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Lok Sabha Election 2019: कांग्रेस नेता का दावा, दिल्ली में AAP के 9 विधायक हमारे सम्पर्क में

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नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव से पहले दिल्ली में उस समय मोदी विरोधी महागठबंधन की हवा निकल गई, जब कांग्रेस ने आम आदमी पार्टी के साथ मिलकर चुनाव लड़ने से इन्कार कर दिया। अब कांग्रेस के एक नेता ने यह दावा कर सनसनी फैला दी है कि आम आदमी पार्टी के 9 विधायक कांग्रेस के सम्पर्क में हैं।

दिल्ली कांग्रेस के प्रवक्ता जितेंद्र कोचर ने यह दावा किया है। इससे ठीक पहले केजरीवाल सरकार के पूर्व मंत्री और बर्खास्त विधायक संदीप कुमार ने शीला दीक्षित से मुलाकात की थी। हालांकि कुमार कह रहे हैं कि उनका कांग्रेस में शामिल होने का इरादा नहीं है।

वहीं कोचर का कहना है कि कांग्रेस ने जब से गठबंधन से इन्कार किया है आम आदमी पार्टी में भगदड़ मची है। आम आदमी पार्टी की ओर से इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

पढ़ें अब तक का घटनाक्रम

– आप और कांग्रेस के बीच पिछले कुछ दिनों से चल रही अटकलों पर उस समय विराम लग गया जब दिल्ली कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष शीला दीक्षित ने साफ कर दिया वह कांग्रेस और आप के बीच गठबंधन की कोई संभावना नहीं है। इसके साथ ही दोनों के रास्ते अलग-अलग हो गए हैं।

– राहुल गांधी के साथ हुई बैठक के बाद दिल्ली कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष शीला दीक्षित ने साफ कर दिया है कि दिल्ली में आम आदमी पार्टी के साथ कांग्रेस गठबंधन नहीं करेगी। पूर्व सीएम शीला ने कहा कि हमने राहुलजी को बताया कि AAP के साथ गठबंधन नहीं करना चाहिए। इस पर उन्होंने सहमति व्यक्त कर दी है।

– बताया जा रहा है कि राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल दोनों गठबंधन चाहते थे, लेकिन शीला दीक्षित के तर्कों पर ही अंततः मुहर लगी और गठबंधन नहीं हो सका।।

– अब कांग्रेस अपने दम पर दिल्ली की सातों लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी। इससे पहले केजरीवाल ने कांग्रेस से पूछे बगैर 7 में से 6 सीटों पर अपने प्रत्याशियों का ऐलान कर दिया था। इसे एक दबाव के तौर पर भी देखा जा रहा है। AAP को उम्मीद थी कि कांग्रेस झुकेगी और अंततः उसका कांग्रेस पार्टी के साथ दिल्ली की सातों लोकसभा सीटों पर गठबंधन हो जाएगा।

– सूत्रों की मानें तो इससे पहले दिल्ली की 7 लोकसभा सीटों को लेकर फॉर्मूला भी सुझाया गया था। इसके तहत कांग्रेस 3, आम आदमी पार्टी 3 और एक सीट निर्दलीय के खाते में जाने की बात कही जा रही थी।

Swachh Survekshan 2019: ट्रेंचिंग ग्राउंड की दो तस्वीरें, जो बताती हैं इंदौर के जज्बे को

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इंदौर। देशभर के तमाम दूसरे शहरों को पछाड़ते हुए सफाई की हैट्रिक लगाने में इंदौर के जोश, जज्बे और जुनून ने काम किया है। अधिकारियों, इंजीनियरों, सफाई मित्रों और जनता ने मिलकर कचरे को उद्यान और दुर्गंध को सुगंध में तब्दील किया है। शबरी की तरह रात-दिन गलियों को बुहारा है ताकि स्वच्छता के राम उसकी देहरी पर आ सकें। ट्रेंचिंग ग्राउंड पर 30-40 साल से 11 लाख टन से ज्यादा पुराना कचरा फैला था। इसे हटाने के काम से इंदौर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां मिलीं। ट्रेंचिंग ग्राउंड की पहले की तस्वीर और आज की तस्वीर देखकर आप यह अंदाजा लगा सकते हैं।

