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फर्जी शादी रचाकर ठगी करने वाली लुटेरी दुल्हन और उसके साथी गिरफ्तार

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मध्यप्रदेश के विदिशा जिले के लटेरी क्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां फर्जी शादी रचाकर ठगी करने वाली लुटेरी दुल्हन को आखिरकार सलाखों के पीछे पहुंचा दिया गया है. आनंदपुर पुलिस की त्वरित और प्रभावी कार्रवाई में इस पूरे मामले का पर्दाफाश हुआ है.

लटेरी की आनंदपुर पुलिस ने एक लुटेरी दुल्हन और उसके साथी को गिरफ्तार कर बड़ा खुलासा किया है. गिरफ्तार की गई महिला का नाम दुर्गीमनी मरंडी है, जो फर्जी शादी रचाकर लोगों से ठगी करती थी. इस मामले में उसका सहयोगी ओमप्रकाश रजक भी पुलिस के हत्थे चढ़ा है.

इन दोनों ने मिलकर एक युवक से शादी के नाम पर 1 लाख 19 हजार रुपये की ठगी की थी. पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए ना सिर्फ आरोपियों को गिरफ्तार किया है, बल्कि उनके हिस्से की ठगी गई रकम भी जब्त कर ली है.लटेरी के एसडीओपी अमरेश बोहरे ने बताया कि पुलिस अधीक्षक महोदय के निर्देशन में गठित टीम द्वारा लुटेरी दुल्हन और उसके साथी को गिरफ्तार किया गया है. मामले में एक अन्य महिला पूजा शर्मा की तलाश जारी है. आरोपियों पर विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज कर विधिवत कार्रवाई की जा रही है.

फरार महिला का तलाश जारी
इस पूरे रैकेट में एक और महिला पूजा शर्मा शामिल बताई जा रही है, जो अभी फरार है. पुलिस उसकी सरगर्मी से तलाश कर रही है. शुरुआती जांच में पता चला है कि यह कोई पहली घटना नहीं है, इस गिरोह ने पहले भी इस तरह की वारदातों को अंजाम दिया है.

यह फर्जी शादी देश में आंध्र प्रदेश, नारियल प्रदेश, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मठ, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, ओडिशा, पंजाब, राजस्थान, तेलंगाना, तेलंगाना, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल।गैंग फ़ैला है

CBI ने रिश्वतखोरी के आरोप में नारकोटिक्स इंस्पेक्टर को किया गिरफ्तार, एक करोड़ की मांगी थी घूस

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मध्य प्रदेश के नीमच भ्रष्टाचार के एक मामले में रविवार को सीबीआई ने बड़ी कार्रवाई की. सीबीआई की टीम ने केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (CBN) नीमच के इंस्पेक्टर महेंद्र सिंह को 53 लाख रुपये के रिश्वत मांगने के मामले में गिरफ्तार किया है.

आरोप है कि इंस्पेक्टर महेंद्र सिंह ने डोडा चूरा मामले में किसान से ₹1 करोड़ की रिश्वत मांगी थी. बाद में यह डील ₹53 लाख में तय हुई. किसान ने दलाल के माध्यम से नारकोटिक्स इंस्पेक्टर को ₹44 लाख का भुगतान भी कर दिया था. फिर भी आरोपी इंस्पेक्टर किसान से और 9 लाख रुपये की मांग कर रहा था. इसके बाद, पीड़ित किसान ने जयपुर सीबीआई में शिकायत की. शिकायत के आधार पर सीबीआई की एक टीम जाल बिछाकर CBN अधिकारी महेंद्र सिंह और एक दलाल को गिरफ्तार किया है.

आरोपियों को मिलेगी किए की सजा
इस गिरफ्तारी के बाद स्थानीय सांसद सुधीर गुप्ता ने कहा कि जो गलत करेगा वह बचेगा नहीं. सरकार की आंखें खुली हैं और दृष्टि साफ है. सरकार गलत करने वालों को छोड़ेगी नहीं, ऐसे लोगों को खिलाफ कार्रवाई जरूर होगी. उन्होंने कहा कि किसानों से फर्जी वसूली नहीं होनी चाहिए. सरकार गलत करने वालों पर कार्रवाई करती है.

