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छत्तीसगढ़ के खाद्य मंत्री मोहम्मद अबकर बोले- छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने जो कहा सो किया, दो माह में आधा से ज्यादा वादा पूरा किया

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खाद्य, वन, परिवहन तथा आवास एवं पर्यावरण मंत्री मोहम्मद अकबर ने आज कवर्धा जिले में प्रवास के दौरान बिरकोना मेंश्यामा प्रसाद मुखर्जी  रूर्बनकलस्टर केन्द्र   नरवा, गरूवा, घुरवा और बाड़ी योजना का शुभारंभ किया। इसके तहत जिले के 75 ग्राम पंचायतों में गौठान विकास के साथ ही बिरकोना मेंगौठान निर्माण कार्य और कृषक सूचना केन्द्र का भूमिपूजन तथा दो नवीन आंगनबाड़ी भवन एवं यात्री प्रतिक्षालय का लोकार्पण किया। इनमें 10 करोड़ 51लाख 72 हजार रूपये के भूमिपूजन और 17 लाख 90 हजार रूपये के लोकार्पण शामिल है। श्री अकबर ने विभिन्न योजनाओं के तहत धनादेश चेक,सामाजिक सुरक्षा पेंशन, राशन कार्ड, स्प्रिंकलर एवं किसानों को ऋण माफी प्रमाण पत्र वितरित किया।

खाद्य मंत्री श्री अकबर ने अपने संबोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल हिम्मतवाले है, उन्होंने जो वादे किये थे उनमें से आधे सेज्यादा वादे दो माह में पूरे कर दिये है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने पद की शपथ लेने के दो घंटे के भीतर प्रदेश के किसानों का 10 हजार दो सौ करोड़ रूपयेका कर्ज माफी किया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने अपने वादे के मुताबिक किसानों से समर्थन मूल्य पर 25 सौ रूपये क्विंटल में निर्धारित लक्ष्य से ज्यादाधान खरीदा। उन्होंने बताया कि किसानों से 80 लाख 37 हजार क्विंटल धान खरीदा गया तथा किसानों को 20 हजार करोड़ रूपये का भुगतान किया गया।श्री अकबर ने कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत हर परिवार को 35 किलो चावल देने के वादे पर राशन कार्डो का युक्तियुक्तकरण किया जा रहाहै, किसी का चावल कम नहीं होगा इसके लिए वन विभाग की बजट में कटौती कर चावल वितरण योजना के लिए चार हजार आठ सौ करोड़ रूपये का बजटप्रावधान किया गया है। श्री अकबर ने पांच डिसमिल से कम जमीन की रजिस्ट्री पर लगी रोक हटाने, किसानों को अपनी सुविधा और मर्जी के अनुसार बोरखनन के लिए बोर खनन पर लगी प्रतिबंध को हटाने, पंडरिया तहसील में 83 गांवों में जमीन की खरीद ब्रिक्री पर लगी रोक हटाने, बस्तर क्षेत्र में टाटाकंपनी से किसानों का जमीन वापस दिलाने, तेंदूपत्ता पारिश्रमिक ढाई हजार रूपये प्रति मानक बोरा से बढ़कार चार हजार रूपये किया गया है। श्री अकबरने राज्य सरकार की प्राथमिकता वाली योजना नरवा, गरूवा, घुरवा और बाड़ी योजना के उद्देश्य पर भी प्रकाश डाला। इस अवसर पर पंडरिया विधानसभाक्षेत्र की विधायक श्रीमती ममता चंद्राकर ने भी राज्य सरकार की उपलब्धियों के बारे में बताया।

समारोह में छत्तीसगढ़ महिला कोष के सक्षम योजना के तहत ग्राम मानिकचौरी की जय मां संतोषी एवं जय मां कर्मा महिला स्वसहायता समूह को 50-50हजार रूपये और ग्राम बिरकोना की सत्यम महिला स्वसहायता समूह को 50 हजार रूपये का चेक वितरित किया गया। ग्राम कोठार के पांच किसानों कोस्प्रिंकलर, बिरकोना, धरमपुरा, मानिकचौरी, खैरझिटी, इंदौरी, जिंदा एवं झिरौनी के किसानों को ऋण माफी प्रमाण पत्र तथा सामाजिक सहायताकार्यक्रम के तहत पेंशन राशि का चेक एवं सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत राशन कार्ड वितरित किये गये। इस अवसर पर जिला पंचायत के सीईओ श्रीकुंदन कुमार, पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेंद सिंह,  सहित बड़ी संख्या में किसान एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे।

भारतीय मूल की गरिमा अरोड़ा चुनी गईं एशिया की सर्वश्रेष्ठ शेफ

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 गरिमा ने मुंबई के एक कॉलेज से पढ़ाई की है। कुकिंग स्किल्स बढ़ाने के लिए वे पेरिस चली गईं। उन्होंने कई देशों में नामी रेस्त्रां में काम किया है। गरिमा सेलेब्रिटी शेफ गॉर्डन रामसे के साथ काम कर चुकी हैं। उनके रेस्त्रां को विश्व के सर्वश्रेष्ठ रेस्त्रां का अवॉर्ड मिशेलिन स्टार भी मिल चुका है।

कांग्रेस के गढ़ अमेठी में गांधी परिवार को हराने की कोशिश में लगी बीजेपी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज कांग्रेस का गढ़ कहे जाने वाले अमेठी संसदीय क्षेत्र में कई योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे.