दीवारों पर चित्त को लुभाने वाले चित्र बनाए हैं, ताकि कोई उन्हें दागदार न करे। घर के कचरे को खाद बनाई है ताकि गमलों में फूल खिल सकें। कॉलोनी, मोहल्ले, सरकारी दफ्तर, स्कूल-कॉलेज, आयोजन स्थल सभी जगह सफाई को संस्कार बनाया है। एक-एक नागरिक ने इस संकल्प को बार-बार दोहराया है-शहर हमारा है, हम इसे सिरमौर बनाएंगे। ऐसे ही जज्बों ने बना दिया देश का नंबर-1 शहर।

146 एकड़ में फैले ट्रेंचिंग ग्राउंड पर शहर से हर दिन निकलने वाले करीब 1100 टन कचरे का प्रबंधन बेहतर तरीके से किया जा रहा है।

1. सबसे पहले ट्रेंचिंग ग्राउंड (लैंडफिल साइट या डंपिंग यार्ड) की आधारभूत सुविधाओं जैसे प्लांट, मशीनरी, सड़क और बिल्डिंग आदि को व्यवस्थित किया गया। पहले सूखा कचरा गीले कचरे में मिलकर आता था। अब यह समस्या खत्म हो गई है। इसके अलावा शहर से निकलने वाले मलबे और वेस्ट मटेरियल से ईंटपेवर ब्लॉक बनाने का प्लांट भी करीब ढाई करोड़ की लागत से स्थापित किया गया है।

2. ग्राउंड पर दो मटेरियल रिकवरी सेंटर शुरू किए गए, जहां रोज 450 टन सूखे कचरे का निपटान होता है। हाई और लो डेंसिटी पॉलिथीन को ग्राउंड पर लगी दो यूनिट में साफ कर रीसाइकिल किया जाता है। प्लास्टिक के कचरे से रॉ मटेरियल तैयार किया जाता है।

3. ट्रेंचिंग ग्राउंड पर पड़ा पुराना 12-15 लाख मीट्रिक टन कचरा निगम के लिए बड़ी समस्या था। अब धीरे-धीरे वैज्ञानिक पद्धति के आधार पर उसका निपटान किया जा रहा है। पुराने कचरे की मिट्टी के इस्तेमाल से ग्राउंड पर आठ बगीचे बनाए गए हैं। पुराने कचरे में बदबू ज्यादा होती है। उसमें बायो कल्चर जैविक पदार्थ डाला जा रहा है जो बदबू तो कम करते ही हैं, कचरे को कंपोस्ट में बदलने की प्रक्रिया भी तेज करते हैं।

4. हर वार्ड में कचरा बीनने वाले करीब 500 लोगों को जोड़ा गया और उन्हें ट्रेंचिंग ग्राउंड पर काम दिया गया। उन्हें प्रशिक्षण सहित सभी जरूरी सुविधाएं व साजोसामान दिए गए।

5. कुछ महीने में मजदूरों से लिया जाने वाला काम स्वचालित मशीनों से लिया जाने लगेगा। ट्रेंचिंग ग्राउंड पर वेस्ट टू एनर्जी प्लांट लगाने की भी योजना है ताकि कचरे से बिजली पैदा की जा सके। कचरा प्रबंधन के लिए निगम के सलाहकार अरशद वारसी बताते हैं भीतरी उपायों के साथ बाहरी सूरत बदलने के लिए चारों ओर बांस लगाए गए हैं, जो बड़े होकर ग्राउंड को परदे की तरह ढंक लेंगे।

मुशर्रफ : मेरे कार्यकाल में ISI ने भारत में धमाके करने के लिए जैश का किया था इस्तेमाल

