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छत्तीसगढ़ : पत्नी के कैरेक्टर पर शक कर हत्या करने वाले को मिली मरते तक कारावास की सजा

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छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में पत्नी की हत्या के मामले में कोर्ट ने पति को कड़ी सजा दी है. न्यायाधीश विजय कुमार साहू ने आरोपी पति राजू यादव को धारा 302 के तहत आजीवन कारावास व 1 हजार रुपए जुर्माना की सजा सुनाई है. मामले में करीब दर्जनभर गवाहों के बयान को आधार कर कोर्ट ने राजू यादव को पत्नी की हत्या मामले में बीते मंगलवार को सजा सुनाई है.

प्रकरण के मुताबिक पत्नी का राउत नाचा के दौरान बंटा दूध अपने नंदोई को पिलाना पति को नागवार गुजरा और उसने अपनी पत्नी पर मिट्टी तेल डालकर जला दिया. अतिरिक्त लोक अभियोजक नागेश्वर प्रसाद यदु ने बताया कि साल 2018 में बोरसी बस्ती में राउत नाचा हो रहा था. इस दौरान सभी यादव परिवार व अन्य लोग वहां मौजूद थे. इस दौरान बोरसी बस्ती निवासी राजू यादव व उसकी पत्नी आशा भी वहां मौजूद थे. तभी वहां प्रसाद के तौर पर दूध बांटा गया. जिस पर राजू की पत्नी ने दूध लिया और खुद पीने के बाद पास खड़े अपने नंदोई को भी दूध लेकर पिला दिया. पत्नी के कैरेक्टर पर शक करते हुए राजू यादव ने उसे खूब पीट और जलाकर मार दिया.

खबर लगते ही पुलगांव पुलिस ने मामले में मर्ज कायम कर आरोपी और मृतिका के परिचितों और पड़ोसियों का बयान लिया, जिसमें आरोपी द्वारा मृतिका पर चरित्र संदेह करते हुए मारपीट करने और जलाकर मार देने की बात सामने आई. मिली जानकारी के मुताबिक यह आरोपी कि दूसरी शादी थी. आरोपी की पहली पत्नी की भी 4 साल पहले जलकर मौत हो गई थी, लेकिन उस वक़्त मामले में कोई सबूत नहीं होने की वजह से आरोपी बच निकला और इसे आत्महत्या मान लिया गया. उसके बाद आरोपी ने एक परित्यक्ता महिला आशा से शादी की थी.

सांप और चूहों के कुतरने से गरियाबंद में टूटी नहर

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छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में सांप और चूहों के कुतरने से नहर टूट गई है. बता दें कि बीती रात चिखली गांव के पास पैरी घूमर नहर अचानक टूट गई, जिसके चलते नहर का पानी खेतों में पहुंचने की बजाए वापस पैरी नदी में जा रहा है. इतना ही नहीं नहर टूटने के बाद पानी के तेज बहाव के कारण नहर के ऊपर बनी पुलिया भी क्षतिग्रस्त हो गई है. अधिकारियों ने नहर टूटने का जो कारण बताया उसे सुनकर आप भी आश्चर्यचकित हो जाएंगे. सिंचाई विभाग के सब इंजीनियर और ईई पीके आनंद के मुताबिक नहर को शायद सांप और चूहों ने कुतर दिया है, जिसके चलते नहर टूट गई है. हालांकि अधिकारियों ने टूटी हुई नहर की मरम्मत जल्द करने का आश्वासन दिया है.

पंचायत मंत्री टीएस सिंहदेवबोले : ODF मामले में पिछली सरकार के गड़बड़ियों की होगी जांच

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छत्तीसगढ़ के पंचायत मंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा है कि ओडीएफ के मामले में पूर्ववर्ती सरकार में जो भी गड़बड़ियां होंगी उसकी सरकार जांच कराएगी. उन्होंने कहा कि यदि ऐसी शिकायतें आई तो भी कदम उठाए जाएंगे. वहीं अभी अधिकारियों से कहा गया है कि ओडीएफ को लेकर निरंतर मॉनिटरिंग की जाए.

