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अगर मोदी हमारे नेता न हों तो BJP 150 सीट भी नहीं जीत पाएगी…. भाजपा सांसद निशिकांत दुबे का दावा

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भाजपा के सीनियर नेता और सांसद निशिकांत दुबे ने पीएम मोदी को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि अगर नरेंद्र मोदी बीजेपी के नेता नहीं होंगे, तो पार्टी 2029 के लोकसभा चुनाव में 150 सीटें भी नहीं जीत पाएगी. समाचार एजेंसी एएनआई को दिए एक इंटरव्यू में झारखंड के गोड्डा से सांसद निशिकांत दुबे ने स्पष्ट कहा कि बीजेपी को पीएम मोदी की जरूरत है न कि मोदी को भाजपा की. उन्होंने यह भी दावा किया कि अगले 15-20 सालों तक मोदी ही पार्टी के केंद्रीय नेता और मुख्य चेहरा रहेंगे.

एएनआई को दिए इंटरव्यू में निशिकांत दुबे ने कहा, ‘मुझे 15-20 सालों तक मोदी ही नजर आ रहे हैं. अगर मोदी जी हमारे नेता नहीं हों तो भारतीय जनता पार्टी 150 सीट भी नहीं जीत पाएगी. साल 2029 चुनाव भी मोदी जी के नेतृत्व में लड़ना पड़ेगा, यह भारतीय जनता पार्टी की मजबूरी है. आज मोदी जी को भाजपा की आवश्यक्ता नहीं है. भाजपा को उनकी आवश्यक्ता है.’
निशिकांत दुबे का बयान क्यों अहम?
निशिकांत दुबे का यह बयान उस संदर्भ में आया, जिसमें सीएम योगी को लेकर सवाल पूछा गया था और दुबे ने कहा था कि अभी दिल्ली में सीट खाली नहीं है. दरअसल, निशिकांत दुबे का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब हाल ही में आरएसएस यानी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत का यह बयान आया था कि 75 वर्ष की आयु के बाद नेताओं को पद छोड़ देना चाहिए. कांग्रेस ने इस बयान को पीएम मोदी से जोड़कर देखा था. बहरहाल, निशिकांत दुबे का पूरा इंटरव्यू अभी जारी नहीं हुआ है.
मोदी के चेहरे पर भाजपा का कब और कैसा प्रदर्शन
दरअसल, नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों में शानदार प्रदर्शन किया. 2014 में बीजेपी ने 282 सीटें जीतीं, जो 1984 के बाद किसी पार्टी की पहली पूर्ण बहुमत वाली सरकार थी. 2019 में पार्टी ने 303 सीटें हासिल कीं, जो मोदी की लोकप्रियता और विकासवादी एजेंडे का प्रतीक था. हालांकि, 2024 में बीजेपी को 240 सीटें मिलीं, जो बहुमत (272) से कम थीं, लेकिन एनडीए गठबंधन (292 सीटें) के साथ मोदी ने तीसरी बार सरकार बनाई. यह प्रदर्शन मोदी के करिश्माई नेतृत्व को दर्शाता है.

मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिला रायपुर द्वारा किया जा रहा नवाचार

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किताबें पढ़ने के बाद हम सभी चाहते हैं कि जो विद्या हमने इससे सीखी है उसे दूसरों तक भी पहुंचाएं और इसके लिए पुस्तकालयों को किताबें देने से बेहतर कुछ नहीं जहां किताबों के प्रेमी आते हैं। मुख्यमंत्री साय हमेशा पठन-पाठन को बढ़ावा देने का जतन करते हैं और उनके निर्देशानुसार जिला प्रशासन रायपुर द्वारा पुस्तकालय उत्कर्ष योजना की शुरूआत की गई है इस योजना के तहत लोग प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित किताबें, साहित्यिक किताबें एवं अन्य जानकारीपरक किताबें दान कर सकेंगे ताकि इसका लाभ बड़ी आबादी को मिल सके।