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इस्लामाबाद। पाकिस्तान के ही पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने एक सनसनीखेज खुलासा किया है। उन्होंने बुधवार को कहा कि जैश-ए-मोहम्मद एक आतंकी संगठन है और पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इसका इस्तेमाल कर भारत में कई धमाके करवाए।

उन्होंने संकेत दिया कि उनके देश की इंटेलिजेंस ने उनके कार्यकाल में भारत में हमलों को अंजाम देने के लिए इसका इस्तेमाल किया था। हम न्यूज के पाकिस्तानी पत्रकार नदीम मलिक को दिए टेलीफोन पर इंटरव्यू में परवेज मुशर्रफ ने जैश-ए-मोहम्मद के खिलाफ की जा रही कार्रवाई का स्वागत किया।

उन्होंने कहा कि दिसंबर 2003 में जैश पर बैन लगाने की दो बार कोशिश की थी। बता दें कि इस इंटरव्यू का वीडियो क्लिप पाकिस्तानी पत्रकार ने अपने ट्विटर अकाउंट पर डाला है। जब उनसे पूछा गया कि आखिर उन्होंने साल 1999 से साल 2008 तक अपने कार्यकाल के दौरान सत्ता में रहने पर, जैश को प्रतिबंधित क्यों नहीं किया।

इसके जवाब में मुशर्रफ ने कहा कि उस वक्त के हालात कुछ और थे। मुशर्रफ ने कहा कि मेरे पास इस सवाल को कोई खास जवाब नहीं है। वह जमाना और था तब इसमें हमारे इंटेलिजेंस वाले शामिल थे। तब भारत और पाकिस्तान के बीच जैसे को तैसा वाला रवैया अपनाया जा रहा था। उस दौर में भारत की तरफ से पाकिस्तान में बम ब्लास्ट कराए जाते थे और हमारी तरफ से वहां (भारत में) कराए जाते थे।

मुशर्रफ ने कहा कि मैंने हमेशा कहा है कि जैश-ए-मोहम्मद एक आतंकी संगठन है और उसने ही मेरी हत्या करने की कोशिश में आत्मघाती हमला किया था। उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। मुझे खुशी है कि सरकार उनके खिलाफ सख्त रुख अपना रही है।

बताते चलें कि जैश-ए-मोहम्मद ने भारत में कई आतंकी हमलों को अंजाम दिया है, जिसका सरगना मौलाना मसूद अजहर है। भारत में 14 फरवरी को हुए पुलवामा आतंकी हमले में भी इसी संगठन का हाथ था, जिसमें सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए।

हंदवाड़ा में आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़, आतंकी ढेर

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श्रीनगर। उत्तरी कश्मीर के बदरपायीन, करालगुंड हंदवाड़ा में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच हुई मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने एक आंतकी को मार गिराया है। फिलहाल फायरिंग रूकी हुई है और इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी है। सेना के एक अधिकारी ने आतंकी के मारे जाने की पुष्ट की है साथ ही कहा है कि इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी है।

जानकारी के अनुसार यह मुठभेड़ बुधवार रात से ही जारी थी। रात में बदरपयीन में आतंकियों ने एक सैन्यदल पर घात लगाकर हमला किया, लेकिन जवानों ने त्वरित कार्रवाई कर हमला नाकाम बना दिया। इस बीच, दक्षिण कश्मीर के जीरपोरा बिजबिहाड़ा में भी सुरक्षाबलों ने आतंकियों की धरपकड़ के लिए कासो (घेराबंदी कर तलाशी अभियान) चलाया।

