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ASIA CUP 2025 ; “INDIA vs PAKISTAN मैच में कैसा रहेगा मौसम का हाल, क्या बारिश बिगाड़ेगी खेल?”

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एशिया कप (ASIA CUP 2025) में टीम इंडिया का अगला मुकाबलापाकिस्तान IND vs PAK) के खिलाफ होगा. इस मुकाबले का क्रिकेट फैंस को बड़ी बेसब्री से इंतज़ार है.

सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में टीम इंडिया इस टूर्नामेंट का अपना पहला मैच जीत चुकी है. वहीं, दूसरी तरफ पाकिस्तान की टीम ने ओमान को मात देकर एशिया कप 2025 का आगाज़ जीत के साथ किया है. लेकिन अब इस टूर्नामेंट का सबसे बड़ा मुकाबला होने वाला है. इस मैच पर सभी की नज़रें टिकी हुई है. लेकिन इस महामुकाबले में कैसा रहेगा मौसम का मिज़ाज, चलिए जानते हैं.

क्या बारिश डालेगी मैच में खलल? भारत और पाकिस्तान IND vs PAK के बीच होने वाला सुपरहिट मुकाबला 14 सितंबर को दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जाएगा. ये मैच भारतीय समय के अनुसार रात 8:00 बजे से शुरू होगा. 14 सितंबर को दुबई में काफी गर्मी रहेगी. दिन में तापमान तकरीबन 37 डिग्री सेल्सियस रहेगा तो शाम को तापमान गिरकर 30 डिग्री सेल्सियस के करीब आ सकता है।हवा में नमी की मात्रा 52.2% रहेगी. बारिश की बात करें तो14 सितंबर को दुबई में बारिश की आशंका ना के बराबर है. इसका मतलब साफ है कि इस मुकाबले में बारिश नहीं होगी और फैंस को पूरा मुकाबले देखने को मिलेगा.

कैसी रहेगी दुबई की पिच ? दुबई के मैदान की बात करें तो यहां की पिच दुनिया के बाकी मैदानों से थोड़ी अलग है. इस पिच पर बल्लेबाज़ी करना मुश्किल रहता है. ऐसा इसलिए भी होता है कि ये यहां की बाउंड्री थोड़ी ज़्यादा बड़ी है और यहां की पिच पर स्पिनर्स को थोड़ी ज़्यादा मदद मिलती है. मैदान की साइड बाउंड्री की बात करें तो ये तकरीबन 80 मीटर की है. वहीं सामने की बाउंड्री की बात करें तो इसकी लंबाई करीब 65 मीटर है.

दुबई में कैसा है IND vs PAK रिकॉर्ड दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम मेंभारत और पाकिस्तान (IND vs PAK) के मुकाबले पहले भी खेले जा चुके हैं.

दोनों टीमों के बीच अभी तक 3 मुकाबले खेले गए हैं. इन 3 में से 2 मैचों में भारत को जीत मिली है, तो वहीं 1 मैच में पाकिस्तान ने मैदान मारा है. ऐसे में इस मैदान पर टीम इंडिया का पलड़ा भारी जरुर है, लेकिन फिर भी भारतीय टीम पाकिस्तान को हल्के में लेने की गलती नहीं करेगी.

IND vs PAK मैच के लिए INDIA की टीम सूर्यकुमार यादव (कप्तान), शुभमन गिल, अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा, हार्दिक पांड्या, शिवम दुबे, जितेश शर्मा, अक्षर पटेल, जसप्रीत बुमराह, वरुण चक्रवर्ती, अर्शदीप सिंह, कुलदीप यादव, संजू सैमसन, हर्षित राणा, रिंकू सिंह.

IND vs PAK मैच के लिए PAKISTAN की टीम सलमान अली आगा (कप्तान), अबरार अहमद, फहीम अशरफ, फखर जमान, हारिस रऊफ, हसन अली, हसन नवाज, हुसैन तलत, खुशदिल शाह, मोहम्मद हारिस, मोहम्मद नवाज, मोहम्मद वसीम जूनियर, साहिबजादा फरहान, सईम अयूब, सलमान मिर्जा, शाहीन अफरीदी, सुफयान मोकिम.

