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मेघालय में दो महिला पत्रकार अवमानना की दोषी, कोर्ट रूम के कोने में बैठने की मिली सजा

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नई दिल्ली। मेघालय की हाईकोर्ट ने शुक्रवार को नार्थईस्ट के जाने माने अखबार शिलांग टाइम्स की एडिटर और पब्लिशर को कोर्ट की अवमानना के लिए अजीब सजा सुनाई। दोनों पत्रकारों को कार्यवाही खत्म होने तक कोर्ट रूम के कोने में बैठने को कहा गया। इसके अलावा दोनों महिलाओं पर दो लाख रुपये का जुर्माना और एक सप्ताह में इसे न भरने पर 6 माह की कैद और अखबार पर प्रतिबंध की सजा सुनाई गई है। बता दें कि दोनों महिला पत्रकारों को ये सजा महिला दिवस के दिन सुनाई गई जब देशभर में लोग महिलाओं को बाधाइयां दे रहे थे।

बता दें कि बीते साल 6 से 10 सितंबर के बीच शिलांग टाइम्स में छपे लेख को लेकर कोर्ट ने एडिटर पैट्रिसिया मुखिम और पब्लिशर शोभा चौधरी पर कोर्ट की अवमानना का केस लगाया था। इस आर्टिकल में एक रिटायर्ड जज और उनके परिवारा को सुविधा दिलाने के कोर्ट के आदेश के बारे में लिखा गया था। ऐसे में न्यायमूर्ति मोहम्मद याकूब मीर और एसआर सेन की बेंच ने फैसला सुनाते हुए कहा था कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 215 के तहत जो शक्तियां निहित है उसके आधार पर दोनों आरोपी पत्रकारों को दो लाख का जुर्माना देना होगा और कार्यवाही खत्म होने तक कोर्ट के कोने में बैठना होगा।

Madhya Pradesh: भाजपा जिला उपाध्यक्ष पर जानलेवा हमला

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नरसिंहपुर। तेंदूखेड़ा में घोघरा नाले के पास भाजपा के जिला उपाध्यक्ष विष्णु शर्मा पर बीती रात आसामाजिक तत्वों ने प्राणघातक हमला कर दिया। घायल भाजपा नेता को जिला अस्पताल में भर्ती किया गया है। सांसद राव उदय प्रताप सिंह और भाजपा जिला अध्यक्ष अभिलाष मिश्रा, पूर्व जनपद सदस्य राजीव अग्रवाल घायल विष्णु शर्मा से मिलने पहुंचे।

घटना के विरोध में शनिवार सुबह तेंदूखेड़ा के सभी व्यापारियों ने दुकानें और साप्ताहिक हाट बाजार बंद कर शांतिपूर्ण तरीके से अधिकारियों को ज्ञापन सौपा। उन्होंने आरोपियों को जल्द पकड़कर कार्रवाई की मांग की। इस दौरान बड़ी संख्या में नगर के व्यापारी और भाजपा नेता भी वहां उपस्थित रहे। पुलिस इस मामले की जांच में जुट गई है।

Madhya Pradesh : कमलनाथ सरकार ने 77 दिनों में 39 जिलों के पुलिस कप्तान बदले

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 भोपाल। प्रदेश में हो रहे तबादलों के घेरे में 39 जिलों के पुलिस कप्तान आ चुके हैं। भोपाल-इंदौर शहर के पुलिस कप्तान डीआईजी भी इनमें शामिल हैं। इनमें से कुछ जिलों के एसपी तो महज इसलिए हटा दिए गए क्योंकि उन्होंने कांग्रेस नेताओं और उनके परिचितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर दी गई। वहीं, मुख्यमंत्री कमलनाथ के गृह जिले से हटाए गए कप्तान को तो करीब ढाई महीने बाद भी पुलिस मुख्यालय में कोई काम ही नहीं सौंपा गया है।

मध्यप्रदेश के 52 जिलों में से भोपाल और इंदौर में एसएसपी सिस्टम है जहां वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों की पदस्थापना की जाती है। कांग्रेस सरकार में मुख्यमंत्री कमलनाथ के 17 दिसंबर को शपथ लेने के बाद सबसे पहले छिंदवाड़ा एसपी अतुल सिंह को 20 दिसंबर को हटाया गया।

