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क्यों स्वास्थ्य के लिए उपवास अच्छा है? प्राचीन विज्ञान के पास इसका सटीक जवाब है

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क्या आप भी पहले चीट डाइट करते हैं फिर वजन कम करने के लिए क्रैश डाइटिंग करते हैं? क्या दिन के अंत तक कठिन और थकाऊ व्यायाम से आप थका हुआ महसूस करते हैं? फिर आधुनिक युग में मोटापा और बीमारी की वजहों का उत्तर वो नहीं जिनकी आप तलाश कर रहे हैं.

हमारे पूर्वजों ने वेदों के विज्ञान को मजबूत किया. प्राकृतिक प्रक्रियाओं के माध्यम से शरीर को ठीक करने के उनके अपने तरीके थे. 2000 साल पहले आयुर्वेद की शुरुआत करने वाले ऋषियों ने बीमारियों का मूल कारण पाचन तंत्र में विषाक्त पदार्थों का होना माना था. आयुर्वेद में कहा जाता है कि इन विषैले पदार्थों को शरीर से निकालने से शरीर भी स्वस्थ्य और मस्तिष्क एक्टिव रहता है.

उपवास क्या है ?

प्राचीन संस्कृति के अनुसार उपवास वह तकनीक जिसमें हमें खाने को कुछ समय के लिए सीमित कर देते हैं. संस्कृत शब्द ‘प्रत्याहारा’ (प्रति+आहार – भोजन से संयम) और उपवास (निकट + रहना – सर्वशक्तिमान के साथ निकटता) का प्रयोग उपवास की तकनीक को समझाने के लिए किया जाता था. पूरी तरह से उपवास आंतों की सफाई में मदद करता है, और आंशिक उपवास विभिन्न प्रकार के सूक्ष्म पोषक तत्वों को विभिन्न प्रकार के खाद्य स्रोतों से हमारे शरीर में प्राप्त करने में मदद
करता है.

यह साबित हो चुका है कि कैलोरी को कम करने के दीर्घकालिक लाभ साबित होते हैं. जैसे यह कैंसर की कम संभावना, हृदय रोग, मधुमेह और उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करता है. आराम और आहार में परिवर्तन शरीर के लिए अच्छा होता है. इसमें नियमित रूप से नींद चक्र भी शामिल है.

आयुर्वेद क्या कहता है?

प्राचीन भारतीय, प्रकृति के साथ तालमेल से रहने में विश्वास करते थेआयुर्वेद बदलते मौसम के साथ हमारे आहार को मिश्रित करने और वर्ष में कम से कम एक बार डिटॉक्सिफॉई करने की वकालत करता है. हमें मौसमी और स्थानीय भोजन हमेशा करना चाहिए. प्राचीन विज्ञान ने शरीर के दोषों को भी खोजा है – वातपित्त और कफ ये तीन दोष हैं जो पांच मूलभूत तत्वों से जुड़े हैंऔर ये ऋतुओं में परिवर्तन के साथ होते हैंउपवास शरीर को इन बदलावों के साथ ढलने में मदद करता है. आयुर्वेद यह भी मानता है कि चंद्रमा का गुरुत्वाकर्षण बल हमारे शरीर में प्रमुख तरल पदार्थों को प्रभावित करता है जो भावनात्मक असंतुलन का कारण बनता है. उपवास प्राकृतिक एंटीडोट का काम करता है जो शरीर में एसिड को कम करता है और साथ ही मानसिक और भावनात्मक शांति भी लाता है.

कैसे करें उपवास

जंक फूड और बाकी भोजन को अधिक खाने से हमारा पाचन तंत्र थक गया है और यह विषाक्त पदार्थों से भरा हुआ है. भोजन से चीनी, प्रोसेस्ड फूड, कैफिन और शराब को कम से कम एक दिन के लिए कम करना एक अच्छी शुरुआत हो सकती है. आयुर्वेद नियमित रूप से और छोटे उपवास को अच्छा मानता है. जैसे सप्ताह में एक बार, महीने में एक बार या मौसम के बदलाव के साथ एक बाद उपवास अच्छा होता है. कठोर पूरी तरह उपवास पर जाने की जगह व्यक्ति सरल, आसानी से पचने वाले खाद्य पदार्थों जैसे फलों और सब्जियों, जूस, या साधारण खिचड़ी का सहारा ले सकता है. यह पाचन तंत्र को पोषण और ऊर्जा देते हुए डिटॉक्सीफाई करने की अनुमति देता है.

