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देश को रचनात्मक दिशा देने का कार्य किया है भारतीय मजदूर संघ ने – अरुण साव

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उप मुख्यमंत्री अरुण साव आज भिलाई के बैकुंठ नगर में भारतीय मजदूर संघ के स्थापना दिवस में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। वहां अंबेडकर भवन में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री प्रेम प्रकाश पाण्डेय ने की। विधायक श्री रिकेश सेन और ललित चन्द्राकर तथा दुर्ग नगर निगम की महापौर अलका बाघमार विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल हुईं।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने भारतीय मजदूर संघ के स्थापना दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आज हम सब भारतीय मजदूर संघ का 70वां स्वर्णिम स्थापना दिवस मना रहे हैं। उन्होंने संघ के पदाधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि मजदूर भाईयों ने विगत 70 सालों से भारतीय मजदूर संघ के साथ ही देश को रचनात्मक दिशा देने का कार्य किया है। भारतीय मजदूर संघ दुनिया का सबसे बड़ा संघ है। इसने देश को आत्मनिर्भर बनाने में सरकार और मजदूरों के मध्य सेतु का कार्य किया है। श्री साव ने कहा कि मोदी सरकार समाज के सभी वर्गों के हित में कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में राज्य सरकार भी इस दिशा में काम कर रही है। श्रमिकों का कल्याण सर्वोच्च प्राथमिकता में है। उन्होंने संघ की मांग पर भवन के लिए पदाधिकारियों से जमीन की व्यवस्था करने का आग्रह किया। उन्होंने भवन के निर्माण के लिए हरसम्भव सहयोग का भरोसा दिलाया।

पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेम प्रकाश पाण्डेय ने कार्यक्रम में भारत की आजादी के बाद गठित विभिन्न मजदूर संघों और उनकी विचारधारा के बारे में विस्तार से जानकारी दी। विधायक रिकेश सेन ने अपने सम्बोधन में कहा कि भारतीय मजदूर संघ एक संगठन नहीं विचारधारा है। विधायक ललित चन्द्राकर ने कहा कि संघ मजदूरों के हितों के साथ ही राष्ट्रीय हित के लिए भी काम करते आ रहा है। भिलाई में बड़ी संख्या में मजदूर विभिन्न औद्योगिक संस्थानों में कार्यरत् हैं। वे सभी भारतीय मजदूर संघ से जुड़े हैं। स्थापना दिवस कार्यक्रम में भारतीय मजदूर संघ के पदाधिकारी, गणमान्य नागरिक, मजदूर और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

रेल यात्रियों की फिर बढ़ेगी मुश्किलें, 22 एक्सप्रेस व 4 पैसेंजर ट्रेनें हुईं रद्द, कुछ के मार्ग बदले गए

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छत्तीसगढ़ से रेल यात्रियों के लिए बड़ी खबर है. यहां बिलासपुर रेल मंडल से गुजरने वाली 26 ट्रेनों को रद्द किया गया है. 24 अगस्त से 26 अगस्त 2025 तक अलग- अलग दिनों में रद्द रहेंगी. बिलासपुर रेल मंडल के किरोड़ीमल नगर स्टेशन में नॉन इंटरकनेक्टिविटी व रायगढ़–झारसुगुड़ा सेक्शन में तीसरी और चौथी रेलवे लाइन का विद्युतीकरण के लिए ट्रेनों को रद्द किया गया है.

