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Weather: प्रदेश के इन जिलों में पड़ेगी कड़ाके की ठंड, अलर्ट जारी…

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रायपुर: छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज बदल चुका है। पूरे प्रदेश में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में लगातार तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। छत्तीसगढ़ में सुबह और रात के तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। इसी बीच मौसम विभाग ने उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ के एक दो स्थानों पर शीतलहर की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग ने ठंड को ले कर येलो अलर्ट जारी किया है।

मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर भारत से आ रही ठंडी हवाओं के कारण छत्तीसगढ़ में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में शीतलहर चलने की संभावना है। इन जिलों में रायपुर, कोरिया, बलरामपुर-रामानुजगंज, सूरजपुर, सरगुजा, जशपुर, जांजगीर-चांपा, बिलासपुर, मुंगेली, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, रायगढ़ और सारंगढ़-बिलाईगढ़ जैसे जिले शामिल है।

मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में बीते कुछ दिनों में औसतन तापमान में गिरावट दर्ज हुई है और आने वाले दिनों में तापमान में और गिरावट दर्ज की जाएगी। अंबिकापुर में 7 डिग्री सेल्सियस के करीब तापमान दर्ज किय गया है। मौसम विभाग का कहना है कि, उत्तरी और मध्य छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में शीतलहर चलने की संभावना है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 20 नवंबर को छत्तीसगढ़ का दौरा, 2 बड़ी योजनाओं का शुभारंभ करेंगी…

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रायपुरराष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 20 नवंबर को छत्तीसगढ़ का दौरा करेंगी। इस दौरान वो प्रदेश में दो महत्वपूर्ण योजनाओं का शुभारंभ भी करेंगी। राष्ट्रपति के इस दौरे को राज्य सरकार ने बेहद महत्वपूर्ण माना है क्योंकि ये योजनाएँ सीधे ग्रामीण और आदिवासी समुदायों के विकास से जुड़ी हैं।

राष्ट्रपति मुर्मू प्रदेश में मुख्यमंत्री वैद्यराज सम्मान निधि योजना का शुभारंभ करेंगी। इस योजना के तहत प्रदेश में परंपरागत उपचार करने वाले वैद्यों को हर साल 5 हजार रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी। राज्य सरकार ने इसके लिए एक तीन स्तरों वाला चयन प्रक्रिया तैयार किया है, जिसके तहत योग्य वैद्यों का चयन किया जाएगा। इस योजना का उद्देश्य पारंपरिक उपचार विधाओं को बढ़ावा देना और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना है।

राष्ट्रपति मुर्मू इसी अवसर पर जनजातीय ग्राम अखरा विकास योजना का भी उद्घाटन करेंगी। इस योजना के तहत प्रदेश के देवस्थलों का विकास और पुनरोद्धार किया जाएगा। योजना के अंतर्गत प्रत्येक देवस्थान पर 5 से 20 लाख रुपये तक की राशि खर्च की जाएगी। योजना का उद्देश्य न केवल धार्मिक स्थलों का संरक्षण करना है बल्कि इन स्थानों को पर्यटन और स्थानीय सांस्कृतिक गतिविधियों के केंद्र के रूप में विकसित करना भी है। इसके अलावा, योजना से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी और स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे।

एक्शन मोड में साय सरकार.. इस जिले में धान खरीदी से जुड़े 4 कर्मचारियों पर दर्ज की गई FIR..

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रायपुर: गृह विभाग की ओर से जारी अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि धान खरीदी की अवधि के दौरान किसी भी प्रकार की हड़ताल पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। आदेश में कहा गया है कि खरीदी कार्य से इंकार करने वाले कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

प्रदेशभर में 15 नवम्बर से धान खरीदी की शुरुआत हो चुकी है। वहीं दूसरी तरफ सहकारी समितियों के कर्मचारी अपनी अलग-अलग मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। सरकार ने धान खरीदी में किसी भी तरह की संभावित अव्यवस्था को देखते हुए एस्मा कानून लागू कर दिया है। इस कानून के प्रभावी होने के बाद से बड़े पैमाने पर समितियों के कर्मचारियों पर कार्रवाई की जा रही है। पिछले दिनों कई कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था, तो वहीं अब रायपुर जिले में हड़ताली कर्मियों के खिलाफ एफआईआर भी कराई गई है। सभी पर आंदोलन की वजह से धान खरीदी की प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न करने का आरोप है।