भाजपा के प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में प्रेसवार्ता में साय ने कहा’ कि जीएसटी अब वास्तव में एक ‘अच्छा और सरल कर’ बन गया है।

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छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णणुदेव साय ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत में जीएसटी में जो सुधार किए गए हैं, वह देश के 150 करोड़ लोगों के जीवन में खुशियों की सौगात लेकर आया है।

साय ने कहा, ‘‘101 वें संविधान संशोधन द्वारा एक जुलाई 2017 को जीएसटी लागू होने से पहले तक भारत में 17 प्रकार के टैक्स और 13 प्रकार के सेस लागू थे। प्रत्यक्ष कर की बातें करें तो आयकर की दर तो एक समय अधिकतम 97.5 प्रतिशत तक पहुंच गई थी। पिछले वर्ष 12 लाख सालाना की आय को टैक्स फ्री किया गया। अब जीएसटी में चार स्लैब के बदले दो ही स्लैब रखने, सभी उपयोगी वस्तुओं पर कर शून्य करने और अनेक उत्पादों में कर 10 प्रतिशत तक कम कर दिया गया है।’’

मुख्यमंत्री का कहना है कि नये सुधार से सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्योगों को सबसे अधिक लाभ मिलेगा। रोजमर्रा की अनेक वस्तुएं जैसे तेल, शैम्पू, टूथपेस्ट, मक्खन, पनीर, सिलाई मशीन से लेकर ट्रैक्टर एवं उसके कलपुर्जे तथा अन्य कृषि उपकरण और व्यक्तिगत स्वास्थ्य एवं जीवन बीमा, शैक्षणिक वस्तुओं के साथ ही इलेक्ट्रॉनिक व ऑटोमोबाइल उत्पादों को किफायती बनाया गया है। जीएसटी कम होने का लाभ वस्त्र उद्योग को विशेष रूप से निर्यात के लिए होगा।

साय ने कहा कि सुधारों के कारण 90 प्रतिशत वस्तुएं सस्ती हो गई हैं।

बस्तर जिले के मुख्यालय जगदलपुर में ‘जयपुर फुट’ (कृत्रिम अंग) बनाने वाली संस्था (बीएमवीएसएस) के 36वें स्थायी केंद्र का उद्घाटन…

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छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बस्तर जिले के मुख्यालय जगदलपुर में ‘जयपुर फुट’ (कृत्रिम अंग) बनाने वाली संस्था भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति (बीएमवीएसएस) के 36वें स्थायी केंद्र का उद्घाटन किया। संस्था के मीडिया सलाहकार प्रकाश भंडारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

भंडारी ने बताया कि मुख्यमंत्री ने बृहस्पतिवार को केंद्र का उद्घाटन किया और जयपुर फुट की निर्माण प्रक्रिया का निरीक्षण किया। ‘जयपुर फुट’ भारत के अलावा 44 देशों में मौजूद है।

भंडारी ने बताया कि संस्था ने अब तक भारत और विदेशों में 24 लाख लोगों का पुनर्वास किया है।

बीएमवीएसएस के संस्थापक और मुख्य संरक्षक डी आर मेहता ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में दंतेवाड़ा, सुकमा, नारायणपुर और अन्य नक्सल प्रभावित इलाकों में 12 जयपुर फुट शिविर आयोजित किए गए और दिव्यांगों को जयपुर फुट एवं अन्य सहायक उपकरण प्रदान किए गए।

मेहता ने बताया कि ऐसे अशांत इलाकों में शिविर लगाना एक चुनौती थी, लेकिन बीएमवीएसएस के तकनीशियनों और अधिकारियों ने जिला प्रशासन की मदद से दिव्यांगों के पुनर्वास का बीड़ा उठाया।

सुबह-शाम वॉक पर निकले 6 अलग-अलग लोगों से झटपटमारी और चाकूबाजी करने वाले 9 आरोपी गिरफ्तार…

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अगर आप भिलाई में रहते हैं और सुबह-शाम वॉकिंग पर निकलते हैं तो थोड़ा सतर्क हो जाइए, क्योंकि शहर में एक ऐसी भी गैंग है जो मॉर्निंग और इवनिंग वॉक पर जाने वाले लोगों को टारगेट करती है। गैंग के लोग उनसे लूट और छिनटाइ करने के बाद चाकू कटर से वार करने से भी नहीं चूकते। पिछले 3 दिनों मे शहर के अलग-अलग थाना क्षेत्र में सुबह के वक्त लूट और चाकूबाजी की 6 और 20 दिन में कुल मिलाकर 14 घटना को अंजाम देने वाले 9 आरोपियों को दुर्ग पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

क्या है मामला?

दरअसल 9 से 11 सितंबर के बीच भिलाई नगर थाना क्षेत्र में सुबह-शाम वॉक पर निकले 6 अलग-अलग लोगों से झटपटमारी और चाकूबाजी की घटना के बाद भिलाई नगर थाना पुलिस और एसीसीयू की टीम ने कार्रवाई शुरू की। इस घटना में एक एएसआई को चाकू मारा गया था, जबकि शाम को वॉकिंग कर रहे डाक विभाग के प्रवर अधीक्षक के मोबाइल को छीन कर ले गए थे। इधर पुलिस ने मामला दर्ज कर बीच सीसीटीवी फुटेज खंगाले जिसमे कुछ लड़के सुबह सवेरे बाइक और एक्टिव में अलग-अलग घटनाओं को अंजाम देते नजर आए। इसके बाद पुलिस ने जब सीसीटीवी के आधार पर तीन नाबालिग संदिग्धों को हिरासत में लिया। तब उन्होंने पूरी गैंग का पता बताया।

6 नाबालिग समेत 9 आरोपी गिरफ्तार

इस दौरान नौ लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया जिसमें 6 नाबालिग शामिल है। इन सभी ने मिलकर 20 दिन में अंदर 14 अलग-अलग घटनाओं को अंजाम दिया था। इसके साथ ही अधिकतर मामलों में यह आरोपी सुबह सवेरे घूमने निकलने वाले लोगों को टारगेट किया करते थे, और जिनके पास जो होता था उसे छीन कर चले जाते और अगर कोई ज्यादा विरोध करता तो उसे पर चाकू कटर भी चला देते थे।

आरोपियों के खिलाफ अलग-अलग थानों में दर्ज है मामले

एडिशनल एसपी सुखनंदन राठौर ने बताया कि इन आरोपियों पर लूट, चोरी, झपटमारी, हत्या का प्रयास जैसे मामले दर्ज है। जिसमे थाना भिलाई नगर के 4 प्रकरण, मोहन नगर के 1 प्रकरण, चौकी स्मृति नगर 1 प्रकरण, वैशाली नगर 1 प्रकरण, खुर्सीपार 2 प्रकरण, जामुल 1 प्रकरण, और चौकी जेवरा सिरसा में 3 प्रकरण दर्ज है। और यह सभी मामले पिछले 20 दिन के भीतर के है। फिलहाल पुलिस ने इन्हें न्यायालय में पेश कर दिया है।

 

रायपुर से एक बड़ी खबर निकलकर सामने आ रही है। यहां एक अज्ञात युवक की लाश मिली है, पुलिस और फोरेंसिक टीम ने शुरू की जांच…

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राजधानी के साइंस कॉलेज मैदान में मिली युवक की लाश, मौके पर पहुंची पुलिस ने शुरू की जांच…

राजधानी के साइंस कॉलेज मैदान मे मिली अज्ञात युवक की लाश।
पुलिस और फोरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर शुरू की जांच।
30 से 35 वर्ष के बीच बताई जा रही मृत युवक की उम्र।

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पिछले कुछ समय से अपराध के ग्राफ में बढ़ोतरी दर्ज की है। राजधानी रायपुर में आए दिन, चाकूबाजी, लूट, मारपीट और हत्या जैसी घटनाओं को अपराधी बेखौफ होकर अंजाम दे रहे हैं। पुलिस की कड़ाई के बाद भी राजधानी में आरोपियों के हौंसले बुलंद है।

इसी कड़ी में रायपुर से एक बड़ी खबर निकलकर सामने आ रही है। यहां एक अज्ञात युवक की लाश मिली है, पुलिस और फोरेंसिक टीम ने शुरू की जांच…

मिली जानकारी के अनुसार, राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में अज्ञात युवक की लाश मिली है। लाश को देखकर लोगों ने पुलिस की टीम को इसकी सूचना दी। सूचना मिलने के बाद सरस्वती नगर थाना पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। मृतक युवक की उम्र लगभग 30 से 35 वर्ष है। अब तक लाश की शिनाख्त नहीं हो पाई है। पुलिस की टीम जांच में जुटी हुई है।

सोशल मीडिया पर वायरल रायपुर में न्यूड पार्टी के इनविटेशन ने हड़कंप मचा दिया है. इस मुद्दे पर राजनीति तो शुरू ही हो गई है. पुलिस भी एक्टिव है. जानें माजरा…

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”रायपुर में नहीं होने देंगे ‘न्यूड पार्टी’, वायरल इनविटेशन पर बढ़ा विवाद, कांग्रेस का विरोध, BJP भी भड़की”

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में ड्रग्स सिंडिकेट मामले के बाद अब एक नया विवाद उभरा है. इंस्टाग्राम पर @sinful_writer1 नामक अकाउंट से न्यूड पार्टी का आपत्तिजनक विज्ञापन जारी किया गया है.

इस पोस्ट में युवाओं को आकर्षित करने के लिए शराब, ड्रग्स और नग्नता का लालच दिया जा रहा है. वायरल पोस्ट में आज (शनिवार) रायपुर में आयोजन का दावा किया गया है, जहां बिना कपड़ों के एंट्री का उल्लेख है.

कांग्रेस ने किया विरोध
कांग्रेस नेता कन्हैया अग्रवाल ने इन आयोजनों का कड़ा विरोध किया है. उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा, “इन आयोजनों को किसका संरक्षण है? शराब, ड्रग्स परोसने के बाद अब नग्नता परोसने की बारी… आज का यह आयोजन रायपुर में कदापि नहीं होने देंगे.” अग्रवाल ने आज SSP रायपुर से मुलाकात करने की बात कही और पूरे मामले पर कठोर कार्रवाई की मांग की. उनका कहना है कि सोशल मीडिया पर ऐसे विज्ञापनों के पीछे कौन लोग हैं और उनका संरक्षण कौन कर रहा है, इसकी जांच होनी चाहिए. कांग्रेसी दोपहर में SP से मिलकर पार्टी रोकने की अपील करेंगे.

युवा ऐसी गतिविधियों से दूर रहें: कैबिनेट मंत्री
इस विवाद पर कैबिनेट मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा, “इस बात की मुझे बहुत चिंता है, दुख है. आज की युवा पीढ़ी इस बात को समझ नहीं पा रही. ऋषि, मुनियों, संतों का ये देश है. इस प्रकार का आयोजन नहीं होना चाहिए, इस विषय में सोचना भी नहीं चाहिए. कांग्रेस हर चीज में राजनीति करती है. दलगत राजनीति से ऊपर उठकर रोकने का प्रयास करना चाहिए.” मंत्री ने युवाओं से अपील की कि वे ऐसी गतिविधियों से दूर रहें और देश की सांस्कृतिक विरासत का सम्मान करें. वहीं, मामले में गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा, मैं एक बार देख लूं, ऐसा कुछ होगा तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

पुलिस आयोजकों को ढूंए रही
वहीं, पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. SSP कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, वायरल पोस्ट्स की सत्यता जांच की जा रही है और आयोजकों की पहचान हो रही है. स्थानीय निवासियों में आक्रोश है, वे इसे शहर की छवि को खराब करने वाली साजिश बता रहे हैं. समाजसेवी संगठनों ने भी विरोध जताया है. यह विवाद राजनीतिक रंग ले रहा है, जहां भाजपा और कांग्रेस एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं. पुलिस का कहना है कि अगर आयोजन हुआ तो कड़ी कार्रवाई होगी.

“मोदी सरकार दे रही क्रेडिट कार्ड, 5 लाख रुपये है लिमिट, इन लोगों के लिए खुशखबरी”

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केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने अब तक के कार्यकाल में कई ऐसी योजनाएं शुरू की हैं जिसके तहत लोगों को बिजनेस के लिए लोन मिलता है। वहीं, कुछ ऐसी भी योजनाएं हैं जिसके तहत क्रेडिट कार्ड पेश किया जा रहा है।

सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) के लिए भी एक ऐसी योजना है।

