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विंग कमांडर अभिनंदन को मानद उपाधि देने की तैयारी, दीक्षांत समारोह में करेंगे सम्मानित

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 देवी अहिल्या विश्वविद्यालय भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान का सम्मान करेगा। इसके लिए उन्हें मानद उपाधि देने का विचार किया जा रहा है। अगली कार्यपरिषद बैठक में विश्वविद्यालय प्रशासन यह प्रस्ताव रखेगा। इसके लिए कुलपति ने सहमति जता दी है। विश्वविद्यालय ने इसकी तैयारियां शुरू कर दी हैं।

तीन दिन पाकिस्तानी फौज के कब्जे में रहने के बाद अभिनंदन की घर वापसी पर हर कोई खुश है। शनिवार को युवक कांग्रेस के छात्रनेता अभिजीत पांडे, लकी वर्मा और आयुष अग्रवाल ने अभिनंदन को मानद उपाधि देने की मांग रखी। इस मुद्दे पर वे कुलपति डॉ. नरेंद्र धाकड़ से मिले। कुलपति ने तत्काल मानद उपाधि देने का प्रस्ताव तैयार करने के अधिकारियों को निर्देश दिए। कार्यपरिषद सदस्य अलोक डावर ने भी उपाधि को लेकर मौखिक सहमति दी है।

कुलपति का कहना है कि कार्यपरिषद में प्रस्ताव रखकर सदस्यों की मंजूरी लेंगे। फिर दीक्षांत समारोह में उपाधि से सम्मानित किया जाएगा। यह पूरे शहर के लिए गौरव की बात होगी। वैसेे भी सैनिकों के लिए देशवासियों के मन में भरपूर सम्मान है।

कोलकाता- नसबंदी के दौरान इस शहर के कुत्ते में मिले कैंसर के लक्षण

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कोलकाता में दमदम नगर पालिका के दक्षिण दमदम इलाके में चल रही कुत्तों की नसबंदी प्रक्रिया के दौरान एक कुत्ते में कैंसर के लक्षण की पहचान की गई। नगर पालिका सूत्रों की मानें तो इलाके में एक मादा कुत्ता कैंसर से संक्रमित है।

इससे लोगों में खासी चिंता है। पीड़ित कुत्तों के नख व दांतों की हरकतों से इसकी पहचान की जा सकती है। इलाके में जिस तरह से इस बीमारी ने दस्तक दी है, वो अपने आप में चिंता का विषय है।

गंभीर रूप से पीड़ित कुत्ते अगर आम लोगों को काटते हैं तो इसका बुरा प्रभाव पड़ने के साथ बीमारी के फैलने की भी आशंका अधिक होती है। जहां तक इलाके में संक्रमित कुत्तों की बात है तो यहां के कुत्तों की हरकतों में एकदम बदलाव देखा जा रहा है।

अगर कोई आक्रामक कुत्ता सामने आ जाए तो भागें नहीं और न ही उस पर चिल्लाएं। आप सीधे खड़े रहें, हाथों को मोड़कर सीने पर रख लें और कुत्ते की बजाय कहीं ओर देखें। आप बिलकुल नहीं घबराएं, कुत्ते को आपके चारों ओर सूंघने दें। ऐसा करने से कुत्ते की दिलचस्पी आपमें खत्म हो जाएगी और वह चला जाएगा।

आक्रामक कुत्ते पहचान यह है कि उसकी नाक सिकुड़ी हुई होती है, जिससे उसके दांत दिखने लगते हैं। गर्दन के पीछे के उसके लंबे बाल खड़े हो जाते हैं। लंबी रीढ़ की हड्डी दिखती है। उसके कान पीछे की ओर मुड़े होते हैं। वह गुर्राता है या गुर्रा सकता है।

छत्तीसगढ़ : ‘नमो अगेन” के नारे के साथ 90 विधानसभा में निकली बाइक रैली, रमन सिंह ने दिखाई हरी झंडी

