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बेरहम पति, जल्लाद सास-ससुर… हैवानियत की सारी हदें पार करने वाले गए सलाखों के पीछे

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छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले एक बार फिर से रिश्तों को तार-तार करने का मामला सामने आया है. बहु को एक सप्ताह बंधक बनाकर मुंह पर कपड़ा डाल और गर्म सलाखों में शरीर को जलाने, फिर गर्म पानी में डुबोकर जान से मारने की कोशिश करने के मामले में पति और सास-ससुर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. ये सभी अब सलाखों के पीछे हैं.

ये है मामला
पूरा मामला जिले के त्रिकुंडा थाना क्षेत्र इलाके में आने वाले शारदा पुर गांव का है. जहां के रहने वाले आकाश तिवारी जो की वाड्रफनगर में शासकीय संस्था चाणक्य अकैडमी का संचालन करता है. पिछले कुछ दिनों से अपनी पहली पत्नी के साथ हैवानियत की सारी हदें पार कर दीं. अपने माता-पिता के साथ मिलकर अपनी पहली पत्नी प्रियंका तिवारी के साथ पिछले कई दिनों से मारपीट की घटना को अंजाम दे रहा था.

इस काम में महिला के साथ ससुर भी महिला के पति के साथ बराबर हाथ बंटा रहे थे, वहीं महिला ने इस मामले से क्षुब्ध होकर किसी तरह अपनी जान बचाकर थाना पहुंचने में सफल हुई. यहां अपने ससुराल वालों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया.

पीड़ित महिला प्रियंका तिवारी और आकाश तिवारी की साल 2016 को शादी हुई थी. लेकिन कुछ साल बीत जाने के बाद उसके ससुराल वाले नहीं रखना चाहते थे. पति का किसी और लड़की से अफेयर था. फिर जो हुआ उसे आप भी सुनकर सब जाएंगे जी हां बीते एक सप्ताह से घर में बंधक बना कर रखा था और गर्म सलाखों में उसके शरीर पर कई जगह जलाया गया. इतना ही नहीं महिला को उसके पति और ससुराल पक्ष वालों के द्वारा गर्म पानी में डुबोकर जान से मारने की कोशिश भी की.

छतरपुर जिला अस्पताल में डॉक्टर ने पटककर मारा और घसीटा, 77 साल के बुजुर्ग को8520/

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मध्य प्रदेश के छतरपुर जिला से एक वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. जिला चिकित्सालय 963.*-के वायरल वीडियो में अस्पताल के डॉक्टर एक 77 वर्षीय वृद्ध की पिटाई करते हुए नजर आ रहे हैं. इसमें साफ नजर आ रहा है कि उन्होंने पहले बुजुर्ग की पिटाई की और उसके बाद उसे घसीटते हुए अस्पताल पुलिस चौकी में धमकाते हुए बंद करने की कोशिश करने लगे. वीडियो 17 अप्रैल का बताया जा रहा है.

क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, 17 अप्रैल 2025 को सुबह 11:30 बजे 77 वर्षीय एक वृद्ध को डॉक्टर ने जिला अस्पताल में पीटा और इसके बाद उसे पीटते हुए अस्पताल पुलिस चौकी में धमकाते हुए बंद करने की कोशिश की. जब लोगों ने वीडियो बनाई, तो डॉक्टर वहां से रफू चक्कर हो गए. यह 14 नंबर में बैठे हुए डॉक्टरों की करामात है. 17 अप्रैल का वीडियो 19 अप्रैल को सामने आने के बाद जिला में इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग पर सवाल खड़े हो रहे हैं.

मरीज ने बताई आप बिती
उधवलाल जोशी नामक बुजुर्ग ने बताया कि उनकी पत्नी को कई दिनों से पेट के नस की समस्या थी. इसके लिए वे लाइन में लगे थे. तभी डॉक्टर आया और भीड़ अधिक होने के कारण पूछने लगा कि लाइन में क्यों लगे हो. उधवलाल का आरोप है कि डॉक्टर ने उनके साथ बहस के दौरान उन्हें कान के पास थप्पड़ मारा, फिर घसीटते हुए अस्पताल चौकी लेकर आए.

