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CG: यात्रा वृत्तांत से सजीव होती है इतिहास और संस्कृति की तस्वीर- मुख्यमंत्री श्री साय…

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मुख्यमंत्री नेमोदी के राज्य से लौटकरपुस्तक का किया विमोचन

छत्तीसगढ़ की महिला पत्रकारों के गुजरात भ्रमण पर आधारित सुश्री निशा द्विवेदी की पुस्तक

यात्रा वृत्तांत से सजीव होती है इतिहास और संस्कृति की तस्वीरमुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज यहां छत्तीसगढ़ विधानसभा स्थित अपने कार्यालय के सभा कक्ष में युवा पत्रकार सुश्री निशा द्विवेदी की पुस्तक ‘मोदी के राज्य से लौटकर’ का विमोचन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यात्रा वृत्तांत से पाठकों के लिए इतिहास और संस्कृति की तस्वीर सजीव हो जाती है। पुस्तक में सुश्री निशा द्विवेदी ने एक पत्रकार की नजर से गुजरात यात्रा का वर्णन किया है जो बहुत सराहनीय है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जनसेवा के क्षेत्र में कार्य कर रहे नेतागण और लोकतंत्र के चौथे स्तंभ हमारे पत्रकार साथियों के जीवन में यह एक समानता है कि दोनों ही अपने कार्यक्षेत्र में हमेशा व्यस्त रहते हैं। सक्रिय पत्रकारिता के बीच यात्रा वृत्तांत जैसी रचना के लिए समय निकाल पाना जरूर कठिन रहा होगा। ये बहुत सुखद है कि सुश्री द्विवेदी ने अध्ययन भ्रमण के अनुभवों को किताब के रूप में हम सभी के सामने लेकर आई हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विगत वर्ष अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर पत्रकार बहनों से मिलना हुआ था। मुलाकात में महिला पत्रकारों के अध्ययन भ्रमण के विषय में भी चर्चा हुई। ये बहुत खुशी की बात है कि पहली बार छत्तीसगढ़ की 26 महिला पत्रकारों का दल गुजरात राज्य के भ्रमण पर गया। भ्रमण से लौटने के बाद मैंने मुख्यमंत्री निवास में पत्रकार बहनों से मुलाकात की। उसी समय मैंने उन्हें यह सुझाव दिया था कि वे अपनी यात्रा के अनुभवों को जरूर लिखें।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा इस वर्ष के बजट में भी हमने पत्रकारों के एक्सपोजर विजिट का प्रावधान किया है। हमारे पत्रकार साथी बड़े परिश्रम से सामाजिक सरोकार का कार्य करते हैं। हमारी सरकार हर स्तर पर पत्रकार साथियों को प्रोत्साहित कर रही है। अभी तक पत्रकारों के विविध दल महाराष्ट्र, तमिलनाडु, केरल, गुजरात, राजस्थान जैसे अनेक राज्यों में हुए हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गुजरात भ्रमण का उद्देश्य महिला पत्रकारों को विकास के मॉडल को देखने, समझने और उससे सीखने का अवसर देना था। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी इच्छा थी कि इस यात्रा को कोई महिला पत्रकार पुस्तक के रूप में लिखे, और यह पुस्तक उसी भावना का परिणाम है।

इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, विधायक श्री सुशांत शुक्ला, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, जनसंपर्क आयुक्त डॉ रवि मित्तल, रायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष श्री मोहन तिवारी सहित अनेक पत्रकारगण उपस्थित रहे।

CG : राज्य पिछड़ा वर्ग कल्याण के लिए प्रदेश में होगा अलग से संचालनालय का गठन…

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नवीन हॉस्टल भवन निर्माण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के विकास संबंधित अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई’

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में राज्य पिछड़ा वर्ग सलाहकार परिषद की बैठक संपन्न’

नवीन हॉस्टल भवन निर्माण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के विकास संबंधित अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गईमुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज विधानसभा स्थित समिति कक्ष में राज्य पिछड़ा वर्ग सलाहकार परिषद की बैठक संपन्न हुई। बैठक में राज्य पिछड़ा वर्ग कल्याण के लिए प्रदेश में अलग से संचालनालय गठन,नवीन हॉस्टल भवन निर्माण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के विकास संबंधित अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा हमारी सरकार पिछड़ा वर्ग समाज के विकास लिए प्रतिबद्ध है। हम उनकी चिंता कर नये विकास का कार्य कर रही है। राज्य में अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक वर्ग की बड़ी संख्या निवास करती है, जिनमें  लगभग 95 जातियां एवं उनके उपसमूह निवासरत है। हमारी सरकार अन्य पिछड़ा वर्ग के शैक्षणिक एवं सामाजिक आर्थिक विकास की चुनौतियों के प्रति संवेदनशील है।