सांसद सुधीर गुप्ता नीमच के टाउन हॉल में आयोजित संयुक्त विभाग पेंशनर्स संघ के द्वितीय वार्षिक उत्सव कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे. इस दौरान उनके साथ क्षेत्रीय विधायक दिलीप सिंह परिहार मानस विधायक अनिरुद्ध माधव, मारू जावद, विधायक ओमप्रकाश सकलेचा भी मौजूद रहे.

इंडियन आर्मी अग्निवीर रिजल्ट जल्द, जानें चेक करने का तरीका

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भारतीय सेना में अग्निवीर की भर्ती के लिए 30 जून से 10 जुलाई 2025 तक लिखित परीक्षा आयोजित की गई थी. इंडियन आर्मी अग्निवीर भर्ती परीक्षा 2025 में शामिल हुए उम्मीदवार सरकारी रिजल्ट पर लेटेस्ट अपडेट का इंतजार कर रहे हैं. इंडियन आर्मी अग्निवीर रिजल्ट 2025 जल्द ही ऑफिशियल वेबसाइट joinindianarmy.nic.in पर अपलोड किया जाएगा. लिखित परीक्षा में सफल अभ्यर्थी सेना में नौकरी के लिए अगले चरण में शामिल होंगे.

भारतीय सेना में अग्निवीर भर्ती के लिए 13 भाषाओं (अंग्रेजी, हिंदी, मलयालम, कन्नड़, तमिल, तेलुगु, पंजाबी, उड़िया, बंगाली, उर्दू, गुजराती, मराठी और असमिया) में सामान्य प्रवेश परीक्षा का आयोजन (CEE) किया गया था. अग्निवीर भर्ती की लिखित परीक्षा का पैटर्न ऑब्जेक्टिव टाइप था. इसमें ऑनलाइन मोड में बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के जवाब देने थे. अभ्यर्थी की आवेदन कैटेगरी के अनुसार, उन्हें एक घंटे में 50 प्रश्नों या दो घंटे में 100 प्रश्नों के उत्तर देने थे. अग्निवीर भर्ती का फिजिकल टेस्ट अगस्त में होगा.

Indian Army Agniveer Result 2025: इंडियन आर्मी अग्निवीर रिजल्ट कैसे चेक करें?
भारतीय सेना में अग्निवीर की भर्ती परीक्षा में शामिल हुए उम्मीदवार सरकारी रिजल्ट जारी होने के बाद उसे नीचे लिखे स्टेप्स के जरिए चेक कर पाएंगे (Army Result 2025)-

1- भारतीय सेना में नौकरी के लिए अग्निवीर रिजल्ट ऑफिशियल वेबसाइट joinindianarmy.nic.in पर जारी किया जाएगा.

