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“ट्रंप के 50% टैरिफ से हिला ये राज्य… 34,000 करोड़ का बड़ा घाटा”

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“ट्रंप के 50% टैरिफ से हिला ये राज्य… 34,000 करोड़ का बड़ा घाटा”

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर लगाए गए 50 फीसदी आयात शुल्क (टैरिफ) का असर अब साफ दिखने लगा है। यह टैरिफ 27 अगस्त 2025 से लागू हो चुका है और इसके कारण कई सेक्टरों में चिंता बढ़ गई है।

सबसे ज्यादा मार तमिलनाडु की टेक्सटाइल इंडस्ट्री पर पड़ रही है। तमिलनाडु को 3.93 अरब डॉलर का नुकसान तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने कहा है कि इस टैरिफ से राज्य को करीब 3.93 अरब डॉलर (लगभग 34,600 करोड़ रुपये) का नुकसान हो सकता है। उन्होंने इसे राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा झटका बताया है।

अमेरिका तमिलनाडु का सबसे बड़ा निर्यात बाजार अमेरिका लंबे समय से तमिलनाडु का सबसे बड़ा निर्यात बाजार रहा है। पिछले वित्तीय वर्ष में राज्य के कुल निर्यात का 31% हिस्सा केवल अमेरिका को गया था, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर यह औसत 20% है। ट्रंप के डबल टैरिफ लागू करने के बाद कई अमेरिकी कंपनियों ने तमिलनाडु से दिए गए ऑर्डर रद्द कर दिए हैं।

इससे खासतौर पर इन सेक्टर्स को बड़ा नुकसान हो रहा है: टेक्सटाइल (कपड़ा उद्योग) मशीनरी जेम्स एंड ज्वेलरी ऑटो पार्ट्स नौकरियों पर संकट सीएम स्टालिन ने चेतावनी दी है कि इस टैरिफ का असर सिर्फ व्यापार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि 13% से 36% तक नौकरियां भी खतरे में पड़ सकती हैं। खासतौर पर कपड़ा क्षेत्र पर सबसे ज्यादा संकट है। अनुमान है कि सिर्फ इसी सेक्टर को 1.62 अरब डॉलर (14,279 करोड़ रुपये) का नुकसान हो सकता है।

भारत के कपड़ा निर्यात में तमिलनाडु सबसे आगे भारत के कुल कपड़ा निर्यात में 28% योगदान तमिलनाडु का है। यह उद्योग लाखों परिवारों की रोज़ी-रोटी का साधन है। उदाहरण के लिए, तिरुप्पुर जिला कपड़ा उद्योग का मुख्य केंद्र है, जहां 65% महिलाएं काम करती हैं। अकेले पिछले साल इस जिले से कपड़ा निर्यात ने 40,000 करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा अर्जित की। यह क्षेत्र रंगाई, पैकेजिंग, लॉजिस्टिक्स और मशीनरी जैसे उद्योगों को भी सहारा देता है।

सीएम स्टालिन ने की पीएम ने राहत पैकेज की मांग सीएम स्टालिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की है कि तमिलनाडु को एक स्पेशल राहत पैकेज दिया जाए।

साथ ही उन्होंने ये सुझाव भी दिए हैं: मानव निर्मित फाइबर पर GST सुधार RODTEP स्कीम में बढ़ोतरी यूरोपीय संघ, ब्रिटेन और अफ्रीका के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स में तेजी केंद्र सरकार का बड़ा कदम हाल ही में केंद्र सरकार ने कपास आयात पर 11% कस्टम ड्यूटी को 31 दिसंबर तक स्थगित कर दिया है। स्टालिन ने इस फैसले का स्वागत किया, लेकिन कहा कि यह कदम अमेरिकी टैरिफ से पैदा हुए बड़े संकट का केवल आंशिक समाधान है। जब तक शुल्क वापस नहीं लिए जाते या अतिरिक्त राहत नहीं दी जाती, तब तक यह समस्या बनी रहेगी।

CG: 3100 रुपए में खरीदा धान.. अन्नदाताओं को मिला मान, किसानों की चेहरे पर लौटी खुशहाली, धान खरीदी व्यवस्था में ऐतिहासिक सुधार..

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CG: 3100 रुपए में खरीदा धान.. अन्नदाताओं को मिला मान, किसानों की चेहरे पर लौटी खुशहाली, धान खरीदी व्यवस्था में ऐतिहासिक सुधार..

