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“पढ़ाई, दवाई, सिंचाई और सप्लाई, अमित शाह ने एनडीए का एजेंडा सेट किया;  लालू, राहुल को घेरा”

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केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने खगड़िया के बाद मुंगेर में चुनावी रैली को संबोधित किया। मुंगेर की जनसभा में उन्होंने स्कूलों में पढ़ाई, अस्पतालों में वक्त पर दवाई, खेतों की समय पर सिंचाई और हर घर में शुद्ध जल की सप्लाई को एनडीए का लक्ष्य करार दिया।

अमित शाह ने राहुल गांधी, लालू यादव और रबड़ी देवी पर बिहार को विकास की दौर में पीछे धकेलने का आरोप लगाया।

राहुल गांधी की पार्टी कांग्रेस के समर्थन से चल रही लालू-रबड़ी की सरकार ने अनेक सालों तक बिहार में जंगलराज कायम रखा। यह चुनाव फिर से जंगलराज को रोकने के लिए है। लालू-रबड़ी ने राज्य का काफी नुकसान किया। 2005 में जब बिहार की जनता ने उनके राज को समाप्त कर दिया तो नीतीश कुमार के नेतृत्व में राज्य प्रगति के पथ पर आगे बढ़ा। अगर वे फिर वापस आए तो जंगलराज आने से कोई नहीं रोक सकता। इसलिए हर हाल में नीतीश और मोदी जी की सरकार बनाना है।

अमित शाह ने कहा कि किसानों के लिए केंद्र सरकार ने काफी काम किया। इसका लाभ बिहार के किसानों को भी मिला। इससे फसलों के उत्पादन में बिहार का पूरे देश में स्थान बना। इसे आगे भी कायम रखना है तो फिर से एनडीए का डबल इंजन सरकार बनाना पड़ेगा क्योंकि उनके पास(महागठबंथन) न नेता है और ना नीयत।

अमित शाह ने कहा कि लालू यादव अपने बेटे को सीएम बनाना चाहते हैं तो सोनिया गांधी राहुल गांधी को पीएम बनाने में लगे हैं। दूसरी ओर मोदी जी बिहार के युवाओं का भविष्य संवारने में लगे हैं। उन्हें पूरे बिहार की चिंता है। 11 सालों में लगभग 19 लाख करोड़ देकर बिहार को आगे बढ़ाया। मोदी जी और नीतीश जी की जोड़ी ने पिछड़ा और अति पिछड़ा समाज के लोगों के लिए बहुत काम किया जबकि राजद और कांग्रेस खुद को बनाने में लगे रहे।

“एक्टर सतीश शाह का निधन, 74 की उम्र में ली आखिरी सांस”

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बॉलीवुड एक्टर सतीश शाह का निधन हो गया है। 74 की उम्र में उन्होंने आखिरी सांस ली। ऐसी रिपोर्ट्स हैं कि वह काफी समय से किडनी से जुड़ी बीमारी से परेशान थे। हाल ही में उनका ट्रांसप्लांट भी हुआ था।

रविवार को अंतिम संस्कार

सतीश उनके शो साराभाई वर्सेस साराभाई, जाने दो यारों और मैं हूं ना से काफी पॉपुलर थे। सतीश के मैनेजर ने इस खबर को इंडिया टुडे से बात करते हुए कन्फर्म किया है। रविवार को एक्टर का अंतिम संस्कार होगा।

अशोक पंडित ने क्या कहा

सतीश शाह ने भी सोशल मीडिया पर लिखा, दुख के साथ बताना पड़ रहा है कि हमारे प्यारे दोस्त और शानदार एक्टर सतीश शाह का कुछ घंटे पहले किडनी फेलियर की वजह से निधन हो गया है। उन्हें तुरंत हिंदुजा अस्पताल ले जाया गया जहां उन्होंने आखिरी सांस ली। हमारी इंडस्ट्री का ये बड़ा नुकसान है। आम शांति।

पॉपुलर शोज में किया काम

सतीश ने लगभग 4 दशक तक काम किया और वह फिल्मों और टीवी शोज के जरिए घर-घर फेमस थे। उनकी प्यारी मुस्कान सबका दिल जीत लेती थी। सतीश को सबसे बड़ी सक्सेस 1983 में जाने भी दो यारों से मिली जिसमें उन्होंने कई किरदार निभाए थे।