छत्तीसगढ़ का स्वच्छता सर्वेक्षण में प्रदर्शन रहा श्रेष्ठ

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स्वच्छता सर्वेक्षण 2019 की सर्वेक्षण रिपोर्ट में छत्तीसगढ़़ राज्य को बेस्ट परफॉर्मिंग स्टेट अवार्ड प्राप्त हुआ है। इस बार निगम ने एक हजार पन्नों का दस्तावेज इसके लिए तैयार किया था। बुधवार को राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक कार्यक्रम में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने स्वच्छता सर्वेक्षण 2019 के लिए स्वच्छ शहरों, कस्बा और प्रदेशों के नाम की घोषणा की है। इस घोषणा में देश का सबसे स्वच्छ शहर जहां इंदौर को घोषित किया है, वहीं स्वच्छता सर्वेक्षण रिपोर्ट में छत्तीसगढ़ राज्य को बेस्ट परफॉर्मिंग राज्य का पुरस्कार प्राप्त हुआ है। उल्लेखनीय है कि रायपुर नगर निगम को ओडीएफ के साथ ही ओडीएफ डबल प्लस का प्रमाण पत्र पहली बार मिला है। वर्ष 2018-19में राजधानी रायपुर में स्वच्छता को लेकर विशेष तौर पर अभियान चलाया गया। इस बार नागरिकों में भी स्वच्छता के लिए आग्रह देखा गया। वर्ष 2017 में रायपुर को 129 वी रैंकिंग हासिल हुई थी।जबकि वर्ष 2018 में इसे 139 वीं रैंकिंग हासिल हुई थी। स्वच्छता की स्थिति जानने इस बार दिल्ली से बिना सूचना के टीम आई थी।इस बार निगम द्वारा 180 सुलभऔर 12985 घर में शौचालयों का निर्माण कराया गया।

झोपड़पट्टी इलाकों में भी महिलाओं के लिए शौचालय में ही सेनेटरी नैपकिन मुहैया कराने की पहल हुई।सर्वेक्षण में हर जोन के 2-2 तालाबों का निरीक्षण किया गया। इसके साथ साथ पॉलीथिन बिनने ,अस्पतालों की साफ सफाई तथा फिल्टर प्लांट की सफाई पर भी विशेष ध्यान दिया गया।उल्लेखनीय है कि पिछले साल स्वच्छता अभियान में पिछड़ने के बाद इस बार पूरे राज्य में स्वच्छता अभियान को लेकर खास सतर्कता बरती गई। 5 वर्ष पूर्व अंबिकापुर नगर निगम द्वारा शुरू की गई श्रेष्ठ सफाई की व्यवस्था को पूरे राज्य में लागू करने की कोशिश की गई।उल्लेखनीय है कि अंबिकापुर में 40 वर्ष पुराने 22 एकड़ के डंपिंग यार्ड को सैनिटरी पार्क बना दिया गया है जो अभी खूबसूरत बगीचा नजर आता है। यहां पर गीला और सूखा कचरा अलग-अलग कर छटनी की जाती है।

गीले कचरे के लिए कंपोस्ट मशीन लगाई गई है और 160 प्रकार का कचरा ठोस कचरे के रूप में यहां मिलता है। इसे सैनिटेशन सेंटर में से अलग-अलग किया जाता है और हर महीने इसकी बिक्री कर दी जाती है।उपलब्धि की बात तो यह है कि 3 साल में कचरा बेचने से नगर निगम को दो करोड़ की आमदनी हो चुकी है।अंबिकापुर के इस मॉडल को प्रदेश के सभी बड़े शहरों में लागू किया गया और अपेक्षित परिणाम मिलने लगे हैं। यही वजह है कि राज्य को स्वच्छता सर्वेक्षण में बेस्ट परफॉर्मिंग स्टेट घोषित किया गया है।

Gwalior : ‘माननीय’ की नहीं सुनी तो हो गई कलेक्टर की रवानगी

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ग्वालियर। पिछले 20 महीने में तीन कलेक्टर ग्वालियर को मिले, तीनों में से कोई भी कलेक्टरी की वर्षगांठ नहीं मना सका। इस बार कलेक्टर ग्वालियर का तबादला भी पॉलिटिकल ट्रांसफर है। सीधी वजह ‘माननीय’ की नहीं मानी तो कुर्सी से ही अफसर को दूर कर दिया।

अब पिछले तीन कलेक्टरों का कार्यकाल महीनों में ही सिमट रहा है। क्रम से देखें तो 11 महीने का कार्यकाल पूरा करने वाले आईएएस अशोक सिंह वर्मा, उसके बाद 7 महीने की कलेक्टरी कर पाने वाले आईएएस राहुल जैन और उसके बाद आईएएस भरत यादव को तो सिर्फ 2 महीने और 12 ही दिन ही हुए थे। नई सरकार के बनने के बाद 24 दिसंबर यानि सुशासन दिवस पर ज्वाइन करने वाले कलेक्टर भरत यादव के तबादले के पीछे माननीय के हुक्म टालना ही बड़ी वजह है।