भारत के हृदय स्थल से 1 नवंबर 2000 को जन्मा छत्तीसगढ़ राज्य 2025 में अपना रजत जंयती वर्ष मना रहा है। अपनी स्थापना के बाद 25 वर्षों में छत्तीसगढ़ राज्य ने उत्तरोत्तर प्रगति की है। यह सफर केवल एक राज्य के प्रशासनिक निर्माण का नहीं, बल्कि सांस्कृतिक पुनर्जागरण, आर्थिक सशक्तिकरण और सामाजिक समावेशिता की मिसाल बन चुका है। खासकर ऐसे समय में जब प्रदेश की कमान सरल, सहज और सौम्य मुख्यमंत्री विष्णुदेव के पास है। साय सरकार ने प्रदेश के लोगों क कई योजनाएं संचालित कर रही है, जिससे बस्तर से सरगुजा तक के लोगों में एक नई खुशहाली दिख रही है।

कृषि राज्य की अर्थव्यवस्था का आधार है, क्योंकि यहां की अधिकांश आबादी (लगभग 70%) कृषि और संबद्ध गतिविधियों पर निर्भर है। यहाँ की जलवायु, मिट्टी और भौगोलिक विविधता इसे विभिन्न फसलों के लिए उपयुक्त बनाती है। यहीं वजह है कि प्रदेश में धान की खेती अधिक होती है। राज्य की कुल जनसंख्या लगभग 2.55 करोड़ है, जिसमें से लगभग 70 प्रतिशत जनसंख्या कृषि कार्य में संलिप्त है। राज्य में लगभग 40.11 लाख कृषक परिवार है, जिसमें से लगभग 80 प्रतिशत लघु एवं सीमांत श्रेणी के है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की विशेष पहल पर राज्य में खेती को उन्नत और लाभकारी बनाने के लिए लगातार नित नए नवाचार किए जा रहे हैं। किसानों को उन्नत कृषि उपकरणों के उपयोग और वैज्ञानिक पद्धति को अपनाने के लिए लगातार प्रोत्साहित किए जा रहा है।

साय सरकार आने के बाद सुधरी किसानों की दशा

किसानों की चेहरे पर लौटी खुशहाली

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अगुवाई वाली सुशासन सरकार ने किसानों की आर्थिक विकास को प्राथमिकता दी है। सरकार ने किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की समर्थन मूल्य पर खरीदी की। समर्थन मूल्य पर सर्वाधिक किसानों से धान खरीदने वाला तथा धान का सर्वाधिक 3100 रुपए प्रति क्विंटल के मान से मूल्य देने वाला छत्तीसगढ़, देश का प्रथम राज्य है। छत्तीसगढ़ में किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर अल्पकालीन कृषि ऋण 01 अप्रैल 2014 से उपलब्ध कराया जा रहा है। ऋण की अधिकतम सीमा 5 लाख रुपए तक है। फसल ऋण में नगद एवं वस्तु का अनुपात 60 अनुपात 40 है।

धान खरीदी व्यवस्था में ऐतिहासिक सुधार

छत्तीसगढ़ में धान खरीदी को लेकर वर्षों से चली आ रही समस्याओं का समाधान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में मिला है। उनकी सरकार ने धान खरीदी व्यवस्था को पारदर्शी, लाभकारी और किसान-हितैषी बनाकर एक ऐतिहासिक पहल की है, जिससे राज्य के लाखों किसानों को सीधा लाभ पहुंचा है। पहले किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए मंडियों और बिचौलियों पर निर्भर रहना पड़ता था, जहां उन्हें अक्सर ठगा जाता था। मुख्यमंत्री साय की पहल से अब सीधी सरकारी खरीदी केंद्रों के माध्यम से धान की खरीदी हो रही है, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो गई है। राज्य सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में वृद्धि कर किसानों को उनकी फसल का वास्तविक और लाभकारी मूल्य दिलाया है। साथ ही, बोनस योजना के तहत MSP के अतिरिक्त दी गई राशि ने किसानों की आमदनी में उल्लेखनीय इजाफा किया है। खरीदे गए धान के सुरक्षित भंडारण के लिए सरकार ने गोदामों और वेयरहाउस की संख्या में बड़ा इजाफा किया है, जिससे फसल की बर्बादी को रोका जा सके। अब किसानों को उनकी फसल की कीमत सीधे उनके बैंक खातों में ऑनलाइन भेजी जा रही है, जिससे प्रक्रिया में पारदर्शिता आई है और भ्रष्टाचार की गुंजाइश लगभग समाप्त हो गई है।

बढ़ी सिंचाई की सुविधा, लहराई फसलें

राज्य गठन (2000) के बाद से सिंचाई के क्षेत्र में निरंतर बदलाव देख रहा है। जब राज्य अस्तित्व में आया, तब कुल सिंचाई क्षमता महज 13.28 लाख हेक्टेयर थी। लेकिन बीते ढाई दशकों में सरकार द्वारा नहरों, जलाशयों, लघु सिंचाई परियोजनाओं और कुओं के माध्यम से इस क्षमता को 21.21 लाख हेक्टेयर तक बढ़ाया गया है। रजत जंयती वर्ष में साय सरकार ने इस ओर विशेष ध्यान दिया है। प्रदेश में ऐसे सैकड़ो सिंचाई परियोजनाएं हैं, जो विगत कई वर्षों से अपूर्ण हैं। इन परियोजनाओं को आगामी वर्षो में कार्ययोजना बनाकर शीघ्र पूरा करने के उद्देश्य से साय सरकार ने अटल सिंचाई योजना लागू करने का निर्णय लिया है। इस पूरी कार्य अवधि में लगभग 5,000 करोड़ व्यय करके 1 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में सिंचाई क्षमता सृजित करने का साहसी लक्ष्य रखा है। सिंचाईं परियोजनाओं के निर्माण एवं अनुरक्षण के लिए बजट में कुल 3 हजार 800 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

