Home Blog Page 732

शराब के नशे में धुत एक युवक ने बेटी पर गंदे-गंदे कमेंट्स किए और कार से उसे कुचलकर मार डाला

0

जयपुर (Jaipur) में कार से कुचल कर मारी गई युवती के परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है. गुरुवार को जब परिजन उसका शव लेकर नीमच (Neemuch) के खातीखेड़ा गांव पहुंचे तो पूरा गांव गम में डूब गया. रोती-बिलखती उमा की मां ने कहा कि मेरे पति बीमार हैं. वे काम पर नहीं जा सकते हैं. उमा ही घर का पूरा खर्च उठाती थी. पूरे परिवार का ख्याल रखती थी. मेरी बेटी की बेरहमी से हत्या करने वाले को फांसी की सजा मिलनी चाहिए.

पूरे घर का ख्याल रखती थी मेरी बेटी
राजस्थान (Rajasthan) की राजधानी जयपुर (Jaipur) में नीमच की बेटी उमा माथुर (Uma Mathur) दो साल से इवेंट मैनेजमेंट का काम कर रही थी. मंगलवार को उसकी हत्या हुई है. गुरुवार को माता-पिता उमा का शव लेकर पहुंचे. उमा की मां ने रोते-बिलखते हुए बताया कि मेरी बेटी पूरे घर का ख्याल रखती थी. हर दिन फोन कर पूछती थी कि सभी कैसे हैं, आपने और पापा ने टाइम पर दवा ली या नहीं, खाना खाया भी या नहीं, समय पर खाना खा लिया करो. ज़रूरत हो तो बताइए आपकी बेटी तुरंत पहुंच जाएगी. लेकिन अब हमसे ये सब कौन कहेगा. मेरे पति का ऑपरेशन हुआ है. वो बीमार हैं.

छोटी बेटी का इलाज कराने जा रहे थे
उमा की मां ने कहा कि मेरी 13 साल की छोटी बेटी के गले में गांठ है. उसका भी इलाज कराना है. छोटी बेटी का इलाज कराने जा रहे थे, तब पुलिस का फोन आया कि आपकी बेटी का एक्सीडेंट (Accident) हो गया है. हम तुरंत जयपुर (Jaipur) के लिए रवाना हुए. पता चला कि अब उमा इस दुनिया में नहीं रही. मेरी बेटी उमा की हत्या करने वाले आरोपी आरोपी मंगेश अरोड़ा को कड़ी सजा मिलनी चाहिए.

काम देखने गए थे, तब कर दी हत्या
उमा के पिता ने बताया कि उमा कर उसके साथ काम करने वाला राजकुमार दोनों ही होटल में चल रहे काम को देखने के लिए गए थे. वहां से बाहर आते वक्त शराब के नशे में धुत एक युवक ने बेटी पर गंदे-गंदे कमेंट्स किए और फिर अपनी कार को मेरी बेटी पर चढ़ा दी और उसे कुचलकर मार डाला. मेरी बेटी ने उसका क्या बिगड़ा था? आरोपी को फांसी की सजा मिलनी चाहिए. परिजनों ने बताया कि घटना के बाद कोई भी नेता उनका हाल जानने नहीं पहुंचे हैं.

‘रैगिंग के नाम पर नशा करवाते थे और फिर दुष्कर्म करते थे आरोपी’ NHRC के सामने पीड़िता का बड़ा खुलासा!

0

भोपाल कॉलेज में छात्राओं के साथ दुष्कर्म, ब्लैकमेल और लव जिहाद मामले में एक पीड़िता ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को दिए एक बयान में बड़ा खुलासा किया है. पीड़िता के मुताबिक आरोपी रैगिंग के नाम पर कॉलेज की छात्राओं को नशा करवाते थे और फिर उनके साथ दुष्कर्म करते थे.

राजस्थान के अजमेर कांड की तर्ज पर भोपाल कॉलेज की हिंदू लड़कियों को लव जिहाद का शिकार बनाने के मामले में अब तक 6 पीड़िताएं सामने आ चुकी हैं, लेकिन भोपाल पुलिस की धीमी चाल पर राष्ट्रीय महिला आयोग के बाद अब मानव अधिकार आयोग ने भी सवाल उठाए हैं.
भोपाल कॉलेज रेप और ब्लैकमेल कांड के सातों दरिंदों की कुंडली, जानिए कैसे चंगुल में फंसी छात्राएं?
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने भोपाल पुलिस की कार्रवाई पर खड़े किए सवाल
गौरतलब है राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की जांच के बाद दिन प्रति दिन भोपाल कॉलेज में रेप, ब्लेकमेल और लव जिहाद का मामला बड़ा होता जा रहा है. पुलिसिया कार्रवाई पर भी सवाल खड़ा करते हुए आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने कहा कि क्लब 90 पर भोपाल पुलिस द्वारा की गई. बुलडोजर की कार्रवाई संदेह के घेरे में आ गई है.

भोपाल कॉलेज स्टूडेंट्स लव जिहाद केस में अब तक हुए हैं कुल 3 बड़े डेवलमेंट
रिपोर्ट के मुताबिक भोपाल कॉलेज छात्राओं के साथ रेप, गैंगरेप, ब्लैकमेल और लव जिहाद केस में अब तक कुल 3 बड़े डेपलमेंट हुए हैं, लेकिन पुलिस हाथ पर हाथ रखे हुए हैं. राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के हवाले से हुए ताजा खुलासे के बाद भी भोपाल पुलिस मौन है. सवाल है कि कौन हैं तीन नए अपडेट्स, जिसके खुलासे के बाद भी पुलिस की नींद नहीं टूटी है.