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विजय संकल्प मोटर सायकल रैली निकालकर भाजपा ने लोकसभा चुनाव का शंखनाद किया। पूर्व मुख्यमंत्री व भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने भाजपा कार्यालय एकात्म परिसर में रैली को झंडी दिखाकर रवाना किया। नमो अगेन के नारे के साथ सभी 90 विधानसभा में एक साथ बाइक रैली निकाली गई।

रायपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में रैली डीडीनगर गोल चौक से प्रारंभ होकर भारत माता चौक गुढ़ियारी में सम्पन्न हुई। सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ पूर्व मंत्री राजेश मूणत ने रैली की अगुवाई की। दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में कार्यकर्ताओं के जोश और उत्साह के साथ बुढ़ापारा से बुढ़ीमाता चौक होते हुए सिविल लाइन तक रैली का आयोजन किया गया। रैली में प्रमुख रूप से दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के विधायक बृजमोहन अग्रवाल, सुनील सोनी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। रायपुर ग्रामीण विधानसभा की पचपेड़ी नाका से देवपुरी तक एवं भनपुरी से बिरगांव तक रैली निकली। इसमें सधिादानंद उपासने, राजीव कुमार अग्रवाल शामिल हुए।

भाजपा कार्यालय एकात्म परिसर में उत्तर विधानसभा क्षेत्र की रैली को डॉ. रमन सिंह ने झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली की अगुवाई सांसद रमेश बैस ने की। रैली में श्रीचंद सुन्दरानी, संजय श्रीवास्तव एवं छगनलाल मूंदड़ा उपस्थित थे। एकात्म परिसर से प्रारंभ होकर यह रैली जेल रोड चौक, फाफाडीह चौक, स्टेशन चौक, तेलघानी नाका, राठौर चौक, तात्यापारा चौक होते हुए फूलचौक, जयस्तंभ चौक, कचहरी चौक, बस स्टैंड, लोधीपारा चौक, अशोका टॉवर चौक से भगतसिंह चौक, गौरव पथ होते हुए मरीन ड्राईव में सम्पन्न् हुई। सांसद रमेश बैस ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता को इस बात का फर्क नहीं पड़ता कि वह सत्तापक्ष में है या विपक्ष में। जनता के लिए कार्य करना अंत्योदय के सिद्धांत पर चलना, जनहित के साथ देशहित को सर्वोपरि रखना ही भाजपा कार्यकर्ताओं की पहचान है। विजय संकल्प मोटर सायकल रैली में लोकेश कावड़िया, अशोक पांडेय, राजेश पांडेय, अकबर अली, उमेश घोड़मोड़े, फनीन्द्र तिवारी, आकाश तिवारी, रायपुर ग्रामीण से राहुल ठाकुर, भोला साहू सहित अन्य मौजूद थे।

विकास और सुरक्षा के लिए मोदी सरकार जरूरी

बृजमोहन अग्रवाल अपनी एक्टिवा लेकर निकले, उनके पीछे भाजपा अनुसूचित जन जाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामविचार नेताम बैठे थे। अग्रवाल ने कहा प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत सफलता के शिखर की ओर बढ़ रहा है। राष्ट्र में सुशासन, विकास और सुरक्षा के लिए मोदी की सरकार जरूरी है। नेताम ने कहा कि देश के गांव, गरीब और किसानों की चिंता इमानदारी के साथ किसी ने की है तो वह मोदी हैं।

छत्तीसगढ़ : चिटफंड कंपनी के 50 हजार निवेशकों के करोड़ों रुपये फंसे

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पीएसीएल चिटफंड कंपनी के निवेशकों की राशि लौटाने के लिए जिला पंचायत सहित जनपद पंचायतों में ऑनलाइन दावा प्राप्त करने के लिए केंद्र स्थापित किए गए हैं। यहां निवेशकों के आवेदनों को बेवसाइट पर अपलोड करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। शनिवार को सॉफ्टवेयर का सर्वर दिन भर डाउन रहा। ऐसे में एक भी दावा-आपत्ति के प्रमाण पत्र स्कैन करने के बाद डाउनलोड नहीं किया जा सका।