साय सरकार ने चला रही ये योजना

विष्णुदेव साय जी के नेतृत्व में सरकार ने प्रदेश के किसानों के खाते में विभिन्न योजनाओं के तहत समग्र रूप से लगभग 1 लाख करोड़ रुपये की राशि अंतरित की है। इस साल के बजट में भी कई प्रावधान किए गए हैं। कृषक उन्नति योजना के लिए विगत वर्ष की भांति इस वर्ष भी 10 हजार करोड़ का प्रावधान किया गया है। मोदी की गारंटी के तहत दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषक मजदूर कल्याण योजना के माध्यम से 5 लाख 62 हजार भूमिहीन मजदूरों को सालाना 10,000 रूपये की आर्थिक सहायता करते हुए 562 करोड़ राशि का भुगतान किया गया। आगामी वर्ष हेतु इस योजना अंतर्गत 600 करोड़ का प्रावधान किया गया है। कृषि पंपों के निःशुल्क विद्युत प्रदाय योजनांतर्गत 3,500 करोड़ का बजट प्रावधान है।प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत राज्यांश के लिये इस बजट में 750 करोड़ का प्रावधान किया गया है। बजट में ये भी प्रावधान किए गए हैंः-

  • किसानों ने अब तक 1,362 करोड़ रुपये का प्रीमियम अदा किया है।
  • इसके बदले उन्हें 7,156 करोड़ रुपये का बीमा क्लेम भुगतान हुआ है।
  • इस वर्ष से दलहन और तिलहन फसलों की सरकारी समर्थन मूल्य पर खरीदी शुरू होगी।
  • प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान के तहत 80 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
  • धान, गेहूं, रागी, कोदो-कुटकी सहित दलहन-तिलहन बीज वितरण के लिए 150 करोड़ रुपये रखे गए हैं।
  • आगामी वर्ष से राज्य में नैनो यूरिया और डीएपी को प्रोत्साहित किया जाएगा।
  • परंपरागत कृषि विकास योजना के तहत ऑर्गेनिक खेती के लिए 20 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
  • ऑर्गेनिक प्रमाणीकरण हेतु 24 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
  • एकीकृत वाटरशेड प्रबंधन कार्यक्रम के अंतर्गत 200 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है।
  • कृषि पंपों के ऊर्जीकरण (विद्युतीकरण) के लिए 50 करोड़ रुपये का प्रावधान है।
  • गन्ना किसानों को बोनस देने हेतु 60 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान रखा गया है।

छत्तीसगढ़ में बना धान खरीदी में नया कीर्तिमान

छत्तीसगढ़ में राज्य शासन द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य के तहत इस खरीफ सीजन में रिकॉर्ड 149.25 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हुई है। इसमें मोटा धान 81.98 लाख मीट्रिक टन, पतला धान 10.75 लाख मीट्रिक टन और सरना धान 56.52 लाख मीट्रिक टन शामिल है। धान की यह खरीदी राज्य बनने के बाद का सबसे बड़ा रिकॉर्ड है। धान खरीदी का सिलसिला 14 नवंबर 2024 से शुरू होकर 31 जनवरी 2025 तक निरंतर जारी रहा जिसके अंतर्गत राज्य के पंजीकृत 25 लाख 49 हजार 592 किसानों ने धान विक्रय किया। महासमुंद जिला सर्वाधिक 11.04 लाख मीट्रिक टन धान खरीद कर राज्य में पहले नंबर पर है। वहीं बेमेतरा जिला 9.38 लाख मीट्रिक टन धान खरीद कर दूसरा और बलौदाबाजार-भाटापारा जिला 8.56 लाख मीट्रिक टन धान खरीदकर तीसरा स्थान हासिल की है।

छत्तीसगढ़ी सभ्यताओं पर आधारित पूजा पंडाल, भगवान गणेश को अपने बाल सखा के पीठ पर सवारी करते दिखाया…

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छत्तीसगढ़ी सभ्यताओं पर आधारित पूजा पंडाल, भगवान गणेश को अपने बाल सखा के पीठ पर सवारी करते दिखाया…

”इस पंडाल में छत्तीसगढ़ी परिधान में एक महिला को करधन, सुता, मुंदरी सहित अन्य पारंपरिक श्रृंगार में दिखाया गया है, जो चूल्हे में तवे पर रोटियां बना रही है।”

”पंडाल मिट्टी और घास-फूस खादर से निर्मित घर के रूप में बनाया, छत्तीसगढ़ी सभ्यताओं पर आधारित पूजा पंडाल, भगवान गणेश को अपने बाल सखा के पीठ पर सवारी करते दिखाया.’

