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Satna Road Accident: सड़क हादसे में 3 की मौत, आधा दर्जन घायल

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सतना। NH-7 पर हुए एक भीषण सड़क हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई है। वहीं आधा दर्जन लोग गंभीर रुप से घायल हुए हैं। हादसा उस वक्त हुआ जब तेज रफ्तार डंपर और वैन के बीच जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि वैन के परखच्चे उड़ गए। सीटें उखड़कर बाहर आ गईं। वहीं वैन में सवार लोग भी इधर-उधर गिर गए। वैन में कुल 9 लोग सवार थे। हादसे की सूचना लगते ही अमरपाटन थाने से पुलिस राहत और बचाव कार्य के लिए पहुंची है। हादसा इतना भयानक था कि तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। मरने वालों में दो महिला और एक पुरुष शामिल है। वहीं घायलों में तीन की हालत नाजुक बताई जा रही है। गंभीर रुप से घायल हुए लोगों को रीवा मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया जाएगा।

 

ट्रंप ने मोदी को क्यों दिया झटका, भारत को नुकसान कितना

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अमरीका ने मंगलवार को अपनी ‘जीएसपी स्कीम’ में बदलाव करते हुए भारत को इससे बाहर करने का फ़ैसला किया है, जो कि भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए नकारात्मक साबित हो सकता है.

पीएम मोदी के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार के लिए भी ये क़दम काफ़ी चुनौतीपूर्ण है क्योंकि ट्रंप सरकार ने ये फ़ैसला आम चुनाव से ठीक पहले किया है. ऐसे में केंद्र सरकार के पास इसका जवाब देने के लिए पर्याप्त समय नहीं है.

बीजेपी अब तक अपनी सरकार की विदेश नीति को सफल बताती आई है, लेकिन ट्रंप सरकार के इस फ़ैसले को मोदी सरकार की असफलता के रूप में देखा जा सकता है.

आख़िर ट्रंप ने क्या फ़ैसला किया?

अमरीकी सरकार अपनी प्रिफ्रेंशियल ट्रेड पॉलिसी (कारोबार में तवज्जो) के जनरल सिस्टम ऑफ़ प्रिफरेंसेज़ में से भारत को बाहर निकाल रही है.

अब तक इस नीति की वजह से भारत से अमरीका जाने वाले 1930 उत्पाद अमरीका में आयात शुल्क देने से बच जाते थे.

इस बदलाव से अमरीका में भारत की हस्तशिल्प चीज़ें, केमिकल, मतस्य पालन से जुड़े उत्पाद और कृषि आधारित उत्पादों को आयात शुल्क देना पड़ेगा.

अगर इसके असर की बात करें तो इससे हज़ारों नौकरियों पर संकट आ सकता है.

दरअसल, साल 1970 के दशक में अमरीकी सरकार ने विकासशील देशों की अर्थव्यवस्थाओं को मजबूत करने के मंसूबे के साथ इस नीति को अपनाया था.

इस नीति के तहत विकासशील देश अपने कुछ उत्पादों को बिना आयात शुल्क दिए अमरीका को निर्यात कर सकते थे.

दुनिया भर में भारत ने इस नीति का सबसे ज़्यादा फ़ायदा उठाया है.

भारत पर इस फ़ैसला का असर

फेडरेशन ऑफ़ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशंस के अध्यक्ष गणेश कुमार गुप्त बताते हैं, “जीएसपी से बाहर निकाले जाने से कई मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर्स की प्रतिस्पर्धा को नुक़सान होगा. साथ ही साथ इससे उपभोक्ताओं को भी नुक़सान होगा. ज़्यादातर केमिकल उत्पादों की क़ीमत पांच फ़ीसदी की दर से बढ़ने की संभावना है जो कि भारत के कुल निर्यात का एक बड़ा हिस्सा है.”

वो कहते हैं, ”इसके साथ ही इस क़दम से अमरीका की ‘इंपोर्ट डायवर्सिफिकेशन’ नीति भी प्रभावित होगी, जिससे वह विकासशील देशों के मुख्य सप्लायर के रूप में चीन की जगह लेने की चाहत रखता है.”