कलेक्टर डॉ गौरव सिंह के मार्गदर्शन में पुस्तकालय उत्कर्ष योजना की शुरूआत आज रेडक्रास सभाकक्ष में की गई। जिसका उद्देश्य जरूरतमंद विद्यार्थियों का उनके पाठयक्रम व प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु आवश्यक पुस्तकें व साहित्य प्रेमी लोगों के लिए हेतु पुस्तके उपलब्ध कराना तथा समाज के सभी वर्ग में पठन अभिरूची का विकास कराना है। आयोजित इस कार्यक्रम में 33 दानदाताओं ने 804 पुस्तकें दान में दी। इनमे विद्यार्थियों द्वारा दी गई स्कूली किताबें शामिल हैं तो योजना प्रकाशन द्वारा 1.50 लाख रूपए की हाल ही में प्रकाशित हुई किताबें दी गई। साथ ही राहुल कुमार सिंह और सेवानिवृत इंजीनियर श्री राम टेके द्वारा पुरातत्व पर आधारित स्वयं की लिखी हुई किताबे दान की। वहीं रोल बोल फांउडेंशन ने लैपटाप दिया। दान की गई पुस्तकों में जेईई से लेकर तमाम प्रतियोगी परीक्षाओ के लिए किताबें शामिल थी। सभी के चेहरे में खुशियों से भाव थे जिससे परिलक्षित हो रहा था कि विद्या दान महादान है। इन किताबें में दानदाताओं नाम के स्टीकर लगाए गए और कलेक्टर द्वारा प्रमाण पत्र प्रदान कर प्रोत्साहित भी किया गया।

कलेक्टर ने कहा कि हमारे आस-पास कई जरूरतमंद विद्यार्थी होते है जिनमें पढ़ने की ललक तो होती है मगर उनके पास शैक्षणिक संसाधन जैसे किताबें इत्यादि नहीं होती है इस योजना से उन्हे पुस्तकें उपलब्ध होगी और उन्हे इनका अघ्ययन कर परीक्षा उतीर्ण अपने लक्ष्य प्राप्त करेंगे। जब इनमें से वे आइएएस, आइपीएस, डिप्टी कलेक्टर, इंजीनियर, डाक्टर या साइंसिस्ट बनेंगे अन्य कोई शासकीय नौकरी या कोई अन्य कोई रोजगार प्राप्त करेंगे, तो उस जगह पर पहुंचने वाला दानदाता को याद रखेगा और धन्यवाद देगा। यह छोटी सी मदद उसके सपनों को पूरी करने में मदद करेगी। कलेक्टर ने आम जनों से आगे बढकर इस योजना में सहभागी होने की अपील भी की।

पुस्तक दानदाता छात्रा सुश्री प्रियंका नारायण ने बताया कि प्रशासन द्वारा शुरू की गई इस योजना में प्रतियोगी परीक्षाओं के तैयारी करने वाले बच्चों के लिए मैने 25 बुक डोनेट किया है। जो बच्चे बुक पढ़ या खरीद नही पाते उनके लिए जिला प्रशासन की यह अनोखी पहल है। जिसमें वे पढ़ कर सीख पाएंगे।

योजना चक्र पब्लिकेशन के संपादक आशीष श्रीवास्तव ने कहा कि विद्यादान महादान है। मुख्यमंत्री श्री साय के पहल स्मृति पुस्तकालय योजना में मैने 500 किताबें डोनेट की है। उन्होंने कहा कि जिन जरूरतमंद लोगों तक किताबें पहुंच नहीं पाती है ऐसे प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों तक यह किताबें पहुंच सके, इसके लिए मैने किताबें डोनेट किया है। दानदाता श्रीमती गीता शर्मा ने कहा कि जिला प्रशासन की ओर से जो ये पहल की गई है वह सराहनीय है। जो जरूरत मंद बच्चे हैं उनके लिए जिस प्रकार से हम किताबें दान कर रहे हैं या हम ला रहे हैं उनको सुविधा दे रहे हैं यह बहुत अच्छी पहल है क्योंकि यहां जाएं किसी रद्दी की टोकरी में फेंकने के लायक नहीं होता वो कभी न कभी किसी न किसी के काम आता है इसमें हम अपना योगदान दे रहे हैं इसके लिए हम बहुत बहुत आभारी हैं।

निजी विश्वविद्यालय केवल डिग्री न बांटें, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दें – डेका