2- इसे चेक करने के लिए होमपेज पर नजर आ रहे ‘भारतीय सेना अग्निवीर रिजल्ट 2025’ लिंक पर क्लिक करना होगा.
3- उसके बाद अपनी लॉगिन डिटेल्स दर्ज करनी होंगी.
4- फिर सबमिट पर क्लिक करते ही अग्निवीर रिजल्ट 2025 आपकी स्क्रीन पर डिसप्ले हो जाएगा.
5- इसे अच्छी तरह से चेक करके डाउनलोड कर लें. आप चाहें तो फ्यूचर रेफरेंस के लिए इसका प्रिंटआउट भी निकालकर रख सकते हैं.
Indian Army Jobs: भारतीय सेना में अग्निवीर की नौकरी कैसे मिलेगी?
भारतीय सेना में अग्निवीरों के चयन के लिए कई स्तरों की भर्ती परीक्षा आयोजित की जाती है. इसका पहला चरण यानी ऑनलाइन कॉमन एंट्रेंस टेस्ट हो चुका है. यह लिखित परीक्षा थी. इसमें सफल होने वाले उम्मीदवार रिजल्ट जारी होने के बाद फिजिकल फिटनेस टेस्ट और मेडिकल टेस्ट देंगे. इसका मतलब है कि उम्मीदवारों को फिजिकल टेस्ट देना होगा, उसमें पास हो गए तो मेडिकल टेस्ट देना होगा. इन सभी प्रक्रियाओं में सफल होने पर ही कैंडिडेट को अग्निवीर के तौर पर सेना में नौकरी दी जाएगी.
Indian Army Agniveer Salary: अग्निवीर की सैलरी कितनी होगी?
भारतीय सेना में चयनित अग्निवीरों की सैलरी हर साल के हिसाब से बढ़ती जाएगी.
पहले साल में 30 हजार रुपये महीना सैलरी दी जाएगी. इसमें से इन्हें इनहैंड 21 हजार रुपये ही मिलेंगे. बाकी के 9000 रुपये अग्निवीर कॉर्प्स फंड में जमा हो जाएंगे. भारत सरकार भी इस फंड में 9000 रुपये का अतिरिक्त योगदान करेगी. नौकरी छोड़ने के बाद अग्निवीरों को यह रकम टोटल करके दी जाएगी.
फिर दूसरे साल में उन्हें 33,000 रुपये महीना सैलरी मिलेगी, जिसमें से इनहैंड 23,100 रुपये मिलेंगे.
तीसरे साल में सैलरी 36,500 रुपये है, जिसमें से इनहैंड 25,550 रुपये मिलेंगे.
चौथे साल में 40,000 रुपये महीना सैलरी निर्धारित है, लेकिन इनहैंड 28000 रुपये मिलेंगे.

घर से निकलना मना है…IMD ने जारी कर दिया है अलर्ट, इस राज्‍य के 9 जिलों में तबाही वाली चेतावनी

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भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने रविवार को केरल के नौ जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया, जिसमें बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है. ऑरेंज अलर्ट के तहत जिलों में एर्नाकुलम, इडुक्की, त्रिशूर, पलक्कड़, मलप्पुरम, कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड शामिल हैं. इसके अलावा, पथानामथिट्टा, अलाप्पुझा और कोट्टायम जिले में येलो अलर्ट जारी किया गया है. आईएमडी की चेतावनी के मद्देनजर, कासरगोड जिला प्रशासन ने रविवार को सभी शैक्षणिक संस्थानों के लिए छुट्टी घोषित की. यह छुट्टी स्कूलों, कॉलेजों, प्रोफेशनल कॉलेजों, केंद्रीय विद्यालयों, ट्यूशन सेंटरों, धार्मिक अध्ययन केंद्रों और विशेष कक्षाओं पर लागू होगी.

हालांकि, अधिकारियों ने यह स्पष्ट किया है कि रविवार को पहले से निर्धारित परीक्षाएं यथासंभव आयोजित की जाएंगी. भारतीय मौसम विभाग की भविष्यवाणी के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में 24 जुलाई तक देश भर में मानसून की गतिविधि तेज होने की संभावना है. इसके परिणामस्वरूप, केरल में अगले पांच दिनों तक, विशेष रूप से 21 जुलाई तक कुछ इलाकों में बहुत भारी बारिश होने की आशंका है. मौसम विभाग के अनुसार, भारी बारिश के साथ-साथ 22 जुलाई तक राज्य के कुछ हिस्सों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है.

