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उद्योगों की मांग के अनुसार युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देंगे : कलेक्टर

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राजनांदगांव। जिले के युवाओं को उद्योगों की जरूरतों के मुताबिक कौशल विकास से जोड़ने और उनकी क्षमता को बढ़ाने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में एक अहम बैठक ली। इस बैठक में विभिन्न औद्योगिक प्रतिष्ठानों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।

कलेक्टर ने कहा कि, ‘‘हमारे युवाओं को उद्योगों की जरूरत के अनुसार प्रशिक्षित किया जाएगा ताकि वे न केवल रोजगार पा सकें, बल्कि आत्मनिर्भर भी बन सकें।’’ उन्होंने यह भी कहा कि कौशल विकास से जुड़ी यह प्रक्रिया जिले के युवाओं को प्रतिस्पर्धात्मक बनाएगी और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करेगी।

बैठक के दौरान विभिन्न क्षेत्रों के उद्योगों के प्रतिनिधियों से चर्चा की गई, जिसमें फैब्रिकेशन, टेक्नीशियन, इलेक्ट्रीशियन, मैकेनिकल, सिविल इंजीनियरिंग, सॉफ्ट स्किल्स, मैन्युफैक्चरिंग, फूड प्रोसेसिंग, फार्मा, टेक्सटाइल्स, गारमेंट्स, इलेक्टॉनिक्स, आईटी, डाटा सेंटर, बीपीओ जैसे क्षेत्रों में कौशल आधारित प्रशिक्षण की संभावना पर विस्तार से विचार किया गया।

कलेक्टर ने उद्योगों से अपील की कि वे अपनी आवश्यकताओं की जानकारी जल्द से जल्द दें, ताकि अगले महीने से युवाओं को इन आवश्यकताओं के अनुसार प्रशिक्षित किया जा सके। उन्होंने कहा कि अगले पांच वर्षों में उद्योगों के मानव संसाधन की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कौशल विकास विभाग एक ठोस योजना तैयार करेगा।

इसके अलावा, प्रधानमंत्री सेतु योजना के तहत उद्योगों से सहयोग लेकर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि दोनों पक्ष—उद्योग और समाज—का फायदा हो। बैठक में वनमंडलाधिकारी श्री आयुष जैन, प्रशिक्षु आईपीएस श्री आदित्य कुमार, महाप्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र श्री सानू व्ही वर्गीस, और अन्य उद्योगों के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।

कलेक्टर ने उद्योगों को शीघ्र अपनी आवश्यकताओं की जानकारी देने के निर्देश दिए, ताकि युवाओं के लिए जल्दी ही प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया जा सके।

मां पाताल भैरवी सिद्धपीठ में महाशिवरात्रि पर्व पर द्वादश ज्योर्तिलिंगों का रुद्राभिषेक 15 फरवरी को

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राजनांदगांव। मानव सेवा एवं जनकल्याण के लिए अंचल सहित देशभर में पहचान बना चुकी बर्फानी सेवाश्रम समिति द्वारा हिन्दू पंचांग के अनुसार 15 फरवरी रविवार को भगवान भोलेनाथ की महाशिवरात्रि पर्व के अवसर पर मां पाताल भैरवी सिद्धपीठ स्थित विश्व के सबसे बड़े ज्योर्तिलिंग में विराजमान द्वादश ज्योर्तिलिंगों के साथ विशाल स्फटिक के पातालेश्वर महादेव व पारे के भव्य पारेशवर ज्योतिर्लिंग का महारुद्रा अभिषेक रात्रि 10 बजे से आयोजित किया गया है। जिसमें श्रद्धालुगण भी हिस्सा ले सकते हैं।
संस्था के सचिव गणेश प्रसाद शर्मा गन्नू ने बताया कि अखिल भारतीय चर्तुः सम्प्रदाय के पूर्व श्रीमहंत श्रीश्री 1011 योगाधिराज ब्रम्हर्षि बर्फानी दादा जी के आशीर्वाद व मार्गदर्शन से नगर में बर्फानी आश्रम स्थित मां पाताल भैरवी राज राजेश्वरी त्रिपुर सुंदरी दस महाविद्या द्वादश ज्योर्तिलिंग शिव शक्ति सिद्धपीठ स्थापित किया गया है, जिसमें वर्षभर जनकल्याण व मानस सेवा के साथ ही समय-समय पर विभिन्न पर्वों पर धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किया जाता है। इसी कड़ी पर इस वर्ष भी 15 फरवरी, रविवार को पड़ने वाली महाशिवरात्रि के अवसर पर रात्रि 10 बजे से विश्व शांति व जनकल्याण के लिए सिद्धपीठ स्थित विशाल 108 फीट ऊंचे शिवलिंग के प्रथम तल पर विराजमान दुर्लभ स्फटिक के आकर्षक पातालेश्वर महादेव व तृतीय तल पर विशालकाय भोलेनाथ शिवशंकर के साथ विराजमान द्वादश ज्योर्तिलिंगों देश के अद्वितीय पारे के पारेशवर महादेव का महारुद्रा अभिषेक आयोजित है। भगवान भोलेनाथ का यह रुद्राभिषेक दूध, दही, पंचामृत, शुद्ध घी, अष्टगंध, शहद, गंगाजल, सुगंधित इत्र एवं शुद्ध जल से विद्वान पंडितों के मंत्रोच्चार के मध्य किया जाएगा। जिसमें भगवान भोलेनाथ के द्वादश ज्योर्तिलिंगों के विशेष श्रृंगार, हवन एवं महा आरती भी आयोजित की जाएगी। इसके अलावा सिद्धपीठ प्रातः ब्रम्हमुहूर्त से अंचल सहित देशभर से आनेवाले शिवभक्तों के लिए खोल दिया जाएगा। जिसमें भगवान भोलेनाथ के भक्त पूजा-अर्चना, अभिषेक कर सकेंगे। संस्था द्वारा चौथे पहर रात्रि में अपने सदस्यों व श्रद्धालुओं के लिए महारुद्राभिषेक का आयोजन करेगी।
संस्था ने इसकी तैयारियों को लेकर पिछले दिनों संस्था के अध्यक्ष राजेश मारु, उपाध्यक्ष दीपक जोशी, सचिव गणेश प्रसाद शर्मा गन्नू, कोषाध्यक्ष नीलम जैन, महंत गोविंद दास, महेन्द्र लुनिया, सूरज जोशी, आलोक जोशी, कुलबीर सिंह छाबड़ा, योगेन्द्र पांडे, बलविंदर सिंह भाटिया, मनीष परमार, संजय खंडेलवाल, दामोदर अग्रवाल के अलावा अन्य सदस्यगण लगे हुए हैं। संस्था द्वारा आम श्रद्धालुओं व गुरु परिवार के सदस्यों से भगवान भोलेनाथ के महारुद्राभिषेक व अनुष्ठान में सम्मिलित होने की अपेक्षा की गई है।