कितनी है लिमिट दरअसल, बीते फरवरी महीने में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश करते हुए कहा था कि उद्यम पोर्टल पर रजिस्टर्ड सूक्ष्म उद्यमों के लिए 5 लाख रुपये तक की लिमिट वाले क्रेडिट कार्ड पेश किए जाएंगे। वित्त मंत्री ने बताया था कि पहले साल में 10 लाख कार्ड जारी किए जाएंगे। यह कदम भारत के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) क्षेत्र को मजबूत करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

SME क्रेडिट कार्ड की खासियत यह क्रेडिट कार्ड व्यवसायों को हर दिन के काम के प्रबंधन के लिए पैसे उपलब्ध कराते हैं। उदाहरण के लिए इक्युपमेंट, सामान खरीदने और अन्य संबंधित व्यावसायिक खर्चों को पूरा करने में मददगार है। ये कार्ड व्यावसायिक व्यय पर नजर रखने में भी मदद करते हैं। इस प्रकार, खर्च की निगरानी और विनियमन आसान हो जाता है।

मिलती हैं कई सुविधाएं कई SME क्रेडिट कार्ड पर रिवार्ड, कैशबैक और अन्य सुविधाएं मिलती हैं। इनमें से कुछ कार्ड पर टर्म लोन, री-पेमेट पर राहत जैसी सुविधाएं मिलती हैं। बिजनेस क्रेडिट कार्ड का जिम्मेदारी से इस्तेमाल करने से एसएमई को एक मजबूत क्रेडिट हिस्ट्री बनाने में मदद मिल सकती है। इसके तहत कुछ क्रेडिट कार्ड 45-50 दिनों तक की ब्याज-मुक्त अवधि प्रदान करते हैं, जिससे व्यवसायों को शार्ट टर्म में वर्किंग कैपिटल मिलती है। इनमें से कुछ कार्ड प्रतिस्पर्धी ब्याज दरों पर ईएमआई सेवाएं भी देते हैं।

बता दें कि भारत में कई बैंक एसएमई के लिए डिजाइन किए गए क्रेडिट कार्ड देते हैं। इनमें एसबीआई, एचडीएफसी, एक्सिस बैंक, कोटक, स्टैंडर्ड चार्टर्ड और इंडसइंड बैंक शामिल हैं।

“दूर हो गई BJP की सबसे बड़ी बाधा? कभी भी हो सकता है राष्ट्रीय अध्यक्ष का ऐलान, रेस में 4 मंत्रियों के नाम”

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भारतीय जनता पार्टी (BJP) कई महीनों से राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव को टालती आ रही है। इसका सबसे बड़ा कारण राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के साथ शीर्ष भाजपा नेतृत्व के तल्ख रिश्ते को माना जा रहा है।

हालांकि, बीते कुछ महीनों से दोनों ही तरफ से संबंधों को सामान्य करने और दिखाने की कोशिशें की जा रही हैं। आरएसएस और भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने ही इसकी जिम्मेदारी संभाली है। इसके बाद अब इस बात की संभावना जताई जा रही है कि भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाम का ऐलान पार्टी कभी भी कर सकती है।

2014 के लोकसभा चुनाव से पहले जब भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने आरएसएस की जरूरत को लेकर बयान दिया तो हर कोई अचरज में पड़ गया। सूत्रों का कहना है कि आरएसएस को भी यह बात नागवार गुजरी। इसका खामियाजा भगवा पार्टी को लोकसभा चुनाव में देखने को मिला, जब भाजपा 240 सीटों पर सिमट कर रह गई, जबकि उसने पूरे चुनाव प्रचार के दौरान ‘अबकी बार 400 पार’ का नारा दिया था। कहा जाता है कि संघ के कार्यकर्ताओं ने इस चुनाव में अनमने ढंग से भाजपा का साथ दिया था। आपको बता दें कि नड्डा ने कहा था कि भाजपा को अब संघ की जरूरत नहीं रह गई है।

15 अगस्त को जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाल किला से देश को संबोधित कर रहे थे, तब उन्होंने आरएसएस की तारीफ करते हुआ इसे दुनिया का सबसे बड़ा एनजीओ बताया। इसके बाद मोहन भागवत ने नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आरएसएस के एक कार्यक्रम में साफ शब्दों में कहा था कि राजनीति हो या समाज सेवा इसमें रिटायरमेंट की कोई उम्र नहीं होती है। इससे पहले संघ प्रमुख ने ही कहा था कि 75 साल की उम्र में लोगों को खुद से रिटायर हो जाना चाहिए। आपको बता दें कि इसी साल प्रधानमंत्री 75 साल के होने वाले हैं।