”पूरे पंडाल को मिट्टी और घास-फूस खादर से निर्मित घर के रूप में बनाया गया है, जो गांव के पुराने दौर में सुसज्जित और व्यवस्थित घर को प्रदर्शित कर रहा है।”

”विलुप्त होते छत्तीसगढ़ी परिवेश को गणेश पूजा पंडाल के माध्यम से लोगों के सामने लाने और पुराने दौर में उपयोग किए जाने वाले घरेलू सामग्रियों की अहमियत दिखाने और नई पीढ़ी को इनसे वाकिफ कराने के लिए पंडाल सजाया गया है।”

”इस पंडाल में छत्तीसगढ़ी परिधान में एक महिला को करधन, सुता, मुंदरी सहित अन्य पारंपरिक श्रृंगार में दिखाया गया है, जो चूल्हे में तवे पर रोटियां बना रही है।”

”वहीं भगवान गणेश को अपने बाल सखा के पीठ पर सवारी करते दिखाया गया हैं। जो खुशहाल परिवार के साथ छत्तीसगढ़ की समृद्धि को दर्शा रहा है।”

”इस गणेश पंडाल में आने वाले बुजुर्ग पुराने वस्तुओं को देखकर निहार रहे हैं, तो वही युवा और बच्चों के लिए यह सामग्री काफी आकर्षित करने वाली है।”

”’इस गणेश पंडाल को लेकर समिति के अध्यक्ष मोन्टू यादव ने बताया कि हमारी छत्तीसगढ़ी संस्कृति और परंपरा धीरे-धीरे आधुनिकता के दौर में खोती जा रही है जिसे सहजने का संदेश लेकर यहां पर इसकी स्थापना की गई है ।”

”पंडाल में पुराने दौर में घरेलू उपयोग में आने वाले चूल्हा, सिगड़ी, गोबर के कंडे, मिट्टी के बर्तन, झंहुआ, पररा, सुपा, सिलबट्टा, लालटेन, माखन की हांडी, सुवा, देव स्थान, खेल सामग्री में बांटी, भवरा, गाय, बैल, तुलसी चौरा बनाया गया है। इसमें मिट्टी से बनी कई सामग्रियां हु-ब-हु नजर आ रही है।”

 

आज का मौसम 31 अगस्त 2025: दिल्ली-एनसीआर में जोरदार बारिश, यूपी में भी भीषण बरसात का अलर्ट..

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आज का मौसम 31 अगस्त 2025: दिल्ली-एनसीआर में जोरदार बारिश, यूपी में भी भीषण बरसात का अलर्ट..

आज का मौसम 31 अगस्त 2025, नई दिल्ली: मॉनसून की बरसात वैसे तो देश के ज्यादातर राज्यों में जारी है। लेकिन पहाड़ी राज्यों में बाढ़-बारिश का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में बादल फटने के साथ-साथ लैंडस्लाइड की घटनाएं भी जारी हैं।

पहाड़ी राज्यों में रहने वाले लोगों को डर के साए में जीना पड़ रहा है। हालांकि, मैदानी इलाकों में भी बारिश कम कहर नहीं बरपा रही है। राजधानी दिल्ली से लेकर यूपी-बिहार और पंजाब तक बारिश जारी है। इस मौसम विभाग ने आज (31 अगस्त) के लिए भी कई राज्यों में बारिश का अलर्ट जारी किया है।

दिल्ली में आज कैसा रहेगा मौसम दिल्ली-NCR में जोरदार बारिश हो रही है। रविवार को छुट्टी का दिन होने के कारण वैसे तो ज्यादातर लोग घरों पर ही बारिश का लुत्फ उठा रहे हैं, लेकिन जिन लोगों को किसी काम से बाहर जाना था, उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के चलते कई इलाकों और सड़कों पर पानी भरने का सिलसिला शुरू हो गया है। मौसम विभाग ने पहले ही आज (31 अगस्त) मूसलाधार बारिश की चेतावनी जारी कर दी थी। मौसम विभाग ने आज पूर्वी दिल्ली, दक्षिण-पूर्वी दिल्ली, मध्य दिल्ली और शाहदरा जैसे इलाकों के लिए बारिश का येलो अलर्ट जारी किया था। बता दें कि दो दिन पहले दिल्ली में हुई बारिश ने लोगों की मुसीबतें बढ़ा दी थी।

आज आपके शहर में कितना रहेगा तापमान? शहर अधिकतम तापमान (31 अगस्त) न्यूनतम तापमान (31 अगस्त)

दिल्ली 30°C-26°C
मुंबई 28°C-27°C
कोलकाता 32°C-27°C
चेन्नई 35°C-28°C
लखनऊ 30°C-26°C
पटना 32°C-28°C
रांची 28°C-23°C
जयपुर 29°C-24°C
हैदराबाद 28°C-23°C
बेंगलुरु 27°C-21°C
भोपाल 28°C-23°C

