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आर्मी जवान से ठगी; एक महिला गिरफ्तार, जानिए कैसे जाल में फंसाया?

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बिलासपुर के सरकंडा थाना क्षेत्र में तैनात पुलिस टीम ने एक सैन्यकर्मी से ऑनलाइन ठगी के मामले में तल्काल कार्रवाई करते हुए एक महिला को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि एक पूर्व सैनिक द्वारा भारतीय सेना में कार्यरत जवान को मल्टी मिलियन डॉलर प्रोजेक्ट में नौकरी और माइक्रोसॉफ्ट कंपनी का फर्जी लाइसेंस दिलाने का झांसा देकर 3 लाख रुपए की धोखाधड़ी की गई. शिकायतकर्ता सोमेश सिंह वर्तमान में भारतीय सेना में कार्यरत है, उन्होंने बताया कि उसकी जान-पहचान राजू साहू नामक व्यक्ति से सेना में काम करते हुए हुई थी.

ऐसे फंसाया जाल में
पीड़ित ने बताया कि “कुछ समय पहले राजू साहू ने फोन पर संपर्क कर खुद को एक अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट में कार्यरत बताया और भरोसा दिलाया कि वह भी इससे जुड़ सकता है.” हालांकि, सरकारी सेवा में होने के कारण सोमेश ने इंकार किया, तो आरोपी ने उसे परामर्श दिया कि वह अपने किसी परिजन के नाम से इसमें काम करा सकता है.

झांसे में आकर सोमेश ने राजू साहू के कहने पर दो बार में कुल 3 लाख रुपये, आरोपी की मां ईश्वरी साहू के ICICI बैंक खाते में ट्रांसफर किए. आरोपी लगातार माइक्रोसॉफ्ट का लाइसेंस दिलाने का आश्वासन देता रहा, लेकिन जब कई दिनों बाद भी कोई दस्तावेज प्राप्त नहीं हुआ, तब सोमेश को ठगी का एहसास हुआ. इसके बाद रुपये मांगने पर आरोपी ने धमकी तक दे डाली और अंतरराष्ट्रीय खाते से पैसे भेजने की बात कहकर डराने लगा.

पुलिस का एक्शन
पुलिस के पास जब शिकायत पहुंची तो सरकंडा पुलिस ने मामले की जांच कर ईश्वरी साहू निवासी ईमलीभाठा को गिरफ्तार कर लिया है. पूछताछ में उसने खाते में पैसे आने की बात स्वीकार की है. फिलहाल आरोपी राजू साहू फरार है और उसकी तलाश जारी है. मामले में आईटी एक्ट सहित भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है.¥

100 रुपये की जगह आ रहा ₹5000 का बिल; बिजली उपभोक्ता परेशान, गहने गिरवी रखकर किया भुगतान

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बिजली विभाग द्वारा सागर शहर में लगाए जा रहे स्मार्ट मीटर अब उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ बनते जा रहे हैं. शनिचरी वार्ड के रहवासियों ने बिजली बिलों को लेकर नाराजगी जताते हुए कहा कि पहले जहां हर महीने 100 से 200 रुपये तक का बिल आता था, अब वह बढ़कर 5000 से 6000 रुपये तक पहुंच गया है. स्थानीय निवासी आसिफ खान ने बताया कि इस महीने का बिल इतना अधिक आया कि उन्हें मजबूरी में घर के जेवर गिरवी रखकर भुगतान करना पड़ा. उनका कहना है कि न तो घर में कोई अतिरिक्त बिजली उपकरण लगे हैं और न ही खपत बढ़ी है, इसके बावजूद बिल में भारी बढ़ोतरी हो रही है.

