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केरल में मानसून” अगले 2-3 दिनों में छत्तीसगढ़ में प्रवेश की संभावना, आंधी, गरज-चमक और बारिश की चेतावनी…

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दक्षिण-पश्चिम मानसून ने केरल में दस्तक दे दी है।

अब मानसून केरल के बाद कर्नाटक, तमिलनाडु के इलाकों में तेजी से आगे बढ़ रहा है। कुछ दिनों में मानसून महाराष्ट्र, गोवा, आंध्र प्रदेश समेत अन्य राज्यों में दस्तक दे सकती है। वहीं भीषण गर्मी और उमस से परेशान छत्तीसगढ़ के लोगों दो से दिन तक और इंतजार करना होगा। यहां मानसून अगले 2-3 दिनों में प्रवेश करने की संभावना है।

इसी बीच मौसम विभाग ने कई जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है।

मौसम विभाग के अनुसार, आज शाम कई जिलों में आंधी, गरज-चमक और बारिश का आसार है। साथ ही बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने को लेकर भी चेतावनी जारी की गई है। बारिश की गतिविधियां बढ़ने का असर तापमान पर भी देखने को मिल रहा है। उत्तर छत्तीसगढ़ में अधिकतम तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। प्रदेश में सबसे अधिक गर्मी राजनांदगांव में दर्ज की गई, जहां अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस रहा। हालांकि मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के सक्रिय होने के बाद तापमान में और गिरावट देखने को मिल सकती है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी।

“CG: मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना” 50 हजार की सहायता, डीबीटी से सीधा भुगतान” सामूहिक विवाह कार्यक्रम में कुल 184 जोड़ों का विवाह संपन्न”

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मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत नवविवाहित जोड़ों को दी गई उपहार सामग्री को लेकर महिला एवं बाल विकास विभाग ने तथ्यात्मक जानकारी जारी कर स्थिति स्पष्ट की है।

विभागीय अधिकारियों ने बताया कि 10 फरवरी 2026 को खड़गवां विकासखंड के चनवारीडांड में आयोजित सामूहिक विवाह कार्यक्रम में वित्तीय वर्ष 2025-26 के तहत कुल 184 जोड़ों का विवाह संपन्न कराया गया था। कार्यक्रम में शासन द्वारा निर्धारित सभी दिशा-निर्देशों और वित्तीय प्रावधानों का पालन किया गया।

50 हजार की सहायता, डीबीटी से सीधा भुगतान

योजना के तहत प्रति कन्या 50 हजार रुपये की सहायता राशि का प्रावधान है, इसमें से 35 हजार रुपये सीधे हितग्राही के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से अंतरित किए जाते हैं। शेष राशि से विवाह आयोजन, भोजन, आवास, वस्त्र, श्रृंगार सामग्री सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं की जाती हैं। कार्यक्रम में प्रति विवाहित जोड़े के लिए 20 अतिथियों के भोजन, वर-वधू के वस्त्र, चांदी के बिछिया-पायल, श्रृंगार सामग्री और अन्य जरूरी सामान उपलब्ध कराया गया था। विभागीय अधिकारी ने बताया किया कि शासन के निर्देशों के अनुसार निर्धारित वित्तीय सीमा के भीतर ही सामग्री वितरित की गई। चांदी के बाजार मूल्य बढ़ने के कारण स्वीकृत प्रावधानों के अनुरूप कृत्रिम मंगलसूत्र दिए गए थे।

साथ ही, यदि किसी सामग्री की गुणवत्ता में कमी मिली तो संबंधित फर्म पर प्रति हितग्राही 100 रुपये की दर से कुल 18 हजार 400 रुपये की कटौती की गई। प्रति कन्या 1000 रुपये सीधे हितग्राहियों के खातों में अंतरित किए गए। इस प्रक्रिया के तहत कुल 36 हजार रुपये सीधे खातों में जमा हुए और लगभग 14 हजार रुपये विवाह आयोजन व अन्य व्यवस्थाओं पर खर्च किए गए। विभागीय अधिकारियों ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों के सम्मानजनक विवाह के लिए महत्वपूर्ण सामाजिक योजना है।

“विशेष लेख : श्रम का सम्मान, मजदूरों का कल्याण” दीनदयाल उपाध्याय कृषि मजदूर कल्याण योजना से आया खुशहाली का नया सवेरा”