दुष्कर्म पीड़ित छात्राओं का वीडियो बनाने वाला आरोपी नबील गिरफ्तार, दूसरा अभी भी फरार
पिछले दो दिनों से भोपाल में मौजूद एनएचआरसी टीम की पूछताछ में एक पीड़िता ने बताया कि कॉलेज की छात्राओं को लव जिहाद का शिकार बनाने वाले आरोपी कॉलेज की छात्राओं की रैगिंग लेते थे और रैगिंग के नाम पर नशा करवाते थे, और फिर उनके साथ दुष्कर्म करते थे.
साल 2017 से हो रही थी कॉलेज की छात्राओं के साथ बदसलूकी, मौन रही पुलिस
नए खुलासे के मुताबिक साल 2017 से कॉलेज की छात्रों के साथ बदसलूकी हो रही थी, लेकिन पुलिस और कॉलेज प्रबंधन दोनों की ओर से मामले में लापरवाही बरती गई. बड़ी बात यह है कि पुलिस अभी तक एक आरोपी को गिरफ्त में नहीं ले पाई है. दुष्कर्म के मामले में एक आरोपी अबरार आज भी पुलिस की गिरफ्त से दूर है.

पीड़िता का खुलासा, रैगिंग के नाम पर नशा करवाकर दुष्कर्म करते थे आरोपी
दरअसल, पिछले दो दिनों से मानवाधिकार आयोग की टीम जांच के लिए भोपाल में है. एनएचआरसी द्वारा की गई पूछताछ में एक पीड़िता ने बताया कि भोपाल कॉलेज की छात्रों को रेप, ब्लैकमेल और लव जिहाद का शिकार बनाने वाले आरोपी कॉलेज की छात्राओं की रैगिंग लेते थे और रैगिंग के नाम पर नशा करवाते थे, और फिर उनके साथ दुष्कर्म करते थे.

अजमेर कांड की तरह भोपाल में रची गई साजिश? सामने आई रेप, ब्लैकमेलिंग और लव जिहाद की 5वीं छात्रा
हैरानी की बात है कि FIR दर्ज हुए एक महीने से अधिक बीत चुका है, लेकिन अभी तक एक आरोपी फरार चल रहा है. माना जा रहा है कि भोपाल पुलिस मामले से जुड़ी आधी कहानी से अंजान है या या फिर सब कुछ जानते हुए अंजान बनने की कोशिश कर रही है.
क्लब 90 पर बुलडोजर चलाकर पुलिस और प्रशासन की टीम खूब लूट रही वाहवाही
उल्लेखनीय है भोपाल नगर निगम में स्थित क्लब 90 पर बुलडोजर चलाकर पुलिस और प्रशासन ने खूब वाहवाही लूटी, लेकिन अब इस कार्रवाई के पीछे षड्यंत्र की बू आ रही है, क्योंकि क्लब 90 के कथित मालिक शारिक मछली और शारिक मछली से आज तक पुलिस ने न ही पूछताछ कर पाई है और न ही जांच में शामिल कर पाई है.

बिना साक्ष्य जुटाए फोरेंसिक टीम बुलाए बुलडोज़र चला पुलिस ने सबूत मिटाए
रिपोर्ट कहती है कि पुलिस महिला आयोग की टीम को जांच के लिए क्लब 90 लेकर गई, लेकिन बिना साक्ष्य जुटाए और फोरेंसिक टीम बुलाए बुलडोज़र चलवा कर साक्ष्य मिटा दिया. अब आयोग इस कार्रवाई पर भी सवाल उठा रही है. मामले में पुलिस अभी भी कड़ी कार्रवाई के सपने दिखा रही है, लेकिन अब उसकी कार्रवाई खुद कटघरे में खड़ी है. UYJHMN

ED का बर्थ-डे गिफ्ट! Ex CM भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को किया अरेस्ट, कांग्रेस का विधानसभा से बहिष्कार

0

छत्तीसगढ़ में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने शुक्रवार को विधानसभा की कार्यवाही का बहिष्कार किया और आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्षी नेताओं और उनके परिवार के सदस्यों को परेशान करने तथा उन्हें दबाने के लिए किया जा रहा है. ईडी ने शुक्रवार को पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को कथित शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में राज्य के दुर्ग जिले के भिलाई शहर स्थित उनके आवास से गिरफ्तार कर लिया.

बर्ड डे पर हुई गिरफ्तारी
भूपेश बघेल ने कहा कि “आज मेरे बेटे को उसके जन्मदिन पर गिरफ्तार किया गया है. पहले कवासी लखमा को टारगेट किया, देवेंद्र यादव को टारगेट किया और अब वे मेरे बेटे को निशाना बना रहे हैं. हम न डरेंगे, न झुकेंगे.”

चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी के समय कांग्रेस कार्यकर्ता भिलाई में पुलिस से भिड़ गए. कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुलिसकर्मियों के साथ झड़प की और ईडी के वाहनों को रोकने की कोशिश की.

विधानसभा के जारी मानसून सत्र के दौरान विपक्ष के नेता चरणदास महंत ने सदन में पूछा कि क्या सरकार लोकतांत्रिक व्यवस्था से काम कर रही है या मोदी जी की व्यवस्था से.महंत ने कहा कि जिस तरह से ईडी छापेमारी कर रही है, वह हम पर दबाव बनाने तथा हमें और हमारे परिवार के सदस्यों को परेशान करने की कोशिश कर रही है.
उन्होंने कहा, ”हमारे बेटे को उसके जन्मदिन पर (ईडी ने) उठा लिया है.” महंत ने कहा, ”हम इस कदम का कड़ा विरोध करते हैं और विधानसभा की कार्यवाही का बहिष्कार करते हैं.” इसके बाद, भूपेश बघेल सहित कांग्रेस के सदस्य सदन से चले गए. शुक्रवार को राज्य विधानसभा के चल रहे मानसून सत्र का आखिरी दिन है.