अन्य लोगों ने भी लगाए हैं आरोप
इस वार्ड के अन्य लोगों ने भी बिजली विभाग पर मनमाने तरीके से बिल भेजने का आरोप लगाते हुए कहा कि स्मार्ट मीटर से बिलिंग पारदर्शी होने की बात कही गई थी, लेकिन हकीकत इसके उलट है. लोगों ने मांग की है कि विभाग इन बिलों की जांच करे और पुराने बिल के आधार पर खपत का सत्यापन कराए. लोगों की मांग है कि स्मार्ट मीटर की हो जांच, बिल की फिर से समीक्षा होनी चाहिए. उपभोक्ताओं ने चेतावनी दी है कि अगर विभाग ने शीघ्र ही इस समस्या का समाधान नहीं किया, तो वे विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे.

बिजली विभाग के अधिकारियों का क्या कहना है?
जब इस पूरे मामले पर बिजली विभाग के कार्यपालन अभियंता अजीत सिंह चौहान से बात की गई तो उन्होंने कहा कि “अभी तक इस संबंध में कोई औपचारिक शिकायत प्राप्त नहीं हुई है, यदि कोई उपभोक्ता शिकायत लेकर आता है तो उसकी जांच जरूर कराई जाएगी.”

“क्या आप नहीं चाहते बिलासपुर एयरपोर्ट का विस्तार हो?” HC की सरकार को फटकार

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बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट के विस्तार को लेकर दायर जनहित याचिका पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. यह सुनवाई चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा और जस्टिस राजेन्द्र चंद्र सिंह सामंत की डिवीजन बेंच में हुई. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने राज्य सरकार और केंद्र सरकार के रवैये पर नाराजगी जताई और तल्ख टिप्पणियां कीं. बता दें कि बिलासपुर संभाग का यह एकमात्र एयरपोर्ट है, जिसकी सीमित सुविधाओं के कारण न केवल उड़ानें बाधित रहती हैं बल्कि नाइट लैंडिंग जैसी मूलभूत सुविधाएं भी अब तक शुरू नहीं हो सकी हैं. जनहित याचिका में यह मांग की गई है कि इस एयरपोर्ट को पूरी तरह विकसित कर क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत किया जाए.

कोर्ट ने क्या कहा?
कोर्ट ने राज्य सरकार से स्पष्ट रूप से पूछा, “क्या आप नहीं चाहते कि बिलासपुर में एयरपोर्ट का निर्माण और विस्तार हो? आपकी ओर से कोई ठोस प्रयास नजर नहीं आ रहा है.” कोर्ट की इस टिप्पणी के बाद राज्य सरकार की ओर से मौजूद अधिकारियों को जवाब देने में असहजता का सामना करना पड़ा.

एयरपोर्ट विस्तार की राह में सबसे बड़ी बाधा रक्षा मंत्रालय के अधीन आने वाली लगभग 286 एकड़ भूमि है, जिसकी मुआवजा और हस्तांतरण प्रक्रिया अब तक अटकी हुई है.
इस संदर्भ में कोर्ट ने केंद्र सरकार के रक्षा मंत्रालय के सचिव को निर्देश दिया है कि वे व्यक्तिगत हलफनामा प्रस्तुत कर विस्तार से जवाब दें कि अब तक मुआवजा व भूमि हस्तांतरण को लेकर क्या प्रगति हुई है.

राज्य सरकार से मांगी गई रिपोर्ट
साथ ही, राज्य सरकार के मुख्य सचिव से भी एयरपोर्ट के नाइट लैंडिंग, रनवे विस्तार व अन्य आवश्यक अधोसंरचना के विकास कार्यों की अद्यतन स्थिति पर रिपोर्ट मांगी गई है. कोर्ट ने दोनों पक्षों को अगले 8 सप्ताह के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं. अगली सुनवाई की तारीख 6 अक्टूबर 2025 निर्धारित की गई है.

हत्या करके भागे बदमाशों से पुलिस की मुठभेड़, एक को गोली लगी, दिल्ली से लेकर MP तक दर्ज हैं कई केस

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मध्य प्रदेश के ग्वालियर में हत्या करके भागे एक आरोपी की पुलिस के साथ तड़के पांच बजे पुलिस के साथ मुठभेड़ हो गई. शंकरपुर क्रिकेट स्टेडियम के पास पुलिस मुठभेड़ मे गौरव तोमर नामक अपराधी को पुलिस की गोली लगी.