जानकारी के अनुसार, देर शाम करीब साढ़े सात बजे सुरक्षाबलों को अपने तंत्र से पता चला कि बदरपायीन, करालगुंड हंदवाड़ा इलाके में स्वचालित हथियारों से लैस आतंकी अपने किसी संपर्क सूत्र के पास आए हैं। इसके बाद सेना, पुलिस और सीआरपीएफ के एक संयुक्त कार्यदल ने गांव का रुख किया। सुरक्षाबलों ने जैसे ही गांव की घेराबंदी शुरू की, आतंकियों को पता चल गया। उन्होंने जवानों पर स्वचालित हथियारों से फायरिग कर दी। जवानों ने खुद को बचाते हुए जवाबी फायर किया।

यहां से निकलने में कामयाब हुए आतंकी को सुरक्षाबलों ने फिर घेर लिया और गुरुवार सुबह तक चली मुठभेड़ में एक आतंकी को मार गिराया है।

छत्तीसगढ़ : आंख में मिर्च पाउडर डालकर एक्टिवा लूट ले गए बाइक सवार दो युवक

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बिलासपुर

सकर्रा स्थित स्कूल में पदस्थ प्यून की आंख में मिर्च पाउडर डालकर बाइक सवार नकाबपोश दो युवक उनकी एक्टिवा लूटकर चंपत हो गए। इस मामले की रिपोर्ट पर पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ जुर्म दर्ज कर उनकी पतासाजी शुरू कर दी है।

हिर्री क्षेत्र के ग्राम बोड़सरा निवासी तिलकदास मानिकपुरी पिता स्व. पुहुपदास मानिकपुरी (53) सकर्रा स्थित स्कूल में भृत्य के पद पर कार्यरत है। बुधवार को स्कूल में परीक्षा चल रही थी। परीक्षा ड्यूटी के बाद दोपहर 1.30 से दो बजे के बीच वह पारिवारिक काम से एक्टिवा क्रमांक सीजी 10 ए क्यू 9001 से सकरी आ रहे थे। अभी वह संबलपुरी रोड में बहतराई स्थित डामर प्लांट के पास पहुंचे थे। तभी बाइक सवार नकाबपोश दो युवकों ने उन्हें ओवरटेक किया और उनके सामने बाइक अड़ा दी। तिलकदास हेलमेट पहने थे। तभी युवकों ने पता पूछने के बहाने उन्हें हेलमेट उतरवाया। जैसे ही वह हेलमेट उतारकर हाथ में रखे, तभी युवकों ने मौका पाकर उनकी आंख में मिर्च पाउडर छिड़क दिया। फिर उनकी एक्टिवा लूटकर संबलपुरी रोड तरफ भाग निकले। इस बीच वहां गौरव पांडेय आया, तब उसे लूट की जानकारी दी। उसके साथ घुरू-अमेरी चौक तक लुटेरों का पीछा किया। चौक के पास युवक नजर नहीं आए। इस घटना के बाद उन्होंने लूट की सूचना सकरी थाने में दी। उनकी रिपोर्ट पर पुलिस ने धारा 392 के तहत अपराध दर्ज कर लिया है।

नाकेबंदी करने के बजाए भृत्य पर ही संदेह करने लगी पुलिस

लूट की वारदात के बाद पीड़ित भृत्य मामले की रिपोर्ट दर्ज कराने सकरी थाना पहुंचे, जहां पुलिस उसे पूछताछ के बहाने एक घंटे तक बैठाए रही। उससे बार-बार सवाल कर उल्टा पुलिसकर्मी उन पर शक करने लगे। यही वजह है कि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करने के बजाय उनकी शिकायत ली। फिर घटनास्थल का तस्दीक किया। इस दौरान पुलिस ने न तो नाकेबंदी कराई और न ही नकाबपोश बाइक सवारों की पतासाजी की। उनकी शिकायत जांच के बाद पुलिस ने लूट का अपराध दर्ज किया।