जिले में 50 हजार से अधिक चिटफंड कंपनी के निवेशकों के करोड़ों रुपये फंसे हैं। इसे दिलाने के लिए अब शासन स्तर पर कवायद शुरू कर दी गई है। प्रक्रिया तो शुरू हो गई, लेकिन सॉफ्टवेयर में पेंच फंस गया। हालांकि निवेशक 30 अप्रैल से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। एक भी आवेदन ऑनलाइन नहीं होने की सूचना अधिकारियों को दे दी गई है, लेकिन सर्वर डाउन का तोड़ नहीं निकाला जा सका है।

दावा-प्रकरण जुटाने के लिए जिला और जनपद पंचायत स्तर पर अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। अधिकारियों ने रास्ता निकाला है कि दिन में निवेशकों के दस्तावेजों की कोडिंग की जाएगी। निवेशकों से लिए दावे दस्तावेजों को रात में डाउनलोड किया जाएगा। वेबसाइट पर आवेदन लोड हो रहे हैं। ऐसे में दावे के आवेदन अपलोड नहीं हो पा रहे हैं। https//www.sedipaclrefund.com इस पर दस्तावेज डाउलोड किए जाएंगे।

‘दस्तावेज नहीं हो रहे डाउनलोड’

रायपुर जिले के ग्रामीण अंचल और शहर से पहुंचे निवेशक गिरीवर साहू सहित अन्य निवेशकों की पीड़ा थी कि सुबह 10 बजे से लेकर शाम पांच बजे तक वे केंद्र पर थे। कम्प्यूटर आपरेटर ने काफी प्रयास किया, लेकिन सर्वर डाउन रहा। इसके चलते दावा के सभी प्रमाण पत्र की कॉपी स्कैन के बाद वेबसाइट पर अपलोड नहीं हो पाए।

जनपद पंचायत स्तर भी हैं केंद्र

जिले के धरसींवा, अभनपुर, तिल्दा जनपद पंचायत स्तर पर भी केंद्र बनाए गए हैं। वहां भी ऑनलाइन में दावा प्रमाण पत्र डाउनलोड नहीं हो पाए हैं। इसके साथ ही इन केंद्रों में कम्प्यूटर तकनीकी अधिकारियों की भी नियुक्ति की गई है। लेकिन वे भी वेबसाइट के सॉफ्टवेयर में सुधार नहीं कर पाए हैं।

सुविधा के लिए अधिकारियों के मोबाइल नंबर भी जारी

जिला स्तर पर डिप्टी कलेक्टर डॉ. अनुप्रिया मिश्रा (मो. 9174791194) को नोडल अधिकारी, ई-जिला प्रबंधक लोक सेवा केंद्र कीर्ति शर्मा (मो. 7000669050) को तकनीकी अधिकारी नियुक्त किया गया है। इसी तरह जनपद स्तर पर नोडल अधिकारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी धरसींवा (मो. 9754924488), प्रोग्रामर पावनी मिश्रा (मो. 9425558880), अधिकारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी तिल्दा (मो. 9977582508), प्रोग्रामर स्वाति वर्मा (मो. 9754624198), नोडल अधिकारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभनपुर (मो. 9926158481), प्रोग्रामर प्रभात कुमार सिंह (मो. 9584756101) और नोडल अधिकारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी आरंग (मो. 9893920256), प्रोग्रामर धमेन्द्र नायक (मो. 9926558085) को नियुक्त किया गया है।

सभी देश में दावा के आवेदन लोड किए जा रहे हैं। इस वजह से वेबसाइट में दिक्कत है। इसके लिए मुख्य नोडल अधिकारियों को जानकारी दी गई है। निवेशकों के दस्तावेजों को रात में डाउनलोड कराएंगे। च्वाइस सेंटरों की भी मदद ली जाएगी। -डॉक्टर अनुप्रिया मिश्रा, नोडल अधिकारी, डिप्टी कलेक्टर