ट्रेड यूनियनों और संयुक्त किसान मोर्चा की हड़ताल को कांग्रेस का समर्थन

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राजनांदगांव। 10 ट्रेड यूनियन और संयुक्त किसान मोर्चा की हड़ताल को कांग्रेस ने समर्थन दिया। आज कांग्रेस नेताओं ने जिला कार्यालय के सामने आयोजित प्रदर्शन में हिस्सा लिया। यहां यूनियन की सभा के उपरांत रैली निकाली गई। कांग्रेस नेताओं ने रैली में यूनियन नेताओं, श्रमिकों के साथ चलकर उनकी मांगों का समर्थन किया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार की दमनकारी नीति के खिलाफ श्रमिक एकजुट हैं और कांग्रेस उनके साथ खड़ी है।
उत्तर व दक्षिण ब्लाक कांग्रेस कमेट चेतन भानुशाली व लक्ष्मण साहू ने बताया कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार व जिला शहर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष जितेंद्र मुदलियार के मार्गदर्शन में आज यूनियन की हड़ताल को कांग्रेस ने समर्थन दिया। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी सभा में शामिल हुए और यूनियन की मांगों पर सहमति व्यक्त की।
पूर्व महापौर हेमा देशमुख ने कहा कि 2025 में लागू किए गए चार नए लेबर कोड ने 29 पुराने श्रम कानूनों को बदल दिया था। यह कोड मजदूरों की सुरक्षा कमजोर करते हैं। नेता प्रतिपक्ष संतोष पिल्ले ने कहा कि यह कानून पूरी तरह श्रमिक के अधिकारों का हनन करते हैं। कंपनियों को मनमानी की छूट दी जा रही है।
दो बजे सभा के समापन के बाद यूनियन की रैली में भी कांग्रेस नेता शामिल हुए। यह रैली जीई रोड से गुरूद्वारा चौक, मानव मंदिर चौक होकर जय स्तंभ चौक पहुंची, जहां राष्ट्रपति के नाम जिला कलेक्टर के प्रतिनिधि नायब तहसील को ज्ञापन सौपा गया।
इस दौरान पूर्व मंत्री धनेश पाटिला, पूर्व महापौर हेमा देशमुख, संतोष पिल्ले, रुपेश दुबे, कमलजीत सिंह पिंटू, उत्तर ब्लाक अध्यक्ष चेतन भानुशाली, दक्षिण ब्लाक अध्यक्ष लक्ष्मण साहू, रमेश डाकलिया, सुदेश देशमुख, इकरामुद्दीन सोलंकी, अशोक फड़नवीस, राकेश जोशी, अशोक पंजवानी, मामराज अग्रवाल, अनीस खान, राजेश गुप्ता चंपू, विनय झा, गोपी रजक, बबलू कसार, नरेश कुमार शर्मा, कृलदीप कुरंजरेकर, निशा गुप्ता, प्रज्ञा गुप्ता, सचिन टुरहाटे, शैलेष ठावरे, मो. इब्राहिम, फरमान अली, रशीद खान, राकेश चंद्राकर, महेश यादव, समीर द्विवेदी, विनोद यादव बंटी, पिंकू खान, गजेंद्र, अब्दुल कादिर, नरेश साहू, खेमचंद साहू, खिलेश्वर पाल, अरशद खान, सुरेंद्र देवांगन, नीलेश ठावरे, वीरेंद्र चंद्राकर, हिमालय बंदे, नईम खान सहित अन्य कांग्रेस नेता व कार्यकर्ता मौजूद थे।

लोकतंत्र में वोट चोरी का भंडाफोड़ : भाजपा के चेहरे बेनकाब, आसिफ अली ने खोली साजिश की परतें

