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“अच्छी खबर: RBI के अनुमान से भी बेहतर रही देश की GDP, आर्थिक मोर्चे पर भारत ने मारी बाजी!”

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“अच्छी खबर: RBI के अनुमान से भी बेहतर रही देश की GDP, आर्थिक मोर्चे पर भारत ने मारी बाजी!”

भारत की आर्थिक स्थिति को लेकर एक अच्छी खबर सामने आई है। रेटिंग एजेंसी ICRA ने अपनी ताज़ा रिपोर्ट में अनुमान लगाया है कि चालू वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में देश की जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) 6.7 प्रतिशत की दर से बढ़ सकती है।

यह भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के 6.5 प्रतिशत के अनुमान से ज़्यादा है। किन सेक्टरों में हुई बढ़त? रिपोर्ट के अनुसार, जहाँ कृषि और औद्योगिक क्षेत्र में थोड़ी धीमी वृद्धि देखी गई है, वहीं सेवा क्षेत्र ने ज़बरदस्त प्रदर्शन किया है।

सेवा क्षेत्र: इस सेक्टर में 8.3 प्रतिशत की बढ़त का अनुमान है, जो पिछले साल की इसी तिमाही के 7.3 प्रतिशत से कहीं बेहतर है। इसका मतलब है कि सेवा क्षेत्र ने अर्थव्यवस्था को मज़बूती दी है।

कृषि और उद्योग: कृषि क्षेत्र में विकास दर 5.4% से गिरकर 4.5% और औद्योगिक क्षेत्र में 6.5% से गिरकर 4% रहने की संभावना है।

दर्दनाक हादसा: पिकअप और कैंटर की भीषण टक्कर, 4 मजदूरों की मौके पर मौत, कई घायल सरकार के खर्च और निवेश में बढ़ोतरी आर्थिक विकास में सरकार का खर्च भी एक बड़ा कारण है। रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्र सरकार ने पूंजीगत खर्च में 52% की बढ़ोतरी की है, जो 2.8 ट्रिलियन रुपये तक पहुँच गया है। इसी तरह, राज्य सरकारों ने भी पूंजीगत खर्च में 23% की वृद्धि दर्ज की है।

इसके अलावा, नई परियोजनाओं में भी ज़बरदस्त उछाल आया है। इस तिमाही में नई परियोजनाओं का कुल मूल्य दोगुना होकर 5.8 ट्रिलियन रुपये हो गया है, जो पिछले साल की इसी तिमाही में सिर्फ 3 ट्रिलियन रुपये था। यह दिखाता है कि देश में निवेश का माहौल बेहतर हो रहा है। कुल मिलाकर, पहली तिमाही के आंकड़े यह संकेत दे रहे हैं कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है।

“सट्टेबाजी वाले ऐप्स पर स्ट्राइक की तैयारी, संसद में बिल होगा पेश. Dream11 पर भी संकट !”

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“सट्टेबाजी वाले ऐप्स पर स्ट्राइक की तैयारी, संसद में बिल होगा पेश. Dream11 पर भी संकट !”

केंद्र सरकार ने ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी को नियंत्रित करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मंगलवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ऑनलाइन गेमिंग बिल को मंजूरी दी, जिसे जल्द ही लोकसभा में पेश किया जाएगा।

इस विधेयक का उद्देश्य ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म्स को कानूनी दायरे में लाना, सट्टेबाजी और जुए से संबंधित ऐप्स पर प्रतिबंध लगाना और युवाओं को इनके नकारात्मक प्रभावों से बचाना है। क्रिकेट टीम बनाने वाली ड्रीम11 जैसे गेमिंग एप पर भी प्रतिबंध लगाया जा सकता है। ऑनलाइन गेमिंग में बेटिंग को अपराध की श्रेणी में रखा जाएगा और इसके तहत सात साल की कैद और 10 लाख तक के जुर्माने का प्रविधान किया जा रहा है।

सट्टेबाजी ऐप्स पर सख्त कार्रवाई नए विधेयक में सट्टेबाजी और जुए से जुड़े ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म्स पर सख्त पाबंदी का प्रावधान है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि ऐसे गेम्स, जो वित्तीय नुकसान, व्यसन, डेटा गोपनीयता उल्लंघन और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे जोखिमों को बढ़ावा देते हैं, पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाएगा। इसके साथ ही, सेलिब्रिटी और सार्वजनिक हस्तियों द्वारा सट्टेबाजी या जुए से जुड़े ऐप्स का प्रचार करने पर भी रोक लगेगी। सरकार का कहना है कि यह कदम विशेष रूप से युवाओं को भ्रामक प्रचार से बचाने के लिए उठाया गया है। आपको बता दें कि बीते 4 से 5 सालों में 1400 से अधिक एप को प्रतिबंधित किया जा चुका है।