छत्तीसगढ़ : झाड़ी में जीवित मिला नवजात बालक, आंबेडकर में भर्ती

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धरसींवा थाना क्षेत्र के ग्राम सोंडरा में शुक्रवार को दोपहर झाड़ी में एक नवजात शिशु पड़ा मिला। लोगों की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने पंचायत के सरपंच संतोष साहू की मदद से नवजात को धरसींवा अस्पताल में भर्ती कराया। बाद में उसे आंबेडकर अस्पताल रेफर कर दिया गया। पुलिस ने नवजात को फेंकने के मामले में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ अपराध कायम कर लिया है।

पुलिस के मुताबिक फोन से सूचना मिली थी कि ग्राम सोंडरा के बाहर नवजात शिशु (लड़का) झाड़ी में पड़ा है। गांव की श्रीमती नीलम गायकवाड, श्रीमती नगेशर निषाद एवं गेंदलाल साहू के सहयोग से उसे शासकीय अस्पताल धरसींवा में भर्ती कराया गया। बाद में डाक्टरों की सलाह पर नवजात को आंबेडकर अस्पताल रेफर कर दिया गया।

4 लाख रुपये में शुरू करें साबुन की फैक्‍ट्री, हर महीने 50 हजार तक हो सकती है कमाई

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साबुन की डिमांड बड़े शहरों से लेकर छोटे शहरों, कस्बों और गांवों में बनी हुई है. ऐसे में यह काम आपके लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकता है. सिर्फ 4 लाख रुपये में साबुन बनाने की फैक्ट्री शुरू की जा सकती है. इसके अलावा आपको 80 फीसदी तक लोन भी मिल सकता है. मुद्रा योजना के तहत न केवल लोन मिलना आसान है, बल्कि बिजनेस का पूरा प्रोजेक्ट भी तैयार किया जा सकता है. कुल 7 महीने में आप इसकी औपचारिकताएं पूरी कर प्रोडक्शन शुरू कर सकते हैं.

80% तक मि‍ल सकता है लोन- इस तरह के बि‍जनेस को करने में आपको काफी आसानी होगी, क्‍योंकि पहली बात तो ये कि इसकी पूरी डि‍टेल रि‍पोर्ट आपको खुद सरकार मुहैया कराती है. इसमें बिजनेस से जुड़े हर पहलू को शामिल किया गया है. इसके अलावा आपको 80 फीसदी तक लोन भी मि‍ल सकता है. लोन के लि‍ए आपको प्रोजेक्‍ट रिपोर्ट तैयार करने की जरूरत भी नहीं है, क्‍योंकि वह तो सरकार ने पहले ही बना रखी है, आप उसी को यूज कर सकते हैं.

7 महीने में लग जाएगा सेटअप- कुल सात महीने में आप इसकी सारी औपचारि‍कताएं पूरी कर प्रोडक्‍शन शुरू कर सकते हैं. मुद्रा स्‍कीम की प्रोजेक्‍ट प्रोफाइल रिपोर्ट के मुताबिक आप एक साल में करीब 4 लाख कि‍लो का प्रोडक्‍शन कर सकेंगे, जि‍सकी कुल वैल्‍यू करीब 47 लाख होगी. खर्च और अन्‍य देनदारि‍यां देने के बाद आपको 6 लाख रुपए सालाना प्रॉफि‍ट होगा.

1 लाख रुपए में आ जाती हैं मशीनें और उपकरण- इस यूनि‍ट को लगाने के लि‍ए आपको कुल 750 स्‍क्‍वायर फुट के एरि‍या की जरूरत होगी. इसमें 500 स्‍क्‍वायर फीट कवर्ड और बाकी का अनकवर्ड होगा. इसमें मशीनों सहि‍त कुल 8 उपकरण लगेंगे. मशीनों और उन्‍हें लगाने की लागत महज 1 लाख रुपए होगी.