अतुल सिंह को पुलिस मुख्यालय में पदस्थापना दी गई थी लेकिन उन्हें आज भी कोई काम नहीं दिया गया है। 20 दिसंबर से अब तक प्रदेश के 52 जिलों में से 39 के एसपी बदले जा चुके हैं। इनमें भोपाल और इंदौर के डीआईजी कप्तान भी हटा दिए गए। इंदौर में एक रिटायर्ड आईएएस की पुत्री पुलिस अधीक्षक स्तर की अधिकारी को एसएसपी बनाकर भेजा गया तो भोपाल में डीआईजी इरशाद वली को ही कमान दी गई।

विधायक पुत्र पर एफआईआर के बाद हटे एसपी

वहीं, जिन 37 जिलों के एसपी को हटाया गया, उनमें मुरैना के रियाज इकबाल भी शामिल हैं। बताया जाता है कि उन्होंने टोल पर फायरिंग करने वाले विधायक पुत्र के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। इसके बाद ही वे हटा दिए गए। इसी तरह मंदसौर एसपी रहे टीके विद्यार्थी को एक नेता के शराब से भरे ट्रक को पकड़ने पर उनकी नाराजगी झेलना पड़ी। वे 33 दिन ही मंदसौर एसपी रहे और पीएचक्यू भेज दिए गए।

गौ रक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दों पर सख्त कार्रवाई करने वाले आगर मालवा एसपी मनोज सिंह ने जब पशुक्रूरता अधिनियम में कार्रवाई कर दी तो कुछ दिन में वे वहां से हटा दिए गए। इसी तरह राजगढ़ में विधानसभा चुनाव के दौरान आयोग द्वारा भेजे गए प्रशांत खरे को चार महीने में ही राजगढ़ से हटाकर पीएचक्यू भेज दिया गया। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने उनके स्थान पर प्रदीप शर्मा की पदस्थापना कराई है। शर्मा-सिंह के परिवार के घनिष्ठ संबंध हैं।

तेरह जिलों के एसपी ही बचे

प्रदेश के जबलपुर और ग्वालियर सहित उज्जैन, सिवनी, धार, रतलाम, शाजापुर, सीधी, भिंड, शिवपुरी, सतना, निवाड़ी और शहडोल जैसे 13 जिलों के एसपी शिवराज सरकार के समय की पदस्थापना वाले बचे हैं। इनमें धार जिले के वीरेंद्र सिंह और शाजापुर के शैलेंद्र सिंह चौहान नवंबर 2016 में एसपी बनाए गए थे। वहीं, उज्जैन एसपी सचिन कुमार अतुलकर पौने दो साल से जमे हैं। शेष अन्य आठ जिलों के एसपी शिवराज सरकार में कुछ महीने पहले ही पदस्थ हुए थे।

झूठ बोल रहा पाक, आतंकियों के खिलाफ नहीं कर रहा कार्रवाईः MEA

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नई दिल्ली। भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव अभी जारी है और इस बीच पाकिस्तान द्वारा आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई के दिखावे और भारत के दो फायटर जेट मार गिराए जाने के दावों पर भारतीय विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया आई है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रविश कुमार ने शनिवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा कि पाकिस्तान आतंकी संगठनों, आतंकी कैंपों और आतंकियों पर कार्रवाई करने का झूठा दावा कर रहा है। आतंकी संगठन जैश के खिलाफ कार्रवाई करने की बजाय उसके प्रवक्ता की तरह काम कर रहा है।

रविश कुमार ने आगे कहा कि आतंकी हमले की जिम्मेदारी जैश-ए-मोहम्मद ने ली है लेकिन पाकिस्तान उसे नकार रहा है। पाकिस्तान दुनियाभर में झूठ फैला रहा है। उसने भारत और दुनिया की गंभीर चिंताओं पर कभी ध्यान नहीं दिया। पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति ने पाकिस्तान में जैश की मौजूदगी को माना है वहीं उसकी सेना इससे इनकार करती है।