इन हिट फिल्मों में भी थे शामिल

सतीश ने कई सुपरहिट फिल्मों में भी काम किया है जैसे हम साथ साथ हैं, मैं हूं ना, कल हो ना हो, कभी हां कभी ना, दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे और ओम शांति ओम।

CG: राज्य बजट में शामिल 9 नवीन नर्सिंग महाविद्यालयों के भवन निर्माण कार्य के लिए 78 करोड़ 15 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति जारी…

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की एक और महत्वपूर्ण घोषणा को राज्य सरकार ने मूर्त रूप दे दिया है। राज्य बजट में शामिल 9 नवीन नर्सिंग महाविद्यालयों के भवन निर्माण कार्य के लिए 78 करोड़ 15 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति जारी कर दी गई है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इस स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय प्रदेश में नर्सिंग शिक्षा को नई दिशा देगा और स्वास्थ्य क्षेत्र में कुशल मानव संसाधन तैयार करने में मदद करेगा।

एनएसई पर पंजीकृत निवेशकों की संख्या 12 करोड़ के पार पहुंची

प्रत्येक नर्सिंग महाविद्यालय के भवन निर्माण के लिए 8 करोड़ 68 लाख रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। ये नवीन नर्सिंग कॉलेज दंतेवाड़ा, बैकुंठपुर, बीजापुर, बलरामपुर, जशपुर, रायगढ़, धमतरी, जांजगीर-चांपा और नवा रायपुर (अटल नगर) में स्थापित किए जाएंगे। इन संस्थानों की स्थापना से प्रदेश के दूरस्थ और जनजातीय अंचलों के विद्यार्थियों को भी गुणवत्तापूर्ण नर्सिंग शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए द्वार खुलेंगे और राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र में प्रशिक्षित मानव संसाधन की उपलब्धता और सुदृढ़ होगी।

“हमारा उद्देश्य है कि प्रदेश के हर युवा को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य शिक्षा मिले और हर जिले में आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए कुशल मानव संसाधन भी तैयार हो। 9 नए नर्सिंग कॉलेजों के भवन निर्माण की स्वीकृति प्रदेश के स्वास्थ्य शिक्षा क्षेत्र में एक नया अध्याय जोड़ेगी। यह पहल न केवल स्वास्थ्य व्यवस्था को सशक्त बनाएगी, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार और आत्मनिर्भरता के अवसर भी बढ़ाएगी।” -मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ⁠

“मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के दूरदर्शी नेतृत्व में राज्य सरकार ने स्वास्थ्य शिक्षा को नई दिशा देने वाला ऐतिहासिक निर्णय लिया है। 9 नए नर्सिंग कॉलेजों के भवन निर्माण की स्वीकृति से प्रदेश के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण नर्सिंग शिक्षा के साथ ही रोजगार और आत्मनिर्भरता के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे। यह पहल छत्तीसगढ़ को स्वास्थ्य सेवाओं और मानव संसाधन विकास के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करने में मदद करेगी।” – स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल

“मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे बुनियादी क्षेत्रों को प्राथमिकता दे रही है। 9 नए नर्सिंग कॉलेजों के भवन निर्माण के लिए 78 करोड़ 15 लाख रुपए की स्वीकृति इस बात का प्रतीक है कि सरकार प्रदेश के युवाओं के लिए अवसर सृजन और सेवा क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।” – वित्त मंत्री ओ पी चौधरी

CG: पूर्व-मध्य अरब सागर और दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी पर बने निम्न दबाव से मौसम खराब रहने का पूर्वानुमान जारी किया गया है।

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पूर्व-मध्य अरब सागर और दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी पर निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इसके प्रभाव से 27 अक्टूबर तक दक्षिण-पश्चिम और उससे सटे पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी पर एक चक्रवाती तूफान बनने की संभावना है।

इन वेदर सिस्टम का प्रभाव छत्तीसगढ़ तक देखा जाएगा।

छत्तीसगढ़ के अलग-अलग हिस्सों में अगले 24 घंटे के दौरान मौसम बदलने की संभावना है। IMD ने 28 अक्टूबर तक छत्तीसगढ़ के अलग-अलग हिस्सों में मौसम खराब रहने का पूर्वानुमान जारी किया है।

मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के दौरान गरियाबंद, धमतरी, बालोद, मोहला-मानपुर अंबागढ़ चौकी, बस्तर, कोंडागांव, दंतेवाड़ा, सुकमा, कांकेर, बीजापुर, नारायणपुर जिलों के अलग-अलग हिस्सों में गरज चमक के साथ बारिश की चेतावनी जारी की है।