छत्तीसगढ़ : तिरोरा, राजनांदगांव और डोंगरगढ़ में छह माह तक रुकेंगी चार ट्रेनें

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रायपुर

रेल यात्रियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे नागपुर रेल मंडल अंतर्गत आने वाले राजनांदगांव तिरोरा एवं डोंगरगढ़ रेलवे स्टेशनों में चार गाड़ियों के प्रायोगिकठहराव में विस्तार किया गया है। यह ठहराव 6 महीने के लिये दिया जा रहा है। पुणे-हटिया- पुणे एक्सप्रेस को राजनांदगांव में 20 मार्च से 20 सितम्बर तक, पुरी-शिर्डी साई-पुरी एक्सप्रेस को राजनांदगांव में 14 मार्च से 14 सितम्बर तक, मुम्बई-गोंदिया-मुम्बई एक्सप्रेस को तिरोरा में 20 अप्रैल से 20 अक्टूबर तक, हावड़ा-पुणे-हावड़ा आजाद हिंद एक्सप्रेस को डोंगरगढ़ में 06 मार्च से 06 अक्टूबर तक अस्थायी ठहराव दिया गया है।

आज भोपाल-बिलासपुर एक्सप्रेस रद

बिलासपुर रेल मंडल अंतर्गत बिलासपुर-अनूपपुर खंड पर रेल लाइन के दोहरीकरण का काम किया जा रहा है। रेल लाइन दोहरीकरण कार्य के अंतर्गत पेंड्रारोड-सारबहरा-खाडेरी एवं खोडरी-अनूपपुर खंड को जोड़ने के लिए नॉन इटंरलाकिंग का काम 23 दिनों तक किया गया। इस काम के चलते इस मार्ग पर चलने वाली कुछ गाड़ियों का परिचालन प्रभावित था। रैक के अभाव के कारण 7 मार्च को भोपाल से रवाना होने वाली ट्रेन भोपाल-बिलासपुर एक्सप्रेस रद रहेगी।

छत्तीसगढ़ : सिम्स बिलासपुर में एडवांस सिटी स्कैन और एमआरआई मशीन लगेगी

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रायपुर। बिलासपुर स्थित छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) में मरीजों को जल्द ही एडवांस सिटी स्कैन और एमआरआई मशीनों से जांच की सुविधा मिलेगी।

स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव की पहल पर इन दोनों मशीनों के लिए एसईसीएल (साउथ इस्टर्न कोल फिल्ड लिमिटेड) ने अपने सीएसआर (कारपोरेट सोशल रिस्पांसबिलीटी) मद से 21 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं।

इस राशि से सिम्स में 125 स्लाइस क्षमता की एडवांस सिटी स्कैन मशीन और तीन टेसला क्षमता की एमआरआइ मशीन स्थापित की जाएगी। अस्पताल में इन दोनों मशीनों के लगने के बाद मरीजों को सिटी स्कैन और एमआरआइ जांच के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा।

बिलासपुर मेडिकल कॉलेज के विद्यार्थी भी अध्ययन और जांच के लिए इन मशीनों का उपयोग कर सकेंगे। सिम्स में लंबे समय से इन दोनों मशीनों की जरूरत महसूस की जा रही थी। स्वास्थ्य मंत्री की पहल से अब शीघ्र ही वहां यह दोनों मशीनें लग जाएंगी।

Chhattisgarh : 42 करोड़ की नौ सिंचाई परियोजनाओं को स्वीकृति

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रायपुर। किसानों को सिंचाई के लिए तथा निस्तारी के लिए पानी मुहैया कराने के लिए राज्य शासन ने बुधवार को 42 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की। इस धनराशि से प्रदेश भर की नौ सिंचाई योजनाओं का निर्माण व जीर्णोद्धार किया जाएगा।

जल संसाधन विभाग ने जिन जिला परियोजनाओं के लिए धन की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की उनमें बिलासपुर जिले के विकासखंड कोटा के चांपी जलाशय के मुख्य नहर एवं शाखा नहरों में सीसी लाईनिंग निर्माण के लिए 23 करोड़ 16 लाख 59 हजार रुपये शामिल है, जिससे 2608 हेक्टेयर क्षेत्र में कृषकों को सिंचाई की सुविधा मिल सकेगी। गरियाबंद जिले के विकासखंड छुरा स्थित झरझरा व्यपवर्तन योजना को छह करोड़ 90 लाख 55 हजार रुपये दिए हैं, जिससे 182 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी।