धोखाधड़ी और सामाजिक प्रभाव पर चिंता ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी के बढ़ते चलन ने सामाजिक और आर्थिक समस्याओं को जन्म दिया है। हाल ही में, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने महादेव ऑनलाइन बुक (एमओबी) जैसे कई अवैध सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म्स की जांच शुरू की, जिन पर करोड़ों रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग और उपयोगकर्ताओं के साथ धोखाधड़ी का आरोप है।

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने भी इस मुद्दे पर चिंता जताते हुए कहा कि 1867 का सार्वजनिक जुआ अधिनियम अब अप्रासंगिक हो चुका है और ऑनलाइन गेमिंग को नियंत्रित करने के लिए नए कानून की आवश्यकता है। कोर्ट ने सरकार को एक उच्चस्तरीय समिति गठित करने का सुझाव दिया है जो इस दिशा में विधायी व्यवस्था सुझाए।

नए नियमों का ढांचा प्रस्तावित कानून में ऑनलाइन गेमिंग को ‘गेम्स ऑफ स्किल’ और ‘गेम्स ऑफ चांस’ में वर्गीकृत करने का प्रावधान है। गेम्स ऑफ स्किल, जैसे कि फंतासी स्पोर्ट्स, को वैध माना जाएगा, जबकि सट्टेबाजी और जुआ आधारित गेम्स पर प्रतिबंध रहेगा। सरकार ने पहले ही 2023 में आईटी नियमों में संशोधन कर स्व-नियामक संस्थाओं (एसआरओ) की स्थापना को अनिवार्य किया था, जो यह निर्धारित करती हैं कि कोई गेम वैध है या नहीं। नए विधेयक में इन नियमों को और सख्त करने की योजना है।

राज्य और केंद्र का सहयोग ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी को नियंत्रित करना केंद्र और राज्यों दोनों का विषय है। महाराष्ट्र और तमिलनाडु जैसे राज्यों ने स्थानीय स्तर पर प्रतिबंध लगाने की कोशिश की, लेकिन ऑफशोर प्लेटफॉर्म्स और वीपीएन के उपयोग ने इन प्रयासों को कमजोर किया। केंद्र सरकार अब एक राष्ट्रीय स्तर पर एकीकृत कानून लाने की दिशा में काम कर रही है, जिससे अवैध गेमिंग और सट्टेबाजी पर प्रभावी रोक लग सके।

उम्मीदें और चुनौतियां यह विधेयक ऑनलाइन गेमिंग उद्योग में पारदर्शिता और जवाबदेही लाने का प्रयास है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि इसे लागू करने में तकनीकी और कानूनी चुनौतियां आ सकती हैं, खासकर ऑफशोर प्लेटफॉर्म्स को नियंत्रित करने में। फिर भी, सरकार का यह कदम युवाओं को व्यसन और धोखाधड़ी से बचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

“सियासी संग्राम.उपराष्ट्रपति चुनाव की सज चुकी बिसात : राधाकृष्णन और रेड्डी…कौन देगा किसको मात”

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“सियासी संग्राम.उपराष्ट्रपति चुनाव की सज चुकी बिसात : राधाकृष्णन और रेड्डी…कौन देगा किसको मात”

रोचक बात ये हैं कि इस बार दोनों उम्मीदवार दक्षिण भारत से नई दिल्ली । संसद के दोनों सदनों में चल रहे गतिरोध के बीच इंडी गठबंधन ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट के रिटायर जस्टिस बी सुदर्शन रेड्डी को उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए उम्मीदवार बनाया है।

उनका मुकाबला एनडीए के उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन से होगा। विपक्ष दवारा रेडडी के नाम का ऐलान करने के बाद अब ये तय हो गया हैं कि इंडी गठबंधन उपराष्ट्रपति चुनाव में एनडीए को वॉक ओवर नहीं देने जा रहा है। इस ऐलान के बाद अब उपराष्ट्रपति चुनाव काफी रोचक हो गया है।