कलेक्टर भरत यादव के मंगलवार दोपहर आए तबादले की खबर से स्थानीय अफसर सकते में आ गए। दो महीने की कलेक्टरी में तबादले का ऑर्डर क्यों आ गया, यही सबके जहन में सवाल घूम रहा था। खुद कलेक्टर भरत यादव भी अपने तबादले ऑर्डर से हैरानी है। कलेक्टर यह तय ही करके बैठे थे कि लोकसभा चुनाव-2019 की तैयारियां जोरों पर चल रही हैं और चुनाव बेहद महत्वपूर्ण हैं,ऐसे में उन्हें तबादले की कोई उम्मीद दूर-दूर तक नहीं थी। अब अचानक आए आदेश ने सारे पूर्वाग्रह तोड़ दिए।

सबसे ज्यादा चर्चा में

1-कंट्रोल एंड कमांड सेंटर

कुछ समय पहले ही प्रदेश सरकार के स्थानीय मंत्रियों ने ग्वालियर के विकास कार्यों की समीक्षा बैठक बुलाई थी जिसमें क्षेत्रीय सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया भी थे। इस बैठक में स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्टों को खासतौर पर विश्लेषित किया गया था, जिसमें मोतीमहल स्थित कंट्रोल एंड कमांड सेंटर को शिफ्ट किए जाने का सुझाव सांसद सिंधिया ने दिया। इस पर स्मार्ट सिटी अधिकारियों का कहना था कि 70 प्रतिशत कार्य हो चुका है,मौजूदा स्थिति में तो शिफ्टिंग संभव नहीं है। इसके बाद भी सांसद ने कहा कि दूसरी जगह तलाशी जाए। अब यहां हकीकत में इसकी शिफ्टिंग अफसरों के लिए संभव नहीं थी,भविष्य में जरूर ऐसा किया जा सकता है।

2-रेलवे ओवरब्रिज पड़ाव

नए पड़ाव आरओबी को जल्द शुरू कराए जाने को लेकर सांसद से लेकर स्थानीय मंत्री तक लगातार निगाह बनाए हुए हैं। रेलवे ओवरब्रिज के लोकार्पण का कार्यक्रम सोमवार को सांसद सिंधिया के कार्यक्रमों में शामिल किया गया था। यह अधिकारिक तौर पर जारी शिड्यूल था, लेकिन आरओबी अभी न तो ट्रैफिक निकालने की स्थिति में था न ही रेलवे की एनओसी मिली है। ऐसे में पीडब्ल्यूडी से लेकर जिला प्रशासन तक ने इसके लोकार्पण से खुद को अनभिज्ञ बताया। अब सांसद लोकर्पण की तैयारी करे बैठे थे और इधर अधूरे पुल को अफसर कैसे चालू कराते,यह दुविधा बन गई थी।

3- जो कहा सो हो जाए,यह नहीं हो पाया

एक हुक्म पर तत्काल काम,यह भी नहीं हो सका। इसका परिणाम कुर्सी छुड़वाना तक बन गया। ‘माननीय’ के यहां के स्थानीय ऐसे काम जो सीधे तौर पर तो हो नहीं सकते थे,इनके लिए आउट ऑफ टर्न कलम चलाना और पूरी अटेंशन देना,यह नहीं हो सका। इसके अलावा माननीय के नजदीकियों के काम न होना और उनके दुश्मन खेमे का कोई भी फेवर ट्रांसफर का कारण बन गया।

आज ज्वाइन करेंगे नए कलेक्टर

सिंगरौली से ग्वालियर स्थानांतरित किए गए नवागत कलेक्टर अनुराग चौधरी बुधवार को ग्वालियर आएंगे। वे ग्वालियर आते ही चार्ज संभालेंगे। कलेक्टर भरत यादव उन्हें अपना चार्ज सौंपेगे।

बड़ी खबर LIVE: राफेल डील को लेकर दायर पुनर्विचार याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरू

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राफेल डील को लेकर दायर पुनर्विचार याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरू हो गई है। कोर्ट ने राफेल संबंधी कोई भी अतिरिक्त दस्तावेज लेने से इनकार कर दिया है