200mm बारिश का अनुमान
आईएमडी के अनुसार, ऑरेंज अलर्ट का मतलब है कि 24 घंटे में 115.6 मिमी से 204.4 मिमी तक बहुत भारी बारिश हो सकती है. वहीं, येलो अलर्ट का मतलब है कि उसी समय में 64.5 मिमी से 115.5 मिमी तक भारी बारिश होने की संभावना है. अधिकारियों ने लोगों को सतर्क रहने और नदियों, तालाबों या बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में न जाने की सलाह दी है. मछुआरों को भी समुद्र में न जाने की चेतावनी दी गई है, क्योंकि मौसम खराब हो सकता है. मानसून के और तेज होने की संभावना के कारण, आपदा प्रबंधन टीमें और स्थानीय प्रशासन को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अलर्ट पर रखा गया है. राज्य सरकार ने लोगों से मौसम की जानकारी का पालन करने और अपनी सुरक्षा के लिए आधिकारिक दिशानिर्देशों का अनुपालन करने की अपील की है.

मेट्टूर डैम तीसरी बार लबालब

तमिलनाडु के प्रमुख जलाशयों में से एक मेट्टूर डैम रविवार को तीसरी बार इस वर्ष अपनी पूरी जल क्षमता 120 फीट तक पहुंच गया है. यह स्थिति पश्चिमी घाट और आसपास के क्षेत्रों में लगातार हो रही भारी वर्षा के कारण हुई तेज जल प्रवाह के चलते बनी है. जल संसाधन विभाग ने डैम से छोड़े जाने वाले जल की मात्रा को 22,500 क्यूसेक से बढ़ाकर 31,000 क्यूसेक कर दिया है, ताकि जल स्तर को नियंत्रित किया जा सके और बांध की संरचनात्मक सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके. बाढ़ से कावेरी डेल्टा जिलों के किसानों में खुशी की लहर दौड़ गई है, क्योंकि वे सिंचाई के लिए मुख्य रूप से कावेरी नदी पर निर्भर रहते हैं. भरपूर वर्षा के चलते खेतों में खरीफ सीजन की गतिविधियों को गति मिलने की उम्मीद है, जिससे खेती को काफी बढ़ावा मिलेगा.

बाढ़ की चेतावनी
प्रशासन ने कावेरी नदी के किनारे स्थित नीचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए बाढ़ की चेतावनी जारी की है. लोगों से सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति के लिए तैयार रहने को कहा गया है. राजस्व और आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारी हालात पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं और स्थानीय निकायों के साथ समन्वय कर किसी भी संभावित निकासी या राहत कार्य के लिए तैयार हैं. इस बीच, पर्यटकों और आम जनता को डैम और नदी किनारे के इलाकों में प्रवेश से रोक दिया गया है ताकि किसी भी दुर्घटना से बचा जा सके. मेट्टूर डैम, जिसे स्टैनली जलाशय के नाम से भी जाना जाता है, कावेरी नदी प्रणाली के प्रबंधन और तमिलनाडु के कई जिलों में सिंचाई व्यवस्था बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है.

बांग्‍लादेश बॉर्डर पर सुबह 4:30 बजे BSF को दिखा झुंड, नजदीक आने पर सच्‍चई का चला पता, फिर अचानक मची भागमभाग

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पश्चिम बंगाल में भारत-बांग्लादेश सीमा पर सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने बीते 24 घंटे में तस्करी और अवैध घुसपैठ की कई कोशिशों को नाकाम करते हुए इलाके की सुरक्षा को और मजबूत किया है. बीएसएफ के जवानों ने जहां एक ओर 7 बांग्लादेशी नागरिकों को सीमा पार कर भारत में घुसने से रोका, वहीं दूसरी ओर बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ, प्रतिबंधित दवाएं और तस्करी के लिए लाए गए मवेशियों को भी जब्त किया है.