कथित शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में ईडी की छापेमारी पर कांग्रेस ने भी सवाल उठाए. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कांग्रेस की तरफ से पोस्ट में लिखा गया, “छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के घर ईडी भेज दी गई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ईडी, सीबीआई और आयकर विभाग को अपने पालतू की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं. विपक्ष का जो भी नेता उनके भ्रष्टाचार के खिलाफ बोलता है, उस पर छापे डलवा दिए जाते हैं.”

कांग्रेस ने इस पोस्ट में आगे लिखा, “भूपेश बघेल शुक्रवार को विधानसभा में पेड़ काटने का मुद्दा उठाने वाले थे, उससे पहले ईडी भेज दी गई. लेकिन पीएम मोदी याद रखें, इन गीदड़ भभकियों से कांग्रेस और उसके नेता डरने वाले नहीं. हम और मजबूती से आपके भ्रष्टाचार को उजागर करेंगे.”

अमेरिका ने TRF को किया बैन तो भारत हुआ खुश, जयशंकर- बहुत खूब

0
ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान को एक और चोट मिली है. पाकिस्तान के समर्थन वाले टीआरएफ को अमेरिका ने बैन कर दिया है. अमेरिका ने लश्कर के मुखौटा संगठन टीआरएफ यानी द रेजिस्टेंस फ्रंट को आतंकवादी संगठन घोषित किया है. अमेरिका के इस फैसले से भारत की कूटनीतिक जीत हुई है. भारत ने पहले ही कहा था कि पहलगाम अटैक पाकिस्तान के इशारों पर हुआ है. अमेरिका के इस एक्शन से भारत गदगद है. अमेरिका में भारतीय दूतावास से लेकर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पोस्ट कर खुशी जाहिर की और अमेरिकी विदेश मंत्री को खूब सराहा.

सबसे पहले जानते हैं कि एस जयशंकर ने अमेरिका के इस फैसले पर क्या कहा? TRF पर प्रतिबंध को लेकर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने एक्स पर पोस्ट किया, ‘यह फैसला भारत-अमेरिका के आतंकवाद विरोधी सहयोग की एक सशक्त पुष्टि है. अमेरिकी विदेश मंत्री और अमेरिकी विदेश विभाग का आभार जिन्होंने TRF (द रेजिस्टेंस फ्रंट)- जो लश्कर-ए-तैयबा (LeT) का एक मुखौटा संगठन है- को विदेशी आतंकी संगठन (FTO) और वैश्विक आतंकवादी (SDGT) घोषित किया. TRF ने 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले की जिम्मेदारी ली थी. आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस. ऑपरेशन सिंदूर.’
भारतीय दूतावास ने क्या कहा?
अमेरिकी फैसले पर भारतीय दूतावास ने कहा कि TRF पर प्रतिबंध भारत और अमेरिका के मजबूत आतंकवाद विरोधी सहयोग का उदाहरण है. हम अमेरिकी विदेश विभाग का आभार व्यक्त करते हैं कि उन्होंने द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) को विदेशी आतंकी संगठन (FTO) और वैश्विक आतंकवादी (SDGT) के रूप में सूचीबद्ध किया. टीआरएफ 22 अप्रैल को पहलगाम में नागरिकों पर हुए आतंकी हमले की जिम्मेदारी ले चुका है.
अमेरिका ने अपने बयान में क्या कहा?

अमेरिकी विदेश विभाग के बयान के मुताबिक, ‘आज विदेश विभाग ने द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) को विदेशी आतंकवादी संगठन (फॉरेन टेररिस्ट ऑर्गनाइजेशन ) और विशेष रूप से नामित वैश्विक आतंकवादी (स्पेशल डेजिग्नेटेड ग्लोबल टेररिस्ट) के रूप में नामित किया है. टीआरएफ, लश्कर-ए-तैयबा का एक फ्रंट और मुखौटा संगठन है. उसने 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम हमले की जिम्मेदारी ली थी. उसमें 26 नागरिक मारे गए थे. यह 2008 के मुंबई हमलों के बाद भारत में नागरिकों पर सबसे घातक हमला था, जिसे लश्कर ने अंजाम दिया था. टीआरएफ ने भारतीय सुरक्षा बलों पर कई हमलों की भी जिम्मेदारी ली है.’

सीएम देवेंद्र फडणवीस की बात मानेंगे उद्धव ठाकरे? महाराष्‍ट्र विधानसभा के सत्र पर कितना होगा असर

0
भाजपा विधायक गोपीचंद पडलकर के कार्यकर्ता और एनसीपी-शरद गुट के विधायक जितेंद्र आव्हाड के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई थी. इस घटना से हड़कंप मच गया. खुद मुख्‍यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को इसपर बयान देना पड़ा. इन सबके बीच महाराष्‍ट्र में फिलहाल एक ही बात की चर्चा हो रही है. भाई राज ठकरे से दो दशक के बाद सुलह करने वाले उद्धव ठाकरे क्‍या फिर से बीजेपी खेमे में शामिल होकर एनडीए का हिस्‍सा बनेंगे? दरअसल, महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने गुरुवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की थी. एक दिन पहले ही भाजपा नेता ने ठाकरे को सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल होने का निमंत्रण दिया था. उसके बाद विधानपरिषद के सभापति राम शिंदे के कक्ष में हुई दोनों नेताओं की मुलाकात ने प्रदेश की राजनीतिक धड़कनों को बढ़ा दिया है. दोनों के बीच लगभग 20 मिनट तक बातचीत चली. उद्धव ठाकरे के साथ उनके बेटे और पूर्व मंत्री आदित्य ठाकरे भी थे.

उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र के विभिन्न संपादकों द्वारा लिखे गए लेखों का संग्रह ‘हमें हिंदी की आवश्यकता क्यों है?’ नामक पुस्तक भेंट की. फडणवीस ने पुस्तक स्वीकार करते हुए कथित तौर पर सुझाव दिया कि इसकी एक प्रति नरेंद्र जाधव को भी सौंपी जाए, जो थ्री-लैंग्‍वेज नीति निर्णय की समीक्षा करने वाली समिति के प्रमुख हैं. यह बैठक विधानपरिषद में विपक्ष के नेता अंबादास दानवे के विदाई समारोह में देवेंद्र फडणवीस द्वारा की गई सार्वजनिक टिप्पणी के ठीक एक दिन बाद हुई. अपने भाषण में फडणवीस ने कहा कि भाजपा विपक्ष में शामिल नहीं होगी, लेकिन उद्धव ठाकरे सत्तारूढ़ दल में शामिल होने पर विचार कर सकते हैं.

सीएम फडणवीस का ऑफर, क्‍या है संकेत

मुख्‍यमंत्री फडणवीस ने कहा था, ‘कम से कम 2029 तक हमारे लिए वहां (विपक्ष) जाने की कोई गुंजाइश नहीं है. उद्धव जी इस तरफ (सत्तारूढ़ दल) आने की गुंजाइश के बारे में सोच सकते हैं और इस बारे में अलग तरीके से सोचा जा सकता है, लेकिन हमारे लिए वहां (विपक्ष) जाने की कोई गुंजाइश नहीं बची है.’ यह मुलाकात उद्धव ठाकरे के अपने चचेरे भाई राज ठाकरे के साथ दो दशक से भी ज़्यादा समय बाद फिर से मिलने के कुछ दिनों बाद हुई है, जो मुंबई में आगामी नगर निगम चुनावों से पहले गठबंधनों के संभावित पुनर्गठन का संकेत है.
महाराष्‍ट्र विधानमंडल में झड़प पर राज ठकारे ने रिएक्‍शन दिया है. उन्‍होंने कहा, ‘कल विधानभवन परिसर में सत्तारूढ़ पक्ष के विधायक और विपक्षी दल के विधायकों के कार्यकर्ताओं के बीच जबरदस्त मारपीट हुई. इसकी वीडियो क्लिप मैंने देखी. यह देखकर मेरे मन में सचमुच सवाल उठा – क्या हाल हो गया है हमारे महाराष्ट्र का?’ उन्‍होंने एक्‍स पर आगे लिखा, ‘सत्ता एक साधन होनी चाहिए, उद्देश्य नहीं – यह बात जब भुला दी जाती है, तो मनमाने लोगों को पार्टी में शामिल किया जाता है. फिर उन्हीं लोगों का इस्तेमाल अन्य दलों के वरिष्ठ नेताओं पर घटिया टिप्पणियां करने के लिए किया जाता है और उसके बाद फिर से नैतिकता की बातें की जाती हैं. यह ढोंग अब तो महाराष्ट्र की जनता को समझ में आ ही गया होगा, ऐसा मेरा मानना है. मैं तो मराठी जनता से ही पूछना चाहूंगा – ‘किसके हाथों में सौंप दिया है आपने महाराष्ट्र?’
Uddhav-Fadnavis News Live: जिस विधान भवन में कानून बनाए जाते हैं, उसी के दरवाजे पर कानून और व्यवस्था की धज्जियां उड़ाई गईं. हालांकि, इस घटना से कुछ घंटे पहले ही पुलिस ने विधानसभा अध्यक्ष को एक रिपोर्ट सौंपी थी. जितेंद्र आव्हाड के कार्यकर्ता और राष्ट्रवादी के पदाधिकारी नितिन देशमुख को पीटा गया. यह मारपीट गोपीचंद पडलकर के कार्यकर्ताओं द्वारा की गई. इसके बाद पुलिस ने आव्हाड के कार्यकर्ता को गिरफ्तार कर लिया. वहीं, देर रात मारपीट करने वाले पडलकर के कार्यकर्ता को पुलिस ने हिरासत में लिया. इस घटना से कुछ घंटे पहले ही विधानमंडल की सुरक्षा व्यवस्था के लिए जिम्मेदार पुलिस ने सुरक्षा को लेकर एक रिपोर्ट विधानसभा अध्यक्ष को दी थी. इसमें विधानमंडल में कार्यकर्ताओं की बढ़ती संख्या पर चिंता जताई गई थी+

एम्स के न्यूरोसर्जन ने बताया दिमाग को सही रखने के लिए क्या करना चाहिए, 5 चीजों की होती है जरूरत

0
5 Things for Brain Power: क्या आपका दिमाग खराब हो गया है. अगर कोई आपसे ऐसा कहे तो निःसंदेह आप उसे छोड़ेंगे नहीं. लेकिन दिमाग खराब होने का मतलब यह नहीं है कि आपका दिमाग वाकई काम नहीं कर रहा है. मेडिकल भाषा में इसे याददाश्त की कमी, मूड सही नहीं रहना, चिड़चिड़ापन, गुस्सा, एंग्जाइटी आदि से जोड़ा जाता है. इससे आगे की चीज डिमेंशिया और ब्रेन स्ट्रोक है. अगर गौर से देखें तो अधिकांश लोग आजकल इस तरह की परेशानी का सामना कर रहे हैं. एम्स में न्यूरोसर्जन डॉ. अरुण एल नाइक बताते हैं कि इसके पीछे मुख्य रूप से माइक्रोन्यूट्रेंट्स की कमी जिम्मेदार है. माइक्रोन्यूट्रेंट्स का मतलब होता है एकदम सूक्ष्म से सूक्ष्म तत्व जिसकी हमें रोज आवश्यकता होगी. हम प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, फैट आदि तो ज्यादा ले लेते हैं लेकिन विटामिन, खनिज, छोटे-छोटे कंपाउड न के बराबर लेते हैं.