जिन कर्मचारियों के खिलाफ मामला पंजीबद्ध किया गया है, उनमें कौशल वर्मा, बृजमोहन देवांगन, राम कुमार वर्मा और पोषण लाल धुरंधर का नाम शामिल है। सभी कर्मियों पर संबंधित शाखा प्रबंधकों ने एस्मा के तहत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देश पर सभी पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की गई। ये सभी एफआईआर खरोरा, धरसीवां और नेवरा थानों में दर्ज की गई हैं।

छत्तीसगढ़ में धान के अवैध परिवहन पर खाद्य विभाग द्वारा कड़ी निगरानी रखी जा रही है। इसी कड़ी में विभाग ने 19 हजार 320 क्विंटल अवैध धान जब्त किया है। बता दें कि मार्कफेड ने धान के अवैध परिवहन करने वालों को रोकने के लिए टास्क फोर्स का गठन किया है। इस फोर्स की कार्रवाई में अब तक महासमुंद जिले में सर्वाधिक 4 हजार 266 क्विंटल धान जब्त किया जा चुका है। इसी तरह मोहला-मानपुर चौकी में सबसे कम 27 क्विंटल धान जब्त किया जा चुका है।

छत्तीसगढ़ में 15 नवम्बर से धान खरीदी की शुरुआत हो चुकी है। सरकार ने किसानों से किए गए अपने वादे के मुताबिक धान खरीदी के लिए जिला स्तर पर व्यापक तैयारियां की हुई हैं। हालांकि इस बीच सरकार के लिए लिए गए फैसले से हड़कंप मच गया है। दरअसल राज्य सरकार के निर्देश पर सक्ती जिले में सहकारी सेवा समिति के सात कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। सभी कर्मचारियों पर धान खरीदी की प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न करने के गंभीर आरोप लगे हैं। वहीं प्रदेशभर में एस्मा कानून भी लागू है, लिहाजा जिला प्रशासन ने अनुशासनहीनता बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ फैसला लेकर अन्य आंदोलनकारी कर्मियों को कड़ा संदेश दिया है। जिला प्रशासन के इस फैसले से सहकारी समितियों में हड़कंप की स्थिति है।

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ सरकार 15 नवम्बर से प्रदेशभर के 25 लाख से ज्यादा किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की शुरुआत कर चुकी है। दूसरी ओर सहकारी समितियों के कर्मचारी चार सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं, जिससे व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है। लिहाजा अब सरकार ने प्रदेश में एस्मा लागू कर दिया है। इस संबंध में गृह विभाग ने एक आदेश भी जारी किया है।

गृह विभाग की ओर से जारी अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि धान खरीदी की अवधि के दौरान किसी भी प्रकार की हड़ताल पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। आदेश में कहा गया है कि खरीदी कार्य से इंकार करने वाले कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सरकार का कहना है कि किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी और धान खरीदी प्रक्रिया हर स्थिति में निर्बाध रूप से संचालित की जाएगी। गृह विभाग ने निर्देश दिए हैं कि कर्मचारी अपने-अपने कार्यस्थल पर लौटें, अन्यथा आगे कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

रेंगाखार जलाशय में निर्माण से वनांचल क्षेत्र के हजारों किसानों को मिलेगी सिंचाई सुविधा– उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा…

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रायपुर : उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने 2.24 करोड़ रूपयों के रेंगाखार जलाशय एवं सीसी नहर लाइनिंग कार्य का किया भूमिपूजन, बैगा बाहुल्य ग्राम रेंगाखार को पर्यटन क्षेत्र के रूप में किया जाएगा विकसित…