मौसम विभाग ने 25, 26 और 27 अक्टूबर को रायपुर, बलोदाबाजार, गरियाबंद, धमतरी, महासमुंद, दुर्ग, बालोद, बेमेतरा, कबीरधाम, खैरागढ़ छुईखदान गंडई, राजनांदगांव, मोहला-मानपुर अंबागढ़ चौकी, बस्तर, कोंडागांव, दंतेवाड़ा, सुकमा, कांकेर, बीजापुर, नारायणपुर जिलों के अलग-अलग हिस्सों में गरज चमक के साथ बारिश की चेतावनी जारी की है।

मौसम विभाग की मानें तो छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में 28 अक्टूबर को भी मौसम कमोबेश बारिश वाला ही रहेगा। 26 अक्टूबर से बारिश की तीव्रता में बढ़ोतरी की संभावना है। अगले 5 दिनों के दौरान मध्य प्रदेश में मौसम खराब रहने की संभावना है। झारखंड में 29 अक्टूबर को मौसम खराब रहेगा। 24 और 25 अक्टूबर को कोंकण और गोवा और 24 अक्टूबर को मध्य महाराष्ट्र में जबकि 25 से 27 अक्टूबर के दौरान गुजरात के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है।

CG: निष्क्रिय खातों के सक्रियकरण एवं बिना दावा किये गए जमा राशि को वापस करने जिला स्तरीय जागरूकता एवं समाधान शिविर संपन्न…

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अब तक 89 खातों में 73 लाख 87  हजार रूपए खाताधारकों एवं खाताधारकों के उत्तराधिकारियों को किया गया भुगतान

”भारतीय जीवन बीमा की दावा नहीं किये गए बीमा पालिसी के क्लेम प्रक्रिया की दी गई जानकारी, शिविर में जनधन खाता, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा, प्रधानमंत्री जीवन सुरक्षा बीमा, अटल पेंशन योजना सहित अन्य बैंकिंग योजनाओं का किया गया पंजीकरण, 2 हितग्राहियों को किया गया दावा प्रमाण पत्र का वितरण”

वित्त मंत्रालय भारत सरकार एवं रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के निर्देशानुसार गांधी सभागृह राजनांदगांव में सभी बैंकों एवं जीवन बीमा कंपनियों द्वारा विशेष अभियान आपकी पूंजी आपका अधिकार अंतर्गत निष्क्रिय खातों के सक्रियकरण एवं बिना दावा किये गए जमा राशि को वापस करने के लिए जिला स्तरीय जागरूकता एवं समाधान शिविर का आयोजन किया गया।

शिविर का आयोजन वित्त मंत्रालय भारत सरकार एवं रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया द्वारा 1 अक्टूबर 2025 से 31 दिसंबर 2025 तक संचालित विशेष अभियान अंतर्गत किया गया।

लीड बैंक अधिकारी जिला अग्रणी बैंक श्री मुनीश शर्मा ने बताया कि अभियान अंतर्गत बैंक द्वारा अब तक 89 खातों में 73 लाख 87  हजार रूपए खाताधारकों एवं खाताधारकों के उत्तराधिकारियों को भुगतान किया गया है।

इसके अलावा भारतीय जीवन बीमा की दावा नहीं किये गए बीमा पालिसी के क्लेम प्रक्रिया की जानकारी भी दी गयी।

शिविर में भारत सरकार द्वारा संचालित जनधन खाता, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा, प्रधानमंत्री जीवन सुरक्षा बीमा, अटल पेंशन योजना सहित अन्य बैंकिंग योजनाओं का पंजीकरण भी शिविर में किया गया।

शिविर में प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना की जानकारी भी दी गयी। खातों की पुन: केवाईसी कार्य मौके पर पूर्ण किया गया। जिले में 89 हजार 367 खातों में 26 करोड़ 63 लाख रूपए की राशि देय है।

शिविर में बैंक ऑफ इंडिया रायपुर जोनल ऑफिस से उप-मंडल प्रबंधक श्री नागेन्द्र चौरसिया द्वारा 12 हितग्राहियों को दावा प्रमाण पत्र का वितरण किया गया।  शिविर में लगभग 15 बैंकों एवं जीवन बीमा कंपनियों के प्रतिनिधियों द्वारा प्रकरणों का निराकरण किया गया।