अमरीकी राष्ट्रपति चाहते क्या हैं?

अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप लगातार टैरिफ़ ड्यूटी को लेकर भारत को निशाना बनाते आए हैं. बीते साल अक्टूबर में उन्होंने भारत को टैरिफ़ किंग की उपाधि भी थी और अमरीकी उत्पादों के लिए खुली छूट देने की मांग उठाई थी.

अमरीका बीते काफ़ी समय से मेडिकल डिवाइसों पर लगने वाले प्राइसिंग कैप को हटाने की मांग कर रहा है जिससे अमरीकी कंपनियों को नुक़सान हो रहा है.

इसके साथ ही अमरीका चाहता है कि भारत अमरीका से आने वाले आईटी उत्पादों और कृषि क्षेत्र से जुड़े उत्पादों को अपने बाज़ार में ज़्यादा पहुंच उपलब्ध कराए.

अमरीकी सरकार ये भी चाहती है कि भारत डेयरी उत्पादों पर लगी हुई अपनी शर्त हटाए जिसके तहत उन जानवरों के ख़ून से बनी चीज़ें ना खिलाने की शर्त है जिनसे डेयरी उत्पाद पैदा किए जा रहे हैं.

 

भारत क्या कर सकता है?

भारत के वित्तीय सचिव अनूप वाधवान ने बीबीसी से कहा कि अभी तक दोनों देश कोई बीच का रास्ता निकालने के लिए वार्ता की प्रक्रिया में हैं.

उन्होंने अमरीकी उत्पादों पर लगाए गए करों का बचाव करते हुए कहा कि ये डब्ल्यूटीओ के लिए बंधी हुई दरों के अनुसार ही हैं.

बीबीसी से बात करते हुए वाधवान ने कहा, “हम अमरीका से बात कर रहे थे और अमरीका के कृषि उत्पादों, डेयरी उत्पादों और सूचना प्रौद्योगिकी उत्पादों को बाज़ार तक सशर्त पहुंच देने और मेडिकल उपकरणों की क़ीमत तय करने के लिए तैयार थे लेकिन दुर्भाग्यवश अमरीका के साथ वार्ता के नतीजे अलग नहीं आ सके. हमारे व्यापारिक रिश्ते अच्छे बने हुए हैं, व्यापार वार्ता पर भी कोई असर नहीं हुआ है.”

उन्होंने कहा कि जीएसपी हटाए जाने का असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर बहुत ज़्यादा नहीं होगा और ये 19 करोड़ डॉलर तक ही सीमित रहेगा.

इससे व्यापार संबंधों पर क्या असर होगा?

भारत और अमरीका के राजयनिक संबंधों के केंद्र में व्यापार ही है. अमरीकी आंकड़ों के मुताबिक़ दोनों देश सालाना 126.2 अरब डॉलर का व्यापार करते हैं. लेकिन हाल के दिनों में संरक्षणवादी आवाज़ें तेज़ी से उठी हैं.

बीते साल, भारत से आयात होने वाले स्टील और एल्यूमुनियम पर कर बढ़ा दिए थे. इसके जबाव में भारत ने भी 29 अमरीकी उत्पादों पर कर बढ़ाए थे जिनमें बादाम भी शामिल हैं. लेकिन भारत ने ये बढ़े हुए कर कुछ अच्छा समाधान होने की उम्मीद में लागू नहीं किए.

भारत ने हाल ही में नई ई-कॉमर्स नीति भी जारी की जिससे भारत में व्यापार कर रहीं अमरीकी कंपनियों एमज़ॉन और वॉलमॉर्ट के व्यवसाय पर असर हुआ है. इससे भी दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों में तनाव आया.

इसके बाद भारत में डेटा को लेकर नए नियम लाए गए जिनके तहत भारत में व्यापार कर रहीं मास्टरकार्ड और वीज़ा जैसी कंपनियों से कहा गया कि वो भारतीयों से जुड़े डेटा को भारत में ही रखें. इससे इन कंपनियों के बिज़नेस मॉडल पर असर हुआ है.