इंडी गठबंधन ने बी सुदर्शन रेड्डी को चुनाव में उतर कर एनडीए उम्मीददवारा को सीधी चुनौती दे दी है। अब देखना दिलचस्प होगा कि दोनों की गठबंधन के अलावा कई दूसरे दल जो कि वर्तमान में एनडीए और इंडी में शामिल नहीं है। उपराष्ट्रपति चुनाव में किसका साथ देते हैं।

जहां 79 साल के रेड्‌डी गुवाहाटी हाइकोर्ट के चीफ जस्टिस और गोवा के पहले लोकायुक्त रह चुके हैं। वे आंध्र प्रदेश निवासी हैं। 2007 में सुप्रीम कोर्ट का जज नियुक्त किया गया था। खास बात है कि उपराष्ट्रपति पद के लिए दोनों ही उम्मीदवार दक्षिण भारत से हैं। रिटायर जस्टिस रेड्डी आंध्रप्रदेश से, जबकि सीपी राधाकृष्णन तमिलनाडु से हैं।

दोनों 21 अगस्त को नामांकन दाखिल करने वाले है। उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए 9 सितंबर को वोटिंग होगी। उसी दिन काउंटिंग भी की जाएगी। नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 21 अगस्त है। 25 अगस्त तक उम्मीदवारी वापस ली जा सकती है। उपराष्ट्रपति का चुनाव जगदीप धनखड़ के 21 जुलाई की रात अचानक इस्तीफा देने की वजह से हो रहा है। 74 साल के धनखड़ का कार्यकाल 10 अगस्त 2027 तक था।

एनडीए के उम्मीदवार का जीतना तय लोकसभा में कुल सांसदों की संख्या वर्तमान में 542 है। एक सीट खाली है। एनडीए के 293 सांसद हैं। इसी तरह राज्यसभा में 245 सांसद हैं। वहां 5 सीट खाली हैं। एनडीए के पास 129 सांसद हैं। यह मानकर कि उपराष्ट्रपति के लिए नामांकित सदस्य भी एनडीए उम्मीदवार के पक्ष में मतदान करने वाले है। इस तरह, सत्तारूढ़ गठबंधन को कुल 422 सदस्यों का समर्थन प्राप्त है। बहुमत के लिए 391 सांसदों के समर्थन की जरूरत है। अगस्त 2022 में एनडीए उम्मीदवार जगदीप धनखड़ को 528 वोट मिले थे। वहीं विपक्षी उम्मीदवार मार्गेट अल्वा को सिर्फ 182 वोट मिले थे। तब 56 सांसदों ने वोट नहीं डाला था।

“इस देश में नया कानून: जुमे की नमाज न पढ़ने पर होगी दो साल की जेल, भरना पड़ेगा जुर्माना. सोशल मीडिया पर बढ़ी नाराजगी”

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“इस देश में नया कानून: जुमे की नमाज न पढ़ने पर होगी दो साल की जेल, भरना पड़ेगा जुर्माना. सोशल मीडिया पर बढ़ी नाराजगी”

मलेशिया के तेरेंगानु राज्य में अब जुमे की नमाज छोड़ना लोगों को मुश्किल में डाल सकता है। राज्य सरकार ने कहा है कि वह शरिया कानून को पूरी तरह लागू करने वाली है। नए नियम के तहत अगर कोई मुस्लिम पुरुष बिना किसी सही वजह के जुमे की नमाज नहीं पढ़ता, तो उसे दो साल तक जेल हो सकती है।

इस फैसले को मलेशिया जैसे विविध संस्कृति वाले देश में धार्मिक कट्टरता की तरफ बढ़ता कदम माना जा रहा है। प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के शासन में इस तरह की सख्त धार्मिक नीतियां पहले से ज्यादा देखने को मिल रही हैं। कुछ समय पहले एक पुराने मंदिर को हटाकर उसकी जगह मस्जिद बनाई गई, जिसका उद्घाटन खुद प्रधानमंत्री ने किया था।

नमाज न पढ़ने पर होगी जेल और लगेगा जुर्माना साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की खबर के मुताबिक, तेरेंगानु राज्य में अब पहली बार जुमे की नमाज छोड़ने पर सजा हो सकती है। अगर कोई बिना सही वजह के नमाज में नहीं जाता, तो उसे 3,000 रिंगित (लगभग 61,000 रुपये) तक का जुर्माना लगाया जा सकता है, जेल हो सकती है, या दोनों सजा मिल सकती है। राज्य के सूचना और शरिया मंत्री मुहम्मद खलील अब्दुल हादी ने बताया कि इस कानून का मकसद लोगों को यह समझाना है कि जुमे की नमाज सिर्फ एक धार्मिक काम नहीं, बल्कि मुसलमानों की जिम्मेदारी भी है।