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दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा चलाई जा रही एक प्रमुख कल्याणकारी योजना है। कृषि पर निर्भर उन भूमिहीन परिवारों को आर्थिक संबल और सुरक्षा प्रदान करना, जिनके पास कोई कृषि योग्य भूमि नहीं है। इसके तहत राज्य के भूमिहीन खेतिहर मजदूरों को प्रति वर्ष 10 हजार रूपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।

दीनदयाल उपाध्याय कृषि मजदूर कल्याण योजना एक ऐसी दूरदर्शी योजना है, जो सीधे उन हाथों को मजबूत कर रही है जो खेतों में दिन-रात पसीना बहाकर देश के अन्न भंडार भरते हैं। यह सिर्फ एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों के भूमिहीन परिवारों के जीवन में आर्थिक स्थिरता और स्वाभिमान लाने की एक अनूठी पहल है।

अनिश्चितता से सुरक्षा की ओर

हमारे ग्रामीण कृषि मजदूरों के पास जब अपनी जमीन नहीं होती, तो उनकी आजीविका पूरी तरह से मौसम, फसलों के चक्र और दैनिक मजदूरी पर निर्भर हो जाती है। विशेषकर जब खेतों में काम नहीं होता (ऑफ-सीजन), तब इन परिवारों के सामने गहरा आर्थिक संकट खड़ा हो जाता है। इसी अनिश्चितता को दूर करने और उनके परिवारों की शुद्ध वार्षिक आय में वृद्धि करके उन्हें एक मजबूत सामाजिक- आर्थिक सुरक्षा कवच देने के उद्देश्य से, सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2024-2025 में इस कल्याणकारी योजना की शुरुआत की गई है।

क्यो खास है यह योजना ?

इस योजना का खाका ग्रामीण समाज के सबसे कमजोर और अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को ध्यान में रखकर खींचा गया है। इसका मुख्य उद्देश्य भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों की शुद्ध वार्षिक आय को बढ़ाते हुए उनकी आय में सीधी वृद्धि करना है, ताकि खेती के संकट के दिनों में उन्हें एक निश्चित वित्तीय आधार मिल सके। इस आर्थिक सहायता के जरिए मजदूरों को स्थानीय साहूकारों के महंगे कर्ज के जाल से बचाकर आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। यह योजना केवल कागजों पर नहीं, बल्कि सीधे जमीन पर उतरकर लोगों की जिंदगी बदल रही है और इसके आंकड़े इसकी शानदार सफलता की गवाही देते हैं। योजना के अंतर्गत प्रत्येक चिन्हित पात्र परिवार को हर साल 10 हजार रुपए की आर्थिक सहायता राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की जा रही है, जिससे पूरी पारदर्शिता बनी रहती है और बिचौलियों या दलालों की भूमिका खत्म हो जाती है।

वर्ष 2026 में 4 लाख 95 हजार 965 हितग्राही लाभान्वित, 22 हजार 28 बैगा-गुनिया परिवार भी शामिल

योजना के क्रियान्वयन के पहले वर्ष 2025 में कुल 5 लाख 62 हज़ार 112 हितग्राहियों को 10,000 रुपये के मान से कुल 562 करोड़ 11 लाख 20 हजार रुपये की राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे उनके खातों में अंतरित की गई थी। सफलता के इसी सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए, इस वर्ष 2026 में 4 लाख 95 हजार 965 हितग्राहियों को 10 हजार रुपये के मान से कुल 495 करोड़ 96 लाख 50 हजार रुपये की राशि डीबीटी के माध्यम से उनके खातों में अंतरित की जा रही है, जिसमें विशेष रूप से 22 हजार 28 बैगा-गुनिया परिवार भी शामिल हैं। वर्तमान में आगामी किस्तों को बिना किसी तकनीकी रुकावट के भेजने के लिए वर्ष 2025-26 के पात्र हितग्राहियों का भौतिक सत्यापन एवं e-KYC  (इलेक्ट्रॉनिक नो योर कस्टमर) का कार्य युद्ध स्तर पर किया जा रहा है।

इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक परिवार का मूल रूप से ग्रामीण क्षेत्र का निवासी होना, पूरी तरह से भूमिहीन होना अर्थात नाम पर कोई कृषि भूमि दर्ज न हो और आजीविका का मुख्य साधन अनिवार्य रूप से कृषि मजदूरी होना आवश्यक है। इसके लिए ऑफलाइन प्रक्रिया के तहत पंचायत, जनपद या विकासखंड (ब्लॉक) कार्यालय से निर्धारित फॉर्म प्राप्त कर, उसे सही-सही भरकर आवश्यक दस्तावेजों के साथ ग्राम पंचायत के सचिव या ग्राम रोजगार सहायक के पास जमा किया जा सकता है। वहीं ऑनलाइन प्रक्रिया के लिए हितग्राही योजना के आधिकारिक वेब पोर्टल के माध्यम से या अपने नजदीकी ग्राहक सेवा केंद्र (CSC) पर जाकर आवेदन दर्ज करा सकते हैं। आवेदन के साथ परिवार के सदस्यों का पहचान पत्र (जैसे आधार कार्ड), डीबीटी इनेबल्ड बैंक पासबुक की फोटोकॉपी, लिंक मोबाइल नंबर, ग्राम पंचायत द्वारा जारी निवास/मजदूर होने का सत्यापन पत्र और राजस्व विभाग (पटवारी) द्वारा जारी भूमिहीन होने का प्रमाण पत्र संलग्न करना अनिवार्य है।

CG: हाइड्रोपोनिक्स तकनीक से खेती का नया रास्ता, वन विकास निगम की कार्यशाला में मिली आधुनिक कृषि की जानकारी…

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हाइड्रोपोनिक्स एक उन्नत कृषि तकनीक है, जिसमें मिट्टी का उपयोग नहीं किया जाता। पौधों को सीधे पानी और उसमें घुले आवश्यक पोषक तत्वों के माध्यम से उगाया जाता है। यह तकनीक पारंपरिक खेती की तुलना में कम जगह और कम पानी में अधिक व तेजी से फसल उगाने में बेहद कारगर है।

छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम लिमिटेड द्वारा “हाइड्रोपोनिक्स नवाचार एवं न्यूट्रिशन फील्ड तकनीक भविष्य की रणनीति” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य आधुनिक कृषि तकनीकों, पोषण सुरक्षा और टिकाऊ उत्पादन प्रणालियों की जानकारी देना तथा भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा करना था।

भविष्य की खेती के लिए हाइड्रोपोनिक्स को बताया उपयोगी तकनीक

कार्यशाला में भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईएआरआई), नई दिल्ली के प्रिंसिपल साइंटिस्ट एवं प्रोफेसर डॉ. मुर्तजा हसन तथा हाइड्रोपोनिक्स विशेषज्ञ मोहम्मद जावेद आलम ने प्रतिभागियों को तकनीकी जानकारी प्रदान की। विशेषज्ञों ने बताया कि हाइड्रोपोनिक्स तकनीक के माध्यम से कम भूमि और कम पानी में नियंत्रित वातावरण में गुणवत्तापूर्ण फसल उत्पादन किया जा सकता है।

बढ़ती आबादी और सीमित संसाधनों के बीच कारगर विकल्प

डॉ. मुर्तजा हसन ने कहा कि बढ़ती जनसंख्या, घटती कृषि भूमि और जल संसाधनों पर बढ़ते दबाव को देखते हुए हाइड्रोपोनिक्स जैसी आधुनिक तकनीकें भविष्य की आवश्यकता बन रही हैं। उन्होंने बताया कि यह तकनीक पोषण सुरक्षा, अधिक उत्पादन और पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

युवाओं और उद्यमियों के लिए स्वरोजगार के नए अवसर

हाइड्रोपोनिक्स विशेषज्ञ मोहम्मद जावेद आलम ने हाइड्रोपोनिक प्रणाली की स्थापना, पोषक तत्व प्रबंधन, उपयुक्त फसल चयन और व्यावसायिक संभावनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह तकनीक शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में भी आसानी से अपनाई जा सकती है तथा युवाओं और उद्यमियों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा कर सकती है।

प्रतिभागियों ने जानी आधुनिक खेती की बारीकियां

कार्यशाला में निगम के अधिकारी-कर्मचारी, कृषि एवं उद्यानिकी क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ तथा अन्य प्रतिभागी बड़ी संख्या में शामिल हुए। इस दौरान प्रतिभागियों ने विशेषज्ञों से विभिन्न तकनीकी विषयों पर प्रश्न पूछकर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया।

नवाचार आधारित कृषि विकास को मिलेगा बढ़ावा

कार्यक्रम के समापन अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के अधिकारियों ने विशेषज्ञों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं आधुनिक, वैज्ञानिक और टिकाऊ कृषि प्रणालियों को बढ़ावा देने के साथ-साथ प्रदेश में नवाचार आधारित विकास को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