माइक्रोन्यूट्रेंट्स की कमी क्यों होती है
टीओआई की खबर में डॉ. अरुण एल नाइक बताते हैं कि भारत में जहां दिल की सेहत पर सबसे ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है लेकिन दिमाग की सेहत अक्सर नजरअंदाज हो जाती है. सच्चाई यह है कि भारत में स्ट्रोक और डिमेंशिया चुपचाप बढ़ रहे हैं. एक अध्ययन के अनुसार भारत में स्ट्रोक से जुड़ी अक्षमता लगातार बढ़ रही है और डिमेंशिया की शुरुआत अब 40 की उम्र के लोगों में भी देखी जा रही है. इसके पीछे माइक्रोन्यूट्रेंट्स की कमी है. ये सूक्ष्म पोषक तत्व अगर शरीर में कम हो जाएं तो यह चुपचाप दिमाग की सुरक्षा को कमजोर कर सकते हैं. भोजन को हम इतना खराब कर देते हैं कि ये तत्व हमतक पहुंचता ही नहीं है. जैसे अधिकांश लोग पॉलिस किया हुआ चावल खाते हैं जिसकी वजह से माइक्रोन्यूट्रेंटस की कमी हो जाती है. दूसरा साग-सब्जी उतना नहीं खाते. इससे भी माइक्रोन्यूट्रेंट्स की कमी हो जाती है.

इन माइक्रोन्यूट्रेंट्स की होती है कमी

1. मैग्नीशियम
मैग्नीशियम दिमाग की रक्षा करने वाला एक जरूरी मिनरल है. यह ब्लड प्रेशर को सही बनाए रखने, नसों के कार्य को बेहतर करने और दिमाग में होने वाली सूजन को कम करने में मदद करता है. यह सूजन ही स्ट्रोक और डिमेंशिया की एक मुख्य वजह है. भारत में मैग्नीशियम की कमी आम है. 2021 की ICMR द्वारा किए गए अध्ययन के अनुसार ज्यादातर भारतीय पर्याप्त मात्रा में मैग्नीशियम नहीं लेते. इसका कारण पॉलिश किया हुआ चावल खाना और मेवे तथा हरी पत्तेदार सब्जियों का कम सेवन है.
इस तरह मैग्निशियम को प्राप्त करें

पालक की सब्जी या पालक का सूप बनाकर सेवन करें.
भुने हुए बादाम और कद्दू के बीज को जब भी मन करें एक-दो दिन पर अवश्य खाएं.
ब्राउन राइस या साबुत दालों वाली खिचड़ी खाएं. चावल पॉलिस वाला नहीं होना चाहिए.
एवोकाडो और केला कभी भी खा सकते हैं. केला अगर एक भी खा लेंगे तो काम बन जाएगा.
डार्क चॉकलेट से भी मैग्नीशियम की कमी दूर हो सकता है. इसमें 85% कोको होता है.
इन चीजों को नियमित खाने में शामिल करने से मैग्नीशियम का स्तर धीरे-धीरे बेहतर हो सकता है और यह दिमाग व रक्त नलिकाओं को सुरक्षा दे सकता है.

2. डीएचए (DHA)

डीएचए यानी डिकॉसाहेक्साइनोएक एसिड Docosahexaenoic Acid बहुत ही महत्वपूर्ण माइक्रोन्यूट्रेंट्स है. डीएचए ओमेगा-3 फैटी एसिड का ही एक रूप है जो दिमाग की कोशिकाओं की झिल्ली में पाया जाता है. डीएचए की कमी से दिमाग जल्दी बूढ़ा होता है, याददाश्त कम होती है और मूड डिसऑर्डर भी हो सकते हैं. शाकाहारी और वीगन लोगों में डीएचए की कमी का खतरा ज्यादा होता है क्योंकि पौधों में यह तत्व नहीं पाया जाता.

डीएचए को कैसे प्राप्त करें
इसके लिए फैटी या तेल वाली मछलियों का सेवन करें. इसमें सेलमन, टूना, सार्डिन, छोटी देसी मछलियां, टेंगड़ा, विकेट, ग्रास काट आदि का सेवन करें.
समुद्री शैवाल, नोरी शीट्स, अल्गल ऑयल का इस्तेमाल से भी डीएचए की कमी पूरी हो सकती है. हालांकि यह समुद्री इलाकों में होते हैं.
इसके साथ अंडा डीएचए को प्राप्त करने का सबसे सस्ता तरीका है. अगर आप देशी अंडों की जर्दी रोज एक खा लें तो आसानी से डीएचए मिल सकता है.
हफ्ते में दो बार मछली खाना या अल्गल ऑयल का इस्तेमाल करना इस कमी को पूरा कर सकता है. खासकर शहरी लोगों में जहां मानसिक तनाव ज्यादा होता है.