घायल होने के बाद पुलिस ने दबोचा लिया. इसके दो साथियों को भी पुलिस ने पकड़ लिया है. पुलिस हवलदार के भाई की देर रात हत्या करके अपने साथियों के साथ भागा था. एक फरार है.

एसपी धर्मवीर सिंह ने बताया कि बदमाशों ने देर रात लक्ष्मीपुरम इलाके के प्रॉपर्टी डीलर रामरूप तोमर की गोली मारकर हत्या कर दी थी. इसमें हिमेश शर्मा और गौरव तोमर सहित चार आरोपी थे. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने घेराबंदी की थी. सुबह पुलिस पार्टी से शंकरपुर स्टेडियम के पास सुबह 5:00 बजे मुठभेड़ हो गई. इसमें अपराधी गौरव तोमर पुत्र मोहन सिंह तोमर को पैर में गोली लगी है.

पुलिस ने उसे तत्काल दबोच लिया और सीधे लेकर ट्रॉमा सेंटर पहुंची, जहां उसका उपचार चल रहा. पुलिस ने उसकी निशानदेही पर हत्या मे नामजद उसके दो और साथी बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया है. जबकि हिमेश शर्मा मौके से भाग निकला. जिसका पीछा किया जा रहा है.

एसपी ने बताया कि मुठभेड़ में घायल व्यक्ति रिकवरी एजेंट का काम करता है और कुख्यात बदमाश है. इसके खिलाफ मुरैना और ग्वालियर जिले के अलग-अलग थानों में हत्या, हत्या के प्रयास, सहित अनेक संगीन धाराओं मे केस दर्ज है. दिल्ली में भी इसके खिलाफ आर्म्स एक्ट के एक आपराधिक केस दर्ज है.

बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल के लिए सरकार कर्मचारियों को देगी विशेष छुट्टी

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केंद्र सरकार के कर्मचारी 30 दिनों की छुट्टी का लाभ उठा सकेंगे, जिसमें 20 दिन की अर्धवेतन छुट्टी, 8 दिन की आकस्मिक छुट्टी और 2 दिन का प्रतिबंधित अवकाश शामिल है. यह जानकारी केंद्रीय कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने गुरुवार को राज्यसभा सांसद सुमित्रा बाल्मीकि के सवाल के जवाब में दी.

दरअसल, केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों को बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल सहित निजी कारणों के लिए प्रति वर्ष 30 दिन की अर्जित छुट्टी (ईएल), 20 दिन की अर्धवेतन छुट्टी (हाफ पे लीव), 8 दिन की आकस्मिक छुट्टी (सीएल), और 2 दिन की प्रतिबंधित अवकाश (आरएच) लेने की अनुमति दी है.

मंत्री जितेंद्र सिंह ने बताया कि ‘केंद्रीय सिविल सेवा (अवकाश) नियम, 1972′ के तहत कर्मचारी निजी कारणों (बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल) के लिए ये छुट्टियां ले सकते हैं. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के कर्मचारियों को प्रति वर्ष 30 दिन की अर्जित छुट्टी, 20 दिन की अर्धवेतन छुट्टी, 8 दिन की आकस्मिक छुट्टी और 2 दिन की प्रतिबंधित अवकाश के साथ-साथ अन्य पात्र छुट्टियां दी जाती हैं, जिनका उपयोग वे किसी भी निजी कारण के लिए कर सकते हैं.

‘केंद्रीय सिविल सेवा (अवकाश) नियम, 1972’ (1 जून 1972 से लागू हैं) में कर्मचारियों के लिए कई प्रकार की छुट्टियों का प्रावधान है. इनमें अर्जित छुट्टी, अर्धवेतन छुट्टी, मातृत्व अवकाश, पितृत्व अवकाश, गोद लेने की छुट्टी, कार्य-संबंधी बीमारी और चोट, नाविकों की छुट्टी, विभागीय छुट्टी और अध्ययन अवकाश शामिल हैं.