रायगढ़ जिले के विकासखंड लैलूंगा के ग्राम राताखंड में सरलता स्टापडेम निर्माण के लिए एक करोड़ 41 लाख दो हजार रुपये दिए गए हैं जिससे 12 हेक्टेयर क्षेत्र के कृषकों को सिंचाई सुविधा मिल सकेगी। साथ ही निस्तारी और भू-जल संवर्धन के लिए पानी उपलब्ध रहेगा।

विकासखंड लैलूंगा के शिव मंदिर के पास खारून नदी पर स्टापडेम सह पुलिया निर्माण के लिए दो करोड़ चार लाख पांच हजार रुपये स्वीकृत हैं, जिससे निस्तारी और भू-जल संवर्धन के लिए पानी मिल सकेगा और 25 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।

दुर्ग जिले के विकासखंड दुर्ग की तांदुला परियोजना अंतर्गत डूमरडीह माईंनर नहर लाईनिंग कार्य के लिए एक करोड़ 47 लाख 17 हजार रुपये की स्वीकृति है। इससे 409.64 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी।

बस्तर जिले के विकासखंड बकावंड के ग्राम तोगकोंगेरा में पेटपुल्ली नदी में स्डापडेम निर्माण के लिए दो करोड़ 39 लाख 28 हजार रुपये की स्वीकृति है जिससे 75 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी। बकावंड के ही ग्राम आमागुड़ा (चोलनार) के समीप रायकेरा नाला पर स्टापडेम निर्माण के लिए एक करोड़ नौ लाख 18 हजार रुपये स्वीकृत हैं जिससे 45 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।

उत्तर बस्तर कांकेर जिले के विकासखंड चारामा के ग्राम मरकाटोला में स्टापडेम के निर्माण के लिए दो करोड़ 23 लाख 96 हजार रुपये स्वीकृत योजना के निर्माण से निस्तारी, पेयजल एवं आस-पास के जलस्रोतों का स्तर सुधारने के लिए सहायता मिल सकेगी। चारामा के ही ग्राम कसावाही स्टापडेम (प्रधानडोंगरी) निर्माण के लिए एक करोड़ 78 लाख 49 हजार रुपये स्वीकृत हैं जिससे 20 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई उपलब्ध हो सकेगी।

छत्तीसगढ़ : देश का सबसे साफ राज्य छत्तीसगढ़, रायपुर सबसे तेज बढ़ता शहर

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रायपुर। छत्तीसगढ़ को देश का सबसे स्वच्छ राज्य का सम्मान हासिल हुआ है। केंद्रीय आवास एवं शहरी मंत्रालय ने बुधवार को स्वच्छता सर्वेक्षण 2019 की रैंकिंग जारी कर दी, जिस पर समूचे देश की नजर थी। प्रदेश को एक साथ कई पुरस्कार मिले।

देश के 29 राज्य, छह केंद्र शासित प्रदेशों में सबसे स्वच्छ राज्य का पुरस्कार छत्तीसगढ़ को मिला। नईदिल्ली, विज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के हाथों से प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया ने यह सम्मान प्राप्त किया।

स्वच्छ शहर की कैटेगरी में छत्तीसगढ़ के अम्बिकापुर शहर को देश भर में दूसरा और भिलाई नगर को 11वां स्थान मिला। जबकि दस लाख से अधिक जनसंख्या वाले शहरों में रायपुर को सफाई के साथ-साथ सबसे तेज विकसित होता शहर के लिए चुना गया।