कुल खर्च में आपको कि‍तना देना होगा- इस पूरे सेटअप को लगाने में कुल 15,30,000 रुपए का खर्च आएगा. इसमें जगह, मशीनरी, तीन महीने की वर्किंग कैपिटल शामि‍ल है. इसमें से आपको केवल 3,82,000 रुपए खर्च करने होंगे, क्‍योंकि बाकी का लोन आप बैंकों से ले सकते हैं.

सरकार ऐसे करेगी मदद- बिजनेस शुरू करने के लिए आपको अपने पास से 4.23 लाख रुपये दिखाना जरूरी है. वर्किंग कैपिटल लोन: 9 लाख रुपये, टर्म लोन: 3.65 लाख रुपये, कुल खर्च: 16.88 लाख रुपये. इसके लिए प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत आप किसी भी बैंक में अप्लाई कर सकते हैं. इसके लिए आपको एक फॉर्म भरना होगा, जिसमें ये डिटेल देनी होगी… नाम, पता, बिजनेस शुरू करने का एड्रेस, एजुकेशन, मौजूदा इनकम और कि‍तना लोन चाहिए. इसमें किसी तरह की प्रोसेसिंग फीस या गारंटी फीस भी नहीं देनी होती.

यहां मिलेगी प्रोजेक्‍ट रि‍पोर्ट- अगर आप इस बि‍जनेस को शुरू करना चाहते हैं तो आपको इसके बारे में पूरी जानकारी http://www.mudra.org.in/ पर मि‍ल जाएगी.

छत्तीसगढ़ : पूर्व गृहमंत्री ननकी राम ने मुकेश गुप्ता के खिलाफ CM को दस्तावेज सौंपे,बोले जान को खतरा.सुरक्षा भी मांगी

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छत्तीसगढ़ के पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर ने IPS मुकेश गुप्ता के खिलाफ मोर्चा खोला है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मुलाकात के बाद ननकीराम कंवर ने शिकायतों का दस्तावेज उन्हें सौंपा। मिली जानकारी के मुताबिक इस बार मुकेश गुप्ता की शिकायत ननकीराम कंवर ने रेखा नायर के नाम पर हुई जमीन खरीदी को लेकर की है। हालांकि ये जमीन कहां की है और कब किससे खरीदी गयी, इसे लेकर पूरी जानकारी तो सामने नहीं आयी है, लेकिन माना जा रहा है। मुख्यमंत्री को गृहमंत्री ने इसके पूरे दस्तावेज दिये हैं।

ननकीराम कंवर ने आज सुबह मुख्यमंत्री से मुलाकात की और सभी दस्तावेज सौंपी। उन्होंने इस पूरे प्रकरण की जांच कराने की मांग की। पूर्व गृहमंत्री के मुताबिक उन्होंने आईपीएस मुकेश गुप्ता की शिकायत पहले भी की थी, लेकिन उनकी शिकायत पर सरकार ने गौर नहीं किया। उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय और गृहमंत्री को भी इसकी शिकायत की थी, लेकिन जांच नहीं हुई, जिसके बाद अब उन्होंने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से शिकायत की है। उन्होंने उम्मीद जतायी है कि भूपेश बघेल इसकी जरूर जांच करायेंगे और कार्रवाई करेंगे।

ननकीराम कंवर ने इस दौरान एक बेहद ही गंभीर बातें भी कही है। उन्होंने कहा कि

“प्रदेश में कुछ ऐसे लोग हैं, जिसे मुकेश गुप्ता ने आगे बढ़ाया है, कुछ पुलिसकर्मी है, जिसकी मदद की है, उनसे उन्हें खतरा है”

सरकार से गृहमंत्री ने सुरक्षा की भी मांग की है।

जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक बोले : अगर आयोग हुक्म करेगा तो चुनाव करा देंगे

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भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव में कमी ज़रूर आई है, लेकिन सीमा पर गोलाबारी बढ़ी है. जमात-ए-इस्लामी जम्मू कश्मीर पर पाबन्दी से सियासी माहौल गर्म है और 14 फ़रवरी को पुलवामा हमले के बाद से सुरक्षाबलों और चरमपंथी संगठनों के बीच मुड़भेड़ की ख़बरें रोज़ आ रही हैं.

