के पत्रकार ने कई सवाल पूछे लेकिन उन्होंने इसका ‘नो कमेंट्स’ में जवाब दिया.

अख़बार ने यह भी दावा किया है कि नीरव मोदी ने वेस्ट एंड के सोहो में हीरे का नया कारोबार भी शुरू किया है.

48 साल के नीरव को लेकर अब तक सिर्फ़ कयास लगाए जाते थे कि वह लंदन में हैं लेकिन उनका वीडियो सामने आने के बाद इसकी पुष्टि हो चुकी है. वहीं, बैंक धोखाधड़ी में दूसरी मुख्य आरोपी और नीरव के चाचा मेहुल चौकसी एंटीगुआ और बारबाडोस की नागरिकता ले चुके हैं.

पीएनबी बैंक घोटाले के सामने आने से पहले दोनों ही आरोपी पिछले साल जनवरी में देश छोड़कर भाग गए थे.

वहीं, बैंकों का क़र्ज़ा लेकर फ़रार एक और शख़्स लंदन में हैं. लिकर किंग के नाम से मशहूर रहे उद्योगपति विजय माल्या इस समय लंदन की अदालत में प्रत्यर्पण के ख़िलाफ़ केस लड़ रहे हैं.

प्रत्यर्पण के ख़िलाफ़ लंदन की कोर्ट में केस लड़ रहे हैं विजय माल्या

लंदन ही क्यों जाते हैं

भारत और पाकिस्तान में भूगोल और संस्कृति के अलावा भी कई समानताएं हैं. इनमें से एक समानता यह भी है कि वहां से भागकर भी लोग लंदन में शरण लेते हैं. पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़, पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़, बेनज़ीर भुट्टो के अलावा कई आमो-ख़ास लोग लंदन में रहते और छिपते आए हैं.

भारत के नीरव मोदी, विजय माल्या से लेकर मेहूल चोकसी और संगीतकार नदीम सैफ़ी ने भी जाकर लंदन में शरण ली थी.

आख़िरकार ऐसा क्या है जो भारत और पाकिस्तान के विवादित लोग लंदन में शरण लेते रहे हैं?

भारत के पूर्व विदेश सचिव और लंदन में भारत के उच्चायुक्त रहे सलमान हैदर इस सवाल का जवाब देते हैं. वह कहते हैं, इसकी सबसे बड़ी वजह भारत का ब्रिटेन का उप-निवेश रहना है.

वह कहते हैं, “लोग इसलिए भागकर जाते हैं क्योंकि भारत और ब्रिटेन का उपनिवेश रहा है और इस वजह से वहां की और यहां की क़ानूनी प्रणाली लगभग एक जैसी है. ब्रिटेन और भारत के क़ानूनी जानकार दोनों देशों के क़ानूनों को बहुत अच्छे से जानते हैं जिससे भागकर गए शख़्स को बहुत लाभ होता है.”

क़ानूनी वजहों के अलावा ब्रिटेन में भारत और पाकिस्तान के लोगों का वहां होना भी एक बड़ी वजह है जो कुछ लोग भागकर वहां जाते हैं.

लंदन में बीबीसी संवाददाता नरेश कौशिक कहते हैं कि लंदन में बहुत से भारतवासी रहते हैं जिसके कारण यहां रहना आसान है.

वह कहते हैं, “यहां पर दक्षिण एशियाई खाना आराम से मिल जाता है. लंदन के बहुत सारे इलाक़े ‘मिनी भारत’ जैसे बन गए हैं. बहुत सारे लोगों के पहले से यहां पर ठिकाने हैं. बॉलीवुड के कई बड़े स्टार्स, उद्योगपतियों के यहां घर हैं. पहले से घर होने के कारण भी लंदन में भागकर आने में आसानी होती है.”

मेहुल चौकसी ने एंटीगुआ एंड बारबुडा की नागरिकता ले ली है

भगोड़ों को भारत वापस लाना कितना आसान

‘द टेलिग्राफ़’ की रिपोर्ट सामने आने के बाद कल दोपहर को प्रवर्तन निदेशालय ने ट्वीट कर बताया कि उसने नीरव मोदी के प्रत्यर्पण की अर्ज़ी ब्रिटेन को पिछले साल जुलाई में ही भेज दी थी.