हमारी सरकार समाज के महत्वपूर्ण किन्तु विकास में पीछे रह गये इन वर्गों के सामाजिक सांस्कृतिक विरासत का सम्मान करते हुए उनके सर्वांगीण विकास पर विशेष बल देते हुए समग्र विकास के लिए कृत संकल्पित है।

संकल्प को पूर्ण करने हेतु हमारी सरकार ने पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग,मंत्रालय गठित किया है, जिससे इन वर्गों के विकास के लिए गति प्रदान की जा सके तथा इनके लिए नवाचार योजनाओं को लागू किया जा सके। इसके अतिरिक्त इन वर्गों के समस्याओं पर सम्यक रुप से विचार कर समस्या का समाधान किया जा सके, जिससे यह समाज भी विकास की मुख्य धारा में शामिल हो सके।

पिछड़ा वर्ग के विकास हेतु अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन किया गया है तथा पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग भी गठित किया गया है। इसके लिए लौहशिल्प विकास बोर्ड, रजककार विकास बोर्ड तथा तेलघानी विकास बोर्ड भी गठित किया गया है।

इन उद्देश्यों की पूर्ति हेतु विभाग ने नवीन मुख्य बजट में इन वर्गों के शैक्षणिक विकास हेतु छात्रावास, आश्रम, प्रयास आवासीय विद्यालय संस्थान स्थापित किये गये है। इसके अतिरिक्त पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति को ऑनलाईन पोर्टल के माध्यम से छात्रवृत्ति विद्यार्थी के खाते में सीधे भुगतान किया जा रहा है। इस हेतु रुपये 150 करोड़ का प्रावधान किया गया है। भुगतान की व्यवस्था को समय-सीमा में पूर्ण करने हेतु नवाचार करते हुए निरंतर मॉनिटरिंग के माध्यम से छात्रवृत्ति की स्वीकृति एवं भुगतान चालू वर्ष में ही किये जाने की व्यवस्था की गई है। प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए विद्यार्थियों के प्रशिक्षण हेतु आर्थिक सहायता की योजना मुख्य बजट में लाई गई है, जिसके माध्यम से इंजीनियरिंग, मेडिकल, यूपीएससी, सीजीपीएससी, एसएससी, रेल्वे, बैंकिंग आदि का प्रशिक्षण प्रदान किया जायेगा। इसके साथ ही विद्यार्थियों के छ.ग. राज्य के भौगोलिक एवं प्राकृतिक संरचनाओं के अध्ययन तथा सांस्कृतिक धरोहरों के संबंध में अभिरुचि के विकास हेतु शैक्षणिक भ्रमण के लिए प्रावधान किया गया है।

उन्होंने कहा कि हमने मुख्य बजट में नवीन योजना मुख्यमंत्री शिक्षा सहयोग योजना लाई गई है, जिसके माध्यम से जिन विद्यार्थियों को छात्रावास में प्रवेश नहीं मिल पाता है, उनको अध्ययन के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जायेगी। अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए वर्तमान में 55 विभागीय छात्रावास स्वीकृत है। वर्तमान में नवीन बजट में 06 जिलों (रायगढ़, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी भरतपुर, धमतरी, रायपुर, जशपुर) में अन्य पिछड़ा वर्ग पो. मैट्रिक छात्रावास स्वीकृत किये गये है।

इस दौरान राज्य पिछड़ा वर्ग सलाहकार परिषद के अन्य सदस्यों ने महत्वपूर्ण सुझाव दिए।

उक्त बैठक में उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल,राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी रजवाड़े, स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव, वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी, मुख्य सचिव श्री विकासशील,मुख्यमंत्री के प्रमुख  सचिव श्री सुबोध सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि गण एवं अधिकारीगण बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

वेस्ट एशिया में बढ़ते तनाव के बीच फिर गिरा भारतीय रुपया, जानिए डॉलर के मुकाबले कहाँ पहुंची कीमत…