बीएसएफ की 88वीं बटालियन को इटाघाटी सीमा चौकी के आसपास संभावित गाय तस्करी गतिविधियों की गुप्त सूचना मिली थी. इसके बाद बॉर्डर पर सभी ड्यूटी प्वाइंट्स को अलर्ट पर रखा गया और एक स्‍पेशल स्‍ट्राइक प्‍लान तैयार की गई. सुबह करीब 4:30 बजे बीएसएफ की स्‍पेशल टीम ने देखा कि 20-22 तस्कर मवेशियों को लेकर सीमा की बाड़ की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं. जवानों के ललकारने और कार्रवाई के बाद तस्कर मौके से भाग निकले. तलाशी के दौरान बीएसएफ ने मौके से 5 भैंसें जब्त कीं. इसी दिन नदिया जिले की नरसारिपारा सीमा चौकी पर तैनात 146वीं बटालियन के जवानों ने 8.2 किलो गांजा जब्त किया. वहीं, 143वीं बटालियन ने एक अलग कार्रवाई में प्रतिबंधित और अवैध दवाओं की खेप बरामद की. बरामद दवाओं का मूल्य करीब 91 हजार रुपये आंका गया है.

घुसपैठियों की साजिश फेल
उत्तर 24 परगना जिले में भी बीएसएफ ने सतर्कता दिखाते हुए 7 बांग्लादेशी नागरिकों को घुसपैठ की कोशिश करते हुए रोका और उन्हें वापस भेज दिया गया. ये सभी लोग अवैध रूप से भारत में प्रवेश करने की फिराक में थे, लेकिन बीएसएफ की निगरानी में यह कोशिश असफल रही. बीएसएफ दक्षिण बंगाल फ्रंटियर के प्रवक्ता ने कार्रवाई की पुष्टि करते हुए कहा, ‘हमारी प्राथमिकता है कि सीमा पर किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधियों को रोका जाए. हमारे जवान हर समय चौकन्ना रहते हैं और देश की सीमाओं की सुरक्षा में कोई कमी नहीं छोड़ते.’

भारत-बांग्‍लादेश बॉर्डर पर सख्‍ती

बीएसएफ की इन कार्रवाईयों से यह स्पष्ट है कि भारत-बांग्लादेश सीमा पर सुरक्षा को लेकर न केवल सतर्कता बढ़ाई गई है, बल्कि सूचना तंत्र और क्षेत्रीय निगरानी को भी मजबूत किया गया है. बीएसएफ का यह रुख सीमा पार से होने वाली अवैध घुसपैठ और तस्करी की कोशिशों पर करारा जवाब है. बांग्‍लादेश में सत्‍ता परिवर्तन के बाद से हालात और भी खराब हुए हैं. घुसपैठ की घटनाओं में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है. हालात को देखते हुए बॉर्डर पर सुरक्षा काफी बढ़ा दी गई है. आए दिन बांग्‍लादेशी घुसपैठिए पकड़े जा रहे हैं.

जस्‍ट‍िस वर्मा के ख‍िलाफ महाभ‍ियोग प्रस्‍ताव आना तय, क्या सुप्रीम कोर्ट संसद के फैसले को पलट सकता है? जानिए संवैधानिक स्थिति