उत्तर प्रदेश में कैसा रहेगा मौसम यूपी में मौसम का मिजाज फिर बदल गया है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में राज्य के अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। यूपी में आज से भीषण बारिश की शुरुआत हो सकती है। मौसम विभाग के मुताबिक आज पश्चिमी यूपी के साथ-साथ पूर्वी यूपी के कुछ इलाकों में बारिश और गरज चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है।

उत्तराखंड के 5 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

उत्तराखंड के ज्यादातर इलाकों में बादल छाए हुए हैं और बारिश का दौर भी चल रहा है। पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश का क्रम जारी है। अगले कुछ दिनों तक मौसम का मिजाज ऐसा ही रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने आज देहरादून सहित 5 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। सितंबर के पहले सप्ताह में उत्तराखंड में मानसून की बारिश सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। जबकि दूसरे सप्ताह से भारी बारिश का सिलसिला धीमा पड़ सकता है।

कोर्ट ने बताया ट्रंप के टैरिफ को गैरकानूनी, इसका भारत पर क्या असर? अगला कदम क्या होगा…

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कोर्ट ने बताया ट्रंप के टैरिफ को गैरकानूनी, इसका भारत पर क्या असर? अगला कदम क्या होगा…

नई दिल्ली: अमेरिका की एक संघीय अदालत ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ को गैरकानूनी बताया है। अदालत ने कहा कि ट्रेड डेफिसिट और बॉर्डर इश्यू को ‘राष्ट्रीय आपातकाल’ बताकर अपनी शक्ति का दुरुपयोग किया है।

अदालत के इस फैसले का क्या असर होगा, आइए समझते है।

क्या टैरिफ तुरंत हट गए है? नहीं। अदालत ने कहा कि फिलहाल टैरिफ लागू रहेंगे। ट्रंप प्रशासन को सुप्रीम कोर्ट में अपील करने का मौका है। यानी व्यापारी, उपभोक्ता और भारत समेत बाकी देश अब भी लागू टैरिफ के असर में हैं। हालांकि ट्रंप पर दबाव बढ़ गया है। अमेरिकी संसद में विदेश मामलों की कमेटी ट्रंप के टैरिफ पर एक्शन ले सकती है।

ट्रंप की ताकत पर क्या असर पड़ेगा? टैरिफ ट्रंप का सबसे बड़ा नेगोशिएशन हथियार रहा है। वे देशों को भारी शुल्क की धमकी देकर समझौते करवाते रहे हैं। अगर यह हथियार अदालत ने छीन लिया तो ट्रंप की ताकत घटेगी और दुनिया अमेरिकी दबाव को नजरअंदाज कर सकती है। खासकर, ऐसे समय में जबकि अमेरिकी टैरिफ से परेशान होकर कई देश आपस में नजदीकियां बढ़ा रहे हैं।

कितना पैसा दांव पर है? जुलाई तक अमेरिका ने इन टैरिफ से 159 अरब डॉलर जुटाए हैं। अगर सुप्रीम कोर्ट ने इन्हें अवैध करार दिया, तो यह पैसा लौटाना पड़ सकता है। न्याय विभाग ने चेताया है कि ऐसा होने पर देश को ‘वित्तीय तबाही’ झेलनी पड़ सकती है।

अगला कदम क्या होगा? ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट जाने का ऐलान किया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर फैसला उनके खिलाफ गया तो यह अमेरिका को तबाह कर देगा। अगर सुप्रीम कोर्ट ट्रंप का साथ देता है, तो टैरिफ बने रहेंगे। अगर नहीं, तो अरबों डॉलर लौटाने होंगे और अमेरिका को नई व्यापार नीति बनानी पड़ेगी। ट्रंप की अदालत में हार के बाद भी टैरिफ बढ़ाने के विकल्प होंगे, लेकिन ये सीमित होंगे।

भारत को क्या राहत मिलेगी? यह फैसला उन टैक्स पर ही लागू होता है जो अंतरराष्ट्रीय आर्थिक आपातकाल के कानून के तहत लगाए गए थे। अगर सुप्रीम कोर्ट भी फैसले को बरकरार रखता है तो भारत पर लगाया गया 25% टैरिफ हटाया जा सकता है। हालांकि, साफ नहीं है कि रूस से तेल लेने पर लगा 25% शुल्क भी इसमें शामिल है या नहीं।

