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शहर को भी अपना घर समझें और स्वच्छ रखे : श्री अरुण साव

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उप मुख्यमंत्री, नगरीय प्रशासन एवं विकास तथा कोरबा जिले के प्रभारी मंत्री श्री अरुण साव ने आज कोरबा नगर निगम कोरबा में लगभग 30 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इनमें भूमिपूजन के 74 कार्य, राशि 24 करोड़ 76 लाख रुपए और लोकार्पण के 19 कार्य राशि चार करोड़ 60 लाख रुपए शामिल हैं। श्री साव ने विवेकानंद उद्यान के सामने अटल परिसर का लोकार्पण किया। उन्होंने अटल परिसर में स्थापित पूर्व प्रधानमंत्री भारतरत्न स्वर्गीय श्री अटल बिहारी बाजपेयी की प्रतिमा का अनावरण भी किया। कार्यक्रम में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन, विधायक श्री प्रेमचंद पटेल, कोरबा नगर निगम की महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत और सभापति श्री नूतन सिंह ठाकुर भी शामिल हुए।

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने लोकार्पण-भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि यह गौरव की बात है कि अब प्रदेश के नगरीय निकायों को राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार प्राप्त होने लगा है। कोरबा नगर निगम को भी स्वच्छता के लिए पुरस्कार मिलना गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि कोरबा में तेज गति से स्वच्छता के काम हो रहे हैं। आने वाले समय में कोरबा नम्बर वन पर रहे, इसके लिए आमजनों का सहयोग जरूरी है। श्री साव ने कहा कि जिस तरह हर व्यक्ति अपने घर को स्वच्छ रखता है, उसी तरह शहर को भी अपना घर समझें और स्वच्छ रखें। कोरबा शहर साफ-सुथरा हो, इसके लिए सभी का सहयोग आवश्यक है।

श्री साव ने कोरबा के विकास के लिए नगर निगम में 72 कार्यों हेतु 18 करोड़ रुपए और देने की घोषणा करते हुए कहा कि कोरबा ऊर्जाधानी है और यहाँ के लोगों में ऊर्जा बनी रहे, इस दिशा में कार्य करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में विकास के लिए राशि उपलब्ध कराई जा रही है। अकेले कोरबा नगर निगम को 280 करोड़ की राशि विकास कार्यों के लिए दी गई है। उन्होंने कहा कि कोरबा जिले में जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) की राशि से भी विकास के कार्य कराए जा रहे हैं।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उद्योग व वाणिज्य तथा श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कोरबा के विकास के लिए पर्याप्त राशि प्रदान की है। इसके अलावा डीएमएफ और अन्य मद से भी कोरबा को विभिन्न कार्यों के लिए राशि दी गई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने जिले से प्राप्त राशि को जिले में ही खर्च करने की व्यवस्था प्रदान की है। इससे कोरबा में लगातार विकास के कार्य कराए जा रहे हैं।

श्री देवांगन ने शहर के सभी 67 वार्डों में समग्र विकास कार्य कराने के लिए संकल्पित होने की बात कही और स्वच्छता के मामले में देश की रैंकिंग में नम्बर वन बनाने की दिशा में कार्य करने और आम नागरिकों से भी इसके लिए सहयोग की अपील की। उन्होंने अटल परिसर के निर्माण और पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री अटल बिहारी बाजपेयी की प्रतिमा के अनावरण होने पर इसे कोरबा के लिए गौरव बताया। कार्यक्रम को महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत ने भी सम्बोधित किया। कलेक्टर श्री अजीत वसंत, एसपी श्री सिद्दार्थ तिवारी और निगम आयुक्त श्री आशुतोष पाण्डेय सहित पार्षदगण और अन्य जनप्रतिनिधिगण बड़ी संख्या में कार्यक्रम में मौजूद थे।

वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने रविवार को सरिया में नवनिर्मित तहसील कार्यालय, उप-पंजीयक कार्यालय और अटल परिसर का लोकार्पण किया

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वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने रविवार को सरिया में नवनिर्मित तहसील कार्यालय, उप-पंजीयक कार्यालय और अटल परिसर का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने तहसीलदार कोमल साहू और उप-पंजीयक पूनम सिदार को उनके पदीय दायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वहन करने के लिए शुभकामनाएं दीं और विधिवत रूप से उन्हें उनके कार्यस्थल की कुर्सी पर आसीन कराया।