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मध्य पूर्व में तनाव के बीच, भारतीय रुपया लगातार नीचे गिर रहा है। मज़बूत होते अमेरिकी डॉलर और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के कारण रुपया दबाव में बना हुआ है। हफ़्ते के तीसरे कारोबारी दिन-बुधवार को-रुपया एक बार फिर तीन पैसे गिरकर डॉलर के मुकाबले 92.43 के स्तर पर पहुँच गया।

विदेशी निवेशकों द्वारा पूँजी निकाले जाने और पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण अमेरिकी डॉलर के मज़बूत रुख़ की वजह से घरेलू मुद्रा पर दबाव पड़ रहा है। विदेशी मुद्रा व्यापारियों के अनुसार, वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में थोड़ी नरमी और घरेलू शेयर बाज़ारों में सकारात्मक शुरुआत ने, फिलहाल, रुपये में और ज़्यादा गिरावट को रोक दिया है।

रुपया क्यों गिर रहा है?

इंटरबैंक विदेशी मुद्रा बाज़ार में, रुपया डॉलर के मुकाबले 92.42 पर खुला और उसके बाद गिरकर 92.43 प्रति डॉलर पर पहुँच गया, जो इसकी पिछली बंद कीमत से तीन पैसे की गिरावट दर्शाता है। पिछले हफ़्ते, गुरुवार को कारोबार के दौरान, रुपया डॉलर के मुकाबले 92.47 के निचले स्तर को छू गया था। हालाँकि, अंततः यह 92.40 प्रति डॉलर के अब तक के सबसे निचले स्तर पर बंद हुआ। इस बीच, डॉलर इंडेक्स-जो छह प्रमुख मुद्राओं की एक टोकरी के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की मज़बूती को मापता है-0.03 प्रतिशत बढ़कर 99.60 पर पहुँच गया।

घरेलू शेयर बाज़ारों में, शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 373.53 अंक (0.49 प्रतिशत) उछलकर 76,444.37 अंक पर पहुँच गया, जबकि निफ्टी 114.40 अंक (0.49 प्रतिशत) बढ़कर 23,695.55 अंक पर पहुँच गया। अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क, ब्रेंट क्रूड की कीमत 1.32 प्रतिशत गिरकर $102.0 प्रति बैरल पर पहुँच गई। शेयर बाज़ार के आँकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) मंगलवार को शुद्ध विक्रेता रहे, जिन्होंने ₹4,741.22 करोड़ के शेयर बेचे। **विशेषज्ञ क्या कहते हैं?** Mirae Asset Sharekhan के रिसर्च एनालिस्ट अनुज चौधरी के अनुसार, घरेलू करेंसी में गिरावट के मुख्य कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेज़ी और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) द्वारा लगातार पूंजी का बाहर जाना है। हालाँकि, घरेलू बाज़ारों में सुधार और अमेरिकी डॉलर में थोड़ी नरमी ने रुपये की तेज़ गिरावट को कुछ हद तक रोक दिया है।

उन्होंने बताया कि Strait of Hormuz के फिर से खुलने की उम्मीदें, और साथ ही भारतीय रिज़र्व बैंक के संभावित हस्तक्षेप से, निचले स्तरों पर रुपये को सहारा मिल सकता है। इसके अलावा, इस हफ़्ते निवेशक Federal Open Market Committee (FOMC), European Central Bank (ECB), Bank of Japan और Bank of England के मौद्रिक नीति संबंधी फ़ैसलों पर भी पैनी नज़र रखेंगे। उनके अनुसार, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की स्पॉट कीमत ₹92.10 से ₹92.75 की सीमा के भीतर रहने की संभावना है।

“भारत का झंडा लिए क्रूड ऑयल टैंकर ‘जग लाडकी’ अडानी पोर्ट्स मुंद्रा पहुंचा”

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पश्चिम एशिया में तनाव के बीच ‘जग लाडकी’ की सफल यात्रा

अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष के कारण पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच, भारत का झंडा लिए क्रूड ऑयल टैंकर ‘जग लाडकी’ आज गुजरात के अडानी पोर्ट्स मुंद्रा पर सफलतापूर्वक पहुंच गया है।

यह घटना देश के ऊर्जा आयात में महत्वपूर्ण वृद्धि का संकेत देती है।

जग लाडकी का आयात

टैंकर ‘जग लाडकी’ लगभग 80,886 मीट्रिक टन क्रूड ऑयल लेकर पोर्ट पर पहुंचा है। यह कार्गो यूएई से लाया गया था और फुजैराह पोर्ट पर लोड किया गया था। इस टैंकर की कुल लंबाई 274.19 मीटर और चौड़ाई 50.04 मीटर है। इसका डेडवेट टनेज लगभग 164,716 टन और ग्रॉस टनेज लगभग 84,735 टन है।