अब अमरीका ने जो ये नया क़दम उठाया है इससे दोनों देशों के रिश्तों में व्यापारिक तनाव और बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं.

 

आगे क्या?

अमरीका ने भारत के लिए जीएसपी फ़ायदों को रोकने के लिए साठ दिनों का समय दिया है. भारत को उम्मीद है कि इसी दौरान वार्ता करके कुछ हल निकाल लिया जाएगा. दोनों ही ओर के व्यापारिक संगठन को उम्मीद है कि जल्द ही कोई रास्ता निकलेगा.

यूएस-इंडिया बिज़नेस काउंसिल की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है, “जीएसपी कार्यक्रम को अमेरीकी चैंबर से मिल दीर्घकालिक समर्थन को ध्यान में रखते हुए, यूएसआईबीसी मांग करता है कि भारत के लिए जीएसपी फ़ायदे ज़ारी रखे जाएं. दोनों देशों के बीच कई गंभीर व्यापारिक विवादों के बावजूद, भारत और अमरीका दोनों को ही जीएसपी कार्यक्रम के तहत हुए व्यापार से फ़ायदा पहुंचा हैं.”

Chhattisgarh : निर्दयी मां ने नवजात को जंगल में छोड़ा, चरवाहों ने रोते देख उठाया

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कवर्धा। मासूम बच्ची को निर्दयता के साथ वन क्षेत्र में उसकी मां छोड़कर चली गई। मासूम के रोने पर भी उसकी मां का दिल नहीं पसीजा और वह जंगल में मासूम को छोड़कर चली गई। चरवाहें ने जब बच्चे की तेज रोने की आवाज सुनी तो दौड़कर वो पहुंचा और बच्ची को उठाया।

मासूम बच्चे के शरीर में कीचड़ भी लग चुका था। जिससे वह बच्ची आंख भी सही ढंग से नहीं खोल पा रही थी। 10 दिन की इस बच्ची को बड़ी निर्दयता के साथ जंगल में छोड़ दिया गया। ज्ञात हो कि एक ओर सुनी गोद वाले भगवान से मन्नत मांग रहे है कि उनकी गोद भर दे। वहीं दूसरी ओर अपने ही कोख से जने बच्चे को सुनसान जंगल मे फेंक देते है जो कि यह संदेह को दर्शाता है।

पंडरिया विकासखंड़ के अंतर्गत ग्राम कामठी के पास माठपुर जाने वाले रास्ते मे जहां पर जंगल क्षेत्र आता है। वहां एक महिला ने अपने ही पुत्री को सुने स्थान पर फेंक दिया। पुलिस के अनुसार सोमवार को ग्राम कामठी जहां पर महाशिवरात्रि के दिन मेला लगा हुआ था।

वहीं रात्रि में किसी ने 10 दिन की दुधमंही बच्ची को सुनसान क्षेत्र ग्राम माठपुर जाने वाले रास्ते पर फेंक दिया। जिसकी जानकारी चरवाहों द्वारा कोटवार को दी तो पुलिस व डॉक्टर की टीम ने उस बच्ची को अपने हवाले कर लिया और उक्त नवजात शिशु की देखभाल में जुट गए।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक साधु ने बताया कि बच्ची को चिकित्सकीय सुविधा में रखकर इलाज किया गया। जो अब पूर्णत: स्वस्थ्य है। पुलिस इस विषय पर जांच कर रही है कि बच्ची को यहां किसने फेंका है। फिलहाल उक्त बच्ची को चाइल्ड लाइन को सौप दिया गया है।

केन्द्रीय मंत्री वीके सिंह का बयान बोले : अगली बार कोई एयर स्ट्राइक का सबूत मांगे तो उसे जहाज के नीचे बांधकर ले जाएं

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पाकिस्तान के बालाकोट में वायुसेना की एयर स्ट्राइक को लेकर विपक्षी दलों के सवालों पर केंद्रीय मंत्री वीके सिंह ने करारा जवाब दिया है।

उन्होंने कहा कि अगली बार जब कोई एयर स्ट्राइक का सबूत मांगे तो उसे जहाज के नीचे बांधकर ले जाएं, जिससे वे मरने वाले आतंकियों की संख्या गिन सकें। उन्होंने कहा कि आपको क्या लगता है 1000 किलो के बम विस्फोट के बाद आतंकी मारे नहीं गए होंगे?

