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सफलता की कहानी : छोटे भूखण्ड खरीद-बिक्री के फैसले से लोगों में उत्साह : अनिताभ-विजय का जमीन खरीदने का सपना हुआ पूरा

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मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल द्वारा छोटे भू-खण्डों के खरीद बिक्री की घोषणा से लोगों में काफी उत्साह देखी जा रही है। मुंगेली जिले में भी लोग छोटे भू-खण्ड खरीदने के लिए कदम आगे बढ़ा रहे हैं। छोटे भू-खण्ड खरीदने के इच्छुक लोगों को छत्तीसगढ़ सरकार के इस फैसले से बड़ी राहत मिली है। पहले जमीन के पंजीयन कराने में परेशानी का सामना करना पड़ता था। अब छोटे भूखण्डों की रजिस्ट्री आसान हो गई है। जिससे लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई है। इसी कड़ी में मुंगेली जिले के विकासखण्ड लोरमी के ग्राम मारूकापा के निवासी 23 वर्षीय श्री अनिताभ पिता श्री नरेंद्र ने बताया कि उनका सपना था कि शहर में प्लाट खरीदें, लेकिन सपना पूरा नहीं हो पा रहा था। अब छत्तीसगढ़ सरकार के फैसले से अनिताभ का सपना पूरा हो गया है।

श्री अनिताभ ने बताया कि उन्होेंने मुंगेली के एक बिल्डर अभिषेक सोनकर से 2 लाख 76 हजार रूपये में लगभग पौने तीन डिसमिल जमीन खरीदी है। जिसकी आज रजिस्ट्री कराने के लिए 53 हजार 500 रूपये का स्टाम्प क्रय किया है। इसी तरह ग्राम मारूकापा के ही विजय नवरंग ने बताया कि उन्होंने कुछ दिन पहले ढ़ाई डिसमिल जमीन क्रय कर रजिस्ट्री कराई है। मुंगेली के जिला पंजीयक ने बताया कि जिले में अब तक 127 व्यक्तियों ने छोटे भू-खण्डों का पंजीयन कराया है।

इसी तरह तहसील मुंगेली के ग्राम सारंगपुर की 36 वर्षीय श्रीमती संतोषी कुर्रे ने बताया कि उन्होंने ग्राम घुठेरा निवासी वर्तमान निवास डॉ. हीरालाल वार्ड दाऊपारा पी.डब्ल्यू.डी. कालोनी मुंगेली के श्री वेदकुमार सोनकर से खसरा नंबर 860 में से रकबा 400 वर्गफूट 80 हजार रूपये में क्रय किया है। उन्होने बताया कि सरकार के फैसले से खुश है। पहले जमीन खरीदने और रजिस्ट्री कराने में परेशानी होती थी। अब पंजीयन कराने में राहत मिली है। मुख्यमंत्री द्वारा जनहित में लिए इस फैसले की सभी सराहना कर रहे हैं।

राज्य में नौ सिंचाई परियोजनाओं को मिली स्वीकृति : तैतीस सौ हेक्टेयर में मिलेगी सिंचाई सुविधा