होगी सख्त कार्रवाई’
वायरल वीडियो को लेकर डॉक्टर जीएल अहिरवार से एनडीटीवी ने बात की. उन्होंने कहा कि जिस प्रकार का वीडियो वायरल हो रहा है, इस पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी. मामले की गहराई से जांच होगी.

पहले भी विवादों में रहा है छतरपुर अस्पताल
वायरल वीडियो को लेकर पूरे जिले में इसकी चर्चा है. बता दें कि इससे पहले भी छतरपुर अस्पताल विवादों में रहा है. आए दिन यहां मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ता है. अप्रैल महीने में ही ये अपनी तरह का तीसरा मामला है. इससे पहले, 8 अप्रैल को एक्सीडेंट में 11 लोग घायल हुए थे. इन्हें 24 घंटे तक कोई इलाज नहीं मिला था. इसके बाद जब डॉक्टर से बेटे ने कहा कि सर इलाज कर दीजिए, तो डॉक्टर बोले इसी का इलाज करना है.

बीते दिनों जिला अस्पताल में इलाज कराने आए एक उपाध्याय परिवार की महिला मरीज को 24 घंटे तक डॉक्टर अरविंद सिंह द्वारा इलाज नहीं दिया गया और इस लापरवाही के चलते मरीज की मौत हो गई थी. इस मामले में पीड़ित परिवार ने 108 और सिविल सर्जन के पास लिखित शिकायत की थी. इस मामले में अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है. 0/

PWD के दो अफसरों को कोर्ट ने 3 साल के लिए भेजा जेल, नक्सल इलाके में किया था करोड़ों का घोटाला

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छत्तीसगढ़ के नक्सल इलाके में भ्रष्टाचार के एक बड़े प्रकरण में दंतेवाड़ा विशेष न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाया है. करीब 15 साल पुराने मामले में दो लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को दोषी पाया गया है. प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश विजय कुमार होता, विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) दंतेवाड़ा ने इस महत्वपूर्ण फैसले में दो अभियुक्तों चोवाराम पिस्दा और ज्ञानेश कुमार तारम दोषी करार दिया है. यह प्रकरण 2010-11 का है.

लोक निर्माण विभाग सुकमा में पदस्थ कार्यपालक अभियंता चोवाराम पिस्दा और कोन्टा के उप अभियंता और प्रभारी एसडीओ ज्ञानेश कुमार तारम ने एक सडक़ निर्माण योजना में भारी अनियमितता की थी. न्यायालय ने यह फैसला 16 जुलाई 2025 को सुनाया है. कोर्ट ने भारतीय दंड साहिता के तहत अलग-अलग धाराओं में सजा सुनाई है.

LWE योजना के तहत बनाई जा रही थी सड़क
उस दौरान एलडब्ल्यूई योजना के तहत चिंतलनार से मरईगुड़ा तक सडक़ बनाई जा रही थी. निर्माण का ठेका नीरज सीमेंट स्ट्रक्चर लिमिटेड मुंबई को दिया गया था. निर्माण कार्य की माप पुस्तिका (एम बी) फर्जी तरीके से करोड़ो रुपए ज्यादा दर्शाए गए थे. कार्य से कहीं अधिक मूल्य का बिल बनवाया गया और करीब 2 करोड़ 84 लाख की राशि का अतिरिक्त आहरण कर ठेकेदार को भुगतान करवा दिया गया था. माप पुस्तिका में कूट रचना और आर्थिक आपराधिक षड्यंत्र के प्रमाण मिले हैं.

5 सितंबर 2012 को हुई थी रिपोर्ट दर्ज
इस मामले में 5 सितंबर 2012 को प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज की गई थी. इसके बाद 29 जुलाई 2019 को न्यायालय में अंतिम प्रतिवेदन (चार्जशीट) प्रस्तुत किया गया. मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष द्वारा कुल 19 गवाहों के बयान न्यायालय में हुआ. बयान और सक्ष्यों ने अभियुक्तों की संलिप्तता एवं षड्यंत्र को स्पष्ट कर दिया. विशेष न्यायालय ने साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर दोनों अभियुक्तों को दोषी पाया है. न्यायालय ने धारा 13(2) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत 2 वर्ष का सश्रम कारावास धारा 120-भा.द.सं. के तहत 1 वर्ष का सश्रम कारावास धारा 420 भा.द.स 3 वर्ष की सजा ,धारा 467 भा.द.स के तहत 3 वर्ष,, धारा 468 के तहत 3 वर्ष और धारा 471 के तहत 3 वर्ष की सजा सुनाई है.