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जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव आना तय है. सरकार ने साफ कर द‍िया है क‍ि 100 से ज्‍यादा सांसदों ने इस पर सिग्‍नेचर कर द‍िए हैं. सारी पार्टियां एक साथ हैं क‍ि ये प्रस्‍ताव आना चाह‍िए. संसदीय कार्य मंत्री क‍िरेन र‍िजीजू ने कहा, यह सभी पार्टियों का प्रस्‍ताव है, सिर्फ सरकार का नहीं. लेकिन सोशल मीडिया में लोग सवाल पूछ रहे क‍ि क्या देश की सर्वोच्च अदालत, यानी सुप्रीम कोर्ट, इस फैसले को पलट सकती है? भारत जैसे लोकतंत्र में जहां न्यायपालिका, विधायिका और कार्यपालिका के बीच स्पष्ट सीमाएं हैं, वहां इस प्रश्न का उत्तर आसान नहीं, लेकिन बेहद महत्वपूर्ण है.
सबसे पहली बात, जस्टिस यशवंत वर्मा पर गंभीर आरोप लगे हैं. उन पर भ्रष्‍टाचार और न्‍यायपाल‍िका की गर‍िमा को ठेस पहुंचाने के आरोप हैं. अपने पद के दुरुपयोग के आरोप लगे हैं. संविधान के अनुच्छेद 124(4) के तहत संसद उनके खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने की तैयारी में है. अब सवाल यह है कि क्या यह अंतिम फैसला है, या इसमें सुप्रीम कोर्ट की दखल संभव है?
अनुच्छेद 124(4) क्या कहता है?
संव‍िधान का अनुच्‍छेद 124(4) कहता है क‍ि किसी न्यायाधीश को उसके पद से तब तक नहीं हटाया जाएगा जब तक कि संसद के प्रत्येक सदन की ओर से उस सदन की कुल सदस्यता के बहुमत तथा कम से कम दो-तिहाई बहुमत से प्रस्‍ताव न पास हो जाए और राष्‍ट्रपत‍ि उस पर सिग्‍नेचर न कर दें. यानी साफ है क‍ि संसद दोनों सदनों में दो-तिहाई बहुमत से प्रस्ताव पारित करे और राष्ट्रपति उस पर आदेश दें तभी कोई सुप्रीम कोर्ट जज हटाया जा सकता है.
क्या सुप्रीम कोर्ट संसद के महाभियोग को ‘रिव्यू’ कर सकता है?
संविधान सीधे तौर पर नहीं कहता कि सुप्रीम कोर्ट महाभियोग की समीक्षा कर सकता है, लेकिन 1991 के के. वीरास्‍वामी केस में ऐत‍िहास‍िक फैसला देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा था, संसद का कोई भी निर्णय अगर उसकी प्रक्रिया में कोई गड़बड़ी लगती है तो उसका जूड‍िश‍ियल र‍िव्‍यू क‍िया जा सकता है. 1994 के आर गोपाल वर्सेस तमिलनाडु स्‍टेट के मामले में भी कोर्ट ने माना क‍ि किसी की प्रतिष्ठा, आजादी और जीवन के अधिकार का उल्लंघन महाभियोग जैसी कार्यवाही में भी हो सकता है, जिसे अदालतें देख सकती हैं.

अगर यदि महाभियोग प्रक्रिया में नियमों का उल्लंघन हुआ हो. यदि प्रक्रिया राजनीति से प्रेरित हो या पक्षपातपूर्ण हो. यदि आरोप स्थापित नहीं हुए और फिर भी प्रस्ताव पास हुआ. यदि जज को सफाई देने का उचित अवसर नहीं मिला. लेकिन सुप्रीम कोर्ट के हाथ भी बंधे हैं. जैसे वह वह संसद की विवेकाधीन शक्ति को चुनौती नहीं दे सकता. वह संसदीय बहस और मत प्रक्रिया की वैधता को नहीं परख सकता. वह राष्ट्रपति के आदेश को आसानी से निरस्त नहीं कर सकता, जब तक प्रक्रिया असंवैधानिक न हो.

सांसद और सामरी विधायक ने किया है 2 करोड़ का बैंक घोटाला…” कांग्रेस के इस नेता ने लगाए गंभार आरोप

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छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले की राजनीति में हलचल मचाने वाला बयान सामने आया है. कांग्रेस के जिलाध्यक्ष केपी सिंह देव ने खुले मंच से सरगुजा सांसद चिंतामणि महाराज और सामरी विधायक उद्धेश्वरी पैकरा पर 2 करोड़ रुपये के शंकरगढ़ सहकारी बैंक घोटाले में संलिप्त होने का गंभीर आरोप लगाया है. इस बयान के बाद बलरामपुर की सियासत में हड़कंप मच गया है.

मंत्री के गांव में कार्यक्रम का हुआ था आयोजन
दरअसल कृषि मंत्री रामविचार नेताम के गृह ग्राम सनावल में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था . यहां की एक सभा में कांग्रेस के नेता और जिलाध्यक्ष केपी सिंह देव ने ये बयान दिया है. सभा में बड़ी संख्या में ग्रामीणों के साथ-साथ कांग्रेस के स्थानीय नेता और कार्यकर्ता मौजूद थे. जिलाध्यक्ष के आरोपों ने राजनीतिक माहौल गरमा दिया है.