इसके अलावा वहां एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे. रायबरेली के बाद मोदी अब कांग्रेस के दूसरे सबसे अहम गढ़ का रुख़ कर रहे हैं. कार्यक्रम की तैयारियों का जायज़ा लेने के लिए केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी शनिवार को ही अमेठी पहुंच गईं हैं.

बीजेपी ने अभी ये घोषणा नहीं की है कि अमेठी से स्मृति ईरानी ही पार्टी की उम्मीदवार होंगी लेकिन माना यही जा रहा है.

स्मृति ईरानी पिछला लोकसभा चुनाव कांग्रेस उम्मीदवार राहुल गांधी से एक लाख से अधिक वोटों से हार गईं थीं, बावजूद इसके वो अमेठी का लगातार दौरा करती रही हैं और लोगों से संवाद करती रही हैं.

पिछले दिनों अमेठी से हज़ारों लोगों को कुंभ दर्शन कराने के लिए स्मृति ईरानी की ओर से मुफ़्त में बसों की व्यवस्था की गई थी.

सरकारी योजनाओं का लाभ अमेठी वालों को मिले, स्मृति ईरानी की कोशिश इन सबमें विशेष तौर पर होती है और बीजेपी वालों की मानें तो कई योजनाओं को अमेठी के लिए स्वीकृत कराने में भी उन्हीं की ख़ासी भूमिका रही है.

बीजेपी के ज़िलाध्यक्ष दुर्गेश त्रिपाठी कहते हैं कि स्मृति ईरानी के यही सब काम हैं जिनकी बदौलत हम 2019 में चुनाव जीतने जा रहे हैं.

वो कहते हैं, “केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के चलते हम एक-एक परिवार के चूल्हे तक पहुंच चुके हैं. उज्ज्वला योजना का लाभ जिन्हें मिला है वो बीजेपी को भूल नहीं सकते. स्मृति दीदी दीपावली पर लोगों को उपहार बांटती हैं, हरिद्वार और कुंभ की यात्रा कराती हैं, कुम्हारों को उन्होंने चाक बांटे हैं, लोगों को मधुमक्खी पालन से जोड़ा है. उन्होंने अमेठी को परिवार की तरह देखा है, इसलिए अमेठी भी अब उन्हें अपना मान रहा है.”

दरअसल, स्मृति ईरानी अमेठी के लोगों के लिए हर वह काम करने की कोशिश करती हैं जिनसे राहुल गांधी या गांधी परिवार की अहमियत को नकारा जा सके. काम करने के बाद इस बात का एहसास भी कराती रहती हैं.

अमेठी में यदि राहुल गांधी की ओर से वॉलीबॉल किट बांटे गए तो स्मृति ईरानी ने क्रिकेट प्रतियोगिता कराईं. स्मृति ईरानी ने अमेठी के हज़ारों लोगों को प्रयागराज में कुंभ मेला तक भेजने के लिए बसों की व्यवस्था कराई.

स्थानीय पत्रकार असग़र हैं, “बीजेपी का दावा है कि एक साल में योगी-मोदी की सरकार के चलते अमेठी में 22 हज़ार मकान बने, 123 आंगनबाड़ी केंद्र बने, 550 ग्राम पंचायतों में अंत्योदय योजना के तहत 1 लाख 70 हज़ार लोगों का कार्ड बनाया गया. स्मृति ईरानी ने 100 कुम्हारों को इलेक्ट्रिक चाक और 50 मधुमक्खी पालकों को 500 मधुमक्खी बक्सों का वितरण किया. ये ऐसे काम हैं जिससे बीजेपी ने लोगों के घर तक पहुंचने और उन्हें बीजेपी से जोड़ने की कोशिश की है.”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज अमेठी में क़रीब 5 हजार करोड़ रुपये की 17 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे. निश्चित तौर पर इसके साथ प्रधानमंत्री एक बार फिर उस बात की चर्चा करेंगे कि पिछले ‘साठ-सत्तर साल में कांग्रेस पार्टी ने कुछ नहीं किया है’. लेकिन कांग्रेस पार्टी का कहना है लोकार्पित होने वाली योजनाएं वही हैं जिन्हें यूपीए सरकार ने शुरू किया था.