3. क्रिएटिन

अरुण एल नाइक के अनुसार क्रिएटिन दिमाग के ऊर्जा संतुलन के लिए जरूरी है. दिमाग की कोशिकाएं अपनी ऊर्जा बनाए रखने के लिए क्रिएटिन का इस्तेमाल करती हैं. इसकी कमी से दिमाग की गति धीमी हो सकती है और स्ट्रोक व उम्र संबंधी नुकसान को रोकता है.
शाकाहारी और कम प्रोटीन खाने वाले लोग सामान्य रूप से क्रिएटिन की कमी से ग्रस्त हो सकते हैं, भले ही वे खुद को स्वस्थ मानते हों.
क्रिएटनि को कैसे प्राप्त करें
इसके लिए मटन-चिकन सबसे बेहतरीन स्रोत है लेकिन आप अंडे और डेयरी उत्पाद से भी इसे प्राप्त कर सकते हैं.
सप्ताह में आप दो दिन भी चिकन-मटन खा लें तो क्रिएटिन की कमी नहीं होगी.

4. विटामिन बी कॉम्प्लेक्स

विटामिन बी कॉम्पलेक्स में कुल 8 विटामिन होते हैं. B1 से B12 तक. ये सारे विटामिन दिमाग में अलग-अलग काम करते हैं. यह न्यूरोट्रांसमीटर को नियंत्रित करता है, होमोसिस्टीन नामक खतरनाक एमीनो एसिड को कम करता है और दिमाग की नसों की सुरक्षा करता है. इनमें से सबसे ज्यादा चिंता की बात विटामिन B12 की कमी है. एक अध्ययन में पाया गया कि लगभग 47 प्रतिशत शहरी भारतीयों में B12 की कमी है. जो लोग मटन और दूध के कम सेवन करते हैं उसमें यह कमी ज्यादा होता.
विटामिन बी को कैसे प्राप्त करें
सबसे पहले यह ध्यान दें कि विटामिन बी पानी में घुलनशील विटामिन है. इसलिए विटामिन बी वाले स्रोत को पानी में साफ तो करें लेकिन पानी में देर तक न छोड़ें वरना इससे विटामिन बी निकल जाएगा. विटामिन बी के लिए आप दूध, अंडे, मशरूम, दालें, शकरकंद, पालक, केले, खट्टे फल और बीज का पर्याप्त सेवन करें.यह मांस और मछली से भी प्राप्त हो सकता है लेकिन भारत में ज्यादातर लोग मांस-मछली का सेवन नहीं करते हैं. इसलिए शाकाहारी चीजों से इसे प्राप्त करें. विटामिन बी की कमी जल्दी नजर नहीं आती लेकिन समय के साथ यह याददाश्त और सोचने की क्षमता को नुकसान पहुंचा सकती है.

5. विटामिन डी

भारत में पर्याप्त धूप है, इसके बावजूद विटामिन डी की कमी यहां आम है. विटामिन डीदिमाग के लिए एक हार्मोन की तरह काम करता है. यह दिमाग के विकास में मदद करता है, सूजन को कम करता है और मूड को बेहतर बनाता है. हाल के अध्ययनों में यह साफ हुआ है कि विटामिन डी की कमी से अल्जाइमर और स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है.फिर भी भारत में लगभग 80 प्रतिशत लोग विटामिन डी की कमी से पीड़ित हैं. शहरी जीवनशैली, सनस्क्रीन और घर में रहने की आदत इसका कारण है.
इसे कैसे प्राप्त करें
विटामिन डी की कमी के लिए रोज 20 मिनट खुली धूप में रहना सबसे जरूरी है. विटामिन डी के लिए खाने-पीने की बहुत कम चीजें होती है. इसके लिए तेल वाली मछलियां, अंडे की जर्दी और मशरूम उत्तम स्रोत है. इसके अलावा फोर्टिफाइड दूध और अनाज से भी विटामिन डी प्राप्त किया जा सकता है.

(डिस्क्लेमर: यह लेख एम्स नई दिल्ली के न्यूरोसर्जन डॉ. अरुण एल नाइक की सलाह और वैज्ञानिक जानकारी पर आधारित है. इसका उद्देश्य केवल जानकारी देना है,यह किसी चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है.)

मोतिहारी पहुंचे PM मोदी, बिहार को देंगे हजारों करोड़ की योजनाओं की सौगात

0

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज छठी बार मोतिहारी के ऐतिहासिक गांधी मैदान पहुंचकर बिहारवासियों को 7200 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे. इस मौके पर मोतिहारी में अभूतपूर्व तैयारियां की गई हैं. पीएम मोदी इस जनसभा के दौरान सड़क, मत्स्य, ग्रामीण विकास और सूचना प्रौद्योगिकी से जुड़ी कई योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन करेंगे. इसके साथ ही बिहार को चार नई अमृत भारत ट्रेनें मिलने जा रही हैं, जिन्हें प्रधानमंत्री खुद हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे.