टूटा रास्ता, बिखरी उम्मीदें… सेना ने 12 घंटे में बना डाला नया तवी ब्रिज

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जम्मू-कश्मीर की तवी नदी पर बना ब्रिज नंबर 4 हाल ही में आई बाढ़ में बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था. इस वजह से इलाकों का आपसी संपर्क टूट गया और कई गांवों की जिंदगी ठहर सी गई. लेकिन भारतीय सेना की टाइगर डिवीजन ने असंभव को संभव कर दिखाया. सिर्फ 12 घंटे में सेना के इंजीनियरों ने collapsed approach road और बेहद कम काम की जगह जैसी चुनौतियों को पार करते हुए 110 फुट लंबा बैली ब्रिज खड़ा कर दिया. अब यह नया पुल न सिर्फ़ टूटा हुआ रास्ता जोड़ता है, बल्कि लोगों के बीच उम्मीद और भरोसा भी जगाता है. ब्रिज को आधिकारिक तौर पर सिविल प्रशासन और जम्मू-कश्मीर पुलिस को सौंप दिया गया है ताकि वाहनों की आवाजाही सुचारु रूप से शुरू हो सके. तवी ब्रिज की यह कहानी सिर्फ इंजीनियरिंग कमाल नहीं, बल्कि मानवीय जज्बे और सेना की तत्परता की भी मिसाल है.RTFGVB

केंद्र को संसद के जरिए संविधान में संशोधन कर… शरद पवार का आरक्षण पर बड़ा बयान, लेकिन तमिलनाडु का जिक्र क्यों8520/

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राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी-एसपी के प्रमुख शरद पवार ने आरक्षण मुद्दे पर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि देशभर में आरक्षण के मुद्दे को सुलझाने में केंद्र सरकार की भूमिका महत्वपूर्ण है. सरकार को संसद के जरिए संविधान में संशोधन कर आरक्षण पर फैसला लेना चाहिए.
एनसीपी-एसपी के प्रमुख शरद पवार ने एक कार्यक्रम में कहा, “आरक्षण के मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उचित समय पर संविधान में संशोधन करके सुलझाना चाहिए.” उन्होंने कहा कि आरक्षण के मुद्दे पर समाज में दरार पैदा हो रही है, जिससे समाज में कटुता पैदा हो रही है.
तमिलनाडु में 72 प्रतिशत आरक्षण का उदाहरण देते हुए पवार ने कहा, “अगर आरक्षण के मुद्दों को सुलझाना है, तो राष्ट्रीय स्तर पर ही निर्णय लिए जाने चाहिए. केंद्र सरकार को इस पर फैसला लेना होगा. अगर तमिलनाडु में 72 प्रतिशत आरक्षण दिया जा सकता है, तो उचित समय पर संविधान में संशोधन करके आरक्षण के मुद्दे को सुलझाने के लिए संसद में निर्णय लिया जाना चाहिए.”
पवार ने कहा, “हम संसद के कुछ सदस्यों के साथ बातचीत कर रहे हैं. पार्टी सांसद नीलेश लंके और कुछ अन्य सहयोगियों ने भी एक बैठक की. अगर हम देश और अन्य राज्यों को इस बारे में समझा दें, तो यह मुद्दा सिर्फ महाराष्ट्र का नहीं रह जाएगा. हर राज्य में छोटे-छोटे लोग होते हैं. किसान समूह भी हैं. इसलिए, अगर हम संविधान में संशोधन का रुख अपनाएं, तो आरक्षण का मुद्दा हल हो सकता है.”
शरद पवार की यह प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है, जब महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण को लेकर आंदोलन चल रहा है और अपने कार्यकर्ताओं के साथ मनोज जरांगे शुक्रवार से मुंबई के आजाद मैदान में अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे हैं. इससे पहले, जरांगे-पाटिल ने महाराष्ट्र सरकार पर निशाना साधते हुए मराठा आरक्षण को लेकर राजनीति करने का आरोप लगाया.
जरांगे ने कहा, “मुख्यमंत्री के लिए ये जरूरी है कि वे हमारी सभी मांगें पूरी करें. शनिवार को भूख हड़ताल का दूसरा दिन है और हम सरकार से अनुरोध करते हैं कि मराठा समुदाय की मांगें पूरी करें. हमें सम्मान दें, अपमान न करें.”

“IPO Calendar: जारी रहेगी आईपीओ की धूम, अगले हफ्ते 8 इश्यू होंगे लॉन्च, 13 की होगी लिस्टिंग”

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“IPO Calendar: जारी रहेगी आईपीओ की धूम, अगले हफ्ते 8 इश्यू होंगे लॉन्च, 13 की होगी लिस्टिंग”

नई दिल्ली: अगस्त के महीने में 40 आईपीओ आने के बाद, सितंबर में भी आईपीओ की धूम रहेगी। अगले हफ्ते मेनबोर्ड और एसएमई प्लेटफॉर्म पर 8 आईपीओ लॉन्च होने वाले हैं। जब बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ गया है, तब ये आईपीओ निवेशकों की दिलचस्पी का इम्तिहान लेंगे।

नए आईपीओ के अलावा, अगले हफ्ते 13 कंपनियां शेयर बाजार में लिस्ट होने वाली हैं। इनमें विक्रांत इंजीनियरिंग का आईपीओ भी शामिल है। इस आईपीओ को निवेशकों से अच्छी प्रतिक्रिया मिली है और यह 20 गुना से ज्यादा सब्सक्राइब हुआ है।