CG : धान खरीदी के संबंध में बैठक सह प्रशिक्षण, समर्थन मूल्य पर किसानों से धान उपार्जन के सफल क्रियान्वयन हेतु बैठक…

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कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव की अध्यक्षता में 25 अक्टूबर 2025 को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में दो पालियों में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर किसानों से धान उपार्जन के सफल क्रियान्वयन हेतु बैठक सह प्रशिक्षण का आयोजन किया गया है। प्रथम पाली सुबह 10 बजे राजनांदगांव एवं डोंगरगांव विकासखंड तथा द्वितीय पाली दोपहर 1 बजे छुरिया एवं डोंगरगढ़ विकासखंड के संबंधित अधिकारी-कर्मचारी शामिल होंगे।

ग्राम चवेली में खनिज चूना पत्थर के अवैध उत्खनन प्रकरण के संबंध में शिकायतकर्ता श्री विवेक कुमार शर्मा को न्यायालय अपर कलेक्टर राजनांदगांव में अनिवार्य रूप से उपस्थित होने के निर्देश.

न्यायालय अपर कलेक्टर राजनांदगांव में 30 अक्टूबर 2025 सुबह 11 बजे राजनांदगांव तहसील के ग्राम चवेली में खनिज चूना पत्थर के अवैध उत्खनन प्रकरण के संबंध में शिकायतकर्ता श्री विवेक कुमार शर्मा को अनिवार्य रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिए गए है।

न्यायालय अपर कलेक्टर राजनांदगांव से प्राप्त जानकारी अनुसार राजनांदगांव तहसील के ग्राम चवेली पटवारी हलका नंबर 22 में मनिन्दर सिंह गरचा द्वारा खनिज चूना पत्थर का अवैध उत्खनन प्रतिवेदन खनि अधिकारी राजनांदगांव के माध्यम से प्राप्त हुआ है।

प्रस्तुत प्रकरण में शिकायतकर्ता के साथ-साथ पंचनामा के साक्ष्य भी है।  न्यायालय अपर कलेक्टर राजनांदगांव द्वारा प्रकरण के संबंध में श्री विवेक कुमार शर्मा की उपस्थिति हेतु उचित माध्यम से नोटिस तामिली हेतु भेजा गया है, किन्तु प्रतिवेदन में उल्लेखित कारणों से नोटिस की तामिली नहीं हुई है। सुनवाई तिथि में उपस्थित नहीं होने पर प्रकरण में एकपक्षीय कार्रवाई की जाएगी।

CG : प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना बनी ऊर्जा सशक्तिकरण की दिशा में मील पत्थर…

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प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना बनी ऊर्जा सशक्तिकरण की दिशा में मील पत्थर
– श्री रामलाल पालीवाल को बिजली के बिल से मिली मुक्ति, बिजली की बचत एवं उत्पादन से मिली राहत

”प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का सभी को लेना चाहिए लाभ”

प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना लोकहित में कारगर साबित हो रही है। सौर ऊर्जा का उपयोग कर बिजली उत्पादन करने की यह योजना ऊर्जा सशक्तिकरण की दिशा में मील पत्थर साबित हो रही है।

राजनांदगांव शहर के बसंतपुर वार्ड नंबर 43 के निवासी श्री रामलाल पालीवाल ने बताया कि उन्हें समाचार पत्रों के माध्यम से प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के संबंध में जानकारी मिली।

जिसके बाद उन्होंने विद्युत विभाग एवं वेंडर से संपर्क किया एवं अपने घर में 3 किलोवाट का सोलर प्लांट लगवाया है। जिसकी लागत 1 लाख 75 हजार रूपए है।

शासन की ओर से 78 हजार रूपए अनुदान राशि प्राप्त हुई है। उन्होंने बताया कि पहले बिजली के बिल से परेशान थे। 1200 से 1500 रूपए तक बिजली बिल आता था। वही गर्मियों में बढ़कर 2000 रूपए से अधिक बिजली का बिल देना पड़ता था। उन्होंने कहा कि अब बिजली के बिल से मुक्ति मिल गई है और अतिरिक्त बिजली 446 यूनिट जमा है। प्रतिदिन लगभग 12 से 15 यूनिट बिजली का उत्पादन हो रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रतिदिन लगभग 10 यूनिट बिजली का उपयोग होता है। श्री रामलाल पालीवाल ने बताया कि अब बिजली बिल से राहत मिली है और बिजली की बचत हो रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना बहुत उपयोगी है। इसका लाभ सभी को लेना चाहिए। रूफ टॉप सोलर प्लांट पर्यावरण मित्र होने के साथ ही ऊर्जा के संरक्षण की दिशा में उपयोगी है। उन्होंने बताया कि बैंक से ऋण लेने में कोई दिक्कत नहीं हुई 1 लाख 75 हजार रूपए बैंक से तत्काल ऋण मिल गया। ईएमआईके माध्यम से आसान किस्तों में ऋण का भुगतान कर रहे है।