बनता है लीव अकाउंट
कर्मचारियों का एक ‘लीव अकाउंट’ बनाया जाता है, जिसमें हर साल 1 जनवरी और 1 जुलाई को छुट्टियों का ब्योरा होता है. छुट्टियां लेने पर इस खाते से कटौती होती है. हालांकि, मातृत्व, पितृत्व और बाल देखभाल जैसी विशेष छुट्टियां खाते से नहीं काटी जातीं और जरूरत पड़ने पर दी जाती हैं.

ये है नियम
नियमों के अनुसार, कुछ छुट्टियों को अन्य छुट्टियों या अवकाशों के साथ जोड़ा जा सकता है. प्रत्येक कर्मचारी को हर महीने की सेवा के लिए 2.5 दिन की अर्जित छुट्टी दी जाती है. इसके अलावा, दो से कम बच्चों वाली महिला कर्मचारी (प्रशिक्षु सहित) को 180 दिन तक का मातृत्व अवकाश और पुरुष कर्मचारी को 15 दिन तक का पितृत्व अवकाश मिल सकता है.

रीवा के सुपर अस्पताल ने बनाया एक नया रिकॉर्ड, 45 दिन में हो गई 14 ओपन हार्ट सर्जरी

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मध्य प्रदेश रीवा के सुपर अस्पताल ने एक बार फिर इतिहास रच दिया. इस बार यहां लगभग डेढ़ महीने में 95 प्रतिशत सक्सेस रेट के हिसाब से 14 ओपन हार्ट सर्जरी की गई है. इसी अस्पताल ने कुछ दिन पहले एक ही दिन में दो किडनी ट्रांसप्लांट करके ऐसा कारनामा किया था, जो बड़े महानगर के अस्पताल भी नहीं कर पाते. आज हुए ऑपरेशन ने एक बार फिर साबित कर दिया, रीवा में अब सभी तरीके के ऑपरेशन पूरी तरीके से सफलता पूर्वक किए जा सकते हैं.

रीवा का सुपर अस्पताल आए दिनों कुछ ना कुछ नया करके इलाके के मरीजों को जीवन दान देने का काम कर रहा है. फिर चाहे वह किडनी की बीमारी का इलाज हो, या दिल की बीमारी का, लगातार सुपर अस्पताल में हर तरीके के मरीज आ रहे हैं. और पूरी तरीके से ठीक होकर जा रहे हैं .अस्पताल के निर्माण के बाद से ही ओपन हार्ट सर्जरी की प्लानिंग की गई थी.

लेकिन उसके लिए उस दौरान दिल्ली सफदरजंग से टीम को बुलाया जाता था. जिसमें काफी दिक्कतें आती थी .बदलते वक्त के साथ रीवा के हृदय रोग विभाग ने तमाम तरीके की सुविधा अपने यहां उपलब्ध करा ली है.इसमें सबसे बड़ा सहयोग मिला मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल का, वह इसी इलाके से विधायक है.

तमाम संसाधन जुटाने के बाद आज रीवा का सुपर अस्पताल लगातार ऐसे करनामे कर रहा है, जिसके बारे में रीवा के लोगों ने कभी नहीं सोचा था. कभी किडनी ट्रांसप्लांट करके, तो कभी ओपन हार्ट सर्जरी करके, पिछले डेढ़ महीने की बात की जाए तो सुपर अस्पताल की टीम ने लगभग 14 ओपन हार्ट सर्जरी की है .इस ओपन हार्ट सर्जरी की सफलता की बात की जाए तो, लगभग 95% का स्ट्राइक रेट निकाल कर सामने आता है. जो देश के किसी भी हृदय रोग अस्पताल से तुलनात्मक रूप से बेहतर साबित किया जा सकता है . ओपन हार्ट सर्जरी करने वाली टीम के डाक्टर इमरान का कहना यह टीम वर्क है, हमारे पास मजबूत टीम है.