लोकार्पण समारोह के दौरान वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कार्यालय परिसर में वृक्षारोपण किया और सरिया चौक में स्थापित महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके उपरांत नगर पंचायत कार्यालय परिसर में अटल बिहारी वाजपेयी जी की प्रतिमा के साथ अटल परिसर का उद्घाटन भी किया गया।

मंगल भवन में आयोजित आमसभा को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों, महिलाओं और आमजन के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि सरकार के गठन के 12 दिनों के भीतर किसानों को दो वर्षों का लंबित बोनस दिया गया। पहले वर्ष धान खरीदी का भुगतान लगभग 13 हजार करोड़ रुपये और दूसरे वर्ष 12 हजार करोड़ रुपये किया गया। उन्होंने बताया कि सरिया क्षेत्र में किसानों की मांग पर अपेक्स बैंक की स्थापना की गई है और अब यहां रजिस्ट्री कार्यालय भी आरंभ हो गया है। साथ ही 100 बिस्तरों वाले अस्पताल का निर्माण कार्य भी तेज़ी से प्रगति पर है।

वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि राजनीति में आने का उनका उद्देश्य लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है और वे भ्रष्टाचार या कमीशनखोरी को कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे। उप-पंजीयक को उन्होंने भ्रष्टाचारमुक्त सेवा देने की सख्त हिदायत दी और सभी जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों से जनता की सेवा में ईमानदारी और समर्पण की अपेक्षा जताई।

तहसील एवं उप-पंजीयक कार्यालय भवन का निर्माण छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल, रायगढ़ द्वारा 72.12 लाख रुपये की लागत से किया गया है, वहीं अटल परिसर का निर्माण 19.95 लाख रुपये की लागत से पूरा हुआ है। कार्यक्रम में नगर पंचायत अध्यक्ष श्री कमलेश अग्रवाल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री अजय नायक, श्री जगन्नाथ पाणिग्राही, कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे, पुलिस अधीक्षक श्री आञ्जनेय वार्ष्णेय समेत बड़ी संख्या में नागरिक, जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।

स्व सहायता समूह की दीदी आजीविका मूलक गतिविधियों से जुड़कर बनी आत्मनिर्भर

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने स्व-सहायता समूह की महिलाओं को स्व-रोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने के निर्देश दिए हैं। इसी कड़ी में जशपुर जिले में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत सभी विकास खंड में 11 हजार 559 स्व-सहायता समूह का गठन किया गया है। जिसमें 1 एक लाख 24 हजार 117 महिला सदस्य जुड़ी हुई हैं और ये महिलाएं विभिन्न आजीविका मूलक गतिविधियों से जुड़कर आत्मनिर्भर बन गयी हैं।

विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार इनमें स्व-सहायता समूह को 703 ग्राम संगठन एवं 32 संकुल संगठन के माध्यम से संगठित किया गया है। गठित स्व-सहायता समूह सदस्यों की आय में निरंतर वृद्धि के लिए सार्थक प्रयास भी किए जा रहे हैं। महिलाओं को कृषि के माध्यम से बीज उपचार, प्राकृतिक खाद, द्रव जीवामृत, घन जीवामृत, ब्रह्मास्त्र, नीमस्त्र, निर्माण एवं निरंतर प्रयोग हेतु प्रेरित किया जा रहा है, इस प्रकार से कृषि पशुपालन, मत्स्य पालन, किराना दुकान, ईट निर्माण आदि विभिन्न आजीविका गतिविधियों के माध्यम से उनकी आय में वृद्धि हेतु प्रयास किया जा रहा है।

छत्तीसगढ़ शासन की विभिन्न योजनाओं जिसमें मुख्यतः कृषि विभाग, पशुपालन विभाग, मत्स्य पालन विभाग, रेशम विभाग, रोजगार गारंटी योजना आदि में संचालित होने वाली योजनाओं से जोड़कर स्व-सहायता समूह सदस्यों की आय में वृद्धि हेतु प्रयास किया जा रहा है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत सामुदायिक निधि के द्वारा समूह सदस्यों को ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। साथ ही साथ बैंक के माध्यम से स्व-सहायता समूह का बैंक लिंकेज एवं मुद्रा लोन के माध्यम से पर्याप्त मात्रा में आजीविका गतिविधि हेतु राशि उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे उनमें आत्मनिर्भरता बढ़ती जा रही है।