नगरीय प्रशासन विभाग में 18 अधिकारियों-कर्मचारियों के तबादले…

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राज्य शासन ने नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के 18 अधिकारियों की नवीन पदस्थापना की है। इनमें मुख्य नगर पालिका अधिकारी से लेकर राजस्व निरीक्षक, स्वास्थ्य निरीक्षक, राजस्व उप निरीक्षक और सहायक ग्रेड-2 शामिल हैं

विभाग ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्रीमती किरण पटेल और सहायक राजस्व निरीक्षक श्री राजेश तिवारी का निलंबन समाप्त करते हुए आगामी आदेश पर्यंत क्रमशः बम्हनीडीह नगर पंचायत और खैरागढ़ नगर पालिका में पदस्थ किया है। यद्यपि दोनों के विरुद्ध विभागीय जांच जारी रहेगी।

नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने स्थानांतरित सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को नवीन पदस्थापना स्थल पर 7 दिनों के भीतर कार्यभार ग्रहण कर विभाग को सूचित करने के निर्देश दिए हैं। समयावधि में कार्यभार ग्रहण नहीं करने पर वर्तमान स्थान से वेतन आहरित नहीं होगा। इसके उल्लंघन पर नियंत्रण अधिकारी के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह 15 जून को जिले के प्रवास पर…

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विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह 15 जून 2026 को राजनांदगांव जिले के प्रवास पर रहेंगे।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह 15 जून को सुबह 11.20 बजे विश्राम गृह दुर्ग से कार द्वारा प्रस्थान कर दोपहर 12 बजे राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम सुरगी पहुंचेंगे एवं कृषक संगोष्ठी कार्यक्रम में शामिल होंगे।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह दोपहर 1.30 बजे ग्राम सुरगी से कार द्वारा प्रस्थान कर दोपहर 1.45 बजे स्पीकर हाऊस राजनांदगांव पहुंचेंगे एवं समय आरक्षित रहेगा।

विधानसभा अध्यक्ष शाम 4.30 बजे स्पीकर हाऊस राजनांदगांव से कार द्वारा प्रस्थान कर शाम 4.40 बजे पुलिस  लाईन राजनांदगांव पहुंचेंगे एवं पहल कार्यक्रम में शामिल होंगे।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह शाम 6 बजे पुलिस लाईन राजनांदगांव से कार द्वारा सेवा सदन बस स्टैण्ड के पास दुर्ग के लिए प्रस्थान करेंगे।

राजस्थान और गुजरात के बीच बढ़ेगी रेल कनेक्टिविटी, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव…

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राजस्थान और गुजरात के यात्रियों को जल्द ही एक नई रेल सेवा की सौगात मिलने जा रही है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव शीघ्र ही साबरमती (अहमदाबाद) से बीकानेर (लालगढ़) के बीच चलने वाली नई एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। यह ट्रेन दोनों राज्यों के बीच सीधा, तेज और सुविधाजनक रेल संपर्क उपलब्ध कराएगी।

राजस्थान और गुजरात के यात्रियों को जल्द ही एक नई रेल सेवा की सौगात मिलने जा रही है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव शीघ्र ही साबरमती (अहमदाबाद) से बीकानेर (लालगढ़) के बीच चलने वाली नई एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। यह ट्रेन दोनों राज्यों के बीच सीधा, तेज और सुविधाजनक रेल संपर्क उपलब्ध कराएगी।

साबरमती-बीकानेर (लालगढ़) एक्सप्रेस पश्चिम भारत के दो प्रमुख राज्यों को जोड़ते हुए पर्यटन, व्यापार और सामाजिक संपर्क को बढ़ावा देगी। इस रेल सेवा के शुरू होने से यात्रियों को गुजरात और राजस्थान के प्रमुख पर्यटन स्थलों तक पहुंचने में काफी सुविधा होगी।

गुजरात के साबरमती रिवरफ्रंट, मोढेरा सूर्य मंदिर, पाटन स्थित ऐतिहासिक रानी की वाव और अहमदाबाद की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का आनंद लेने वाले पर्यटकों को अब बीकानेर, जूनागढ़ किला, करणी माता मंदिर, लालगढ़ पैलेस और मरुस्थलीय पर्यटन स्थलों तक पहुंचने के लिए बेहतर रेल सुविधा उपलब्ध होगी। इसी तरह राजस्थान से गुजरात जाने वाले यात्रियों को भी सीधा और सुगम रेल विकल्प मिलेगा।