कबीरधाम जिले के सुदूर वनांचल बैगा बाहुल्य ग्राम रेंगाखार में विकास के नए अध्याय जुड़ने जा रहा है। छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने आज रेंगाखार में 2.24 करोड़ रूपये की लागत से तैयार होने वाली रेंगाखार जलाशय शीर्ष एवं सीसी नहर लाइनिंग कार्य का विधिवत पूजा-अर्चना कर भूमिपूजन किया।

इस दौरान उन्होंने जलाशय और निर्माण स्थल का निरीक्षण भी किया। उन्होंने सभी कार्यों की विस्तार से जानकारी ली और अधिकारियों को गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखते हुए समय सीमा में निर्माण कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि रेंगाखार जलाशय के निर्माण से क्षेत्र के हजारों किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आएगा। यह परियोजना न केवल सिंचाई सुविधा का विस्तार करेगी, बल्कि कृषि क्षेत्र को नई ऊर्जा भी प्रदान करेगी। इस जलाशय से 264 हेक्टेयर कृषि भूमि को स्थायी सिंचाई की सुविधा मिलने से फसल उत्पादन में वृद्धि होगी, किसानों की आय बढ़ेगी और क्षेत्र की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार का उद्देश्य केवल संरचनाओं का निर्माण करना नहीं है, बल्कि ऐसे स्थायी और प्रभावी कार्य करना है जो सीधे-सीधे किसान, आदिवासी और वनांचल के लोगों के जीवन को बेहतर बना सकें। रेंगाखार को पर्यटन क्षेत्र के रूप में भी विकसित किया जाएगा। 

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि वनांचल क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जाए, यहाँ के हर किसान को सिंचाई सुविधा मिले, हर गांव में समृद्धि आए और युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त हों। इस दौरान उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने किसानों से मुलाकात की और आश्वासन दिया कि शासन-प्रशासन किसानों के साथ खड़ा है और विकास की हर प्रक्रिया में उनकी भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।

किसानों ने इस परियोजना को अपने जीवन का बदलाव बताते हुए कहा कि वर्षों पहले से प्रस्तावित यह कार्य आज साकार रूप ले रहा है, जिसके लिए वे उपमुख्यमंत्री के प्रति कृतज्ञ हैं। किसानों ने कहा कि बारिश पर निर्भर खेती ने उन्हें हमेशा अनिश्चितता में रखा, लेकिन इस जलाशय के बन जाने के बाद अब उनके खेत वर्षभर हरे-भरे रहेंगे और फसलें सुरक्षित होंगी।

उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने गांव-गांव में जनचौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्याओं का किया त्वरित निराकरण…

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उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने लोगों को एसआईआर के संबंध में दी विस्तृत जानकारी, ग्राम शीतलपानी में नवीन पंचायत भवन का किया भूमिपूजन…

रायपुर: उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने आज अपने विधानसभा क्षेत्र का गहन दौरा किया। जहां उन्होंने गांव-गांव में जनचौपाल का आयोजन किया। जहां खास बात यह थी कि वे अपने सरल सहज तरीके में ग्रामीणों के साथ जमीन पर सबके बीच बैठे। जहां ग्रामीणों ने अपने प्रतिनिधि को अपने बीच पाकर अपने मन की सभी बातें उपमुख्यमंत्री के सामने रख दीं।

उपमुख्यमंत्री ने सभी से ग्राम का विकास करने के लिए आवश्यक कार्यों पर चर्चा की और सभी आवश्यक सुविधाओं के लिए कार्य करने का भरोसा दिलाया। सब उन्हें घेर कर ऐसे बैठे जैसे घर के बड़े को सब घेर कर बैठ जाते हैं, उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा भी सभी से इतनी आत्मीयता से मिले की सभी मंत्रमुग्ध हो गए।

उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने ग्राम बालवाड़ी राजाढार, तरैयाबहरा, बोथी, झलमला एवं शीतलपानी में जनचौपाल का आयोजन किया। जहां स्थानीय ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं एवं मांगों को भी उनके समक्ष रखा और उन्होंने सभी का त्वरित निराकरण किया। उन्होंने चिल्फी सर्किट हाउस में भी जनचौपाल लगाई जहां बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुँचे, जहां उन्होंने प्रत्येक नागरिक की समस्या सुनकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