खास बातें जो रखें याद –

उपवास से आपको कमजोर और बहुत अधिक भूखा महसूस नहीं करना चाहिए.

त्रिफला जैसे हर्बल संयोजन कोमल डिटॉक्सिफायर हैं जो पाचन तंत्र के लिए अच्छे हैं.

उपवास के साथ मेडिटेशन करने से उपवास के फायदे और भी अधिक बढ़ सकते हैं.

उपवास को तोड़ते समय चीट डाइट ना करें. आरामदायक और आसानी से पचने वाले भोजन को महत्व दें.

कैसे यह करता है मदद?

अध्ययनों से पता चलता है कि उपवास द्वारा पाचन तंत्र को आराम देने से चिकित्सा के लिए इस्तेमाल होने वाली ऊर्जा को मुक्त किया जाता है. यह शरीर में संचित विषाक्त पदार्थों को दूर करते हुए इम्यूनिटी को बढ़ता है. इससे शरीर हल्का लगता है और नैचुरल ग्लो भी आता है. साफ और आराम किए शरीर से दिमाग अलर्ट रहता है जिससे हम आसानी से प्राथमिकताएं चुनते हैं.

हमारे पूर्वजों ने उपवास के जरिए अच्छे स्वास्थ्य का संदेश दिया जिसे अक्सर धार्मिक परंपराओं को माध्यम के रूप में इस्तेमाल किया गया. हम अब जानते हैं कि यह परंपरा वैज्ञानिक रूप से सिद्ध तरीकों से आए हैं. क्या आपको नहीं लगता कि यह अपनी जड़ों को अपनाने का समय है?

राष्ट्रवाद को लेकर बाबा रामदेव तैयार कर रहे ‘योद्धाओं की फौज’

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योग गुरु स्वामी रामदेव अब योगाचार्य और आयुर्वेद आचार्य के बाद सोशल मीडिया के योद्धाओं की फौज तैयार करेंगे। सनातन धर्म को मजबूत बनाने के लिए उन्होंने ये अनोखी मुहिम शुरू की है।सोशल मीडिया के योद्धाओं की यह फौज प्रदेश स्तर से लेकर देशभर में गांव स्तर तक गठित की जाएगी। सोशल मीडिया के ये योद्धा स्वामी रामदेव के पतंजलि योगपीठ और राष्ट्रवादी ताकतों व स्वदेशी आंदोलन के खिलाफ जाने वालों के खिलाफ काम करेगी।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसारस्वामी रामदेव का कहना है कि देश में हो रहे धार्मिक,आर्थिक, राजनैतिक,सामाजिक षडयंत्रो व आक्रमणों से बचाने के लिए सोशल मीडिया पर राष्ट्रवादी लोगों की एक मजबूत ताकत खड़ी करेंगे। इसकी शुरुआत उन्होंने पतंजलि से ही की है।इसके लिए उन्होंने अपने ट्वीटर एकाउंट पर भी इस मुहिम के बारे में बताते हुए लोगों से आह्वान किया है कि ज्यादा से ज्यादा लोग इस मुहिम से जुड़ें। कहा कि सनातन धर्म के खिलाफ षड्यंत्र रचने वालों को यह मुहिम करारा जवाब देगी।