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राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के मापदंडों और नियमों का सख्ती से पालन किया जाए। उन्होंने निजी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को चेताया कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा में कोई समझौता स्वीकार नहीं होगा। हर विश्वविद्यालय को अपनी नीतियों और कार्यशैली में राज्य की प्राथमिकताओं को केंद्र में रखना होगा।

राज्यपाल एवं निजी विश्वविद्यालयों के कुलाध्यक्ष रमेन डेका ने आज छत्तीसगढ़ के सभी निजी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि विश्वविद्यालय केवल डिग्रियां बांटने का केंद्र न बनें, बल्कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए प्रतिबद्ध हों। उन्होंने कहा कि यदि विश्वविद्यालय गुणवत्ता के मापदंडों पर खरे नहीं उतरते, तो उन्हें बंद करने की कार्यवाही की जाएगी।

राज्यपाल डेका ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के मानकों के अनुरूप शिक्षकों की शीघ्र नियुक्ति के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जितने पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं, उनके अनुरूप स्थाई एवं योग्य शिक्षक नियुक्त किए जाएं। योग्य शिक्षक उपलब्ध न होने पर ऐसे पाठ्यक्रमों को बंद किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों की संख्या के अनुसार पर्याप्त फैक्ल्टी होनी चाहिए और अनावश्यक पाठ्यक्रमों का संचालन न किया जाए। उन्होंने नैक ग्रेडिंग के पात्र विश्वविद्यालयों से अनिवार्य रूप से इस प्रक्रिया में भाग लेने को कहा।

डेका ने विश्वविद्यालयों में विद्यार्थियों की शिकायतों का शीघ्रता से समाधान करने कहा है। उन्होंने विशाखा समिति को एक्टिव रखने और विद्यार्थियों में तनाव प्रबंधन पर भी विश्वविद्यालयों को सक्रिय भूमिका निभाने कहा है। राज्यपाल ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के संबंध में विद्यार्थियों को भी जागरूक किया जाए। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में आए परिवर्तनों और उससे मिलने वाले लाभों की जानकारी छात्रों तक पहुंचाई जानी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने विश्वविद्यालयों को निर्देश दिया कि वे स्टार्टअप और नवाचार स्थानीय जरूरतों के अनुसार विकसित करें। उन्होंने राज्य के आकांक्षी जिलों के गांवों को गोद लेकर वहां नवाचारों को लागू करने के निर्देश दिए।

राज्यपाल ने कहा कि सभी निजी विश्वविद्यालय अपने परिसरों में सौर ऊर्जा प्रणाली स्थापित करें। उन्होंने डिजिटल भुगतान को प्रोत्साहित करने, एलुमिनी मीट आयोजित करने और “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत वृक्षारोपण व देखभाल सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में विभिन्न निजी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों ने अपने-अपने निजी विश्वविद्यालयों की गतिविधियों और समीक्षा एजेंडे के बिंदुओं पर प्रस्तुतियाँ दीं। निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के चेयरमैन श्री गोयल ने भी निजी विश्वविद्यालयों से जुड़ी चुनौतियों और सुझावों पर ध्यान आकर्षित किया।

बैठक में राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर.प्रसन्ना ने बैठक में एजेंडा पर विस्तार से प्रकाश डाला। बैठक में उच्च शिक्षा विभाग के आयुक्त डॉ. संतोष देवांगन, राज्यपाल की उप सचिव हिना अनिमेष नेताम एवं सभी निजी विश्वविद्यालयों के कुलपति उपस्थित थे।

बस्तर का हर गांव बनेगा आपका अच्छा गांव- मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री ने आज यहां छत्तीसगढ़ विधानसभा परिसर में स्वामी विवेकानंद युवा प्रोत्साहन योजना के तहत राजधानी रायपुर के भ्रमण पर आए बीजापुर जिले युवाओं से मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री साय इन युवाओं से बहुत आत्मीयता से मिले और उनसे राजधानी रायपुर भ्रमण के अनुभवों को जाना। मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर का हर गांव आपका अच्छा गांव बनेगा। बस्तर के विकास को अब कोई नहीं रोक सकता। बस्तर का युवा आज आत्मविश्वास से भरा है।