शातिर ठग ने दक्षिणा का दिखाया सब्जबाग, 21 पुरोहितों के साथ किया ठगी का अनुष्ठान, फिर मोबाइल बंदकर हुआ फरार

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सतना जिले में एक ठग ने वैदिक अनुष्ठान कराने के नाम पर एक साथ कुल 21 पुरोहितों के साथ ठगी को अंजाम देने का मामला सामने आया है. शातिर ठग ने नए घर में पूजा-पाठ के लिए मध्य प्रदेश और मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों से 21 पुरोहितों से संपर्क किया और होटल आईडी कार्ड बनाने के नाम पर हजारों ऐंठ कर चंपत हो गया.

शातिर ठग ने वैदिक अनुष्ठान के लिए 21 पुरोहितों से संपर्क किया. सभी 21 पुरोहितों को उसने 10 हजार दक्षिणा,आने-जाने का किराया और होटल में रहने-खाने का सब्जबाग दिखाया. फिर होटल आईडी कार्ड बनाने के नाम पर उसने हजारों रुपए ऐंठा और मोबाइल फोन बंद कर लिया.

ठगी के शिकार 21 पुरोहितों में से अधिकांश जबलपुर और कटनी से सतना पहुंचे थे
शातिर ठग ने खुद को विशाल शुक्ला बताकर 21 पुराहितों से संपर्क साधा था और जिले के धवारी मोहल्ले में वैदिक अनुष्ठान कराने के लिए आमंत्रित किया था. ठगी के शिकार हुए सभी 21 पुरोहितों में ज्यादातर जबलपुर और कटनी जिले से हैं, शेष उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से बुलाए गए थे.

10 हजार रुपए दक्षिणा और होटल में रहने-खाने के इंतजाम का दिखाया था सब्जबाग
ठग ने सभी पुरोहितों से संपर्क कर कहा कि जिले के धवारी निवासी सुनील अग्रवाल अपने नए घर में एक माह तक चलने वाला वैदिक अनुष्ठान कराना चाहते हैं, जिसके लिए 21 विद्वान पुरोहितों की जरूरत है. यह भी बताया कि हर पुरोहित को 10-10 हजार रुपए दक्षिणा, आने-जाने का किराया और होटल में रहने-खाने की पूरी व्यवस्था दी जाएगी.

खुद को विशाल शुक्ला बताने वाले शातिर ठग ने मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के 21 पुरोहितों को संपर्क किया और एक व्यापारी के नए घर के वैदिक अनुष्ठान में शामिल होने के लिए सतना बुलाया और आईडी कार्ड बनाने के नाम पर हजारों रुपए ठग कर फरार हो गया.

21 पुरोहितों से हजारों रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर करवाए फिर फरार हो गया ठग
रिपोर्ट के मुताबिक ठगी की शुरुआत तब हुई जब आरोपी ने पुरोहितों से कहा कि होटल में ठहरने के लिए पहचान पत्र (आईकार्ड) की जरूरत होगी और आईडी कार्ड बनाने के नाम पर किसी से 300 रुपए, किसी से 500 रुपए तो किसी से 1000 रुपए एक खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर करवाए और फिर मोबाइल बंद कर फरार हो गया.

पुरोहितों को ठगी का एहसास हुआ जब वो सतना पहुंचे और ठग का फोन बंद मिला
गौरतलब है गुरुवार को निश्चित तिथि पर जब सभी पुरोहित सतना पहुंचे, तो ठग का मोबाइल बंद मिला. काफी देर इंतजार के बाद सभी पुरोहित सिटी कोतवाली पहुंचे और आपबीती सुनाई. पुरोहितों के मुताबिक ठग कटनी का रहने वाला है और कुछ के पुराने परिचितों में शामिल है. जिसके चलते वो झांसे में आ गए. फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है.