पार्टी नेता चंद्रकात दुबे कहते ,”राहुल जी ने जो भी योजनाएं यहां स्वीकृत कराईं वो दीर्घकालिक और अमेठी के समग्र विकास पर केंद्रित थीं. इन योजनाओं का लाभ यहां के लोगों को न मिले, इसलिए उन्हें रोककर रखा गया था और चुनाव से पहले अब उनका शिलान्यास करकर इसका राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है.”

अमेठी को कांग्रेस का गढ़ कहा जाता है, इसलिए कि कांग्रेस पार्टी यहां से सिर्फ़ दो बार चुनाव हारी है. एक बार 1977 में जब यहां से लोकदल उम्मीदवार ने रवींद्र प्रताप सिंह ने अपना पहला चुनाव लड़ रहे संजय गांधी को हराया और दूसरी बार 1998 में, जब बीजेपी उम्मीदवार संजय सिंह ने कांग्रेस के कैप्टन सतीश शर्मा को हराया.

इन दो मौकों को छोड़कर उप-चुनाव और आम चुनाव मिलाकर कांग्रेस पार्टी ने इस सीट पर 13 बार जीत दर्ज की है और गांधी परिवार का कोई भी सदस्य हमेशा बड़े अंतर से चुनाव जीतता रहा है. स्मृति ईरानी मोदी लहर में भी एक लाख से ज़्यादा वोटों से हारी थीं. ऐसे में सवाल उठता है कि बीजेपी जो कोशिशें कर रही है, क्या इस बार वो उसे ये सीट दिला पाने में क़ामयाब होंगी.

वरिष्ठ पत्रकार अमिता वर्मा कहती हैं, “अमेठी में लोग ख़ुद को गांधी परिवार की सीट का मतदाता समझने में गर्व का अनुभव करते हैं. उन्हें लगता है कि इस सीट से बाहर उनकी एक अलग पहचान है. दूसरे, अमेठी में विकास कम हुआ हो या ज़्यादा, लेकिन जो कुछ भी हुआ है, उसका श्रेय गांधी परिवार को ही जाता है. पांच साल में एनडीए सरकार ने कोई ऐसी उपलब्धि वहां नहीं हासिल की, जिसकी तुलना में लोग इन कार्यों को भूल जाएं. ऐसे में गांधी परिवार के किसी सदस्य की मौजूदगी में कोई और चुनाव जीत जाए, इसकी उम्मीद कम ही है.”

अमेठी के वरिष्ठ लोगों का कहना है कि राजीव गांधी और उसके बाद सोनिया गांधी की पहुंच घर-घर थी. राजीव गांधी तो तमाम लोगों को नाम से जानते थे और अक़्सर गांवों के दौरे पर निकल जाते थे. यही नहीं, दिल्ली में अमेठी वासियों की समस्याओं की सुनवाई और उनके समाधान की विशेष व्यवस्था होती थी.

स्थानीय लोगों के मुताबिक़, राहुल गांधी के जनसंपर्क का तरीक़ा उससे अलग है. वहीं स्मृति ईरानी और बीजेपी ने भी लगभग उसी तरीक़े से अमेठी के लोगों में पैठ बनाने की कोशिश की है, जो कभी गांधी परिवार किया करता था.

जानकारों के मुताबिक, स्मृति ईरानी चुनाव हारने के बावजूद अमेठी का लगातार दौरा इसलिए भी करती रही हैं ताकि पार्टी के भीतर भी वो ये महसूस करा सकें कि उनके अलावा यहां कोई और दावेदारी पेश करने वाला नहीं है. पार्टी अध्यक्ष अमित शाह के बाद अब प्रधानमंत्री मोदी को भी यहां लाकर ये संदेश भी देने में क़ामयाब हो जाएंगी कि पार्टी आलाकमान का भी वरद हस्त उनके साथ है.

भारत ने PoK में तबाह किए उसके आतंकी कैंप, जैश-ए-मोहम्‍मद ने माना

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पाकिस्‍तान अधिकृत कश्‍मीर (पीओके) में 26 फरवरी को भारतीय सेना की ओर से आतंकी कैंपों पर की गई एयर स्‍ट्राइक को भले ही पाकिस्‍तान मानने से इनकार कर रहा हो. लेकिन खुद आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्‍मद ने एक कथित ऑडियो जारी करके इस बात की पुष्टि की है कि भारतीय वायुसेना ने एयर स्‍ट्राइक में उसके आतंकी कैंपों को तबाह किया है. हालांकि ज़ी न्‍यूज इस ऑडियो की पुष्टि नहीं करता है.