महतारी वंदन योजना बनी आर्थिक संबल, महिलाएं गढ़ रहीं बेहतर कल

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छत्तीसगढ़ शासन की महतारी वंदन योजना ग्रामीण महिलाओं के जीवन में बदलाव की नई इबारत लिख रही है। यह योजना न केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बना रही है, बल्कि परिवार की जरूरतों में भी सहभागी बन रही हैं।

मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के ग्राम पंडरीतराई निवासी श्रीमती रबीना पिस्दा जो एक गृहिणी हैं। उन्हें योजना के अंतर्गत प्रतिमाह 1000 रुपये की आर्थिक सहायता मिल रही है। उन्होंने बताया कि इस राशि को वह अपने बेटे की शिक्षा और जरूरी घरेलू कार्यों में उपयोग कर रही हैं। इस वर्ष जब उनके बेटे का पहली कक्षा में प्रवेश हुआ, तो उन्होंने महतारी वंदन योजना की राशि से बेटे के लिए बस्ता, स्लेट, पेंसिल, जूते सहित अन्य शिक्षण सामग्री खरीदी। श्रीमती रबीना बताती हैं कि उनके पति कृषि कार्य करते हैं और वह स्वयं भी खेती में हाथ बंटाती हैं। पहले किसी भी प्रकार की बचत कर पाना मुश्किल था, लेकिन इस योजना से अब हर माह थोड़ी-बहुत राशि बचाकर वह अपने बेटे के उज्जवल भविष्य की नींव मजबूत कर पा रही हैं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और महिला बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के प्रति आभार व्यक्त करते हुए श्रीमती रबीना ने कहा कि महतारी वंदन योजना उनके जैसी हजारों-लाखों महिलाओं के लिए संबल बनी है। इससे उन्हें आत्मनिर्भर बनने और परिवार में योगदान देने का अवसर मिल रहा है।

प्रदेश में अब तक 446.1 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज

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छत्तीसगढ़ में 1 जून से अब तक 446.1 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा स्थापित राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में अब तक बलरामपुर जिले में सर्वाधिक 739.1 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है। बेमेतरा जिले में सबसे कम 240.8 मि.मी. वर्षा दर्ज हुई है।

राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार रायपुर संभाग में रायपुर जिले में 438.3 मि.मी., बलौदाबाजार में 439.1 मि.मी., गरियाबंद में 373.8 मि.मी., महासमुंद में 394.5 मि.मी. और धमतरी में 372.8 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।

बिलासपुर संभाग में बिलासपुर जिले में 471.4 मि.मी., मुंगेली में 513.3 मि.मी., रायगढ़ में 570.9 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 598.6 मि.मी., कोरबा में 516.9 मि.मी., गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 440.5 मि.मी., सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 437.6 मि.मी., सक्ती में 538.8 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।

दुर्ग संभाग में दुर्ग जिले में 368.5 मि.मी., कबीरधाम में 333.6 मि.मी., राजनांदगांव में 361.5 मि.मी., बालोद में 438.8 मि.मी., मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 521.8 मि.मी., खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 311.7 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।

सरगुजा संभाग में सरगुजा जिले में 351.6 मि.मी., सूरजपुर में 569.3 मि.मी., जशपुर में 546.1 मि.मी., कोरिया में 532.2 मि.मी. और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 490.0 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।

बस्तर संभाग में बस्तर जिले में 509.1 मि.मी., कोंडागांव में 314.9 मि.मी., नारायणपुर में 347.2 मि.मी., बीजापुर में 505.1 मि.मी., सुकमा में 303.3 मि.मी., कांकेर में 403.2 मि.मी., दंतेवाड़ा में 425.6 मि.मी. और औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है।

मलेरिया मुक्त बस्तर अभियान शासन की पहली प्राथमिकता, प्रभावी कार्ययोजना बनाकर करें कामः आयुक्त स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. प्रियंका शुक्ला

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स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं की प्रगति और क्रियान्वयन की समीक्षा हेतु जिला अस्पताल सुकमा के सभाकक्ष में आयुक्त सह संचालक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. प्रियंका शुक्ला की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख योजनाओं, उनके लक्ष्यों, प्राप्तियों और कार्यों की विस्तार से चर्चा की गई।