छत्तीसगढ़ में बढ़ाए सब्जियों के दाम, आम आदमी की थाली हुई सूनी, सेम बनी मार्केट टॉपर

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राजधानी रायपुर सहित राज्य में सब्जियों के दाम बढ़ गए हैं. स्थानीय स्तर पर सब्जियों की आवक कम होने के कारण सब्जियों के दाम आसमान छूने लगे हैं. सब्जी मंडी में सब्जियों में सबसे अधिक दाम सेम का है, जो 180 रुपए प्रति किलो बिक रहा है. स्थानीय स्तर पर सब्जियों के दाम लगभग 15 से 20% बढ़ गए हैं.

सब्जियों दाम छू रहे आसमान
भिंडी 50 से 60 रुपए प्रति किलोग्राम

टमाटर प्रति किलोग्राम 35 से 40 रुपए

लौकी प्रति किलोग्राम 25 से 30 रुपए

अदरक प्रति किलोग्राम 50 से 60 रुपए

लहसुन प्रति किलोग्राम 200 से 220 रुपए

गवार फली प्रति किलोग्राम 80 से 90 रुपए

मिर्ची प्रति किलोग्राम 50 से 60 रुपए

कुम्हड़ा प्रति किलोग्राम 20 से 25 रुपए

फूलगोभी प्रति किलोग्राम 60 से 80 रुपए

पत्ता गोभी प्रति किलोग्राम 20 से 25 रुपए

बरबटी प्रति किलोग्राम 50 से 60 रुपए

करेला प्रति किलोग्राम 70 से 80 रुपए

शिमला मिर्च प्रति किलोग्राम 120 से 140 रुपए

बैगन प्रति किलोग्राम 40 से 50 रुपए

आलू प्रति किलोग्राम 20 से 25 रुपए

ब्याज प्रति किलोग्राम 25 से 30 रुपए

गाजर प्रति किलोग्राम 40 से 50 रुपए

चुकंदर प्रति किलोग्राम 40 से 50 रुपए

परवल प्रति किलोग्राम 40 से 50 रुपए

कुंदरू प्रति किलोग्राम 40 से 50 रुपए

सेम प्रति किलोग्राम 160 से 180 रुपए

पालक भाजी प्रति किलोग्राम 40 से 50 रुपए

लाल भाजी प्रति किलोग्राम 40 से 50 रुपए

मेंथी प्रति किलोग्राम 70 से 80 रुपए

खीरा प्रति किलोग्राम 40 से 50 रुपए

गाजर प्रति किलोग्राम 50 से 60 रुपए

मूली प्रति किलोग्राम 40 से 50 रुपए

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एक साल के बाद गिरफ्तार हुआ फरार आरोपी

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रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट भिलाई के अपराध क्रमांक 05/2024 अंतर्गत धारा 3(ए ) रेलवे संपत्ति (अवैध कब्जा) अधिनियम दिनांक 28.05.2024 व माननीय न्यायालय, रायपुर प्रकरण क्रमांक 17842/2024 में फरार आरोपी एवं अस्थाई (NBW) वारंटी अजूबा देवार निवासी – देवार बस्ती खुर्शीपार भिलाई थाना –खुर्शीपार, जिला – दुर्ग (छ.ग.), वर्तमान में वारंटी की गिरफ्तारी हेतु माननीय न्यायालय द्वारा दिनांक 21.05.2025 को अस्थाई गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था।
उक्त वारंट के अनुपालन में दिनांक 24.07.2025 को निरीक्षक मनीष कुमार के मार्गदर्शन में वारंट टीम के उप निरीक्षक एस.आर. रात्रे, प्रधान आरक्षक एन के वर्मा,आरक्षक अजय राठौर एवं आरक्षक एस.आर. मीणा के साथ मुखबीर खास की सूचना पर उपरोक्त वारंटी के निवास स्थान पर दबिश दिए और मामले के जांच अधिकारी सहायक उप निरीक्षक सी एल साहू को भी बुलाया गया। वारंटी को उसके परिजनों की उपस्थिति में विधिसम्मत रूप से गिरफ्तार किया गया।
उक्त आरोपी उपरोक्त अपराध क्रमांक का फरार आरोपी था जो दिनांक 28.05.2024 से फरार था, जिसके संबंध में माननीय न्यायालय द्वारा गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था मामले में आरोपी का बयान एवं गिरफ्तारी आदि कार्यवाही सहायक उप निरीक्षक सी एल साहू चौकी बीएमवाई द्वारा किया गया। जिसे अग्रिम कार्यवाही हेतु दिनांक 25.07.25 को माननीय रेलवे न्यायालय, रायपुर के समक्ष पेश किया जाएगा।