दरअसल, बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद विपक्षी दल केंद्र सरकार से मारे गए आतंकियों की संख्या के बारे में सवाल पूछ रहे हैं। ऐसे में वीके सिंह ने पलटवार किया है।

उन्होंने कहा, ”अगली बार जब भारत कुछ करे तो मुझे लगता है कि विपक्षी जो ये प्रश्न उठाते हैं, उनको हवाई जहाज के नीचे बांधकर ले जाएं। जब बम चलें तो उनको वहीं पर उतार दें और ताकि वे टारगेट की गई जगहों को देखें और वापस आ जाएं।”

बता दें कि इसके पहले वीके सिंह ने ट्वीट करते हुए लिखा था, ”रात 3:30 बजे मच्छर बहुत थे तो मैंने हिट मारा। अब मच्छर कितने मारे, ये गिनने बैठूं या आराम से सो जाऊं।’

MP के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह का बयान कहा : हमारा जूठन खा रही है कांग्रेस सरकार

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 पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कांग्रेस सरकार नए कार्य स्वीकृत नहीं करा पा रही। हमारा जूठन खा रही है।

शिवराज ने कहा कि कमलनाथ सरकार भाजपा शासन में हुए विकास कार्यों का दोबारा लोकार्पण और शिलान्यास कराने में जुटी हुई है।

उधर, भाजपा के वरिष्ठ विधायक व नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने अपने विधायकों से कहा कि वे विकास कार्यों का खुलकर लोकार्पण करें। भूमिपूजन करें। यह उनका अधिकार है। यदि भाजपा विधायकों के साथ गलत व्यवहार होता है तो सड़कों पर उतरकर खुला विरोध करेंगे।

विश्व उपभोक्ता दिवस 15 मार्च को : छत्तीसगढ़ के सभी कलेक्टरों को निर्देश

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खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण संचालनालय द्वारा सभी जिला कलेक्टर को निर्देशित किया गया है कि 15 मार्च को विश्व उपभोक्ता दिवस का आयोजन किया जाए।

इस अवसर पर आम उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएगें, जिसमें स्कूलों में गठित कन्ज्यूमर क्लबों के माध्यम से उपभोक्ताओं के अधिकारों के प्रचार हेतु कैम्प का आयोजन होगा। जिला उपभोक्ता फोरम द्वारा उपभोक्ता विवादों से संबंधित जारी महत्वपूर्ण आदेशों का प्रचार-प्रसार मीडिया के माध्यम से किया जाना है। उपभोक्ता संरक्षण के क्षेत्र में कार्यरत जिला उपभोक्ता फोरम के माननीय न्यायाधीश, सदस्यों, वकीलों एवं कार्यरत स्वयंसेवी संगठनों तथा शासकीय अधिकारियों, कर्मचारियों की कार्यशाला आयोजित किया जाएगा।

उपभोक्ताओं को विभिन्न उत्पादों की खरीदी के समय किन-किन बातों का ध्यान रखना तथा उत्पादकों द्वारा किन-किन तथ्यों का उत्पाद की पैकिंग में उल्लेख किया जाने के संबंध में नाप-तौल, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, ऑयल कंपनियों के प्रतिनिधियों तथा महाविद्यालय और विश्वविद्यालय के विज्ञान शिक्षकों के सहयोग से प्रदर्शनी का आयोजन कर पाम्पलेट, हैंडबिल का निःशुल्क वितरण भी किया जाएगा।

कलबुर्गी में बोले पीएम- मैं आतंक हटाने में लगा हूं और विपक्ष मुझे

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कलबुर्गी। कर्नाटक के दौरे पर गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कलबुर्गी में बुधवार को कई परियोजनाओं का लोकार्ण और शिलान्यास किया। इसके बाद उन्होंने यहा एक सभा को भी संबोधित किया। अपने संबोधन में जहां उन्होंने सरकार के विकास कार्यों का जिक्र किया वहीं विपक्षी दलों और राज्य सरकार पर भी हमला बोला।