जवाब देना होगा
उन्होंने कहा कि “जनता का पैसा डकारने वालों को जवाब देना होगा. यह घोटाला सिर्फ भ्रष्टाचार नहीं, जनता के विश्वास के साथ धोखा है.”फिलहाल भाजपा नेताओं की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन कांग्रेस के इस हमले के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज होने की संभावना है.

250 निजी स्कूलों की मान्यता रद्द, केवल कागजों पर संचालित हो रहे थे कई स्कूल, यहां देखें लिस्ट

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मध्य प्रदेश के 250 निजी स्कूलों की मान्यता रद्द कर दी गई है, जिसमें से 12 स्कूल राजधानी भोपाल की है. इन स्कूलों की भूमि दस्तावेज नहीं होने के कारण मान्यता रद्द की गई है. इतना ही नहीं कुछ ऐसे स्कूल थे जो केवल कागजों पर संचालित हो रहे थे. यह आदेश लोक शिक्षण संचालनालय की आयुक्त शिल्पा गुप्ता ने जारी किए हैं.

350 स्कूलों के प्रकरण मंत्री के पास पहुंचे थे. इनमें से 50 स्कूलों को मान्यता दी गई, जबकि 250 निजी सकूलों की मान्यता रद्द कर दी गई. वहीं 50 स्कूलों को होल्ड पर रखा गया है.
इस वजह से रद्द की स्कूलों की मान्यता
मान्यता रद्द स्कूलों की लिस्ट में वो स्कूल शामिल हैं, जिनके पास पर्याप्त भूमि नहीं थी, तो कुछ स्कूल ऐसे थे जिसके पास रजिस्ट्री के कागजों की कमी पाई गई. हालांकि प्रदेश में कई स्कूल ऐसे भी थे जो सिर्फ कागजों पर संचालित हो रहे थे.

भोपाल के इन स्कूलों की मान्यता रद्द
मान्यता रद्द 250 निजी स्कूलों में राजधानी भोपाल के 12 स्कूल शामिल हैं. जारी लिस्ट के अनुसार, भोपाल स्थित अंकुर हॉयर सेकेंडरी स्कूल, राजपुष्पा हॉयर सेकेंडरी स्कूल, पार्थ पब्लिक स्कूल, प्रीति हॉयर सेकेंडरी स्कूल, सेवन हिल्स स्कूल, ज्ञान कृष्ण स्कूल आदि शामिल हैं.

पुलिस आदिवासी के प्राइवेट पार्ट में मिर्ची डाली, थाने में उल्टा लटकाकर पीटा” चार युवकों ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप,पुलिस ने झूठा आरोप लगाकर 5 बेकसूर को थर्ड डिग्री दी

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मध्य प्रदेश के छतरपुर में चार युवकों ने पुलिस पर नौगांव थाने में 4 युवक पर मारपीट करने का आरोप लगाया है. युवकों का कहना है कि उनके कपड़े उतारकर उन्हें चार दिन तक पीटा गया. इतना ही नहीं गुप्तांग में मिर्च पाउडर डालने का भी आरोप पुलिस पर लगाया गया है.मामला जिले के नौगांव थाना क्षेत्र का है.

इस मामले में शनिवार शाम करीब 4 बजे पीड़ित और भीम आर्मी के कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए एसपी कार्यालय पहुंचे और कार्रवाई की मांग की. पीड़ित तब से लेकर रात 2 बजे तक धरने पर बैठे रहे.पुलिस तीन पीड़ितों को मेडिकल जांच के लिए जिलाअस्पताल लेकर गई है. पुलिस ने ट्रांसफॉर्मर का तेल चुराने के आरोप में पांच लोगों को पकड़ा था.