करीब 740 किलोमीटर लंबी यात्रा तय करने वाली यह ट्रेन गुजरात के अहमदाबाद, महेसाणा, पाटन और बनासकांठा जिलों के साथ-साथ राजस्थान के जालौर, बालोतरा, जोधपुर, नागौर और बीकानेर जिलों को लाभ पहुंचाएगी। ट्रेन के प्रमुख ठहरावों में साबरमती, महेसाणा, पाटन, भीलड़ी, धानेरा, रानीवाड़ा, मारवाड़-भीनमाल, मोदरान, जालौर, मोकलसर, समदड़ी, लूणी, जोधपुर, गोटन, मेड़ता रोड, नागौर, नोखा, बीकानेर और लालगढ़ स्टेशन शामिल होंगे।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार इस सेवा के शुरू होने के बाद बीकानेर और साबरमती के बीच दैनिक एक्सप्रेस रेल संपर्क स्थापित हो जाएगा। इससे विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों और पर्यटकों को विशेष लाभ मिलेगा। साथ ही दोनों राज्यों के बीच आर्थिक गतिविधियों, व्यापारिक संबंधों और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को भी नई गति मिलेगी।

हाल के दिनों में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राजस्थान को कई महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं और नई सेवाओं की सौगात दी है। उन्होंने जोधपुर से विभिन्न रेल सेवाओं को हरी झंडी दिखाई थी और जैसलमेर में कोच केयर कॉम्पलेक्स का उद्घाटन किया था। इसके अलावा जोधपुर-दिल्ली कैंट वंदे भारत एक्सप्रेस को 20 कोचों के साथ संचालित करने और साबरमती-जोधपुर एक्सप्रेस का विस्तार जैसलमेर तक करने की घोषणा भी की गई थी। वहीं भुज-जालोर-पाली-दिल्ली नई रेल सेवा के संचालन से पश्चिमी राजस्थान के कई क्षेत्रों को पहली बार दिल्ली और भुज से सीधा रेल संपर्क मिला है।

प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों के बीच नीस में द्विपक्षीय बातचीत होने की भी उम्मीद….

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भारत इनोवेट्स समिट के उद्घाटन से पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को भारत, फ्रांस और कई अन्य देशों के चुनिंदा निवेशकों और वेंचर कैपिटल लीडर्स के साथ बातचीत की।

भारत इनोवेट्स समिट के उद्घाटन से पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को भारत, फ्रांस और कई अन्य देशों के चुनिंदा निवेशकों और वेंचर कैपिटल लीडर्स के साथ बातचीत की।

इस इनोवेशन-केंद्रित समिट को प्रधानमंत्री मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों मिलकर शुरू करेंगे।

इस कार्यक्रम में प्रमुख स्टार्टअप, निवेशक, उद्यमी और टेक्नोलॉजी से जुड़े लोग एक साथ आएंगे। वे भारत, फ्रांस और व्यापक ग्लोबल इकोसिस्टम के बीच सहयोग, निवेश और इनोवेशन-आधारित पार्टनरशिप के मौकों पर चर्चा करेंगे।

निवेशकों के साथ यह बातचीत ऐसे समय में हो रही है जब भारत और फ्रांस अपनी ‘स्पेशल ग्लोबल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ के तहत उभरती टेक्नोलॉजी, इनोवेशन और उद्यमिता के क्षेत्र में सहयोग को और गहरा करना चाहते हैं।

‘भारत इनोवेट्स समिट’ के दोनों देशों के स्टार्टअप इकोसिस्टम के बीच आपसी निवेश को बढ़ावा देने और संबंधों को मजबूत करने के लिए एक अहम मंच बनने की उम्मीद है।

प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों के बीच नीस में द्विपक्षीय बातचीत होने की भी उम्मीद है, जिसमें वे भारत-फ्रांस संबंधों के सभी पहलुओं की समीक्षा करेंगे।

बातचीत मुख्य रूप से इनोवेशन, टेक्नोलॉजी, व्यापार, रक्षा सहयोग और व्यापक रणनीतिक मुद्दों पर केंद्रित होने की संभावना है, जो दोनों देशों के बीच बढ़ते सहयोग के दायरे को दर्शाती है।