प्रवक्ता ने आगे कहा कि पाकिस्तान यह भी झूठे दावे कर रहा है कि उसने भारत के दो फायटर जेट गिराए हैं। अगर ऐसा है तो वो इसका सबूत दे। यह भी बताए कि उसने जो जेट गिराया था उसका पायलट कहां है। साथ ही इलेक्ट्रॉनिक और प्रत्यक्षदर्शी कह रहे हैं कि पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ एफ-16 का उपयोग किया था। भारत ने अमेरिका को इसके सबूत दिए हैं और अपील की है कि वो देखे कि एफ-16 का भारत के खिलाफ इस तरह उपयोग उनकी डील का हिस्सा थे या नहीं।

प्रवक्ता ने आगे कहा कि अगर पाकिस्तान यह दावा करता है कि वो नया पाकिस्तान है और नई सोच वाला है तो वो आतंकियों पर नया एक्शन भी ले।

आतंकियों द्वारा सेना के जवान को अगवा करने की खबरों का रक्षा मंत्रालय ने किया खंडन

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जम्मू। जम्मू-कश्मीर के बड़गाम जिले में सेना के जवान को आतंकियों द्वारा अगवा किए जाने की खबरें गलत हैं। रक्षा मंत्रालय ने एक बयान जारी कर इस तरह की सभी खबरों का खंडन किया है। मंत्रालय ने अपने बयान में कहा है कि जिस जवान मोहम्मद यासीन के अपहरण की खबरें गलत हैं और किसी भी तरह के कयासों से बचना चाहिए।

बता दें कि शुक्रवार रात खबर आई थी कि बड़गाम के काजीपोरा चडूरा में सेना के एक जवान मोहम्मद यासीन भट को उसके घर से अगवा कर लिया गया है। दावा था कि भट इन दिनों छुट्टी पर घर आए और इस दौरान उनका अपहरण हुआ।

जानकारी के अनुसार जिस जवान के अपहरण की झूठी खबरें सामने आई थीं वो वह सेना की जेकलाई यूनिट में तैनात है।

मालूम हो कि जम्मू-कश्मीर में पहले भी कई बार आतंकी जवानों को अगवा कर चुके हैं। 14 जून 2018 को आतंकवादियों ने राइफलमैन औरगंजेब को पुलवामा से अगवा कर लिया था। उसके बाद पुलवामा के जंगलों में उसकी हत्या कर दी गई थी।

औरंगजेब पुंछ जिले का रहने वाला था। सितंबर 2018 में आतंकियों ने दक्षिण कश्मीर के शोपियां जिले में तीन पुलिस कर्मियों को भी अगवा कर लिया था और बाद में उनकी भी हत्या कर दी थी।

झारखंडः रामगढ़ में भीषण सड़क हादसा, 10 लोगों की मौत

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रामगढ़। झारखंड के रामगढ़ में शनिवार को एक बेहद दर्दनाक हादसा हो गया है जिसमें 10 लोगों की मौत हो गई है। दुर्घटना के शिकार लोग एक ही परिवार के बताए जा रहे हें और इनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं।

जानकारी के अनुसार हादसे के शिकार लोग रांची के हटिया स्थित रेलवे कॉलोनी के रहने वाले हैं और पटना से एक मुंडन कार्यक्रम में हिस्सा लेकर लौट रहे थे। रास्ते में रामगढ़ के कुजू के पास उनकी इनोवा कार को ट्रक से जोरदार टक्कर मार दी। दुर्घटना इतनी भीषण थी की कार में सवार सभी लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।

दुर्घटना की सूचना के बाद पुलिस और मेडिकल टीम मौके पर पहुंची और सभी शवों को अस्पताल पहुंचाया। इस दर्दनाक हादसे की सूचना मृतकों के परिजनों को दे दी गई है।

Chhattisgarh : रंग लाया विपक्ष का दबाव, सवर्ण आरक्षण पर सरकार ने गठित की समिति

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रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने सवर्ण आरक्षण लागू करने के लिए समिति का गठन कर दिया है। केंद्र सरकार ने संविधान के 103 वें संशोधन के जरिये शैक्षणिक संस्थाओं में प्रवेश तथा सरकारी नौकरियों में आर्थिक रूप से कमजोर सवर्ण वर्ग के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया है। इस मामले में विपक्ष लंबे समय से प्रदेश में सवर्ण आरक्षण लागू करने की मांग कर रहा है।