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राज्य शासन ने विभिन्न जिलों के नौ सिंचाई परियोजनाओं के निर्माण एवं जीर्णोद्धार कार्य के लिए 42 करोड़ 50 लाख 29 हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी है। इन सिंचाई परियोजनाओं के निर्माण एवं जीर्णोद्धार का कार्य पूर्ण होने पर 3376.64 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो सकेगी, साथ ही निस्तारी के लिए पानी उपलब्ध होगा और भू-जल संवर्धन का कार्य भी हो सकेगा।
जल संसाधन विभाग मंत्रालय (महानदी भवन) द्वारा बिलासपुर जिले के विकासखण्ड कोटा के चंापी जलाशय के मुख्य नहर एवं शाखा नहरों में सी.सी. लाईनिंग निर्माण के लिए 23 करोड़ 16 लाख 59 हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी गयी है। इस कार्य के पूरा होने से 2608 हेक्टेयर क्षेत्र में कृषकों को सिंचाई सुविधा मिल सकेगी। गरियाबंद जिले के विकासखण्ड छुरा स्थित झरझरा व्यपवर्तन योजना के निर्माण के लिए छह करोड़ 90 लाख 55 हजार रूपए की स्वीकृति दी गयी है। योजना से 182 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिल सकेगी। रायगढ़ जिले के विकासखण्ड लैलूंगा के ग्राम राताखण्ड में सरलता स्टापडेम निर्माण के लिए एक करोड़ 41 लाख दो हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी गयी है। स्टापडेम के निर्माण से 12 हेक्टेयर क्षेत्र के कृषकों को सिंचाई सुविधा मिल सकेगी। साथ ही निस्तारी और भू-जल संवर्धन के लिए पानी उपलब्ध रहेगा। विकासखण्ड लैलूंगा के शिव मंदिर के पास खारून नदी पर स्टापडेम सह पुलिया निर्माण के लिए दो करोड़ चार लाख पांच हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी गयी है। योजना के पूरा होने से निस्तारी और भू-जल संवर्धन के लिए पानी मिल सकेगा और 25 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।
दुर्ग जिले के विकासखण्ड दुर्ग की तांदुला परियोजना अंतर्गत डूमरडीह माईंनर नहर लाईनिंग कार्य के लिए एक करोड़ 47 लाख 17 हजार रूपए की स्वीकृति दी गयी है। इस कार्य के पूरा होने पर 409.64 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी। बस्तर जिले के विकासखण्ड बकावंड के ग्राम तोगकोंगेरा में पेटपुल्ली नदी में स्डापडेम निर्माण के लिए दो करोड़ 39 लाख 28 हजार रूपए की स्वीकृति दी गयी है। योजना के पूरा होने से 75 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी। बकावंड के ही ग्राम आमागुड़ा (चोलनार) के समीप रायकेरा नाला पर स्टापडेम निर्माण के लिए एक करोड़ नौ लाख 18 हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी गयी है। योजना के पूरा होने से 45 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। उत्तर बस्तर कांकेर जिले के विकासखण्ड चारामा के ग्राम मरकाटोला में स्टापडेम के निर्माण के लिए दो करोड़ 23 लाख 96 हजार रूपए स्वीकृत किये गये है। योजना के निर्माण से निस्तारी, पेयजल एवं आस-पास के जलस्त्रोतों का स्तर सुधारने के लिए सहायता मिल सकेगी। चारामा के ही ग्राम कसावाही स्टापडेम (प्रधानडोंगरी) निर्माण के लिए एक करोड़ 78 लाख 49 हजार रूपए की स्वीकृति दी गयी है। इस स्टापडेम के निर्माण से 20 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई उपलब्ध हो सकेगी।

छत्तीसगढ़ : पुलिस महानिदेशक ने पदोन्नत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों दी बधाई

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पुलिस महानिदेशक श्री डी. एम. अवस्थी ने आज पुलिस मुख्यालय, अटल नगर, रायपुर में भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी श्री आर.एन. दास, श्री बी.एस. धु्रव और श्री टी. एक्का को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बनने पर स्टार लगाकर बधाई एवं शुभकामनाएं दी। श्री अवस्थी ने आशा व्यक्त की ये अधिकारी अपने दायित्वांे का सफलता पूर्वक निर्वहन करंेगे।

छत्तीसगढ देश का सबसे स्वच्छ राज्य : राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद के हाथों नगरीय प्रशासन मंत्री श्री शिव डेहरिया ने प्राप्त किया सम्मान