मुख्यमंत्री साय ने बीजापुर जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों से आये युवाओं से उनका हाल-चाल जाना और आत्मीय चर्चा की। मुख्यमंत्री ने युवाओं से पूछा कि वे विगत डेढ़ वर्षों में क्या परिवर्तन महसूस कर रहे हैं ? युवाओं ने बताया कि बहुत परिवर्तन है। अब हमारे क्षेत्र में सड़कें बन रही हैं, बिजली की व्यवस्था हुई है और आंगनबाड़ी केंद्र भी खुल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर का विकास हमारी सरकार की प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री साय ने युवाओं से उनकी पढ़ाई-लिखाई और गतिविधियों के विषय में जानकारी ली। बीजापुर के एक युवा ने मुख्यमंत्री श्री साय को बताया कि वह जूलॉजी विषय से बीएससी कर चुका है और वर्तमान में वह अपने गांव का पंच है। उसका एक साथी भी पंच निर्वाचित हुआ है। मुख्यमंत्री ने इन युवाओं के जज्बे की सराहना की और उनका हौसला बढ़ाया।

इस दौरान उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बच्चों से पूछा- कितने बच्चे इंस्टाग्राम चलाते हैं ? जब इस प्रश्न पर कई बच्चों ने हाथ उठाया तो मुख्यमंत्री ने आश्चर्यमिश्रित मुस्कान के साथ कहा- अब बस्तर के हमारे बच्चे भी समय के साथ हाईटेक हो रहे हैं। ये सुनकर ठहाके गूंज उठे। मुख्यमंत्री ने इस बात पर खुशी जाहिर की कि युवा अपडेट हैं और तकनीक को समझ रहे हैं। युवाओं ने बताया कि उनके गांव में अब मोबाइल टावर भी लग रहे हैं।

युवाओं ने मुख्यमंत्री को बताया कि वे कल राजधानी रायपुर आये हैं। उन्होंने मुक्तांगन, जंगल सफारी सहित अन्य जगहें देखी हैं। मुख्यमंत्री साय ने युवाओं से कहा कि वे राजधानी रायपुर के भ्रमण के अनुभव का पूरा लाभ उठाएं।

उल्लेखनीय है कि स्वामी विवेकानंद युवा प्रोत्साहन योजना के तहत बीजापुर जिले के नियद नेल्लानार ग्राम पंचायतों के 100 युवा राजधानी रायपुर के भ्रमण पर आये हैं। जिसके अंतर्गत आज ये युवा छत्तीसगढ़ विधानसभा पहुंचे। इस अवसर पर वनमंत्री कश्यप, विधायक किरण देव, संपत अग्रवाल, श्री ईश्वर साहू सहित गणमान्यजन उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य व्यवस्था को सशक्त और सुलभ बनाने की दिशा में जुड़ा नया अध्याय : मुख्यमंत्री

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प्रदेश के कोने-कोने तक स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सुदृढ़ीकरण हेतु राज्य सरकार पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। भरोसेमंद चिकित्सा सुविधा आमजन तक पहुँचाने की दिशा में उठाया गया यह कदम ऐतिहासिक है।

मुख्यमंत्री साय ने आज अपने निवास परिसर से मैदानी स्वास्थ्य अमले के लिए 151 वाहनों को हरी झंडी दिखाकर विभिन्न जिलों के लिए रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि इन वाहनों के माध्यम से बस्तर और सरगुजा क्षेत्र के सुदूर अंचलों में भी लोगों को समय पर प्रभावी उपचार मिल सकेगा। यह ‘स्वस्थ छत्तीसगढ़’ की दिशा में एक सशक्त पहल सिद्ध होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य व्यवस्था को सशक्त और सुलभ बनाने की दिशा में आज एक नया अध्याय जुड़ गया है। पुराने, अनुपयोगी हो चुके वाहनों को स्क्रैप कर उनकी जगह अत्याधुनिक नए वाहन शामिल किए गए हैं। यह पहल राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन, समयबद्ध निरीक्षण और निगरानी को भी गति प्रदान करेगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जिला और विकासखंड स्तर पर कार्यरत अधिकारियों एवं मैदानी स्वास्थ्य कर्मियों के लिए उपलब्ध कराए जा रहे वाहनों से नियमित निरीक्षण, स्वास्थ्य शिविरों की निगरानी, दूरस्थ अंचलों तक त्वरित पहुँच और आपातकालीन परिस्थितियों में समयबद्ध हस्तक्षेप संभव हो सकेगा। इससे राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों का संचालन अधिक प्रभावी और गतिशील होगा तथा राज्य में स्वास्थ्य सेवा वितरण प्रणाली और अधिक सक्रिय, उत्तरदायी और परिणामोन्मुखी बनेगी। यह पहल प्रदेश के संपूर्ण स्वास्थ्य तंत्र को गति देने का कार्य करेगी।