ये है मामला
पीड़ित ने बताया कि हम सब लोग कंजडपुर धरमपुरा के रहने वाले हैं और झाडू बनाकर बेचने का काम करते हैं. 15 जुलाई की शाम को वे नौगांव डिसलेरी रोड पर एक नए मकान के उद्घाटन कार्यक्रम में गए थे . यहां से लौटते समय सड़क किनारे पेशाब कर रहे थे, तभी डायल-100 पुलिस की गाड़ी आई और बिना वजह 5 लोगों को थाने ले जाया गया. इनमें से एक युवक को विकलांग होने के कारण छोड़ दिया गया.

आरोप है कि बाकी चारों युवकों को थाने में उल्टा लटकाकर बेल्ट और लात-घूंसों से पीटा गया। चोरी कबूल कराने के लिए उनके गुप्तांग में मिर्च डाली गई और चार दिन तक बुलाकर प्रताड़ित किया गया.

एक लापता परिजन ने हत्या की जताई आशंका
मारपीट की जानकारी मिलने के बाद भीम आर्मी ने पीड़ित परिजन के साथ बस स्टैंड से एसपी ऑफिस तक मार्च निकाला और धरने पर बैठ गए. प्रदर्शनकारियों ने आरोपी पुलिसकर्मियों पर एससी-एसटी एक्ट में मामला दर्ज कर उन्हें सस्पेंड करने की मांग की है.जब आदिवासी लोग धरने पर बैठे थे तो छतरपुर एसपी कार्यालय का गेट बंद कर ताला लगाया गया और परिसर की बिजली भी बंद कर दी गई. धरने पर महिलाएं और बच्चे थे बच्चे और महिलाएं अंधेरे में ही धरने पर बैठे रहे. धरना प्रदर्शन को देखते हुए नौगांव एसडीओपी अमित मेश्राम के साथ सिटी कोतवाली, ओरछा थाना, सिविल लाइन थाना समेत अन्य थानों से पुलिस बल बुलाकर मौके पर तैनाती कराई गई है. भीम आर्मी के साथ करीब 70 लोग धरने पर बैठे हैं, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे भी मौजूद हैं. q

पूर्व CM भूपेश बघेल के करीबी के खिलाफ एक और गंभीर मामला, आरोपों के बाद FIR दर्ज

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: छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के करीबी माने जाने वाले केके श्रीवास्तव के खिलाफ एक और गंभीर मामला सामने आया है. बिलासपुर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में पुलिस ने उनके खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है. आरोप है कि उन्होंने अपने दिवंगत बिजनेस पार्टनर के परिवार को साझेदारी में हुए लाभ से वंचित रखा.

ये है मामला
मामला अमलताश कॉलोनी के निर्माण से जुड़ा हुआ है, जिसे श्रीवास्तव और उनके पार्टनर ने मिलकर शुरू किया था. आरोप है कि इस प्रोजेक्ट से हुई आय का उचित हिस्सा न तो मृत पार्टनर को मिला और न ही उनके आश्रितों को. मृतक की पत्नी रत्ना यादव ने शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि उनके पति के नाम पर बंधक रखी गई जमीन को भी बिना उचित मुआवजा दिए इस्तेमाल कर लिया गया.

शिकायत की गंभीरता को देखते हुए सिविल लाइन थाना पुलिस ने आईपीसी की धारा 420 के तहत मामला दर्ज कर लिया है. जांच अधिकारियों के अनुसार, आरोपित पर लगभग 8 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का संदेह है. पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया है कि लगातार कई बार संपर्क करने और कानूनी नोटिस भेजने के बावजूद श्रीवास्तव की ओर से कोई ठोस जवाब नहीं दिया गया.

इस पूरे मामले को लेकर एसएसपी रजनेश सिंह ने बताया कि पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मामले में निष्पक्षता बरती जाएगी और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई होगी.बिलासपुर में राजनीतिक और कारोबारी हलकों में यह मामला चर्चा का विषय बन गया है. पुलिस की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी.