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ED ने Google और Meta को थमाया नोटिस; 21 जुलाई को पूछताछ, जानिए किस मामले में हुआ ये एक्शन

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प्रवर्तन निदेशालय(ईडी) ने कई अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म के खिलाफ धनशोधन के आरोपों की जारी जांच के तहत प्रौद्योगिकी कंपनी मेटा और गूगल के प्रतिनिधियों को तलब किया है. इन कंपनियों को 21 जुलाई को पूछताछ के लिए बुलाया गया है. ईडी का कहना है कि इन प्लेटफॉर्म्स ने सट्टेबाजी ऐप्स को विज्ञापन के प्रमुख स्थान दिए और उनकी वेबसाइट्स को अपनी सेवाओं का जरिया बनाया, जिससे अवैध गतिविधियों को बढ़ावा मिला. यह जांच मनी लॉन्ड्रिंग और हवाला लेनदेन जैसे गंभीर वित्तीय अपराधों से जुड़ी है. हालांकि दोनों कंपनियों की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है.

क्यों बुलाया गया है?
ईडी ने प्रौद्योगिकी क्षेत्र की इन दिग्गज कंपनियों को यह पता लगाने के लिए बुलाया है कि ऐसे अवैध प्लेटफॉर्म उनके सोशल मीडिया और संचार लिंक पर विज्ञापन कैसे दे पा रहे हैं. इन मामलों में कुछ अभिनेता, मशहूर हस्तियां और खिलाड़ी भी ईडी की जांच के दायरे में हैं और उन्हें भी जल्द ही तलब किए जाने की उम्मीद है.

ईडी ने कहा है कि अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुआ प्लेटफॉर्म निर्दोष लोगों से उनकी मेहनत की कमाई को ठग रहे हैं और करोड़ों रुपये का धनशोधन करने के साथ कर चोरी भी कर रहे हैं.
ई़डी ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप्स के एक बड़े नेटवर्क की जांच कर रहा है. कई ऐप्स खुद को ‘स्किल बेस्ड गेम्स’ बताकर अवैध सट्टेबाजी को बढ़ावा दे रहे हैं. इन प्लेटफॉर्म्स के जरिए करोड़ों रुपये की अवैध कमाई की गई, जिसे हवाला चैनलों के माध्यम से छिपाया गया ताकि जांच से बचा जा सके.

ईडी ने इन ऐप्स के विज्ञापनों को गूगल और मेटा के प्लेटफॉर्म्स पर प्रमुखता से प्रदर्शित होने का आरोप लगाया है, जिससे इनके यूजर्स बढ़े.पिछले हफ्ते, ईडी ने तेलुगु राज्यों में 29 मशहूर हस्तियों के खिलाफ कार्रवाई की. इनमें अभिनेता विजय देवरकोंडा, राणा दग्गुबाती, प्रकाश राज, निधि अग्रवाल, प्रणिता सुभाष, मंचू लक्ष्मी और अनन्या नगेला शामिल हैं.
इसके अलावा, टीवी कलाकार, होस्ट और सोशल मीडिया प्रभावशाली व्यक्तियों जैसे श्रीमुखी, श्यामला, वर्षिणी सौंदर्यराजन, वसंती कृष्णन, शोभा शेट्टी, अमृता चौधरी, नयनी पावनी, नेहा पठान, पांडु, पद्मावती, हर्षा साय और बय्या सनी यादव के नाम भी जांच में हैं. इन पर जंगली रम्मी, ए23, जीतविन, परिमैच और लोटस365 जैसे प्लेटफॉर्म्स के प्रचार का आरोप है, जो मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल हैं.

यह जांच पब्लिक गैम्बलिंग एक्ट, 1867 और मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत हो रही है. तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में दर्ज पांच एफआईआर के आधार पर ईडी ने यह कार्रवाई शुरू की. मार्च में, साइबराबाद पुलिस ने भी विजय देवरकोंडा, राणा दग्गुबाती और प्रकाश राज सहित कई हस्तियों के खिलाफ अवैध सट्टेबाजी ऐप्स के प्रचार का मामला दर्ज किया था.

हालांकि, इन हस्तियों ने सफाई दी कि वे किसी अवैध ऐप का प्रचार नहीं कर रहे थे. ईडी अब इन सभी मामलों की गहन जांच कर रहा है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी में है.