प्रवर्तन निदेशालय ने ट्वीट में लिखा कि ब्रिटेन के गृह मंत्रालय के केंद्रीय प्राधिकरण ने अर्ज़ी मिलने की पुष्टि भी की थी और आगे की कार्यवाही के लिए उसको वेस्टमिंस्टर मैजिस्ट्रेट कोर्ट भेज दिया था.

विजय माल्या के प्रत्यर्पण का मामला भी लंदन की कोर्ट में चल रहा है तो क्या इसी तरह से नीरव मोदी का मामला भी कोर्ट में चलेगा? और उनको ब्रिटेन से कैसे प्रत्यर्पित किया जा सकता है? ये तमाम सवाल उठ रहे हैं.

इस पर सलमान हैदर कहते हैं कि भारत से फ़रार होकर ब्रितानिया में पहुंचने वाले लोगों को न्याय का पूरा मौक़ा दिया जाता है.

वह कहते हैं, “विजय माल्या के मामले की अदालती कार्यवाही को सालभर से अधिक होने वाला है. ब्रिटेन से लोगों को प्रत्यर्पित किया जा सकता है लेकिन इस प्रक्रिया को पूरी क़ानूनी कार्यवाही से होकर गुज़रना होता है.”

सलमान हैदर का कहना है कि प्रत्यर्पण कार्यवाही के दौरान क़ानूनी दांव-पेंच का इस्तेमाल होता है और दोनों देशों के क़ानूनों की जानकारी होना लंदन में काम आती है.

अगर उदाहरण के तौर पर संगीतकार नदीम अख़्तर सैफ़ी के मामले को लें तो उसमें भी यही हुआ था. हिंदी सिनेमा के 90 के दशक की हिट संगीत जोड़ी नदीम-श्रवण के नदीम अख़्तर सैफ़ी गुलशन कुमार हत्याकांड के बाद देश छोड़कर लंदन भाग गए थे.

भारत सरकार ने उनके प्रत्यर्पण के लिए लंदन की कोर्ट में केस लड़ा लेकिन हत्याकांड मामले में उनके ख़िलाफ़ प्रथम दृष्टया मामला न होने के कारण उनके प्रत्यर्पण के मामले को रद्द कर दिया गया.

नीरव मोदी का प्रत्यर्पण हो पाएगा

हाल में कुछ ऐसी रिपोर्ट्स आई थीं जब नीरव मोदी के वकील के ज़रिए कहा गया कि उन्हें भारत प्रत्यर्पित न किया जाए क्योंकि वहां उनकी जान को ख़तरा है, वहां राजनेता रैलियों में उनका नाम लेते हैं जिससे लोग आक्रोशित हैं.

इसी आधार पर नीरव मोदी द्वारा ब्रिटेन से राजनीतिक शरण मांगने की ख़बरें हैं लेकिन इस पर ब्रिटेन सरकार ने अब तक कुछ नहीं बोला है. उसका कहना है कि वह व्यक्तिगत मामलों पर कोई टिप्पणी नहीं करती है.

नरेश कौशिक का कहना है, “नीरव मोदी द्वारा राजनीतिक शरण मांगने की रिपोर्ट्स हैं और राजनीतिक शरण मांगने के बाद उसके ख़ारिज होने तक पूरा क़ानूनी सिस्टम आपको सपोर्ट करता है. अगर उन्होंने राजनीतिक शरण न भी मांगी हो तो यहां अपील करके प्रत्यर्पण से बचा जा सकता है.”

तो क्या क़ानूनी पेचीदगियों के कारण भारत नीरव मोदी और विजय माल्या जैसे उद्योगपतियों को ब्रिटेन से वापस नहीं ला पाएगा?

इस सवाल पर नरेश कौशिक कहते हैं कि भारत इस समय मज़बूत स्थिति में है और विजय माल्या के मामले में उसे काफ़ी सफलता भी मिली है तो यह कहा जा सकता है कि प्रत्यर्पण में भारत को सफलता मिल सकती है.

वह कहते हैं, “भारत इस समय काफ़ी महत्वपूर्ण शक्ति है जिसे ब्रिटेन समझता है. ब्रेग्ज़िट के बाद ब्रिटेन को भारत की ज़रूरत है वह भारत के साथ मुक्त व्यापार समझौता करना चाहता है तो इसलिए ब्रिटेन के हक़ में नहीं है कि वह इन लोगों को अपने यहां रहने दे. हालांकि, फिर भी ब्रिटेन के क़ानून का मज़बूत होना इन लोगों को लंदन में रोके रख सकता है.”