अडानी पोर्ट्स की भूमिका

मुंद्रा पोर्ट पर ‘जग लाडकी’ का पहुंचना यह दर्शाता है कि अडानी पोर्ट्स की सुविधाएं बड़े क्रूड आयात को संभालने में कितनी महत्वपूर्ण हैं। ये डिलीवरी बड़ी रिफाइनरियों के लिए आवश्यक हैं, जो भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए इन शिपमेंट पर निर्भर करती हैं।

अन्य टैंकरों की सुरक्षित यात्रा

इससे पहले, भारत के झंडे वाले दो LPG कैरियर, एमटी शिवालिक और एमटी नंदा देवी, 16 और 17 मार्च को होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित रूप से पार कर चुके हैं। इन टैंकरों ने लगभग 92,712 मीट्रिक टन LPG लेकर यात्रा की थी। भारत ने अपने व्यावसायिक हितों की सुरक्षा के लिए ‘आपरेशन संकल्प’ के तहत इन जल क्षेत्रों में लगातार नौसैनिक उपस्थिति बनाए रखी है।

स्थिति पर नजर

एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि शिपिंग महानिदेशालय जहाज मालिकों और भारतीय डिप्लोमैटिक मिशनों के साथ मिलकर स्थिति पर नजर रख रहा है। केंद्रीय शिपिंग मंत्री भी स्थिति की सक्रिय निगरानी कर रहे हैं। सरकार पोर्ट, शिपिंग लाइन और लॉजिस्टिक्स स्टेकहोल्डर के साथ मिलकर समुद्री व्यापार में किसी भी रुकावट को कम करने के लिए प्रयासरत है।

“भारतीय शेयर बाजार में तेजी, निवेशकों का विश्वास बढ़ा” शेयर बाजार में लगातार बढ़त…

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वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद, भारतीय बेंचमार्क सूचकांक बुधवार, 18 मार्च को लगातार बढ़ते रहे, जिसमें सभी क्षेत्रों में मजबूत खरीदारी देखी गई। यह तेजी तब आई है जब मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव बढ़ा हुआ है, कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी हुई हैं, और रुपया कमजोर होने के संकेत दे रहा है, जो आमतौर पर निवेशक भावना पर नकारात्मक प्रभाव डालते हैं।

बेंचमार्क सूचकांकों ने इंट्राडे ट्रेड में मजबूत लाभ दर्ज किया।

सेंसेक्स 850 से अधिक अंक चढ़कर 76,900 के स्तर को पार कर गया, जबकि निफ्टी 50 250 से अधिक अंक बढ़कर 23,836 के करीब पहुंच गया। व्यापक बाजारों ने भी इस तेजी में भाग लिया, जिसमें मिड- और स्मॉल-कैप सूचकांक 2 प्रतिशत तक चढ़ गए। यह बाजारों के लिए लगातार तीसरा दिन है जब लाभ हुआ है। इस अवधि में, सेंसेक्स ने 2,350 से अधिक अंक जोड़े हैं, जबकि निफ्टी ने लगभग 700 अंक जोड़े हैं। निवेशक संपत्ति में भी तेज वृद्धि देखी गई है, जिसमें बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण केवल तीन सत्रों में 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक बढ़ गया है।

बाजार में तेजी के पीछे के कारण

इस तेजी के पीछे एक प्रमुख कारण निरंतर शॉर्ट कवरिंग है। हाल ही में अमेरिका-इजराइल बलों और ईरान के बीच तनाव बढ़ने के बाद हुई सुधार ने मूल्यांकन को अधिक आकर्षक बना दिया था। निवेशक अब मौलिक रूप से मजबूत

शेयरों  को अपेक्षाकृत निम्न स्तरों पर जमा करने के लिए कदम बढ़ा रहे हैं। यह प्रवृत्ति न केवल ब्लू-चिप शेयरों में बल्कि मिड- और स्मॉल-कैप शेयरों में भी देखी जा रही है, जहां सौदेबाजी की खोज सक्रिय है।