मुख्यमंत्री साय ने बताया कि प्रदेश के सभी जिलों को ये वाहन चरणबद्ध रूप से उपलब्ध कराए जाएंगे। प्रथम चरण में बस्तर और सरगुजा संभाग के 12 जिलों को ये वाहन भेजे जा रहे हैं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि शीघ्र ही प्रदेश में 851 नवीन एंबुलेंस सेवाएं शुरू की जाएंगी, जिनमें से 375 एंबुलेंस 108 आपातकालीन सेवाओं के लिए, 30 एंबुलेंस ग्रामीण चलित चिकित्सा इकाइयों के लिए तथा 163 ‘मुक्तांजली’ शव वाहन निःशुल्क सेवा के अंतर्गत दी जाएंगी।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री जनजातीय समुदायों के उत्थान हेतु समर्पित भाव से कार्य कर रहे हैं। उनके मार्गदर्शन में प्रधानमंत्री ‘जन मन योजना’ के तहत विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए 30 एंबुलेंस की व्यवस्था भी शीघ्र की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब वर्षा ऋतु जैसे चुनौतीपूर्ण समय में भी राज्य सरकार घर-घर स्वास्थ्य सेवा पहुँचाने के अपने संकल्प को पूरी तत्परता से पूर्ण कर सकेगी। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त करने हेतु किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी और इस दिशा में निरंतर प्रतिबद्धता दोहराई।

स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार पूरी क्षमता के साथ स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में निरंतर कार्यरत है। उन्होंने स्वास्थ्य अधोसंरचना को मजबूत बनाने हेतु सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी तथा मैदानी स्वास्थ्य अमले को इस विशेष सौगात के लिए शुभकामनाएं प्रेषित कीं।

इस अवसर पर सीजीएमएससी के अध्यक्ष दीपक म्हस्के, वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सलीम राज, स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री अमित कटारिया, आयुक्त डॉ. प्रियंका शुक्ला सहित बड़ी संख्या में अधिकारीगण एवं गणमान्यजन उपस्थित थे।

कैलकुलेटर से भी तेज है माही देवांगन की उंगलियां, इंटरनेशनल एबाकस ओलंपियाड में जीता गोल्ड मेडल

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दंतेवाड़ा जिले की माही देवांगन सुर्खियों में हैं. कैलकुलेटर से भी तेज उंगलियां चलाने वाली दंतेवाड़ा की नन्हीं गणितज्ञ माही देवांगन ने इतिहास रच दिया है. माही ने इंटरनेशनल एबाकस ओलंपियाड में शानदार खेल दिखाते हुए गोल्ड मेडल हासिल कर दंतेवाड़ा के साथ पूरे छतीसगढ़ को गौरवान्वित कर दिया है.

9 साल की छोटी सी उम्र में संख्याओं के जोड़- घटाव में पारंगत माही देवांगन ने इंटरनेशनल एबाकस ओलंपियाड में शानदार खेल दिखाते गोल्ड मेडल जीत तक दंतेवाड़ा का नाम रोशन किया है. नन्हीं गणितज्ञ माही देवांगन को दंतेवाड़ा एसपी गौरव रॉय ने सम्मानित किया.