आतंकी संगठन की ओर से जारी किए गए कथित ऑडियो में सुना जा सकता है, ‘जहां हम जिहाद करते हैं, वहां हमला हुआ है.’ बता दें कि भारतीय वायुसेना ने 26 फरवरी को पीओके में 12 मिराज लड़ाकू विमानों के जरिये जैश-ए-मोहम्‍मद के आतंकी ठिकानों पर 1 हजार किग्रा बमबारी की थी. इसमें बड़ी संख्‍या में आतंकी संगठन और आतंकी मारे गए.

बता दें कि पुलवामा आतंकी हमले के बाद 26 फरवरी को भारतीय वायुसेना की ओर से पाकिस्‍तान में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्‍मद के ठिकानों पर की गई एयर स्‍ट्राइक के सबूतों को लेकर सूत्रों के हवाले से शनिवार को बड़ी खबर सामने आई थी. रक्षा विभाग के सूत्रों के मुताबिक पाकिस्‍तान अधिकृत कश्‍मीर (पीओके) में जैश के आतंकी ठिकानों पर एयर स्ट्राइक के पर्याप्त सबूत सेना के पास हैं. इमेज विशेषज्ञों के एयर स्ट्राइक के टारगेट पर सटीक वार को लेकर सवाल उठाने के बाद सेना के एक सूत्र ने यह जानकारी दी. एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सरकार तस्वीरों को जारी करने पर फैसला ले सकती है.

पीओके में जैश के आतंकी ठिकानों पर एयर स्ट्राइक को लेकर रक्षा विभाग ने शुक्रवार को कहा था कि डिफेंस विभाग के पास इससे जुड़े साक्ष्य मौजूद हैं. रक्षा विभाग का कहना है कि उनके पास सिंथेटिक अपर्रचर रडार तस्वीरें हैं, जिनसे रडार के ठिकानों पर शक्तिशाली अटैक को साबित किया जा सकता है. इस प्रमाण को जारी करने का फैसला अब सरकार के हाथ में है.

बता दें कि 14 फरवरी को पाकिस्‍तान समर्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्‍मद ने जम्‍मू-कश्‍मीर के पुलवामा में आतंकी हमला अंजाम दिया था. इसमें सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हुए थे. इसके बाद भारतीय वायुसेना ने 12 मिराज लड़ाकू विमान के जरिये 26 फरवरी की अलसुबह पीओके में घुसकर जैश के आतंकी ठिकानों को तबाह किया था. पाकिस्‍तान ने भी भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों के पीओके में घुसने की बात कुबूली थी. पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ गफूर ने भी ट्वीट कर भारतीय एयरफोर्स के LOC क्रॉस करने की बात कबूल की थी. हालांकि पाकिस्तान ने तबाही पर चुप्पी साध ली है.

जैश का यह कुबूलनामा उन लोगों के लिए भी बड़ी बात है जो केंद्र सरकार से इस एयर स्‍ट्राइक में तबाह आतंकी कैंपों के सबूत मांगे थे. बता दें कि तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार से भारतीय वायुसेना की एयर स्‍ट्राइक में तबाह आतंकी कैंपों से संबंधित सुबूत भी मांगे थे. वहीं कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने भी कहा है कि हम इस सैन्‍य ऑपरेशन पर सवाल नहीं उठा रहे. लेकिन यह तकनीकी समय है और सैटेलाइट तस्‍वीरें लेना संभव है. जैसे अमेरिका ने ओसामा को मारने का पुख्‍ता सबूत दिया था, वैसे हम भी एयर स्‍ट्राइक को लेकर कर सकते हैं.

कीमत जानकर उड़ जाएंगे आपके होश, नवाब खानदान के इस तोता की

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पक्षी प्रेम की आपने बहुत कहानियां सुनी और पढ़ी होंगी। आज हम आपको एक ऐसे परिवार के बारे में बताने जा रहे है, जो एक तोते को लेकर परेशान है। तोता उनके परिवार के सदस्य की तरह था।

लेकिन वह अचानक गुम हो गया। तोते को गुम होने के बाद रामपुर का नवाब खानदान दुखी है। वहीं तलाशने वाले को इनाम देने का ऐलान किया है। रिपोर्ट के अनुसारनवाब खानदान की तरफ से शहर में एनाउसमेंट कराकर तोते को तलाशा जा रहा है।

तोते की जानकारी देने वाले को 10 हज़ार और खोज कर लाने वाले को 20 हज़ार रुपये का इनाम देने की घोषणा की गई है। रामपुर के नवाब खानदान से ताल्लुक रखने वाली सनम खान ने तोते की खोज में शहर में घर-घर जाकर खुद पम्पलेट बांट रही हैं, साथ ही सार्वजनिक जगहों पर चस्पा भी कर रही हैं। तोता न मिलने की वजह से पूरा परिवार सदमे में है। सनम खान ने बताया कि तोते के जाने के बाद से परिवार के लोग खाना भी नहीं खा रहे है। दिन निकलने के साथ ही तोते को खोजने शुरू कर दिया जाता है। यह सिलसिला सूरज ढलने तक चलता है। उन्होंने बताया कि तोते को खोजने के लिए कई मजारों पर भी जाकर दुआ मांगी जा रही है।