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राजनांदगांव। शहर के राजेंद्र प्रसाद वार्ड में मतदाता सूची से नाम विलोपित करने के सुनियोजित षड्यंत्र का गंभीर मामला सामने आया है। कांग्रेस के सक्रिय, ऊर्जावान एवं जनहित के लिए सदैव तत्पर रहने वाले नेता आसिफ अली ने फार्म-7 के माध्यम से 32 मतदाताओं के नाम गलत जानकारी देकर हटाने के प्रयास का दस्तावेजी साक्ष्यों सहित भंडाफोड़ किया है।
आसिफ अली की अगुवाई में एक प्रतिनिधिमंडल, जिसमें प्रमुख रूप से पूर्व अध्यक्ष कुलबीर सिंह छाबड़ा, पूर्व महापौर हेमा देशमुख, शहर कांग्रेस कमेटी के पूर्व कार्यवाहक अध्यक्ष रमेश डाकलिया, जिला कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता अनीस खान एवं अमित चंद्रवंशी शामिल थे, ने चिखली चौकी प्रभारी एवं तहसीलदार को 32 पृष्ठों के ठोस दस्तावेजी साक्ष्यों सहित ज्ञापन सौंपकर मांग की कि गलत जानकारी देने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध विधिसम्मत जांच कर अपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाए। प्रशासनिक अधिकारियों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक वैधानिक कार्यवाही का आश्वासन दिया है।
ज्ञापन में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि यह कृत्य जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 के प्रावधानों के विपरीत है तथा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 212 के अंतर्गत दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है।
आसिफ अली ने बताया कि फार्म-7 में मतदाताओं को स्थायी रूप से स्थानांतरित दर्शाकर उनके नाम विलोपित कराने का प्रयास किया गया, जबकि संबंधित मतदाता उसी वार्ड के निवासी हैं एवं उनका राशन कार्ड, आधार कार्ड आदि शासकीय दस्तावेज संबंधित वार्ड का है व इन सभी का किसी अन्य वार्ड की मतदाता सूची मे नाम भी दर्ज़ नहीं हैं। उल्लेखनीय है कि जिन 32 मतदाताओं के नाम हटाने का आवेदन दिया गया, उनमें से 4 मतदाता स्वयं उपस्थित होकर कार्यवाही हेतु आवेदन पत्र प्रस्तुत किये हैं शेष, जिससे स्पष्ट है कि यह पूरी कार्रवाई भ्रामक एवं तथ्यहीन जानकारी पर आधारित है।
प्रारंभिक तथ्यों से यह भी उजागर हुआ है कि फार्म-7 में गलत जानकारी देकर नाम विलोपन का प्रयास करने वालों में भाजपा के पूर्व पार्षद देवेश घाटोड़े एवं किशन अग्रवाल के नाम शामिल हैं। यह भाजपा द्वारा लोकतांत्रिक व्यवस्था को प्रभावित करने का गंभीर और सुनियोजित प्रयास प्रतीत होता है।
आसिफ अली ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी लगातार देशभर में मतदाता सूची में गड़बड़ी और वोट चोरी के प्रयासों को उजागर करते रहे हैं। उसी क्रम में आज राजनांदगांव में भी भाजपा के इस कुत्सित प्रयास का खुलासा आम जनता के सामने हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि दोषियों पर शीघ्र वैधानिक कार्यवाही नहीं हुई तो कांग्रेस पार्टी लोकतांत्रिक दायरे में रहकर कड़ा प्रतिरोध दर्ज कराएगी।
अंत में उन्होंने कहा कि मतदाता सूची से नाम हटाना केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि नागरिक के संवैधानिक अधिकार पर सीधा प्रहार है। कांग्रेस पार्टी लोकतंत्र और मताधिकार की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करती रहेगी।
ज्ञापन सौंपे जाने के समय मुख्य रूप से इब्राहिम खान, बबलू कसार, सैय्यद अफजल, पार्षद छोटेलाल रामटेके, हितेश गोन्नाडे, पूनम बोदेलकर, मंडल अध्यक्ष हनीफ खान, निरंजन पासवान, कृष्णा मेश्राम, राहुल गजभिये, गोपी रजक, परस लहरे, विशाल गढ़े, जितेंद्र साहू, शैलेश ठावरे, शेख अनीश, महेश साहू, किशन सिन्हा, हिमांशु बंजारी, सलीम खान, अंसार खान, गोपाल सिन्हा, तसलीम खान, हरि साहू, जुगुनू ठाकुर, दीपक यादव, रमणीक यादव, ऋषि रजक, रजत कुलदीप, चंचल देवांगन, प्रियेश मेश्राम, जुनैद खान, विशाल श्रीवास, घनश्याम विश्वकर्मा, टी. नागभूषण राव, मोहित कोचरे, संतोष मंडल, अशोक मंडल, प्रमोद सोनटके, दुष्यन्त पासवान, कुंदन वाहने, जीतू वर्मा, राहुल पासवान, सोनू साहू, विकास पासवान, राकेश निषाद, विक्की यादव, अरविंद पासवान, बहादुर रजक, महेश निषाद, निखिल यादव, परमानंद तिवारी, शीतल यादव, कुशल यादव सहित बड़ी संख्या में वार्डवासी एवं कांग्रेसजन उपस्थित थे।