9 साल की छोटी सी उम्र में संख्याओं के जोड़- घटाव में बेजोड़ है माही
दंतेवाड़ा के बचेली में रहने वाली माही देवांगन महज 9 साल की छोटी सी उम्र में संख्याओं के जोड़- घटाव में महारत हासिल कर ली है. माही की कैलुकेशन स्पीड इतनी तेज है कि बड़े बड़े संख्याओं का हिसाब चंद सेकेंडों में दे देती है. इंटरनेशनल एबाकस ओलंपियाड में माही के गोल्ड मेडल जीतने से पूरा दंतेवाड़ा प्रसन्न है.

सफलता से प्रभावित दंतेवाड़ा एसपी गौरव रॉय ने किया सम्मानित
गौरतलब है इंटरनेशनल लेबल की प्रतियोगिता में कई देशों के खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था, लेकिन माही की प्रतिभा ने सभी को चौका दिया. दंतेवाड़ा जैसे नक्सल प्रभावित जिले से माही भविष्य की गणितज्ञ बनकर उभरी है. माही की सफलता से दंतेवाड़ा एसपी गौरव रॉय भी प्रभावित हुए और माही को सम्मानित किया.

छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में फिर हंगामा, निलंबित किए गए 32 विपक्षी विधायक

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छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र के चौथे दिन गुरुवार को विपक्ष ने डीएपी खाद की कमी को लेकर सदन में जमकर हंगामा किया. विपक्ष के हंगामे के बाद विधानसभा अध्यक्ष डा. रमन सिंह ने विपक्ष के 32 विधायकों को निलंबित कर दिया. निलंबन से नाराज होकर विपक्ष के सदस्य सदन में धरने पर बैठ गए.

कांग्रेस विधायक उमेश पटेल ने विधानसभा के मानसून सत्र के चौथे दिन सदन में किसानों को DAP आपूर्ति को लेकर प्रश्न उठाया. मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि हम भारत सरकार से सतत सम्पर्क में हैं, लेकिन जवाब से असंतुष्ट विपक्ष नारेबाजी करते हुए विधानसभा के गर्भ गृह में पहुंच गए.

डीएपी खाद संकट पर सरकार के जवाब से असंतुष्ट होकर विपक्षी नारेबाजी करने लगे
रिपोर्ट के मुताबिक विधानसभा के मानसून सत्र के चौथे दिन डीएपी खाद की कमी को लेकर विपक्ष सदन हंगामा करने लगा. विपक्ष सरकार के जवाब से असंतुष्ट होकर विधानसभा के गर्भ गृह में पहुंच गए और सरकार को किसान विरोधी बताते हुए नारेबाजी करने लगे, जिसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने विपक्ष के 32 विधायकों को निलंबित कर दिया.

डीएपी खाद 64% सोसाइटी और 36% निजी क्षेत्र को उपलब्ध कराया गया: मंत्री नेताम
गौरतलब है पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने सदन में सरकार से पूछा कि डीएपी खाद शासकीय और निजी को कितना कितना दिया गया है. इस पर मंत्री राम विचार नेताम ने सदन को बताया कि डीएपी खाद 64 फीसदी सोसाइटी और 36 निजी क्षेत्र को उपलब्ध कराया गया.

छत्तीसगढ़ में बरकरार डीएपी खाद के संकट को लेकर बीजेपी सरकार को घेरते हुए पूर्व सीएम बघेल ने कहा कि प्रदेश में डीएपी के कालाबाजारी होने बात कही. पूर्व सीएम ने सरकार से जल्द से जल्द किसानों को पर्याप्त डी ए पी उपलब्ध कराने की मांग की.
मंत्री बोले, डीएपी की कमी वैश्विक समस्या है, समाधान के लिए सरकार प्रयास कर रही है
मंत्री राम विचार नेताम ने सदन को बताया कि छत्तीसगढ़ में 1.72 लाख मेट्रिक टन डीएपी आ गया है और पांच दिनों में 18855 मेट्रिक टन प्राप्त होगा, जिसकी धीरे धीरे आपूर्ति होगी. मंत्री नेताम ने सदन को आश्वस्त किया कि डीएपी की कमी वैश्विक समस्या है, समाधान के लिए सरकार प्रयास कर रही है.