निजी बैंक अकाउंट से कुंभ सफाईकर्मियों के लिए पीएम मोदी ने दान किए 21 लाख रुपए

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नई दिल्‍ली। बीती 24 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुंभ मेले में सफाई का काम करने वाले पांच सफाईकर्मियों के पांव धोए थे। अब पीएम मोदी ने अपने निजी बैंक अकाउंट से 21 लाख रुपए अपने निजी बैंक अकाउंट से 21 लाख रुपए में दान किए हैं। पीएम मोदी ने कुंभ 2019 के ‘शानदार’ आयोजन के लिए उत्तर प्रदेश को बधाई दी और कहा कि इसने संस्कृति और आध्यात्मिकता को बेहतरीन तरीके से दर्शाया है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पूरे प्रशासन द्वारा किए गए कार्यों की सराहना करते हुए मोदी ने ट्वीट किया, ‘उत्तर प्रदेश, खासकर प्रयागराज के लोगों को बधाई।’ उनकी टिप्पणी 50 दिवसीय धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक कुंभ मेले के समापन के एक दिन बाद आई है।

प्रयागराज कुंभ के बारे में उन्होंने कहा, ‘इस कुंभ ने हमारी संस्कृति, आध्यात्मिकता को शानदार तरीके से दर्शाया और इसे आने वाले कई वर्षों तक याद रखा जाएगा।’ पीएम मोदी ने एक ही स्थान पर ढेर सारे लोगों की भीड़ को अच्छे से संभालने के मामले में प्रौद्योगिकी के उपयोग की सराहना की। उन्होंने कहा, ‘सबसे अधिक संख्या में लोगों द्वारा सफाई करने का रेकॉर्ड कायम किया गया। परिवहन और कला के क्षेत्र में भी रेकॉर्ड बनाए गए। कुंभ के व्यवस्थित रूप से आयोजन में प्रौद्योगिकी का उपयोग सराहनीय था।’

पीएम मोदी ने धोए थे पांव, लिया था आशीर्वाद

आपको बता दें कि 24 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रयागराज पहुंचे थे और कुंभ मेले में शामिल होते हुए त्रिवेणी संगम में आस्था की डुबकी लगाई थी। गंगा स्नान के बाद पीएम ने पांच स्वच्छाग्रहियों (तीन पुरुष, दो महिलाओं) यानी सफाईकर्मियों के पैर धोकर, उनका आशीर्वाद भी लिया थी। सफाई कर्मचारियों के पैर धो कर पीएम मोदी ने उनके पैर पोछे थे और उन्हें एक शॉल भी भेंट की थी।

छत्तीसगढ़ : अंबिकापुर देश का दूसरा स्वच्छ शहर

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रायपुर। स्वच्छता सर्वेक्षण 2019 के लिए देश के स्वच्छ शहरों, कस्बों और प्रदेशों के नाम की घोषणा हो गई है। राष्ट्रपति भवन में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने इंदौर को देश का सबसे साफ शहर घोषणा किया। इसी के साथ इस सर्वेक्षण रिपोर्ट में छत्तीसगढ़ को बेस्ट परफार्मिंग स्टेट अवार्ड प्राप्त हुआ और इंदौर के बाद अंबिकापुर देश में दूसरा सबसे स्वच्छ शहर घोषित हुआ।

स्वच्छता की मुहिम के तहत राज्यभर में काफी बेहतर काम हुए हैं। अंबिकापुर नगर निगम राज्य में पांच साल पूर्व शुरू की गई कवाद ने अपना असर दिखाया और फिर पूरे राज्य के हर एक नगर निगम में अंबिकापुर मॉडल से जुड़ी स्वच्छता व्यवस्था लागू की गई। इसी का परिणाम रहा कि छत्तीसगढ़ को बेस्ट परफार्मिंग स्टेट का अवार्ड हासिल हुआ है।

अंबिकापुर में 40 साल पुराने डंपिंग यार्ड को सेनेटरी पार्क बना दिया गया। 25 एकड़ का यह क्षेत्र आज एक खूबसूरत बगीचे में बदल गया है। महिलाओं की समिति घरों से कचरा एकत्र कर रही है। इस कचरे की छटनी होती है। गीले कचरे के निदान के लिए कंपोस्ट मशीन लगाई है।

इसके अलावा 160 प्रकार का कचरा ठोस कचरे के रूप में मिलता है। सेनिटेशन सेंटर में इस पूरे कचरे को पृथक किया जाता है। हर महीने इसकी बिक्री होती है। वेंडर्स का नगर निगम से रजिस्ट्रेशन होता है। करीब तीन साल में अंबिकापुर नगर निगम में लगभग दो करोड़ की आमदनी कचरा बेचने से हो चुकी। इसके अलावा कंपोस्ट खाद से भी आय हो रही है।

