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रिजर्व बैंक ने भारतीय स्टेट बैंक सहित 4 बैंकों पर लगाया जुर्माना

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भारतीय रिजर्व बैंक ने विभिन्न निर्देशों का पालन नहीं करने को लेकर चार बैंकों-भारतीय स्टेट बैंक, यूनियन बैंक, देना बैंक और आईडीबीआई बैंक पर जुर्माना लगाया है। यूनियन बैंक पर तीन करोड़ रुपये, देना बैंक पर दो करोड़ रुपये और आईडीबीआई बैंक तथा भारतीय स्टेट बैंक पर एक-एक करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है। नियामकीय सूचना में इस बारे में जानकारी सामने आई है।
यूनियन बैंक ने शनिवार को शेयर बाजार को बताया कि स्विफ्ट से संबंधित नियंत्रण को मजबूत करने और समय के भीतर इस पर अमल करने में देरी करने के कारण रिजर्व बैंक ने उस पर तीन करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। उधर, देना बैंक ने बंबई शेयर बाजार को दी सूचना में कहा कि रिजर्व बैंक के 20 फरवरी, 2018 को जारी निर्देशों का पालन नहीं करने पर केन्द्रीय बैंक ने उस पर 2 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। एक अन्य जानकारी में आईडीबीआई बैंक ने कहा कि स्विफ्ट से जुड़े परिचालन नियंत्रण को मजबूत बनाने और उसके समयबद्ध क्रियान्वयन पर जारी निर्देशों का समयबद्ध पालन नहीं करने पर रिजर्व बेंक ने उस पर एक करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है।
आईडीबीआई बैंक ने हालांकि, कहा कि उसने अपने आंतरिक नियंत्रण तंत्र को मजबूत करने के लिए जरूरी सुधारात्मक कदम उठाए हैं, ताकि इस तरह की चीजों की पुनरावृत्ति न हो। भारतीय स्टेट बैंक ने भी कहा कि स्विफ्ट संबंधी निर्देशों के पालन में देरी को लेकर रिजर्व बैंक ने उसके ऊपर एक करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

रेलवे ने कैंसल की 350 से अधिक ट्रेनें

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रविवार को भारतीय रेलवे ने परिचालन के कारणों के चलते 350 से ज्यादा ट्रेनों को रद्द कर दिया है।
बता दें कि जिन गाडिय़ों के रद्द किया गया है उनमें से अधिकतर ट्रेनें पैसेंजर, मेल रेलगाडिय़ां हैं। देश भर में रेलवे के विभिन्न जोनों में चल रहे मरम्मत के काम को लेकर कई जगहों पर ट्रैफिक ब्लॉक लिए गए हैं। ऐसे में गाडिय़ों के बेहतर परिचालन के लिए इन गाडिय़ों को रद्द किया गया है। रेलवे की वेबसाइट नेशनल ट्रेन इंचरी सिस्टम पर रद्द की गई रेलगाडिय़ों की सूची जारी की गई है। 139 सेवा पर एसएमएस कर के भी गाडिय़ों की स्थिति जानी जा सकती है।

आतंकियों के लिए बने हैं स्विमिंग पूल और जिम, ऐसा है जैश ए मोहम्मद का हेड क्वार्टर

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लोकसभा चुनाव में किसी भी उम्मीदवार को भारी पड़ सकते हैं ये ‘5 मिनट’

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लोकसभा चुनाव 2019 को देखते हुए चुनाव आयोग ने एक कड़ा कदम उठाया है. चुनावों के दौरान उम्मीदवारों को प्रचार के लिए जो वक्त मिलेगा सो अलग है, लेकिन इस बार आयोग ने 5 मिनट सिर्फ और सिर्फ आम जनता को दिए हैं. आयोग द्वारा दिए गए ये 5 मिनट कितने खास हैं इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इस 5 मिनट के चलते किसी भी पार्टी या निर्दलीय उम्मीदवार की उम्मीदवारी जा सकती है. वो भी सिर्फ डेढ़ घंटे में.

चुनाव आयोग ने अभी कुछ समय पहले सी-विजिल नाम से एक ऐप जारी किया है. इस ऐप को कोई भी अपने मोबाइल पर डाउनलोड कर सकता है. इस ऐप के अनुसार जब आप ऐप पर शिकायत करने जाएंगे तो पहले 2 मिनट आपको लाइव वीडियो या फोटो अपलोड करने के लिए मिलेंगे. वहीं बाकी के तीन मिनट में आप अपनी शिकायत लिख सकते हैं.