होली विज्ञापन : सर्फ एक्सल के हिन्दू-मुस्लिम होली विज्ञापन पर फूटा लोगों का गुस्सा

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सोशल मीडिया साइट ट्विटर पर रविवार को हिन्दुस्तान लीवर कंपनी(एचयूएल) के डिटर्जेंट सर्फ एक्सल के एक विज्ञापन को लेकर लोगों को गुस्सा फूट पड़ा। होली की थीम पर बने इस विज्ञापन को लोगों ने बहुसंख्यक हिन्दुओं की भावनाओं के ठेस पहुंचाने वाला बताया। इतना ही नहीं लोगों ने आरोप लगाया कि बॉलीवुड की तर्ज पर विदेशी कंपनियां भी भारत के बहुसंख्यक हिन्दुओं के त्यौहार, रीति-रिवाज, संस्कृति और धार्मिक परंपराओं का समय-समय पर मजाक बनाती हैं। लोगों की प्रतिक्रिया के चलते बायकाट सर्फ एक्सल हैसटैग टॉप ट्रेंड करता रहा।

दुनिया की सबसे बड़ी उपभोक्ता उत्पादक कंपनी यूनिलीवर की भारतीय शाखा एचयूएल ने अपने ब्रांड सर्फ एक्सल के विज्ञापन में हिन्दू और मुस्लिम बच्चों को दिखाया है। विज्ञापन में एक हिन्दू बालिका अपने मुस्लिम पड़ोसी बच्चे के लिए पूरे मोहल्ले के बच्चों के रंग खुद पर डलवा लेती है। जब सबके रंग खत्म हो जाते हैं तो वह हिन्दू बच्ची अपने मुस्लिम देस्त को अपनी साइकिल पर बैठाकर मस्जिद तक छोड़कर आती है। इस तरह वह मुस्लिम बच्चा बिना रंग से सराबोर हुए मस्जिद तक नमाज पढ़ने के लिए पहुंच जाता है। लोगों का आरोप है कि होली जैसे हिन्दुओं के पवित्र त्योहार को एक विदेशी कंपनी क्यों अपने फायदे के लिए विज्ञापन में उपयोग में ला रही है। क्यों इस विदेशी कंपनी यूनिलीवर ने बच्चों के बीच में हिन्दु-मुस्लिम वाला भेद बताया। होली के रंग पवित्र होते हैं ऐसे में उन्हें दाग की संज्ञा देने पर भी लोगों ने रोष जताया है।

इस पर योगगुरु बाबा रामदेव ने ट्वीट कर कहा कि हम किसी भी मजहब के विरोध में नहीं हैं लेकिन जो चल रहा है उस पर गंभीरता से सोचने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि लगता है जिस विदेशी सर्फ से हम कपड़ों की धुलाई करते हैं अब उसकी धुलाई के दिन आ गए हैं।

इस मामले पर कुछ ट्विटर यूजर ने अपने पक्ष रखते हुए ट्वीट किए हैं। अवनीश राजपूत ने लिखा है, सर्फ एक्सेल कुछ दाग बहुत अच्छे होते हैं। हम तो होली पर रंगों के दाग ‘सर्फ एक्सेल’ से धो लेंगे लेकिन तुम भी अपने मन की कालिख को इसी से धुलना। ठीक है तो आइए इस होली पर जमकर रंग खेलें और संप्रदायिक सौहार्द को मजबूत रखें।

पंडिताईन उवाच ने ट्वीट किया कि लेखक होने के साथ-साथ गृहणी भी हूं। घड़ी डिटरजेंट बेहतरीन है। आज ही सर्फ एक्सल को फेंक दें। यह डिटरजेंट हमारी बच्चियों को गलत शिक्षा देता है। कल को जब हमारी बेटियां लव जेहाद का शिकार होंगी तो यह लोग चुप्पी साध लेंगे।

अंकित शुक्ल ने कहा यूनिलीवर दाग अच्छे हैं क्योंकि होली के पवित्र रंगों के हैं। सर्फ एक्सल में दम हो तो इस प्रकार के एड दूसरे पंथ पर भी बनाए। क्या सारी गंगा-जमुना तहजीब हमें ही सिखाई जाएगी।

आलोक मिश्रा ने ट्वीट किया कि लव जिहाद का ऐड सर्फ एक्सेल जिस किसी के घर में यूज होता हो बहिष्कार करो।