उन्होंने अपने इस दौरे में ग्रामीणों को चुनाव आयोग द्वारा की जा रही एसआईआर प्रक्रिया के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी दी और सम्पूर्ण प्रक्रिया को समझाया और सभी को गलत तथ्यों एवं अफवाहों से सावधान रहने को कहा। उन्होंने सभी को एसआईआर के प्रावधानों के बारे में भी विस्तार से समझाया।

इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों की बहुप्रतीक्षित मांग अनुसार उपमुख्यमंत्री ने ग्राम शीतलपानी में नवीन पंचायत भवन निर्माण हेतु भूमिपूजन कर ग्रामवासियों को शुभकामनाएं दी।

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने अटल परिसरों और जलप्रदाय योजनाओं का किया लोकार्पण…

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नालंदा परिसर और डब्ल्यू.टी.पी. का भूमिपूजन भी किया, बालोद नगर पालिका के विकास के लिए चार करोड़ देने की घोषणा की.

मूलभूत विकास कार्यों हेतु दल्लीराजहरा और डौण्डीलोहारा नगरीय निकायों के लिए 3-3 करोड़, डौंडी तथा चिखलकसा नगर पंचायतों के लिए 2-2 करोड़ की घोषणा. 

छत्तीसगढ़ के निर्माण एवं विकास में अटलजी का महत्वपूर्ण योगदान.

रायपुर: उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने आज बालोद और डौंडीलोहारा में अटल परिसरों का लोकार्पण किया। उन्होंने जल जीवन मिशन के तहत गुरूर, गुंडरदेही और डौंडीलोहारा विकासखंड के गांवों में नल जल योजनाओं का भी लोकार्पण किया।

श्री साव ने बालोद में नालंदा परिसर और डौंडीलोहारा में अमृत मिशन के अंतर्गत वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का भूमिपूजन भी किया।

उन्होंने बालोद शहर के विकास के लिए चार करोड़ रुपए देने की घोषणा की। उन्होंने बालोद जिला मुख्यालय में तान्दुला नदी पुल से उप जेल तक डिवाइडर निर्माण तथा बालोद से लोहारा मार्ग एवं जगन्नाथपुर से परसोदा मार्ग निर्माण की भी घोषणा की। विधायक श्रीमती संगीता सिन्हा और श्रीमती अनिला भेड़िया भी कार्यक्रम में शामिल हुईं।

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने बालोद में अटल परिसर तथा जल जीवन मिशन के अंतर्गत गुरूर विकासखण्ड के ग्राम सोनईडोंगरी एवं मुड़खुसरा तथा गुण्डरदेही विकासखण्ड के ग्राम भोथीपार एवं खल्लारी में एकल ग्राम नल जल योजनाओं का लोकार्पण किया।

उन्होंने डौण्डीलोहारा नगर पंचायत में अटल परिसर तथा ग्राम डूमरघुचा, बड़े जुंगेरा एवं मड़िया कट्टा में नल जल योजनाओं का लोकार्पण किया। उन्होंने अमृत मिशन 2.0 जल प्रदाय योजना और आदर्श आंगनबाड़ी भवन के निर्माण के लिए भूमिपूजन भी किया। श्री साव ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के हितग्राहियों को पूर्णता प्रमाण पत्र एवं आवास की चाबी सौंप कर शुभकामनाएं दीं। उन्होंने बालोद के प्रतिभावान खिलाड़ियों को सम्मानित भी किया।

श्री साव ने डौण्डीलोहारा नगर पंचायत में मूलभूत विकास कार्यों के लिए तीन करोड़ रुपए व मुक्तिधाम निर्माण के लिए 30 लाख रुपए देने की घोषणा की।