राजनांदगांव 4-1 से जीता, करन साहू ने किए चारों गोल, सेमीफाइनल में बनाई जगह

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राजनांदगांव। स्व. हसन मिर्जा बेग स्मृति यूथ कप 7 ए साइड हॉकी प्रतियोगिता में जिला हॉकी संघ राजनांदगांव ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दुर्ग को 4-1 से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया। मुकाबला बिलासपुर में खेला गया।
मर्टर फाइनल के चौथे मैच में राजनांदगांव की टीम शुरू से ही आक्रामक रही। मैच के तीसरे मिनट में करन साहू ने गोल कर टीम को 1-0 की बढ़त दिलाई। इसके बाद उन्होंने 10वें, 16वें और 28वें मिनट में लगातार गोल दागे। करन ने मैच में कुल चार गोल कर जीत के नायक बने। उनके बेहतरीन प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। दुर्ग की टीम पूरे मैच में सिर्फ एक गोल ही कर सकी।
राजनांदगांव टीम में आदित्य मेश्राम, शकील अहमद, करन साहू, संदीप यादव, सुखदेव निर्मलकर, आदित्य नेताम, खुशाल यादव, मिथलेश पंड्या, मनीष यादव, अर्जुन यादव और तौफीक अहमद शामिल रहे। टीम मैनेजर की जिम्मेदारी प्रतीक तिवारी ने निभाई।
जीत पर जिला हॉकी संघ के अध्यक्ष फिरोज अंसारी, सचिव शिवनारायण धकेता, नीलम जैन, कुतुबुद्दीन सोलंकी, रमेश डाकलिया, भूषण साव, प्रकाश सांखला, ज्ञानचंद जैन, गणेश प्रसाद शर्मा, आशा थॉमस, प्रिंस भाटिया, मृणाल चौबे, प्रकाश शर्मा, अजय झा, अनूप श्रीवास्तव, छोटे लाल रामटेके, अनुराज श्रीवास्तव, अरुण श्रीवास्तव, कुमार स्वामी, दीपक यादव, चंदन भारतद्वाज, शिवा चौबे, भागवत यादव, महेंद्र सिंह, गुणवंत पटेल, दिग्विजय श्रीवास्तव, शब्बीर हैदरी, अशोक देवांगन, सचिन खोब्रागढ़े, योगेश द्विवेदी, संजू पटेल, आशीष सिन्हा, अशोक नागवंशी, लक्ष्मण यादव, महबूब शरीफ, सुरेंद्र साहू, मुकेश जायसवाल और जावेद खान सहित अन्य सदस्यों ने टीम को शुभकामनाएं दीं।

जवाहर नवोदय विद्यालय, पेंटा, सुकमा-1 में फुटबॉल फॉर स्कूल कार्यक्रम का सफल आयोजन

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पेंटा/सुकमा। पीएमश्री स्कूल, जवाहर नवोदय विद्यालय, पेंटा, सुकमा-1 में आज फुटबॉल फॉन स्कूल (एफ फॉर एस) कार्यक्रम के अंतर्गत फीफा द्वारा प्रदत्त फुटबॉल्स का वितरण समारोह उत्साहपूर्वक आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में खेल भावना, टीमवर्क, अनुशासन तथा स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूकता विकसित करना है।
कार्यक्रम में विद्यालय के प्राचार्य संजय मंडल की गरिमामयी उपस्थिति रही। मुख्य आकर्षण के रूप में सुदीप राजाराम वाकचुरे (द्वितीय कमान, 223 बटालियन) एवं सुखविंदर सिंह (सहायक कमांडेंट, 223 बटालियन) विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। साथ ही खंड शिक्षा अधिकारी श्रीनिवास राव, कोंटा की उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। अतिथियों का विद्यालय परिवार द्वारा पुष्प-गुच्छ एवं अभिनंदन के साथ स्वागत किया गया।
इस अवसर पर ईएमआरएस कोंटा, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय डुब्बाटोटा, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय एर्राबोर, शासकीय माध्यमिक शाला पोलमपल्ली तथा शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जगरगुंडा के प्रतिनिधि भी फुटबॉल प्राप्त करने हेतु उपस्थित रहे। सभी विद्यालयों को फीफा द्वारा प्रदत्त फुबॉल्स प्रदान किए गए, जिससे विद्यार्थियों में उत्साह और प्रसन्नता का वातावरण देखा गया।
कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षकगण एवं स्टाफ सदस्य भी उपस्थित रहे, जिनमें श्याम कुमार (पीजीटी गणित), श्रीमती सपना धीमन, सुश्री कृष्णा भलावी, अजय कुमार, कपिल कुर्वे (टीजीटी विज्ञान), अमन पंथी (टीजीटी हिन्दी), सोनू कुशवाह, मलय कुमार, वेदप्रकाश मिश्रा, संजय कवडे तथा वेदांत राय प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
अपने संबोधन में अतिथियों ने विद्यार्थियों को खेलों के महत्व के बारे में बताते हुए नियमित रूप से खेल गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि खेल न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाते हैं, बल्कि मानसिक संतुलन, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता का भी विकास करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासन, परिश्रम और टीम भावना के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया।
प्राचार्य संजय मंडल ने फुटबॉल फॉर स्कूल, कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की पहल से विद्यार्थियों में खेलों के प्रति रुचि बढ़ेगी तथा विद्यालयों में खेल संस्कृति को और मजबूती मिलेगी। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। यह आयोजन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास एवं स्वस्थ, अनुशासित और ऊर्जावान युवा पीढ़ी के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हुआ।

राजपाल यादव केस: जेल हुई तो क्या 9 करोड़ माफ हो जाएंगे? कानून क्या कहता है, 2010 से लेकर 2026 तक की पूरी टाइमलाइन…

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बॉलीवुड एक्टर राजपाल यादव को कौन नहीं जानता. हंसाने-गुदगुदाने में माहिर ये एक्टर इन दिनों अपनी एक्टिंग नहीं, बल्कि जेल जाने की वजह से सुर्खियों में हैं. लंबे समय से चल रहे चेक बाउंस मामले में वह तिहाड़ जेल में सजा काट रहे हैं.