राज्य सरकार ने सवर्णों को दस फीसद आरक्षण देने समेत वर्ष 2011 की जनसंख्या के आधार पर राज्य में प्रचलित आरक्षण प्रतिशत को संशोधित करने और अन्य पिछड़ा वर्ग को 27 फीसद आरक्षण का प्रावधान और परीक्षण करने के लिए समिति बनाई है। जीएडी के प्रमुख सचिव इस समिति के सदस्य सचिव हैं। उनके साथ ही सचिव विधि, राजस्व, आदिम जाति तथा सचिव समाज कल्याण को सदस्य नियुक्त किया गया है।

छत्तीसगढ़ : भूपेश सरकार शराबबंदी पर हरकत में आई

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रायपुर। लोकसभा चुनाव से ऐन पहले छत्तीसगढ़ सरकार ने शराबबंदी के अध्ययन के लिए तीन कमेटियों का गठन किया है। रायपुर ग्रामीण के वरिष्ठ कांग्रेस विधायक सत्यनारायण शर्मा की अध्यक्षता में राजनीतिक समिति का गठन किया गया है। इस समिति में भाजपा के दो, बसपा के एक, जकांछ के एक और कांग्रेस के आठ विधायक सदस्य होंगे।

इसके अलावा सचिव वाणिज्यकर (आबकारी) के संयोजन में सामाजिक संगठनों और विशेषज्ञों की दो और कमेटियां बनाई गई हैं। शराबबंदी वाले राज्यों में शराबबंदी के बाद आए आर्थिक, सामाजिक, व्यावहारिक परिवर्तनों के अध्ययन के लिए गठित विशेषज्ञों के अध्ययन दल में देश के कई जाने माने विशेषज्ञों, सामाजिक और नशामुक्ति कार्यकर्ताओं, डॉक्टरों आदि को शामिल किया गया है।

सामाजिक संगठनों की कमेटी में प्रदेश के सभी समाजों के प्रमुखों को रखा जाना है। राजनीतिक समिति में विधायकों और सामाजिक समिति में सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों के नाम अभी तय नहीं किए जा सके हैं। आचार संहिता लगने से पहले सरकार इन समितियों का एलान हर हाल में करना चाहती थी।

शुक्रवार को मंत्रालय में दिनभर इसकी कवायद चलती रही। आबकारी मंत्री कवासी लखमा पहले पहुंचे, बाद में मुख्यमंत्री भी मंत्रालय गए। इससे पहले लखमा ने वाणिज्यकर सचिव कमलप्रीत सिंह और अन्य अफसरों से चर्चा की। लखमा खुद फोन पर समाज प्रमुखों से बात कर नाम तय करते रहे। शराबबंदी छत्तीसगढ़ मंे एक बड़ा मुद्दा है। कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव में शराबबंदी का वादा किया था।

छत्तीसगढ़ : ‘बधाई हो’ फिल्म के निर्माता और निर्देशक को हाई कोर्ट का नोटिस

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बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के साहित्यकार व कथाकार परितोष चक्रवर्ती की याचिका पर हाई कोर्ट ने बधाई हो फिल्म के निर्माता और निर्देशक समेत अन्य को नोटिस जारी किया है। याचिका में कहा गया है कि फिल्म उनकी कहानी ‘जड़” पर आधारित है।

सारांश प्रकाशन नई दिल्ली ने 1999 में कथाकार परितोष चक्रवर्ती की सात कहानियों का संग्रह प्रकाशन किया था। इसमें जड़ नाम की कहानी भी थी। इससे पहले जड़ कहानी एबीपी ग्रुप की बांग्ला पत्रिका सानंदा व हिंदी साहित्यिक पत्रिका कादम्बिनी में भी 1998 में प्रकाशित हुई थी। 19 अक्टूबर 2018 को रिलीज हिंदी फीचर फिल्म बधाई हो उनकी कहानी जड़ पर आधारित है।