पहले क्या था नियम? पहले तेरेंगानु में सिर्फ उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई होती थी जो लगातार तीन बार जुमे की नमाज छोड़ते थे। लेकिन अब नियम और ज्यादा कड़े कर दिए गए हैं। इसे राजनीति से भी जोड़ा जा रहा है क्योंकि यह राज्य पैन-मलेशियाई इस्लामिक पार्टी का मुख्य क्षेत्र है। पार्टी सोचती है कि सख्त इस्लामी कानून लागू करने से वह मुस्लिम समुदाय में अपनी पकड़ और मजबूत कर पाएगी।

तेरेंगानु में करीब 12 लाख लोग रहते हैं, जिनमें से 99% से ज्यादा मलय मुसलमान हैं। यह मलेशिया का अकेला ऐसा राज्य है जहां विधानसभा में कोई विपक्ष नहीं है। 2022 के चुनाव में पैन-मलेशियाई इस्लामिक पार्टी ने सभी 32 सीटें जीत ली थीं। अगले दो साल में फिर से चुनाव होने वाले हैं, इसलिए पार्टी पर पिछली जीत को दोहराने का दबाव है।

सोशल मीडिया पर नाराजगी इस कानून की सोशल मीडिया पर भी आलोचना हो रही है। मलेशियाई वकील अजीरा अजीज ने कहा कि यह नियम कुरान के उस नियम के खिलाफ है जिसमें लिखा है कि “धर्म में जबरदस्ती नहीं होनी चाहिए।” उन्होंने कहा कि जुमे की नमाज जरूरी है, लेकिन इसे अपराध बनाना सही नहीं है। जागरूकता और शिक्षा से ही लोग इसे समझ सकते हैं। एक और व्यक्ति, अहमद अजहर ने कहा कि मलेशिया के सभी लोग अपनी आवाज़ उठाएं, नहीं तो हम भी तालिबान जैसे कट्टर हो जाएंगे।

”CG: गजेंद्र यादव को मिली स्कूल शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी. देखें लिस्ट.. ”

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”CG: गजेंद्र यादव को मिली स्कूल शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी. देखें लिस्ट.. ”

नए मंत्रियों में गुरु खुशवंत साहेब को कौशल तकनीक शिक्षा एवं रोजगार के साथ अनुसूचित जाति विभाग, राजेश अग्रवाल को पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व जबकि गजेंद्र यादव को स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग एवं विधि विधाई विभाग की जिम्मेदारी दी गई है।

गुरु खुशवंत को मिला कौशल, रोजगार और अनुसूचित जाति विभाग, राजेश अग्रवाल को सौंपा गया पर्यटन और धर्मस्व मंत्रालय, गजेंद्र यादव को मिली शिक्षा, ग्रामोद्योग और विधि जिम्मेदारी.

रायपुर: आज सुबह मंत्रीपद की शपथ लेने वाले तीन नए मंत्रियों के बीच विभागों का आबंटन कर दिया गया है। इस संबंध में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ट्वीट कर जानकारी दी है। नए मंत्रियों में गुरु खुशवंत साहेब को कौशल तकनीक शिक्षा एवं रोजगार के साथ अनुसूचित जाति विभाग, राजेश अग्रवाल को पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व जबकि गजेंद्र यादव को स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग एवं विधि विधाई विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। देखें लिस्ट..
श्री विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री – सामान्य प्रशासन, खनिज साधन, ऊर्जा, जनसंपर्क, जल संसाधन, विधानमंडल, सुशासन एवं अभिनवकरण, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी, जन शिकायत एवं निवारण, अन्य विभाग जो किसी मंत्री को आबंटित न हो।