राहुल गांधी कहेंगे तो ही वाराणसी से चुनाव लड़ेंगी प्रियंका गांधी

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नई दिल्ली। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी की बहन पार्टी महासचिव और पूर्वी उत्तर प्रदेश की प्रभारी प्रियंका गांधी के एक बयान से वाराणसी से उनके चुनाव लडऩे की अटकलें फिर से तेज हो गई हैं। दरअसल प्रियंका गांधी ने कहा है कि अगर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी मुझसे वाराणसी से चुनाव लडऩे के लिए कहते हैं, तो मैं खुशी से चुनाव लड़ूंगी। यह बयान उन्होंने  वायनाड में आज चुनाव प्रचार के दौरान एक सवाल के जवाब में दिया है। बता दें कि इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रियंका गांधी के वाराणसी लोकसभा सीट से चुनाव लडऩे को लेकर कहा था कि मैं आपको संदेह में छोड़ता हूं। सस्पेंस हमेशा एक बुरी चीज नहीं है। राहुल गांधी ने कहा था कि प्रियंका के वाराणसी से चुनाव लडऩे की खबर की न मैं पुष्टि कर रहा हूं और न ही खंडन कर रहा हूं। ज्ञात हो कि इससे पहले जब प्रियंका के पति राबर्ट वाड्रा से पूछा गया था तो उन्होंने भी कहा था कि वह किसी भी जिम्मेदारी के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। अगर कांग्रेस उन्हें टिकट देती है तो प्रियंका गांधी जरूर पीएम मोदी के खिलाफ  वाराणसी से चुनाव लड़ेंगी।

मोदी की लोकप्रियता तीसरे चरण के मतदान से पहले गिरी, राहुल बने प्रधानमंत्री पद के लिए पहली पसंद: सर्वे

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर लोकसभा चुनाव लड़ रही बीजेपी के लिए खतरे की घंटी है। मोदी के नाम पर बीजेपी जीत का दावा कर रही है, वहीं दूसरी तरफ पीएम मोदी की लोकप्रियता जतना के बीच घट गई है। सीवोटर-आईएएनएस पोल ट्रैकर सर्वे के मुतबाकि, प्रधानमंत्री पद के लिए सीधी टक्कर में आंध्र प्रदेश, पंजाब, केरल और तमिलनाडु के ज्यादातर मतदाता राहुल गांधी को वोट देंगे।

19 अप्रैल को किए गए एक सर्वेक्षण में मतदाताओं से पूछा गया था कि अगर उन्हें सीधे भारत के प्रधानमंत्री का चुनाव करने का मौका दिया जाए तो वे राहुल और मोदी में से किसे चुनेंगे। राज्य स्तर पर अलग-अलग आंकड़े दर्शाते हैं कि केरल में 64.96 प्रतिशत मतदाता राहुल को प्रधानमंत्री बनता देखना चाहते हैं जबकि सिर्फ 23.97 प्रतिशत ने मोदी का समर्थन किया। राष्ट्रीय स्तर पर पीएम नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता अब अच्छी नहीं रही है।

वहीं तमिलनाडु में किए गए सर्वे के मुताबिक, 60.91 प्रतिशत लोगों ने राहुल को पसंद किया और सिर्फ 26.93 प्रतिशत ने मोदी को अपनी पसंद बनाया। पंजाब में 37.04 प्रतिशत ने राहुल को और 36.05 प्रतिशत ने मोदी को अपनी पसंद बताया।

जहां राष्ट्रीय स्तर पर 11,192 लोगों से सवाल पूछा गया, वहीं राज्य स्तर पर आंध्र प्रदेश में 451 लोगों से, केरल में 701 लोगों से, तमिलनाडु में 533 लोगों से और पंजाब में 502 लोगों से सवाल पूछा गया। मोदी आंध्र प्रदेश में राहुल से 11.00 प्रतिशत से, केरल में 40.99 प्रतिशत से, तमिलनाडु में 33.93 प्रतिशत से और पंजाब में 0.99 प्रतिशत से पीछे हैं।