इसके लिए मूल लेखक परितोष चक्रवर्ती की अनुमति नहीं ली गई। इस बात की जानकारी होने पर उन्होंने फिल्म प्रोडक्शन हाउस के खिलाफ रायपुर के थाने में अक्टूबर 2018 को लिखित शिकायत की। शिकायत पर एफआइआर दर्ज नहीं करने पर उन्होंने अधिवक्ता विवेक चोपड़ा के माध्यम से हाईकोर्ट में रिट याचिका दाखिल की है।

याचिका में गुरुवार को जस्टिस गौतम भादुड़ी के कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने मूल लेखक की अनुमति के बिना उनकी कहानी पर फिल्म बनाने को अपराध माना है। कोर्ट ने उत्तरवादी फिल्म के निर्माता विनीत जैन मुंबई, आलिया सेन मुंबई, हेमंत भंडारी मुंबई, निर्देशक अमित रविन्द्रनाथ शर्मा मुंबई, स्क्रीन प्ले लेखक अक्षत घिलडियाल, मूल कथाकार शांतनु श्रीवास्तव, मोवा थाना प्रभारी रायपुर को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब मांगा है।

कोर्ट ने नोटिस में मोवा टीआई से पूछा है कि याचिकाकर्ता की शिकायत में अब तक क्या कार्रवाई की गई। वहीं फिल्म निर्माताओं से पूछा है कि क्यों न आप लोगों के खिलाफ एफआइआर दर्ज की जाए। कोर्ट ने मामले को सुनवाई के लिए चार सप्ताह बाद रखने का आदेश दिया है।

छत्तीसगढ़ : बेटे की शादी में जमकर थिरके झारखंड के सीएम रघुवर दास

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रायपुर। झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास के बेटे ललित दास शुक्रवार रात रायपुर की पूर्णिमा संग परिणय सूत्र में बंधे। शाम साढ़े सात बजे बारात राज्य मुख्यालय के होटल क्लॉक से होटल सिल्वर स्प्रिंग के लिए बाजे-गाजे के साथ निकली। बग्घी पर दूल्हे ललित सवार थे। छत्तीसगढ़िया रीति-रिवाज के साथ विवाह संपन्न् हुआ। बेटे की शादी में सीएम रघुवर दास खुद को रोक नहीं पाए और बारातियों संग जमकर थिरके।

रघुवर दास की बहू पूर्णिमा का निवास रायपुर के ब्रह्मपुरी में है। इस शादी को लेकर कई दिनों से चर्चा बनी हुई थी। शुक्रवार शाम जब गाजे-बाजे के साथ बारात निकली तो रंग-बिरंगी आतिशबाजी से आसमान चमक उठा। दूल्हे ललित वातानुकूलित बग्घी पर सवार थे। बाराती केसरिया पगड़ी में थे।

बारात जैसे ही समारोह स्थल पर पहुंची, वधु पक्ष के लोगों ने स्वागत सत्कार किया। जयमाल मंडप तक वर-वधु को पहुंचाने के लिए कन्या पक्ष द्वारा आकर्षण कृष्ण गोपियों की झांकी सजाई गई थी। एक ओर दूल्हे ललित आगे बढ़ रहे थे, वहीं दूसरी ओर दुल्हन पूर्णिमा गोपियों संग मंच की ओर जा रही थीं।

आखिरकार वो घड़ी आ ही गई जब ललित को कृष्ण गोपियों के बीच पूर्णिमा ने गुलाबों से जड़ा हार पहनाया और ललित ने भी पूर्णिमा की ओर हाथ बढ़ाकर वरमाला पहना दिया।

जयमाल के बाद मंच पर दूल्हे और दुल्हन को आशीर्वाद देने रघुवर दास, सीएम भूपेश बघेल, पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह, धर्मलाल कौशिक, पूर्व मंत्री चंद्रशेखर साहू, झारखंड के मंत्रिमंडल के सदस्य पहुंचे। शनिवार सुबह विदाई के बाद साउथ बिहार एक्सप्रेस से साढ़े सात बजे बारात रवाना होगी।