प्रधानमंत्री मोदी की फ्रांस यात्रा 13 जून से 18 जून तक चलेगी, जिसमें वह तीन प्रमुख शहर नीस, एवियन और पेरिस का दौरा करेंगे।

इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री मोदी ने फ्रांस पहुंचने के तुरंत बाद नीस में भारतीय समुदाय के सदस्यों के साथ अपनी बातचीत की।

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “नीस में भारतीय समुदाय की ओर से यादगार स्वागत। भले ही वे अपने देश से कई किलोमीटर दूर हैं, लेकिन भारत के साथ हमारे प्रवासी समुदाय का रिश्ता पहले से कहीं अधिक मजबूत है।”

इससे पहले, नीस पहुंचने पर प्रधानमंत्री ने एक्स पर एक पोस्ट में अपनी फ्रांस यात्रा के बारे में जानकारी शेयर की थी और बताया था कि उनके कार्यक्रम नीस, एवियन और पेरिस में होंगे।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “मैं अभी नीस पहुंचा हूं। नीस के अलावा, फ्रांस की इस यात्रा में एवियन और पेरिस में भी कार्यक्रम शामिल हैं।”

सेबी ने भारतीय शेयर बाजार को अमेरिका से अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाया…

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जेरोधा के संस्थापक नितिन कामथ और कैपिटलमाइंड म्यूचुअल फंड के सीईओ दीपक शेनॉय ने हाल ही में हुए स्पेसएक्स आईपीओ में शेयर पाने वाले निवेशकों पर अमेरिकी ब्रोकरेज कंपनी फिडेलिटी द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों की ओर ध्यान दिलाया है और इस व्यवस्था की तुलना भारत के नियामकीय ढांचे से की है।

जेरोधा के संस्थापक नितिन कामथ और कैपिटलमाइंड म्यूचुअल फंड के सीईओ दीपक शेनॉय ने हाल ही में हुए स्पेसएक्स आईपीओ में शेयर पाने वाले निवेशकों पर अमेरिकी ब्रोकरेज कंपनी फिडेलिटी द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों की ओर ध्यान दिलाया है और इस व्यवस्था की तुलना भारत के नियामकीय ढांचे से की है।

फिडेलिटी की नीति के तहत, जिन निवेशकों को स्पेसएक्स आईपीओ में शेयर आवंटित हुए हैं, यदि वे शेयरों की लिस्टिंग के 15 कैलेंडर दिनों के भीतर उन्हें बेच देते हैं, जिसे ‘फ्लिपिंग’ कहा जाता है, तो उन्हें भविष्य में फिडेलिटी के माध्यम से आईपीओ आवंटन पाने का अधिकार खोना पड़ सकता है।

इस नीति पर प्रतिक्रिया देते हुए नितिन कामथ ने भारत के पूंजी बाजार और बाजार नियामक सेबी तथा स्टॉक एक्सचेंजों द्वारा लागू सुरक्षा उपायों की सराहना की।

उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “निश्चित रूप से अभी भी सुधार की गुंजाइश है, लेकिन यह देखकर हैरानी होती है कि सेबी और एक्सचेंजों की वजह से भारतीय बाजार अमेरिका की तुलना में कितने अधिक पारदर्शी और सुरक्षित हैं।”

कामथ ने यह भी कहा कि केवल फिडेलिटी ही ऐसी शर्तें लागू नहीं करती, बल्कि अमेरिका की अन्य बड़ी ब्रोकरेज कंपनियों में भी इसी तरह के प्रतिबंध देखने को मिलते हैं।

कैपिटलमाइंड के संस्थापक और पोर्टफोलियो प्रबंधक दीपक शेनॉय ने भी इस व्यवस्था पर सवाल उठाए और कहा कि भारत के नियामकीय ढांचे में ऐसी शर्तों को सही ठहराना मुश्किल होगा।

उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, “यह कानूनी कैसे हो सकता है? सोचिए, कोई ब्रोकर आपसे कहे कि आईपीओ में मिले शेयरों को आप पहले 15 दिनों तक बेच नहीं सकते। भारत में सेबी ऐसी स्थिति में तुरंत कार्रवाई कर देगी।”

ब्रोकरेज कंपनी के दिशा-निर्देशों के अनुसार, पहली बार नियम तोड़ने पर निवेशक को छह महीने तक नए इक्विटी ऑफर में भाग लेने से रोका जा सकता है। दूसरी बार उल्लंघन करने पर एक साल का प्रतिबंध लगाया जा सकता है, जबकि तीसरी बार ऐसा करने पर स्थायी रूप से रोक लगाई जा सकती है।