प्रधानमंत्री ने कहा कि विपक्ष के लोग इकट्ठा हो रहे हैं मोदी को हटाने के लिए और मोदी मेहनत कर रहा है आतंकवाद को हटाने के लिए। मुझे किसी का डर नहीं है क्योंकि मेरे पास 125 करोड़ लोगों का आशीर्वाद है।

वहीं उन्होंने कर्नाटक के मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि कर्नाटक की सरकार रिमोट कंट्रोल से चल रही है। यहां के मुख्यमंत्री ने किसान सम्मान निधि के लिए सूची केंद्र सरकार को अभी तक नहीं भेजी है, जबकि देशभर के किसानों को इसकी पहली किस्त मिल चुकी है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार जनता के हितों के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने आज मुझे आयुष्मान भारत के लाभार्थियों से भी मौका मिला। यह योजना वास्तव में गरीबों के जीवन में बदलाव ला रही है।

इससे पहले पीएम मोदी ने बुधवार को कलबुर्गी में कई विकास परियोजनाओं की नींव रखी। पीएम मोदी ने इस दौरान स्वास्थ्य, ऊर्जा, शिक्षा और परिवहन क्षेत्रों से संबंधित कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया।

कर्नाटक के बाद पीएम मोदी तमिलनाडु का भी दौरा करेंगे। कांचीपुरम में, प्रधानमंत्री रोडवेज, रेलवे और ऊर्जा क्षेत्र में कई परियोजनाओं का अनावरण करेंगे। ये परियोजनाएं तमिलनाडु में लोगों के लिए बेहतर, तेज और सस्ता परिवहन के लिए सड़क मार्ग और रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को और मजबूत करने के लिए हैं। इसके अलावा पीएम मोदी बीपीसीएल डिपो रायचूर की आधारशिला भी रखेंगे।

तमिलनाडु में राजमार्ग के बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने के लिए, पीएम मोदी एनएच -45 सी के विक्रवंडी-सेथियाथोपु खंड (Vikravandi-Sethiyathopu section), सेथियाथोपु-चोलोपुरम खंड (Sethiyathopu-Cholopuram section) और चोलोपुरम-तंजावुर खंड (Cholopuram-Thanjavur section) के चार लेन हाई-वे की आधारशिला रखेंगे। वह एनएच -4 के करिपेट्टई-वालजापेट खंड (Karaipettai-Walajapet section) के छह लेन हाई-वे की आधारशिला भी रखेंगे।

इसके अलावा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वीडियो लिंक के माध्यम से डॉ. एमजीआर जानकी कॉलेज ऑफ आर्ट्स और साइंस फॉर वुमन, चेन्नई में डॉ. एमजी रामचंद्रन की प्रतिमा का अनावरण करेंगे। डॉ. एमजी रामचंद्रन एक अभिनेता और राजनीतिज्ञ थे, जिन्होंने 1977 से 1987 के बीच दस वर्षों तक तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया। उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया।

छत्तीसगढ़ में भाजपा कांग्रेस शहीद स्मारक भवन के लोकार्पण को लेकर आमने – सामने

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 राजधानी रायपुर स्थित शहीद स्मारक भवन का काम पूरा हो गया है। आज प्रदेश के मुखिया भूपेश बघेल लोकार्पण करने वाले हैं, लेकिन अब इसको लेकर प्रदेश की सियासत तेज हो गई है। पूर्व मंत्री राजेश मूणत ने कहा है कि शहीद स्मारक भवन का निर्माण और वहां लेजर शो से शहीदों की कहानियां दिखाने की परंपरा भाजपा की थी।