अंबिकापुर मॉडल की पूरे देश में चर्चा हुई। शहर को अपनी श्रेणी में राष्ट्रीय पुरस्कार भी प्राप्त हुआ। इसके बाद यहां राष्ट्रीय स्तर की कई स्वच्छता कार्यशालाओं का भी आयोजन हुआ जिसमें देश भर से निकायों के प्रतिनिधि शामिल हुए। इसके बाद सफाई के अंबिकापुर मॉडल को राज्य सरकार ने पूरे प्रदेश के नगरीय निकायों में लागू किया। राज्य की राजधानी रायपुर, बिलासपुर, महासमुंद, धमतरी सहित कई नगर निगमों में स्वच्छता को लेकर बेहतर काम हुए हैं।

IAS अशोक खेमका ट्रांसफर के बाद बोले, ‘कई बार सहा है,एक बार और सही’

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सीनियर आईएएस अशोक खेमका ने हाल ही में हुए उनके ट्रांसफर पर प्रतिक्रिया दी है. खेमका ने मंगलवार को एक ट्वीट किया, जिसमें उन्होंने लिखा है,‘किसके हितों की रक्षा करूं? तुम्हारा या उनका जिनका आप प्रतिनिधित्व का दावा करते हैं? दम्भ है हमें पैरों तले रौंदोगे. शौक से, कई बार सहा है, एक बार और सही.’

बता दें, हरियाणा सरकार ने 1991 बैच के सीनियर आईएएस अशोक खेमका का बीते रविवार को ट्रांसफर कर दिया था. खेल और युवा मामलों के विभाग के प्रधान सचिव अशोक खेमका को विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के प्रधान सचिव के रूप में नियुक्त किया गया है.

रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ जांच को लेकर सुर्खियों में आए थे खेमका

कांग्रेस नेता सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा के जमीन सौदे के मामले को लेकर चर्चा में आये आईएएस अफसर अशोक खेमका ने मंगलवार को ट्विटर पर अपने ट्रांसफर को लेकर लोगों के सवालों के जवाब दिये.

बता दें कि 1991 बैच के इस आईएएस अफसर का ट्वीट उनके रविवार को हुये ट्रांसफर के दो दिन बाद आया है. उनका ट्रांलसफर नौ अन्य आईएएस अफसरों के साथ किया गया था.

अशोक खेमका को लगभग 15 महीने पहले खेल और युवा मामलों के विभाग में तैनात किया गया था. आईएएस अफसर खेमका का अब तक उनके करियर में 50 से ज्यादा बार तबादला हो चुका है.

कौन हैं अशोक खेमका?

  • अशोक खेमका 1991 बैच के हरियाणा काडर के IAS अफसर हैं
  • 24 साल के करियर में खेमका का अब तक 50 से ज्यादा बार ट्रांसफर हो चुका है
  • गुरुग्राम में रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ लैंड डील से जुड़ी जांच के कारण अशोक खेमका सुर्खियों में रहे
  • नवंबर 2014 में तत्‍कालीन हुड्डा सरकार ने रॉबर्ट वाड्रा और डीएलएफ के लैंड डील से जुड़े खुलासे के बाद खेमका का तबादला परिवहन विभाग में कर दिया था
  • कहा जाता है कि अशोक खेमका जिस भी विभाग में जाते हैं, वहीं घपले-घोटाले उजागर करते हैं, जिसके चलते उनका ट्रांसफर कर दिया जाता है
  • भूपिंदर सिंह हुड्डा के शासनकाल में बतौर व्हिसिल ब्लोवर वह कई घोटालों का खुलासा कर चुके हैं

MP : पहले की चोरी और फिर घर में आग लगाकर भाग गए

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कटनी। रेलवे कॉलोनी में चोरी की बड़ी वारदात सामने आई है। यहां तीन रेलवे कर्मचारियों के सूने घरों में पहले चोरों ने हाथ साफ किया और उसके बाद घर में रखे सामान में आग लगा दी। इससे घर में रखा सामान जलकर खाक हो गया। चोर घऱ से गैर सिलेंडर भी लेकर भाग गए। जीआरपी ने चोरी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। तस्वीरों में देखा जा सकता है कि आग की वजह से घर में कितना नुकसान हुआ है। घर का सारा सामान जलकर खाक हो चुका है। पूरे घर में आग से जलने के निशान बने हुए हैं।