डॉ. प्रियंका शुक्ला ने कहा कि मलेरिया मुक्त बस्तर अभियान स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल की प्राथमिकता वाले कार्यों में से एक है और मलेरिया को खत्म करने लिये शासन हर संभव प्रयास कर रही है। मलेरिया पैरासाइट को खत्म करने के लिए शत प्रतिशत जनसंख्या का स्क्रीनिंग करना अनिवार्य है। उन्होंने निर्देश दिया कि मलेरिया पॉजिटिव मरीज के ठीक हो जाने के बाद 1 महीने पश्चात फिर से उस मरीज का फॉलो अप करके ब्लड सैंपल लेकर जांच किया जाए। साथ ही छिन्दगढ़ और कोंटा विकासखंड के गांव मलेरिया के अधिक प्रभाव वाले स्थानों में आते हैं, यहां विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने निर्देश दिया कि फील्ड के अधिकारी और स्वास्थ्य कार्यकर्ता लगातार क्षेत्र का भ्रमण करें और बुखार से पीड़ित व्यक्ति का मलेरिया जांच भी करना सुनिश्चित करें।

डॉ. शुक्ला ने जानकारी देते हुए कहा कि जल्द ही स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल भी मलेरिया मुक्त अभियान की तैयारियों और कार्यों का जायजा लेने के लिए बस्तर संभाग का भ्रमण करेंगे। उन्होंने कहा कि इस अभियान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हॉस्टल, आश्रम और गांवों में मच्छरदानी के उपयोग को प्रोत्साहित करना जरूरी है। उन्होंने मलेरिया नियंत्रण के लिए फील्ड में जाकर जागरूकता फैलाने और चिकित्सा कार्यों को और अधिक सघन करने के निर्देश दिए। डॉ. शुक्ला ने सभी अधिकारियों से कहा कि वे योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु पूरी मेहनत, पारदर्शिता और आपसी समन्वय से कार्य करें। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा है कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और इसके लिए जमीनी स्तर पर ठोस कार्यवाही जरूरी है।

‘समाज के हर वर्ग की भागीदारी से ही बनेगा विकसित छत्तीसगढ़’मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री साय ने कहा है कि “हम विकसित भारत–विकसित छत्तीसगढ़” के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए निरंतर कार्यरत हैं, और इसमें समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है।भिलाई स्थित रूंगटा यूनिवर्सिटी में आयोजित विश्व युवा कौशल उत्सव 2025 के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे।साय ने कहा कि यह आयोजन इतिहास में स्वर्णाक्षरों में दर्ज किया जाएगा। गोल्ड बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की टीम ने 8183 प्रतिभागियों को एक सप्ताह के भीतर दिए गए प्रशिक्षण को प्रमाणित किया है और संस्थान को इसका प्रमाण पत्र प्रदान किया गया है। उन्होंने रूंगटा यूनिवर्सिटी प्रबंधन को इस नि:शुल्क और अभूतपूर्व आयोजन के लिए बधाई दी और कहा कि राज्य सरकार युवाओं को आत्मनिर्भर एवं दक्ष बनाने के लिए संकल्पबद्ध है।

छत्तीसगढ़ ने विगत 25 वर्षों में प्रत्येक क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है और इस वर्ष को हम राज्य की रजत जयंती के रूप में मना रहे हैं। उन्होंने कहा कि डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल में उच्च शिक्षा संस्थानों का विस्तार हुआ और वर्तमान में राज्य में 15 मेडिकल कॉलेज, आईआईटी, आईआईएम, ट्रिपल आईटी, सिपेट, एम्स, और लॉ यूनिवर्सिटी जैसे राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित संस्थान कार्यरत हैं।

उन्होंने बताया कि शिक्षा और स्वास्थ्य दोनों क्षेत्रों में राज्य सरकार ने समान रूप से उल्लेखनीय उपलब्धियाँ प्राप्त की हैं। बीते डेढ़ वर्षों में सुशासन की स्थापना के लिए ठोस प्रयास हुए हैं। शासन को पारदर्शी बनाने हेतु अधिकांश सेवाएं ऑनलाइन की गई हैं, जिससे भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण हुआ है और राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। शिक्षा और स्वास्थ्य दोनों क्षेत्रों में राज्य सरकार ने समान रूप से उल्लेखनीय उपलब्धियाँ प्राप्त की हैं। बीते डेढ़ वर्षों में सुशासन की स्थापना के लिए ठोस प्रयास हुए हैं। शासन को पारदर्शी बनाने हेतु अधिकांश सेवाएं ऑनलाइन की गई हैं, जिससे भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण हुआ है और राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।