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छत्तीसगढ़ को देश का सबसे स्वच्छ राज्य का सम्मान हासिल हुआ है। छत्तीसगढ़ को यह सम्मान आज नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित गरिमामय समारोह में राष्ट्रीय स्वच्छता सर्वेक्षण 2019 की रैकिंग में पहला स्थान पाने पर मिला । राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद ने समारोह में छत्तीसगढ़ के नगरी प्रशासन और विकास मंत्री श्री शिव कुमार डहरिया को यह पुरस्कार प्रदान किया । राष्ट्रीय स्वच्छता सर्वेक्षण 2019 की रैकिंग में छत्तीसगढ़ के अम्बिकापुर शहर को देशभर में दूसरा और भिलाई नगर को 11 वां स्थान मिला है ।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के नगरीय प्रशासन और विकास मंत्री श्री शिव कुमार डहरिया ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य के लिए यह बहुत प्रसन्नता और गौरव का अवसर है । उन्होंने कहा कि पिछले सर्वेक्षण के मुकाबले इस बार हमने काफी बेहतर प्रदर्शन किया है और आगे भी इससे बेहतर करेंगे । उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ के 28 शहरों को स्वच्छता सर्वेक्षण रैकिंग में विभिन्न वर्गो में स्थान प्राप्त हुआ है, जो राज्य के लिए अत्यंत गौरव की बात है । इस अवसर पर भिलाई के महापौर और विधायक श्री देवेन्द्र यादव , नगरीय प्रशासन विभाग की विशेष सचिव सुश्री अलरमेलमंगई डी और अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे ।
छत्तीसगढ़ के अम्बिकापुर शहर ने स्वच्छता में इस बार पूरे देश में दूसरा स्थान प्राप्त किया हैं । इसके पूर्व वर्ष 2017 में अम्बिकापुर को 15 वां और 2018 में 11 स्थान प्राप्त हुआ था। इसी तरह रायपुर को 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में स्वच्छता में सबसे तेज बढ़ते शहर का पुरस्कार प्राप्त हुआ है । रायपुर की 2018 में रैकिंग 139 से 2019 में बढ़कर 41 हो गयी हैं । राष्ट्रीय स्वच्छता सर्वेक्षण में एक लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में बिलासपुर को 28 वीं , जगदलपुर को 32 वीं , दुर्ग को 33 वीं , राजनांदगांव को 42 वीं , रायगढ़ केा 43 वीं और कोरबा को 65 वीं रैकिंग प्राप्त हुई है ।
एक लाख से कम आबादी वाले शहरों में नरहरपुर को 20 वीं , विश्रामपुर को 21 वीं , जशपुर को 39 वीं , भिलाई चरोदा को 40 वीं , सहरसपुर लोहारा को 43 वीं , बीजापुर को 48 वीं , बलरामपुर को 52 वीं , चिकखलाकसा को 53 वंीं , पाली को 57 वीं , छुरा को 58 वीं , सरायपाली को 60 वीं , कुनकुरी को 68 वीं , कवर्धा को 71 वीं , छुर्रीकला को 76 वीं , कांकेर को 79 वीं सीतापुर को 81 वीं , मगरलोड को 89 वीं , झगराखंड को 93 वीं और तिफरा को 96 वीं रैकिंग प्राप्त हुई है ।

राज्य में धान के समर्थन मूल्य में वृद्धि और कर्ज माफी से किसानों के खिले चेहरे : जिले के 92 हजार से अधिक किसानों को मिला फायदा

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छत्तीसगढ़ शासन द्वारा धान खरीदी के समर्थन मूल्य बढ़ाने और किसानों के कर्ज माफ करने से बिलासपुर जिले के भी किसानों के चेहरे में खुशी झलक रही है। समर्थन मूल्य में वृद्धि से जिले के सहकारी समितियों में पंजीकृत 92 हजार से अधिक किसानों को फायदा मिला है।
शासन द्वारा धान खरीदी का समर्थन मूल्य 2500 रूपये प्रति क्विंटल करने के निर्णय पर बिलासपुर जिले के ग्राम संबलपुर (विकासखण्ड तखतपुर ) के किसान कैलाश चन्द्र साहू ने अपनी खुशी का इजहार करते हुए कहा कि उन्हें अपनी बेटी की शादी की चिंता खाए जा रही थी, लेकिन अब उसकी चिंता दूर हो गई है। उसके पास डेढ़ एकड़ जमीन है, जिसमें लगभग 22 क्विंटल धान की पैदावार हुई है। साथ ही उस पर 22 हजार रूपये का कर्ज भी है, जो उसने फसल के लिए सहकारी बैंक से लिया था। अब उन्हें धान का समर्थन मूल्य ज्यादा मिला है तथा कर्ज भी माफ हो गया है।
सकरी के किसान मेहतरू राम यादव के पास 4 एकड़ 64 डिसमिल जमीन है, जिसमें उन्होंनेे लगभग 80 क्विंटल धान की फसल ली है। 63 वर्ष के इस बुजुर्ग किसान के उपर 53 हजार रूपये का कर्ज भी था। मेहतरू का कहना है कि शासन के निर्णय से किसान खुशहाल हो गये हैं। वे भी अब ज्यादा मेहनत से खेती करंेेेगे और ज्यादा मुनाफा कमाएंगे। ग्राम बहतराई विकासखण्ड तखतपुर के किसान दाउराम कौशिक के पास दो एकड़ खेत है, जिसमें उसे 40 क्विंटल धान प्राप्त हुआ है। उसके उपर 19 हजार रूपये का बैंक कर्ज था। दाउराम के चेहरे पर खुशी झलक रही है क्योंकि अब उसको ज्यादा फायदा हुआ है और कर्ज भी नहीं चुकाना पड़ा। उनका कहना है कि खेती से होने वाली ज्यादा आमदनी से वह अपने घर की मरम्मत कराएंगे। ग्राम बहतराई के लघु एवं सीमांत किसान रामकुमार पाल के पास भी दो एकड़ जमीन है, जिसमें वे लगभग 40 क्विंटल धान प्राप्त करते हैं। रामकुमार का भी कहना है कि समर्थन मूल्य बढ़ने और कर्ज माफी से इसकी आर्थिक स्थिति ठीक हो गई है और वह अपनी खेती-बाड़ी का कार्य और अच्छे से कर पाएंगे।