अशोक सिरोही ने ट्वीट किया, ये जेहाद है, ये युद्ध है। तुम्हारे खिलाफ, तुम्हारी मानसिकता के खिलाफ! इस तरह के फोटो खींचकर इस होली पर जेहाद का बेहूदा युद्ध लड़ा जा रहा है।

पिंकू शुक्ला ने कहा कि सर्फ एक्सल ने दाग नहीं अपितु हिंदुत्व को मिटाने वाला विज्ञापन बनाया है। क्या ये कम्पनी अन्य पंथ या धर्म को मानने वालों को भी इसी प्रकार की सीख देगी। आखिर क्यों हर बार केवल हिन्दू त्योहारों का ही मजाक उड़ाया जाता है।

सौरभ पांडेय ने ट्वीट किया कि दाग अच्छे हैं सर्फ एक्सल। होली का रंग दाग नहीं है। ये सौहार्द और एकता का रंग है ना कि निरीह अबोध जानवरों का रक्त। बाजार चलाइये। बाजार की आड़ में धार्मिक विद्रोह नहीं।

पूजा सिंह ने ट्वीट किया, दाग अच्छे हैं… सिर्फ एक विशेष वर्ग के बचाव में इस प्रकार के एड न बने.. क्योंकि आपके उत्पाद का उपयोग धर्म और विचार से परे किया जाता है।

अंबानी परिवार आर्मी और पुलिस के सम्मान में आयोजित कर रहा स्पेशल म्यूजिकल फाउंटेन शो

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अंबानी परिवार 12 मार्च को मुंबईवासियों के लिए स्पेशल म्यूजिकल फाउंटेन शो का आयोजन कर रहा है। इस आयोजन में भारतीय सैन्य बल, पुलिस और उनकी फैमिली के कुल 7000 सदस्य शामिल होंगे, जो नवविवाहित जोड़े आकाश अंबानी और श्लोका मेहता को आशीर्वाद देंगे। बता दें, मुकेश अंबानी और नीता अंबानी ने 6 मार्च को लगभग 2000 गरीब बच्चों के साथ धीरुभाई अंबानी स्क्वायर का उद्घाटन किया था। अंबानी परिवार ने इसे मुंबईवासियों को समर्पित किया है।

म्यूजिकल फाउंटेन के साथ डांस प्रोग्राम

मंगलवार को होने वाले स्पेशल शो में म्यूजिकल फाउंटेन कम डांस प्रोग्राम का आयोजन होगा। सशस्त्र बलों के लिए आयोजित म्यूजिकल फाउंटेन और डांस शो में शानदार नृत्य प्रदर्शन के साथ साथ पानी के फव्वारे के साथ मंत्रमुग्ध करने वाले लाइट शो होंगे। शो भगवान कृष्ण की रास लीला, राधा और वृंदावन की गोपियों के भक्ति के प्राचीन विषय पर आधारित है। इस शो में 150 से अधिक भारतीय और अंतरराष्ट्रीय कलाकार भाग ले रहे हैं।

 

धीरुभाई अंबानी स्क्वायर के पास किया जाएगा म्यूजिकल शो

बता दें, म्यूजिकल शो का आयोजन मुंबई के बीकेसी पर जियो वर्ल्ड सेंटर में धीरुभाई अंबानी स्क्वायर के पास किया जाएगा। यहां पर करीब 600 एलईडी बल्ब के साथ खूबसूरत वॉटर फाउंटेन की भी व्यवस्था है। फायर इफेक्ट के लिए 392 वॉटर नोजल्स होंगे जो करीब 45 फीट की उंचाई तक वॉटर शूट करेंगे।

 

देश के सुरक्षाबलों का आशीर्वाद पाकर खुशी हो रही: नीता अंबानी

जानकारी देते हुए नीता अंबानी ने कहा, ”इस देश की सुरक्षा करने वाले अपने सुरक्षा बलों के साथ अपनी खुशी साझा करके और उनका आशीर्वाद पाकर खुशी हो रही है। धीरूभाई अंबानी स्क्वायर में स्पेशल म्यूजिकल फाउंडेशन प्रोग्राम मुंबई की कभी हार न मानने और जिंदादिली को समर्पित है। हम अपने सुरक्षाबलों और उनके परिवारों के सदस्यों के साथ इस अनुभव को साझा करने के लिए तत्पर हैं।”