सीमा के नज़दीक उत्तर कश्मीर में शुक्रवार को शुरू हुआ एक एनकाउंटर 72 घंटे बाद ख़त्म हुआ जिसमें सुरक्षाबलों के पांच कर्मी मारे गए.

पुलवामा में आत्मघाती हमले के बाद जम्मू-कश्मीर में जो हालात बने हैं, उनमें सवाल उठ रहा है कि क्या अगले दो महीनों में होने वाले लोकसभा चुनावों में क्या राज्य की जनता भी शामिल हो पाएगी.

बीबीसी ने जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक को फ़ोन कर उनसे पुलवामा हमले के बाद राज्य में बने हालात और दूसरे मुद्दों के बारे में जाना.

आम चुनावों में दो महीने से कम का समय रह गया है तो क्या राज्य में भी आम चुनाव होंगे?

चुनाव कराना हमारे हाथ में तो है नहीं. अब एक अंतरराष्ट्रीय स्थिति पैदा हो गयी है सीमा पर, पूरे बॉर्डर पर बमबारी हो रही है. तो बहुत सारे फैक्टर्स हैं जिन्हें देखकर चुनाव आयोग फ़ैसला करेगा. अगर वो तय करते हैं कि चुनाव कराओ तो हम चुनाव करा देंगे. हम पूरी तरह से तैयार हैं, हमने फोर्सेज़ इसीलिए मंगवाई हैं. (हाल ही में बीएसएफ़ समेत बड़ी संख्या में अर्धसैनिक बलों को घाटी में तैनात किया गया है).

हमने पंचायत और ज़िला परिषदों के चुनाव कराए और एक चिड़िया भी नहीं मरी. अगर चुनाव आयोग हुक्म करेगा तो हम चुनाव करा देंगे.

14 फ़रवरी को पुलवामा आत्मघाती हमला क्या चरमपंथी संगठनों की रणनीति में किसी बदलाव को दर्शाता है? प्रशासन को इस तरह के हमले का अंदाज़ा था क्या?

इन्होंने पहले भी फ़िदायीन हमले किये हैं, लेकिन पिछले छह महीने से ये हमारे सोच में भी नहीं था क्योंकि नई भर्ती रुक गयी थी टेररिस्ट्स की, पथराव भी रुक गया था, लोगों का थोड़ा टेम्पर भी डाउन हो रहा था, पंचायत के चुनाव हो गए थे, तो इस वक़्त लगता नहीं था कि ऐसा होगा.

लेकिन जहाँ तक मेरी जानकारी है कि पाकिस्तान में इनके बैठे हुए जो आक़ा हैं उनका एक दबाव आया कि तुमने तो बहुत बेइज़्ज़ती करा दी. तो स्ट्रैटेजी पाकिस्तान और आईएसआई के दबाव में बदली है.

केंद्र सरकार की पाबंदी पर जमात-ए-इस्लामी जम्मू-कश्मीर का कहना है कि ये प्रतिबंध जायज़ नहीं है और वो इसे अदालत में चुनौती देंगे. आपकी क्या प्रतिक्रिया है?

दुनिया भर में जमात-ए-इस्लामी जैसी संस्थाएं ही शिक्षा और लोगों की मदद करने जैसे काम की आड़ में टेररिज़्म की फंडिंग, उसको बढ़ाने और रेडिकलाइज़ेशन का काम करती हैं. यहाँ जमात बड़े पैमाने पर कट्टरथा फैला रहा था अपने मदरसों में.

कहा जा रहा है कि जमात के नेताओं और कार्यकर्ताओं के ख़िलाफ़ केसेज़ रजिस्टर्ड नहीं हैं. उनके नेताओं की गिरफ़्तारी और पाबन्दी क्या ठोस सबूतों की बुनियाद पर है?