मुख्यमंत्री निवास में हरेली उत्सव दिखी परंपरा और प्रगति की अनूठी झलक

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छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक अस्मिता और कृषि परंपराओं का प्रतीक हरेली तिहार इस वर्ष मुख्यमंत्री साय के निवास परिसर में अत्यंत हर्षाेल्लास और गरिमा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर राज्य की समृद्ध विरासत, पारंपरिक कृषि यंत्रों, लोक परिधानों, खानपान और आधुनिक कृषि तकनीकों का समन्वय एक अद्भुत नजारे के रूप में सामने आया। कार्यक्रम स्थल को पारंपरिक छत्तीसगढ़ी रंग-रूप में सजाया गया था, जहां ग्रामीण परिधान पहने अतिथि, कलाकार और आमजन लोक संस्कृति में रमे हुए नजर आए।
हरेली उत्सव के दौरान मुख्यमंत्री निवास में परम्परागत और आधुनिक कृषि यंत्रों का प्रदर्शन किया गया। मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदर्शनी स्थल का भ्रमण कर विभिन्न पारंपरिक यंत्रों और वस्तुओं का अवलोकन किया। प्रदर्शनी में काठा, खुमरी, झांपी, कांसी की डोरी और तुतारी जैसे ऐतिहासिक कृषि उपकरणों को प्रदर्शित किया गया। कृषि विभाग द्वारा आयोजित आधुनिक कृषि यंत्रों की प्रदर्शनी, जिसमें नांगर, कुदाली, फावड़ा, रोटावेटर, बीज ड्रिल, पावर टिलर और स्प्रेयर जैसे यंत्रों का प्रदर्शन किया गया। ‘काठा’ वह परंपरागत मापक है जिससे पुराने समय में धान तौला जाता था; ‘खुमरी’ बांस और कौड़ियों से बनी छांव प्रदान करने वाली टोपी है; ‘झांपी’ शादी-ब्याह में उपयोग होने वाली वस्तुएं रखने की बांस से बनी पेटी; ‘कांसी की डोरी’ खाट बुनने में काम आती है और ‘तुतारी’ पशुओं को संभालने में उपयोग होती है।

मुख्यमंत्री साय ने यह भी कहा कि हरेली तिहार केवल पर्व नहीं, बल्कि यह हमारे कृषि जीवन, पशुधन और प्रकृति के प्रति सम्मान का प्रतीक है। इस अवसर पर आयोजित प्रदर्शनी किसानों, युवाओं और आमजनों के लिए ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक रही। मुख्यमंत्री ने इन उपकरणों की जानकारी लेकर कृषि तकनीकी प्रगति की सराहना की और कहा कि छत्तीसगढ़ की खेती परंपरा और तकनीक के समन्वय से और भी अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनेगी। किसानों को नई तकनीकों की जानकारी देकर हम राज्य की कृषि उत्पादकता को ऊंचाइयों तक ले जा सकते हैं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में आम नागरिक, किसान, छात्र और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। इस आयोजन ने छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति और कृषि नवाचार के अद्वितीय संगम को सजीव रूप में प्रस्तुत किया, जो राज्य की समृद्ध परंपरा और विकासशील सोच का प्रतीक है।

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