ऐतिहासिक गांधी मैदान में प्रधानमंत्री की जनसभा के लिए पांच विशाल हैंगर बनाए गए हैं. जहां करीब चार लाख से अधिक लोगों के जुटने की संभावना है. सुरक्षा को लेकर कड़े इंतजाम किए गए हैं. प्रशासन ने मैदान में प्रवेश के लिए छह लेयर की जांच व्यवस्था की है. किसी भी व्यक्ति को बिना जांच प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी. पीएम मोदी जनसभा से पहले गांधी मैदान में पहुंचते ही एक रोड शो भी करेंगे. मंच पर मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और कई केंद्रीय मंत्री मौजूद रहेंगे. प्रशासन ने बिजली, पानी और सड़क से लेकर भीड़ प्रबंधन तक की सभी तैयारियों को दुरुस्त कर लिया है. इन योजनाओं के शुरू होने से बिहार में बुनियादी ढांचे को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है. सड़क और रेल संपर्क बेहतर होगा, ग्रामीण क्षेत्रों में मत्स्य और आईटी सेक्टर में निवेश बढ़ेगा और रोजगार के नए अवसर खुलेंगे.¥

पवन सिंह-निरहुआ के बाद ‘हेलो कौन…’ वाले रितेश पांडे आज बने नेता, न BJP न कांग्रेस-RJD, ज्वाइन की ये पार्टी

0
बिहार में इसी साल विधानसभा चुनाव है. सभी बड़ी पार्टियां अभी से प्रचार-प्रसार में जुट गई हैं. राजनीतिक शख्सियत के अलावा कलाकार भी अपनी किस्मत राजनीति में आजमाना चाहते हैं. पवन सिंह और निरहुआ के बाद भोजपुरी सिंगर और एक्टर रितेश पांडे अब नेता बन गए हैं. अपनी दमदार आवाज और शानदार एक्टिंग के लिए मशहूर रितेश पांडे बिहार की राजनीति में एंट्री ले रहे हैं. उन्होंने ये घोषणा तो पहले कर दी थी, लेकिन ये साफ नहीं किया था कि वो किस पार्टी से चुनाम लड़ेंगे. अब वो किस पार्टी से नेतागिरी करेंगे, ये भी साफ हो गया है.
भोजपुरी सिंगर और एक्टर रितेश पांडे न तो भारतीय जनता पार्टी का हाथ थाम रहे हैं. न कांग्रेस और न ही लालू यादव की आरजेडी. वो आज जन सुराज पारर्टी में शामिल हो रहे हैं. बताया जा रहा है कि खुद प्रशांत किशोर पार्टी की सदस्यता दिलाई है.
रितेश पांडे पिछले काफी समय से कैमूर जिले के भभुआ विधानसभा सीट पर प्रचार प्रसार कर रहे हैं. वह लोगों से लगातार मिल रहे हैं. उन्होंने खुद ऐलान करते हुए कहा कि वैसे तो वह कई वर्षों से जनता की सेवा करते आ रहे हैं लेकिन अगर जिम्मेदारी मिलेगी तो उसे अपना धर्म मानकर अपना जीवन जनसेवा में समर्पित कर दूंगा.

कौन हैं रितेश पांडे?

भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री के चर्चित नामों में रितेश पांडे भी शामिल हैं. वह सिंगर और एक्टर दोनों हैं. 4 मई 1991 को बिहार के सासाराम में जन्में रितेश पांडे ने अपने फिल्मी सफर की शुरुआत साल 2014 में की थी. 14 मई 2021 को उन्होंने वैशाली पांडे के साथ शादी रचाई थी. उनका एक दो साल का बेटा भी है.

भभुआ को ही क्यों चुना?

रितेश पांडे ने भभुआ को ही क्यों चुना? ये भी लोगों के मन में सवाल है. दरअसल, भभुआ विधानसभा क्षेत्र ब्राह्मण बाहुल्य है. वह खुद भी ब्राह्मण जाति से आते हैं. 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में आरजेडी कैंडिडेट भरत बिंद ने बीजेपी उम्मीदवार रिंकी रानी पांडे को हराया था. हालांकि, इसी साल भरत बिंद ने पाला बदल लिया है. अब वह भारतीय जनता पार्टी के साथ हैं.

‘हमारा देश कबाड़खाना नहीं’… ट्रंप ने ऐसा क्या किया कि भड़का 12 लाख की आबादी वाला देश, अमेरिका को सुना दिया

0
अमेरिका से पिछले सप्ताह एक खास विमान छोटे से अफ्रीकी देश इस्वातिनी पहुंचा. इस देश को पूर्व में स्वाजीलैंड के नाम से जाना जाता है. इस विमान में पांच विदेशी अपराधियों को यहां भेजा गया था, जिन पर हत्या और बच्चों के साथ बलात्कार जैसे जघन्य अपराधों के आरोप हैं. यह अवैध रूप से अमेरिका में आए थे. अमेरिकी प्रशासन के मुताबिक, इनके देश उन्हें वापस लेने को तैयार नहीं, जिस कारण उन्हें ‘तीसरे देश’ के रूप में इस्वातिनी भेजा गया. 12 लाख की आबादी वाला यह छोटा-सा राष्ट्र वैश्विक बहस का केंद्र बन गया है. इसके अलावा इस्वातिनी में भी लोग विरोध कर रहे हैं.

इन पांच लोगों में वियतनाम, क्यूबा, जमैका, यमन और लाओस के नागरिक शामिल हैं. अमेरिका ने इन्हें ‘अत्यधिक बर्बर अपराधी’ करार दिया और ट्रंप प्रशासन की तीसरे देश में निर्वासन नीति के तहत उन्हें इस्वातिनी भेजा गया. इस नीति का मकसद है ऐसे अपराधियों को उनके मूल देश न लौटाएं तो उन्हें किसी तीसरे ‘सुरक्षित’ देश में भेज दिया जाए. इस्वातिनी सरकार के अनुसार, ये सभी पांचों अब देश की एक अज्ञात जेल में अलगाव में रखे गए हैं. स्थानीय मीडिया का दावा है कि उन्हें मात्साफा सुधार केंद्र, जो राजधानी मबाबाने के बाहर स्थित है, में रखा गया है. यही देश की सबसे सुरक्षित जेल मानी जाती है. सरकार ने सुरक्षा कारणों से जेल का नाम सार्वजनिक नहीं किया है, लेकिन यह माना जा रहा है कि यह कदम स्थानीय जनता के गुस्से को शांत करने के लिए भी उठाया गया है.