आरएसएस की प्रशंसा करने वालों में प्रधानमंत्री मोदी ही अकेले नहीं हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमिता शाह ने भी हाल ही में कई मौकों पर आरएसएस की सराहना की है। उन्होंने साफ-साफ कहा है कि उन्हें स्वयंसेवक होने पर गर्व है। आरएसएस का कार्यकर्ता होना किसी भी कीमत पर निगेटिव पॉइंट नहीं हो सकता है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा है कि किसी भी स्वयंसेवक को तब तक नहीं रुकना है जब तक कि भारत फिर से महान नहीं बन जाता है।

भाजपा के दोनों दिग्गज नेताओं और आरएसएस चीफ के बयान से भाजपा और संघ के बीच रिश्ते सामान्य होने के संकेत मिल रहे हैं। अब इस बात की प्रबल संभावना है कि दोनों ही संगठन मिलकर जल्द ही भाजपा के अगले राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाम पर अंतिम मुहर लगा सकते हैं। हालांकि संघ न कई मौकों पर कहा है कि सरकार या भाजपा के कार्यों में आरएसएस का हस्तक्षेप नहीं होता है।

आरएसएस और भाजपा के बीच सामान्य हुए रिश्तों में कई दावेदारों के नाम की चर्चा होने लगी है। उनमें सबसे पहला नाम शिवराज सिंह चौहान का आता है, जो कि वर्तमान केंद्र सरकार में मंत्री हैं। वहीं, नितिन गडकरी के नाम पर भी अंदरखाने चर्चा होने लगी है। इसके अलावा, केंद्रीय मंत्री और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और घर्मेंद्र प्रधान का नाम भी रेस में शामिल होने की चर्चा है। भाजपा अक्सर अपने फैसलों से सियासी पंडितों को चौंकाती रही है। ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि भाजपा का अगला राष्ट्रीय अध्यक्ष कौन बनता है।

भविष्य की राजनीति तय करेंगे बिहार विधानसभा के चुनाव, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पांच बार चुनाव जीता, परंतु यह निर्णायक चुनाव होगा…

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बिहार में होने वाला चुनाव सिर्फ एक लोकतांत्रिक कवायद नहीं है, इसमें तीन दिग्गजों- नीतीश कुमार, तेजस्वी यादव और राहुल गांधी की राजनीति दांव पर लगी है. दो दल- जदयू और लोजपा अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे हैं, जबकि शक्तिशाली भाजपा और इंडिया का भंगुर गठबंधन सबसे कठिन लड़ाई में जूझने जा रहे हैं.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पांच बार चुनाव जीता है, परंतु यह उनका निर्णायक चुनाव होगा. उनकी पार्टी का वोट प्रतिशत 2010 के 22.6 फीसदी से घटकर 2020 में 15.7 प्रतिशत रह गया. ढांचागत सुधार, विद्युतीकरण में वृद्धि तथा कानून-व्यवस्था की स्थिति बेहतर करने जैसी उनकी उपलब्धियां निर्विवाद हैं, लेकिन अब उन पर थकान भारी पड़ रही है. बेरोजगारी बिहार की आत्मा से जुड़ी है, और 75 लाख लोग बिहार से बाहर मेहनत कर जीविका चला रहे हैं.

विस्थापन एक ऐसा घाव है, जो भरना ही नहीं चाहता. नीतीश कुमार को अपने दम पर बहुमत लाना होगा, ताकि एनडीए में अपनी पार्टी की प्रासंगिकता बनाए रखें, जिसने उन्हें मुख्यमंत्री प्रस्तावित किया है. इससे कुछ स्थानीय भाजपा नेता परेशान हैं, जो बड़ी भूमिका चाहते हैं. बिहार की राजनीति में बड़ी भूमिका इन दिनों तेजस्वी यादव निभा रहे हैं.