राजेश मूणत ने आगे कहा कि सीएम भूपेश बघेल इसका लोकर्पण करने वाले हैं, लेकिन इसमें पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह को आमंत्रित नहीं किया गया है। कांग्रेस के इस तरह की हरकत से उनकी सोच का पता चलता है। भाजपा के इस बयान का पलटवार करते हुए महापौर प्रमोद दुबे ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी इस तरह से बयान दे कर राजनीति कर रही है। यह राजनीति करने कि कोई बात नहीं है। प्रदेश में कांग्रेस कि सरकार है इससे साफ जाहिर है कि कार्यक्रम में कांग्रेस के ज्यादा नेता शामिल होंगे। महापौर ने कटाक्ष करते हुए कहा, कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के समय लाई हुई 50 से ज्यादा योजनाओं का लोकार्पण किया।

छत्तीसगढ़ : प्रदेश में पहली से चौथी कक्षाओं तक की परीक्षा 2 अप्रैल से

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रायपुर।  राज्य में पहली से चौथी तक की परीक्षा 2 अप्रैल से शुरू होगी, और 9 मार्च तक चलेगी। बुधवार को ये जानकारी शिक्षा विभाग ने बाकायदा लिखित आदेश जारी करके दी। आदेश में कहा गया है कि ये परीक्षाएं सुबह की पाली में सुबह 8 से 10 के बीच होगी। पहली से चौथी के बीच परीक्षाओं के बीच काफी दिनों का अंतर दिया गया है। 2 अप्रैल के बाद 4 अप्रैल, फिर 8 अप्रैल और उसके बाद 9 अप्रैल को परीक्षा होगी।

वहीं 6ठीं और 7 वीं की परीक्षा 30 मार्च से शुरू होगी और 11 अप्रैल तक चलेगी। 6ठीं परीक्षा की शुरुआत गणित से होगी, जबकि 7 वीं की परीक्षा का समापन गणित विषय से होगा। ये परीक्षा भी सुबह की पाली में सुबह 8 बजे से 10.30 तक संचालित होगी।

प्रदेश में पहली से  चौथी कक्षाओं तक की परीक्षा 2 अप्रैल से 

प्रदेश में पहली से  चौथी कक्षाओं तक की परीक्षा 2 अप्रैल से 

प्रदेश में पहली से  चौथी कक्षाओं तक की परीक्षा 2 अप्रैल से 

सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया, राफेल से जुड़े अहम दस्तावेज चोरी

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राफेल डील को लेकर दायर पुनर्विचार याचिका पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई है. कोर्ट ने फ्रांस से 36 राफेल जेट खरीदने की डील की जांच के आदेश देने से इनकार कर दिया था. इसके बाद पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा, अरुण शौरी और सीनियर एडवोकेट प्रशांत भूषण ने जनवरी में राफेल फाइटर जेट की खरीद के मामले में सरकार को क्लीन चिट दिए जाने के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट से पुनर्विचार की मांग करते हुए याचिका दायर की थी.

इस मामले में पहले फैसला दे चुके तीन जज, चीफ जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस केएम जोसफ और संजय किशन कौल सुनवाई करेंगे.

 

केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया, राफेल से जुड़े अहम दस्तावेज रक्षा मंत्रालय से चोरी

राफेल मामले में दायर पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई के दौरान अटॉर्नी जनरल के के वेणुगोपाल ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि डिफेंस मिनिस्ट्री से कुछ गोपनीय दस्तावेज चोरी हो गए थे, जिनके आधार पर ही याचिकाएं दायर की गई हैं.

अटॉर्नी जनरल ने अखबार में छपी रिपोर्ट का जिक्र करते हुए कहा कि ये रिपोर्ट डिफेंस मिनिस्ट्री से चोरी हुए दस्तावेजों पर आधारित है. उन्होंने कहा कि ये ऑफिसियल सीक्रेट्स एक्ट का उल्लंघन है.

इन नेताओं ने दायर की पुनर्विचार याचिका

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद एक पुनर्विचार याचिका पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा,अरुण शौरी और सीनियर ए़डवोकेट प्रशांत भूषण ने और दूसरी आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने दाखिल की है. कोर्ट में दाखिल पुनर्विचार याचिका में में कहा गया है कि फैसला केंद्र सरकार के गलत दावों पर आधारित है.