भूपेश बघेल के बेटे की गिरफ्तारी पर गरमाई सियासत, कांग्रेस ने आंदोलन का किया ऐलान, 22 को करेगी आर्थिक नाकेबंदी

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छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की ED द्वारा गिरफ्तारी के बाद प्रदेश की सियासत गरमा गई है. इस बीच शनिवार, 19 जुलाई को रायपुर में कांग्रेस विधायक दल की बैठक हुई, जिसमें चैतन्य की गिरफ्तारी के विरोध में कांग्रेस ने आंदोलन का ऐलान किया है. कांग्रेस 22 जुलाई को छत्तीसगढ़ के पांच संभागों में आर्थिक नाकेबंदी करेगी.

ED और केंद्र सरकार के खिलाफ 22 जुलाई को प्रदर्शन करेगी कांग्रेस
मंगलवार, 22 जुलाई को कांग्रेस प्रदेश के 5 संभागों में ईडी (ED)और केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करेगी. साथ ही आर्थिक नाकेबंदी भी करेगी. इस बैठक में चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी पर चर्चा हुई. इसके बाद आंदोलन का रूपरेखा तैयार की गई. वहीं बैठक की अध्यक्षता कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने की.

कांग्रेस विधायक दल की बैठक में नेता प्रतिपक्ष डॉ चरणदास महंत, भूपेश बघेल, पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव समेत कई नेता शामिल हुए.

पांच दिनों के लिए ईडी कस्टडी में चैतन्य बघेल
बता दें कि छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के भिलाई स्थित आवास पर शुक्रवार तड़के प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम पहुंची और छापेमारी की. इसके बाद ईडी की टीम ने भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को कथित शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार कर लिया. चैतन्य बघेल को पांच दिनों के लिए ईडी कस्टडी में हैं.

नशे के सप्लायर्स को पुलिस ने दबोचा; क्लब की लड़कियों को ऐसे देते थे MD Drugs

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भोपाल क्राइम ब्रांच ने नशे के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एमडी ड्रग्स सप्लाई करने वाले दो तस्करों को गिरफ्तार किया है. पकड़े गए आरोपियों में सैफुद्दीन और आशू उर्फ शाहरूख शामिल हैं. दोनों को गोविंदपुरा इलाके से पकड़ा गया है. पुलिस ने इनके पास से 15.14 ग्राम एमडी पाउडर, एक स्कूटी और मोबाइल फोन जब्त किया है. इनकी कुल कीमत करीब 3 लाख रुपये बताई गई है. आरोपी लंबे समय से भोपाल में सक्रिय थे और शहर के हाईप्रोफाइल क्लबों में ड्रग्स की सप्लाई करते थे, पार्टी के नाम पर लड़कियों को निशाना बना कर उन्हें एमडी ड्रग्स दिया जाता था, फिर नए युवाओं को इन लड़कियों के ज़रिए पार्टी में जोड़ा जाता था.

ऐसे देते थे झांसा
ड्रग्स की शुरुआत अक्सर जिम में वजन घटाने के नाम पर या बड़ी नौकरी और हाई सैलरी का लालच देकर की जाती थी. शुरुआत में महंगे नशे मुफ्त में दिए जाते, ताकि लत लग जाए और बाद में वही लोग आगे नए युवाओं को जोड़ें. एक तरह की चेन मार्केटिंग की तर्ज़ पर नशे का फैलाव किया जा रहा था.

आरोपी सैफुद्दीन पहले से फरार था और उस पर 5000 का इनाम भी घोषित था, अब पुलिस तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है,कई नशे के शिकार युवाओं को नशामुक्ति केंद्र भेजा गया है.
भोपाल पुलिस अब क्लब संचालकों पर भी नजर रख रही है, यदि किसी की भूमिका संदिग्ध पाई जाती है तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई और लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया की जाएगी, पुलिस ने माता-पिता और समाज से अपील की है कि वे बच्चों को नशे से बचाने की कोशिश करें.

रेखा गुप्ता ने हरियाणा के पैतृक गांव में मनाया 51वां जन्मदिन, अरविंद केजरीवाल ने दी बधाई

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दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आज (19 जुलाई) को हरियाणा के जुलाना क्षेत्र स्थित अपने पैतृक गांव नंदगढ़ में अपना 51वां जन्मदिन मनाया. इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्री अमित शाह, राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत कई प्रमुख नेताओं ने उन्हें बधाई दी.

वहीं हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और बीजेपी के अन्य वरिष्ठ नेताओं ने जुलाना पहुंचकर दिल्ली की मुख्यमंत्री का स्वागत भी किया. बता दें कि रेखा गुप्ता का जन्म 19 जुलाई 1974 को हुआ था.

बड़े नेताओं ने दीं शुभकामनाएं

प्रधानमंत्री मोदी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर रेखा गुप्ता को जन्मदिन की बधाई दी और कहा कि उन्होंने दिल्ली की सेवा में कई पहल की हैं. पीएस मोदी ने लिखा, “ईश्वर उन्हें दीर्घायु और स्वस्थ जीवन प्रदान करे.” रेखा गुप्ता ने भी पीएम मोदी को धन्यवाद देते हुए कहा कि उनका मार्गदर्शन उन्हें सार्वजनिक सेवा में प्रेरणा देता है. उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री के रूप में मैं ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध हूं.”

हरियाणा में मनाया गया जन्मदिन

रेखा गुप्ता ने इस बार अपने जन्मदिन को खास बनाते हुए अपने पैतृक गांव नंदगढ़ में आयोजित कार्यक्रमों में भाग लिया. दिल्ली के अधिकारियों के अनुसार, उनका नंदगढ़ और जुलाना में कई कार्यक्रमों में भाग लेने का शेड्यूल तय किया गया था. वहीं स्थानीय लोगों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने भी उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं.

विपक्ष से भी आई शुभकामनाएं

दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल ने भी उन्हें जन्मदिन की बधाई दी. केजरीवाल ने ‘एक्स’ पर लिखा, “दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता जी को जन्मदिन की शुभकामनाएं. ईश्वर उन्हें उत्तम स्वास्थ्य और लंबा जीवन प्रदान करें.”

छत्तीसगढ़ शराब घोटाला : चैतन्य बघेल-भूपेश बघेल का रोल, आबकारी नीति में बदलाव

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छत्तीसगढ़ में एक बड़े पैमाने पर शराब घोटाले का खुलासा हुआ है, जिसने राज्य की राजनीति और प्रशासन को हिला कर रख दिया है. इस घोटाले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उनके बेटे चैतन्य बघेल+
का नाम सामने आया है, जिसने कांग्रेस पार्टी को गंभीर चुनौती दी है. प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इस मामले में चैतन्य बघेल को गिरफ्तार कर लिया है. ईडी ने चैतन्य को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें 5 दिन की रिमांड पर भेज दिया गया है.

भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य का शुक्रवार को जन्मदिन था. ठीक उसी दिन ईडी ने भिलाई स्थित उनके घर पर रेड मारी और कुछ घंटे की तलाशी के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया. यह गिरफ्तारी उस समय हुई जब पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल छत्तीसगढ़ विधानसभा में थे. ईडी की इस कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा में हंगामा किया.
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच में सामने आया है कि 2019 से 2022 के बीच राज्य की आबकारी नीति में बड़े पैमाने पर बदलाव किए गए, जिसके जरिए 2100 करोड़ रुपये से अधिक का घपला हुआ. तो चलिये इस घोटाले को विस्तार से समझते हैं…छत्तीसगढ़ शराब घोटाला की शुरुआत 2019 में हुई, जब भूपेश बघेल की अगुवाई में कांग्रेस सरकार ने राज्य में आबकारी नीति में बड़े बदलाव किए. नई आबकारी नीति में शराब की खरीदी, वितरण और बिक्री पर राज्य सरकार ने पूर्ण नियंत्रण ले लिया. इसी समय से एक संगठित तरीके से कथित रूप से नकली शराब सप्लाई, नकद लेनदेन और शराब माफियाओं को फेवर देने का खेल शुरू हुआ.

इस नीति के तहत शराब बनाने और बेचने का एक समानांतर सिस्टम स्थापित किया गया, जिसमें सरकारी अधिकारियों और राजनीतिक नेताओं का एक सिंडिकेट शामिल था. इस दौरान, नकली होलोग्राम्स और गलत बिलिंग का इस्तेमाल करते हुए सरकारी खजाने को खूब नुकसान पहुंचाया गया. आरोप है कि डिस्टलरी मालिक से ज्यादा शराब बनवाई गई और नकली होलोग्राम लगाकर सरकारी दुकानों से बिक्री करवाई गई.

छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में भूपेश बघेल पर क्या आरोप है?

भूपेश बघेल पर आरोप है कि उन्होंने आबकारी नीति में ऐसे बदलाव किए, जिससे शराब के अवैध कारोबार को बढ़ावा मिला और राज्य का राजस्व प्रभावित हुआ. ईडी का आरोप है कि बघेल के करीबी सहयोगियों और अधिकारियों ने इस घोटाले में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. विशेष रूप से, उनके बेटे चैतन्य बघेल पर भी आरोप लगे हैं कि उन्होंने इस सिंडिकेट में सक्रिय भूमिका निभाई और मोटा माल कमाया.
बघेल पर आरोप है कि उन्होंने सीएम रहते हुए जानबूझकर इस घोटाले को बढ़ावा दिया, और उनकी सरकार के दौरान राज्य की आबकारी व्यवस्था को पूरी तरह से कमजोर कर दिया गया.

शराब घोटाले की जांच में ईडी क्यों घुसी?

ईडी की जांच की शुरुआत 2023 में हुई, जब छत्तीसगढ़ सरकार ने इस मामले में प्रारंभिक जांच शुरू की. हालांकि, जब मामला मनी लॉन्ड्रिंग की ओर मुड़ता दिखा, तो ईडी को इसमें शामिल किया गया. ईडी ने पाया कि इस घोटाले से हासिल पैसों को विभिन्न चैनलों के माध्यम से ब्लैक से वाइट किया गया और फिर निजी खातों में ट्रांसफर किया गया. ईडी की इस जांच के बाद कई अधिकारियों और मध्यस्थों की गिरफ्तारी हुई और यह स्पष्ट हो गया कि यह मामला केवल शराब के अवैध कारोबार से बढ़कर बड़े पैमाने पर किए गए आर्थिक अपराध था.

छत्तीसगढ़ शराब घोटाला कितने रुपये का है?

ईडी ने शुरुआती जांच में दावा किया कि यह घोटाला 2160 करोड़ रुपये का है. इस घोटाले में शामिल सिंडिकेट ने शराब बनाने और बेचने में गड़बड़ियां कीं, जिससे राज्य को भारी नुकसान हुआ. इसके अलावा, रिश्वत और कमीशन के रूप में लिए गए पैसे को भी इस राशि में शामिल किया गया है. यह घोटाला न केवल आर्थिक रूप से, बल्कि प्रशासनिक और राजनीतिक विश्वास को भी हिला देने वाला है.

शराब घोटाले में किन अफसरों पर आरोप हैं?

शराब घोटाले में कई वरिष्ठ अधिकारियों पर आरोप लगे हैं. इनमें पूर्व IAS अधिकारी अनिल टुटेजा, छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड (CSMCL) के एमडी अरुण पति त्रिपाठी, और अनवर ढेबर का नाम मुख्य आरोपियों के रूप में सामने आया है. इनपर आरोप है कि उन्होंने आबकारी नीति में बदलावों को लागू करने और इस सिंडिकेट को चलाने में सक्रिय भूमिका निभाई.
ईडी की जांच में शराब कारोबारी त्रिलोक सिंह ढिल्लन, अरविंद सिंह सहित कुछ अन्य कारोबारियों को शामिल किया गया और उनकी संपत्तियों को जब्त करने की प्रक्रिया जारी है.

छत्तीसगढ़ शराब घोटाला एक ऐसे नेटवर्क का खुलासा करता है, जहां राजनीतिक, प्रशासनिक और आर्थिक हित आपस में जुड़े हुए हैं. भूपेश बघेल और चैतन्य बघेल पर लगे आरोपों ने कांग्रेस पार्टी को गंभीर चुनौती दी है, जबकि ईडी की जांच ने इस घोटाले की गहराई को उजागर किया है. 2100 करोड़ रुपये का यह घोटाला राज्य के राजस्व और जनता के विश्वास को हिला देने वाला है और दोषियों को सजा दिलाने की प्रक्रिया जारी है.

गोल्डन टेंपल पर किसकी नजर? आधी रात को फिर बम से उड़ाने की धमकी, 5 दिन में 8 ईमेल थ्रेट

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पंजाब के अमृतर स्थित गोल्डन टेंपल पर किसकी नजर है? क्या गोल्डन टेंपल को खतरा है? आखिर क्यों कोई गोल्डन टेंपल को उड़ाना चाहता है? गोल्डन टेंपल को उड़ाने की धमकी महज अफवाह या कुछ बड़ा संकेत? गोल्डन टेंपल यानी स्वर्ण मंदिर को बम से उड़ाने की धमकी मिलने का सिलसिला जारी है. इन सवालों के बीच आज फिर गोल्डन टेंपल को बम से उड़ाने की धमकी मिली है. आधी रात को ईमेल के जरिए धमकी मिली की पवित्र श्री हरमिंदर साहिब दरबार यानी गोल्डन टेंपल को उड़ा दिया जाएगा.

बीते कुछ दिनों से गोल्डन टेंपल को बम से उड़ाने की लगातार धमकियां मिल रही हैं. इससे पहले 15 जुलाई को एक और ईमेल आया था. इसमें भी इसी तरह की धमकी थी. पहला ईमेल केरला के मुख्यमंत्री की फेक ईमेल आईडी से भेजा गया था. 14 जुलाई से अब तक कुल 8 धमकी भरे ईमेल आ चुके हैं. इन ईमेल के बाद से पंजाब पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां के कान खड़े हैं.

ईमेल थ्रेट में क्या है?

बताया जा रहा है कि ताजा ईमेल शुक्रवार की आधी रात भेजा गया. इसमें धमकी दी गई है कि गोल्डन टेंपल को बम से उड़ाया जाएगा. हैरानी की बात यह है कि पहली धमकी वाली ईमेल केरल के मुख्यमंत्री की फर्जी आईडी से भेजी गई थी, जो जांच एजेंसियों के लिए चिंता का विषय बन गया है. इसके बाद भी धमकियां रुकने का नाम नहीं ले रहीं.
15 जुलाई को भी ऐसी ही एक धमकी भरा ईमेल आया था. इस तरह पांच दिनों में लगातार 8 धमकी भरे ईमेल भेजे जा चुके हैं. पंजाब पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. साइबर क्राइम सेल की टीमें ईमेल भेजने वाले का पता लगाने में जुटी हैं, लेकिन अब तक भेजने वाले का लोकेशन और पहचान साफ नहीं हो पाई है.

कहां है गोल्डन टेंपल?

गोल्डन टेंपल को श्री हरमंदिर साहिब दरबार के नाम से भी जाना जाता है. यह सिखों का सबसे बड़ा धार्मिक स्थल है. यह पंजाब के अमृतसर में है. ऐसे में लगातार मिल रही धमकियों ने सिख समुदाय के साथ-साथ पूरे देश को चिंता में डाल दिया है. एसजीपीसी (शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी) ने भी इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है और सरकार से सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है.

धमकी के बाद क्या एक्शन

गोल्डन टेंपल की सुरक्षा में पहले से ही सख्ती है, लेकिन लगातार धमकियों के बाद वहां चप्पे-चप्पे पर पुलिस और सुरक्षाबलों की तैनाती बढ़ा दी गई है. हर आने-जाने वाले की सख्ती से तलाशी ली जा रही है. अब सवाल ये उठ रहा है कि आखिर गोल्डन टेंपल को धमकाने वाले का मकसद क्या है? क्या ये किसी बड़ी साजिश की तैयारी है या महज अफवाह फैलाने की कोशिश?

फिर कब आओगे…लालू यादव ने पीएम मोदी पर कसा तंज, वोटर लिस्ट पर क्या बोल गए

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बिहार के मोतिहारी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को जनसभा को संबोधित किया. उनके दौरे के बाद पूर्व मुख्यमंत्री और आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने निशाना साधा है. उन्होंने फेसबुक पर पोस्ट कर लिखा -” जुमला सुनाने बिहार क्या मतदाता सूची में हेरा-फेरी के बाद आओगे? बिहारी, हेरा-फेरी तो होने देंगे नहीं?”

बिहार में सियासी बयार चल रही है. स्पेशल इटेंसिव रिवीजन यानी SIR को लेकर सियासत गरम है. विपक्षी दलों का बवाल अब भी जारी है. वह मतदाता पुनरीक्षण को साजिश बता रहे हैं. विपक्षी दलों का कहना है कि मतदाताओं के अधिकार के साथ खिलवाड़ हो रहा है. उसके अधिकार छीने जा रहे हैं. तो वहीं, सभी पार्टियां जनता के बीच पैठ बनाने में लगी हुई हैं. लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) का आज मुंगेर के पोलो ग्राउंड में विशाल नव संकल्प महासभा आयोजित की जाएगी. कार्यक्रम को लोजपा रामविलास के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करेंगे. नव संकल्प महासभा में लाखों की संख्या में पार्टी के नेता और कार्यकर्ता शामिल होंगे. इसको ले पोलो ग्राउंड में विशाल और भव्य पंडाल का निर्माण करवाया गया है. पूरे पंडाल में एलईडी, बैरीकेटिंग, लाइटिंग और हजारों हजार कुर्सियां लगाई गई हैं. साथ ही पूरे शहर को लोजपा (र) के पोस्टर और बैनर से पाट दिया गया है. आज दोपहर 2 बजे से कार्यक्रम शुरू होगा. इसको लेकर जमुई सांसद अरुण भारती ने बताया कि इससे पूर्व नव संकल्प महासभा आरा और छपरा में आयोजित की गई, उसके बाद मुंगेर स्थित पोलो ग्राउंड की ऐतिहासिक भूमि से लोजपा विकसित बिहार का संकल्प दिलाएगा. चिराग पासवान इस विधानसभा में सामान्य सीट से लड़ेंगे. इसके विजन को लेकर लोगों से बात करेंगे.

जनसभा में विकसित बिहार एक नया बिहार के संकल्प के साथ लाखों की संख्या में मुंगेर प्रमंडल के 6 जिला सहित 9 जिले के कार्यकर्ता पार्टी के पूर्व प्रत्याशी बरीय नेता अपने अपने समर्थकों के साथ शामिल होंगे. इस कार्यक्रम में पार्टी के सभी सांसद बिहार से जुड़े सभी राष्ट्रीय नेता पार्टी के बरीय पदाधिकारी शामिल होंगे. इस नव संकल्प महासभा को लेकर मुंगेर जिले के तमाम कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह है. पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष सिवान के खान ब्रदर्स के दानिश इकबाल ने बताया कि नव संकल्प महासभा पार्टी के कार्यकर्ताओं में एक नई जोश एक नया ऊर्जा भरेगा. कार्यक्रम की मुकम्मल तैयारी पूरी कर ली गई हैं.
भोजपुरी अभिनेत्री अक्षरा सिंह अपनी आने वाली फिल्म रुद्रशक्ति के प्रमोशन के लिए पटना पहुंचीं. उन्होंने बताया कि यह फिल्म शिव-पार्वती की कहानी पर आधारित है जिसका निर्देशन निशांत जी ने किया है और प्रोड्यूसर हैं सीपी सिंह. फिल्म में विक्रांत मुख्य भूमिका में हैं, जबकि अक्षरा सिंह, मनमोहन और अन्य कलाकारों ने मिलकर एक अलग तरह के कॉन्सेप्ट पर काम किया है. फिल्म की शूटिंग काशी में हुई, जहां बाबा विश्वनाथ का आशीर्वाद लेकर शुरुआत की गई और शूटिंग खत्म भी वहीं हुई. अक्षरा ने कहा कि यह एक शानदार और तेज सफर रहा और उम्मीद है कि यह फिल्म दर्शकों को जरूर पसंद आएगी. बिहार फिल्म नीति पर उन्होंने कहा कि वह बिहार की बेटी हैं और यहीं काम करना चाहती हैं. चुनाव लड़ने की अटकलों पर उन्होंने कहा कि मैं पहले एक्टर हूं, अभी चुनाव लड़ने का कोई इरादा नहीं है.EDC

शाहेद ड्रोन की बनाई कॉपी, डोनाल्ड ट्रंप कैसे उड़ाएंगे पुतिन की नींद?

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16 जुलाई 2025 को पेंटागन की ओर से एक नया ड्रोन पेश किया गया, जिसने दुनियाभर के रक्षा विशेषज्ञों और टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट्स का ध्यान अपनी ओर खींच लिया. अमेरिका की एरिजोना स्थित डिफेंस कंपनी स्पेक्ट्रेवर्क्स की ओर से विकसित किया गया यह नया ड्रोन ‘लो कॉस्टअनक्रू कॉम्बैट अटैक सिस्टम (LUCAS) है. जब इस ड्रोन की तस्वीर सामने आई तो ऐसा लगा जैसे यह ईरान का शाहेद ड्रोन है. पिछले तीन साल से चल रहे रूस-यूक्रेन युद्ध में रूस की ओर से ईरान के शाहेद ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा है. ईरानी शाहेद-136 ड्रोन ने रूस को यूक्रेन के खिलाफ लगातार हवाई हमले करने में मदद दी है, वहीं अमेरिका ने अब इसी तर्ज पर एक सस्ता, हल्का और मिशन-फ्रेंडली कॉम्बैट ड्रोन दुनिया को दिखाया है.

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कई लोगों ने दावा किया कि LUCAS हूबहू ईरान के शाहेद-136 और रूस के Geran-2 ड्रोन जैसा दिखता है. रूसी न्यूज वेबसाइट्स ने भी इस पर तंज कसते हुए कहा कि ‘यह अमेरिकी स्टार्टअप की ओर से बनाया गया ड्रोन है, लेकिन इसका डिजाइन पूरी तरह ईरानी शाहेद जैसा लगता है.’ हालांकि इस बात की अटकलें भी लगाई जा रही हैं कि यूक्रेन ने रूस का एक ड्रोन सही सलामत हासिल कर लिया और फिर अमेरिका को दे दिया. बाद में अमेरिकी कंपनी ने ईरान के ही ड्रोन को रिवर्स इंजीनियरिंग करके इसे बनाया. यह भी माना जा रहा है कि बड़े पैमाने पर इन सस्ते ड्रोन की सप्लाई यूक्रेन को की जाएगी.

  • LUCAS की सबसे बड़ी खासियत इसका मॉड्यूलर और ओपन आर्किटेक्चर है. इस कारण इसे एक ही ढांचे में कई तरह के मिशनों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है, जैसे स्ट्राइक, निगरानी (reconnaissance), और कम्युनिकेशन सपोर्ट के लिए.
  • रिपोर्ट्स के मुताबिक यह ड्रोन 600 किलो से हल्का है और मध्यम ऊंचाई पर लंबी दूरी तक ऑपरेट कर सकता है. इसकी लॉन्चिंग भी बेहद फ्लेक्सिबल है. चाहे रॉकेट-असिस्टेड टेकऑफ (RATO) हो या मिलिट्री व्हीकल से सीधा लॉन्च.
  • सबसे दिलचस्प बात यह है कि LUCAS को किसी स्पेशल ट्रेनिंग वाले ऑपरेटर की जरूरत नहीं, इसका मतलब है कि इसे तेज़ी से बदलते युद्धक्षेत्र में आसानी से तैनात किया जा सकता है.

    क्या होगी LUCAS ड्रोन की कीमत?

    अमेरिकी रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक LUCAS की अनुमानित कीमत लगभग 1 लाख डॉलर (करीब 83 लाख रुपये) हो सकती है, जिससे इसे बड़े पैमाने पर तैनात करना संभव होगा. पिछले साल आई एक रिपोर्ट में बताया गया था कि ईरान ने 375,000 डॉलर (3.23 करोड़) प्रति यूनिट के हिसाब से शाहेद ड्रोन बेचने की पेशकश की थी. बाद में 6,000 ड्रोन के सौदे में प्रति ड्रोन 193,000 डॉलर पर तय हुए. इससे डील की कीमत 1.2 बिलियन डॉलर हो गई. यूक्रेन भी कई बार तुर्की का बायरकतार ड्रोन इस्तेमाल करता है.

    रूस-यूक्रेन युद्ध में ड्रोन वॉर तेज

    रूस ने 2022 से अब तक यूक्रेन में बर्बर ड्रोन हमलों की बाढ़ ला दी है. जवाब में यूक्रेन ने भी अपने ड्रोन सिस्टम्स का तेजी से विकास शुरू कर दिया है. राष्ट्रपति जेलेंस्की के दफ्तर ने 21 जून को पुष्टि की थी कि यूक्रेन इस साल 30,000 लंबी दूरी के ड्रोनों का निर्माण करेगा, जिनका उपयोग रूस के अंदर हथियार डिपो और ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाने में होगा.

राजस्थान में अब अपराधियों की खैर नहीं, बिश्नोई गैंग पर बड़ा वार, टॉप 25 मोस्ट वांटेड की लिस्ट जारी

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राजस्थान में अपराध पर नकेल कसने की दिशा में राजस्थान पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है. एडीजी (क्राइम) दिनेश एमएन के निर्देश पर राज्य के 25 टॉप अपराधियों की सूची शुक्रवार को जारी की गई है. सूची में हत्या, लूट, डकैती, जानलेवा हमला, हथियार तस्करी और एनडीपीएस एक्ट जैसे गंभीर अपराधों में वांछित अपराधी शामिल किए गए हैं.खास बात यह है कि इनमें से 12 बदमाश हार्डकोर घोषित किए गए हैं, जिन पर पुलिस द्वारा लाखों रुपये तक का इनाम भी घोषित किया गया है.

इस सूची में लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से जुड़े कुख्यात अपराधी गोल्डी बराड़, रोहित गोदारा, अनमोल बिश्नोई, अमरजीत बिश्नोई और वीरेंद्र सिंह चारण जैसे नाम भी शामिल हैं.ये अपराधी न केवल राजस्थान, बल्कि पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में भी सक्रिय हैं और वहां की पुलिस के लिए भी सिरदर्द बने हुए हैं.इसके अलावा हथियार तस्कर महेंद्र उर्फ समीर मेघवाल, सुभाष मूंड उर्फ सुभाष बराल, महेश हरिजन, अनिल पांडिया जैसे नाम भी सूची में दर्ज हैं.
जिलेवार पुलिस को दिए गए निर्देश
एडीजी दिनेश एमएन ने सभी जिलों के एसपी, पुलिस कमिश्नरों और ATS तथा SOG यूनिट्स को निर्देश दिए हैं कि इन अपराधियों की गिरफ्तारी को शीर्ष प्राथमिकता पर रखें. इसके लिए स्थानीय खुफिया इकाइयों को भी सक्रिय किया गया है. उन्होंने जनता से भी अपील की है कि अगर किसी को इन बदमाशों के बारे में कोई भी जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें. सूचना देने वालों की पहचान गुप्त रखी जाएगी और उचित इनाम भी दिया जाएगा
राज्य में बढ़े अपराध, पुलिस की सख्ती
गौरतलब है कि हाल ही में प्रदेश के विभिन्न जिलों में गैंगवार, फिरौती, हत्या और हथियार तस्करी की घटनाओं में वृद्धि हुई है. इन घटनाओं में शामिल कई अपराधी लंबे समय से फरार हैं और सोशल मीडिया पर भी खुलेआम वीडियो डालकर धमकियां देते रहे हैं. पुलिस अब इन पर शिकंजा कसने की तैयारी में है. यह कार्रवाई राज्य में बढ़ते संगठित अपराध को रोकने और आम जनता में सुरक्षा का विश्वास कायम करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है.

AAP दूर, ममता मंजूर… SIR से ये कैसा डर? मॉनसून सत्र पर INDIA गठबंधन का आज मंथन

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संसद का मानसून सत्र सोमवार 21 जुलाई से शुरू होने वाला है. इस सत्र से ठीक पहले विपक्षी INDIA गठबंधन की एक महत्वपूर्ण वर्चुअल बैठक आज शाम सात बजे होने जा रही है. यह बैठक कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के नेतृत्व में होगी, जिसमें विपक्षी दल संसद के भीतर सरकार को घेरने की साझा रणनीति पर चर्चा करेंगे.

कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया के ज़रिये बैठक की जानकारी दी. यह बैठक ऐसे समय हो रही है, जब कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में पाकिस्तान के भीतर हुई सैन्य कार्रवाई, जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा, महिला सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े कई बड़े मुद्दे चर्चा के केंद्र में हैं.

बैठक से AAP ने क्यों बनाई दूरी?

खबर है कि आम आदमी पार्टी इस बैठक में हिस्सा नहीं लेगी. वहीं कांग्रेस से जुड़े सूत्रों ने साफ संकेत दिए हैं कि पार्टी अब आप को गठबंधन में शामिल नहीं रखना चाहती. कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि आप के नेता अब जांच एजेंसियों के डर से दबाव में हैं.
बैठक में करीब 18 विपक्षी दलों के नेता वर्चुअली शामिल होंगे. खास बात यह है कि लंबे समय तक कांग्रेस से दूरी बनाए रखने वाली तृणमूल कांग्रेस इस बैठक में शामिल हो सकती है. माना जा रहा है कि टीएमसी की ओर से पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी बैठक में हिस्सा ले सकते हैं. 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद सोनिया गांधी के नेतृत्व में यह इंडिया गठबंधन की पहली औपचारिक बैठक होगी, जिससे इसके राजनीतिक मायने और बढ़ जाते हैं.

कांग्रेस के फिर साथ क्यों TMC?

बिहार में चुनाव आयोग के ‘SIR’ (विशेष गहन पुनरीक्षण) मुहिम को देखते हुए टीएमसी को आशंका है कि बिहार के बाद यह अभियान पश्चिम बंगाल में भी शुरू हो सकता है. इसे लेकर टीएमसी की सक्रियता बढ़ी है और इसी वजह से पार्टी फिर से गठबंधन की टेबल पर लौट आई है.

इस बैठक के ज़रिए इंडिया गठबंधन मानसून सत्र से पहले एकजुटता का प्रदर्शन करना चाहता है और यह संकेत देना चाहता है कि भले ही चुनाव हो चुके हों, लेकिन विपक्ष सरकार को उसके हर मोर्चे पर घेरने के लिए तैयार है. पहलगाम हमला, ऑपरेशन सिंदूर और सीजफायर जैसे मुद्दों पर विपक्षी दलों के बीच आम सहमति बन गई है, और इन पर संसद में सरकार को एकजुट होकर जवाब देने की तैयारी है.