इस चुनाव में उन्हें लालू के बेटे से अलग पहचान साबित करनी होगी. इंडिया गठबंधन का नेतृत्व कर रहे तेजस्वी अपने मुस्लिम-यादव जनाधार पर निर्भर हैं, जिसके बूते 2020 के चुनाव में 75 सीटें जीत राजद राज्य का सबसे बड़ा दल बनकर उभरा है. एनडीए के मजबूत जातिगत समीकरण को चुनौती देने के लिए तेजस्वी को अब ओबीसी, दलितों और कमजोर तबकों तक पहुंच बनानी होगी.

तेजस्वी के तेज, युवा केंद्रित और तकनीकी दक्षता से लैस चुनाव अभियान का दायरा बढ़ रहा है. एक ओपीनियन पोल के मुताबिक, मुख्यमंत्री के तौर पर उनकी 36.9 प्रतिशत रेटिंग मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की 18.4 फीसदी रेटिंग से बहुत आगे है. इसके बावजूद तेजस्वी पर लालू यादव के दौर के जंगल राज का ठप्पा लगा हुआ है. बिहार के रण में राहुल गांधी भी अपनी योग्यता साबित करना चाहते हैं.

वर्ष 2020 में 19 सीटें जीतने वाली कांग्रेस गठबंधन में जूनियर पार्टनर है, फिर भी चुनाव में कांग्रेस की भूमिका बड़ी है. यह चुनाव न केवल इस प्रांत में कांग्रेस की संभावनाओं की परीक्षा है, बल्कि इसमें कांग्रेस का प्रदर्शन इंडिया गठबंधन के संभावित प्रधानमंत्री के रूप में राहुल की नियति भी तय करेगा.

तेजस्वी और कन्हैया कुमार के साथ राज्य पदयात्रा में उन्होंने उन मुद्दों को उभारा, जो युवाओं के मुद्दे हैं. यानी बेरोजगारी, विस्थापन और आर्थिक महत्वाकांक्षा. कांग्रेस का ‘पलायन रोको, नौकरी दो’ नारा बिहार की हकीकत से जुड़ गया है, जहां के 51.2 फीसदी मतदाताओं ने रोजगार को अपनी प्रमुख प्राथमिकता बताई है. भाजपा के एजेंडे में आदर्शवाद कहीं नहीं है.

एनडीए की चुनावी गाड़ी बिहार में एक असामान्य बाधा का सामना कर रही है : राज्य में एक भी करिश्माई स्थानीय नेता नहीं है. ऐसे में, भाजपा नरेंद्र मोदी की व्यापक लोकप्रियता व चुंबकीय व्यक्तित्व तथा अमित शाह के रणनीतिक कौशल के सहारे आगे बढ़ेगी. वर्ष 2020 के 74 सीटों से आगे बढ़ने के लिए पार्टी मोदी के विकासवादी विमर्श के साथ राजद के दौर में कानून-व्यवस्था की विफलता को याद दिलाएगी.

चुनाव विश्लेषक एनडीए के पक्ष में 48.9 प्रतिशत तथा इंडिया गठबंधन के पक्ष में 35.8 फीसदी समर्थन का आंकड़ा दे रहे हैं. परंतु एनडीए सहयोगियों में सब कुछ ठीक नहीं दिखता. सीटों के मामले में चिराग पासवान की लोजपा और जदयू के बीच मतभेद हैं. चिराग पासवान 20-25 सीट मांग रहे हैं, पर जदयू इतनी सीटें देना नहीं चाहता.

चिराग पासवान बिहार चुनाव में सबसे अप्रत्याशित चेहरे के रूप में सामने हैं. अगर चुनाव में भाजपा और जदयू में से किसी को निर्णायक बहुमत नहीं मिलता तो मुख्यमंत्री के चयन में चिराग की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है. बिहार की राजनीति अब भी जातिगत समीकरणों पर निर्भर है. सभी 243 सीटों पर लड़ रही जन सुराज पार्टी जातिगत समीकरणों को महत्व नहीं दे रही.

पर इसके नेता प्रशांत किशोर की मुख्यमंत्री के रूप में रेटिंग मात्र 16.4 फीसदी है. बिहार का चुनाव एनडीए और इंडिया गठबंधन, दोनों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. राज्य के मतदाता सिर्फ अगले मुख्यमंत्री का ही चयन नहीं करेंगे, वे भारत के राजनीतिक भविष्य की भी नींव रखेंगे.