उन्होंने डौंडी नगर पंचायत में भी मूलभूत विकास कार्यों के लिए दो करोड़ रुपए एवं मुक्तिधाम निर्माण के लिए 20 लाख रुपए स्वीकृत करने की घोषणा की। श्री साव ने चिखलाकसा नगर पंचायत में मूलभूत विकास कार्यों के लिए दो करोड़ रुपए, दल्लीराजहरा नगर पालिका में मूलभूत विकास कार्यों के लिए तीन करोड़ रुपए तथा मुक्तिधाम निर्माण के लिए 50 लाख रुपए स्वीकृत करने की घोषणा की। उन्होंने दल्लीराजहरा नगर पालिका तथा दोनों नगर पंचायतों के अध्यक्षों को इन कार्यों के प्रस्ताव शीघ्र प्रस्तुत करने को कहा। उन्होंने जनप्रतिनिधियों की मांग पर डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के ग्राम संबलपुर में विश्राम गृह निर्माण के लिए उचित कार्यवाही का आश्वासन दिया।

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने बालोद और डौंडीलोहारा में आयोजित कार्यक्रमों को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के निर्माण और यहां विकास की गंगा बहाकर राज्य के नवनिर्माण में पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी का अत्यंत महत्वपूर्ण योगदान है।

उन्होंने प्रदेशवासियों को नए छत्तीसगढ़ राज्य की सौगात देने के साथ ही राजधानी रायपुर में एम्स, न्यायधानी बिलासपुर में उच्च न्यायालय एवं रेलवे जोन, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना एवं भारतमाला परियोजना के माध्यम से राज्य के गांवों एवं शहरों में सड़कों का जाल बिछाने का अभिनव कार्य किया है।

श्री साव ने कहा कि बालोद जिले के प्रति शुरू से उनका आत्मीय स्नेह एवं लगाव रहा है। हमारी सरकार बालोद शहर एवं पूरे जिले के विकास के लिए कोई कसर नही छोड़ेगी। बालोद को जिला मुख्यालय की गरिमा के अनुरूप सजाया-संवारा जाएगा।

राज्य लघु वनोपज संघ के उपाध्यक्ष श्री यज्ञदत्त शर्मा, बालोद जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती तारणी पुष्पेंद्र चंद्राकर, उपाध्यक्ष श्री तोमन साहू, बालोद नगर पालिका की अध्यक्ष श्रीमती प्रतिभा चौधरी, उपाध्यक्ष श्री कमलेश सोनी, डौण्डीलोहारा नगर पंचायत के अध्यक्ष श्री लाल निवेन्द्र सिंह टेकाम, उपाध्यक्ष श्रीमती नेहा उपाध्याय, पूर्व विधायक श्री वीरेंद्र साहू और श्री प्रीतम साहू, राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग के पूर्व सदस्य श्री यशवंत जैन, जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष श्री देवलाल ठाकुर, पुलिस अधीक्षक श्री योगेश कुमार पटेल और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी सहित पार्षदगण तथा जनप्रतिनिधि बड़ी संख्या में कार्यक्रम में मौजूद थे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने राष्ट्रीय प्रेस दिवस के अवसर पर दी बधाई एवं शुभकामनाएं…

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रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने राष्ट्रीय प्रेस दिवस 16 नवंबर के अवसर पर मीडिया जगत से जुड़े सभी लोगों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता हमारे लोकतंत्र की विशेषता और आधारशिला है। निष्पक्ष प्रेस और निर्भीक पत्रकारिता स्वस्थ लोकतंत्र के लिए आवश्यक है। मीडिया नागरिकों को उनके अधिकार और दायित्व के प्रति सचेत कर देशहित व लोकहित के प्रति जागरूक करता  है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भारतीय प्रेस दिवस भारत जैसे जीवंत लोकतंत्र में स्वतंत्र और निष्पक्ष प्रेस के महत्व और योगदान को याद करने का दिन है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने राष्ट्रीय प्रेस दिवस पर आशा व्यक्त करते हुए कहा कि मीडिया अपनी प्रखरता, संवेदनशीलता और सत्यनिष्ठा के साथ लोकतंत्र के पथ को और अधिक प्रकाशमान करता रहेगा।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने डेडियापाड़ा में जनजातीय गौरव दिवस पर अपने संबोधन में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की सराहना की…