ये सजा अचानक नहीं हुई. मामला सालों पुराना है. फिल्म बनाने के लिए लिया गया करोड़ों का कर्ज समय पर नहीं लौटाया गया, जिसके बाद चेक बाउंस का केस कोर्ट तक पहुंचा.

कोर्ट ने कई बार भुगतान के मौके दिए, लेकिन तय समयसीमा बार-बार टूटती रही. आखिरकार कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए सजा बरकरार रखी और सरेंडर का आदेश दे दिया. आइए जानते हैं पूरा मामला कैसे शुरू हुआ और क्यों जेल तक पहुंचा. और अब राजपाल यादव का आगे क्या होगा.

राजपाल यादव चेक बाउंस केस की पूरी टाइम लाइन 2010- फिल्म के लिए लोन लिया

पूरा मामला शुरु होता है साल 2010 में जब राजपाल यादव ने फिल्म बनाने के लिए कर्ज लिया. उन्होंने फिल्म ‘अता पता लापता’ के लिए दिल्ली की मुरली प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड से 5 करोड़ रुपये का लोन लिया. फिल्म 2012 में रिलीज हुई और फ्लॉप हो गई. ये फिल्म करीब 11 करोड़ में बनी और इसने बॉक्स ऑफिस पर महज 38 लाख रुपये की कमाई की. इसके बाद से लोन चुकाने की दिक्कत शुरु हई.

2018- चेक बाउंस केस

फिल्म फ्लॉप होने के बाद राजपाल यादव लोन चुका नहीं पाए. उन्होंने कर्ज चुकाने के लिए जो 7 चेक दिए गए थे वो सारे बाउंस हो गए. और इसके बाद कानूनी रुप से केस स्टार्ट हुआ.

2018- पति-पत्नी दोषी

साल 2018 के अप्रैल महीने में मजिस्ट्रेट कोर्ट ने Negotiable Instruments Act (धारा 138) के तहत राजपाल यादव और उनकी पत्नी को दोषी ठहराया और 6 महीने की जेल की सजा सुनाई.

2019- सेशंस कोर्ट राजपाल यादव ने साल 2019 में सेशंस कोर्ट ने अपील की लेकिन यहां भी कोर्ट ने उनकी सजा बरकरार रखी.

2024- दिल्ली हाईकोर्ट जून 2024 में राजपाल यादव को दिल्ली हाईकोर्ट से इस मामले में राहत मिली. हाईकोर्ट ने उनकी सजा अस्थायी रूप से रोक दी लेकिन अदालत ने कहा कि वो अपना प्रयास दिखाएं कि पैसे लौटाना चाहते हैं. कोर्ट ने दोनों पक्षों को आपसी समझौते की संभावनाएं तलाशने की सलाह दी और केस को मेडिएशन सेंटर भेज दिया. इसके बाद राजपाल यादव ने अदालत को भरोसा दिलाया कि वे कंपनी को कुल 2.5 करोड़ रुपए का भुगतान करेंगे. इसमें 40 लाख रुपए की पहली किश्त और 2.10 करोड़ रुपए की दूसरी किश्त शामिल थी. लेकिन अदालत के अनुसार, तय समयसीमा बीत जाने के बावजूद एक भी किश्त जमा नहीं की गई. 2024 तक ये कर्ज बढ़कर करीब 9 करोड़ रुपये हो चुका था.

2025- बार-बार वादा, बार-बार देरी राजपाल यादव ने अक्टूबर 2025 में 75 लाख जमा किए गए. इसके बाद दिसंबर 2025 में भी 40 लाख देने का वादा किया लेकिन नहीं दे पाए.

इसके बाद कोर्ट ने कहा कि गंभीरता नहीं दिख रही.

2026- आखिरी मौका भी गया

इस साल यानि 2026 फरवरी में कोर्ट ने इस मामले में एक हफ्ते की मोहलत मांगने वाली याचिका खारिज कर दी. कोर्ट ने कई बार सेटलमेंट करने के लिए समय दिया लेकिन पेमेंट नहीं किया गया. जज ने कहा कि सेलिब्रिटी होने से अलग नियम नहीं बन सकते. इस पर सख्त रुख अपनाते हुए अब जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने कहा कि चेक बाउंस मामलों में बार-बार किए गए वादों का उल्लंघन बेहद गंभीर है. कोर्ट ने कहा कि अभिनेता को कई अवसर दिए गए, लेकिन हर बार उन्होंने अदालत के भरोसे को तोड़ा है. कोर्ट ने राजपाल यादव को 4 फरवरी को दोपहर 4 बजे तक आत्मसमर्पण करने का समय दिया.

5 फरवरी 2026- तिहाड़ जेल

5 फरवरी 2026 को राजपाल यादव ने तिहाड़ जेल में सरेंडर कर दिया. उन्हें कोर्ट ने 6 महीने जेल की सजा सुनाई थी.

सरेंडर के बाद कहा- पैसे नहीं हैं

सरेंडर करने के बाद राजपाल यादव ने कहा- ‘सर क्या करुं, मेरे पास पैसे नहीं हैं, कोई दूसरा उपाय भी नहीं दिखता. यहां हम सब अकेले हैं. कोई भी दोस्त नहीं हैं. मुझे इस मुसीबत का सामना खुद ही करना पड़ेगा.’

इसके बाद सवाल लोगों के मन में कई तरह के सवाल हैं. क्या 6 महीने जेल की सजा काटने के बाद उन्हें 9 करोड़ नहीं चुकाने पड़ेंगे? अगर उसके बाद भी ये पैसे नहीं चुकाए तो क्या होगा?