सनम खान ने बताया कि 2010 में मार्केट से बच्चा लेकर आए थे। तोते से इस कदर लगाव हुआ कि उसके खाने पीने और सोने जागने से लेकर गर्मी सर्दी के मौसम में रहने के लिए बेहतर इंजताम किए हुए थे।

सर्दी में तोते के लिए रुम हीटर तक लगवाया गया था। छत के ऊपर उसका स्टैंड बना हुआ था। दो सप्ताह पहले कटरा जलालुद्दीन में पिंजरा खुलने की वजह से उड़ गया। उसे आस-पास खोजा गया, लेकिन कोई सुराग नहीं लगा।

‘कैसे बीते पाकिस्तान में 60 घंटे’, विंग कमांडर अभिनंदन ने किया खुलासा

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पाकिस्तानी विमानों द्वारा भारतीय वायु सीमा के उल्लंघन के दौरान अदम्य वीरता का प्रदर्शन करने वाले विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान शुक्रवार (1 मार्च) रात को पाकिस्तान से स्वदेश वापस लौट आए. 60 घंटे से ज्‍यादा पाकिस्‍तान में रहकर भारत लौटे विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान का शनिवार को दिल्‍ली के सैन्य अस्‍पताल में चेकअप किया गया. उन्‍हें चार दिन तक यहीं रखा जाएगा. इस बीच न्यूज एजेंसी एएनआई ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि विंग कमांडर ने अधिकारियों को सूचित किया है कि उन्हें पाकिस्तान में शारीरिक रूप से प्रताड़ित नहीं किया गया था, लेकिन इस दौरान वह काफी मानसिक प्रताड़ना से गुजरे हैं.

विंग कमांडर अभिनंदन से शनिवार को रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने मुलाकात की थी. इस मौके पर उनके साथ दूसरे सैन्‍य अधिकारी भी मौजूद थे. इससे पहले विंग कमांडर अभिनंदन से वायुसेना प्रमुख बीएस धनोआ ने भी मुलाकात की थी. इस दौरान सीतारमण ने अभिनंदन के परिवार से भी मुलाकात की. सीतारमण ने विंग कमांडर की पत्नी और बेटे से काफी देर तक बात की.

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रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान से मुलाकात की और उनसे कहा कि समूचे राष्ट्र को उनके साहस एवं दृढ़ता पर गर्व है. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. भारतीय वायुसेना के एक मेडिकल संस्थान में हुई मुलाकात के दौरान, समझा जाता है कि अभिनंदन ने पाकिस्तान की गिरफ्त में करीब 60 घंटे रहने के बारे में रक्षा मंत्री को विस्तार से बताया.

अभिनंदन शुक्रवार देर शाम अटारी-वाघा सीमा होते हुए भारत पहुंचे और इसके करीब ढाई घंटे बाद रात करीब पौने 12 बजे वह वायुसेना के एक विमान से नयी दिल्ली पहुंचे. उनके भारतीय सीमा में प्रवेश करने पर यह पाया गया कि उनकी दायीं आंख के पास सूजन है. एयर फोर्स सेंट्रल मेडिकल एस्टैबलिशमेंट (एएफसीएमई) में अभी उनकी मेडिकल जांच चल रही है.

अभिनंदन के भारत लौटने के बाद दिल्‍ली के सैन्‍य अस्‍पताल में उनका मेडिकल चेकअप चल रहा है. इस दौरान डॉक्‍टरों की एक टीम उनकी निगरानी करेगी. शनिवार सुबह वायुसेना प्रमुख बीएस धनोआ ने विंग कमांडर अभिनंदन से मुलाकात की है. इस दौरान अभिनंदन ने उनसे पाकिस्‍तान में उनकी हिरासत से संबंधी कुछ बातें साझा की हैं. विंग कमांडर को एयरफोर्स ऑफिसर्स मेस में ठहराया गया है.

गौरतलब है कि उन्हें पाकिस्तानी अधिकारियों ने 27 फरवरी को पकड़ लिया था. दरअसल, पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों के साथ हुई एक झड़प के दौरान उनका मिग 21 गिर गया था. लेकिन उन्होंने अपने विमान के गिरने से पहले पाकिस्तानी वायुसेना के एफ – 16 को मार गिराया था.