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मणिपुर का दौरा, विभिन्न विकास योजनाओं के शिलान्यास के साथ ही जनसभा को भी संबोधित करेंगे।

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मई 2023 में नस्लीय हिंसा भड़कने के बाद पहली बार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मणिपुर का दौरा करेंगे। इस दौरान प्रधानमंत्री मैतेयी बहुल इंफाल के साथ-साथ कुकी बहुल चुड़ा चांदपुर में विभिन्न विकास योजनाओं के शिलान्यास के साथ ही जनसभा को भी संबोधित करेंगे।

दोनों समुदायों को साधने की करेंगे कोशिश पीएम माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री का यह दौरा लंबे समय से नस्लीय हिंसाका शिकार रहे मणिपुर में स्थायी शांति की राह को आसान बनाने का काम करेगा। विपक्ष लंबे समय से प्रधानमंत्री के मणिपुर नहीं जाने को मुद्दा बनाता रहा है। मणिपुर के बाद प्रधानमंत्री का असम, पश्चिम बंगाल और बिहार में कई कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे।

दरअसल मणिपुर हाईकोर्ट के एक फैसले के बाद तीन मई 2023 को कुकी और मैतेयी समुदायों के बीच हिंसा शुरू हो गई थी। उसके बाद कुकी समुदायों द्वारा असम से जोड़ने वाले एनएच-दो समेत अन्य सड़क मार्गों को बंद कर दिया गया था।

मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू हिंसा पर काबू करने के बाद विश्वास बहाली के लिए इस साल फरवरी में मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू किया गया। इसके बाद दोनों समुदायों के साथ अलग-अलग और फिर एक साथ बैठकर शांति की कोशिश पिछले महीने रंग लाई।

दिल्ली में कुकी उग्रवादी गुटों ने संस्पेंशन ऑफ ऑपरेशन पर हस्ताक्षर पर अपनी शिविरों को मैतेयी बहुल इलाकों से दूर करने पर सहमति दे दी। कुकी-जो संगठन ने भी एनएच-दो समेत सभी राजमार्गों को आवाजाही के लिए खोलने पर सहमति दे दी।

प्रधानमंत्री का दौरा का अहम शांति की दिशा में इन प्रयासों के बाद अब प्रधानमंत्री का दौरा इसे स्थायित्व देने के लिहाज से अहम है। प्रधानमंत्री मोदी का कार्यक्रम कुकी बहुल चुड़ा चांदपुर और मैतेयी बहुल इंफाल दोनों को चुनकर यह संदेश दिया गया है कि सरकार दोनों को समान रूप से अहमियत दे रही है। किसी के साथ भेदभाव नहीं किया जाएगा।

चुड़ा चांदपुर में वे 7300 करोड़ तो. इंफाल में 3600 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की पीएम आधारशिला रखेगे। साथ ही 2500 करोड़ रुपये की राष्ट्रीय राजमार्ग की पांच परियोजनाओं, मणिपुर इंफोटेक डेवलपमेंट प्रोजेक्ट और नौ स्थानों पर वर्किंग वुमेन होस्टल का भी शिलान्यास करेंगे।

पीएम मोदी असम, पश्चिम बंगाल और बिहार का दौरा भी करेंगे मणिपुर के बाद प्रधानमंत्री मोदी अगले कुछ महीने में होने वाले विधानसभा चुनावों वाले राज्य असम, पश्चिम बंगाल और बिहार जाएगा। असम में 13 सितंबर को भारत रत्न भूपेन हजारिका के जन्म शताब्दी समारोह में हिस्सा लेने के बाद 14 सितंबर को 18500 करोड़ की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलायांस करेंगे।

15 सितंबर को कोलकाता में 16वीं संयुक्त कमांडर कांफ्रेंस का उद्घाटन करने के बाद बिहार के पूर्णिया जाएंगे। पूर्णिया में हवाई अड्डे के नए टर्मिनल का उद्घाटन के साथ-साथ नव गठित राष्ट्रीय मखाना बोर्ड को लांच करेंगे।

पूर्णिया में हवाई अड्डे के नए टर्मिनल का उद्घाटन साथ ही लगभग 3600 करोड़ रुपये की विभिन्न योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन करेंगे, जिनमें भागलपुर के पीरपैंती में 2400 मेगावाट की थर्मल पावर प्लांट, कोशी-मेची नदी को जोड़ने वाले अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट शामिल हैं।