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री सूर्यघर-मुफ्त बिजली योजना अंतर्गत अपने घर की छत पर ही ऊर्जा का उत्पादन करने की यह पहल बिजली के बिल से मुक्ति दिलाने तथा ऊर्जा संरक्षण की दिशा में लाभदायक साबित हो रही है। प्रधानमंत्री सूर्यघर-मुफ्त बिजली योजना अंतर्गत स्थापित प्लांट नेट मीटरिंग द्वारा विद्युत ग्रिड से संयोजित होगा, जिससे उपभोक्ता द्वारा अपनी खपत से अधिक उत्पादित बिजली ग्रिड में सप्लाई हो जाती है। इससे न केवल उपभोक्ता के घर का बिजली बिल शून्य हो जाता है, बल्कि ग्रिड में दी गई बिजली के एवज में अतिरिक्त आय भी प्राप्त होती है।

शासन द्वारा प्रधानमंत्री सूर्यघर-मुफ्त बिजली योजना अंतर्गत 30 हजार रूपए से 78 हजार रूपए तक की सब्सिडी प्रति प्लांट दिए जाने का प्रावधान है। रूफटॉप सोलर संयंत्र की क्षमता अनुसार लागत राशि एवं सब्सिडी अलग-अलग है। उपभोक्ता द्वारा सोलर प्लांट के ब्रांड चयन कर सकते है। 3 किलोवाट से अधिक क्षमता का प्लांट लगाने पर अधिकतम 78 हजार रूपए तक सब्सिडी का प्रावधान है।

प्रधानमंत्री सूर्यघर-मुफ्त बिजली योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक को वेबसाईट pmsuryaghar.gov.in या पीएम सूर्यघर मोबाईल एप पर पंजीयन कर लॉग इन आईडी प्राप्त करना होगा। इसके बाद वेब पोर्टल पर उपलब्ध वेंडर का चुनाव कर बिजली कर्मचारी की मदद से वेब पोर्टल पर पूर्ण आवेदन करना होगा। निर्धारित अनुबंध हस्ताक्षरित होने के पश्चात वेंडर द्वारा छत पर प्लांट की स्थापना एवं डिस्कॉम द्वारा नेट मीटर स्थापित किया जाता है।

स्थापित प्लांट के सत्यापन पश्चात शासन द्वारा सब्सिडी ऑनलाईन जारी कर दी जाती है। इस दौरान यदि उपभोक्ता इच्छुक हो तो शेष राशि का प्रकरण 7 प्रतिशत ब्याज दर पर बैंक ऋण हेतु बैंकों को जनसमर्थन पोर्टल द्वारा ऑनलाईन प्रेषित किया जाता है।

CG: प्रदेश में 6 सरकारी फिजियोथैरेपी कॉलेज, प्रत्येक कॉलेज 13 करोड़ 93 लाख 71 हजार रुपए की लागत से बनाया जाएगा, सभी कॉलेजों के लिए 83 करोड़ 62 लाख 26 हजार रुपए की राशि मंजूर…

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प्रदेश में 6 सरकारी फिजियोथैरेपी कॉलेज बनेगा। प्रत्येक कॉलेज 13 करोड़ 93 लाख 71 हजार रुपए की लागत से बनाया जाएगा। हालांकि पढ़ाई अगले साल से शुरू होने की संभावना है। ये कॉलेज मनेंद्रगढ़, जशपुर, रायगढ़, बिलासपुर, दुर्ग एवं जगदलपुर में खुलेंगे। सभी कॉलेजों के लिए 83 करोड़ 62 लाख 26 हजार रुपए की राशि मंजूर की गई है।