सबसे पहले जानते हैं कि इस केस के बारे में राजपाल यादव का क्या कहना है.

लल्लनटॉप को दिए एक इंटरव्यू में भी राजपाल यादव ने इस केस पर बात की थी. राजपाल यादव ने इसमें साफ किया था कि ये दूसरी पार्टी की तरफ से की गई एक इन्वेस्टमेंट थी. उन्होनें कहा था, ‘मैंने पैसे लिए नहीं थे बल्कि उन्होंने फाइनेंसर के तौर पर खुद इनवेस्ट किए थे. उन्हें अपने पोते को हीरो बनाना था.’

साथ ही राजपाल यादव ने ये भी कहा, ‘मैंने अदालत में भी विनम्रता के साथ अपनी बात रखी थी. अगर यह माना भी जाए कि मैंने 5 करोड़ रुपये लिए, तो मैं एक सार्वजनिक व्यक्ति हूँ- जनता को सच्चाई बताना ज़रूरी है. यह रकम आखिर थी क्या- लोन, इन्वेस्टमेंट या कुछ और? 15 करोड़ जैसी रकम कहीं गायब नहीं हो सकती.

मैं पिछले 40 साल से दुनिया भर में काम कर रहा हूँ, जिनमें 30 साल विदेशों में गुजरे हैं, और आज तक किसी ने मुझ पर उंगली नहीं उठाई. शुरू से मैं यही कहता आया हूँ कि मामले की असल प्रकृति साफ-साफ लिखी जाए.’ इतना ही नहीं उन्होंने ये भी कहा कि अगर कोर्ट नहीं होता तो सामने वाले तो फांसी लगवा देते.

अब राजपाल यादव का क्या होगा?

क्या जेल की सजा काट लेने के बाद कर्ज नहीं चुकाना पड़ेगा? क्या ये केस खत्म हो जाएगा? ऐसे कई सवाल हैं जिनके जवाब जानने जरुरी हैं.

कानूनी भाषा में समझें तो जेल की सजा काटने से 9 करोड़ रुपये की देनदारी खत्म नहीं होगी. राजपाल यादव को जेल की सजा काटने के बाद भी या तो 9 करोड़ चुकाना पड़ेगा या फिर समझौता करना पड़ेगा. आपको बताते हैं क्यों?

ये चेक बाउंस मामला

(Negotiable Instruments Act, धारा 138) का है. इस धारा में कानून में सजा दो तरह की होती है-

क्रिमिनल सजा- जिसमें जेल की सजा सुनाई जाती है या फिर पेनल्टी लगती है.

सिविल देनदारी- मूलधन के साथ ब्याज और हर्जाना तीनों चुकाना होता है

इसका मतल है कि कर्ज देना ही पड़ेगा.

इस मामले पर वाराणसी के अधिवक्ता वरुण सिंह का कहना है, ‘डिशऑनर का चेक मामले में निर्धारित धनराशि चुकाने के बाद मामला समाप्त होने का प्रावधान है. लेकिन इसी से संबंधित आपराधिक मामलों से जुड़े विषयों में जैसे- 420 , 421 में तय धनराशि देने के बाद भी कोर्ट में ट्रायल चलता है. प्रतिवादी द्वारा लिखित आधार पर ही यह मामला समाप्त होता है.’

वो आगे बताते हैं, ‘राजपाल यादव लोन न चुकाने का मामला क्रिमिनल ऑफेंस के दायरे में है जिसमें उन्हें 6 महीने की जेल की सजा हुई है. इसलिए उनके द्वारा धनराशि चुकाने के बाद सजा में राहत कोर्ट ट्रायल के बाद मिलेगी.’

राजपाल यादव जेल से बाहर आ सकते हैं अगर…

एडवोकेट रुपेश दत्ता का कहना है कि राजपाल यादव की सजा रद्द हो सकती है अगर वो बकाया रकम चुका दें. रुपेश दत्ता ने एबीपी न्यूज़ को बताया, ‘आम तौर पर गैर-समझौता योग्य (non-compoundable) मामलों में ऐसा संभव नहीं होता, लेकिन राजपाल यादव का चेक बाउंस मामला समझौता योग्य (compoundable) श्रेणी में आता है. अगर वे किसी व्यवस्था के तहत बकाया रकम लौटाने पर सहमत हो जाते हैं, तो उनकी 6 महीने की सजा निलंबित की जा सकती है, भले ही वे फिलहाल जेल में हों.’

वो आगे कहते हैं, ‘इस समय वे सिर्फ इसलिए जेल में हैं क्योंकि उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा पहले दिए गए समय का पालन नहीं किया और अदालत के आदेशों का अनुपालन नहीं कर पाए.’

खुदरा महंगाई दर जनवरी में 2.75% हुआ, आधार वर्ष 2012 से बदलकर अब हो गया 2024…

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जनवरी महीने के लिए खुदरा महंगाई (रिटेल इंफ्लेशन) का नया आंकड़ा जारी कर दिया गया है, जिसमें महंगाई दर 2.75 प्रतिशत दर्ज की गई है. खास बात यह है कि यह आंकड़ा उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) की नई श्रृंखला के आधार पर तैयार किया गया है.

अब गणना का आधार वर्ष 2012 की जगह बदलकर 2024 कर दिया गया है, जिससे महंगाई के आकलन की पद्धति और दायरा दोनों में बदलाव आया है.