अभी तक 158 लोगों की मौत, बम धमाकों से दहला श्रीलंका, चिंतित भारत ने जताया दुख

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नई दिल्ली। श्रीलंका में ईस्टर संडे के मौके पर एक के बाद एक लगातार आठ बार तीन चर्चों और तीन पांच सितारा होटलों में हुए बम धमाकों में अभी तक 158 लोगों की मौत हो चुकी है, लगभग 300 घायल हैं। वहीं 35 विदेशी नागरिकों के भी मारे जाने की खबर है। कोलंबो नेशनल अस्पताल के अधिकारी ने कहा,  घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायलों की संख्या बढऩे की संभावना है। श्रीलंका में बम धमाकों की भारतीय नेताओं और खिलाडिय़ों ने दुख जाहिर करते हुए निंदा की है। राहुल गांधी ने ट्वीट किया कि कोलंबो में कई बम धमाकों की रिपोर्ट से मैं दुखी और परेशान हूं। मैं इस घृणित कार्य की कड़ी निंदा करता हूं। पीडि़त परिवारों के प्रति मेरी संवेदना है। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने धमाकों की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा है कि हमारे क्षेत्र में इस तरह की बर्बरता के लिए कोई जगह नहीं है। मेरी प्रार्थना पीडि़त परिवारों के साथ है। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने बम धमाकों को लेकर दुख जताया है।  उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने ट्वीट कर कहा कि कोलंबो में हुए धमाकों में हताहत मासूम नागरिकों और उनके परिजनों के प्रति हार्दिक संवेदना व्यक्त करता हूं। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ट्वीट किया कि श्रीलंका से आ रही परेशान करने वाली खबर पर मैं दुखी और स्तब्ध हूं। हिंसा के सभी रूप अस्वीकार्य हैं।  मेरी प्रार्थना पीडि़त परिवारों के साथ है।  कांग्रेस नेता शशि थरुर ने घटना पर दुख जाहिर करते हुए ट्वीट किया कि असहिष्णुता, कट्टरता और आतंकवाद दुख की कोई सीमा नहीं जानते। उस सुंदर भूमि के पीडि़त परिवारों के लिए मेरी प्रार्थना उनके साथ है। भारतीय क्रिकेटर रोहित शर्मा ने ट्वीट किया कि मेरी प्रार्थना श्रीलंका के साथ है। वह एक बहुत सुंदर देश है।

जारी हुआ नया आदेश, दवा के हर साइड इफेक्ट की जानकारी अब आपको मिलेगी

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दवाओं के पैकेट पर अब उनके साइड इफेक्ट्स लिखना जरूरी हो गया है. दवाओं के साइड इफेक्ट्स पर हुई एक रिसर्च के बाद केंद्रीय ड्रग कंट्रोल विभाग ने फार्मा कंपनियों को ये आदेश दिया है. वैज्ञानिकों ने दवाओं पर रिसर्च कर पता लगाया है कि एंटीबायोटिक्स और डिप्रेशन जैसी बीमारियों की दवाइयों के साइड इफेक्ट बेहद नुकसानदेह होते हैं. इस रिसर्च के आधार पर ड्रग कंट्रोलर ने मेडिसिन बनाने वाली कंपनियों को दवा से होने वाले साइड इफेक्ट्स को पैकेट पर लिखने का आदेश दिया हैं, ताकि दवाओं के इस्तेमाल में लोग सावाधानी बरतें.

क्या है नया आदेश-केंद्रीय ड्रग कंट्रोलर ने नो योर मेडिसिन मुहिम के तहत 7 तरह की मेडिसिन और उनसे बनने वाले सैकड़ों ब्रांड्स को लेकर जागरुकता फैलाने की तैयारी की है.

>> मान लीजिए सेफोटैक्सिम, सेफीएग्जाइम जैसी एंटीबॉयोटिक्स खाने से स्किन एलर्जी, त्वचा में सूजन जैसी दिक्कते हो सकती हैं.

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>> इसके अलावा मेंसुरेशन ब्लीडिंग नियंत्रण और डिप्रेशन में खाने वाली कई दवाओं से चक्कर आना साथ ही इंफेक्शन जैसी दिक्कतें हो सकती हैं.

>> इसी तरह आर्थराइटिस, मिर्गी और माइग्रेन की कुछ दवाओं से त्वचा की तकलीफें हो सकती हैं.

>> ये जिम्मेदारी फिलहाल आपकी भी है और अगर आप भी ऐसी मेडिसिन का इस्तेमाल करते हैं तो दवा खरीदने से पहले उससे होने वाले नुकसान के बारे में जान लीजिए.

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>> दवा खाने से बीते 5 साल में देश में साइडइफेक्ट्स और एडवर्स इंवेट्स के मामलों में 150 फीसदी तक बढ़े हैं.