अभी रायपुर में एकमात्र सरकारी फिजियोथैरेपी कॉलेज है। जबकि प्रदेश में 10 सरकारी मेडिकल कॉलेजों का संचालन किया जा रहा है। कायदे से सभी मेडिकल कॉलेज वाले स्थानों पर फिजियोथैरेपी कॉलेज होना चाहिए। दरअसल अब हड्डी के अलावा ज्यादातर बीमारियों में इलाज के पहले या बाद में फिजियोथैरेपी कराने की जरूरत पड़ती है।

इसके लिए बीपीटी या एमपीटी डिग्रीधारी फिजियोथैरेपिस्ट की जरूरत होती है। न्यूरो सर्जरी के मरीज यानी लकवा, ऑब्स एंड गायनी में डिलीवरी के पहले व बाद में फिजियो का सुझाव दिया जाता है।

CG: खनिज क्षेत्र की हिस्सेदारी करीब 10 प्रतिशत तक पहुँच चुकी है, खनिज राजस्व 429 करोड़ रूपए था, जो अब बढ़कर 14 हजार 592 करोड़ हो गया है…

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प्रदेश की सकल घरेलू उत्पाद जीएसडीपी में खनिज क्षेत्र की हिस्सेदारी करीब 10 प्रतिशत तक पहुँच चुकी है। राज्य गठन के समय खनिज राजस्व 429 करोड़ रूपए था, जो अब बढ़कर 14 हजार 592 करोड़ हो गया है।

छत्तीसगढ़ यह नाम अब केवल हरियाली और संस्कृति का पर्याय नहीं रहा, बल्कि भारत की खनिज राजधानी के रूप में भी अपनी पहचान बना चुका है। देश के कुल खनिज भंडार का बड़ा हिस्सा छत्तीसगढ़ की धरती में छिपा है। यही कारण है कि राज्य की अर्थव्यवस्था में खनिजों का योगदान लगातार बढ़ रहा है और प्रदेश की सकल घरेलू उत्पाद जीएसडीपी में खनिज क्षेत्र की हिस्सेदारी करीब 10 प्रतिशत तक पहुँच चुकी है। राज्य गठन के समय खनिज राजस्व 429 करोड़ रूपए था, जो अब बढ़कर 14 हजार 592 करोड़ हो गया है। 25 साल में राज्य का खनिज राजस्व में 34 गुना बढ़ गया है। वन एवं पर्यावरण संतुलन को बनाए रखते हुए छत्तीसगढ़ राज्य की यह उपलब्धि विशेष रूप से उल्लेखनीय है।

यहां यह भी उल्लेखनीय है कि 1980 से अब तक वनसंरक्षण अधिनियम के तहत छत्तीसगढ़ राज्य में केवल 28 हजार 700 हेक्टेयर भूमि ही खनन के लिए दी गई है, जो कि राज्य के वन क्षेत्र 59.82 लाख हेक्टेयर का 0.47 प्रतिशत और राज्य के कुल भू-भाग 135 लाख हेक्टेयर का 0.21 प्रतिशत है। खनन क्षेत्र में कटाई के साथ 5 से 10 गुना वृक्षारोपण को अनिवार्य किए जाने से राज्य के वन क्षेत्र में 68 हजार 362 हेक्टेयर की वृद्धि हुई है, जो इंडिया स्टेट ऑफ फॉरेस्ट रिपोर्ट के अनुसार देश में सर्वाधिक है।

खनिज राजस्व से न केवल प्रदेश को आर्थिक संबल मिल रहा है, बल्कि हजारों युवाओं के लिए रोज़गार के नए अवसर भी खुल रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार खनिज संपदा के दोहन को पर्यावरणीय संतुलन और जनहित से जोड़कर “खनिज से विकास” की नई परिभाषा गढ़ रही है।

छत्तीसगढ़ के प्रमुख खनिजों में से महत्वपूर्ण कोयला, ऊर्जा का सबसे बड़ा स्रोत है। छत्तीसगढ़ देश का दूसरा सबसे बड़ा कोयला उत्पादक राज्य है। राज्य में कोयले का भंडारण 74,192 मिलियन टन है, जो देश के कोयल भण्डार का लगभग 20.53 प्रतिशत है। कोयला उत्पादन में छत्तीसगढ़ राज्य की देश में 20.73 प्रतिशत हिस्सेदारी है। देश के कोयला उत्पादक राज्यों में छत्तीसगढ़ का दूसरा स्थान है। प्रदेश के कोयले का उपयोग ताप विद्युत संयंत्रों, सीमेंट, इस्पात और कोयला आधारित मध्यम व लघु उद्योगों में किया जा रहा है। ऊर्जा क्षेत्र की आत्मनिर्भरता में छत्तीसगढ़ का योगदान पूरे देश के लिए महत्वपूर्ण है।