आधार वर्ष में सरकार ने किया बदलाव

सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के तहत राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) द्वारा जारी इस नई श्रृंखला में उपभोक्ता खर्च के बदलते पैटर्न को ध्यान में रखते हुए कई अहम संशोधन किए गए हैं. मूल्य स्थिति की अधिक सटीक तस्वीर पेश करने के लिए वस्तुओं की संख्या 259 से बढ़ाकर 308 कर दी गई है, जबकि सेवाओं की संख्या 40 से बढ़ाकर 50 कर दी गई है. इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि लोगों के वास्तविक उपभोग व्यवहार को बेहतर ढंग से दर्शाया जा सके.

जनवरी में खाद्य मुद्रास्फीति 2.13 प्रतिशत रही, जो कुल महंगाई दर से भी कम है. नई श्रृंखला में ग्रामीण मकान किराया, ऑनलाइन मीडिया सेवाएं, सीएनजी/पीएनजी जैसे ईंधन को शामिल किया गया है. इसके अलावा, डिजिटल और प्रशासनिक स्रोतों से उपलब्ध आंकड़ों के बेहतर उपयोग के लिए टेलीफोन शुल्क, रेल और हवाई किराया, डाक शुल्क, ईंधन तथा ओटीटी सब्सक्रिप्शन जैसी ऑनलाइन स्ट्रीमिंग सेवाओं को भी शामिल किया गया है. यह बदलाव उपभोक्ताओं की बदलती जीवनशैली और डिजिटल सेवाओं की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है.

आरबीआई का ब्याज पर ‘स्टे’

तुलना के लिए, वर्ष 2012 को आधार मानने वाली पुरानी श्रृंखला के तहत जनवरी 2025 में खुदरा महंगाई 4.26 प्रतिशत थी, जबकि दिसंबर में यह 1.33 प्रतिशत रही थी. आधार वर्ष में बदलाव और टोकरी (बास्केट) के पुनर्गठन के कारण नई और पुरानी श्रृंखला के आंकड़ों में अंतर दिखाई देना स्वाभाविक है.

कुल मिलाकर, नई सीपीआई श्रृंखला महंगाई के आकलन को अधिक व्यापक और वर्तमान उपभोग प्रवृत्तियों के अनुरूप बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है.

बांग्लादेश ने भारत को दिया बड़ा झटका, कपास खरीदने के लिए अमेरिका से किया समझौता…

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बांग्लादेश में आम चुनावों के बीच महत्वपूर्ण निर्णय

बांग्लादेश में आज, गुरुवार को हो रहे आम चुनावों के दौरान एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने भारत को एक बड़ा आर्थिक झटका देते हुए कपड़ा उद्योग के लिए कपास की खरीद अब अमेरिका से करने का निर्णय लिया है।

चुनाव से तीन दिन पहले, 9 फरवरी को यूनुस सरकार ने अमेरिका के साथ एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय व्यापार समझौता किया है, जिसके तहत बांग्लादेश अब अमेरिकी कपास का प्रमुख खरीदार बनेगा।

गोपनीय समझौता और इसके प्रभाव

गोपनीय तरीके से हुआ समझौता, ‘गेम चेंजर’ का दावा

यूनुस की सरकार ने इस समझौते को गुप्त रखा और इसका ड्राफ्ट किसी के साथ साझा नहीं किया, जिससे इसकी पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, मुख्य सलाहकार के प्रेस सचिव शफीकुल आलम ने एक इंटरव्यू में इसे बांग्लादेशी अर्थव्यवस्था के लिए ‘गेम चेंजर’ बताया है। इस समझौते के तहत अमेरिका ने बांग्लादेशी कपड़ों पर लगने वाले टैरिफ में एक प्रतिशत की कटौती कर इसे 19% कर दिया है। यह दर अब कंबोडिया और इंडोनेशिया जैसे प्रतिस्पर्धी देशों के बराबर हो गई है। सबसे महत्वपूर्ण शर्त यह है कि यदि बांग्लादेश अपने कपड़े अमेरिकी कपास या मानव निर्मित फाइबर से बनाता है, तो उस पर अमेरिका में कोई टैरिफ नहीं लगेगा, यानी वह ‘जीरो ड्यूटी’ पर सामान बेच सकेगा।

भारत-बांग्लादेश संबंधों में तनाव

शेख हसीना के तख्तापलट के बाद से बिगड़े रिश्ते

इस निर्णय को भारत और बांग्लादेश के बीच बढ़ते तनाव का परिणाम माना जा रहा है। 5 अगस्त 2024 को शेख हसीना के तख्तापलट और भारत द्वारा उन्हें शरण दिए जाने के बाद से दोनों देशों के संबंधों में खटास आ गई थी। 2024 में भारत ने बांग्लादेश को 1.6 अरब डॉलर का कपास धागा बेचा था, लेकिन रिश्तों में आई कड़वाहट के बाद व्यापार प्रभावित हुआ। तनाव इतना बढ़ गया कि 13 अप्रैल 2025 को बांग्लादेश ने जमीनी रास्ते से भारतीय कपास के आयात पर रोक लगा दी थी। इसके जवाब में भारत ने भी 16 मई 2025 से बांग्लादेशी रेडीमेड गारमेंट्स की जमीनी रास्ते से एंट्री बंद कर दी थी। अब अमेरिका के साथ हुई इस डील ने भारत के लिए एक बड़े बाजार के दरवाजे लगभग बंद कर दिए हैं।