मंत्री डहरिया ने कहा कि पिछले सर्वेक्षण के मुकाबले इस बार हमने काफी बेहतर प्रदर्शन किया है और आगे भी इससे बेहतर करेंगे। कार्यक्रम में भिलाई के महापौर और विधायक देवेंद्र यादव, रायपुर निगम के अपर आयुक्त लोकेश्वर साहू, एमआइसी सदस्य श्रीकुमार मेनन, नगरीय प्रशासन विभाग की विशेष सचिव अलरमेल मंगई डी. भी मौजूद थे।

प्रदेश के शहरों की रैंकिंग

छत्तीसगढ़ के अम्बिकापुर शहर को इसके पूर्व वर्ष 2017 में 15वां और 2018 में 11वां स्थान प्राप्त हुआ था। रायपुर की रैंकिंग 2018 में 139 से थी जो 2019 में बढ़कर 41 हो गई है। राष्ट्रीय स्वच्छता सर्वेक्षण में एक लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में बिलासपुर को 28वीं, जगदलपुर को 32वीं, दुर्ग को 33वीं, राजनांदगांव को 42वीं, रायगढ़ को 43वीं और कोरबा को 65वीं रैंकिंग प्राप्त हुई है ।

एक लाख से कम आबादी वाले शहरों में

नरहरपुर को 20वीं, विश्रामपुर को 21वीं, जशपुर को 39वीं , भिलाई चरोदा को 40वीं, सहसपुर लोहारा को 43वीं, बीजापुर को 48वीं, बलरामपुर को 52वीं, चिखलाकसा को 53वीं, पाली को 57वीं, छुरा को 58वीं, सरायपाली को 60वीं, कुनकुरी को 68वीं, कवर्धा को 71वीं, छुर्रीकला को 76वीं, कांकेर को 79वीं, सीतापुर को 81वीं, मगरलोड को 89वीं, झगराखंड को 93वीं और तिफरा को 96वीं रैंकिंग प्राप्त हुई है।

रायपुर ने किए ये पांच बदलाव

स्वच्छता सर्वेक्षण 2019 के पहले रायपुर शहर ने पांच नवाचार किए और इन्हीं से रैंक सुधरी-

– फाइव पीएम आर्मी के लोगों ने सुबह 4 बजे से ओडी (खुले में शौच वाले स्थान) स्पॉट में मोर्चा संभाला, लोगों को रोका-टोका।

– निगम की सभी मीटिंग में आने वालों से 2-2 रुपये लिए, इस राशि को स्वच्छता में लगाया गया।

– शहर को पहली बार ओडीएफ डबल प्लस का सर्टिफिकेट मिला।

– मुख्य बाजारों की सफाई रात में करवाने का निर्णय लिया गया, अफसरों को सारे काम छोड़कर सिर्फ सफाई पर ध्यान देने को कहा गया।

– आम जनता जो स्वच्छता सर्वेक्षण से वाकिफ हुई, एप डाउनलोड किए, इसके जरिए शिकायतें की गईं और उनका समाधान भी हुआ।

रायपुर : ‘तीरथ बरत योजना‘ : बलौदाबाजार और महासमुंद जिले के एक हजार बुजुर्ग ‘उज्जैन-ओंकारेश्वर‘ की निःशुल्क तीर्थयात्रा के लिए रवाना

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‘तीरथ बरत योजना‘ के तहत ‘उज्जैन(महाकालेश्वर)-ओंकारेश्वर‘ की चार दिवसीय तीर्थयात्रा के लिए आज लगभग एक हजार बुजुर्ग रायपुर रेलवे स्टेशन से रवाना हुए। तीर्थयात्रियों में बलौदाबाजर और महासमुंद जिले के वरष्ठि नागरिक थे। समाज कल्याण मंत्री श्रीमती अनिला भेंड़िया भेंड़िया ने तीर्थयात्रियों को सुखद और सुरक्षित यात्रा के लिए शुभकामनाएं दी हैं।