मेनबोर्ड से सिर्फ एक आईपीओ अगले हफ्ते मेनबोर्ड में सिर्फ अमंता हेल्थकेयर लिमिटेड (Amanta Healthcare Ltd) का आईपीओ खुलेगा। यह फार्मा कंपनी पब्लिक ऑफर के जरिए 126 करोड़ रुपये जुटाना चाहती है। यह आईपीओ 1 सितंबर को खुलेगा और 3 सितंबर को बंद होगा। कंपनी ने शेयर की कीमत 120 से 126 रुपये के बीच तय की है। इसकी लिस्टिंग 9 सितंबर को हो सकती है।

एसएमई सेगमेंट से 7 की लॉन्चिंग एसएमई सेगमेंट से अगले हफ्ते 7 आईपीओ की लॉन्चिंग होगी। रचित प्रिंट्स (Rachit Prints) का आईपीओ 1 सितंबर को खुलेगा। यह 19.49 करोड़ रुपये का इश्यू है। इसके बाद 2 सितंबर को दो और आईपीओ खुलेंगे। ऑप्टिवैल्यू टेक कंसल्टिंग (Optivalue Tek Consulting) 51.82 करोड़ रुपये का आईपीओ लाएगी। इसकी कीमत 80-84 रुपये तय की गई है। वहीं, गोयल कंस्ट्रक्शन (Goel Construction) 99.77 करोड़ रुपये का इश्यू लाएगी। इसकी कीमत 249-262 रुपये प्रति शेयर होगी।

3 सितंबर को ऑस्टियर सिस्टम्स (Austere Systems) का आईपीओ खुलेगा। कंपनी ने शेयर की कीमत 52-55 रुपये तय की है। यह 15.57 करोड़ रुपये का इश्यू है। 4 सितंबर को दो आईपीओ खुलेंगे। शरवाया मेटल्स (Sharvaya Metals) 58.80 करोड़ रुपये का आईपीओ लाएगी। इसकी कीमत 192-196 रुपये। वहीं, विगोर प्लास्ट इंडिया (Vigor Plast) 25.10 करोड़ रुपये का आईपीओ लाएगी। इसकी कीमत 77-81 रुपये है।

इसके बाद 5 सितंबर को वशिष्ठ लग्जरी फैशन (Vashishtha Luxury Fashion) का आईपीओ खुलेगा। यह कंपनी मार्केट से 8.87 करोड़ रुपये जुटाएगी। इसका प्राइस बैंड 109 से 111 रुपये के बीच है। यह आईपीओ 15 सितंबर को लिस्ट हो सकता है।

इनकी होगी लिस्टिंग अगले हफ्ते 13 कंपनियों के आईपीओ की शेयर मार्केट में लिस्टिंग भी होगी। जिन कंपनियों के आईपीओ की लिस्टिंग होगी, वे इस प्रकार हैं:

1 सितंबर: Classic Electrodes, Shivashrit Foods और Anondita Medicare.

2 सितंबर: Globtier Infotech और NIS Management.

3 सितंबर: Current Infraprojects, Anlon Healthcare, Sattva Engineering Construction और Vikran Engineering.

4 सितंबर: Oval Projects Engineering.

5 सितंबर: Abril Paper Tech, Sugs Lloyd और Snehaa Organics.

इस विश्लेषण में दिए गए सुझाव व्यक्तिगत विश्लेषकों या ब्रोकिंग कंपनियों के हैं, एनबीटी के नहीं। हम निवेशकों को सलाह देते हैं कि किसी भी निवेश का निर्णय लेने से पहले प्रमाणित विशेषज्ञों से परामर्श कर लें। क्योंकि शेयर बाजार की परिस्थितियां तेजी से बदल सकती हैं।

छत्तीसगढ़ में सक्रिय मानसून, रायपुर समेत 16 जिलों में येलो अलर्ट8520/

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छत्तीसगढ़ में मॉनसून का असर लगातार जारी है. बीते 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है. मौसम विभाग ने आने वाले दिनों के लिए अलर्ट जारी किया है. दो दिनों बाद पूरे प्रदेश में गरज-चमक के साथ बारिश में वृद्धि होने की संभावना जताई गई है. वहीं रायपुर समेत कई जिलों में मेघगर्जन, वज्रपात और तेज हवाओं के साथ भारी वर्षा का पूर्वानुमान लगाया गया है.
दुर्ग सबसे गर्म, पेंड्रा रोड सबसे ठंडा
पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा हुई. दुर्ग में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 33.8°C और पेंड्रा रोड में न्यूनतम 22.2°C दर्ज किया गया.