श्री अरुण साव, उप मुख्यमंत्री – लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, नगरीय प्रशासन एवं विकास, खेल एवं युवा कल्याण।
श्री विजय शर्मा, उप मुख्यमंत्री – गृह, जल, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, विज्ञान और प्रौद्योगिकी।
श्री रामविचार नेताम, मंत्री – आदिम जाति विकास, कृषि विकास एवं किसान कल्याण, जल प्रौद्योगिकी, मत्स्य पालन, पशुधन विकास।
श्री दयालदास बघेल, मंत्री – खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण।
श्री केदार कश्यप, मंत्री – वन एवं जलवायु परिवर्तन, परिवहन, सहकारिता, संसदीय कार्य।
श्री लखन लाल देवांगन, मंत्री – वाणिज्य एवं उद्योग, सार्वजनिक उपक्रम, वाणिज्यिक कर (आबकारी), श्रम।
श्री श्याम बिहारी जायसवाल, मंत्री – लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास, 20 सूत्रीय कार्यक्रम क्रियान्वयन।
श्री ओ.पी. चौधरी, मंत्री – वित्त, वाणिज्यिक कर (आबकारी को छोड़कर), आवास एवं पर्यावरण, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी।
श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, मंत्री – महिला एवं बाल विकास, समाज कल्याण।
श्री टंकाराम वर्मा, मंत्री – राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, पुनर्वास, उच्च शिक्षा।
श्री गजेंद्र यादव, मंत्री – स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग, विधि एवं विधायी कार्य।
श्री गुरु खुशवंत साहेब, मंत्री – कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार, अनुसूचित जाति विकास।
श्री राजेश अग्रवाल, मंत्री – पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व।

CG: चना की आवश्यक मात्रा नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा ई-ऑक्शन प्लेटफार्म के माध्यम से खरीदी जाएगी, उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने दी जानकारी…

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CG: चना की आवश्यक मात्रा नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा ई-ऑक्शन प्लेटफार्म के माध्यम से खरीदी जाएगी, उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने दी जानकारी…

सीएम विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में रायपुर में आयोजित छत्तीसगढ़ कैबिनेट की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए, उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने दी जानकारी…

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में 19 अगस्त को राजधानी रायपुर स्थित मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित छत्तीसगढ़ कैबिनेट की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। डिप्टी सीएम अरुण साव ने कैबिनेट मीटिंग के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि मंत्रिपरिषद द्वारा निर्णय लिया है कि राज्य के अनुसूचित क्षेत्र एवं माडा पॉकेट (Mada Pocket) क्षेत्र में रहने वाले अंत्योदय और प्राथमिकता श्रेणी के परिवारों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली (Public Distribution System) के अंतर्गत हर माह वितरित किए जाने वाले 2 किलो चना की आवश्यक मात्रा नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा NeML ई-ऑक्शन प्लेटफार्म के माध्यम से खरीदी जाएगी। यह खरीदी वित्तीय वर्ष 2024-25 में स्वीकृत 0.25 प्रतिशत या इससे कम ट्रांजेक्शन/ सर्विस चार्ज (Transaction / ServiceCharges) पर की जाएगी। इसके साथ ही मंत्रिमंडल ने कहा है कि जुलाई 2025 से नवंबर 2025 तक जिन हितग्राहियों ने चना नहीं लिया है, उन्हें पात्रतानुसार यह चना दिसंबर 2025 तक वितरित कर दिया जाए।

CG: दिनभर रुक-रुककर बारिश और हल्की फुहारों के बीच मंगलवार को अधिकतम तापमान औसत से नीचे, न्यूनतम तापमान में भी बड़ी गिरावट दर्ज हुई ..

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CG: दिनभर रुक-रुककर बारिश और हल्की फुहारों के बीच मंगलवार को अधिकतम तापमान औसत से नीचे, न्यूनतम तापमान में भी बड़ी गिरावट दर्ज हुई ..

दुर्ग जिले में सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात को3.4 मिमी. बारिश हुई थी, जबकि मंगलवार को सुबह से ही मौसम बन गया। काले बादल छा गए और हल्की बूंदाबांदी होती रही।