सिलसिलेवार तरीके से ली जाएगी जानकारी
सुरक्षा कारणों से भारतीय सुरक्षा अधिकारियों द्वारा अभिनंदन से पाकिस्‍तान में हुई तमाम घटनाओं की सिलसिलेवार जानकारी ली जाएगी. ये जानकारी बेहद जरूरी होती है. इस पूछताछ के दौरान अधिकारी इस बात को जानने की कोशिश करेंगे कि कहीं दवाब में लेकर पाकिस्‍तान ने भारत को नुकसान पहुंचाने वाली किसी चीज की जानकारी हासिल तो नहीं कर ली है.

अभिनंदन की दोबारा तैनाती कब?
इसके बाद देखा जाएगा कि विंग कमांडर अभिनंदन शारीरिक और मानसिक रूप से पूरी तरह से फिट हुए या नहीं? सेवा के लिए फिट होते ही दोबारा उनकी उपयुक्त जगह पर तैनाती कर दी जाएगी. हालांकि ऐसे मामलों के बाद इस बात के आसार बेहद कम रहते हैं कि ठीक वही जिम्मेदारी उन्हें दोबारा दी जाए.

लगातार तीसरे दिन भी बना वर्ल्ड रिकॉर्ड, कुंभ में एक साथ 10 हजार लोगों ने झाड़ू से की सफाई

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उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में चल रहे कुंभ मेले के नाम विश्व रिकॉर्ड कायम होने का क्रम जारी है। शनिवार को एक साथ 10 हजार लोगों ने एक साथ कुंभ क्षेत्र में झाड़ू लगाकर नया विश्व रिकॉर्ड बनाया। गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के अधिकारियों की मौजूदगी में सुबह इस कार्यक्रम की शुरुआत उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ ने की। उनके साथ कई विधायक, मेयर, कमिश्नर समेत विशिष्ठ लोग व नागरिक शामिल रहे।

10 हजार लोगों ने लगाई झाड़ू

फिलहाल इस उपलब्धि के साथ कुंभ के नाम यह लगातार तीसरे दिन तीसरा विश्व रिकॉर्ड कायम हुआ है। इससे पहले गुरुवार को 510 बसों को एक साथ चलाने, फिर शुक्रवार को 7 हजार से अधिक लोगों द्वारा पेंटिंग बनाने का विश्वकीर्तिमान रचा गया था। अब उसी क्रम में स्वच्छ कुंभ का संदेश पूरी दुनिया में पहुंचाने के लिये 10 हजार सफाई कर्मी व अन्य लोगों द्वारा एक साथ झाड़ू लगाकर यह नया कीर्तिमान स्थाति किया गया। तीनों रिकॉर्ड गिनीज बुक ऑफ विश्व रिकॉर्ड में अपना नाम अंकित कराने में सफल रहे हैं। विश्व रिकॉर्ड बनने के बाद जत्साहित सफाई कर्मियों ने हाथों में झाड़ू लहराकर अपनी खुशी व्यक्त की और प्रयागराज के जयकारे लगाकर एक दूसरे को बधाई दी।

 

तीन दिन, तीन विश्व रिकॉर्ड

प्रयागराज के कुंभ मेले को यादगार बनाने के लिये इस बार योगी सरकार ने विशेष व्यवस्थाएं लागू की थी, जिनमें पेंट माई सिटी के तहत पूरे शहर की दीवालों को रंगा गया था। फिर कुंभ की विशेष शटल बसों से यात्रियों को फ्री में बस सेवा उपलब्ध करायी गयी थी। साथ ही स्वस्थ्या के लिये 10 हजार से अधिक सफाईकर्तियों की तैनाती कुंभ मेला क्षेत्र में की गयी थी। इस व्यवस्थाओं को ऐतिहासिकता प्रदान करने के लिए सरकार की पहल पर विश्व रिकार्ड बनाने का प्लान तैयार किया गया। जिसके क्रम में पिछले तीन दिनों से विश्व कीर्तिमान स्थापित करने का क्रम जारी है।

 

510 बसों ने बनाया बर्ल्ड रिकॉर्ड

बीते गुरुवार को 510 कुंभ बसों को एक साथ एक रूट पर कतारबद्ध दौड़ाया गया, जिससे यूएई का रिकार्ड टूटा और कुंभ के नाम दर्ज हुआ। शुक्रवार को एक साथ 7664 लोगों ने हस्थ पेटिंग कर सियोल का विश्व रिकार्ड तोड़कर अपने नाम किया और आज 10 हजार सफाईकर्मियों ने एक साथ झाडू लगातार सबसे अधिक संख्या और एक विशेष क्षेत्र की सफाई कर नया विश्व कीर्तिमान बना दिया है।