ये तो सुरक्षा संस्थाएं और प्रशासन के लोग बताएँगे लेकिन मैंने यहाँ आकर देखा है कि यहाँ पिछली सरकार के दौरान रहबर-इ-तालीम (इस सरकारी योजना के तहत लोगों की सरकार में शिक्षक की हैसियत से भर्ती होती है) के नाम पर बड़े पैमाने पर इन्होंने रेडिकलाइज़्ड लोगों को सरकारी नौकरियों में डाला. हमलोगों को इससे बहुत दिक़्क़त हो रही है क्योंकि उनका कमिटमेंट सरकार और संविधान के लिए है ही नहीं.

उनकी विचारधारा के लोग बड़े पैमाने पर सरकार में आ गये हैं, वो हर वाक ऑफ़ लाइफ में आ गये हैं, वो अपनी लाइन पर ही काम करते हैं, उन्हें सरकार और संविधान से कोई मतलब नहीं. महबूबा मुफ़्ती जी के ज़माने में रहबर-इ-तालीम की एक लिस्ट थी उस लिस्ट को देखिए, उसमें कितने जमात के लोग हैं.

यहाँ के निष्पक्ष बुद्धिजीवी कहते हैं कि पाबंदी लगाना जमात को और प्रसिद्ध बनाने का कारण बनेगा. आप क्या कहते हैं?

दिल्ली में 2,000 कश्मीर एक्सपर्ट्स हैं और कश्मीर में बहुत सारे बुद्धिजीवी हैं. उनकी अपनी राय हो सकती है. मैं ये मान लेता हूँ कि किसी भी संस्था को बैन करना काउंटरप्रोडक्टिव होता होगा, लेकिन एक स्टेज आती है जब बैन करना पड़ता है. मैं ये मानता हूँ कि इससे जमात ख़त्म नहीं होगी लेकिन इससे जमात की एक्टिविटी पर अंकुश लगेगा, इससे कट्टरता के फैलाव में रुकावट आएगी, इससे ये जो जिसतरह की एक्टिविटी कर रहे थे वो रुकेगी.

ठीक है, उनकी जो धारणा है वो बनी रहेगी. आज 15 लोगों में है कल 10 लोगों में होगी, लेकिन जो ये प्रचार करते थे, जन्नत का ख्वाब दिखाकर लोगों के हाथों में बन्दूक पकड़ाते थे वो तो रुक जाएगा. विचारधारा पर भी फ़र्क़ पड़ता है. बांग्लादेश में जमात के प्रमुख को फांसी दे दी गयी और एक चिड़िया भी नहीं बोली.

यहाँ के नेता भी कहते हैं जमात पर पाबन्दी सही फैसला नहीं है?

मुझे अफ़सोस हो रहा है कि महबूबा मुफ़्ती जी की जो नैरेटिव है उसमें और जमात और अलगाववादियों की नैरेटिव में ज़रा भी फ़र्क़ नहीं रह गया है, वो लगभग एक जैसा हो गया है.

हम तो इन्हें मेनस्ट्रीम पार्टी समझते थे. उमर अब्दुल्लाह तो फिर भी कभी-कभी समझदारी की बातें करते हैं, लेकिन महबूबा मुफ़्ती तो बेकाबू हो गई हैं. मुझे उनके लिए दुःख होता है, वो मुफ़्ती सईद की बेटी हैं.

वो कश्मीर के मसले का हल निकालने के लिए बातचीत शुरू करने की मांग कर रही हैं.

इसमें किसी को संदेह नहीं कि कश्मीर के मसले को बातचीत से हल करना चाहिए, लेकिन बुनियादी तौर पर इनकी समस्या ये है कि चुनाव बहुत नज़दीक है इसलिए इनसे सेंसिबल या संतुलित बात की उम्मीद नहीं कर सकते

घाटी में जारी ऑपरेशन ऑलआउट को ख़त्म करना और कोई ठोस सियासी क़दम उठाना सरकार की सोच में है?

बस इतना ही. आपने कहा आखिरी सवाल. आखिरी सवाल अपने पूछ लिया. अब इन्हीं जवाबों से काम चलाइए.