लौह अयस्क देश के इस्पात उद्योग की रीढ़ है, जो छत्तीसगढ़ में प्रचुर मात्रा में विद्यमान है। कबीरधाम से लेकर दल्लीराजहरा से होते हुए दंतेवाड़ा बैलाडीला तक फैली पर्वत श्रृंखलाओं में 4,592 मिलियन टन लौह अयस्क भंडार मौजूद है, जो राष्ट्रीय भंडार का 19.09 प्रतिशत है। राष्ट्रीय उत्पादन में छत्तीसगढ़ का योगदान 16.64 प्रतिशत है। एनएमडीसी की बैलाडीला खदानें (दंतेवाड़ा) और दल्ली-राजहरा खदानें (बालोद) देश के इस्पात उद्योगों की जीवनरेखा हैं। यहां से भिलाई इस्पात संयंत्र और देशभर के उद्योगों को उच्च गुणवत्ता वाला लौह अयस्क मिलता है। लौह अयस्क उत्पादन में छत्तीसगढ़ का देश में द्वितीय स्थान है।

छत्तीसगढ़ में 992 मिलियन टन बाक्साइट भंडार है, जो देश का 20 प्रतिशत है। राष्ट्रीय उत्पादन में छत्तीसगढ़ का योगदान 4.3 प्रतिशत है। सरगुजा, बलरामपुर और कबीरधाम जिलों में हिन्डाल्को, वेदांता और सीएमडीसी जैसी कंपनियाँ सक्रिय हैं। बाक्साइट से निर्मित एल्युमिनियम ऊर्जा, निर्माण और रक्षा उद्योग के लिए अहम है।

चूना पत्थर सीमेंट उद्योग का मेरुदंड है। राज्य में 13,211 मिलियन टन चूना पत्थर का भंडार है, जो देश के कुल भंडार का 5.8 प्रतिशत है। राष्ट्रीय उत्पादन में छत्तीसगढ़ का योगदान 11 प्रतिशत है। बलौदाबाजार, रायपुर, जांजगीर-चांपा और रायगढ़ जिलों में अल्ट्राटेक, एसीसी, अम्बुजा, श्री सीमेंट, ग्रासिम जैसे संयंत्र कार्यरत हैं। बलौदाबाजार को अब ‘सीमेंट हब’ कहा जाता है।

देश का 100 प्रतिशत टिन उत्पादन छत्तीसगढ़ में होता है। सामरिक महत्व के टिन अयस्क का यहां 30 मिलियन टन का भंडार उपलब्ध है। दंतेवाड़ा और सुकमा में मिलने वाला यह खनिज इलेक्ट्रॉनिक्स और रक्षा उद्योग के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इसे अनुसूचित जनजाति की सहकारी समितियों के माध्यम से क्रय करने का प्रावधान राज्य सरकार ने लागू किया है।

राज्य में 992 मिलियन टन डोलोमाइट भंडार मौजूद है, जो राष्ट्रीय भंडार का 20 प्रतिशत है। मुख्यतः रायपुर, दुर्ग, बेमेतरा, बिलासपुर, जांजगीर-चांपा और रायगढ़ जिलों में पाया जाता है। यह खनिज इस्पात उद्योग में फ्लक्स मटेरियल के रूप में उपयोगी है। गरियाबंद जिले के बेहराडीह और पायलीखंड क्षेत्रों में हीरा का प्रमाणित भंडार है। बलौदाबाजार जिले के सोनाखान क्षेत्र में 2780 किलोग्राम स्वर्ण भंडार के अतिरिक्त जशपुर, महासमुंद और कांकेर जिलों में भी स्वर्ण और हीरा खनिज की संभावनाएं पाई गई हैं।

छत्तीसगढ़ में गौण खनिजों की भी बड़ी भूमिका है। राज्य में 37 प्रकार के गौण खनिज जैसे-रेत, मुरम, ईमारती पत्थर, साधारण मिट्टी, निम्न श्रेणी चूना पत्थर, डोलोमाइट और ग्रेनाइट की खुदाई लगभग हर जिले में होती है। रेत और मिट्टी का उपयोग सड़क, भवन और पुल निर्माण में व्यापक रूप से किया जा रहा है। गौण खनिजों से राज्य को स्थानीय राजस्व, रोजगार और पंचायत निधि का बड़ा हिस्सा प्राप्त होता है।