छत्तीसगढ़ खनिज संपदा से समृद्ध प्रदेश है और इसे आत्मनिर्भर बनाने के लिए हर नागरिक की भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने स्किल इंडिया मिशन की शुरुआत की थी। जब यह मिशन प्रारंभ हुआ था, भारत विश्व की 10वीं अर्थव्यवस्था था — और आज, केवल एक दशक में भारत चौथे स्थान पर पहुँच चुका है।

मुख्यमंत्री के विशेष प्रयास से कोतबा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के लिए 56 पदों की मिली स्वीकृति

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मुख्यमंत्री साय जशपुर जिले में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। पत्थलगांव विकास खंड के कोतबा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को उन्नयन करके सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनाया गया है।

मुख्यमंत्री ने कोतबा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के निर्माण करने के लिए 4 करोड़ 37 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति भी दे दी है।

कोतबा में लोगों तक बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए 56 पद स्वीकृत किए हैं। इनमें अस्पताल अधीक्षक, सर्जन, मेडिकल विशेषज्ञ, स्त्री रोग विशेषज्ञ, शिशु रोग विशेषज्ञ, दंत विशेषज्ञ, चिकित्सा अधिकारी, नर्सिंग सिस्टर, लैब टेक्नीशियन, ओटी टेक्नीशियन, स्टाप नर्स, लेखापाल, फार्मासिस्ट, सहायक ग्रेड 3, ड्रेसर, वार्ड बॉय, आया और भृतय के पद स्वीकृत किया गया है। शीघ्र ही उनकी पदस्थापना की जाएगी जिसमें लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराया जा सके।

भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के राष्ट्रीय संकल्प में छत्तीसगढ़ की भूमिका महत्वपूर्ण— मुख्यमंत्री

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शिक्षा ही वह साधन है, जिसके माध्यम से व्यक्ति अपने लक्ष्यों की प्राप्ति कर सकता है और अपने सपनों को साकार कर सकता है। शिक्षा से ही रोजगार के अवसर सृजित होते हैं। व्यक्तिगत और सामाजिक विकास के लिए शिक्षा अत्यंत आवश्यक है। “सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास” हमारी सरकार का मूलमंत्र है। वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के राष्ट्रीय संकल्प में छत्तीसगढ़ की महत्त्वपूर्ण भूमिका सुनिश्चित है। हमने राष्ट्रीय विजन के अनुरूप छत्तीसगढ़ विजन डॉक्युमेंट भी जारी किया है, और उसके प्रत्येक बिंदु को धरातल पर उतारने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बिलासपुर के सिम्स ऑडिटोरियम में आयोजित रजक युवा गाडगे सम्मेलन को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए यह बात कही।

अपने उद्बोधन में कहा कि रजक समाज का सामाजिक समरसता और सेवा भाव हमेशा से अनुकरणीय रहा है।छत्तीसगढ़ के प्रत्येक गांव में इस समाज की उपस्थिति है, और शादी-विवाह, छठ्ठी सहित अन्य सनातन परंपराएं इनके सहयोग के बिना पूर्ण नहीं होतीं। इनके पुश्तैनी व्यवसाय के सशक्तिकरण हेतु राज्य सरकार ने रजककार विकास बोर्ड का गठन किया है, जिसके माध्यम से उन्हें किफायती दर पर ऋण सुविधा प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि समाज के युवाओं को उन्नति के नए आयाम तक पहुँचाने के लिए राज्य सरकार पूर्णतः प्रतिबद्ध है। हमारी सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की प्रत्येक गारंटी को वचनबद्धता के साथ पूर्ण कर रही है। हमने 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान की खरीदी की है। महतारी वंदन योजना के अंतर्गत 70 लाख महिलाओं को प्रति माह एक-एक हजार रुपये प्रदान किए जा रहे हैं। तेन्दूपत्ता की खरीदी 5500 रुपये प्रति मानक बोरा की दर से की जा रही है।

औद्योगिक नीति के माध्यम से महिलाओं, अनुसूचित जातियों, जनजातियों एवं दिव्यांगजनों को रोजगार एवं उद्योग स्थापित करने हेतु विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। नई उद्योग नीति से आकर्षित होकर बीते छह से आठ महीनों में लगभग साढ़े छह लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। राज्य सरकार ने युवाओं के लिए सरकारी नौकरियों के अवसर सृजित किए हैं। डेढ़ वर्षों में लगभग 10 हजार सरकारी नौकरियाँ प्रदान की गई हैं। पाँच हजार शिक्षकों की भर्ती हेतु शीघ्र ही विज्ञापन जारी किया जाएगा। साथ ही, स्वरोजगार के लिए भी सकारात्मक वातावरण तैयार किया जा रहा है।