अब ये फ्लाइट कभी नहीं लेनी… एयर इंडिया एक्सप्रेस पर भड़के पैसेंजर्स, टेक ऑफ के 16 मिनट बाद ही रनवे पर लौटा प्लेन

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फुकेत जाने वाली एयर इंडिया एक्सप्रेस की एक फ्लाइट शनिवार को तकनीकी खराबी के कारण उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद हैदराबाद के राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर वापस लौट आई. इस उड़ान को पहले फुकेत में सुबह 11.45 बजे उतरना था. बोइंग 737 मैक्स 8 द्वारा संचालित उड़ान आईएक्स110 ने अपने डेस्टिनेशन के लिए उड़ान भरी, लेकिन केवल 16 मिनट की उड़ान के बाद हैदराबाद वापस लौट आई, जिससे यात्री निराश हो गए.
एयर इंडिया एक्सप्रेस के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा कि उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद, हमारी एक फ्लाइट के चालक दल ने अत्यधिक सावधानी बरती और तकनीकी खराबी के कारण हैदराबाद वापस लौटने का फैसला किया. प्रवक्ता ने आगे कहा, “हमने प्राथमिकता के आधार पर एक वैकल्पिक विमान की व्यवस्था की, देरी के दौरान मेहमानों को जलपान उपलब्ध करवाया गया और उड़ान रवाना हो गई. हमें असुविधा के लिए खेद है, साथ ही हम दोहराते हैं कि हमारे संचालन के हर पहलू में सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है.”
यात्रियों ने सोशल मीडिया पर इस मुश्किल अनुभव के बारे में बताया और कहा कि एयरलाइन की ओर से उन्हें कोई स्पष्ट सूचना दिए बिना ही विमान के अंदर इंतजार करना पड़ा. एक प्रभावित यात्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “हैदराबाद से फुकेत जा रही फ्लाइट आईएक्स 110 उड़ान भरने के बाद वापस लौट आई. अभी तक कोई अपडेट नहीं, हम विमान के अंदर इंतज़ार कर रहे हैं. निराशाजनक.

एक दूसरे यात्री ने पोस्ट किया, “एयर इंडिया एक्सप्रेस धन्यवाद, मुझे यह एहसास दिलाने के लिए कि मुझे अब भविष्य में कभी भी आपकी फ्लाइट नहीं लेनी.” एक्स पर पहले पोस्ट किए गए एक मैसेज में एयरलाइन ने कहा कि वह उड़ान में व्यवधान के कारण हुई असुविधा के लिए क्षमा चाहती है.एयरलाइन ने कहा, “कृपया ध्यान दें कि देरी तकनीकी कारणों से हुई है, क्योंकि हमारे यात्रियों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है. हम इस समस्या का समाधान करने पर काम कर रहे हैं और वर्तमान में अपडेटेड ईटीडी का इंतज़ार कर रहे हैं. हमारी टीम आपको सूचित रखेगी और प्रस्थान समय के बारे में आवश्यक सहायता प्रदान करेगी. हम एक बार फिर क्षमा चाहते हैं और अगली बार जब आप हमारे साथ उड़ान भरेंगे तो आपको बेहतर अनुभव प्रदान करने के लिए तत्पर हैं.”

फ्लाइट पैसेंजर को सवार हुई अजीब सनक, खोलने लगा… रोका तो एयर होस्‍टेस से की हाथापाई, कराई गई इमरजेंसी लैंडिंग

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अपने डेस्टिनेशन की तरफ बढ़ रही एक फ्लाइट के पैसेंजर को अचानक अजीब सी ऐसी सनक सवार हुई कि उसने प्‍लेन में मौजूद तमाम पैसेंजर्स की जान खतरे में डालने की कोशिश कर डाली. गनीमत रही कि समय रहते इस सनकी पैसेंजर पर दूसरे पैसेंजर्स की नजर पड़ गई. उन्‍होंने शोर मचाकर तत्‍काल इसकी जानकारी फ्लाइट क्रू को दी. वहीं, रोकने की कोशिश करने पर यह पैसेंजर फ्लाइट की एक एयर होस्‍टेस के साथ हाथा पाई करने लगा. एयर होस्‍टेस ने दूसरे पैसेंजर की मदद से किसी तरह इस सनकी पैसेंजर पर काबू पाया.
इसके बाद, इस फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग अमेरिका के ईस्टर्न आयोवा एयरपोर्ट पर कराई गई. फ्लाइट के लैंड होते ही सिक्‍योरिटी ऑफिसर फ्लाइट में दाखिल हुए और इस पैसेंजर को गिरफ्तार कर लिया. दरअसल, यह पूरा मामला गुरुवार शाम का है. डेल्‍टा कलेक्‍ट एयरलाइंस की फ्लाइट DL3612 ने शाम करीब 5:37 बजे ओमाहा से टेकऑफ हुई थी. इस फ्लाइट को रात करीब 8:30 बजे ड्रेट्रॉइट पहुंचना था. प्‍लेन अपने रूट पर आगे बढ़ ही रहा था, तभी फ्लाइट में एक अजीब सी घटना हुई, जिसने तमाम पैसेंजर्स को बुरी तरह से डरा दिया.

कैप्‍टन ने सेडार रैपिड्स एटीसी से मांगी मदद
दरअसल, फ्लाइट में मौजूद एक सनकी पैसेंजर अचानक प्‍लेन का इमरजेंसी गेट खोलने की कोशिश करने लगा. वह इमरजेंसी गे खोल पता, इससे पहले दूसरे पैसेंजर्स की नजर उस पर पड़ गई. पैसेंजर्स ने तत्‍काल शोर मचाना शुरू कर दिया और फ्लाइट क्रू को बुलाने लगे. मौके पर पहुंची एक एयरहोस्‍टेस ने जब इस सनकी पैसेंजर को रोकने की कोशिश की, तो उसने एयर होस्‍टेस के साथ ही मारपीट करना शुरू कर दिया. किसी तरह इस पैसेंजर पर काबू पाया गया. इसी बीच, फ्लाइट के कैप्‍टन ने सेडार रैपिड्स के ईस्टर्न आयोवा एयर कंट्रोल टावर को इस बाबत जानकारी दी.

फ्लाइट लैंड होते ही अरेस्‍ट हुआ पैसेंजर
कैप्‍टन ने एटीसी को बताया कि एक पैसेजर अभी हमारे फ्लाइट अटेंडेंट के साथ झगड़ा कर रहा है और इमरजेंसी गेट खोलने की कोशिश कर रहा है. इसके बाद, फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग ईस्‍टर्न आयोवा एयरपोर्ट पर कराई गई. इसके बाद, सिक्‍योरिटी एजेंसीज ने आरोपी पैसेंजर को गिरफ्तार कर लिया. आरोपी पैसेंजर की पहचान 23 वर्षीय मारियो निकप्रेलज के तौर पर की गई है. वह नेब्रास्का का रहने वाला है. रिपोर्ट्स के अनुसार, आरोपी पैसेंजर को कोर्ट में पेश किया गया, जहां उसपर फ्लाइट अटेंडेंट को धमकाने और हमला करने के साथ-साथ अव्यवस्थित आचरण और 41 अल्प्राजोलम की गोलियां रखने का आरोप लागाया गया.

छह महीनों में अनरूली पैसेंजर की 870 घटनाएं
हालांकि सुनवाई के बाद शुक्रवार को मारियो को 10,000 डॉलर तय की जमानत पर रिहा कर दिया गया है. वहीं इस बाबत स्काईवेस्ट एयरलाइंस ने बयान जारी कर कहा है कि हमारी प्राथमिकता हमारे यात्रियों और क्रू की सुरक्षा है. हम असभ्य व्यवहार को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेंगे. एफएए के आंकड़ों के अनुसार, इस साल अब तक अमेरिका में फ्लाइट में अनरूली पैसेंजर्स की 870 से अधिक घटनाएं दर्ज की गई हैं. ऐसी घटनाओं के लिए सजा में जेल, जुर्माना और एयर ट्रैवल बैन करने का प्रावधान है.

गर्भवती महिला को कीचड़ भरे पगडंडियों से अस्पताल ले गए परिजन, यहां आजादी के बाद अब तक नहीं बनी सड़क

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मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले से सरकारी दावों की पोल खोलने वाली तस्वीर सामने आई है. इस तस्वीर को देखकर आप अंदाजा लगा सकते हैं कि प्रदेश में ‘विकास’ का कितना खस्ताहाल हाल है? बता दें, यहां सड़क न होने के चलते एक गर्भवती महिला को खाट पर लेटा कर कई किलोमीटर तक परिजनों को पैदल ले जाना पड़ा. यह घटना शुक्रवार की है. इसका वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है.

जानकारी के मुताबिक, सिंगरौली जिले के चितरंगी ब्लॉक के धानी ग्राम पंचायत क्षेत्र की गर्भवती महिला गुल्लू कोल को जब प्रसव पीड़ा हुई, तो परिजनों ने खाट पर रखकर कीचड़ से भरे उबड़-खाबड़ पगडंडियों से किसी तरह अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां गर्भवती ने नवजात बच्चे को जन्म दिया.

यहां खटिया ही एंबुलेंस है
दरअसल, धानी ग्राम पंचायत क्षेत्र पहाड़ और जंगल से घिरा हुआ है, जहां ज्यादातर आदिवासी इलाके हैं. यह इलाका इतना पिछड़ा है कि यहां सड़क तक नहीं है. पगडंडियों के सहारे लोगों का आना-जाना होता है. ऐसे में इस गांव के लोगों को एंबुलेंस सेवा मिलना, तो सपने जैसा है. यहां के लोगों के खटिया ही एंबुलेंस है. उसी की मदद से गांव के लोग किसी के गंभीर रूप से बीमार होने पर या गर्भवती महिला को अस्पताल पहुंचाने के लिए इस्तेमाल करते हैं.

लोगों ने नेताओं पर लगाया वादा खिलाफी का आरोप
ऐसे में किसी के बीमार पड़ने या किसी प्रसूता की डिलीवरी के लिए खटिये से बनी डोली में लिटा कर पहाड़ों के रास्ते अस्पताल पहुंचाया जाता है. बता दें कि आजादी के दशकों बाद भी इस गांव में आज तक सड़क नहीं बनी है. गांव के लोग जनप्रतिनिधियों पर चुनाव के समय कई वादे करके वादाखिलाफी करने का आरोप लगाते हैं.

दरअसल, यहां के लोगों से हर चुनावी साल में सड़क के साथ-साथ बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने के दावे किए जाते हैं. लेकिन आज तक इस इलाके के लोगों को न तो सड़क नसीब हुआ, नहीं अन्य बुनियादी सुविधाएं. इस दौरान गांव की गुल्लू कोल प्रसव पीड़ा से जब बेचैन हो उठी, तो उसे खाट की बनी डोली में लिटा कर पहाड़ों और जंगलों के रास्ते होते हुए उप स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां महिला ने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया.

स्कूल का हाल! बच्चे बाल-बाल बचे; चलती क्लास में गिरा छत का प्लास्टर,

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भोपाल के बरखेड़ा पठानी स्थित शासकीय पीएम RTFGVB महारानी लक्ष्मीबाई कन्या स्कूल से एक खौफनाक तस्वीर सामने आई है. यहाँ बच्चियों की क्लास चल रही थी, शिक्षिका पढ़ा रही थीं. क्लास की सभी लड़कियां ध्यान से सुन रही थीं, तभी अचानक छत का प्लास्टर सीधे एक छात्रा पर आकर गिरा. ये पूरा घटनाक्रम CCTV कैमरे में कैद हुआ है. वीडियो में दिख रहा है कि शिक्षिका क्लास में ही मौजूद थीं, पढ़ाई चल रही थी और ठीक गेट के पास बैठी छात्रा पर अचानक छत का हिस्सा टूटकर गिर पड़ा, प्लास्टर गिरते ही पूरे क्लासरूम में अफरा-तफरी मच गई और बाकी छात्राओं ने घायल बच्ची को संभाला.