इन एक्सप्रेस ट्रेनों को किया गया रद्द
दिनांक 23 से 26 अगस्त, 2025 तक टाटा से चलने वाली टाटानगर-बिलासपुर एक्सप्रेस रद्द रहेगी .
दिनांक 24 से 27 अगस्त, 2025 तक को बिलासपुर से चलने वाली 18114 बिलासपुर-टाटानगर एक्सप्रेस रद्द रहेगी .
दिनांक 23 अगस्त, 2025 को सांतरागाछी से चलने वाली 20822 सांतरागाछी-पुणे एक्सप्रेस रद्द रहेगी.
दिनांक 25 अगस्त, 2025 को पुणे से चलने वाली 20821 पुणे-सांतरागाछी एक्सप्रेस रद्द रहेगी .
दिनांक 22 अगस्त, 2025 को हावड़ा से चलने वाली 12870 हावड़ा-मुंबई एक्सप्रेस रद्द रहेगी .
दिनांक 24 अगस्त, 2025 को मुंबई से चलने वाली 12869 मुंबई-हावड़ा एक्सप्रेस रद्द रहेगी .
दिनांक 25 अगस्त, 2025 को हटिया से चलने वाली 22846 हटिया-पुणे एक्सप्रेस रद्द रहेगी .
दिनांक 27 अगस्त, 2025 को पुणे से चलने वाली 22845 पुणे-हटिया एक्सप्रेस रद्द रहेगी .
दिनांक 27 अगस्त, 2025 को पुरी से चलने वाली 20813 पुरी-जोधपुर एक्सप्रेस रद्द रहेगी .
दिनांक 30 अगस्त, 2025 को जोधपुर से चलने वाली 20814 जोधपुर–पुरी एक्सप्रेस रद्द रहेगी .

ये भी रहेंगी रद्द
दिनांक 23 अगस्त, 2025 को उदयपुर से चलने वाली 20971 उदयपुर-शालीमार एक्सप्रेस रद्द रहेगी .
दिनांक 24 अगस्त, 2025 को शालीमार से चलने वाली 20972 शालीमार-उदयपुर एक्सप्रेस रद्द रहेगी .
दिनांक 27 अगस्त, 2025 को गया से चलने वाली 22358 गया-कुर्ला एक्सप्रेस रद्द रहेगी .
दिनांक 29 अगस्त, 2025 को कुर्ला से चलने वाली 22357 कुर्ला-गया एक्सप्रेस रद्द रहेगी .
दिनांक 27 अगस्त, 2025 को पोरबंदर से चलने वाली 12905 पोरबंदर-शालीमार एक्सप्रेस रद्द रहेगी .
दिनांक 29 अगस्त, 2025 को शालीमार से चलने वाली 12906 शालीमार-पोरबंदर एक्सप्रेस रद्द रहेगी .
दिनांक 22 अगस्त, 2025 को वास्को-द-गामा से चलने वाली 17321 वास्को-द-गामा-जसीडीह एक्सप्रेस रद्द रहेगी .
दिनांक 25 अगस्त, 2025 को जसीडीह से चलने वाली 17322 जसीडीह-वास्को-द-गामा एक्सप्रेस रद्द रहेगी .
दिनांक 21 अगस्त, 2025 को हैदराबाद से चलने वाली 17005 हैदराबाद-रक्सोल एक्सप्रेस रद्द रहेगी .
दिनांक 24 अगस्त, 2025 को रक्सोल से चलने वाली 17006 रक्सोल-हैदराबाद एक्सप्रेस रद्द रहेगी .
दिनांक 23, 25 एवं 26 अगस्त, 2025 को कुर्ला से चलने वाली 12101 कुर्ला–शालीमार एक्सप्रेस रद्द रहेगी .
दिनांक 25, 27 एवं 28 अगस्त, 2025 को शालीमार से रवाना होने वाली 12102 शालीमार-कुर्ला एक्सप्रेस रद्द रहेगी .

पैसेंजर ट्रेन भी रहेंगी रद्द
दिनांक 24 से 27 अगस्त, 2025 तक रायगढ़ से रवाना होने वाली गाड़ी संख्या 68737 रायगढ़-बिलासपुर मेमू रद्द रहेगी .
दिनांक 24 से 27 अगस्त, 2025 तक बिलासपुर से चलने वाली 68738 बिलासपुर-रायगढ़ मेमू रद्द रहेगी .
दिनांक 24 से 27 अगस्त, 2025 तक रायगढ़ से रवाना होने वाली गाड़ी संख्या 68735 रायगढ़-बिलासपुर मेमू रद्द रहेगी .
दिनांक 23 से 26 अगस्त, 2025 तक बिलासपुर से चलने वाली 68736 बिलासपुर-रायगढ़ मेमू रद्द रहेगी .

लड़कियों को किडनैप कर देह व्यापार में धंकेलने का चला रहे थे गंदा खेल, कोर्ट ने आरोपियों को दे दी बहुत बड़ी सजा

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छत्तीसगढ़ के सरगुजा में लड़कियों को किडनैप करके देह व्यापार में धकेलने के मामले में कोर्ट का फैसला आ गया है. सरगुजा जिला सत्र न्यायालय के विशेष कोर्ट ने इस मामले में आरोपियों को 14-14 वर्ष का कठोर कारावास की सजा सुनाई है. जिन तीन आरोपियों को कोर्ट ने सजा सुनाई है उसमें दो महिला और एक पुरुष शामिल है. यह घटना जशपुर जिले के तपकरा थाना क्षेत्र में हुई थी.

इन आरोपियों को कोर्ट ने दी सजा
दरअसल न्यायालय विशेष न्यायाधीश अंबिकापुर केएल चरयाणी की अदालत ने आरोपी विमला यादव कासाबेल जशपुर, नीलू उर्फ निर्मला नायक और उसके पति कोमल अहिरवार को भारतीय दंड संहिता की धारा आरोपित धाराओं 120 बी, 363, 365, 366 क, 368 व 370 के तहत दोषी ठहराते हुए को 14-14 वर्ष कठोर कारावास और 8- 8 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है.

पीड़िताओं की उम्र 18 वर्ष से भी कम थी. आरोपियों ने इन किशोरियों को देहव्यापार में जाने के लिए मजबूर किया जा रहा था. पीड़िताओं के पिता की मौत हो चुकी थी. जिससे उनके रिश्तेदार उनका पालन पोषण कर रहे थे.12 अप्रैल 2024 को यह तीनों किशोरियां गायब हो गईं थी. जिससे पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया.

खोजबीन करने पर ग्रामीणों ने यह जानकारी दी थी कि विमला यादव स्कूटी से बालिकाओं को ले जाते देखी गई है. जिससे परिजनों ने विमला यादव के खिलाफ तपकरा थाने में अपराध पंजीबद्ध कराया था. पुलिस ने जब संदेही महिला को पकड़ कर पूछताछ की तो चौंकाने वाला मामले का खुलासा हुआ.पुलिस ने बालिकाओं को बरामद कर उनका बयान भी दर्ज किया. सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया. मामले में संपूर्ण साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने सजा सुनाई है.मामले में शासन की ओर से पैरवी लोक अभियोजक गौरांगों सिंह ने की.

डिप्टी कमिश्नर जगदीश सरवटे के ठिकानों पर लोकायुक्त की छापेमारी में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए

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आदिम जाति कल्याण विभाग के डिप्टी कमिश्नर जगदीश सरवटे के ठिकानों पर लोकायुक्त पुलिस की छापामारी में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. जबलपुर और भोपाल में सरवटे की मां और भाई के नाम पर खरीदी गई करीब 6 करोड़ रुपये की संपत्तियां सामने आई हैं. देर रात तक चली कार्रवाई में एक बाघ की खाल भी मिली है. अभी बैंक लॉकर खोले जाना बाकी है, जिससे यह आंकड़ा और बढ़ने की संभावना है. आशंका जताई जा रही है कि लॉकर से जेवर और जमीनों के दस्तावेज भी मिल सकते हैं.

भोपाल स्थित आवास से महंगी विदेशी शराब की 56 बोतलें भी जब्त की गई हैं. जांच में पता चला है कि सरवटे की मां के नाम पर 10 संपत्तियां हैं, जिनका मूल्यांकन किया जा रहा है. गौरतलब है कि जगदीश सरवटे पिछले ढाई वर्षों से जबलपुर में तैनात थे. लोकायुक्त की कार्रवाई बुधवार को भी जारी है.

NH-30 पर 14.56 करोड़ से बना ओवरब्रिज, 1 महीने की बारिश में ही उखड़ने लगी सड़क

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रीवा संभागीय मुख्यालय से 30 किलोमीटर दूर मंनगवा में नेशनल हाईवे-30 पर बने ओवर ब्रिज की हालत बेहद खराब हो गई है. ओवरब्रिज को बनाने में लगभग 14.56 करोड़ रुपये का खर्चा आया था, जबकि इसके उद्घाटन को ही सिर्फ 4 महीने हुए हैं. सड़क मानसून में बारिश का एक महीना भी नहीं झेल पाई है. सड़क बुरी तरह से उखड़ चुकी है और वाहनों के चलते समय धूल उड़ती है. इस सड़क से गुजरते समय दो पहिया वाहनों के फिसलने का डर बना रहता है.

जिस NH पर ये ओवरब्रिज बना है, उसे लोग एनएच-30 के साथ ही नागपुर-बनारस या नागपुर-प्रयागराज हाईवे के नाम से भी जानते हैं.

फरवरी में हुआ था उद्घाटन
प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इसी वर्ष फरवरी में ओवरब्रिज का उद्घाटन किया था. इलाके के लोगों ने इसे बनवाने के लिए काफी संघर्ष किया था. स्थानीय लोग हर नेता को रोकते थे, जो भी यहां से गुजरता था और ओवरब्रिज बनवाने की मांग करते. लोगों को ओवरब्रिज न होने के कारण सड़क पार में करने में समस्या होती थी.

NH-30 होने के कारण भारी से लेकर हल्के वाहनों की आवाजाही तेज रफ्तार से होती थी, इस वजह से यहां सड़क पार करते समय हादसे भी हो जाते थे.

शिवराज सिंह ने दी थी बनाने की अनुमति
पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ओवरब्रिज बनाने को अनुमति दी. तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम ने इसका भूमि पूजन कर ओवरब्रिज निर्माण की शुरुआत कराई, फिर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने उद्घाटन किया.

जब ओवरब्रिज का निर्माण हुआ था तो सड़क शानदार दिख रही थी. अब जब मानसून को एक महीना हो चुका है तो इसकी हालत खराब हो गई है. सड़क से उखड़ गई और धूल उड़ रही है. पुल के ऊपर से गुजरने वाले वाहनों के साथ धूल का गुबार उड़ता है.

नक्सलियों के गढ़ में CRPF के जवानों ने पेश की मानवता की मिसाल, बीमार ग्रामीण को खाट पर लेटाकर पहुंचाया अस्पताल

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छत्तीसगढ़ के बस्तर में जवान नक्सलगढ़ में नक्सलियों से लोहा ले रहे हैं. अंदरुनी इलाको में जवानों की तैनाती से ग्रामीणों को सड़क और स्वास्थ्य जैसी सुविधाएं भी बेहतर ढंग से मिलने लगी है. ऐसी ही मानवता से भरी एक तस्वीर बेहद ही नक्सलगढ़ बीजापुर जिले के पामेड़ इलाके से सामने आई है. जहां सीआरपीएफ 151 बटालियन के जवानों ने एक बीमार ग्रामीण को समय रहते इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई है.

सूचना पर तुरंत पहुंचे बीमार ग्रामीण की मदद करने
जवानों को सूचना मिली कि पटेलपारा में एक ग्रामीण बीमारी की वजह से बेहोश हो गया है. सूचना मिलते ही जवान मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर नीरज पांडे,सहायक कमांडेंट मनीष मिश्रा और जवानों दल बीमार ग्रामीण के घर पहुंचा. जहां 48 वर्षीय कवासी हड़मा घर पर मिर्गी और लो सुगर की वजह से बेहोश था. जिसे प्रारंभिक इलाज किया गया. फिर जवानों ने उल्टी खाट पर बीमार ग्रामीण को लेटाकर कंधे में टांगकर गांव के बाहर ट्रैक्टर तक लेकर पहुंचे.

जिसके बाद ट्रैक्टर से बीमार ग्रामीण को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पामेड़ पहुंचाकर भर्ती कराया गया. जहाँ ग्रामीण को समय रहते उचित मिलने से ग्रामीण की जान बच गई.

नक्सल क्षेत्र में इस तरह की तस्वीर ग्रामीणों और जवानों के बीच बेहतर तालमेल की झलक दर्शाती हैं. जहां नक्सली लगातार मुखबिरी का आरोप लगाकर अंदरुनी क्षेत्र में हत्या का नृशंस खेल खेल रहे हैं वहीं दूसरी तरफ जवान नक्सलवाद को मुंहतोड़ जवाब हर मोर्चे पर देकर ग्रामीणों को नक्सलवाद से बचाकर ग्रामीणों की मदद कर रहे हैं.

1,654 करोड़ रुपये के कथित FDI उल्लंघन के लिए ED ने मिंत्रा के खिलाफ दर्ज किया फेमा का केस

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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को कहा कि उसने मिंत्रा डिजाइन्स प्राइवेट लिमिटेड, उसकी संबंधित कंपनियों और उनके निदेशकों के खिलाफ विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा), 1999 के तहत कथित उल्लंघनों के लिए एक शिकायत दर्ज की है. यह कार्रवाई ईडी के बेंगलुरु क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा की गई है, जिसमें कंपनी पर 1,654.35 करोड़ रुपए के अवैध विदेशी निवेश का आरोप लगाया गया है. ईडी के आधिकारिक बयान के अनुसार, सरकारी एजेंसी को विश्वसनीय जानकारी मिली थी कि मिंत्रा और उसकी संबंधित कंपनियां कथित तौर पर मल्टी-ब्रांड रिटेल ट्रेडिंग (एमबीआरटी) में शामिल थीं, जबकि वे थोक कैश एंड कैरी व्यवसाय के रूप में काम करने का दावा कर रही थीं. इस जानकारी के बाद ईडी ने तुरंत जांच शुरू कर दी.

ED ने क्या कहा?
ईडी ने कहा कि यह व्यवस्था भारत की प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) नीति का सीधा उल्लंघन है. ईडी की जांच से पता चला है कि मिंत्रा डिजाइन्स प्राइवेट लिमिटेड ने खुद को थोक व्यापार में शामिल बताकर 1,654 करोड़ रुपए से ज्यादा का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश प्राप्त किया था. हालांकि, एजेंसी ने पाया कि कंपनी ने अपना ज्यादातर सामान एक अन्य कंपनी (वेक्टर ई-कॉमर्स प्राइवेट लिमिटेड) को बेचा, जिसने फिर उन सामानों को सीधे खुदरा ग्राहकों को बेचा.

ईडी का मानना है कि मिंत्रा डिजाइन्स और वेक्टर ई-कॉमर्स, दोनों एक ही समूह की कंपनियां हैं. यह स्ट्रक्चर कथित तौर पर प्रत्यक्ष खुदरा बिक्री को बिजनेस-टू-बिजनेस (बी2बी) लेनदेन के रूप में पेश करके और फिर वेक्टर के माध्यम से खुदरा (बी2सी) बिक्री करके एफडीआई नियमों को दरकिनार करने के लिए बनाया गया था.
ईडी ने आगे कहा कि मिंत्रा ने अप्रैल और अक्टूबर 2010 में लागू किए गए एफडीआई नियमों का उल्लंघन किया है, जिसमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि समूह की कंपनियों को केवल 25 प्रतिशत तक थोक बिक्री की जा सकती है. हालांकि, मिंत्रा ने अपनी 100 प्रतिशत बिक्री वेक्टर को की, जिसे ईडी कानून का स्पष्ट उल्लंघन बताता है. इन निष्कर्षों के आधार पर, प्रवर्तन निदेशालय ने फेमा, 1999 की धारा 16(3) के तहत शिकायत दर्ज की है. एजेंसी का आरोप है कि 1,654.35 करोड़ रुपए के लिए मिंत्रा और उसकी संबंधित कंपनियों ने फेमा की धारा 6(3)(बी) और कंसोलिडेटेड एफडीआई नीति दिशानिर्देशों का उल्लंघन किया है.

भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य की गिरफ्तारी पर कांग्रेस का सदन से सड़क तक संग्राम, पर पार्टी में ही घमासान!

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छत्तीसगढ़ में शराब घोटाला मामले में भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी के बाद कांग्रेस सदन से लेकर सड़क तक विरोध कर रही है. हालांकि, चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी को लेकर हो रहे प्रदर्शन पर कांग्रेस के अंदरखाने भी घमासान मचा हुआ है. पार्टी के ही लोग सवाल उठा रहे हैं कि जिसका कांग्रेस के लिए कोई योगदान नहीं, तो उनके लिए इतना हंगामा क्यों बरपा है, जबकि आदिवासी नेता कवासी लखमा और भिलाई विधायक देवेंद्र यादव की गिरफ्तारी पर तो इतना विरोध नहीं हुआ था.

शराब घोटाला मामले में चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी क्या हुई, पूरी कांग्रेस सड़क पर उतर आई है. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य की गिरफ्तारी के बाद कांग्रेस के नेताओं ने एकजुटता दिखाने की कोशिश की, लेकिन रायपुर में प्रदर्शन के दौरान मीडिया चेयरमैन सुशील आनंद शुक्ला और जिला अध्यक्ष गिरीश दुबे आपस में भिड़ गए. कुछ नेता प्रदर्शन में शामिल ही नहीं हुए. दरअसल, कांग्रेस के अंदर ये चर्चा जोर पकड़ रही है कि जब वर्तमान विधायक कवासी लखमा और देवेंद्र यादव की गिरफ्तारी हुई, तो कांग्रेस ने कोई बड़ा प्रदर्शन नहीं किया.

भाजपा ने भी साधा निशाना
ऐसे में बीजेपी ने भी कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधना शुरू कर दिया है. कांग्रेस को घेरते हुए भाजपा नेता कह रहे हैं कि कांग्रेस एक नेता की पार्टी है. बाकी की इस पार्टी में कोई हैसियत नहीं है. उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कांग्रेस पर प्रहार करते हुए कहा कि यह कहना चाहता हूं कि कांग्रेस ने किस जनकल्याण के विषय को लेकर आर्थिक नाकेबंदी की. ED ने भ्रष्टाचार के विरुद्ध कार्रवाई की. ED के पास भ्रष्टाचार के प्रमाण हैं. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ऐसे व्यक्ति के लिए प्रदर्शन कर रही, जिसका कांग्रेस के लिए कोई योगदान ही नहीं है. वह व्यक्ति कांग्रेस के किसी भी दायित्व में नहीं है. वह सिर्फ बड़े नेता का पुत्र है, इसलिए कांग्रेस के नेता सब साथ में नहीं थे. इसीलिए रायपुर से लेकर बिलासपुर कर विवाद होता रहा. इस विवाद सब ने देखा है. कवासी लखमा जब ऐसे ही प्रकरण में जेल गए, तो किसी को कोई मतलब नहीं था. जब देवेंद्र यादव जेल गए तो किसी को कोई मतलब नहीं था. कांग्रेस चरित्र से ही एक परिवार से चाटुकारिता करती आई है.

कांग्रेस ने प्रदर्शन का किया बचाव
वहीं, कांग्रेस का दावा है कि उनकी लड़ाई अन्याय के खिलाफ है. कांग्रेस ईडी के अन्याय के विरोध में अपने नेता के साथ खड़ी है. विरोध प्रदर्शन का बचाव करते हुए कांग्रेस प्रवक्ता विजय बजाज ने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा अन्याय के खिलाफ लड़ी है. आज की बात नहीं है. कांग्रेस आजादी के पहले से ही अन्याय के खिलाफ लड़ती आई है. अंग्रेजों को भी कांग्रेस पार्टी ने हराया, नेशनल हेराल्ड मामले में राहुल गांधी को ED ने फंसाने की कोशिश की, पर कांग्रेस हमेशा अन्याय के खिलाफ खड़ी रही. कवासी लखमा या देवेंद्र यादव की गिरफ्तारी हुई, तो कांग्रेस उनके भी साथ थी.q

एयर इंडिया विमान हादसे के बाद अकासा एयर ने की फ्यूल स्विच की जांच, रिपोर्ट में क्‍या निकला? कंपनी के पास हैं 30 बोइंग विमान

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अहमदाबाद में पिछले महीने हुए एयर इंडिया विमान हादसे के बाद सभी एयरलाइंस को अपने विमानों की जांच करने के लिए कहा गया था. इस कड़ी अकासा एयर ने भी अपने सभी विमानों की जांच के बाद रिपोर्ट तैयार कर ली है. एयरलाइंस के वरिष्‍ठ अधिकारी ने बताया कि अकासा एयर ने अपने बोइंग 737 मैक्स विमानों के फ्यूल स्विच की जांच पूरी कर ली है और उनमें कोई खराबी नहीं पाई गई है. गौतलब है कि एयर इंडिया विमान के हादसे का कारण फ्यूल स्विच का बंद होना ही बताया जा रहा है, जिसके बाद सभी कंपनियों ने इसकी जांच शुरू की थी.कंपनी ने बताया कि अकासा एयर के पास 30 बोइंग 737 मैक्स विमानों का बेड़ा है. आने वाले वर्षों में कुल 196 ऐसे विमान एयरलाइन को सौंपे जाने हैं. नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने पिछले हफ्ते एयरलाइन कंपनियों से 21 जुलाई तक अपने बोइंग 787 और 737 विमानों में ईंधन स्विच को बंद करने की प्रणाली की जांच करने का निर्देश दिया था.

क्‍या आया जांच रिपोर्ट में
विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट में कहा था कि पिछले महीने एयर इंडिया के विमान में दुर्घटना से पहले ईंधन स्विच बंद कर दिए गए थे. इसके बाद डीजीसीए ने जांच के आदेश दिए थे. अकासा एयर के मुख्य वित्त अधिकारी अंकुर गोयल ने कहा कि एयरलाइन विमान निर्माता के रूप में बोइंग या सुरक्षा नियामक के रूप में डीजीसीए की ओर से आने वाले सभी सुझावों और निर्देशों का पालन करती है.
कंपनी ने जताई जांच पर खुशी
गोयल ने बताया कि निरीक्षण पूरा हो चुका है. हमने डीजीसीए को अपने निष्कर्षों की सूचना दे दी है. यह बताते हुए बहुत खुशी हो रही है कि स्विच में कोई भी खराबी नहीं मिली. इससे पहले, एयर इंडिया ने कहा था कि उसने अपने बोइंग 787 और 737 विमानों के बेड़े में ईंधन नियंत्रण स्विच (एफसीएस) को बंद करने की प्रणाली की जांच पूरी कर ली है और कोई समस्या नहीं पाई गई. अन्‍य एयरलाइंस ने भी फ्यूल स्विच सहित अन्‍य तरह की खराबी की जांच प्रक्रिया भी पूरी कर ली है.
क्‍या था एयर इंडिया का हादसा
पिछले महीने 12 जून को अहमदाबाद से लंदन जा रहा एयर इंडिया का विमान उड़ान के 2 मिनट के भीतर ही जमीन पर गिरकर ध्‍वस्‍त हो गया था. हादसे में करीब 262 लोगों की जान गई थी. कंपनी की शुरुआती जांच में हादसे का कारण विमान का फ्यूल स्विच बंद होना बताया जा रहा है. पहले तो यह भी कहा गया था कि दोनों पायलट में से किसी एक ने फ्यूल स्विच ही बंद कर दिया था, जिसके बाद विमान तक ईंधन नहीं पहुंचा और वह हादसे का शिकार बन गया.

रात 9 PM दस्तक, 9.25 बजे खबर…जब बिना बताए राष्ट्रपति भवन जा धमके जगदीप धनखड़

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जगदीप धनखड़ अब उपराष्ट्रपति हो चुके हैं. सोमवार को उन्होंने अचानक इस्तीफा दे दिया. मंगलवार को उनका इस्तीफा स्वीकार हो गया. मानसून सत्र के पहले दिन शाम तक सब कुछ सही था. मगर सूरज ढलते ही सियासी खलबली मच गई. पता चला कि जगदीप धनखड़ ने अचानक राष्ट्रपति को अपना इस्तीफा दे दिया. जब वह राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को अपना इस्तीफा देने राष्ट्रपति भवन पहुंचे थे, तब खलबली मच गई थी. किसी को भी नहीं समझ आया कि आखिर बगैर किसी सूचना के उपराष्ट्रपति कैसे राष्ट्रपति भवन आ धमके.

अपने इस्तीफे से पहले जगदीप धनखड़ सोमवार को बिना पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के, अचानक और जल्दी में राष्ट्रपति से मिलने पहुंचे थे. सूत्रों के मुताबिक, राष्ट्रपति से मिलने का उपराष्ट्रपति का पहले से पूर्व निर्धारित कार्यक्रम नहीं था. जगदीप धनखड़ ने न तो अप्वाइंटमेंट ली थी और न ही इसकी कोई सूचना राष्ट्रपति भवन को दी थी. इसलिए जब वो राष्ट्रपति से अचानक मिलने आए तो राष्ट्रपति भवन में मौजूद सभी स्टाफ में खलबली मच गई.
जगदीप धनखड़ के आने की भनक नहीं
जगदीप धनखड़ करीब रात को 9 बजे राष्ट्रपति भवन पहुंचे थे. जैसे ही वह राष्ट्रपति भवन पहुंचे, वहां मौजूद स्टाफ समझ नहीं पा रहे थे कि आखिर वह क्यों आए हैं, जब तब किसी को इस्तीफे का अंदाजा नहीं था. दरअसल, आमतौर पर जब भी राष्ट्रपति से पीएम और उपराष्ट्रपति मिलते हैं, उसका कार्यकम अचानक नहीं बल्कि पहले से निर्धारित किया जाता है.
कैसे मची हलचल

जब वह बिना पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के राष्ट्रपति से अचानक मिलने आए तब एडीसी सैन्य सचिव के पास धनखड़ की उपस्थिति की खबर देने दौड़े. राष्ट्रपति मुर्मू के साथ आनन-फानन में आयोजित बैठक के बाद जगदीप धनखड़ ने संविधान के अनुसार अपना इस्तीफा सौंप दिया. उन्होंने रात 9.25 बजे जनता को यह खबर दी. धनखड़ का अघोषित दौरा उनके इस्तीफे की अचानक वजह का एक और संकेत था, क्योंकि दिन सामान्य रूप से चल रहा था और देर रात के इस इस्तीफे का कोई संकेत नहीं था.
सोमवार को क्या हुआ?
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने सोमवार यानी 21 जुलाई 2025 को अपना इस्तीफा दिया. इसमें उन्होंने अपनी सेहत का हावाल दिया. मानसून सत्र के पहले दिन राज्यसभा की कार्यवाही संचालित करने के बाद यह कदम चौंकाने वाला रहा. विपक्ष ने इस्तीफे के पीछे गहरे कारण होने का दावा किया, जिसमें जेपी नड्डा और किरेन रिजिजू की अनुपस्थिति और जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव शामिल है.