छत्तीसगढ़ : जब तहसीलदार को दूसरे रास्ते से जाना पड़ा कॉलेज

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शासकीय पी.जी.कॉलेज प्रशासन द्वारा आम रास्ता अवरूद्ध करने के कारण आवाजाही में आम नागरिकों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जिला प्रशासन के ढुलमुल रवैये से नाराज नागरिकों ने शनिवार को जोधापुर के तरफ से आने वाले मार्ग में सतनामी समाज के भवन के पास धरना प्रदर्शन और मार्ग अवरुद्ध कर कॉलेज प्रशासन हाय हाय के नारे लगाए। लोगों ने कहा कि जब तक इस मार्ग को नहीं खोला जाता तब तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। बाबू छोटे लाल श्रीवास्तव पीजी कॉलेज द्वारा आम नागरिकों के मार्ग को अपनी जमीन बता कर रोड ब्लॉक करने से अब नागरिक अब परेशान हो गए हैं। यहां के रहवासियों ने जिला प्रशासन से कॉलेज मार्ग को पूर्व की तरह खुलवाने कई बार गुहार लगा चुके हैं, पर इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा। परेशानी के चलते स्थानीय पंचवटी कॉलोनी के रहवासियों को काफी दिक्कत हो रही है। शनिवार को वार्ड वासियों ने सड़क जाम कर कॉलेज और जिला प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए। इस दौरान किसी कार्य को लेकर तहसीलदार रजनी भगत को कॉलेज की ओर जाना पड़ा। वार्डवासियों ने विरोध कर उन्हें भी जाने नहीं दिया।

नाराज लोगों ने कहा कि जब तक मार्ग नहीं खुल जाता, तब तक हमारा आंदोलन जारी रहेगा। मायूस और नाराज तहसीलदार को दूसरे मार्ग से कॉलेज तक जाना पड़ा। प्रदर्शन कारियों ने कहा कि मार्ग के अवरूद्ध किए जाने से रत्नाबांधा रोड होते हुए पांच-छह किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। इसके चलते कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

जल्द से जल्द यह मार्ग खोला जाए। प्रदर्शन करने वालों में राकेश साहू, रेवती साहू, मीना साहू ,जागो बाई, राधिका साहू, बिंदा बाई साहू, बासन साहू सहित काफी बड़ी संख्या में लोग शामिल थे। सभी वर्ग के लोग हो रहे परेशान मालूम हो कि 27 एकड़ की जमीन कॉलेज प्रशासन को आवंटित होने के पूर्व से ही इस मार्ग का उपयोग लोग वर्षों से कर रहे हैं।आम रास्ता होने के कारण रत्नाबांधा, पंचवटी कॉलोनी की तरफ से सड़क का निर्माण, लोक निर्माण विभाग और जोधापुर की तरफ की सड़क का निर्माण नगर निगम धमतरी द्वारा किया गया है। इस मार्ग से हजारों ग्रामीण, श्रमिक, सब्जी मंडी में जाने वाले छोटे किसान कर्मचारी व छात्र सभी परेशान हो रहे हैं।

शहर के भीड़-भाड़ वाले स्थान से बचने व ट्रैफिक जाम से बचाव के लिए वैकल्पिक मार्ग के रूप में इस रास्ते का उपयोग किया जाता रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी सोरिद, जोधापुर केन एकेडमी स्कूल, शिशु मंदिर, मॉडल स्कूल जाने वाले विद्यार्थियों को हो रही है। एक किलोमीटर की दूरी के स्थान पर छः से सात किलोमीटर की दूरी तय कर के स्कूल जाना पड़ रहा है। इसके पूर्व भी कालेज प्रशासन व कलेक्ट्रेट में ज्ञापन दिया जा चुका है। इसके बाद भी समस्या जस की तस बनी हुई है।

पाकिस्तान के विदेश मंत्री कुरैशी का बयान, अभिनंदन को किसी दबाव में नहीं छोड़ा गया

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पाकिस्तान ने शुक्रवार को विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान को भारत को सौंप दिया। पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने शनिवार को कहा कि इंडियन पायलट अभिनंदन वर्तमान को छोड़ने के लिए हम पर किसी तरह का दबाव नहीं डाला गया और ना ही हमें मजबूर किया गया। भारत का कहना है कि पाकिस्तान का फैसला जिनेवा संधि के अंतर्गत है। पुलवामा अटैक के बाद पाकिस्तान पर अमेरिका, यूएई और सऊदी अरब का दबाव था कि वो भारत के साथ तनाव कम करे और उस पर पायलट को छोड़े।

‘भारत को संदेश देना चाहते हैं’

बीबीसी उर्दू को दिए गए इंटरव्यू ने कुरैशी ने कहा कि हम भारत को संदेश देना चाहते थे कि हम उसके दुख को और अधिक नहीं बढ़ाना चाहते हैं। हम नहीं चाहते कि भारत के नागरिकों की हालत दयनीय हो। हम शांति चाहते हैं। अभिनंदन वर्तमान 60 घंटे बाद वापस लौटने पर स्वागत किया गया। मिग 21 के पायलट अभिनंदन का विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था और वो पाक की पकड़ में आ गए थे। कुरैशी ने इस बात को खारिज कर दिया कि अभिनंदन को दबाव में आकर या मजबूरी में रिहा किया गया।