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय छत्तीसगढ़ का कर रहे है कायाकल्पप्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ के सर्वांगीण विकास के लिए राज्य सरकार पूरी निष्ठा से कार्यरतमुख्यमंत्री

रायपुर: गुजरात के डेडियापाड़ा में आयोजित जनजातीय गौरव दिवस के राष्ट्रीय कार्यक्रम में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने अपने उद्बोधन के दौरान छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व की विशेष रूप से प्रशंसा की।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश में जनजातीय समाज की बढ़ती भागीदारी और नेतृत्व भारत के विकास की नई पहचान बन रहा है, और इस दिशा में छत्तीसगढ़ की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि किसी भी समाज की प्रगति के लिए लोकतांत्रिक भागीदारी अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में जनजातीय समाज से आने वाले मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य में व्यापक विकास हो रहे हैं और सभी क्षेत्रों में सकारात्मक दिशा में निर्णायक प्रगति दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि शासन, सेवा और विकास के प्रत्येक आयाम में जनजातीय समाज का प्रतिनिधित्व और सशक्तिकरण ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र की वास्तविक शक्ति को प्रमाणित करता है।

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ प्रवास का उल्लेख करते हुए कहा कि कुछ दिन पूर्व रायपुर में उन्होंने शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि यह संग्रहालय छत्तीसगढ़ के जनजातीय इतिहास, परंपरा, कला और बलिदान का भव्य प्रतीक है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए एक राष्ट्रीय धरोहर के रूप में स्थापित होगा।

प्रधानमंत्री के उद्बोधन में छत्तीसगढ़ के जनजातीय समुदाय, उनकी संस्कृति तथा राज्य में चल रहे जनजातीय उत्थान के प्रयासों की जिस प्रकार सराहना की गई, उसने पूरे प्रदेश का गौरव बढ़ाया है।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के इन शब्दों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा दिया गया सम्मान समूचे छत्तीसगढ़वासियों का मनोबल बढ़ाने वाला है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ के मंत्र को आधार बनाकर जनजातीय समाज के सर्वांगीण विकास के लिए पूरी निष्ठा से कार्यरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और उत्साहवर्धन से राज्य में जनजातीय सशक्तिकरण, मूलभूत सुविधाओं के विस्तार, शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका तथा सांस्कृतिक संरक्षण के क्षेत्रों में उल्लेखनीय गति प्राप्त हुई है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी हमारे देश के गौरव हैं। देश का जनजातीय समाज उनके स्नेह और उदारता के लिए कृतज्ञ है। छत्तीसगढ़ के लिए उनका कहा हुआ प्रत्येक शब्द अमृत के समान है। उनके इस स्नेह को प्रसाद मानते हुए हम और अधिक उत्साह के साथ छत्तीसगढ़ महतारी की अर्चना में स्वयं को समर्पित करते हैं।

अपने संकल्प को दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की विकास यात्रा को तीव्र गति देते हुए राज्य सरकार ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के निर्माण के माध्यम से ‘विकसित भारत’ के प्रधानमंत्री के संकल्प की सिद्धि में अपना पूर्ण योगदान देगी।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अंत में कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार जनजातीय समाज की अस्मिता, स्वाभिमान और आकांक्षाओं को साकार करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है, और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के आशीर्वाद से यह विकास यात्रा और अधिक गतिशील, प्रभावी और व्यापक बनेगी।

बिलासपुर शहर में स्थापित होगी भगवान बिरसा मुंडा की आदमकद प्रतिमा, शहीद वीर नारायण सिंह के नाम पर होगा ये ओवरब्रिज, सीएम साय ने किया ऐलान…

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रायपुरः पुलिस परेड ग्राउंड बिलासपुर में भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस का भव्य और गरिमामय आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि जनजातीय समाज का इतिहास शौर्य, बलिदान और गौरव से ओत-प्रोत है। देश की स्वतंत्रता संग्राम में जनजातीय वीरों का योगदान अतुलनीय और अविस्मरणीय रहा है, किंतु इतिहास के पन्नों में उन्हें वह सम्मान नहीं मिला, जिसके वे वास्तविक रूप से अधिकारी थे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर बिलासपुर में भगवान बिरसा मुंडा की आदमकद प्रतिमा की स्थापना तथा शहर के एक प्रमुख चौक का नाम भगवान बिरसा मुंडा के नाम पर करने की घोषणा की।