भू-राजनीतिक तनाव में कमी के संकेत

हालांकि अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष जारी है, लेकिन यह उम्मीदें बढ़ रही हैं कि यह ज्यादा समय तक नहीं चलेगा। नए कूटनीतिक प्रयासों की रिपोर्टों ने संभावित कमी की उम्मीदें बढ़ा दी हैं। “शॉर्ट कवरिंग हो रही है। बाजार अब ईरान और वहां हो रही घटनाओं की ओर देख रहा है। यह धारणा बढ़ रही है कि शायद यह और अगले सप्ताह इस युद्ध का अंतिम हिस्सा हो सकता है,” विनोद नायर, रिसर्च प्रमुख, जियोजिट इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड ने कहा। ऐसी उम्मीदें निवेशकों को निकट-अवधि के जोखिमों से परे देखने और संभावित सुधार पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रेरित कर रही हैं।

ऊर्जा आपूर्ति की उम्मीदें और तेल की कीमतों में कमी

ऊर्जा क्षेत्र में विकास भी शेयर बाजार की भावना को समर्थन दे रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, भारत ईरान के साथ कच्चे और एलपीजी शिपमेंट के आंदोलन को सुविधाजनक बनाने के लिए बातचीत कर रहा है, जिसे “सकारात्मक” बताया गया है। “कच्चे तेल के आंशिक पारगमन की रिपोर्टें प्रतिभागियों को यह उम्मीद दे रही हैं कि ऊर्जा आपूर्ति अंततः सामान्य हो जाएगी। इसके अलावा, सूचकांक में तेज गिरावट के बाद सामान्यीकरण भी एक भूमिका निभा रहा है,” रिलigare ब्रोकिंग के रिसर्च के एसवीपी अजीत मिश्रा ने कहा। इस बीच, तेल की कीमतें हाल के उच्च स्तर से कम हुई हैं, जिसमें ब्रेंट क्रूड लगभग 3 प्रतिशत गिरकर $100 प्रति बैरल के करीब पहुंच गया है। यह कमी मुद्रास्फीति और आर्थिक दबावों के बारे में चिंताओं को कम करने में मदद कर रही है।

तकनीकी दृष्टिकोण से बाजार की स्थिति

तकनीकी दृष्टिकोण से, बाजार ताकत हासिल करता हुआ प्रतीत हो रहा है। निफ्टी का 23,800 के स्तर को पुनः प्राप्त करना विश्लेषकों द्वारा सकारात्मक संकेत माना जा रहा है, और निकट भविष्य में और भी वृद्धि की संभावना है। “निफ्टी के लिए, हम 24,000 का सर्वश्रेष्ठ मामला देख सकते हैं। शायद यह 24,100 या 24,150 तक बढ़ सकता है,” नायर ने कहा। हालांकि, विश्लेषकों ने चेतावनी दी है कि 24,000-24,150 के आसपास प्रतिरोध स्तर लाभ को सीमित कर सकते हैं, जबकि 23,000-22,900 क्षेत्र एक महत्वपूर्ण समर्थन रेंज है जिसे बैल को बचाना होगा।

बिहार राज्यसभा चुनाव में एनडीए का क्लीन स्वीप, 5वीं सीट पर ऐसे मारी बाजी…

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राज्यसभा चुनावों के दौरान बिहार की राजनीति में एक बड़ा राजनीतिक मोड़ आया है। NDA ने 5-0 से शानदार जीत हासिल की है। राज्यसभा चुनावों में अपनी पाँचवीं सीट जीतने के लिए, NDA को तीन विधायकों के समर्थन की ज़रूरत थी।

इसी ज़रूरत के बीच, *महागठबंधन* (Grand Alliance) के चार विधायक वोटिंग प्रक्रिया से अनुपस्थित रहे। *महागठबंधन* को जीत सुनिश्चित करने के लिए छह विधायकों के समर्थन की ज़रूरत थी। तेजस्वी यादव ने यह समर्थन जुटा भी लिया था – पाँच AIMIM विधायकों और एक BSP विधायक का समर्थन हासिल करके – लेकिन, अंत में, एक RJD विधायक और तीन कांग्रेस विधायक गायब हो गए।

चूँकि ये चारों विधायक वोट नहीं डाल पाए, इसलिए राज्यसभा चुनावों का नतीजा NDA के पक्ष में गया। नतीजतन, पाँचवीं सीट भी NDA के खाते में चली गई। जिन विधायकों ने वोट डालने के लिए हाज़िरी नहीं दी, उनमें वाल्मीकिनगर से कांग्रेस विधायक सुरेंद्र कुशवाहा, फोर्ब्सगंज से कांग्रेस विधायक मनोज बिस्वास, मनिहारी से कांग्रेस विधायक मनोहर सिंह और ढाका से RJD विधायक फैसल रहमान शामिल थे।