 

‘बिना किसी दबाव के छोड़ा’

कुरैशी ने आगे कहा कि भारतीय पायलट को छोड़ने के लिए पाकिस्तान पर कोई दबाव नहीं था,ना ही कोई मजबूरी थी। जियो न्यूज ने पाक विदेश मंत्री के हवाले से कहा कि पाकिस्तान सरकार विरोधी तत्वों को देश या क्षेत्र की शांति को खतरे में डालने की इजाजत नहीं देगा। हम चरमपंथी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई करने की योजना बनाते हैं। भारत लगातार ये दोहराता है कि पाकिस्तान अपनी जमीन में आतंकवादी संगठनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे और हाल ही में उसने एक डोजियर सौंपा था, जिसमें पुलवामा आतंकी हमले में जैश-ए-मोहम्मद की भागीदारी की जानकारी और यूएन द्वारा प्रतिबंधित आतंकी संगठनों के शिविरो की जानकारी थी।

 

‘पाकिस्तान क्षेत्र को खतरे में नहीं डालना चाहता है’

कुरैशी ने कहा कि पाकिस्तान नहीं चाहता कि क्षेत्र की शांति में राजनातिक वजहों से खतरा ना आए।पाकिस्तान अतीत में नहीं जाना चाहता लेकिन यदि यह अतीत में गया तो हमें देखना होगा कि संसद पर, पठानकोट और उरी में हमले कैसे हुए तथा यह एक लंबी कहानी है उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत जैश-ए-मोहम्मद के खिलाफ सबूत सौंपे। उसके बाद एक्शन लिया जाएगा। कुरैशी ने स्वीकार किया था कि मसूद अजहर पाक में ही है और उसकी तबीयत खराब है। भारतीय वायुसेना के पायलट की रिहाई को तनाव दूर करने की दिशा में एक बड़े कदम के तौर पर देखा जा रहा है। गौरतलब है कि 14 फरवरी को जम्मू कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे। इसके बाद भारतीय वायुसेना ने जवाबी कार्रवाई करते हुए इस मंगलवार को बालाकोट में जैश के प्रशिक्षण शिविर पर बम गिराए थे। इसके अगले ही दिन बुधवार को पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों ने भारतीय हवाई क्षेत्र का उल्लंघन किया, जिसपर भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों से उनका टकराव हुआ। भारतीय अधिकारियों के मुताबिक अभिनंदन एक मिग 21 विमान को उड़ा रहे थे, जिसने पाकिस्तानी एफ-16 को गिराया था।

 

छत्तीसगढ़ : दूरस्थ अंचलों के हैण्डपंपों पर विशेष निगरानी रखे: गुरू रूद्रकुमार : लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के काम-काज की समीक्षा

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लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री गुरू रूद्रकुमार ने एक मार्च को राजधानी के नीरभवन में विभागीय काज-काज की समीक्षा की। मंत्री श्री रूद्रकुमार ने समीक्षा के दौरान ग्रीष्मकालीन पेयजल की संकट के निराकरण करने की तैयारी करने के आवश्यक निर्देश दिए। अधिकारियों को विभाग के हैण्डपंप, नलकूप और अन्य पेयजल से जुड़े मशीनों के देखरेख करने का कहा।
मंत्री श्री गुरू की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में निर्णय लिया गया कि ग्रीष्मकाल में समस्त बिगड़े हैण्डपंपों को चिन्हित कर सुधारने हेतु विशेष अभियान चलाया जाए। राज्य के सभी 27 जिलों में संधारण कार्य हेतु आवश्यक सामग्री जैसे-राइजर पाइप, स्पेयर पाटर््स, हैंडपंप सेट, सिंगल फेस के सबमर्सिबल पंप आदि की व्यवस्था अत्यावश्यक रूप से की जाए। साथ ही दूरस्थ अंचलों में ग्रीष्मकाल में पेयजल संकट वाले ग्रामों पर विशेष निगरानी रखी जाए।
श्री रूद्रकुमार ने विभाग के समस्त पेयजल योजनाओं के पूर्णतः हेतु समय-सीमा का कड़ाई से पालन करने के सख्त निर्देश दिए। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के मुख्य अभियंता श्री टी.जी. कोसरिया एवं राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में समीक्षा बैठक का आयोजन दो सत्रों में किया गया। प्रथम सत्र में समस्त जिलों के कार्यपालन अभियंता एवं द्वितीय सत्र में अधीक्षण अभियंता स्तर के अधिकारी उपस्थित थे।