जैसे ही आपके 5 मिनट पूरे होंगे, शिकायत का ऑप्शन बंद हो जाएगा. आपकी शिकायत दर्ज हो जाएगी. उसके बाद ये शिकायत कुछ ही देर में संबंधित ज़िले के चुनाव अधिकारी के पास पहुंच जाएगी. शिकायत मिलते ही टीम उस जगह पहुंचेगी जहां की फोटो या वीडियो है.

शिकायत की सच्चाई को परखते हुए कार्यवाही शुरू हो जाएगी. शिकायत आने के डेढ़ घंटे के अंदर-अंदर उसका निपटारा किया जाएगा. जैसे ही डेढ़ घंटे पूरे होंगे शिकायतकर्ता के पास संबंधित कार्यवाही का मैसेज पहुंच जाएगा.

दुल्हन के हाथों से अभी मेहंदी नही उतारी की,तिरंगा में लिपटकर आया शहीद पति

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किन्नौर में दबे पांच जवानों के परिवार पर दुख का पहाड़ टूट गया है। किसी को नहीं सूझ रहा कि जिस दुल्हन के हाथों से अभी मेहंदी भी नहीं उतरी उसे कैसे कहें कि पति शहीद होकर रविवार को तिरंगे में लिपटकर घर वापस आ रहा है।नालागढ़ के जोंघों जगतपुर के राजेश ऋषि बीते 12 दिसंबर को ही परिणय सूत्र में बंधे थे। 28 जनवरी को राजेश अपनी ड्यूटी पर लौटे थे। ड्यूटी पर जाते समय राकेश ने अपनी मां से बस इतना ही कहा कि उसका जाने का मन नहीं है।कुछ अच्छा नहीं लग रहा, लेकिन देश सेवा सबसे पहले है। मां ने भी अपने लाल से कहा कि यदि उसका जाने का मन नहीं है तो वह रुक जाए। लेकिन राजेश को सरहद बुला रही थी, जहां उसे देश सेवा करके शहादत पानी थी। राजेश के रिश्तेदारों ने पत्नी, माता-पिता, भाई-भाभी को अभी शहादत की खबर नहीं दी है।रिश्तेदारों का कहना है कि राजेश सभी की मदद के लिए हमेशा आगे रहता था। वह किसी को कोई दुख नहीं पहुंचाता था और हर काम को पूरी तन्मयता के साथ जल्द से जल्द निपटाना चाहता था। सेना में जाने से पहले भी वह लोगों की मदद के लिए पूरी तरह से प्रयासरत रहता था।राजेश के रिश्तेदारों में इस बात का आक्रोश है कि देश के एक सैनिक अभिनंदन को पाकिस्तान से छुड़ाने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगाया गया और 60 घंटे के भीतर वापस देश में लाने सहित समूचा देश उसके साथ खड़ा था।

मूंछें हों तो अभिनंदन जैसी, ‘अभिनंदन स्टाइल’ के दीवाने हुए युवा

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भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर अभिनंद देश में एक हीरो के रूप में उभरे हैं। युवा उन्हें अपने आदर्श के रूप में देख रहे हैं। देश में अभिनंदन की लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकात है कि उनकी चाल-ढाल, उनका स्टाइल तक पूर देश में कॉपी किया जाने लगा है। इसका एक उदाहारण बेंगलुरु में देखने को मिला, जहां युवा अभिनंदन जैसी मूंछें रखने लगे हैं।

बेंगलुरु के रहने वाले मोहम्मद चांद ने कहा कि मैं अभिनंदन का फैन हूं, हम उन्हें फॉलो करते हैं। मैं उनका स्टाइल पसंद करता हूं। वे असली हीरो हैं, मैं बहुत खुश हूं। मोहम्मद चांद उन लोगों में से हैं, जिन्होंने विंग कमांडर अभिनंदन की मूंछों का स्टाइल कॉपी किया है।

विंग कमांडर अभिनंदन का नाम 27 फरवरी को उस वक्त सुर्खियों में आया जब उन्होंने जम्मू-कश्मीर में भारतीय वायुसीमा में घुसे पाकिस्तानी विमानों को मिग-21 से मुंहतोड़ जवाब दिया था। कहा जाता है कि अभिनंदन ने मिग-21 से पाकिस्तान के एफ-16 पर निशाना लगाया था। इस दौरान एफ-16 को मार गिराया गया था। पाकिस्तनी विमानों के खिलाफ कार्रवाई के दौरान अभिनंदन का विमान ध्वस्त हो गया था। इस दौरान वे मिग-21 से इजेक्ट हो गए थे, और पाकिस्तान की सीमा में जा गिरे थे। जहां उन्हें पाकिस्तानी सेना ने अपनी हिरासत में ले लिया था। हालांकि भारत के दबाव के बाद शुक्रवार को पाकिस्तान ने विंग कमांडर अभिनंदन को छोड़ दिया था। उन्होंने पंजाब के वाघा बॉर्डर के रास्ते भारत में प्रवेश किया था। भारत लौटने के बाद उन्हें दिल्ली के आर्मी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।