**नीतीश कुमार को 44 पहली पसंद के वोट मिले**

RJD नेताओं ने आरोप लगाया कि उनके विधायकों को खरीदा गया या उनका अपहरण कर लिया गया। इस चुनाव में, नीतीश कुमार को 44 पहली पसंद के वोट मिले। नितिन नवीन को भी 44 वोट मिले, जबकि उपेंद्र कुशवाहा और रामनाथ ठाकुर को 42 वोट मिले। इसके विपरीत, *महागठबंधन* के उम्मीदवार, ए.डी. सिंह को 37 वोट मिले।

**गठबंधन पूरी ताक़त के साथ चुनावी मैदान में उतरा**

वरिष्ठ JDU नेता और मंत्री श्रवण कुमार ने ज़ोर देकर कहा कि NDA के सभी 202 विधायकों ने वोट डाला, जबकि विपक्षी *महागठबंधन* के चार विधायकों ने वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया। उन्होंने कहा कि गठबंधन पूरी ताक़त के साथ चुनावी मैदान में उतरा था, और उसके सभी विधायकों ने पूरी एकता दिखाई। उन्होंने आगे कहा, “हमारे गठबंधन ने सफलतापूर्वक अपनी एकता और रणनीतिक सूझबूझ का प्रदर्शन किया है।”

**चुनावों के बीच अनंत सिंह ने एक बड़ी घोषणा की**

इन चुनावों के बीच, मोकामा के विधायक अनंत सिंह ने एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। उन्होंने ऐलान किया, “अगर नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद से हट जाते हैं, तो मैं अगला चुनाव नहीं लड़ूँगा। मेरे बच्चे चुनाव लड़ेंगे।” यह बात ध्यान देने लायक है कि अनंत सिंह को पिछले साल-विधानसभा चुनावों से पहले-दुलार चंद यादव की हत्या के मामले में गिरफ़्तार किया गया था। अब तक अनंत सिंह को ज़मानत नहीं मिली है। हालाँकि, पैरोल पर होने के बावजूद उन्हें वोट डालने की अनुमति दी गई थी।

खरगे की चुटीली टिप्पणी ने संसद में हंसी का माहौल बनाया…

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संसद में खरगे का व्यंग्यात्मक कटाक्ष

कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने संसद में चल रही गंभीर चर्चा को एक मजेदार मोड़ दिया। पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवेगौड़ा पर उनकी चुटीली टिप्पणी ने न केवल सदन में हंसी बिखेरी, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी मुस्कुराने पर मजबूर कर दिया।

खरगे ने देवेगौड़ा के प्रधानमंत्री मोदी की प्रशंसा में दिए गए बयान पर हल्के-फुल्के अंदाज में तंज कसा। उन्होंने कहा, ‘देवेगौड़ा जी विपक्ष के साथ साझेदारी तो चाहते हैं, लेकिन भाजपा के साथ विवाह करना चाहते हैं।’ इस पर उन्होंने मजाक में कहा, ‘प्रेम हमारे साथ, शादी मोदी जी के साथ,’ जिससे सदन में हंसी की लहर दौड़ गई।

खरगे का देवेगौड़ा के प्रति सम्मान

खरगे ने आगे कहा कि वह देवेगौड़ा को 54 वर्षों से जानते हैं और उनके साथ काम किया है। उन्होंने कहा, ‘मोहब्बत हमारे साथ कीजिए, शादी मोदी साहब के साथ।’ यह टिप्पणी विपक्ष द्वारा देवेगौड़ा और उनकी पार्टी के प्रति हाल के मिले-जुले संकेतों की ओर इशारा करती है। देवेगौड़ा ने भाजपा सरकार की प्रशंसा की है, जिससे राजनीतिक हलचलें पैदा हुई हैं।

विदाई समारोह में खरगे की भागीदारी

खरगे ने उच्च सदन से सेवानिवृत्त होने वाले सांसदों को विदाई देने में भी भाग लिया। उन्होंने लोक सेवा के प्रति प्रतिबद्धता की बात की, जो औपचारिक पदों से परे होती है। खुद जून में राज्यसभा से सेवानिवृत्त होने वाले खरगे ने विदाई समारोह में भाग लिया, जिसमें सांसदों ने सेवानिवृत्त सांसदों को शुभकामनाएं दीं। इस दौरान, खरगे ने संसदीय जिम्मेदारियों की स्थायी प्रकृति और सदन की निरंतरता पर जोर दिया।