घटना के बाद घायल छात्रा को इलाज के बाद घर भेजा गया
स्कूल की प्राचार्य ने जिला शिक्षा अधिकारी को पत्र लिखकर बताया है कि स्कूल में कई कक्षों की छतें बारिश के कारण गीली हो चुकी हैं. कुछ कक्षाओं में छत की मरम्मत का काम चल रहा है, प्राचार्य ने पत्र में यह भी लिखा है कि एक कक्ष के छत के प्लास्टर का छोटा सा टुकड़ा गिरने से एक छात्रा घायल हो गयी, जिस कारण उसका उपचार करवा कर घर भेज दिया गया है. इस पत्र की एक प्रति विकासखंड शिक्षा अधिकारी फन्दा भोपाल को भी भेजी गई है.

अब जब हादसा हो गया, तब भी जिम्मेदार चुप हैं I]K,भोपाल के जिला शिक्षा अधिकारी एन के अहिरवा से संपर्क करने की कोशिश की लेकिन उनका फोन नहीं उठा.

बेमेतरा के तीन उर्वरक बिक्री केंद्रों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 15 दिनों के लिए लाइसेंस निलंबित

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बेमेतरा जिले में किसान खाद की कमी से जूझ रहे हैं, जिसमें सबसे ज्यादा डीएपी की कमी है. इसे लेकर लगातार किसान सोसाइटी के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें पर्याप्त खाद नहीं मिल रहा है. वहीं बाजार में ऊंचे दामों में आसानी से खाद मिल रहे हैं. हालांकि इस बीच जिले के तीन कृषि केंद्रों के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है. प्रशासन ने बीके कृषि केंद्र, वैदिक कृषि केंद्र बैजी और अर्जुन कृषि केंद्र सिंघोरी पर छापा मारा. वहीं जांच के बाद 15 दिनों के लिए इन तीनों केंद्रों के लाइसेंस को निलंबित कर दिया गया. इन केंद्रों के खिलाफ डीएपी खाद को ऊंचे दाम में बेचने की लगातार शिकायत मिल रही थी.

निजी खाद दुकानों के खिलाफ प्रशासन की बड़ी कार्रवाई
जिला प्रशासन को लगातार शिकायत मिल रही थी कि निजी खाद दुकानों में ऊंचे दामों पर आसानी से खाद प्राप्त हो रहे हैं. इसके बाद जिला प्रशासन की ओर से इन निजी दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई की गई. यह कार्रवाई निरीक्षण के बाद की गई है.

जिला प्रशासन की टीम का विभिन्न केंद्रों का निरीक्षण
कृषि विभाग की ओर से उर्वरकों की कालाबाजारी जमाखोरी अधिक कीमत पर बेचे जाने और नकली उर्वरक व्यापार पर रोक लगाने के लिए उपसंचालक मोरध्वज डड़सेना के नेतृत्व में 20 जून, 8 और 10 जुलाई को जिले के विभिन्न कृषि केंद्रों पर निरीक्षण किया गया. निरीक्षण के दौरान खाद का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा गया.

15 दिनों के लिए लाइसेंस निलंबित
रिपोर्ट में खाद सही पाया गया, लेकिन उनके द्वारा स्टाफ और कालाबाजारी की जो शिकायत थी वो सही पाई गई. जिसके बाद बीके कृषि केंद्र और वैदिक कृषि केंद्र बैजी के साथ ही अर्जुन किसी केंद्र सिंघोरी के लाइसेंस को 15 दिनों के लिए निलंबित कर दिया गया है. ये दुकानकार इस दौरान किसी भी प्रकार के उर्वरक की ना तो भंडारण कर पाएंगे और ना बिक्री कर पाएंगे. अगर फिर से इस प्रकार की अनियमित की जाती है तो उसके लाइसेंस को पूरी तरह से निरस्त कर दिया जाएगा.

सीपत में 12वीं की छात्रा ने की खुदकुशी, बहन ने देखा दिल दहला देने वाला दृश्य.

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छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के सीपत थाना क्षेत्र के नवागांव मचखंडा से एक बेहद दर्दनाक मामला सामने आया है. यहां सीता देवी स्कूल नवागांव में पढ़ने वाली कक्षा 12वीं की छात्रा नीलम सूर्यवंशी (उम्र 18 वर्ष) ने अपने घर में फांसी लगाकर जान दे दी.