जिला पंचायतों और नगर निकायों को इन खनिजों से प्रतिवर्ष सैकड़ों करोड़ रुपये का राजस्व मिलता है, जिससे ग्रामीण विकास कार्यों को गति मिलती है। खनिज विकास के साथ-साथ राज्य सरकार ने पर्यावरण संरक्षण और खनन प्रभावित इलाकों के पुनर्वास पर विशेष ध्यान दिया है। डीएमएफ के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और सड़कों जैसी योजनाएँ संचालित की जा रही हैं।

खनिज विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन का जो उदाहरण छत्तीसगढ़ ने प्रस्तुत किया है, वह आज पूरे देश के लिए एक सस्टेनेबल ग्रोथ मॉडल बन गया है। यहां विकास और हरियाली विरोधी नहीं, बल्कि पूरक हैं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ ने यह सिद्ध कर दिया है कि यदि नीति में दूरदृष्टि और क्रियान्वयन में संवेदनशीलता हो, तो खनिज संपदा केवल भूमि की गहराई में नहीं, बल्कि जनजीवन की समृद्धि में भी झलक सकती है।

“रिसर्च करनी हो या बनाने हो डॉक्यूमेंट्स, स्टूडेंट्स का काम आसान कर देंगे ये फ्री AI टूल्स”

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वर्किंग प्रोफेशनल के साथ-साथ स्टूडेंट्स के लिए भी AI टूल्स जरूरी हो गए हैं. किसी नए कॉन्सेप्ट को समझना हो या रिसर्च करनी हो, AI टूल्स स्टूडेंट्स के कई काम आसान बना देते हैं. ऐसे में अगर आप स्टूडेंट हैं और आपको रिसर्च, किसी विषय को समझने या डॉक्यूमेंट बनाने आदि कामों के लिए AI टूल्स की जानकारी नहीं है तो घबराने की जरूरत नहीं है.

आज हम आपके लिए ऐसे ही टूल्स की जानकारी लेकर आए हैं, जो हर काम में आपकी सहायता करेंगे.

कॉन्सेप्ट समझने के लिए

कॉन्सेप्ट समझने के लिए गूगल जेमिनी का Guided Learning मोड शानदार साथी हो सकता है. यह सीधे जवाब बताने की बजाय एक इंटरेक्टिव कंपेनियन के तौर पर काम करता है. यानी यह आपसे सवाल भी पूछेगा ताकि यह समझ सके कि किसी कॉन्सेप्ट के बारे में आप कितना समझ पाए हैं. इसके अलावा यह प्रॉब्लम्स को सॉल्व करने के लिए स्टेप वाइज तरीका अपनाता है और डायाग्राम, वीडियो और क्विजेज के जरिए किसी विषय को समझाने की कोशिश करता है.

पर्सनल ट्यूशन के लिए

ChatGPT का स्टडी मोड टीचिंग के लिए एक शानदार टूल है. यह पहले स्टूडेंट के मौजूदा लेवल को समझता है और फिर उस हिसाब से जवाब देता है. कॉन्टेक्स्ट समझाने के लिए इस पर लेक्चर स्लाइड, PDF चैप्टर और होमवर्क आदि के फोटो अपलोड किए जा सकते हैं.

डॉक्यूमेंट क्रिएशन के लिए

माइक्रोसॉफ्ट का Copilot डॉक्यूमेंट क्रिएशन के लिए एक अच्छा टूल है. यह वर्ड फाइल में आउटलाइन ड्राफ्ट करने, पेपर समराइज करने और साइटेशन में मदद जैसे कई काम आसानी से कर देता है. टीम्स में यह मीटिंग और लेक्चर की स्ट्रक्चर्ड समरी तैयार कर सकता है. इसके अलावा यह टॉपिक्स और क्विज आदि के जवाब भी दे सकता है.

रिसर्च के लिए Perplexity का AI मोड साइटेशन के साथ जवाब देता है. साथ ही रिसर्च के लिए यह जर्नल, पेपर और स्कॉलर डेटाबेस से डेटा लेता है. इसके जवाब में इन-लाइन साइटेशन होता है, जिस पर क्लिक कर उस जानकारी को वेरिफाई किया जा सकता है. इस पर PDF फाइल अपलोड कर भी सवालों के जवाब लिए जा सकते हैं.