शरद पवार की वापसी पर संतोष

खरगे ने एनसीपी प्रमुख शरद पवार की सदन में वापसी पर भी खुशी व्यक्त की। उन्होंने केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले के बारे में मजाक करते हुए कहा कि वे हमेशा अपनी कविताओं के माध्यम से प्रधानमंत्री मोदी की प्रशंसा करते हैं। इस पर सदन में फिर से हंसी गूंज उठी।

 

दिल्ली और इंदौर अग्निकांड पर पीएम मोदी ने जताया शोक, पीड़ित परिजनों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा…

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजधानी दिल्ली के पालम और मध्य प्रदेश के इंदौर में आग लगने के कारण कई लोगों की मौत पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने पीड़ित परिवारों के लिए आर्थिक मदद की भी घोषणा की है।

प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने यह जानकारी दी।

मध्य प्रदेश के इंदौर की घटना पर प्रधानमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट में लिखा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि मध्य प्रदेश के इंदौर में आग लगने की घटना में हुई जान-माल की हानि से गहरा दुख हुआ है। जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी संवेदनाएं हैं। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।”

एक अन्य पोस्ट में दिल्ली की घटना पर दुख जताया गया। पीएमओ के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दिल्ली के पालम में आग लगने की घटना दुखद है। जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मैं अपनी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं। ईश्वर करे कि घायल जल्द से जल्द स्वस्थ हों।

उन्होंने घोषणा करते हुए कहा कि पीएमएनआरएफ (प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष) की ओर से प्रत्येक मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपए की अनुग्रह राशि दी जाएगी। घायलों को 50,000 रुपए दिए जाएंगे।

बता दें कि दिल्ली के पालम में बुधवार सुबह 7:04 बजे राम मार्केट में स्थित चार मंजिला इमारत में आग लग गई। यह इमारत राजेंद्र कश्यप की थी, जिसमें बेसमेंट, ग्राउंड और पहली मंजिल पर उनका कपड़े और कॉस्मेटिक का शोरूम था और दूसरी-तीसरी मंजिल पर उनका परिवार रहता था। इस घटना में कम से कम 6 लोगों की मौत हो गई।

वहीं, मध्य प्रदेश के इंदौर में कार चार्जिंग के दौरान शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लग गई, जिसने विकराल रूप ले लिया। इस हादसे में कम से कम 8 लोग आग के चलते मर गए। मिली जानकारी के अनुसार, बुधवार को बंगाली चौराहा क्षेत्र में स्थित बृजेश्वरी कॉलोनी में कार को चार्ज किया जा रहा था, तभी चार्जिंग के दौरान आग लग गई और देखते ही देखते इस आग ने विकराल रूप ले लिया। पूरी इमारत में आग की लपटें नजर आने लगीं। इस आग की चपेट में घर के अंदर रखे गैस सिलेंडर भी आ गए और एक-एक कर कई गैस सिलेंडर में धमाका हुआ। इसके चलते मकान का कुछ हिस्सा भी ढह गया।

राज्यसभा के 59 सदस्यों को विदाई देते हुए मोदी ने की सराहना…

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प्रधानमंत्री मोदी का विदाई समारोह में संबोधन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को उन 59 सदस्यों की सराहना की जो अप्रैल से जुलाई के बीच राज्यसभा से रिटायर हो रहे हैं।

उन्होंने संसद को “एक खुला विश्वविद्यालय” बताते हुए विदाई लेने वाले विधायकों से राष्ट्रीय जीवन में सक्रिय रहने का आग्रह किया।

उच्च सदन में द्विवार्षिक विदाई समारोह के दौरान मोदी ने कहा कि ऐसे क्षण स्वाभाविक रूप से पार्टी विभाजन को मिटा देते हैं।

“जब ऐसा अवसर आता है, तो हम स्वाभाविक रूप से पार्टी भिन्नताओं से ऊपर उठते हैं, और हमारे भीतर एक साझा भावना उभरती है,” उन्होंने कहा।

जो सदस्य वापस नहीं लौटने की योजना बना रहे हैं, उनके लिए प्रधानमंत्री ने आश्वासन दिया। “राजनीति में कोई पूर्ण विराम नहीं होता। भविष्य आपका इंतजार कर रहा है, और आपका अनुभव और योगदान हमेशा हमारे राष्ट्रीय जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहेगा,” उन्होंने कहा।