छत्तीसगढ़ के श्री टी.एस. सिंहदेव स्वास्थ्य मंत्री शामिल हुए राज्य गैर-संचारी रोग कमीशन की कार्यशाला में

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स्वास्थ्य मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव कल नया रायपुर स्थित राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन मुख्यालय में आयोजित गैर-संचारी रोग कमीशन की कार्यशाला में शामिल हुए। कार्यशाला में प्रदेश में गैर-संचारी रोगों से संबंधित आंकड़ों, इनके खतरों, उपचार और लोगों को जागरूक करने के विषय में चर्चा की गई। कार्यशाला का आयोजन अंतरराष्ट्रीय संस्था द लैंसेट कमीशन के सहयोग से किया गया था। कार्यशाला में प्रदेश भर से 42 विषय विशेषज्ञों और तकनीकी सलाहकारों ने हिस्सा लिया।

उल्लेखनीय है कि राज्य में गैर-संचारी रोगों की पहचान और इसके इलाज के लिए रणनीति बनाने कमीशन की स्थापना की जा रही है। स्वास्थ्य मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव कमीशन के अध्यक्ष होंगे। कमीशन की स्थापना से प्रदेश में गैर-संचारी रोगों की स्थिति का व्यवस्थित ढंग से आंकलन और उपचार की व्यवस्था की जा सकेगी। कमीशन इस तरह की बीमारियों से पीड़ित गरीबों के इलाज पर विशेष जोर देगी। राज्य में यूनिवर्सल हेल्थ केयर लागू करने में भी कमीशन से मदद मिलेगी।

कार्यशाला में स्वास्थ्य विभाग की सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, संचालक श्रीमती शिखा राजपूत तिवारी, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की संचालक डॉ. प्रियंका शुक्ला, संचालक चिकित्सा शिक्षा श्री एस.एल. आदिले, एन.सी.डी. के राज्य कार्यक्रम अधिकारी डॉ. कमलेश जैन, द लैंसेट कमीशन के प्रतिनिधि श्री नील गुप्ता, देशबन्धु के प्रधान संपादक श्री ललित सुरजन एवं पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर में मानवशास्त्र की प्राध्यापिका डॉ. मीताश्री मित्रा सहित अनेक वरिष्ठ चिकित्सक एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अधिकारी मौजूद थे।

छत्तीसगढ़ : शासन की अल्पकालीन कृषि ऋण माफी योजना : किसान कुलेश्वर ने कहा अब नहीं हैं वे कर्जदार