चुनौतियाँ और संभावनाएँ

दूरी और गुणवत्ता बनी बड़ी चुनौती

हालांकि यूनुस सरकार इसे एक बड़ी उपलब्धि मान रही है, लेकिन अर्थशास्त्रियों ने इस राह में कई चुनौतियों की ओर इशारा किया है। ब्रैक यूनिवर्सिटी के प्रमुख अर्थशास्त्री प्रोफेसर सलीम जहान ने चेतावनी दी है कि अमेरिका बांग्लादेश से भौगोलिक रूप से काफी दूर है, जिससे वहां से कपास मंगवाने में शिपिंग चार्ज बहुत बढ़ जाएगा। इससे टैरिफ में मिली छूट का लाभ खत्म हो सकता है। इसके अलावा, गुणवत्ता भी एक बड़ा सवाल है। टेक्सटाइल सेक्टर में कपास की गुणवत्ता सबसे महत्वपूर्ण होती है। विशेषज्ञों का कहना है कि भारतीय और मिस्र की कपास की गुणवत्ता बेहतरीन मानी जाती है। यदि अमेरिकी कपास उस मानक पर खरी नहीं उतरी, तो अमेरिकी खरीदार बांग्लादेश के बनाए कपड़े रिजेक्ट कर सकते हैं।

एनडीए के नेताओं ने राहुल गांधी पर कसा तंज, कहा- ‘सदन की गरिमा को पहुंचा रहे ठेस’

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संसद में बजट सत्र के दौरान लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बयानों को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। एनडीए के सांसदों और केंद्रीय मंत्रियों ने राहुल गांधी पर बिना तथ्यों के आरोप लगाने, सदन की गरिमा को ठेस पहुंचाने और संसदीय परंपराओं का उल्लंघन करने के आरोप लगाए हैं।

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा, “गंभीर पद पर बैठे व्यक्ति को अपनी मर्यादा और जिम्मेदारी समझनी चाहिए। ऐसे मुझे लगता है ये विशेषाधिकार प्रस्ताव एक अधिकार है। हर किसी के पास कि अगर कोई ऐसी बातें करता है, जिसका कोई मायने नहीं है तो ऐसा कदम उठाया जा सकता है। अभी ये होगा या नहीं, ये अभी कंफर्म नहीं है।”

केंद्रीय मंत्री बीएल वर्मा ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, “बजट सत्र बहुत महत्वपूर्ण होता है, लेकिन विपक्ष के सांसदों को न अपनी गरिमा का ख्याल है, न ही संसद की गरिमा का ख्याल है। उन्होंने बजट सत्र में व्यवधान पैदा करने का काम किया है। मुझे लगता है कि यह सभी के लिए बहुत अच्छा बजट है।”

केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, “राहुल गांधी जिस तरह से बयान देते हैं, वह सही नहीं है। इनके पास कोई आधार भी नहीं होता है। कांग्रेस के सांसदों को स्पीकर से मिलने का और उनसे बात करने का अधिकार है, लेकिन स्पीकर को धमकी देना, यह भारत के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है। यह रवैया बिलकुल ठीक नहीं है।”

जेडीयू राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने कहा, “अब तो लेखक और पब्लिशर दोनों ने कहा है कि किताब नहीं छपी है। विपक्ष के नेता राहुल गांधी को लगता है कि वो सभी नियम-कानूनों के ऊपर हैं, उन पर कुछ लागू नहीं होता। वो पूरी राजनीति करना चाहते हैं। वो लोकसभा को बंधक बनाकर रखने की कोशिश कर रहे हैं।”

भाजपा सांसद रेखा शर्मा ने कहा, “विपक्ष के नेता राहुल गांधी सदन को बाधित कर रहे हैं, संसद में झूठ बोलते हैं। बिना सोचे-समझे कुछ भी नाम लेते हैं, किसी को भी बदनाम करते हैं। मुझे लगता है कि उनको संसद में चुनकर लाना ही गलत है।”

भाजपा सांसद रवि किशन ने कहा, “लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी बिना तथ्यों के बयान दे रहे हैं, जो लोकतंत्र के लिए घातक है। सदन में कोई भी बात रखने से पहले उसके पुख्ता सबूत होने चाहिए और यह विपक्ष की हताशा को दर्शाता है।”

भाजपा सांसद शशांक मणि ने कहा, “जब विपक्ष के पास मुद्दा नहीं होता तो झूठ बोलकर काम चलाते हैं। इस बार उन्होंने बेबुनियाद रूप से कई ऐसे लोगों का नाम लिया, जो सदन में भी उपस्थित नहीं थे, जिनका नाम नहीं लिया जा सकता है। कई लोगों ने इसपर आपत्ति भी जताई।”

राजस्थान भाजपा अध्यक्ष व सांसद मदन राठौड़ ने कहा, “देश विरोधी गतिविधियां राहुल गांधी करते हैं। वो हमारे देश के नेतृत्व की आलोचना विदेश में जाकर करते हैं। उनको जो बात कहनी है, वो सदन में कहें। जब सदन में बजट पर चर्चा होनी है तब वो कभी किसी मंत्री पर आरोप लगा देते हैं तो कभी प्रधानमंत्री पर बोलते हैं, यह ठीक बात नहीं है। अगर उन्होंने बजट पढ़ा होता तो वो शायद इस प्रकार की बात नहीं करते।

भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने कहा, “जब कोई संसद को अखाड़ा बना देगा, शब्दों को असंसदीय और अशिष्ट भाषा के रूप में प्रदर्शित करेगा और संसद की गरिमा को चोट पहुंचाएगा तो लोगों के पास चारा क्या बचता है? जो भी होगा, वो नियम के अंतर्गत होगा, ससंदीय परंपराओं के पालन के लिए होगा।”