कोहकामेटा 6, भोपालपटनम 4, गंगालूर 3, भैरमगढ़ 3, बड़े बचेली 3, रामचन्द्रपुर 3, बारसूर 2, बेलगहना 2, मुकडेगा 2, पखांजूर 1, गादीरास 1, प्रतापपुर 1, डौंडीलोहारा 1, छोटेडोंगर 1, कुटरू 1. अन्य स्थानों पर भी हल्की वर्षा दर्ज की गई जिनमें तोंगपाल, साकोला, सीतापुर, नारायणपुर, मर्दापाल, लैलूंगा, मरींबंगला देवरी और ओरछा शामिल हैं.

सिनोप्टिक सिस्टम से मौसम पर प्रभाव
औसत समुद्र तल पर मानसून गर्त बीकानेर, कोटा, सिवनी, दुर्ग, भवानीपटना और गोपालपुर से होते हुए मध्य बंगाल की खाड़ी तक सक्रिय है.
आज का पूर्वानुमान
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा की संभावना है. एक-दो स्थानों पर भारी वर्षा और मेघगर्जन के साथ वज्रपात की आशंका है.
2 दिन बाद कैसा रहेगा मौसम का मिजाज
दो दिनों के बाद प्रदेश में अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होगी, जबकि एक-दो स्थानों पर भारी वर्षा के साथ वज्रपात होने की संभावना है.
रायपुर का मौसम का हाल
31 अगस्त को रायपुर शहर में आसमान सामान्यतः मेघमय रहेगा और एक-दो बार गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है. अधिकतम तापमान 34°C और न्यूनतम तापमान 26°C के आसपास रहने का अनुमान है.
अलर्ट वाले जिले
मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी करते हुए कोंडागांव, कांकेर, धमतरी, राजनांदगांव, गरियाबंद, महासमुंद, रायपुर, बलौदा बाजार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, दुर्ग, बेमेतरा और मुंगेली जिलों में मेघगर्जन, आकाशीय बिजली और 30–40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है.

SCO समिट के लिए PM मोदी चीन के तियानजिन पहुंचे, कब होगी जिनपिंग और पुतिन से मुलाकात

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को चीन के तियानजिन पहुंचे, जहां वे रविवार से शुरू हो रहे दो दिवसीय शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) समिट में भाग लेंगे. इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने जापान यात्रा समाप्त की, फिर तियानजिन के बिनहाई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पहुंचे, जहां उनका शानदार स्वागत किया गया.
प्रधानमंत्री मोदी ने चीन पहुंचने के बाद एक्स पर पोस्ट किया, “तियानजिन में उतर चुका हूं. एससीओ समिट के दौरान विभिन्न देशों के नेताओं से गहन चर्चा करने का इंतजार है.” समिट के दौरान प्रधानमंत्री मोदी कई महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठकें करेंगे, जिनमें चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से रविवार और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से सोमवार को बैठक होने की संभावना है.
इससे पहले दोनों नेताओं की प्रधानमंत्री मोदी की पिछली मुलाकात 2024 में रूस के कजान में ब्रिक्स समिट के दौरान हुई थी. इस बैठक में भारत और चीन के बीच सीमा पर पेट्रोलिंग को लेकर एक समझौता हुआ था, जिससे चार साल से चल रहे सीमा विवाद का समाधान निकाला गया. भारत 2017 से एससीओ का सदस्य है और 2022-23 के दौरान इस संगठन के अध्यक्ष पद का कार्यभार संभाल चुका है.

रविवार, 31 अगस्त 2025
09:30 – 10:10 बजे – चीन के राष्ट्रपति के साथ द्विपक्षीय बैठक
14:30 – 15:15 बजे – द्विपक्षीय बैठक स्लॉट
16:30 – 18:00 बजे – एससीओ में राष्ट्राध्यक्षों/सरकार प्रमुखों के लिए औपचारिक स्वागत समारोह
सोमवार, 1 सितम्बर 2025
07:30 – 09:10 बजे – एससीओ नेताओं की बैठक
09:45 – 10:30 बजे – रूस के राष्ट्रपति के साथ द्विपक्षीय बैठक
11:10 बजे – दिल्ली के लिए प्रस्थान
बता दें कि एससीओ एक स्थायी अंतर-सरकारी अंतरराष्ट्रीय संगठन है, जिसकी स्थापना 15 जून 2001 को शंघाई में हुई थी. इसके सदस्य देशों में चीन, रूस, भारत, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान, पाकिस्तान, उज़्बेकिस्तान, ईरान और बेलारूस शामिल हैं.
एससीओ के दो पर्यवेक्षक अफगानिस्तान और मंगोलिया हैं, जबकि इसके 14 संवाद साझेदार देश हैं, जिनमें तुर्की, कुवैत, अजरबैजान, आर्मेनिया, कंबोडिया और नेपाल शामिल हैं. श्रीलंका, सऊदी अरब, मिस्र, कतर, बहरीन, मालदीव, म्यांमार और संयुक्त अरब अमीरात भी एससीओ के संवाद साझेदार हैं.963.*-