उन्होंने लाल खदान ओवरब्रिज का नामकरण शहीद वीर नारायण सिंह के नाम पर करने, जनजातीय बालक-बालिकाओं के लिए 300 और 200 सीटर के अत्याधुनिक पोस्ट-मैट्रिक छात्रावास की स्थापना तथा कोटा ब्लॉक में जनजातीय समाज के लिए सामुदायिक भवन के निर्माण की भी घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस ऐतिहासिक उपेक्षा को सुधारा है और जनजातीय समाज के सम्मान, उत्थान एवं विकास के लिए अभूतपूर्व कार्य किए हैं। वे स्वयं भगवान बिरसा मुंडा की कर्मभूमि में गए और समाज की प्रगति के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं का शुभारंभ किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को ‘जनजातीय गौरव दिवस’ के रूप में मनाने के निर्णय ने पूरे देश में स्वाभिमान और गर्व की नई चेतना जगाई है।

मुख्यमंत्री साय ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने मध्यप्रदेश के जबलपुर में रानी दुर्गावती संग्रहालय और रायपुर में शहीद वीर नारायण सिंह ट्राइबल म्यूजियम का उद्घाटन कर देशभर के जनजातीय वीरों और नायकों के योगदान को सम्मानित किया है।

यह संग्रहालय डिजिटल स्वरूप में भी उपलब्ध है, ताकि नई पीढ़ी अपने इतिहास से बेहतर ढंग से परिचित हो सके। पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी को स्मरण करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल जी ने ही झारखंड और छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण कर जनजातीय समाज को नई पहचान दी। उन्होंने आदिम जाति कल्याण मंत्रालय की स्थापना कर जनजातीय विकास हेतु विशेष बजट प्रावधान सुनिश्चित किए।

मुख्यमंत्री ने बताया कि धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना के माध्यम से लगभग 80 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि से देश के 6,600 से अधिक गांवों में तीव्र विकास कार्य किए जा रहे हैं।

इसके साथ ही विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए पीएम जनमन योजना चलाई जा रही है, जिसके अंतर्गत सड़क, आवास और मूलभूत सुविधाओं का तीव्र विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं के क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ देश में प्रथम स्थान पर है तथा इस उपलब्धि के लिए राज्य को राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित किया गया है।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री साय ने बिलासपुर जिले में 329 करोड़ 77 लाख रुपए से अधिक के विकास कार्यों के लोकार्पण और शिलान्यास पर जनता को शुभकामनाएं दीं।

कार्यक्रम में जनजातीय समाज के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों, सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले कलाकारों, समाजसेवियों तथा स्कैच तैयार करने वाली दीपिका ध्रुव को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने समाज के प्रमुख जनप्रतिनिधियों से चर्चा की और उनकी मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने की। उन्होंने कहा कि आज का दिन बिलासपुर के लिए सौभाग्य और सम्मान का दिन है, जब 329 करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्यों की सौगात मिली है।

उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा को स्वतंत्रता आंदोलन के महा-नायक बताते हुए नवा रायपुर स्थित ट्राइबल म्यूजियम की विशेषताओं का उल्लेख किया और सभी से उसे अवश्य देखने की अपील की।इस अवसर पर विधायक धरमलाल कौशिक, अमर अग्रवाल, धर्मजीत सिंह, सुशांत शुक्ला, दिलीप लहरिया, अटल वास्तव, छत्तीसगढ़ क्रेडा अध्यक्ष भूपेंद्र सवन्नी, पाठ्य पुस्तक निगम अध्यक्ष राजा पांडेय, जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी, महापौर पूजा विधानी, जनजातीय समाज के हेमंत राज, वीरेंद्र सिंह राज, उमेश कश्यप, मती वंदना उइके, वेद सिंह मरकाम, संभाग आयुक्त सुनील जैन, आईजी संजीव शुक्ला, कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसएसपी रजनेश सिंह सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