दिनभर रुक-रुककर बारिश और हल्की फुहारों के बीच मंगलवार को दुर्ग जिले का अधिकतम तापमान औसत से नीचे आ गया। दिन का पारा 29.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। उधर, न्यूनतम तापमान में भी बड़ी गिरावट दर्ज हुई। पारा सामान्य से 4.3 डिग्री की गिरावट के बाद 20.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
दुर्ग जिले में सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात को3.4 मिमी. बारिश हुई थी, जबकि मंगलवार को सुबह से ही मौसम बन गया। काले बादल छा गए और हल्की बूंदाबांदी होती रही।
इसके बाद दोपहर में जिले के एक-दो स्थानों पर अच्छी बारिश हुई। 4.2 मिमी. बारिश रिकॉर्ड की गई। शाम-रात तक भी बौछारें जारी रहीं। मौसम विभाग के विशेषज्ञ एचपी चंद्रा ने बताया कि, दक्षिण तटिय ओडिशा पर बने अवदाब के प्रभाव से बुधवार को दक्षिण छत्तीसगढ़ में भारी से अति भारी बारिश की संभावना है, जबकि मध्य छत्तीसगढ़ के दुर्ग और रायपुर जिलों में इसके प्रभाव से हल्की से मध्यम बारिश संभावित है।
मौसम विभाग ने अलर्ट जारी कर बताया है कि, दुर्ग जिले के एक-दो स्थानों पर अवदाब के प्रभाव से भारी बारिश हो सकती है, लेकिन बौछारों और रुक-रुककर हल्की बारिश का दौर 23 अगस्त तक बना रह सकता है।

CG: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मंत्रालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के कलेक्टर्स की बैठक ..

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CG: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मंत्रालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के कलेक्टर्स की बैठक ..

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मंगलवार को मंत्रालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के कलेक्टर्स की बैठक लेकर शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य में बढ़ते लंबित राजस्व प्रकरणों पर सख्त रुख अपनाते हुए सभी जिलों के कलेक्टर्स को स्पष्ट निर्देश दिए कि अब ’’पेशी पर पेशी’’ का दौर खत्म हो। सभी राजस्व प्रकरणों का निराकरण शासन द्वारा निर्धारित समयसीमा के भीतर ही किया जाए।

मुख्यमंत्री साय ने जिलेवार समीक्षा करते हुए नामांतरण, अविवादित व विवादित बंटवारे, अभिलेख दुरुस्ती, त्रुटि सुधार, भू-अर्जन, सीमांकन, और डायवर्सन से संबंधित प्रकरणों की स्थिति की विस्तृत जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि बार-बार पेशी पर बुलाने से जनता को न केवल आर्थिक नुकसान होता है, बल्कि उनका समय और श्रम भी व्यर्थ जाता है। इससे सरकारी सिस्टम के प्रति लोगों का भरोसा भी कम होता है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि पेशियों में कमी लाएं और प्रकरणों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करें।
मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह ने निर्देश दिए कि सभी राजस्व प्रकरणों को ई-कोर्ट में दर्ज किया जाए, जिससे उनकी निगरानी और ट्रैकिंग आसान हो सके। साथ ही रेकॉर्ड दुरुस्तीकरण और त्रुटि सुधार के मामलों पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया। तहसील स्तर पर पटवारियों के माध्यम से एक विशेष अभियान चलाकर रिकॉर्ड को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय राजमार्गों की परियोजनाओं पर खास जोर देते हुए कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों और भारतमाला परियोजना की तीव्र और निर्बाध गति के लिए भू-अर्जन की प्रक्रिया जरूरी है।उन्होंने कलेक्टरों को निर्देशित किया कि भू-अर्जन और मुआवजा वितरण के लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा करें।
बस्तर संभाग के नारायणपुर, दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर में सडक़, रेल और मोबाइल टॉवर जैसी परियोजनाओं के लिए भू-अर्जन और मुआवजा वितरण कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शीघ्र ही सभी पात्र किसानों का पंजीयन पूरा किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को डिजिटल फसल सर्वे को गंभीरता से लेने और समय पर पूर्ण करने को कहा।

छत्तीसगढ़ के निर्माण की 25वीं वर्षगांठ को यादगार बनाने के लिए 15 अगस्त से रजत महोत्सव की शुरुआत हुई है, जो 25 सप्ताह तक चलेगी। मुख्यमंत्री ने सभी जिलों के कलेक्टरों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में आयोजन कर रजत महोत्सव को जनभागीदारी का उत्सव बनाएं।

मुख्यमंत्री साय ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि 17 सितंबर से लेकर 2 अक्टूबर तक राज्य में ‘सेवा पखवाड़ा’ मनाया जाएगा जो छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव का हिस्सा होगा। इस दौरान रक्तदान शिविर, स्वास्थ्य कैंप, राजस्व कैम्प जैसे जनसेवा के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस अवसर को राज्य के हर नागरिक से जोडक़र जनसंपर्क को और मजबूत किया जाए।

CG: बिहार चुनाव से ठीक पहले छत्तीसगढ़ में मंत्रिमंडल के विस्तार को विशेषज्ञ भाजपा का एक बड़ा राजनीतिक दाव ..