>> साल 2013 में सिर्फ 28 हजार शिकायत साल 2017 तक 71 हजार तक पहुंच गई हैं.

>> यह वह मामले हैं जो रिपोर्ट किए गए.

इंदौर सीट से टिकट पाने के लिए भाजपा दावेदारों की लगी भीड़

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इंदौर। भारतीय जनता पार्टी इन दिनों इंदौर लोकसभा सीट पर दावेदारों की भीड़ के चलते हलाकान है। भाजपा पहली बार यहां टिकट घोषित करने की माथा-पच्ची में अब तक उलझी है। बीते आठ चुनावों से भाजपा की अजेय सीट इंदौर से पहले लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन और बाद में राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के चुनाव लडऩे से इनकार करने के बाद यहां से हर छोटा-बड़ा नेता खुद को लोकसभा के लिए बेहतर दावेदार बताते हुए भोपाल-दिल्ली के चक्कर लगा रहे हंै। मध्यप्रदेश के प्रभारियों ने हर दिन आने वाली नेताओं की भीड़ देखकर आदेश जारी किया है कि बगैर समय लिए कोई मिलने नहीं आएगा। साथ ही अपनी दावेदारी भी संगठन के माध्यम से ही प्रस्तुत करेगा। उधर कांग्रेस ने न सिर्फ  पंकज संघवी को प्रत्याशी घोषित कर दिया है बल्कि जोर-शोर से प्रचार भी शुरू कर दिया है। लोकसभा अध्यक्ष व इंदौर से आठ बार की सांसद सुमित्रा महाजन पहले यही मानकर चल रही थीं कि उन्हें ही टिकट मिलेगा। कार्यकर्ता भी आश्वस्त थे कि ताई आसानी से सीट जीत लेंगी। महाजन ने नगर अध्यक्ष गोपी नेमा और चुनाव संयोजक रमेश मेंदोला के साथ चार विधानसभा क्षेत्रों में मंडल व वार्ड स्तर की बैठकें भी ले ली थीं।

इसी दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष शाह के 75 वर्ष से अधिक उम्र के नेताओं को चुनाव नहीं लड़वाने के बयान और टिकट में हो रही देरी को देखते हुए ताई ने चि_ी लिखकर चुनाव नहीं लडऩे का एलान कर दिया। इसके बाद भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय को यहां से सबसे सशक्त दावेदार माना जा रहा था। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में समान नेटवर्क की वजह से स्थानीय और प्रदेश संगठन के नेता भी उन्हें उपयुक्त उम्मीदवार मानकर तैयारी में जुट गए थे, लेकिन उन्होंने भी ट्वीट कर पश्चिम बंगाल में व्यस्त होने का हवाला देकर चुनाव नहीं लडऩे की घोषणा कर डाली। बस इसके बाद से ही इंदौर लोकसभा सीट के लिए दावेदारों की भीड़ लग गई है।