छत्तीसगढ़: हिन्दू संगठनों का डाटा मंगाने पर घिरी कांग्रेस सरकार, भाजपा ने लगाया मुख्यमंत्री के पिता पर आरोप

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राज्य में जिला स्तर पर सभी हिन्दू संगठनों का डाटा मंगाने पर छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार घिरती नजर आ रही है। प्रदेश भाजपा ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पिता पर हमला बोलते हुए इस घटना के पीछे उनका हाथ होने की बात कही है। साथ ही राज्य सरकार के आधिकारिक फैसलों में मुख्ययमंत्री के परिवार के हस्तक्षेप का आरोप लगाते हुए, पूरे मामले की एसआईटी जांच करने की मांग की है। ऐसा नहीं होने पर प्रदेशभर में सरकार के खिलाफ आंदोलन करने की चेतावनी दी है। छत्तीसगढ़ भाजपा ने रविवार को सोशल मीडिया ट्वीटर पर ट्वीट करते हुए लिखा है, “इस पत्र को देखें भूपेश बघेल जी। अगर शासन के अधिकृत आदेश के बिना हिंदू संगठनों की जानकारी इकट्ठा की जा रही थी, तब तो और गम्भीर मामला है। जिलों में एसपी ने सीएम के पिता के मौखिक आदेश पर तो यह कारवाई नहीं की थी? भाजपा इस मामले पर एसआइटी जांच की मांग करती है।” दूसरे ट्वीट में लिखा है, “यह सवाल इसलिए है क्योंकि सीएम के रिश्तेदारों का दख़ल बढ़ने सम्बंधी ख़बरें मीडिया में आयी हैं और सीनियर बघेल लगातार हिंदू विरोधी कृत्य में सक्रिय रहते हैं। क्या इस पर एसआईटी गठन करेंगे सर?” राज्य की कांग्रेस सरकार द्वारा 15 फरवरी को प्रदेशभर के सभी जिलों के एसपी को दिए गए निर्देश में उनके जिलों में सभी हिन्दूवादी संगठनों के नाम, जिला अध्यक्षों के नाम, राजनीतिक पार्टी से संबंद्धता की जानकारी, समाज में उसका प्रभाव तथा संगठन का उद्देश्य और संगठन की सभी तरह की गतिविधियों की जानकारी मांगी गई है। इस घटना के बाद से ही भाजपा लगातार कांग्रेस सरकार के खिलाफ हमलावर हो रही है।

राज्य सरकार द्वारा हिंदू संगठनों का डाटा मंगाए जाने की बात पर बीजेपी ने ट्वीटर पर मोर्चा खोलते हुए लिखा है कि राज्य सरकार का यह कदम घोर असंवैधानिक और सांप्रदायिक कदम है। भाजपा ने ट्वीट कर पूछा है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल हिंदू संगठनों का डाटा आखिर क्यों इकठ्ठा कर रहे हैं। भाजपा ने सीएम से पूछा है कि डाटा क्या नक्सलियों/इस्लामी आतंकियों को बेचना चाहते हैं या सीधे पाकिस्तान को? या मतांतरण वाले समूहों के लिए ऐसा किया जा रहा है।

हालांकि एक दिन पहले ही इसका खुलासा हुआ। जिसके बाद सरकार ने यू टर्न लेते हुए ऐसे किसी आदेश से इंकार कर दिया है। जिसके बाद प्रदेश भाजपा ने आरोप लगाते हुए कांग्रेस सरकार से पूछा है कि अगर मुख्यमंत्री के आदेश से यह जारी नहीं किया गया है तो क्या मुख्यमंत्री के पिता के मौखिक आदेश पर यह किया जा रहा है। भाजपा ने एक दिन पहले इस घटना के खुलासा होने पर सरकार द्वारा हिन्दू संगठनों पर चुनाव से पहले लगाम लगाने की बात कही थी।