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CG: बिहार चुनाव से ठीक पहले छत्तीसगढ़ में मंत्रिमंडल के विस्तार को विशेषज्ञ भाजपा का एक बड़ा राजनीतिक दाव ..

बिहार चुनाव से ठीक पहले छत्तीसगढ़ में मंत्रिमंडल के विस्तार को विशेषज्ञ भाजपा का एक बड़ा राजनीतिक दाव मान रहे हैं, 3 नए विधायकों को मंत्री बनाकर भाजपा बिहार में भी OBC-SC वोट बैंक को साधना चाहती है। जिन तीन विधायकों को मंत्री बनाया जा रहा है, वे यादव समाज, वैश्य समाज और सतनामी समाज से आते हैं।

छत्तीसगढ़ केबिनेट में नए चेहरे

रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सरकार का मंत्रिमंडल बुधवार को विस्तारित होगा। तीन नए चेहरों को मंत्री पद देकर भाजपा जातीय और राजनीतिक समीकरण साधने की कोशिश में है। ये विस्तार बिहार के विधानसभा चुनाव को भी साधेगा। दरअसल, इसमें अनुसूचित जाति (एससी), अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) और वैश्य समाज से प्रतिनिधियों को शामिल किया जा रहा है।

मध्य प्रदेश में यादव समाज से डॉ. मोहन यादव को मुख्यमंत्री बनाए जाने के बाद भाजपा ने बिहार चुनाव से पहले छत्तीसगढ़ में भी ओबीसी व यादव समाज से आने वाले दुर्ग शहर से विधायक गजेंद्र यादव को मंत्री बनाने का निर्णय लिया है। 2023 की जाति आधारित गणना में बिहार में यादव जाति की आबादी राज्य-स्तरीय 14.26 प्रतिशत है।

CG: मंत्रिमंडल का विस्तार, साय केबिनेट में 3 नए मंत्री बुधवार को शपत लेंगे, राज्य में पहली बार हरियाणा के तर्ज पर बनाए जाएंगे 14 मंत्री ..

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CG: मंत्रिमंडल का विस्तार, साय केबिनेट में 3 नए मंत्री बुधवार को शपत लेंगे, राज्य में पहली बार हरियाणा के तर्ज पर बनाए जाएंगे 14 मंत्री ..

छत्तीसगढ़ में मंत्रिमंडल का विस्तार बुधवार को होने वाला है, साय केबिनेट में 3 नए मंत्री बुधवार को शपत लेंगे। जिनमें दुर्ग शहर के विधायक गजेंद्र यादव, अंबिकापुर के विधायक राजेश अग्रवाल और आरंग के विधायक गुरु खुशवंत साहेब शामिल हैं। इसके साथ ही प्रदेश में पहली बार 14 मंत्री हो जाएंगे।

छत्तीसगढ़ मंत्रिमंडल का विस्तार

विधायक से मंत्री बन रहे गजेंद्र यादव को मिल सकती है शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी, नए मंत्री खुशवंत साहेब को लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) विभाग दिया जा सकता है, राज्य में पहली बार हरियाणा के तर्ज पर बनाए जाएंगे 14 मंत्री, फिलहाल हैं 11 मंत्री.

रायपुर: मंत्रिमंडल विस्तार से पहले विभागों के बंटवारे को लेकर सरगर्मी तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार मंगलवार की देर रात मुख्यमंत्री निवास में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दुर्ग शहर के विधायक गजेंद्र यादव, अंबिकापुर के विधायक राजेश अग्रवाल और आरंग के विधायक गुरु खुशवंत साहेब से बातचीत कर मंत्रणा की।

माना जा रहा है कि तीनों नेताओं को मंत्री पद की शपथ बुधवार को दिलाने के बाद उन्हें विभाग भी बांट दिया जाएगा। सूत्रों के अनुसार गजेंद्र यादव को शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी दी जा सकती है। वे पं. रविशंकर विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर हैं। उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि को देखते हुए उन्हें स्कूल, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा सौंपे जाने की संभावना है। इसके लिए उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा से तकनीकी शिक्षा विभाग लिया जा सकता है।