तेजस्वी यादव बोले- पीएम मोदी की पूरी राजनीति दिखावटी, मिलावटी और बनावटी

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नई दिल्ली।  बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल नेता तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना करते हुए कहा है कि उनकी  पूरी राजनीति दिखावटी, मिलावटी और बनावटी है। मोदीजी झूठ बोलने की फैक्ट्री हैं, मैन्युफैक्चरर हैं, होलसेलर हैं और रिटेलर हैं। उनकी कथनी और करनी में भारी अंतर है। जुमलेबाजी के अलावा उन्होंने कुछ नहीं किया है।   तेजस्वी ने कहा कि भाजपा का छुपा एजेंडा है और उसके लोग नागपुरिया कानून देश में लागू कराना चाहते हैं। इनका संविधान में कोई भरोसा नहीं है, ये वैसे लोग हैं जो अंबेडकर की मूर्ति तोड़ते हैं। चारा घोटाले में रांची की जेल में बंद लालू यादव के बारे में उनके छोटे बेटे तेजस्वी ने कहा कि यह पहला मौका है जब उनके पिता चुनावी कैंपेन में शामिल नहीं हैं। लोग परेशान हैं, उन्हें लग रहा है कि उनके साथ धोखा हुआ है। तेजस्वी ने कहा कि मोदी जी ने इतने बड़े- बड़े वादे किए जिसे पूरा नहीं किया। लोगों में विश्वास की कमी है और गुस्सा बहुत ज्यादा है।  तेजस्वी यादव ने कहा कि मोदी जी ने हर साल 2 करोड़ रोजगार देने का वादा किया लेकिन नोटबंदी में साढ़े तीन करोड़ रोजगार छीन लिया। 2018 का एक सर्वे बताता है कि डेढ़ करोड़ लोगों ने अपने रोजगार गंवा दिए। कुल मिलाकर मोदी जी पांच साल में 15 करोड़ रोजगार खा गए। किसान परेशान है। न उनकी आय दोगुनी हुई, न उनका कर्जमाफी हुई। इसलिए लोग काफी परेशान हैं। तेजस्वी ने कहा कि संविधान और देश को बचाना है, आरक्षण खतरे में है, इसे बचाना मुख्य मुद्दा है। 13 रोस्टर ओबीसी प्रोफेसर को बाहर निकालने की साजिश है।

सोनिया गांधी 22 अप्रैल को दो दिवसीय दौरे पर आएंगी रायबरेली

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रायबरेली। कांग्रेस पार्टी की पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और रायबरेली सीट से प्रत्याशी सोनिया गांधी 22 अप्रैल को दो दिवसीय दौरे पर रायबरेली आ रही हैं। उनके साथ कांग्रेस महासचिव और उनकी सुपुत्री प्रियंका गांधी भी मौजूद रहेंगी। यहां सोनिया गांधी कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ भेट कर उनसे चर्चा  करेंगी। दूसरे दिन यानी 23 अप्रैल को वे क्षेत्र के वोटरों से रू-ब-रू होंगी। बता दें कि सोनिया गांधी का मुकाबला भाजपा के दिनेश प्रताप सिंह से हैं जो कांग्रेस छोड़कर कुछ ही दिनों पहले भाजपा में शामिल हुए हैं। एसपी-बीएसपी गठबंधन ने इस सीट पर कोई उम्मीदवार नहीं उतारा है। ज्ञात हो कि रायबेरली कांग्रेस का मजबूत गढ़ माना जाता है।

यहां से पहली बार 1952 में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के पति फिरोज गांधी ने जीत हासिल कर कांग्रेस का खाता खोला था जो सोनिया गांधी तक जारी है। महज 3 बार यहां कांग्रेस को मात मिली है। वह भी तब जब यहां से  गांधी परिवार  का कोई सदस्य चुनाव मैदान में नहीं उतरा था। इससे पहले सोनिया गांधी ने पूजा-पाठ और रोड शो के बाद रायबरेली सीट से अपने पुत्र राहुल गांधी, पुत्री प्रियंका गांधी, दामाद रॉबर्ट वाड्रा व नाती-नातिन सहित हजारों की संख्या में मौजूद कार्यकर्ताओं की की उपस्थिति में अपना नामांकन दाखिल किया था। इस सीट पर मतदान  6 मई को होगा।

राज्य में आज शाम पांच बजे से मतदान समाप्ति तक शुष्क दिवस घोषित

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लोकसभा निर्वाचन 2019 के लिए 21 अप्रेल शाम पांच बजे से सभी प्रकार के राजनैतिक प्रचार थम जायेंगे। 21 अपेल शाम पांच बजे से मतदान दिवस 23 अप्रेल तक संपूर्ण दिवस शुष्क दिवस घोषित किये गये हैं। इस अवधि में कोरबा जिले में संचालित सभी देशी, विदेशी मदिरा दुकानें, होटल बार, विनोदगृह और भण्डारण भाण्डागार बंद रहेंगे। इस संबंध में जिले के सहायक आबकारी आयुक्त ने बताया कि लोकसभा निर्वाचन संबंधी कार्यों को निर्विघ्न एवं निष्पक्षतापूर्वक संपन्न कराने के लिए कलेक्टर कार्यालय से आदेश जारी किया गया है।