स्मार्ट पढ़ाई या स्मार्ट टीवी घोटाला; कोरिया से सरगुजा तक उठे सवाल

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छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले से एक बार फिर बड़ा घोटाला उजागर हुआ है, जिसने पूरे सरगुजा संभाग में हलचल मचा दी है. आदिवासी विकास विभाग के नाम पर जेम पोर्टल के जरिए खरीदे गए महंगे स्मार्ट टीवी को लेकर भ्रष्टाचार की आशंका साफ महसूस की जा रही है. कोरिया जिले के बैकुंठपुर की एक फर्म से एक-एक टीवी 9,99,500 रुपये की दर पर 5 नग टीवी की खरीद की गई है. कुल बिल राशि 49,97,500 रुपये यानी 50 लाख रुपये में सिर्फ 5 टीवी. इस घोटाले की जड़ें कोरिया जिले से जुड़ी हैं. जेम पोर्टल रसीद के अनुसार विक्रेता फर्म Bagalamukhi Enterprises pvt, dinesh soni, Behind durga mandir, प्रेमाबाग रोड जामपारा, बैकुंठपुर, कोरिया छत्तीसगढ़ से खरीदी की गई है.

कांग्रेस ने लगाए आरोप
जिला कांग्रेस कमेटी के जिला अध्यक्ष प्रदीप गुप्ता ने बताया कि स्मार्ट पढ़ाई के नाम पर करोड़ों की लूट माफ नहीं की जाएगी. जग घोटाले के बाद अब स्मार्ट टीवी खरीदी में सामने आया भ्रष्टाचार आदिवासी बच्चों के हक पर डाका है. भाजपा सरकार में हर योजना घोटाले की भेंट चढ़ रही है. हम इसकी न्यायिक जांच की मांग करते हैं और दोषियों को सख्त सजा दिलाकर रहेंगे.

बीजेपी से नहीं मिला कोई जवाब
इस पूरे प्रकरण पर जब NDTV ने भाजपा नेताओं से प्रतिक्रिया लेनी चाही, तो कैमरे के सामने कोई भी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हुआ. साफ है कि पार्टी के नेता इस सवाल से असहज हैं, या फिर उन्हें खुद इस खरीदी की प्रक्रिया की जानकारी नहीं है. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या सत्ता पक्ष जवाबदेही से बचना चाहता है.

नक्सली संगठन का मेंबर बनकर करता था लूट; कई अपराध को दिया अंजाम, अब चढ़ा पुलिस के हत्थे

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बलरामपुर जिले में खुद को नक्सली गिरोह का सदस्य बताकर नक्सली वर्दी एवं बंदूक की नोक पर मारपीट करते हुए सोने-चांदी के जेवरात सहित लाखों रुपये के लूट कांड की घटना को अंजाम देने वाले कुख्यात आरोपी आगर साय को गिरफ्तार करने में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है. आरोपी के पास से एक नग भरमार बंदूक भी बरामद की गयी है. पूर्व से ही आरोपी के खिलाफ जिले के अलग-अलग जगह पर कई अपराध दर्ज किए गए थे. पुलिस लगातार कुख्यात आरोपी खोजबीन में लगी हुई थी, लेकिन अब जाकर सफलता हाथ लगी है. इस मामले पर पूर्व में सात अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है.

क्या है मामला?
साल 2022 में जिले के चलगली थाना क्षेत्र इलाके में आने वाले मानपुर गांव के रहने वाले प्राथी कमलेश गुप्ता के द्वारा थाने पहुंचकर लिखित रिपोर्ट दर्ज करायी गई थी कि रात के 10 बजे के तकरीबन उसके घर पर 6 की संख्या में अज्ञात नकाबपोश बंदूकधारियों व्यक्ति आए और घर में घुसकर खुद को नक्सली जिलों का सदस्य बताते हुए मारपीट करने लगें. इसके बाद सोने चांदी के जेवरात सहित 2 लाख रुपए से अधिक नगद लूट कर ले गए.