फिडेलिटी ने निवेशकों को भेजे अपने संदेश में कहा, “आईपीओ की लिस्टिंग के बाद 16वें कैलेंडर दिन से निवेशक अपने शेयर बेच सकते हैं और उन्हें फ्लिपर नहीं माना जाएगा।”

गौरतलब है कि शुक्रवार को नैस्डैक में लिस्टिंग के दौरान स्पेसएक्स के शेयरों में 19 प्रतिशत की तेज बढ़त दर्ज की गई। इसके साथ ही कंपनी का बाजार मूल्य 2 ट्रिलियन डॉलर से अधिक हो गया, जिससे यह अमेरिका की छठी सबसे मूल्यवान कंपनी बन गई। इसी के साथ एलन मस्क दुनिया के पहले ट्रिलियनेयर (एक ट्रिलियन डॉलर की संपत्ति वाले व्यक्ति) बन गए।

फॉसिल फ्यूल आयात कम करने के लिए एथेनॉल ईंधन के उपयोग को दी मंजूरी…

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केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि उन्होंने भारत की आयातित जीवाश्म ईंधन (फॉसिल फ्यूल) पर निर्भरता कम करने के लिए 100 प्रतिशत एथेनॉल ईंधन के उपयोग को मंजूरी दे दी है।

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि उन्होंने भारत की आयातित जीवाश्म ईंधन (फॉसिल फ्यूल) पर निर्भरता कम करने के लिए 100 प्रतिशत एथेनॉल ईंधन के उपयोग को मंजूरी दे दी है।

यह कदम वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों की ओर तेजी से बदलाव लाने के उद्देश्य से भी उठाया गया है, उन्होंने नागपुर में एनडीए सरकार के 12 साल पूरे होने के मौके पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा।

गडकरी ने बताया, ”शनिवार रात 8 बजे मैंने फाइल पर साइन कर दिया और 100 प्रतिशत एथेनॉल के उपयोग को कानूनी रूप से मंजूरी देने के नियमों को अंतिम रूप दे दिया।”

एथेनॉल पेट्रोल का एक व्यवहारिक विकल्प बन सकता है, जिससे भारत का भारी ईंधन आयात बिल कम हो सकता है। गडकरी ने कहा कि शुरुआत में इस विचार का कई लोगों ने मजाक उड़ाया और आलोचना भी की।

उन्होंने कहा, ”मैं जब यह सपना बताता था तो लोग हंसते थे। कुछ दोस्त इसकी आलोचना भी करते थे।”

गडकरी ने आगे बताया कि कई बड़ी ऑटोमोबाइल कंपनियां आने वाले हफ्तों में एथेनॉल-फ्रेंडली वाहन लॉन्च करने की तैयारी कर रही हैं।

टोयोटा, सुजुकी, एमजी और हुंडई जैसी कंपनियां अगले डेढ़ महीने में 100 प्रतिशत एथेनॉल-उपयोगी वाहन लॉन्च करेंगी।

पिछले हफ्ते सरकार ने ई85 ईंधन भी ई85-कम्पैटिबल फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों के लिए शुरू किया था। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप पुरी ने कहा कि भारत ने एथेनॉल मिश्रण (ब्लेंडिंग) के लक्ष्य को समय से पहले हासिल कर लिया है।

उन्होंने बताया कि पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण 2014 में 1.5 प्रतिशत से बढ़कर नवंबर 2022 में 10 प्रतिशत हो गया। 20 प्रतिशत मिश्रण का लक्ष्य 2030 तक पूरा करना था, लेकिन इसे 2024 में ही हासिल कर लिया गया।

उन्होंने कहा, ”2014 से अब तक हमने एथेनॉल मिश्रण 1.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 10 प्रतिशत किया, जो नवंबर 2022 में पूरा हुआ। हमारा लक्ष्य 2030 तक 20 प्रतिशत मिश्रण का था, लेकिन हमने इसे 2024 में ही पूरा कर लिया।”

उन्होंने कहा कि उद्योग जगत, ऑटोमोबाइल एसोसिएशन और अन्य संगठनों के साथ इस पर व्यापक चर्चा चल रही है। साथ ही ई85 ईंधन भी लॉन्च किया गया है, लेकिन यह केवल ई85-योग्य फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों के लिए ही है।