राउत नाचा महोत्सव में शामिल हुए सीएम साय, पारंपरिक वेषभूषा पहनकर गाया दोहा…

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रायपुर: बिलासपुर के लाल बहादुर शास्त्री स्कूल मैदान में 48वें रावत नाचा महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। नाचा महोत्सव में शामिल होने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय लाल बहादुर शास्त्री शाला प्रांगण पहुंचे। आगमन पर महोत्सव के संरक्षक कालीचरण यादव एवं समिति के पदाधिकारियों द्वारा पुष्पहार पहनाकर मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत किया गया। इसके पश्चात मुख्यमंत्री एवं अतिथियों ने भगवान कृष्ण के छायाचित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय पारंपरिक रावत नाचा वेशभूषा में मंच पर पहुंचे और कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।

उन्होंने कहा कि “यदुवंशी समाज वह समाज है, जहां प्रभु कृष्ण ने जन्म लिया। छत्तीसगढ़ की नृत्य–गायन परंपरा हमारी सांस्कृतिक समृद्धि और एकता का सजीव प्रतीक है।” मुख्यमंत्री ने ‘तेल फूल में लइका बाढ़े…’ दोहा गाकर यदुवंशी समाज एवं नर्तन दलों को आशीर्वचन भी दिया। केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने रावत नाचा को यदुवंशी समाज के शौर्य, संस्कृति और कला का अप्रतिम प्रदर्शन बताया तथा मंच से दोहे गाकर सभी को शुभकामनाएँ दीं। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि “48 वर्षों से इस गौरवशाली परंपरा को बनाए रखना समाज की एकजुटता, अनुशासन और सांस्कृतिक गर्व का प्रमाण है।” उन्होंने समस्त समाज एवं नर्तक दलों को शुभकामनाएँ दीं।

बिलासपुर विधायक अमर अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि “रावत नाचा बिलासपुर की 48 वर्षों की गौरवशाली सांस्कृतिक धरोहर है, जिसका संरक्षण समिति द्वारा निरंतर किया जा रहा है।

समाज के मंगल और सद्भाव के लिए यदि कोई समाज सतत प्रयासरत है, तो वह यादव समाज है।” उन्होंने सभी को महोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि “बिलासा की पावन धरा पर रावत नाचा महोत्सव का आयोजन होना सौभाग्य की बात है। यदुवंशी समाज के लोग घर–घर जाकर सर्व समाज की मंगलकामना करते हैं।” उन्होंने कार्यक्रम में शामिल होने हेतु मुख्यमंत्री का आभार जताया। महोत्सव के संरक्षक डॉ. कालीचरण यादव ने स्वागत उद्बोधन देते हुए रावत नाचा की गौरवशाली परंपरा पर प्रकाश डाला और कहा कि पिछले 47 वर्षों से रावत नाचा महोत्सव यदुवंशी समाज की संस्कृति, सम्मान और सांस्कृतिक पहचान का मजबूत प्रतीक बना हुआ है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय पारंपरिक वेशभूषा में राउत नाचा दलों के बीच पहुंचे और ढोल–नगाड़ों की गूंजती धुन पर उनके साथ झूमकर कलाकारों का उत्साह बढ़ाया।

उन्होंने नर्तक दलों की मनमोहक प्रस्तुति की सराहना करते हुए कहा कि रावत नाचा जैसी सांस्कृतिक धरोहर आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देती रहेगी और हमारी परंपराओं को सदैव जीवित रखेगी। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री अरुण साव, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, तखतपुर विधायक धर्मजीत सिंह, बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक, बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला, चंद्रपुर विधायक रामकुमार यादव, कोटा विधायक अटल वास्तव, मस्तूरी विधायक दिलीप लहरिया तथा महापौर पूजा विधानी सहित अनेक जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में दर्शक उपस्थित थे।