पीड़ित की शिकायत को पुलिस ने गंभीरता से लेते हुए मामला दर्ज किया और अज्ञात आरोपियों की पता तलाश में जुट गई. वहीं मामले पर पुलिस ने सफलता हासिल करते हुए पूर्व में ही 7 आरोपियों को जेल भेज दिया था. इस पूरे मामले के मास्टरमाइंड आगर साय पुलिस को चकमा देते हुए लगातार फरार चल रहा था. पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्य मास्टरमाइंड को पकड़ने के लिए विशेष टीम गठित की और अलग-अलग जगह पर टीम रवाना हुई. पूरे लूट कांड के मास्टरमाइंड आरोपी बिहार के रोहतास जिले के डेहरी में नाम पता छुपा कर एक दुकान पर काम कर रहा था. जहां से पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया और आरोपी के पास से एक भरमार बंदूक भी बरामद की. पुलिस ने आर्म्स एक्ट सहित अन्य धाराओं के तहत कार्रवाई करते हुए न्यायिक हिरासत पर जेल भेज दिया.

छत्तीसगढ़ में हर दिन 3 मर्डर, 7 अपहरण; सदन में मचा हंगामा, कांग्रेस ने BJP को आंकड़ों में घेरा

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छत्तीसगढ़ में कानून व्यवस्था पर एक बार फिर से चर्चा में है. हत्या, बालात्कार जैसे अपराधों के साथ ही अपहरण, लूटमार, चोरी जैसे संगीन अपराधों के दर्ज मामलों और पुलिस के एक्शन पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं. छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में विधायकों के सवाल के जवाब में राज्य में अपराध के दर्ज आंकड़े पेश किए गए हैं. इन आंकड़ों को लेकर राज्य में कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए जा रहे हैं. आइए जानते हैं किसने क्या कहा?

पहले जानिए क्या कहते हैं आंकड़े? Chhattisgarh Crime Data
छत्तीसगढ़ में बीते डेढ़ साल में कुछ ऐसे मौके भी आए, जिसमें कानून व्यवस्था भीड़तंत्र के सामने फेल नजर आई. जून 2024 में बलोदाबाजार, सितंबर 2024 में कबीरधाम और अक्टूबर 2024 में सूरजपुर और बलरामपुर में आपराधिक घटनाओं के बाद भीड़ आक्रोशित और हिंसक हो गई. इन बड़ी घटनाओं के साथ ही राज्य में अपराध के ये आंकड़े भी जान लीजिए.

किसने क्या कहा?
कांग्रेस विधायक देवेन्द्र यादव ने कहा कि भाजपा की सरकार में दो साल में रायपुर में 844 संगीन अपराध हुए है. इसमें से 332 में ही गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई. इसी प्रकार दुर्ग में 2540 अपराध हुए इसमें 1007 पर कार्रवाई हुई. बिलासपुर में 2794 मामले में से 1015, रागयगढ़ 1595 में से 775 और कोरबा 1620 में से 676 मामले पर ही पुलिस ने कार्रवाई की. भाजपा की सरकार में पुलिस के संरक्षण में अपराध फलफूल रहा है. अपराधी खुलेआम अपराध कर रहे हैं क्योंकि उन्हे शासन और पुलिस का भय नहीं है. कुछ समय पहले भिलाई की एक मासूम बच्ची जो स्कूल के आने के बाद स्पोर्ट्स खेल कर अपने घर जा रही थी, जिसे किसी कार चालक ने ठोकर मार दी. कार्रवाई के लिए एसपी आईजी के पास गए. जांच कमेटी भी बनाई गई है, लेकिन बावजूद इस माह भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है.

विधानसभा में पेश आंकड़े बताते हैं कि जनवरी 2023 से 20 जून 2025 के बीच औसतन हर दिन 2 से ज्यादा हत्याएं, 8 से ज्यादा अपहरण, 1 से ज्यादा लूट, 7 से ज्यादा बालात्कार और 18 से ज्यादा चोरियां हुईं.
वहीं सत्ताधारी पार्टी BJP की ओर से विधायक रिकेश सेन ने कहा कि छत्तीसगढ़ में अपराध के मामले इसलिए ज्यादा दर्ज हो रहे हैं क्योंकि वह मामले दर्ज किया जा रहे हैं पिछली सरकार में तो आंकड़ों को छुपाने के लिए अपराध के मामले दर्ज ही नहीं किए जाते थे. चर्चा के समय विपक्ष के लोग वर्कआउट कर देते हैं जबकि इस पर चर्चा करनी चाहिए.