इस्वातिनी की जनता में गुस्सा क्यों?

इस्वातिनी की जनता और विपक्षी दलों ने इस फैसले का तीखा विरोध किया है. विपक्षी पार्टी PUDEMO ने कहा- ‘हमारा देश कोई कबाड़खाना नहीं है कि जहां दूसरे देश अपने असामाजिक तत्वों को फेंक दें. हमारे समाज पहले ही बेरोजगारी और स्वास्थ्य संकटों से जूझ रहे हैं.’ देश के कुछ प्रमुख नेताओं ने यह भी सवाल उठाया है कि इस गुप्त समझौते के पीछे अमेरिका ने क्या सौदेबाजी की, क्योंकि इस्वातिनी जैसे छोटे देश के लिए ऐसे उच्च स्तरीय समझौते सामान्य नहीं होते.
यूएन की प्रवासन संस्था IOM ने साफ कहा है कि उन्हें इस ऑपरेशन की कोई जानकारी नहीं थी और उनसे कोई संपर्क नहीं किया गया. हालांकि, अगर संपर्क किया गया तो वे मानवीय दृष्टिकोण से मदद करने को तैयार हैं. अमेरिका की यह ‘तीसरे देश’ वाली निर्वासन नीति पहले ही विवादों में रही है. इससे पहले डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के तहत सैकड़ों वेनेजुएलावासियों को कोस्टा रिका, पनामा, और अब दक्षिण सूडान भेजा गया. इनमें से कई लोगों को पहले अफ्रीकी देश जिबूती के एक सैन्य बेस पर कंटेनर में रखा गया था.

अग्नि-1 की तपिश में जल जाएगा पाक, पृथ्‍वी-2 चली तो मुनीर को ‘सिंदूर’ से भी बुरी पड़ेगी मार, F16- JF17 बनेंगे कबाड़

0
शॉर्ट रेंज बैलेस्टिक मिसाइल पर भारत का फोकस है. आज अग्नि-1 और पृथ्‍वी-2 का ओडिशा के चांदीपुर में सफल परीक्षण किया गया. हाल ही में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने पाकिस्‍तान को उसी के घर में घुसकर चारों खाने चित किया था. भारत लगातार अपनी सैन्‍य क्षमताओं को बढ़ा रहा है. यह मिसाइलें पाकिस्‍तान के सबसे अहम लड़ाकू विमान F15 और JF17 से टक्‍कर लेने का भी दम रखते हैं.

पृथ्वी-II का सफल परीक्षण आज ओडिशा के चांदीपुर के एकीकृत परीक्षण रेंज से हुआ. यह 350 किमी रेंज की एकल-चरण, तरल-ईंधन मिसाइल है. यह 500-1000 किलो का पेलोड ले जा सकती है. यह उच्च सटीकता वाली मिसाइल है जो परमाणु हथियार ले जाने की क्षमता है.

पृथ्वी-II की तकनीकी खूबियां बेहद शानदार हैं पृथ्वी-II में उन्नत नेविगेशन सिस्टम है, जो 10-50 मीटर की सटीकता देता है. यह परमाणु हथियार के लिए डिज़ाइन की गई है. इस मिसाइल की मोबाइल लॉन्चर से तुरंत तैनाती संभव है.

पृथ्वी-II का सामरिक महत्व बेहद खास है. यह मिसाइल साल 2003 से तैनात है. यह पाकिस्तान जैसे पड़ोसियों के खिलाफ रक्षा में महत्वपूर्ण है. युद्धक्षेत्र में तेजी से जवाबी कार्रवाई करने में पृथ्‍वी-2 मिसाइल का कोई जवाब नहीं है. तरल ईंधन के कारण लॉन्च में समय लगता है.

आज अग्नि-I का भी चांदीपुर से सफल परीक्षण हुआ. यह 700-1200 किमी रेंज की एकल-चरण, ठोस-ईंधन मिसाइल है. यह 1000 किलो तक पेलोड ले जा सकती है. खासबात यह है कि यह ठोस ईंधन होने के कारण तुरंत लॉन्च करने में सक्षम है.

अग्नि-1 में मैन्यूवरिंग री-एंट्री व्हीकल और वेग सुधार पैकेज है. यह सड़क और रेल मोबाइल लॉन्चर से तैनात हो सकती है. 1999 के कारगिल युद्ध के बाद विकसित, यह भारत की परमाणु निरोधक नीति का हिस्सा है.

पड़ोसी देश चीन और पाकिस्‍तान की बढ़ती ताकत को देखते हुए अग्नि-1 की यह टेस्टिंग भारत के लिए सामरिक दृष्टि से बेहद अहम है. अग्नि-1 तेजी से जवाबी कार्रवाई के लिए डिज़ाइन की गई है. इसकी ठोस-ईंधन तकनीक त्वरित लॉन्च सुनिश्चित करती है.

शॉर्ट रेंज बैलिस्टिक मिसाइल (SRBM) की रेंज 1000 किमी तक होती है. इनका मुख्य उपयोग सीमावर्ती क्षेत्रों में दुश्मन के सैन्य ठिकानों बंकर, कमांड सेंटर, रडार स्टेशन और हथियार डिपो को नष्ट करने में होता है. ये मिसाइलें तेजी से सटीक हमले करने में सक्षम हैं जो युद्धक्षेत्र में तुरंत जवाबी कार्रवाई के लिए आदर्श हैं.