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मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल द्वारा किसानों के कर्जमाफी की घोषणा के पश्चात् गरियाबंद जिले के किसानों में भी उत्साह का माहौल बना हुआ है। किसान मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते नहीं थक रहे हैं। किसानों का कहना है कि अब वे छत्तीसगढ़िया किसान होने पर गर्व महसूस कर रहे हैं, क्योंकि उनकी पीड़ा को समझने वाला मुख्यमंत्री अब शासन में है।
किसानों के कर्जमाफी के मुद्दे पर चर्चा करते हुए गरियाबंद जिल के ग्राम कोदोबतर के किसान कुलेश्वर साहू ने भी उत्साह के साथ बताया कि तीन एकड़ जमीन पर खेती के लिए खाद, बीज और नगद राशि के रूप में 33 हजार रूपये कर्ज लिया था, जो अब माफ हो गया है। उन्होंने बताया कि यह राशि अब खाते में भी आ गया है। अब वे कर्जदार नहीं है। ग्राम धमना   (विकासखण्ड-गरियाबंद) के किसान रायसिंग गोड़ ने कहा कि शासन की इस पहल से मेरा 65 हजार 250 रूपये का कर्ज माफ हुआ है। उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार को धन्यवाद ज्ञापित किया और कहा कि वास्तव में यह किसान हितैषी सरकार है। उन्होंने बताया कि 10 एकड़ भूमि पर वे किसानी का कार्य करते हैं, जिसके लिए बैंक पर आश्रित होना पड़ता है। कर्ज के कारण मन में चिंता रहती थी, लेकिन सरकार के इस निर्णय से मैं और मेरा पूरा परिवार खुश है। उन्होंने बताया कि कर्ज माफी से मिले पैसे से एक नया बोर खनन कराया है, जिससे अब वे अपनी पूरी जमीन पर डबल फसल ले सकेंगे।
इसी तरह ग्राम पंचायत मरौदा के आश्रित ग्राम बम्हनी के किसान सुन्दर नेताम ने बताया कि उन्होंने दो एकड़ खेत में खेती किसानी के लिए 18 हजार 500 रूपये जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक से कर्ज लिया था, लेकिन सरकार द्वारा किसानों के हित में लिये गये निर्णय से अब मेरा कर्ज माफ हो गया है। अब इस राशि का उपयोग रबी फसल बोने में लगाऊंगा। अब मुझे पुनः कर्ज लेना नहीं पडे़गा, जिसके लिए मैं सरकार को धन्यवाद देता हूं।
गरियाबंद के जिला सहकारी बैंक के नोडल अधिकारी धनराज पुरबिया बताया कि इस वर्ष 2018-19 जिले के आठ शाखाओं के 38 समितियों के माध्यम से कुल 25 हजार 764 किसानों पर 80 करोड़ 85 लाख 59 हजार रूपये का ऋण बकाया था, जिसे अल्पकालिन ऋण माफी योजना के तहत माफ किया गया है। उन्होंने बताया कि सहकारी बैंकों के 12 हजार 770 किसानों की लिंकिंग के माध्यम से 36 करोड़ 85 लाख रूपये कटौती की गई राशि किसानों के बचत खाते में ट्रांसफर कर दी गई है। लीड बैंक अधिकारी से प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्रामीण बैंक में जिले में 12 शाखाओं के अंतर्गत 4777 किसानों को 29 करोड़ 38 लाख रूपये का केसीसी ऋण प्रदाय किया गया है।

जिला समाचार बेमेतरा : बेमेतरा जिले के आठ नगर पंचायत के वार्डो का होगा परिसीमन, कलेक्टर ने लगाई पराजस्व अधिकारियों की ड्यूटी

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छत्तीसगढ़ नगर पालिका अधिनियम 1961 छत्तीसगढ़ नगर पालिका (वार्डो का विस्तार) नियम 1994 अनुसार जिले के नगरीय निकायों में वार्डो के नये सिरे से परिसीमन किया जायेगा। बेमेतरा जिले के एक नगर पालिका बेमेतरा और सात नगर पंचायत- बेरला, साजा, थानखम्हरिया, परपोडी, देवकर, नवागढ़ और नगर पंचायत मारो के वार्डो का नये सिरे से परिसीमन  किया जाएगा। कलेक्टर श्री महादेव कावरे द्वारा वार्डो के परिसीमन के लिए राजस्व अनुविभागीय अधिकारी और राजस्व अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। बेमेतरा नगर पालिका के वार्डो के परिसीमन के लिए अनुविभागीय अधिकारी राजस्व श्री डी.एन.कश्यप और साजा नगर पंचायत में वार्डो की परिसीमन के लिए अनुविभागीय अधिकारी राजस्व श्री उमाशंकर साहू की ड्यूटी लगाई गई है। इसके अलावा नगर पंचायत बेरला के वार्डो की परिसीमन के लिए नायब तहसीलदार श्री अजय कुमार चन्द्रवंशी, थानखम्हरिया नगर पंचायत के वार्डो की परिसीमन के लिए तहसीलदार श्रीमती उमा राज, परपोड़ी नगर पंचायत वार्डो की परिसीमन के लिए प्रभारी तहसीलदार श्री प्रफुल्ल रजक, नगर पंचायत वार्डो की परिसीमन के लिए तहसीलदार श्री भूपेन्द्र गावड़े, नगर पंचायत देवकर वार्डो की परिसीमन के लिए नायब तहसीलदार चन्द्रशेखर चन्द्राकर ओर नगर पंचायत मारो के वार्डो की परिसीमन के लिए नायब तहसीलदार श्री रविशंकर कुर्रे की ड्युटी लगाई गई। कलेक्टर ने उक्त कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर वार्डो की परिसीमन की कार्यवाही शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिये है। उक्त आशय के आदेश कलेक्टोरेट कार्यालय से जारी कर दी गई है।