ये है मामला
मिली जानकारी के अनुसार शुक्रवार की शाम जब घर में कोई मौजूद नहीं था, तब नीलम ने यह आत्मघाती कदम उठाया. माता-पिता काम पर गए हुए थे और छोटी बहन स्कूल से लौट रही थी. शाम करीब 6 बजे जैसे ही सबसे छोटी बहन दीपंकर घर पहुंची, उसने कमरे में प्रवेश करते ही अपनी बहन नीलम को छत के पंखे से लटका हुआ देखा. यह नज़ारा इतना भयावह था कि बच्ची घबरा गई और तत्काल पास-पड़ोस के लोगों को सूचना दी.

परिजनों की जानकारी मिलने पर पिता बद्री प्रसाद सूर्यवंशी ने घटना की सूचना थाना सीपत को दी. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को नीचे उतारा और पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) सीपत भेजा गया है.

पुलिस ने बताया कि शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन नीलम द्वारा यह कठोर कदम उठाने के पीछे की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है. परिवार और नजदीकी लोगों से पूछताछ की जा रही है, साथ ही छात्रा के मोबाइल और अन्य चीजों की भी जांच की जा रही है.फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मृत्यु के वास्तविक कारणों पर कोई ठोस निष्कर्ष निकाला जा सकेगा. पुलिस इस पूरे मामले की जांच गंभीरता से कर रही है और हर पहलू को ध्यान में रखते हुए आगे की कार्रवाई कर रही है.

दरिंदगी: विवाहिता को ससुराल वालों ने गर्म सलाखों से दागा, गर्म पानी में डुबोया, एक हफ्ते तक बनाया बंधक

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छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के बलरामपुर (Balrampur) जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया. दरअसल, यहां एक विवाहिता को उसके ही ससुराल वालों ने एक सप्ताह तक घर में बंधक बनाकर रखा और इस दौरान उस पर अमानवीय अत्याचार किए.

पीड़िता के अनुसार, उसे गर्म सलाखों से जलाया गया, मुंह में कपड़ा ठूंस कर गर्म पानी में डुबोकर मारने की कोशिश की गई. किसी तरह वह अपनी जान बचाकर थाने पहुंची और शिकायत दर्ज कराई. उनकी शिकायत पर पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है और न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है.

पति बना हैवान, ससुर ने भी दिया साथ
मामला बलरामपुर जिले के त्रिकुंड थाना क्षेत्र के शारदापुर गांव का है. यहां के रहने वाले आकाश तिवारी, जो वाड्रफनगर में चाणक्य अकैडमी नाम की शासकीय संस्था का संचालन करता है, अपनी पहली पत्नी प्रियंका तिवारी के साथ लंबे समय से अमानवीय व्यवहार कर रहा था. आरोप है कि आकाश ने अपने माता-पिता के साथ मिलकर प्रियंका को शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया. पीड़िता का आरोप है कि ससुर भी पति के साथ अत्याचार में बराबर का हिस्सेदार था. आखिरकार, तंग आकर प्रियंका ने पुलिस से मदद की गुहार लगाई, जिसके बाद जांच के आधार पर पुलिस ने आकाश तिवारी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.

गर्म सलाखों से जलाया गया
पीड़िता प्रियंका तिवारी ने बताया कि उसे एक सप्ताह तक एक कमरे में बंद करके रखा गया. इस दौरान पति और ससुराल पक्ष ने न केवल उसके साथ मारपीट की, बल्कि शरीर पर गर्म सलाखों से जलाने जैसे अमानवीय कृत्य भी किए. सबसे भयावह बात यह रही कि मुंह में कपड़ा ठूंस कर उसे गर्म पानी में डुबोकर जान से मारने की कोशिश की गई. किसी तरह साहस दिखाते हुए वह वहां से भागने में सफल रही और सीधे थाने पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई.

दूसरी शादी के बाद बदल गया पति
जानकारी के मुताबिक आरोपी आकाश तिवारी ने सामाजिक रीति-रिवाज से प्रियंका तिवारी से विवाह किया था. लेकिन कुछ समय बाद वह किसी दूसरी महिला के प्रेम में पड़ गया और उससे भी शादी कर ली. इसके बाद उसने अपनी पहली पत्नी प्रियंका पर चरित्र को लेकर अनगिनत आरोप लगाना शुरू किया. बार-बार उसे घर से निकालने की कोशिश की गई, और जब वह नहीं मानी, तो उस पर शारीरिक अत्याचार बढ़ा दिए गए.