बिलासपुर जिले के दर्जनों कृषि केंद्रों में छापामार कार्रवाई

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मुख्यमंत्री साय ने किसानों को उचित दाम पर गुणवत्ता युक्त खाद मुहैया कराने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। साथ ही अमानक एवं खाद-बीज की कालाबाजारी पर कड़ी कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए गए है। इसी तारतम्य में बिलासपुर जिले के कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने जिला स्तर पर अधिकारियों की टीम गठित कर खाद-बीज विक्रय केंद्रों में आकस्मिक निरीक्षण करने को कहा है।

बिलासपुर के जिले के कृषि विभाग के उप संचालक श्री पीडी हथेश्वर के नेतृत्व में उड़न दस्ता दल ने विकासखण्ड-कोटा और बिल्हा में दर्जनों पर कृषि केन्द्रों पर छापामार कार्रवाई की। छापामार कार्यवाही के दौरान आधा दर्जन कृषि केंद्र में नियम विरूद्ध व्यवसाय करने पाये जाने पर नोटिस जारी करते हुए एक सप्ताह के भीतर जवाब मांगा गया है। वही औचक निरीक्षण के दौरान मेंसर्स किसान सेवा केन्द्र तखतपुर के फर्म में कमी एवं अनियमितताओं के कारण नोटिस जारी कर जवाब चाहा गया था, संबंधित के द्वारा प्रस्तुत जवाब संतोषजनक प्राप्त नहीं होने के फलस्वरूप उनकी अनुज्ञप्ति को 15 दिवस के लिए निलबंन की कार्रवाई की गई है।

बिलासपुर के उप संचालक कृषि ने बताया कि मेसर्स उन्नत कृषि केन्द्र रतनपुर में क्रेताओं को बिना बिल दिये उर्वरक का व्यवसाय किये जाने के कारण नोटिस जारी किया गया। इसी प्रकार मेसर्स शेखर कृषि केन्द्र कोनचरा को बिना आई.एफ.एम.एस, आई.डी के उर्वरक का व्यवसाय करते पाये जाने पर विक्रय प्रतिबंध कर उपलब्ध स्टॉक को जब्ती की कार्यवाही कर नोटिस जारी किया गया। ग्राम कोनचरा स्थित अतुल कृषि केन्द्र में अनियमितता पाये जाने के कारण गोदाम को सील करने की कार्यवाही किया गया। ग्राम मदनपुर विकास खण्ड बिल्हा अन्तर्गत मेसर्स राघवेन्द्र देवांगन के यहां मूल्य एवं स्कंध सूची का प्रदर्शन नहीं करने भंडारण वितरण की प्रतिवेदन नही भेजने, स्कंध एवं बिल संधारण नहीं करने के कारण विक्रय पर प्रतिबंध लगाकर स्पष्टीकरण जारी किया गया है। उक्त कृषि केन्द्रो को स्पष्टीकरण तामिल हेतु सात दिवस के भीतर पालन प्रतिवेदन एवं जवाब प्रस्तुत करने हेतु निर्देशित किया गया। समय सीमा एवं संतोषप्रद जवाब प्रस्तुत नहीं किये जाने पर अनुज्ञप्ति निलंबन/निरस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।

निरीक्षण दल में सहायक संचालक कृषि श्री अनिल कुमार शुक्ला, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी श्री खेमराज शर्मा, श्री विजय धीरज एवं विकासखण्ड कोटा से ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी श्री दिलीप रात्रे एवं उर्वरक निरीक्षक श्री मारू ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी श्री आर.जी. भानू शामिल थें।

गौरतलब है कि जिले में संचालित समस्त उर्वरक विक्रेताओं को बिना पॉस मशीन के उर्वरकों का विक्रय नहीं किये जाने के निर्देश दिए गए हैं। संबंधित निरीक्षकों से उनके कार्य क्षेत्र अन्तर्गत संचालित उर्वरक विक्रेताओं से पॉस मशीन की मांग के लिए भी कहा गया है उर्वरक विक्रेता पॉस मशीन हेतु वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, संबंधित उर्वरक निरीक्षक एवं कार्यालय उप संचालक कृषि बिलासपुर में सम्पर्क कर सकते हैं।