जिला समाचार बेमेतरा : मीजल्स रूबेला अभियान अंतर्गत जिले के अधिकारी कर्मचारियों को सम्मानित किया गया

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कलेक्टर श्री महोदय कावरे की अध्यक्षता में जिला स्तरीय टॉस्क फोर्स की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, समस्त खण्ड चिकित्सा अधिकारी, समस्त विकासखण्ड कार्यक्रम प्रबंधक, जिला प्रबंधक डाटा, जिला समन्वयक आयुषमान भारत, जिला नोडल अधिकारी चिरायु कार्यक्रम, जिला मितानिन समन्वयक, जिला समन्वयक आर.एन.टी.सी.पी. व अन्य अधिकारी कर्मचारीगण उपस्थित थे। बैठक आरंभ करने से पूर्व माह अक्टूबर 2018 में आयोजित मीजल्स रूबेला टीकाकरण अभियान के सफल संचालन व शतप्रतिशत लक्ष्य को पूर्ण करने के लिए उत्कृष्ठ कार्य करने वाले जिले के संबंधित विभागों जैसे स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, मितानिन कार्यक्रम के अधिकारियों व कर्मचारियों को कलेक्टर द्वारा सम्मानित कर प्रमाण पत्र वितरण किया गया।
जिला स्तरीय टॉस्क फोर्स की द्वितीय बैठक में 10 मार्च 2019 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय पल्स पोलियों टीकाकरण अभियान से संबंधित आवश्यक तैयारी एवं अंर्तविभागीय समन्वय के लिए कलेक्टर श्री महादेव कांवरे, की अध्यक्षता में आयोजित की गई, जिसमें मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, डॉ एस.के. शर्मा द्वारा जानकारी दी गई की पल्स पोलियों अभियान जो की 10 मार्च 2019 को आयोजित किया जायेगा जिससे संबंधित समस्त आवश्यक कार्यवाही व तैयारी जिला कार्यालय के द्वारा पूर्ण किया जा चूका है। प्रचार प्रसार सामग्री विकासखण्डों को उपलब्ध कराई गई है, सभी कोल्ड चौन प्वाईंटों में अभियान हेतु पोलियों की वैक्सीन को उचित तापमान में देख रेख की जा रही है। उक्त समीक्षा पश्चात कलेक्टर श्री कावरे द्वारा  प्रथम दिवस में पोलियों बूथ पर शतप्रतिशत बच्चों को पोलियों की दवा पिलाई जाने एवं व्यापक प्रचार प्रसार कर पल्स पोलियों अभियान को सफल बनाये जाने के लिए सभी विभागों को आवश्यक सहयोग एवं समन्वय करने निर्देशित किया गया।

जिला समाचार बेमेतरा : स्वास्थ्य विभाग में कान की सुरक्षा के लिए दिये महत्वपूर्ण टिप्स : 3 से 9 मार्च तक ‘‘ वर्ड हियरिंग डे ‘‘ का आयोजन

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राष्ट्रीय बधिरता बचाव व रोकथाम कार्यक्रम के अंतर्गत ‘‘ वर्ड हियरिंग डे ‘‘ 03 मार्च से 09 मार्च 2019 तक आयोजित किया जाना है। कलेक्टर श्री महादेव कांवरे  द्वारा समय सीमा की बैठक में कान की देख भाल व सुरक्षा कार्ड का विमोचन किया गया। बैठक के दौरान कान की देखभाल व सुरक्षा के संबंध में विडियों का प्रदार्शन किया गया साथ ही मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस. के. शर्मा द्वारा कान की देखभाल व सुरक्षा के संबंध में निम्न जानकारी दी गई। डॉ. श्री शर्मा ने बताया कि  कान में पानी न जाने दें और किसी प्राकर का तरल पदार्थ न डालें, मवाद को साफ और नरम कपडे़ से साफ करें, मवाद में बदबू होना या खून आना गम्भीर रोग के लक्षण हो सकते है, कान से मवाद आते रहने से, बहरापन हो सकता है, कान में कभी भी नुकीली वस्तु मत डालिए, बच्चें या व्यस्क को कान पर मत मारिए, कान को तेज शोर से बचाइए, कानों में गंदा पानी नहीं आने दें, बच्चा यदि कक्षा में अनमना रहे और ध्यान न दे तो हो सकता है, वह कम सुनता हो, बच्चों को कान में कुछ डालने से रोकें, किसी बच्चें का कान बहता हो या कम सुनता हो तो उसकी डॉक्टरी जांच करवायें।