मोदी ने तीन वरिष्ठ नेताओं, पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवगौड़ा, विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, और एनसीपी प्रमुख शरद पवार की विशेष प्रशंसा की, जिन्हें उन्होंने ऐसे stalwarts कहा जो अपने जीवन का आधा से अधिक समय संसद में बिता चुके हैं।

“जिस तरह से वे सदन में इतनी निष्ठा से उपस्थित रहते हैं, वह सभी नए सांसदों के लिए एक उदाहरण है। इतना लंबा कार्यकाल कोई छोटी बात नहीं है – यह अत्यधिक महत्वपूर्ण है,” उन्होंने कहा।

हल्के-फुल्के अंदाज में, प्रधानमंत्री ने केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मीडिया के दौर में सदन में मजाक और हास्य की कमी आ गई है – “हर कोई अत्यधिक आत्म-सचेत हो गया है,” उन्होंने कहा।

संसद की द्व chambers संरचना पर विचार करते हुए, मोदी ने कहा कि विधेयकों का पारित होना दो सदनों के बीच “दूसरी राय” लेने के समान है – यह प्रक्रिया, उन्होंने कहा, लोकतांत्रिक निर्णय लेने को मजबूत करती है।

मोदी ने यह भी उल्लेख किया कि कुछ विदाई लेने वाले सदस्यों को पुराने और नए संसद भवन दोनों में सेवा करने का दुर्लभ सम्मान प्राप्त है। उन्होंने छह साल के राज्यसभा कार्यकाल को एक परिवर्तनकारी अनुभव बताया।

अध्यक्ष सी पी राधाकृष्णन ने सदन की कार्यवाही की शुरुआत करते हुए बताया कि 20 राज्यों से 59 सदस्य, जिनमें नौ महिला सदस्य भी शामिल हैं, अपने कार्यकाल की समाप्ति पर अप्रैल से जुलाई के बीच रिटायर होंगे।

“IT सेक्टर में निवेश के लिए 9 बेहतरीन स्टॉक्स की पहचान” शेयर बाजार में निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत…

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शेयर बाजार में दीर्घकालिक निवेशकों के लिए एक उत्साहजनक समाचार सामने आया है। एक प्रमुख ब्रोकरेज फर्म ने IT क्षेत्र के 9 स्टॉक्स की पहचान की है, जिनमें भविष्य में उल्लेखनीय वृद्धि की संभावना है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि इन शेयरों से लगभग 122% तक का रिटर्न मिलने की उम्मीद है।

ब्रोकरेज का IT सेक्टर पर सकारात्मक दृष्टिकोण

ब्रोकरेज का मानना है कि आने वाले वर्षों में डिजिटल सेवाओं, क्लाउड टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और वैश्विक तकनीकी खर्च में वृद्धि से IT कंपनियों की आय में सुधार होगा। हाल के समय में IT शेयरों में सुस्ती देखी गई थी, लेकिन अब उनके मूल्यांकन में सुधार हुआ है, जिससे दीर्घकालिक निवेशकों के लिए एक अच्छा अवसर उत्पन्न हुआ है।

निवेश के लिए चुने गए 9 IT स्टॉक्स

रिपोर्ट में जिन कंपनियों पर भरोसा किया गया है, उनमें बड़े और मिडकैप दोनों प्रकार के IT स्टॉक्स शामिल हैं। इन कंपनियों का व्यवसाय मजबूत है और भविष्य में इनके ऑर्डर बुक और लाभांश में सुधार की उम्मीद है।

लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए सुझाव

विशेषज्ञों का सुझाव है कि IT क्षेत्र में निवेश करते समय जल्दबाजी से बचना चाहिए और दीर्घकालिक दृष्टिकोण अपनाना चाहिए। धीरे-धीरे निवेश करने की रणनीति अपनाने से जोखिम कम होता है और अच्छे रिटर्न की संभावना बढ़ जाती है।

निवेशकों के लिए रणनीतियाँ

गिरावट के समय धीरे-धीरे खरीदारी करें

पोर्टफोलियो में IT सेक्टर का संतुलित हिस्सा बनाए रखें

लंबी अवधि के लक्ष्यों के साथ निवेश करें

मजबूत फंडामेंटल वाली कंपनियों को प्राथमिकता दें