तीर्थयात्रा पर जा रहे बलौदाबाजार जिले के कसडोल जनपद के परदेसी, सेवकदास, मनाराम,छेदीलाल सहित कई बुजुर्गों ने बताया कि वे खेती-किसानी करते हैं और पहली बार तीर्थयात्रा पर जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि तीर्थयात्रा जाने पर वे बहुत खुश और उत्साहित हैं। उन्होंने बुजुर्गों को तीर्थयात्रा कराने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार को धन्यवाद दिया है। हसदा ब्लॉक की फिरबाई,शांति बाई,पिली बाई,कमला बाई,ननकी और बिसाहिन ने बताया कि यात्रा में जाने से पहले अधिकारियों ने उन्हें समूह में रहने की सलाह और आवश्यक दिशानिर्देश दिए। उन्होंने बताया कि तीर्थयात्रा पर जाने का बहुत मन होने पर भी परिस्थितिवश नहीं जा पाए थे, अब सरकार ने तीर्थयात्रा का मार्ग सुगम कर दिया है। महासमुंद जिले के पिथौरा ब्लॉक के लिंगराज प्रधान और इंद्रजीत ने बताया कि लगभग 63 बुजुर्ग उनके ब्लॉक से तीर्थयात्रा पर जा रहे हैं,सामूहिक रूप से तीर्थयात्रा का आनंद और बढ़ गया है।

समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित ‘तीरथ बरत योजना‘ के प्रभारी श्री पंकज वर्मा ने बताया कि इस योजना के तहत 60 वर्ष या इससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों और 18 वर्ष से अधिक आयु के निःशक्तजनों को राज्य के बाहर विभिन्न तीर्थस्थलों की जीवन में एक बार निःशुल्क यात्रा कराई जाती है। योजना के तहत विभिन्न जिलों के लगभग एक हजार बुजुर्ग एक साथ तीर्थ यात्रा पर जा रहे हैं। विगत माह 22 फरवरी को धमतरी और बालोद जिले के लगभग एक हजार बुजुर्गांें के पहले दल ने ‘तिरूपति-मदुरै-रामेश्वरम‘ यात्रा की। रायपुर-गरियाबंद जिले के बुजुर्ग 2 मार्च को कामाख्या मंदिर,नवग्रह मंदिर,विशिष्ट मुनि का आश्रम,उमानंद मंदिर,शिवजी के मंदिर,शंकरकला क्षेत्र गुवाहाटी की तीर्थयात्रा कर लौट चुके हैं,और दुर्ग-बेमेतरा जिले के बुजुर्ग 5 मार्च को यहां तीर्थयात्रा पर गये हैं। उन्होेंने बताया कि योजना के तहत प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार विभिन्न जिलों के लगभग 6 हजार बुजुर्ग तीर्थस्थलों की यात्रा पर जाने वाले हैं, 12 मार्च को नारायणपुर,कोण्डागांव और कांकेर जिले के बुजुर्ग ‘बोधगया-सारनाथ-नालंदा’ यात्रा पर जाएंगे। इसके बाद 14 मार्च को बस्तर,दंतेवाड़ा,बीजापुर और सुकमा जिले के बुजुर्ग ‘गंगासागर-बिरला मंदिर-कालीघाट मंदिर‘ के दर्शन के लिए जाएंगे। बिलासपुर और कोरबा जिले के बुजुर्ग 23 मार्च को और राजनांदगांव, कबीरधाम जिले के बुजुर्ग 30 मार्च को शिरडी, शनि सिंगनापुर और त्रयंबकेश्वर की यात्रा पर जाएंगे। श्री वर्मा ने बताया कि मुंगेली-जांजगीर चांपा जिले के बुजुर्ग 25 मार्च को बाबा बैजनाथ धाम, बजरंगबली मंदिर, अुनकुल ठाकुर जी के संत्संग मंदिर दर्शन के लिए जाएंगे। रायगढ़ जिले के वरिष्ठ नागरिक 29 मार्च को पुरी,भुवनेश्वर और कोणार्क की तीर्थयात्रा पर रवाना होंगे ।