भाजपा ने आरोप लगाया था कि राज्य सरकार हिन्दू संगठनों की जानकारी इसलिए मंगा रही है ताकि लोकसभा चुनाव से पहले संगठनों पर कार्रवाई कर उन्हें अपने पक्ष में किया जा सके या भाजपा के खिलाफ उनका इस्तेमाल किया जा सके। वहीं दूसरी तरफ, रायपुर भाजपा प्रवक्ता संजय श्रीवास्तव ने इस मामले में कहा कि बार-बार चेतावनी देने के बावजूद प्रदेश सरकार हिंदू विरोधी आदेश को वापस लेने की कोई पहल नहीं कर रही है। वह अब भी हिंदू संगठनों के आंकड़ा इकट्ठा करने का आपराधिक कृत्य करने पर अड़ी है। ऐसे में पार्टी के पास जबरदस्त आंदोलन छेड़ने के अलावा और कोई विकल्प नहीं है।

प्रधानमंत्री मोदी बोले दुश्मन का फन कुचलने में सक्षम है आज का भारत

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मोदी बिहार में आयोजित राजग की ‘संकल्प रैली’ को संबोधित करने पटना पहुंचे हुए हैं। भाषण शुरू करने से पहले प्रधानमंत्री ने भारत माता का जयकारा लगाया।

पीएम ने कहा कि बिहार के लिए एनडीए सरकार ने कई लाभकारी योजनाएं चलाई हैं। यहां सरकार बच्चों को पढ़ाई के साथ युवा को कमाई से लेकर बुजुर्गों को दवाई, किसान को सिंचाई और जन-जन की सुनवाई तक के लिए काम किया जा रहा है।

पीएम मोदी कांग्रेस पर निशाना साधना भी नहीं भूले। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सेना का मनोबल गिरा रही है। उन्होंने कहा कि देश में आज अगर ‘महा मिलावट’ वाली सरकार होती तो न बड़े फैसले लिए जाते और न ही गरीबो के लिए कल्याणकारी योजनाएं चलाई जाती। उन्होंने कहा कि चौकीदार को गाली देने की साजिश चल रही है लेकिन आप विश्वास रखिए, आपका चौकीदार हर तरीके से चौकन्ना है।

बालोद: ये है वजह : IHSDP के तहत बने 174 मकानों के अलॉटमेंट पर लटका ताला

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छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में आईएचएसडीपी (इंटीग्रेटेड हाउसिंग एंड स्लम डेवलपमेंट प्रोग्राम) यानी झुग्गी मुक्त मलिन बस्ती विकास योजना के तहत बने 174 मकानों के अलॉटमेंट को लेकर मामला फिर से लटक गया है. फरवरी के अंतिम सप्ताह में सुनवाई की तारीख तय की गई थी, जिसकी सुनवाई न्यायालय में टल जाने के कारण एक बार यह योजना खटाई में पड़ गई है.

दरअसल, केंद्र सरकार द्वारा झुग्गी बस्तियों में रहने वाले लोगों के व्यवस्थापन को लेकर आईएचएसडीपी योजना के तहत वर्ष 2007 से नगर पालिका द्वारा 174 मकानों का निर्माण किया गया था. वहीं मकान निर्माण होने के बाद करीब 116 मकानों के आवंटन पूरा होने के बाद इस पर आपत्ति दर्ज करा दी गई. इस चलते मामला न्यायालय में लंबित होने से आज तक इन मकानों का आवंटन नहीं किया जा सका. मकानों की स्थिति अब जर्जर होने लगी है. मामले की जानकारी बालोद नगर पालिका के मुख्य अधिकारी रोहित साहू ने दी है.

शासन द्वारा बनाए गए गरीबों के निवास को लेकर मकान निर्माण कार्य पिछले 12 वर्षों से लंबित है, जिसे लेकर स्थानीय प्रशासन द्वारा किसी प्रकार की गंभीरता नहीं दिखाने के चलते मकान गरीबों को मिलने से पहले ही जर्जर होने लगे हैं. यही वजह है कि शासन की इस महत्वाकांक्षी योजना का लाभ गरीबों को नहीं मिल पा रही है.

SP को नोटिस जारी, पुलिस आधी रात को राह चलते लोगों के खींच रही फोटो

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छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में रात के समय सड़कों पर चलने वाले लोगों को संदिग्ध मानकर पुलिस द्वारा फोटो खींचने के मामले में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने एसपी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. पुलिस की इस तरह के कृत्य को निजता का हनन करने का मामला माना जा रहा है. यही वजह है कि विधिक सेवा प्राधिकरण ने इस मामले में एसपी आरिफ शेख को नोटिस जारी किया है. दरअसल, पुलिस द्वारा आधी रात के बाद निकलने वाले लोगों को संदिग्ध मानकर उनसे पहचान पत्र मांगी जा रही है. इसके साथ ही उनकी फोटो भी खींची जा रही है, जिसे लेकर आम लोगों ने भी एतराज जताया है.