मुद्रा योजना का लाभ उठाएं, एक महीने में बैंक बाटेंगे 1 लाख करोड़ रुपये का कर्ज

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चालू वित्त वर्ष के खत्म होने में अब सिर्फ एक महीने का वक्त बचा है. ऐसे में बैंकों को मुद्रा योजना के तहत 3 लाख करोड़ रुपये का कर्ज वितरण का लक्ष्य पूरा करने के लिए ज्यादा काम करना होगा क्योंकि 22 फरवरी तक केवल 2 लाख करोड़ रुपये का कर्ज बांटा गया है. सरकारी आंकड़ों में कहा गया कि है कि 22 फरवरी तक मुद्रा योजना के तहत कुल 2,02,668.9 करोड़ रुपये का कर्ज बांटा गया है. इसके मुकाबले 2,10,759.51 करोड़ रुपये का कर्ज स्वीकृत किया गया है.

वित्त मंत्रालय के हालिया आंकड़ों में कहा गया कि इस वित्त वर्ष में अब तक 3.89 करोड़ से अधिक मुद्रा ऋण को मंजूरी दी गई है. वित्त वर्ष 2018-19 के बजट के मुताबिक, सरकार ने चालू वित्त वर्ष में तीन लाख करोड़ रुपये का कर्ज वितरण का लक्ष्य रखा है. वित्त वर्ष 2017-18 में इस योजना के तहत 2,46,437.40 करोड़ रुपये का कर्ज बांटा गया है, जो कि लक्ष्य से अधिक है. वास्तव में पिछले सभी वित्त वर्षों में लक्ष्य से ज्यादा का ऋण वितरण हुआ है.

मुद्रा योजना की शुरुआत आठ अप्रैल 2015 को हुई थी. इस योजना के तहत गैर-निगमित, गैर-कृषि छोटी एवं लघु इकाइयों को 10 लाख रुपये तक का ऋण दिया जाना है. पीयूष गोयल ने 2019-20 का बजट पेश करते हुए कहा था कि मुद्रा योजना के तहत अब तक 7.23 लाख करोड़ रुपये के 15.56 करो़ड़ ऋण स्वीकृत किए गए हैं.

मेडिकल जांच से हुआ खुलासा, विंग कमांडर अभिनंदन की टूटी है पसली

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भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान की पाकिस्तान से शुक्रवार को वापसी हो चुकी है. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने गुरुवार को उन्हें भारत को सौंपने का ऐलान किया था. इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने कमांडर की रिहाई रोकने के लिए दायर याचिका शुक्रवार को ही खारिज कर दी थी. अभिनंदन ने रक्षामंत्री और एयरफोर्स चीफ से शनिवार को मुलाकात भी की है.

बता दें 27 फरवरी को पाकिस्तान के साथ संघर्ष के दौरान अभिनंदन वर्तमान का विमान क्रैश हो गया था और वो पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) में चले गए थे. जिसके बाद उनको पाकिस्तान ने कस्टडी में ले लिया था.

एयरफोर्स के विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान शुक्रवार को वाघा-अटारी बॉर्डर के जरिए देश वापस लौटे

भारतीय वायुसेना के अधिकारी वाघा-अटारी बॉर्डर पर विंग कमांडर को लेने पहुंचे थे

पीओके में 27 फरवरी को फाइटर जेट गिरने के बाद पाकिस्तान ने उन्हें कस्टडी में लिया था

28 फरवरी को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने पायलट को लौटाने का ऐलान किया था

पायलट के देश लौटने पर पूरे देश में मनाई जा रही है खुशी. एमआरआई रिपोर्ट के मुताबिक, अभिनंदन की पसली टूटी हुई है.

हालांकि ये साफ नहीं हुआ है कि विमान से इजेक्ट होने के बाद जमीन पर गिरने की वजह से उनकी पसली टूटी है या फिर स्थानीय लोगों के किए गए हमले से.